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Arokya Hospital

Multi-speciality Hospital (ENT Specialist, Pediatrician & more)

#32, Pillaiyar Koil Street, Nesapakkam, Landmark: Near To Pilliyar Kovil. Chennai
13 Doctors · ₹0 - 400
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Arokya Hospital Multi-speciality Hospital (ENT Specialist, Pediatrician & more) #32, Pillaiyar Koil Street, Nesapakkam, Landmark: Near To Pilliyar Kovil. Chennai
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Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and fin......more
Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and financial concerns.
More about Arokya Hospital
Arokya Hospital is known for housing experienced General Physicians. Dr. J Vinaignan, a well-reputed General Physician, practices in Chennai. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 84 patients.

Timings

MON, WED, FRI
08:00 AM - 09:00 PM
TUE, THU, SAT
07:00 AM - 09:00 PM

Location

#32, Pillaiyar Koil Street, Nesapakkam, Landmark: Near To Pilliyar Kovil.
Chennai, Tamil Nadu - 600078
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Doctors

Dr. J Vinaignan

MBBS, Diploma in Otorhinolaryngology (DLO)
General Physician
17 Years experience
300 at clinic
Available today
04:00 PM - 07:30 PM
400 at clinic
Available today
07:45 PM - 09:00 PM

Dr. Manimaran

MBBS, MD - General Medicine, DM - Gastroenterology
Gastroenterologist
19 Years experience
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Jayakumar

Cosmetic/Plastic Surgeon
Available today
09:00 AM - 08:00 PM
Available today
09:00 AM - 07:00 PM
Available today
09:00 AM - 07:00 PM
Available today
05:30 PM - 07:00 PM
Available today
04:30 PM - 06:00 PM

Dr. Ramados

Pediatrician
Available today
09:00 AM - 08:00 PM

Dr. Bathragiri

General Physician
Unavailable today

Dr. Vinaigham

ENT Specialist
Available today
04:00 PM - 07:30 PM
24 Years experience
Unavailable today

Dr. Vasanthi

ENT Specialist
Available today
06:00 PM - 08:00 PM
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Bar Soap vs. Body Wash: Which is Better for You?

MD - Dermatology, MBBS, DDV
Dermatologist, Pune
Bar Soap vs. Body Wash: Which is Better for You?

The most important part of skincare is keeping your skin cleansed and fresh. But before that, it is imperative to find the right product for the same. Skin type varies from person to person, and hence finding skincare goods most suited to your skin makes all the difference.

Bathing habits directly affect the quality of your skin, which involves picking the appropriate cleanse; i. E. Choosing between a body soap and body wash. Each has a different set of characteristics and comes with its own set of advantages and disadvantages. Let's find out which one is better for your skin.

Why you should choose bathing soap bar:

  •  it is more effective in removing dirt through deep cleansing
  •  it is suited to skin that is excessively oily in nature as it contains ingredients that are highly effective in stripping off excess oil from the skin


Why you should not choose bathing soap bar:

  •  it tends to strip the skin of its natural oils and moisture, making it dry and flaky
  •  it is unhygienic in case of sharing between individuals as soaps tend to accumulate the dirt from your skin due to direct body contact

Reasons to pick a body wash:

  •  it has a very mild and gentle effect on the skin in comparison to soaps
  •  it keeps the skin moisturized by preserving natural oils
  •  it is more hygienic than bar soaps in case of interpersonal sharing
  •  it is the most suitable option for dry skin

Reasons to ditch a body wash:

  •  it contains a large amount of artificial additives and preservatives that can do more harm to your skin than good, giving rise to allergic reactions in some cases

So, who's the winner of the two?

You must certainly base the choice on what's best for your skin type. Body soap is more compatible with oily skin while dry skin is better suited for body wash. A body wash, however, is much more gentle on your skin. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Dermatologist.

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Fungal Infection

Diploma in Dermatologist, Venereologist and Laparoscopy , MBBS
Dermatologist, Rewari
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How to get rid of Fungal Infection?

Back Pain and Its Management

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), MD - General Medicine
Ayurveda, Gurgaon
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Ayurvedic Treatment for Back Pain

Hiv Aids Information in hindi

MBBS, M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Delhi
Hiv Aids Information in hindi

एड्स नाम अपने आपमें भयावह और दर्दनाक एहसास दिला देता है। बीमारियाँ वैसे तो बदनाम होती ही हैं पर एड्स को बिमारी नहीं बल्कि कई जानलेवा बीमारियों का जरिया कहना गलत नहीं होगा। यह एक ऐसी बीमारी है जिससे पीड़ित व्यक्ति जीने की उम्मीद खोकर मरने की राह देखने लगता है। इसलिए हम सभी को एड्स के बारे में पूरी जानकारी होनी ही चाहिए।

