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Overview

Diet Chart - Treatment, Procedure And Side Effects

What is the treatment?

A diet chart is basically a guideline of what you should/should not eat. A wide range of disorders in the body can originate from making the wrong choices with respect to food. Lifestyle disorders like diabetes and obesity are prime examples what eating the wrong type of food can do.

In order to prevent such disorders or simply bring your weight to optimal levels, you can visit a dietitian who can design a diet chart for you. It will include the type of foods that you should eat and in what quantity. The scheduling of your meals is another aspect that can easily be overlooked, so a diet chart also addresses this aspect. It is generally designed based on the disorder/condition that you may have. Based on a thorough examination of your medical records, the dietician will make a diet chart accordingly.

It is recommended to visit the dietitian on a periodic basis so that he/she is aware of your progress.

How is the treatment done?

Initially, the dietician will check your weight and physical fitness. A thorough examination of your medical records will be done to see if you have any disorder. The diet chart will then be designed according to the disorder/ condition that you may have. This can be better illustrated with an example, where the patient has high cholesterol levels.

This is a sample diet chart for a patient with high cholesterol levels –

  • Include plenty of vegetable and fruits.
  • Increase fiber intake by including fiber-rich foods in your diet like oats, wheat bran, and brown rice.
  • Include oily fish like salmon and mackerel in your diet.
  • Avoid eating simple sugars like cookies and carbonated drinks as they contain little nutritional value.
  • Include nuts like almonds and walnuts as they are rich in antioxidants and good fats.

Who is eligible for the treatment? (When is the treatment done?)

A diet chart can be recommended if you have the following conditions –

  • You are overweight and have a high body mass index
  • If you are diabetic
  • If you have high blood pressure
  • If you have high cholesterol levels
  • If you suffer from vitamin deficiency
  • If you suffer from other disorders that require dietary changes

Who is not eligible for the treatment?

Everyone is eligible for a diet chart, irrespective of their age or health condition.

Are there any side effects?

A diet chart can only have side effects if it has been prescribed in the wrong manner. Some of the side effects that a diet chart can have are –

  • Rapid loss of weight
  • Deficiency of vitamins or minerals in the body.
  • Can make you prone to certain disorders

What are the post-treatment guidelines?

The post treatment guidelines regarding a diet chart are –

  • Consult the dietician in case you feel sick.
  • Check your weight periodically so that rapid fluctuations in weight can be detected.
  • In case you are not comfortable with certain foods in your diet, consult your dietician if you want to make changes.

How long does it take to recover?

The recovery period is dependent on the type of illness or condition that you have.

What is the price of the treatment in India?

The price of a diet plan varies from Rs 500 – Rs 2000.

Are the results of the treatment permanent?

The results of a diet plan can be permanent if you stick to it.

What are the alternatives to the treatment?

The alternatives to a diet plan are condition/illness specific.

Safety: Very High Effectiveness: High Timeliness: Medium Relative Risk: Low Side Effects: Very Low Recovery Time: Low Price Range: Rs. 500 - Rs. 2000.

