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Overview

Benefits of Putrajeevak And Its Side Effects

Putrajeevak alos known as putraveeji, putranjiva and lucky bean tree is an evergreen tree growing up to a height of 12 meters. Its scientific name is Putranjiva roxburghii. The tree has long suspended branches, normal elongated leaves that are arranged alternately and its fruits are velvety and rounded with a hard stony seed. It has a sweet and pungent taste and is heavy in digestion. It bears both male and female flowers.

Benefits of Putrajeevak And Its Side Effects

Table of Content

Putrajeevak
Nutritional Value of Putrajeevak
Health Benefits of Putrajeevak
Procreant
Aphrodisiac and Spermatogenic
Anti-inflammatory
Anti-acne
Treats Fever and Cold
Cures Headaches
Anti-venom
Treats Elephantiasis
Side-Effects & Allergies of Putrajeevak

Putrajeevak

Putrajeevak alos known as putraveeji, putranjiva and lucky bean tree is an evergreen tree growing up to a height of 12 meters. Its scientific name is Putranjiva roxburghii. The tree has long suspended branches, normal elongated leaves that are arranged alternately and its fruits are velvety and rounded with a hard stony seed. It has a sweet and pungent taste and is heavy in digestion. It bears both male and female flowers.

Nutritional Value of Putrajeevak

Putrajeevak seeds contain fatty oils while the kernel has a store of essential oils that smell like mustard. Isothiocyanate providing glycosides,glucoputranjivin, glucocochelearin, glucojiaputin and glucocleomin are also present in it. The main constituent of the essential oil obtained from this plant are isopropyl and 2-butyl isothiocyanates. Apart from this it has a minor component, 2-methylbutyl isothiocyanate.

Health Benefits of Putrajeevak

Mentioned below are the best health benefits of Putrajeevak
Health Benefits of Putrajeevak

Procreant

Putrajeevak is a medicinal plant that aids in the process of pro creation by playing an important role in treating sterility, infertility and recurring abortions. It is beneficial for the reproductive health of both the male and female partners. This has been used for ages in treating reproduction related problems.

Aphrodisiac and Spermatogenic

This plant helps increase sexual urges and performance. It helps in improves sperm count in men. This helps to up the chances of conceiving and solve the issue of childlessness. It is safer than the chemical and artificial options available for the same purpose.

Anti-inflammatory

The herb apart from its reproductive attributes also helps in reducing inflammation in joints and also for inflamed throats of animals. The leaves are crushed and a paste is made using it. This is then applied on the affected are to cure the problems.

Anti-acne

Putrajeevak doesn’t only works on your reproductive organs. It also helps you to get rid of the stubborn pimples and the redness caused due to it. Pimples are a common concern for those suffering from hormonal imbalances and have oily skin. So while taking care of your reproductive organs it makes sure you have a clean, clear and fresh skin.

Treats Fever and Cold

Putrajeevak leaves are extremely effective in treating cold, fever and rheumatism. A concoction of the leaves is prepared for the treatment that is consumed. It provides relief from congestion and provides immense relief.

Cures Headaches

Headaches can be a serious problem that does not let you function properly and makes you irritated and the agony is brutal. This problem can be dealt with by consuming a paste of putrajeevak seeds. It also works miracles in knee pain. So next time you feel your head throbbing look out for this multi benefit plant.

Anti-venom

Putrajeevak has the ability to neutralise snake poison. It is a good antidote and comes handy in such fateful situations. It is always important to identify the snake that a person gets bitten by as specific poisons have specific antidotes. Snake poisons are of two types, one that affects the nervous system and the other that damages the blood cells and degenerate it. This property of Putrajeevak saves many lives.

Treats Elephantiasis

Elephantiasis is a health condition caused due to blockage of lymphatic vessels that result in swollen limbs. It is happens by the infestation of parasites in the body that cause filariasis. Putrajeevak helps in fighting this disease and provides a curative measure for it.

Side-Effects & Allergies of Putrajeevak

Putrajeevak does not have any considerable side effects or allergie. But according to Ayurveda people having kapha dosha should not take putrajeevak as it shall increase the problems related to it. It should be strictly kept away from the reach of the children.

Popular Health Tips

Putrajeevak Benefits and Side Effects in Hindi - पुत्रजीवक के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Putrajeevak Benefits and Side Effects in Hindi - पुत्रजीवक के फायदे और नुकसान

पुत्र जिया या जियापोता के नाम से जाना जाने वाला आयुर्वेद में उल्लिखित पुत्रजीवक के फायदे बहुत सारे हैं. पुत्रजीवक पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला पेड़ है. यह एक सदाबहार पेड़ है, यानी हमेशा हरा भरा रहता है. इस के तने पर की छाल सी के रंग की होती है. पत्तों का रंग गहरा होता है और फूल हरे रंग के फूल गुच्छे में होते हैं. पुत्रजीवक आयुर्वेद की जानी-मानी एवं बेहद प्रभावशाली औषधि है. मुख्य रूप से इसे गर्भ ठहरने के लिए उपयोग में लाया जाता है. संतानहीन ओं के लिए वरदान साबित होने वाले आप पुत्रजीवक कई लोगों को उम्मीद देता है. लेकिन इसके साथ ही पुत्रजीवक के बीज छाल और पत्तों का उपयोग अन्य बीमारियों के लिए भी औषधि के रूप में किया जाता है. आइए पुत्रजीवक के कुछ फायदे और नुकसान को जानते हैं.