दरसल एड्स एचआईवी वायरस के कारण होने वाली एक बीमारी है। यह तब होता है जब व्यक्ति का इम्यून सिस्टम इंफेक्शन से लड़ने में कमज़ोर पड़ जाता है। और तब विकसित होता है, जब एचआईवी इंफेक्शन बहुत अधिक बढ़ जाता है। एड्स एचआईवी इंफेक्शन का अंतिम चरण होता है। जब शरीर स्वयं की रक्षा नहीं कर पाता और शरीर में कई प्रकार की बीमारियाँ, संक्रमण हो जाते हैं एचआईवी शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता पर आक्रमण करता है। जिसका काम शरीर को संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु से होती हैं से बचाना होता है। एच.आई.वी. रक्त में उपस्थित प्रतिरोधी पदार्थ लसीका-कोशो पर हमला करता है। ये पदार्थ मानव को जीवाणु और विषाणु जनित बीमारियों से बचाते हैं और शरीर की रक्षा करते हैं। जब एच.आई.वी. द्वारा आक्रमण करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षय होने लगती है तो इस सुरक्षा कवच के बिना एड्स पीड़ित लोग भयानक बीमारियों क्षय रोग और कैंसर आदि से पीड़ित हो जाते हैं। और शरीर को कई अवसरवादी संक्रमण यानि आम सर्दी जुकाम, फुफ्फुस प्रदाह इत्यादि घेर लेते हैं। जब क्षय और कर्क रोग शरीर को घेर लेते हैं तो उनका इलाज करना कठिन हो जाता है और मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। 

अभी तक एचआईवी या एड्स के लिए कोई उपचार उपलब्ध नहीं है। हालाँकि सही उपचार और सहयोग से एचआईवी से ग्रसित व्यक्ति लम्बा और स्वस्थ जीवन जी सकता है। और ऐसा करने के लिए आवश्यक है, कि उचित उपचार लिया जाए और किसी भी संभावित दुष्परिणाम से निपटा जाए। 
  
एड्स कैसे फैलता है
अगर एक सामान्य व्यक्ति एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के वीर्य, योनि स्राव अथवा रक्त के संपर्क में आता है, तो उसे एड्स हो सकता है। आमतौर पर लोग एच.आई.वी. पॉजिटिव होने को एड्स समझ लेते हैं, जो कि गलत है। बल्कि एचआईवी पॉजिटिव होने के 8-10 साल के अंदर जब संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण हो जाती है तब उसे घातक रोग घेर लेते हैं और इस स्थिति को एड्स कहते हैं। 

एड्स होने के 4 अहम वजह 
(1) पीड़ित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध स्थापित करने 
(2) दूषित रक्त से।
(3) संक्रमित सुई के उपयोग 
(4) एड्स संक्रमित माँ से उसके होने वाली संतान को। 
 
एड्स के लक्षण 
एच.आई.वी से संक्रमित लोगों में लम्बे समय तक एड्स के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। लंबे समय तक (3, 6 महीने या अधिक) एच.आई.वी. का भी औषधिक परीक्षण से पता नहीं लग पाता। अधिकतर एड्स के मरीजों को सर्दी, जुकाम या विषाणु बुखार हो जाता है पर इससे एड्स होने का पता नहीं लगाया जा सकता। एच.आई.वी. वायरस का संक्रमण होने के बाद उसका शरीर में धीरे धीरे फैलना शुरू होता है। जब वायरस का संक्रमण शरीर में ज्यादा बढ़ जाता है, उस समय बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। एड्स के लक्षण दिखने में आठ से दस साल का समय भी लग सकता है। ऐसे व्यक्ति को, जिसके शरीर में एच.आई.वी. वायरस हों पर एड्स के लक्षण प्रकट न हुए हों, उसे एचआईवी पॉसिटिव कहा जाता है। पर ध्यान रहे ऐसे व्यक्ति भी एड्स फैला सकते हैं। 

एड्स के कुछ शुरूआती लक्षण 

  • वजन का काफी हद तक काम हो जाना
  • लगातार खांसी आना 
  • बार-बार जुकाम होना
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • थकान
  • शरीर पर निशान बनना (फंगल इन्फेक्शन के कारण)
  • हैजा
  • भोजन से मन हटना 
  • लसीकाओं में सूजन

ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए लक्षण अन्य सामान्य रोगों के भी हो सकते हैं। अतः एड्स की निश्चित रूप से पहचान केवल और केवल, औषधीय परीक्षण से ही की जा सकती है व की जानी चाहिये। एच.आई.वी. की उपस्थिति का पता लगाने हेतु मुख्यतः एंजाइम लिंक्ड इम्यूनोएब्जॉर्बेंट एसेस यानि एलिसा टेस्ट करवाना चाहिए।
 
एड्स का उपचार
एड्स के उपचार में एंटी रेट्रोवाईरल थेरपी दवाईयों का उपयोग किया जाता है। इन दवाइयों का मुख्य उद्देश्य एच.आई.वी. के प्रभाव को काम करना, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और अवसरवादी रोगों को ठीक करना होता है। समय के साथ-साथ वैज्ञानिक एड्स की नई-नई दवाइयों की खोज कर रहे हैं। लेकिन सच कहा जाए तो एड्स से बचाव ही एड्स का सर्वोत्तम इलाज है।  
 