Popular Health Tips

Pregnancy Diet Chart - गर्भावस्था में जरुरी आहार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Pregnancy Diet Chart - गर्भावस्था में जरुरी आहार
गर्भावस्था महिलाओं के लिए एक ऐसी अवस्था है जिसमें उनके शरीर में कई परिवर्तन होते हैं. जिनमें काफी सारे परिवर्तनों के होने के पीछे हार्मोन जिम्मेदार होते हैं. इस दौरान उनके खान-पान से लेकर कई ऐसी चीजें हैं जिसमें परिवर्तन की आवश्यकता होती है. गर्भावस्था में महिलाओं को ज्यादा कैलोरी वाला आहार दिया जाना चहिए. इन आहारों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा का सही संतुलन, सब्जियों और फलों की एक विस्तृत विविधता के साथ शामिल होना ठीक रहता है. बच्चे को विकसित करने के लिए ये भी सुनिश्चित करें कि आहार पर्याप्त पोषक तत्वों से भरा हो जिससे उसके शरीर में स्वस्थ परिवर्तन उत्पन्न हो. आइए गर्भावस्था के दौरान लिए जाने वाले आहारों को जानें जिसमें निम्नलिखित तत्वों की प्रचुरता हो. 1. प्रोटीन प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरुरी हैं. मांसपेशियों, त्वचा और अंगों को आगे बढ़ने और खुद को मजबूत रखने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है. अपनी डायट में चिकन, अंडे, ड्राई फ्रूट्स, दाल और अनाज को शामिल करें. आप शाकाहारी हैं तो आप सोयाबीन, उबले हुए चने, पनीर और टोफू ले सकते हैं. जिन खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है उन्हें अपनी डायट में अवश्य शामिल करें. 2. कैल्शियम कैल्शियम का सेवन भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरुरी है. गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम महत्वपूर्ण है. कैल्शियम के लिए रोजाना अपनी डायट में कम से कम 2 गिलास दूध शामिल करें. कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों दूध, दही, डेयरी उत्पाद, दलिया, साग, बादाम और तिल आदि का सेवन करें. 3. फोलिक एसिड गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड का सेवन गर्भवती मां के लिए बहुत जरूरी है. फोलिक एसिड आपके बच्चे के न्यूरल ट्यूब के दोष के जोखिम को कम करने में मदद करता है. आप खाद्य पदार्थ जैसे कि स्ट्रॉबेरी, संतरे, दलिया, पत्तेदार सब्जियों, फलों को अपने भोजन में शामिल करके फोलिक एसिड पा सकते हैं. 4. आयरन गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है इलसिए इसका सेवन महत्वपूर्ण है. चिकित्सक के परामर्श से इस दौरान पर्याप्त मात्रा में आयरन का सेवन करने के लिए आयरन की गोली भी खा सकते हैं. मछली, चिकन, अंडे की जर्दी, ब्रोकली, मसूर, मटर, पालक, जामुन, सोयाबीन, किशमिश, जैसे सूखे फल डायट में शामिल करें. आयरन मांस, सेम, मुर्गी, बीज और चावल जैसे खाद्य पदार्थों में भी होता है. 5. तरल पदार्थ तरल पदार्थों का सेवन हमारे शरीर से कई विषाक्त पदार्थों के निष्कासन में मदद करता है. रोजाना नारियल पानी पिएं. तरल पदार्थ विशेष रूप से पानी और ताजा फलों के रस, सुनिश्चित करें कि आप स्वच्छ उबला हुआ या फ़िल्टर्ड पानी पीते है. 6. विटामिन बी 6 इस दौरान गर्भवती मां को विटामिन बी 6 से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए. गर्भवती महिला अपनी डायट में खट्टे फल, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां और आलू को शामिल करके इसकी कमी दूर कर सकती है. 7. ऊर्जावान रहने के लिए गर्भावस्था में ऊर्जावान रहने के लिए आहार में अनाज और रोटी, आटा, चावल की तरह सरल कार्ब्स और आलू को शामिल करना चाहिए. आप अपनी डायट में मीट, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज ब्रेड, सूखे फल, और सेम को शामिल करने का प्रयास करें. 8. ऊर्जावान रहने के लिए शिशु के शरीर में विटामिन ई, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा करने के लिए गेहूं, रागी, चावल, मक्का, जई को अपनी डायट में शामिल करें. वसायुक्त मछली और मांस खाने से बचना चाहिए. डायट में आप यदि दुबला मांस, व्हाइट मछली, अंडे, काले सेम, टोफू जैसे खाद्य पदार्थों को लेंगे तो इससे आपको और बच्चे को फायदा होगा. 9. विटामिन सी विटामिन सी से भरपूर भोजन अवश्य शामिल करें जैसे की खट्टे फल, संतरे, मौसमी, आंवला इत्यादि. संतरा, ब्रोकली, और टमाटर विटामिन सी का अच्छा स्रोत हैं. विटामिन सी के लिए तरबूज, नींबू, संतरा, खट्टे फल, ब्रोकली को डायट में शामिल करना चाहिए. 10. कार्बोहाइड्रेट गर्भावस्था के दौरान कार्बोहाइड्रेट जरूरी है लेकिन अपने वजन का भी इस दौरान ध्यान रखें. आप कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थ जैसे आलू, साबुत अनाज, अनाज, मीठे आलू यानी शक्करकंदी, फलियां, पालक, जामुन, तरबूज़ खाएं, पास्ता, स्वीट कॉर्न, बीज, नट्स और जई. 11. मैग्नीशियम मैग्नीशियम कई खाद्य पदार्थों जैसे बादाम, जई, चोकर, काले सेम, जौ, आटिचोक, कद्दू के बीज, में होता है. आप इन खाद्य पदार्थों को खाकर मैग्नीशियम की कमी को पूरा कर सकते है. ये आपके पैरों की ऐंठन जो सातवें महीने में हो जाती है को कम करता हैं. 12. डीएचए के खाद्य पदार्थ डीएचए के खाद्य पदार्थ अपने भोजन में शामिल करें. डीएचए एक फैटी एसिड है जो कि बच्चे के दिमाग को ठीक से विकसित करने में अपने में मदद करता है. आप दूध, अंडे और जूस के रूप में खाद्य पदार्थों में डीएचए पा सकते हैं. 13. फाइबर इस दौरान कब्ज को रोकने के लिए, उच्च फाइबर खाद्य पदार्थों को महिलाएं अपनी आहार में शामिल करें. इसके लिए सब्जियां, फल (ताजा और सूखे), फलियां और साबुत अनाज,मक्का, सफेद सेम, काले सेम, एवाकैडो, गेहूं, पास्ता, भूरा चावल, गेहूं ब्रेड, बंद गोभी, ब्रोकली, पत्तेदार हरी सब्जियां, अजवायन ,फल, साबुत अनाज ब्रेड, अनाज, खजूर आदि खाया जा सकता है. 14. विटामिन ए गर्भावस्था के दौरान महिलाएं की कमी को दूर करने के लिए इससे युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं. जिसमें पालक, गाजर, शकरकंद, खरबूजा इत्यादि प्रमुख हैं.
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Diet Therapy - Know The Basic Principles Of It!