1. कब्ज में लाभदायक 
कब्ज पीड़ितों के लिए भी पुत्रजीवक उपयोगी साबित होता है. ये कब्ज के साथ-साथ सूखे मल के कारण आंतों में होने वाले दर्द को भी ठीक करता है. इसके लिए आपको 3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार गर्म दूध के साथ लेना चाहिए.
2. जुकाम या बुखार में उपयोगी
जुकाम या बुखार जो आमतौर पर हमेशा किसी न किसी को होता ही रहता है. जुकाम या बुखार के उपचार के लिए आपको पुत्रजीवक के फलों का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए. इससे काफी हद तक आप राहत महसूस करेंगे.
3. ल्यूकोरिया के उपचार में
ल्यूकोरिया एक ऐसी बिमारी है जिसमें जननांग से सफ़ेद पानी निकलता है. इस बिमारी से निजात पाने के लिए पुत्रजीवक के फल का गुदा, गुड़ और पानी के साथ लेने से ल्यूकोरिया में आप राहत महसुस करेंगे.
4. बांझ महिलाओं के लिए वरदान

  • महिलाओं के गर्भ न ठहर पाने के कई कारण होते हैं. जिसे बांझपन भी करते हैं. पुत्र जीवक की भूमिका गर्भाशय को विषरहित करने और इसके लिए एक सहायक दवा के रूप में है. पुत्र जीवक गर्भपात को रोककर अंडाशय के कार्यों में सुधार लाता है. जिससे कि गर्भाशय गर्भ के लिए परिपक्व होता है. इससे स्वस्थ अनुभवों को रिलीज करने में भी सहायता मिलती है. इसके लिए पुत्र जीवक बीज की गिरी को दूध के साथ पीरियड्स के दिनों में लेना चाहिए.
  • इसके अतिरिक्त और ज्यादा लाभ के लिए आप पुत्रजीवक पेड़ की छाल बिल्ब की जड़ और मालकांगनी की जड़ को मिलाकर इसे पानी में पैसे इसके बाद इस पेस्ट को दिन में एक बार दो 3 सप्ताह तक गर्भवती महिलाएं ने इससे गर्भवती महिलाओं का असामान्य रक्तस्राव रुकता है. पुत्रजीवक सभी प्रकार के मासिक धर्म के रोगों के लिए उपयोगी है. पुत्र जीवक का गूदा जीरा के साथ दूध में पीसकर सुबह लेने से पीरियड्स में आराम मिल सकता है. इसके अलावा पुत्रजीवक पीरियड्स के दौरान होने वाले 58 सीने में जलन मुंह में कड़वाहट काले धब्बे कमजोरी ब्लू टीन आदि को भी कम कर सकता है.

5. गर्दन दर्द के लिए
कई बार हम गर्दन के दर्द या सुजन से परेशान हो जाते हैं. इसमें भी पुत्रजीवक की सकरात्मक भूमिका होती है. इसके लिए आपको पुत्रजीवक के तने की छाल को पानी में घिसकर गर्दन के प्रभावित क्षेत्र में लगाना चाहिए.
6. गर्भपात में उपयोगी
गर्भपात दुःखद तो होता ही है, शरीर के लिए भी नुकसानदेह होता है. इसलिए इससे बचने के कई तरीके खोजे गए हैं. इन तरीकों में से एक पुत्रजीवक का इस्तेमाल भी है. गर्भाशय की लाइनिंग्स को मजबूत बनाकर पुत्रजीवक एक टॉनिक के रूप में काम करता है. ये गर्भाशय को गर्भावस्था के अनुकूल बनाता है.
इसके लिए 200 ग्राम पुत्रजीवक बीज का पाउडर, अश्वगंधा पाउडर और मिश्री पाउडर के मिश्रण का पाउडर बना लें. इस पाउडर का 4-5 ग्राम गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार लें. इसे आप खाली पेट या भोजन करने के 3 घंटे बाद ले सकते हैं.
7. शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में
जिस प्रकार ये महिलाओं का बाँझपन दूर करता है ठीक उसी प्रकार पुत्रजीवक पुरुषों के नपुंसकता में भी काम आता है. जिन लोगों को अल्पशुक्राणुता की समस्या है उन्हें 3 ग्राम पुत्रजीवक के बीज का पाउडर लेना चाहिए. इससे उनके शुक्राणुओं की संख्या तो बढ़ेगी ही साथ में उनकी गतिशीलता भी बढ़ेगी.

पुत्रजीवक के नुकसान

  • पुत्र जीवक से बनी औषधियों के इस्तेमाल के दौरान मसाले, मिर्च, तेल, खटाई, गर्म तासीर वाले किसी भी प्रकार के भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए.
  • आवश्यकता से अधिक मात्रा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
  • जहाँ तक संभव हो इसके सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें.
     
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