एड्स से बचाव 
एड्स से बचाव के लिए सामान्य व्यक्ति को एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति के वीर्य, योनि स्राव अथवा रक्त के संपर्क में आने से बचें। साथ ही साथ एड्स से बचाव के लिए बताई गई कुछ सावधानियां भी बरतें।

  • पीड़ित साथी या व्यक्ति के साथ यौन सम्बन्ध न स्थापित करने से बचें और अगर करें भी तो सावधानीपूर्वक कंडोम का इस्तेमाल करें। लेकिन कई बार कंडोम इस्तेमाल करने में भी कंडोम के फटने का खतरा रहता है। इसलिए एक से अधिक व्यक्ति से यौन संबंध ना रखें।
  • खून को अच्छी तरह जांचकर ही चढ़ाएं। कई बार बिना जांच के खून मरीज को चढ़ा दिया जाता है जोकि खतरनाक है। इसलिए खून चढ़ाने से पहले पता करें कि कहीं खून एच.आई.वी. दूषित तो नहीं है। 
  • उपयोग की हुई सुईओं या इंजेक्शन का प्रयोग न करें क्योंकि ये एच.आई.वी. संक्रमित हो सकते हैं। 
  • दाढ़ी बनवाते समय हमेशा नाई से नया ब्लेड उपयोग करने के लिए कहें। 

एड्स की इन जानकारियों के साथ ही जरूरी हम एड्स के बारे में फैली हुई गलत्फहेमियों से वाकिफ रहें 
 
कई लोग समझते हैं कि एड्स पीड़ित व्यक्ति के साथ खाने, पीने, उठने, बैठने से एड्स हो जाता है। जो कि पूरी तरह गलत है। ऐसी भ्रांतियों से बचें। हकीक़त में रोजमर्रा के सामाजिक संपर्कों से एच.आई.वी. नहीं फैलता जैसे किः-

  • पीड़ित के साथ खाने-पीने से
  • बर्तनों कि साझीदारी से 
  • हाथ मिलाने या गले मिलने से 
  • एक ही टॉयलेट का प्रयोग करने से
  • मच्छर या अन्य कीड़ों के काटने से 
  • पशुओं के काटने से 
  • खांसी या छींकों से 
  • बताई गई बातों को समझकर सावधानी बरतें और पीड़ित व्यक्ति रेगुलर इलाज करवाएं।
     

Menstrual Cycle in hindi

MBBS, M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Delhi
Menstrual Cycle in hindi

अक्सर हमेशा हंसने खेलने वाली चंचल लड़कियां भी महीने के कुछ दिन दबी दबी दुखी सी शर्माती खुदको छिपाती नजर आती हैं। और इसी वक़्त पर हम गौर करें तो पाएंगे कि घर परिवार के कुछ लोग भी उससे कटे कटे रहते हैं कई चीजों को छूने कई जगह जाने पर पर भी मनाही होती है। जी हां बिलकुल सही समझें आप हम बात कर रहे हैं पीरियड्स की। यह केवल महिलाओं ही नही पुरुषों या यूँ कहें मानव वृद्धि के लिए सबसे अहम घटना है। तो चलिए आज हम जानते हैं पीरियड्स क्या हक़ क्यों आता है इसका सही समय, महत्व आदि। 
पीरियड्स या मासिक धर्म स्त्रियों को हर महीने योनि से होने वाला लाल रंग के स्राव को कहते है। पीरियड्स के विषय में लड़कियों को पूरी जानकारी नहीं होने पर उन्हें बहुत दुविधा का सामना करना पड़ता है। पहली बार पीरियड्स होने पर जानकारी के अभाव में लड़कियां बहुत डर जाती है। उन्हें बहुत शर्म महसूस होती है और अपराध बोध से ग्रस्त हो जाती है। 

पीरियड्स को रजोधर्म भी कहते है। ये शारीरिक प्रक्रिया सभी क्रियाओं से अधिक महवपूर्ण है, क्योकि इसी प्रक्रिया से ही मनुष्य का ये संसार चलता है। मानव की उत्पत्ति इसके बिना नहीं हो सकती। प्रकृति ने स्त्रियों को गर्भाशय ओवरी फेलोपियन ट्यूब, और वजाइना देकर उसे सन्तान उत्पन्न करने का अहम क्षमता दिया है। इसलिए पीरियड्स या मासिक धर्म गर्व की बात होनी चाहिए ना कि शर्म की या हीनता की। सिर्फ इसे समझना और संभालना आना जरुरी है। इस प्रक्रिया से घबराने या कुछ गलत या गन्दा होने की हीन भावना महसूस करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। पीरियड्स मासिक धर्म को एक सामान्य शारीरिक गतिविधि ही समझना चाहिए जैसे उबासी आती है या छींक आती है। भूख, प्यास लगती है या सू-सू पोटी आती है।