Dt. Suraksha Shetty Shah 91% (127 ratings)
Diploma In Nutrition & Health Education
Dietitian/Nutritionist, Ahmedabad
Diet Therapy - Know The Basic Principles Of It!
Diet therapy is a strategy for eating the food prescribed by a doctor to improve health and wellbeing. Medications involve including foods that enhance particular health conditions while evading foods that may aggravate the condition. Some health conditions require temporary helpful eating routines. Dietitians regularly detail helpful eating methodologies. The eating routine may change after some time in view of the individual's reaction and change in well-being status. The different types of diet therapies are as follows: A sans gluten diet is a case of a dietary change that you should keep up to stay solid. Individuals with a gluten narrow-mindedness must maintain a strategic distance from gluten-containing food to divert harm to their digestion tracts. The diabetic diet is an extremely basic remedial diet including restricting high-sugar foods to control glucose levels. Other remedial weight control diets constrain foods, for example, salt, to control pulse, or soaked fat, to oversee cholesterol. These sorts of weight control plans take some getting used to. Your doctor will work with you to roll out the importance. Here are some basic principles of diet therapy: Side effect Control: When you are experiencing a disease brought on by a horrible eating routine, your specialist may recommend you to consume fewer calories before considering diet therapy, physician endorsed medications or surgery. Certain conditions, for example, heart diseases can be overseen all the more viable when the diet is under control. Your specialist may even recommend you to consume fewer calories treatment essentially on the grounds that he sees you have warnings for heart illness, regardless of the possibility that you are not as of now diagnosed with any. Eat fewer carbs Modification: When you enjoy unfortunate dietary patterns, such as picking greasy nourishments, eating an excessive number of sweats or maintaining distance from vegetables, you put yourself at risk for genuine medical issues. After surveying your diet and the risks associated with it, your specialist may propose an adjusted eating routine. It is essential that in case that you get a kind of prescription and routine from your specialist, you finish as you would a professionally prescribed medicine. Changes to your eating regimen can happen in little and straightforward ways yet have a major effect on your health. Organ Rest: When you are going to experience a surgery or your specialist is hoping to confine medical issues, you might be requested to abstain from diet therapy to offer a clearer photo of your health challenges or to help the surgery go all the more easily. A few specialists will ask you to go on a liquid diet or delicate eating routine, which can allow weak organs to rest in the digestive system. Therefore, try to eat light foods.
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Post Kidney Transplant - 6 Diet Tips

Dt. Shwetaa Shahii 90% (63 ratings)
Diploma in Dietetics and Nutrition, Diploma in Diet and Nutrition, Diploma in Paediatric Nutrition, Diploma in Total Nutrition Therapy course, Diploma in Nutrition and Health Education, Role of Nutrition in Diabetes, ICU & Gastroenterology , Nutrition Counselor Course in Bariatric Surgery
Dietitian/Nutritionist, Delhi
Post Kidney Transplant - 6 Diet Tips
The ideal diet after a kidney transplant A kidney transplant is a surgical procedure where your kidneys are cleansed and rebuild using the kidneys of a deceased person, in order to flush out the excessive waste fluids from the kidneys. It is of paramount importance and your dietary patterns and lifestyle should be altered after you go through a kidney transplant. Your dietician will help you out by preparing your diet chart to clearly list out the foods that you should consume and those which you should avoid after the surgery. The diet chart that would be prepared for you would be highly subjective and it would totally depend on your lifestyle, medical history, family health records, genetically transmitted conditions and such others. Apart from improving the condition of your kidney and assisting your transplant, the diet chart will also help you to lose weight, boost your metabolism and enhance your immune system. Some of the most common recommendations that your dietician may give you are as follows: -Eating at least 5 full servings of fresh fruits and vegetables each day as both are an important part of a healthy diet for a person who has just undergone a kidney transplant. The vegetables should mostly be eaten after cooking/boiling as per the suggestions of your dietician. -Having enough of fiber rich foods in your daily diet is essential as it speeds up the process of digestion and prevents constipation by promoting frequent and easy bowel movements. -If you are a non-vegetarian, then you should be going for lean meat alternatives which are low on fat and high on nutritional value. -Examples of such meat are fishes and poultry. Additionally, you should also avoid all kinds of red meat as it is high on fat. -Consume low-fat milk and dairy products as they help to prevent the fat accumulation inside the body and also maintain an acceptable level of calcium and phosphorus inside your body. -Maintain a low level of iodized salt in your meals, as it helps to keep your blood pressure under control. Over the counter health supplements like vitamins and proteins can also be taken, if recommended by your dietician. If you would like to consult with me privately, please click on 'Consult'
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Thyroid Diet Chart In Hindi - थाईरॉयड के मरीजों का डाइट चार्ट

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Thyroid Diet Chart In Hindi -  थाईरॉयड के मरीजों का डाइट चार्ट
गले के अगले हिस्से में स्थित थायराइड ग्रंथि को साइलेंट किलर भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें आने दोषों का पता समय पर नहीं चल पाता है. जाहिर है किसी भी बिमारी का समय पर इलाज न हो पाने से स्थिति खतरनाक हो जाती है. कभी-कभी तो मौत भी हो सकती है. आपको बता दें कि आकार में बेहद छोटी सी लगाने वाली ये ग्रंथि हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. थायराइड ग्रंथि के ठीक से काम न करने से हार्मोन का स्त्राव प्रभावित होता है. लेकिन यहाँ ये जानना भी बेहद महत्वपूर्ण है कि थायराइड ग्रंथि का कम या ज्यादा काम करना भी परेशानी का कारण बनता है. जीवनशैली और खान-पान में आने वाली अनियमितता ही थाइराइड की समस्या उत्पन्न करती है. इसका मतलब है कि यदि आप अपने जीवनशैली और खान-पान को लेकर सजग हो जाएँ तो इसकी संभावना काफी हद तक कम हो सकती है. इसके लिए हम आपको थायराइड का डाइट चार्ट बता देते हैं- थायराइड पीड़ितों के लिए डाइट चार्ट- 1. आयोडीन युक्त खाना थायराइड पीड़ितों को खाने-पीने के में आयोडीनयुक्त खाद्यपदार्थों को शामिल करना चाहिए. यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें आयोडीन की पचुर मात्रा में पाया जाता हो. इसका कारण ये है कि आयोडीन की मात्रा ही थायराइड की क्रियाशीलता को प्रभावित करती है. 2. खाने का स्त्रोत आयोडीन के लिए हम समुद्री जीवों या समुद्र से प्राप्त खाद्य पदार्थों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मछलियों, समुद्री शैवाल और समुद्री सब्जियों में प्रचुर मात्रा में आयोडीन पाया जाता है. 3. कॉपर और आयरन इसके अलावा कॉपर और आयरन से युक् त आहार लेना भी थायराइड में काफी लाभदायक होता है. इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता में वृद्धि होती है. 4. इसके स्त्रोत कॉपर के लिए आपको काजू, बादाम और सूरजमुखी का बीज लेना चाहिए. इसमें कॉपर की प्रचुरता होती है. 5. आयरन की भूमिका आयरन के लिए हरी और पत् तेदार सब्जियों से बेहतर विकल्प तो हो ही नहीं सकता है. विशेष रूप से पालक में आयरन की भरपूर मात्रा पायी जाती है. 6. पनीर और हरी मिर्च थायराइड के मरीजों को पनीर और हरी मिर्च के साथ-साथ टमाटर का भी सेवन करना चाहिए. क्योंकि ये भी थायराइड गंथि के लिए बेहद फायदेमंद है. 7. विटामिन और मिनरल्स आपको अपने डाइट चार्ट में विटामिन और मिनरल् स युक् त आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए. इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता में इजाफा होता है. 8. आइस क्रीम और दही थायराइड में कम वसायुक् त आइसक्रीम और दही का भी सेवन भी थायराइड के मरीजों के लिए काफी लाभदायक है. 9. गाय का दूध इसके अलावा कुछ घरेलु उपाय भी अत्यंत लाभदायक है जैसे कि गाय का दूध भी इसके मरीजों को पीना चाहिए. 10. नारियल का तेल नारियल के तेल से भी आप थायराइड ग्रंथि की सक्रियता बढ़ा सकते हैं. इसके उपयोग में आसान बात ये है कि इसका प्रयोग आप खाना बनाने के दौरान भी कर सकते हैं. इन खाद्य-पदार्थों के इस्तेमाल से बचें - 1. थायराइड के मरीजों के डाइट चार्ट में सोया और उससे बने खाद्य-पदार्थों का कोई स्थान नहीं रहना चाहिए. 2. थायराइड के मरीजों को जंक और फास् ट फूड से भी दूर ही रहना चाहिए. क्योंकि फास्ट फ़ूड थायराइड ग्रंथि को प्रभावित करते हैं. 3. यदि परहेज करने वाली सब्जियों की बात करें तो ब्राक् कोली, गोभी जैसे खाद्य-पदार्थों से दूर ही रहना चाहिए. कुछ अन्य उपाय थायराइड के मरीजों को इस डाइट चार्ट का पालन करने के साथ ही कुछ और बातों का ध्यान रखना चाहिए. नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत डाल लेनी चाहिए. इसके साथ ही किसी योग प्रशिक्षक की सलाह से योग भी करना चाहिए. क्योंकि इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता बढ़ती है. हलांकि इन सबके बावजूद किसी चिकित्सक की सलाह अवश्य लें.
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Post Bariatric Surgery - What Type OF Diet Should You Follow?