मासिक चक्र

  • दो पीरियड्सके बीच का नियमित समय मासिक चक्र ( Menstruation Cycle ) कहलाता है। नियमित समय पर पीरियड्स( Menses ) होने का मतलब है कि शरीर के सभी प्रजनन अंग स्वस्थ है और अच्छा काम कर रहे है। मासिक चक्र की वजह से ऐसे हार्मोन बनते है जो शरीर को स्वस्थ रखते है। हर महीने ये हार्मोन शरीर को गर्भ धारण के लिए तैयार कर देते है।
  • मासिक चक्र के दिन की गिनती पीरियड्सशुरू होने के पहले दिन से अगली पीरियड्सशुरू होने के पहले दिन तक की जाती है। लड़कियों में मासिक चक्र 21 दिन से 45 दिन तक का हो सकता है। महिलाओं को मासिक चक्र 21 दिन से 35 दिन तक का हो सकता है। सामान्य तौर पर मासिक चक्र 28 दिन का होता है।

मासिक चक्र के समय शरीर में परिवर्तन 

1. हार्मोन्स में परिवर्तन
 मासिक चक्र के शुरू के दिनों में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन बढ़ना शरू होता है। ये हार्मोन शरीर को स्वस्थ रखता है विशेषकर ये हड्डियों को मजबूत बनाता है। साथ ही इस हार्मोन के कारण गर्भाशय की अंदरूनी दीवार पर रक्त और टिशूज़ की एक मखमली परत बनती है ताकि वहाँ भ्रूण पोषण पाकर तेजी से विकसित हो सके। ये परत रक्त और टिशू से बनी होती है।
2. ओव्यूलेशन 
संतान उत्पन्न होने के क्रम में किसी एक ओवरी में से एक विकसित अंडा डिंब निकल कर फेलोपीयन ट्यूब में पहुँचता है। इसे ओव्यूलेशन कहते है। आमतौर पर ये मासिक चक्र के 14 वें दिन होता है । कुछ कारणों से थोड़ा आगे पीछे हो सकता है। 
ओव्यूलेशन के समय कुछ हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन आदि अधिकतम स्तर पर पहुँच जाते है। इसकी वजह से जननांगों के आस पास ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। योनि के स्राव में परिवर्तन हो जाता है। जिसके कारण महिलाओं की सेक्सुअल डिजायर बढ़ जाती हैं। इसलिए इस ड्यूरेशन में सेक्स करने पर प्रेग्नेंट होने के चन्वेस बढ़ जाते हैं।
3. अंडा 
फेलोपियन ट्यूब में अगर अंडा शुक्राणु द्वारा निषेचित हो जाता है तो भ्रूण का विकास क्रम शुरू हो जाता है। अदरवाइज 12 घंटे बाद अंडा खराब हो जाता है। अंडे के खराब होने पर एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है। गर्भाशय की ब्लड व टिशू की परत की जरुरत ख़त्म हो जाती है। और ऐसे में यही परत नष्ट होकर योनि मार्ग से बाहर निकल जाती है। इसे ही पीरियड्स, मेंस्ट्रुल साइकिल, महीना आना या रजोधर्म भी कहा जाता है। और इस दौर से गुजऱने वाली स्त्री को रजस्वला कहा जाता है।
4. ब्लीडिंग
पीरियड्स के समय अक्सर यह मन में यह मन में यह सवाल आता है की ब्लीडिंग कितने दिन तक होना चाहिए और कितनी मात्रा में होना चाहिए कि जिसे सामान्य मानें। पीरियड यानि MC के समय निकलने वाला स्राव सिर्फ रक्त नहीं होता है। इसमें नष्ट हो चुके टिशू भी होते है। अतः ये सोचकर की इतना सारा रक्त शरीर से निकल गया, फिक्र नहीं करनी चाहिए। इसमें ब्लड की क्वांटिटी करीब 50 ml ही होती है। नैचुरली पीरियड्स तीन से छः दिन तक होता है। तथा स्राव की मात्रा भी अलग अलग हो सकती है। यदि स्राव इससे ज्यादा दिन तक चले तो डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

पीरियड्स से पहले के लक्षण
लड़कियों को शुरू में अनियमित पीरियड्स, ज्यादा या कम दिनों तक पीरियड, कम या ज्यादा मात्रा में स्राव, डिप्रेशन आदि हो सकते है। इसके अलावा पीएमएस यानि पीरियड्स होने से पहले के लक्षण नजर आने लगते है। अलग अलग स्त्रियों को पीएमएस के अलग लक्षण हो सकते है। इस समय पैर, पीठ और अँगुलियों में सूजन या दर्द हो सकता है। स्तनों में भारीपन, दर्द या गांठें महसूस हो सकती है। सिरदर्द, माइग्रेन, कम या ज्यादा भूख, मुँहासे, त्वचा पर दाग धब्बे, आदि हो सकते है। इस तरह के लक्षण पीरियड शुरू हो जाने के बाद अपने आप ठीक हो जाते है। इसलिए उन दिनों में अपने आपको सहारा डैम और मजबूत बनें।