Dr. Tarun Mittal 86% (15 ratings)
MBBS, MS - General Surgery
Bariatrician, Delhi
Post Bariatric Surgery - What Type OF Diet Should You Follow?
Bariatric surgery refers to the procedure by which excess fat is removed gradually within few months from an individual s body after modification in size of stomach and modification in gut pathway and length by laparoscopically (key hole surgery). The diet that must succeed bariatric surgery changes with time. A post bariatric surgery diet will tentatively look like: Initial stages: At the initial stage, eating solid food should be strictly avoided. A liquid diet with added protein can is a feasible option as long as it does not have any solid particles. The doctor may also prescribe regular and intermittent consumption at the beginning. Intermediary stages: The diet must be changed post second till the sixth week as the meal is made thicker. However, solid food must still be expelled. Due to the surgery, it is only normal that you would feel full after small consumption thereby, necessitating regular intake of food within a short span of time. Final stages: Post sixth week, incorporating solid food in the diet is generally allowed by the doctors. With the introduction of fuller meals, regular intake of food should be reduced and four meals a day should be the norm. Along with a fixed diet chart, you may also practice certain exercises to expedite the process of recovery. Some of them are: Light exercise: Depending on the condition, few patients may be prescribed exercises every week for an hour. Multiple exercises: Few, on the other hand, may be prescribed by the surgeons to exercise twice every week, generally for an hour.
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Popular Questions & Answers

I am 32 and I have ankylosis spondylitis, vitamin d3 deficiency and have a knee problem not riding upstairs, my Wight is 66, hight 5 feet, please give me proper diet chart following my all problem. Thanks

Dr. Julie Mercy J David Raja 89% (4897 ratings)
Erasmus Mundus Master in Adapted Physical Activity, MPT, BPTh/BPT
Physiotherapist, Chennai
Ankylosing spondylitis is a cause of back pain in adolescents and young adults. Ankylosing spondylitis is a form of chronic inflammation of the spine and the sacroiliac joints Chronic inflammation in these areas causes pain and stiffness in and around the spine, including the neck, middle back, lower back, and buttocks. Over time, chronic inflammation of the spine (spondylitis) can lead to a complete cementing together (fusion) of the vertebrae, a process referred to as ankylosis. Ankylosis causes loss of mobility of the spine. Pt treatment deep breathing for lung expansion and stretching exercises to improve spine and joint mobility. Are also advised to sleep on a firm mattress and avoid the use of a pillow in order to prevent spine curvature. Aerobic exercise is generally encouraged as it promotes full expansion of the breathing muscles and opens the airways of the lungs.
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I am 53 years old my height is 5.9 inches weight 100 kg. I am diabetic please suggest me a diet chart.