पीरियड्स आने की उम्र 
आमतौर पर लड़कियों में पीरियड्स 11 से 14 साल की उम्र में शुरू हो जाती है। लेकिन अगर थोड़ा देर या जल्दी आजाए तो चिंता न करें। पीरियड्सशुरू होने का मतलब होता है की लड़की माँ बन सकती है। शुरुआत में पीरियड्सऔर ओव्यूलेशन
के समय में अंतर हो सकता है। यानि हो सकता है की पीरियड्सशुरू नहीं हो लेकिन ओव्यूलेशन शुरू हो चुका हो। ऐसे में गर्भ धारण हो सकता है। और इसका उल्टा भी संभव है। यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि पीरियड्स शुरू नहीं होने पर भी प्रेगनेंट होना संभव है इसलिए सावधानी बरतें।

पहले ही किशोरियों को समझाएं 
लड़कियों में शारीरिक परिवर्तन दिखने पर या लगभग 10 -11 साल की उम्र में मासिक धर्म के बारे में जानकारी देकर इसे कैसे मैनेज करना है समझा देना चाहिए। जिससे वे शरीर में होने वाली इस सामान्य प्रक्रिया के लिए मानसिक रूप से भी तैयार हो जाएँ। साथ ही आप लोगों को भी यह समझने की जरूरत है कि पीरियड्स मवं में अपवित्रता जैसा कुछ नहीं है। ये एक सामान्य शारीरिक क्रिया है जो एक जिम्मेदारी का अहसास कराती है। इसकी वजह से लड़कियों पर आने जाने या खेलने कूदने पर पाबन्दी नहीं लगानी चाहिए। पर ध्यान रहे बच्चियों को गर्भ धारण करने की सम्भावना के बारे में जरूर समझाना चाहिए जिससे वे सतर्क रहें। 

पीरियड्स आने पर 
सभी महिलाएं पीरियड्स की डेट जरूर याद रखें जिससे आप पहले ही तैयार रहें। 
इस दौरान खुदको किसी चीज़ से न रोकें नहीं। सामान्य जीवन शैली ही जिएं। बस अगर मौका मिले तो थोड़ा आराम करें।
 

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Best Way to Handle Oily Skin in Summers!

MD - Skin,VD & Lepxsy, MBBS
Dermatologist, Rewari
Best Way to Handle Oily Skin in Summers!

Oily skin is a condition that can be characterized by shine on the skin and a large number of pores. The oil in question is a result of overactive sebaceous glands that produce excessive sebum. This can result in acne and blackheads. Summer is a time of the year where skin problems due to oily skin are worsened by factors such as sweat and dust. So proper skin care is necessary in order to negate the effects of oily skin.

There are multiple ways to handle this condition in summers:

1. Using cleansers - Proper cleaning of skin is a very important step in lessening the effects of oily skin. Harsh cleansers have an opposing effect as they facilitate secretion of oil, so a mild cleanser is usually the best option. Some cleansers may contain ingredients that irritate the skin, so care is advised in selecting a proper one.

2. Hydration and food - Keeping the body well hydrated in summers combined with a diet free of greasy, oily food and less fats can help in reducing the effects of oily skin.

3. Using masks to clear the face - Masks such as clay masks, yogurt, and baking soda can help in cleansing the skin by clearing the oil. It should be noted that these treatments should not be overdone as they can cause the skin to dry up too much and over secrete oil.

4. Skin moisturizers - People often have this notion that oily skin does not require moisturizer application. Selecting a moisturizer that is fit for oily skin and using it will help moisturize the skin and keep it healthy.

5. Sunscreen - Sunscreen is a necessity during summers, and the sunscreen you choose should be specifically for oily skin in order for it to work effectively. Application of sunscreen can help prevent the UV rays of the sun from penetrating the skin and cause complications.

6. Dermatological treatment - In case of severe oiliness, treatments such as chemical peels and creams laced with tretinoin can help. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Dermatologist.

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12 Symptoms Of Ectopic Pregnancy

MBBS, MD - Obstetrtics & Gynaecology
Gynaecologist, Gurgaon
12 Symptoms Of Ectopic Pregnancy

What is ectopic pregnancy??

Ectopic pregnancy is also known as tubal pregnancy, is a complication wherein, the fertilised eggs attach themselves outside the uterus. In most cases, it causes severe internal bleeding and serious infections. It is a very serious condition that warrants prompt medical attention as soon as it is diagnosed. Mostly, in this type of pregnancy, the fertilised egg attaches itself to the fallopian tube inside the body; the reason why it is known as tubal pregnancy. In rare cases, the egg might attach itself to the cervix, ovary or parts of the abdomen.  

Symptoms of ectopic pregnancy include:

  1. Appendicitis
  2. Salpingitis (inflammation and infection of one’s fallopian tubes)
  3. Rupture of the corpus luteum cyst (a kind of ovarian cyst)
  4. Miscarriage
  5. Urinary tract infection
  6. Severe abdominal pain
  7. Excessive vaginal bleeding
  8. Pelvic pain
  9. Nausea and vomiting
  10. Peritonitis (inflammation of the membrane that lines the abdomen cavity)
  11. Rupture in the fallopian tubes which can lead to fainting and excessive pain
  12. Pain on one side of the body

Treatment for ectopic pregnancy
This complication in pregnancy can be diagnosed by an ultrasound as the doctor sees the growth on the fallopian tube. A pregnancy test or a pelvic exam also helps in detecting ectopic pregnancy. If not treated on time, ectopic pregnancy can prove to be fatal.
 
Listed below are a few treatment options for ectopic pregnancy:

  1. A particular medication known as methotrexate is used to end an ectopic pregnancy.
  2. In some cases, one might need surgery to get rid of the pregnancy. In certain complicated cases, it might be necessary to remove the tube with the foetus. This kind of surgery which removes the foetus and the tube is calling salpingectomy. The surgeon usually makes a small incision near the navel and removes the tube using a laparoscope.
  3. Having an abortion due to this complication can be heartbreaking and emotionally distressing for the mother as it is just like an abortion where the entire tissue is removed from your fallopian tube. To get over the trauma of losing a baby, you could join pregnancy loss groups or avail help from a therapist. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Gynaecologist.
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Care And Precaution During Monsoon!

BHMS
Homeopath, Sindhudurg
Care And Precaution During Monsoon!

In monsoon all gets affected with the health conditions like allergies, cough, cold etc. Even when you are having your diet, it will be really important to be cautious about meal and choose the adequate type of meal that won’t make you sick.

  • Avoid taking food from outside vendors as that might be infected by flies and bacteria
  • Always try to take filtered water and warm drinks.
  • Use a powerful insect repellent to hold mosquitoes away and prevent getting bitten. 
  • Where likely, try to avoid walking through rainy water. It can lead to numerous fungal diseases of the feet and heels.
  • Keep the items like umbrella, rain coat etc when you are going out.
  • Take moderately hot food and drinks in this monsoon.
  • Keep away the children to play in the rain and rainy water.
  • Avoid colds and coughs by keeping your body moderately hot and dry.
  • Don’t go in air conditioned rooms with wet hair and damp apparels.
  • If you suffer from asthma or diabetes, avoid residing any place with wet walls. It encourages the development of fungus and can be especially hurtful.
  • Drink many of heating herbal teas, particularly those with antibacterial properties.
     

Which Face Wash Should I Use?

MD - Dermatology
Dermatologist, Mumbai
Which Face Wash Should I Use?

This is a common question asked by people suffering from pimples.

  • For someone who is prone to pimples or who has just finished treatment it is important to use specific face washes as a preventive factor. A number of articles are written on the subject and several face washes and anti-acne bars are promoted by the media as well as the medical profession for treating acne/pimples.
  • For a person who is under medication for pimples would use tablets, creams and gels to keep the skin dry and prevent pimples. So face washes containing drying agents like Salicylic acid or glycolic acid will be beneficial as it would support the treatment. Do not use face washes or soaps containing moisturising substances and glycerine as they would add more oil to the skin.
  • After treatment of pimples is over from the doctor, it is better to continue using the drying face washes so that pimple causing bacteria do not accumulate on the skin.
  • For people who would not want to spend much on costly facewashes for a long period, using any non-moisturising soap will also do. This is because the substances contained in soaps/bars/gels/face washes etc. remain in contact for not more than 15-20 seconds on the skin.

Tingling And Numbness In Hands And Feet!

MD - General Medicine
General Physician, Hyderabad
Tingling And Numbness In Hands And Feet!
  • Do not ignore symptoms like easy fatiguability/ tiredness, dizziness, burning sensation of the feet.
  • Get your blood sugar levels done if this is the case. 
  • Diabetes prevalence is increasing rapidly. Early diagnosis can help prevent complications.

Myths And Misconceptions About Fitness!

MBBS
General Physician,
Myths And Misconceptions About Fitness!

Everyone wants a slim suave figure and heads to a gym to work out and get trim. Fitness has its own share of myths and misconceptions

Almost everyone heads to a gym these days. If the guys want six pack abs the girls want well toned hips and thighs. Working out is good but there are several myths and misconceptions which shroud fitness. Dr. Earnest vijay, fitness director, o2 health studio dispels some of these myths.

Myth 1
Doing crunches helps to get six pack abs

This is not true. Men do crunches for abs and women do for well toned hips and thighs. The truth is that crunches only work on the muscles and not on the fat. If you see a surya or a hrithik roshan with six pack abs remember they haven’t had a sip of water for over 24 hours to get that look! so crunches alone don’t help to get six packs.

Myth 2
Spot reduction- does it work?

 People come to the gym saying they want spot reduction. They want to lose weight only on the arms not on the face, only on the face not on the cheeks etc. The truth is that you cannot choose and loose in exercise. Fat loss is an overall phenomenon is exercise and also based on genetics. We say what is the first to come is the last to go! so spot reduction doesn’t work for sure!

Myth 3
Crash dieting- how effective?

People follow crash diets and they do loose weight but it piles back in no time. These crash diets have no proper balance of proteins, fats and carbohydrates. Most of them are high in protein and are un healthy because they don’t give the body the required minerals. It is important to consult a dietician and take the recommended dietaty allowances according to the body weight and it should be a plan that can be followed for a life time.