Dr. Prabhakar Laxman Jathar 95% (12557 ratings)
MBBS, CCEBDM, Diploma in Diabetology, Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics, Cetificate Course In Thyroid Disorders Management (CCMTD)
Endocrinologist, Hubli-Dharwad
Hi, Lybrate-user, Thanks for the query. I have seen the details given. However, to suggest a diet plan I need to know following details: 1) Fasting, PP glucose levels, HbA1c%, 2) Extent of daily exercise being done, 3) Present diet pattern in detail, 4) Current treatment with drugs and dosage. I am sure you are aware that with a BMI of 32.67 kgs, you are in grade obesity. Your ideal body weight should be 75 kgs. Therefore, your intake has to be based on 75 kgs and not on 100 kgs. Thanks.

L have lean body and I am under weight. I wnt a perfect body shape. Please provide a diet chart and guidance.

Dt. Surabhi Jain 91% (528 ratings)
MSc
Dietitian/Nutritionist, Lucknow
Hi, Thank you for your query. We will be happy to help you. For increasing your weight, eat lots of carbohydrates (potatoes, rice, corn etc.) and good fats (various nuts, peanut butter etc.), high fat dairy (whole milk, cheese). Increase your regular meal portions by a little amount. Take a small walk everyday. We are here to guide you. For a detailed or customized diet plan, feel free to drop a message. Eat healthy, stay healthy Regards.
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Hlo Sir/Mam How to gain weight. please help me & give me proper diet chart to intake with schedule.

Dt. Vishal Wadi 93% (1367 ratings)
Diploma in Clinical Nutrition, Diploma in Sport & Exercise Nutrition, Diploma in Human Nutrition, Certified Diabetes Educator, Lifestyle Medicine, BSC IN LIFE SCIENCES
Dietitian/Nutritionist, Bangalore
You are young and don't have to worry about weight yet. Weight starts increasing on its own in mid 20s. You should be active in outdoor sports and eat plenty of fruits, vegetables and nuts. You will be fine.

I have high cholesterol. Give me mam or sr diet chart and I am gain weight soo help me.

Dr. Rajiv Bajaj 95% (348 ratings)
MBBS, MD - Internal Medicine, DM - Cardiology, Fellowship in EP
Cardiologist, Delhi
Weight increases with sugar and jaggery. And also by restricted, grain based diet. Reduce sugar jaggery alcohol and starchy foods in diet. Balanced diet is healthier than restricted diet.
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Health Quizzes

Why are dietary supplements important?

Dt. Lokendra Tomar 92% (10148 ratings)
Diploma in Diet and Nutrition, B.Pharma, MD - Alternate Medicine
Dietitian/Nutritionist, Gurgaon
It is always important to consume good quality dietary supplements. True or False. Take this quiz to know now!
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269 people took this quiz

All You Need To Know About Corns And Calluses!

Dr. Varun Sarin 90% (524 ratings)
MD - Dermatology , Venereology & Leprosy
Dermatologist, Dehradun
Shoe inserts can help prevent corns. True or False. Take this quiz to know now!
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119 people took this quiz

Skipping a meal: Facts and Myths

Ms. Geetanjali Ahuja Mengi 93% (408 ratings)
Masters Of Science In Dietetics And Food Service Management Msc. (DFSM), Certified Diabetes Educator (CDE), Advanced Clinical Nutrition Program, Post Graduate Diploma In Clinical Nutrition And Dietetics PGD, Bachelors Degree In Applied Nutrition Bhsc
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
Skipping meal leads to a slowed metabolic rate. True or false? Take this quiz to find.
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14960 people took this quiz

Eat Better: Breakfast, Lunch and Snacks Facts

Dt. Ashu Gupta 88% (1519 ratings)
M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Gurgaon
A healthy breakfast can help you lose weight. True or False? Take this quiz to find out.
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Midnight Hot! (Snacks)

Dt. Niti Munjal 90% (18 ratings)
Fellowship in Applied Nutrition(FAN), PG Diploma in Dietetics and Nutrition, Certified Diabetes Educator
Dietitian/Nutritionist, Gurgaon
Midnight snacking can impact your brain. True or False? Take this quiz to find out.
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2843 people took this quiz

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