Myth 4
Yo yo effect

 There is a huge misconception that you lose weight when you are exercising in the gym and when you stop gymming you gain back double the weight. This is not true. You won’t gain more if you maintain a certain level of physical activity even outside the gym and also continue to follow the diet. It is only when you don’t burn the calories you consume it gets stored as fat and tend to put on weight.

Myth 5
Weight training builds muscles

Many women don’t do weight training because they think they will build up muscles. The truth is that women have no hormones which can cause muscles to build up. Weight training actually helps to strengthen bones and prevent osteoporosis in women.

Myth 6
Do you need supplements?

Proteins and fat burners are not required if you are eating healthy and working out well. The recommended protein requirement is 1 gram of protein per kg body weight per day and this we get from our diet itself. Fat burners cause adverse effects to the cardiovascular and nervous systems.

Myth 7
Don’t take water while working out?

Water is needed before, during and after exercise. The best is to weight yourself before the work out and after the work out and consume as much water as the weight you have lost during the work out. It is important to remain well hydrated to prevent cramps, heat strokes and it helps you perform better in the gym.

Myth 8
Yoga helps for weight loss

Fitness involves a cardio vascular fitness, muscle strengthening, flexibility and body composition and there is a specific exercise for all. Yoga helps only the flexibility, stress and improves the breathing capacity. One needs to do specific exercises for specific goals and yoga alone may not help for weight loss.

Myth 9
Exercise causes over eating

Moderately intense exercise does not cause over eating. This means you don’t go out of breath while exercise. Only people who over do it, get completely breathless end up over eating after exerciseing.

Myth 10
Skipping meals- does it help?

It is said that those who skip breakfast to lose weight usually end up eating 100 calories more than required for lunch. It is important to break meals into 5 portions and have balanced quantities of carbohydrates, proteins and fats in them. A well balanced meal is important to keep the body healthy.

So all you fitness freaks out there…. Make sure you eat healthy, exercise well, don’t believe in myths that misguide you! a simple work out, a healthy diet and a positive frame of mind can all get you to the figure you always dreamt of! 

Foods For Hair Fall And General Well Being!

MBBS
General Physician,
Foods For Hair Fall And General Well Being!

Receding hairlines is a typical worry for both men and women. Since it influences appearance, it is a sensitive theme for most individuals. There is a whole host of hair care products available in the market right from shampoos, oils to creams which to some extent may have a positive effect on your hairline. Apart from this it is important to have the right type of foods that gives the much needed care and support to the hair. Some of these nourishments won't just avoid hair fall in addition they enhance the nature of your hair and general wellbeing.

1. Amla
With every one of the brands offering amla hair care products, the significance of vitamin c for hair is self-evident. Vitamin c is in charge of delivering collagen that keeps the hair tissues together. Inadequacy of vitamin c can bring about split ends of broken hair strands, fragile hair that breaks quite easily. Next time you shop organic products, recollect to pick citrus natural products like orange, amla, strawberries, kiwi and grapefruit.

2. Oats
Oats contain a large number of essential vitamins and minerals that are required by the body and specifically for hair. Having oats for breakfast is the ideal approach to guarantee a solid breakfast and provides a lot of nourishment for your hair. Oats alongside honey can likewise be utilized as a conditioner for hair.

3. Egg
Another nourishing factor for hair is eggs, they contain key nutrients like vitamin b complex, omega 3 unsaturated fats, zinc and iron. They provide the strengthening factor to the hair and breakage of hair is minimized. Eggs likewise contain biotin which is another essential supplement required for hair development. Applying egg alongside curd on the hair acts as an amazing protein pack for the hair.

4. Carrots
Notwithstanding being useful for your eyes, carrot is extremely valuable for the scalp as well. Carrots enhances blood flow to the head consequently prevents hair fall and damage, improves the growth rate of the hair. They can be included in your meal as salads or for that matter drink a glass of carrot juice or just have a raw one as you please.

5. Seeds
Seeds like sesame, pumpkin, chia, flax, and sunflower contain l-lysine which is an amino acid promoter general well beingof hair. Since these seeds contain high measure of calories, ensure you eat in measured quantities. 

6. Lean protein
The body replaces normal hair loss with growth of new hair. Protein is the building block for growth and chicken is a rich source of protein. Eating 100 grams of chicken a day is recommended. Vegetarians can substitute chicken with chickpea, quinoa or lentils.
The human body has the capacity to replace normal hair loss with growth of new hair strands. Protein is the base for hair growth and chicken is a rich soruce of protein. Eating 100 grams of chicken a day is prescribed. Vegans can substitute chicken with lentils, chickpea, and quinoa.

7. Nuts
Walnuts are incredible for the hair containing vitamin b, iron, protein, zinc and loads of omega 3 unsaturated fat. Aside from walnuts, almonds and cashews additionally avert hair-fall and advance hair generation. Eating a modest quantity of nuts every day ought to be sufficient for normal hair growth.

Eating these nourishments is the ideal approach for your hair as well as they help general wellbeing of your body. Incorporate these simple changes to your eating regimen and get that lustrous hair that you have been yearning for. As you invest in a host of insurance products so is the case for investing in general well being of your health in order lead a happy life. Stay healthy, stay happy, stay hydrated!

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5 Tips To Prevent Periodontal Diseases!

MDS Prosthodontics, BDS
Dentist, Dehradun
5 Tips To Prevent Periodontal Diseases!
  1. A good oral hygiene routine practiced for a few minutes twice a day can help reduce your risk of developing periodontal diseases and tooth decay. When choosing dental care products, look for those that display the American Dental Association's seal of Acceptance. The seal of Acceptance is your assurance the product meets the ADA's criteria for safety and effectiveness for its intended use.
  2. Brush your teeth twice a day with a fluoride toothpaste with thorough brushing, you can remove plaque from the inner, outer and chewing surfaces of each tooth. Your dentist or dental hygienist can show you a proper brushing technique.
  3. Clean between teeth once a day with dental floss or another interdental cleaner to remove plaque and debris from areas your toothbrush can't reach.
  4. If you need extra help controlling gingivitis and plaque that forms above the gum line, your dentist may recommend using an ADA-acceptance antimicrobial mouthrinse or other oral hygiene aids as an effective addition to your daily oral hygiene routine.
  5. Eat a balanced diet for good general health and limit snacks.

Visit your dentist regularly. Professional cleanings are the only way to remove tartar, which traps bacteria along the gum line.

Mangoes For Blood Pressure!

BHMS
Homeopath, Chennai
Mangoes For Blood Pressure!

Mangoes contain good quantities of fiber, vitamin k, phosphorus, magnesium and iron. Research has shown that mangoes' high magnesium and potassium content to lower blood pressure significantly. A natural way to lower high blood pressure is to follow a healthy diet and to exercise.

Raised blood pressure is not a disease in itself. It is just a sign of some underlying disorder. Homeopathy offers good prognosis for cases of essential hypertension. The treatment is based upon the cause and the totality of the case.
A constitutional homoeopathic treatment will cure you permanently.

What You Need To Know About Diabetes?

MD-Pharmacology, MBBS
Sexologist, Delhi
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Causes, Symptoms and Treatment for Diabetes

I am a patient of migraine and I want to be free of this disease what should I do.

CCH, CGO, BUMS
Unani Specialist, Siddharth Nagar
Go for eye examination live stress free do yoga and meditation eat healthy and if there is sinus cold eye wkness cervical pain or any problem related with headache so it must be treated.
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My wife is 2 months pregnant. Her height is 5 ft 3 inch and she weights 61 kg. Can she take green tea to reduce some weight or her weight is ok?

BHMS, MD
Homeopath, Delhi
My wife is 2 months pregnant. Her height is 5 ft 3 inch and she weights 61 kg. Can she take green tea to reduce some ...
NO! We don't advice green tea during pregnancy. Specially first trimester as it may trigger contractions and risk baby development. For weight loss please take high fiber diet and walk regularly.
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Dear Sir, Does the Jaggery good for Type 2 Diabetic Patients for use in tea/coffee, Request for an advice. Thanks.

MBBS, CCEBDM, Diploma in Diabetology
Endocrinologist, Hubli-Dharwad
Dear Sir, Does the Jaggery good for Type 2 Diabetic Patients for use in tea/coffee, Request for an advice. Thanks.
Mr. lybrate-user, Thanks for the query. Sugar and jaggery are the products made from sugar cane juice, hence both are containing sucrose. So there is no difference in their glucose content. Both are bad for a person with diabetes. Both will increase blood glucose rapidly. Thanks.
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I am 47 years (Ravi Shankar) old male. My blood my blood sugars are <120 fasting and <172 mg/dl post meals, HBA1C is 7, Estimated average glucose 154 mg/dl. Presently I am not using any tablets or medicine. My mother and father is diabetic patients. Please suggest me medicine or treatment.

MBBS, CCEBDM, Diploma in Diabetology
Endocrinologist, Hubli-Dharwad
I am 47 years (Ravi Shankar) old male. My blood my blood sugars are <120 fasting and <172 mg/dl post meals, HBA1C is ...
Lybrate-user, Thanks for the query. HbA1c% 7, means diabetes is confirmed. 6.5% is the value at which diabetes is diagnosed. So if you are not yet taking treatment, it is necessary for you to initiate the same. Plus you will have to take a restricted diet and exercise daily for over 1 hour. Thanks.
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I am a diabetic. Can I consume jaggery without the fear of an increase in my blood sugar levels? SKTripathy.

MBBS, CCEBDM, Diploma in Diabetology
Endocrinologist, Hubli-Dharwad
I am a diabetic. Can I consume jaggery without the fear of an increase in my blood sugar levels?
SKTripathy.
lybrate-user, Thanks for the query. Jaggery is made from sugar cane juice like sugar is made. So there is no difference in sugar and jaggery. Both are containing sucrose, hence eating either of these substances is bound to increase blood glucose level. Thanks.
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