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Netaji Subhash Palace, Near N Tower, Wazirpur District Centre Lala Jagat Narain MargLandmark : Near Netaji Subhash Place Metro Station. Delhi
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Our mission is to blend state-of-the-art medical technology & research with a dedication to patient welfare & healing to provide you with the best possible health care....more
Our mission is to blend state-of-the-art medical technology & research with a dedication to patient welfare & healing to provide you with the best possible health care.
More about Max Hospital
Max Hospital is known for housing experienced ENT Specialists. Dr. Deepti Sinha, a well-reputed ENT Specialist, practices in Delhi. Visit this medical health centre for ENT Specialists recommended by 83 patients.

Timings

MON, WED, FRI
08:00 AM - 10:30 PM
TUE, THU, SAT-SUN
08:00 AM - 09:00 PM

Location

Netaji Subhash Palace, Near N Tower, Wazirpur District Centre Lala Jagat Narain MargLandmark : Near Netaji Subhash Place Metro Station.
Pitampura Delhi, Delhi - 110034
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Doctors in Max Hospital

Dr. Deepti Sinha

DNB (ENT), MBBS
ENT Specialist
21 Years experience
600 at clinic
Unavailable today

Dr. Sanjeev Taneja

MBBS, MS - Ophthalmology
Ophthalmologist
29 Years experience
Unavailable today

Dr. M.K Sanghi

Ophthalmologist
Unavailable today

Dr. Vyom Aggarwal

MBBS, MD - Paediatrics, DNB - Pediatrics
Pediatrician
29 Years experience
800 at clinic
Unavailable today
Available today
05:00 PM - 07:00 PM

Dr. Sonal Gupta

MBBS
Neurosurgeon
Unavailable today

Dr. Vinita Jain

MBBS
Pediatrician
Unavailable today

Dr. Shipra Gupta

MBBS
Gynaecologist
600 at clinic
Unavailable today

Dr. Satyanarain

MBBS, Diploma in Orthopaedics
Orthopedist
19 Years experience
Unavailable today

Dr. Nityanand Tripathi

MBBS, MD - Internal Medicine, DM - Cardiology
Cardiologist
28 Years experience
800 at clinic
Unavailable today

Dr. Annu Jain

MBBS, MD - Dermatology
Dermatologist
26 Years experience
600 at clinic
Unavailable today

Dr. Ashok Vaid

MBBS, MS - ENT
ENT Specialist
48 Years experience
800 at clinic
Unavailable today

Dr. Gyan Goyal

MBBS, MS - Ophthalmology
Ophthalmologist
39 Years experience
Unavailable today

Dr. Anshuman Sharma

MBBS, MS - Pediatric
Pediatrician
17 Years experience
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Anil Kansal

MBBS, MS - General Surgery, MCh - Neuro Surgery
Neurosurgeon
26 Years experience
800 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Asha Rawal

Gynaecologist
Unavailable today
500 at clinic
Unavailable today

Dr. Sudhir Kumar Garg

MBBS, MS - Ophthalmology
Ophthalmologist
33 Years experience
600 at clinic
Unavailable today
Unavailable today

Dr. V.K. Gupta

Gastroenterologist
700 at clinic
Unavailable today
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यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट इन हिंदी - Urine Infection Ayurvedic Treatment In Hindi!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट इन हिंदी - Urine Infection Ayurvedic Treatment In Hindi!

मूत्र संक्रमण महिलाओं और पुरुष दोनों में सामान्य रूप से होने वाली बीमारी है. हालांकि फिर भी महिलाओं में इसके होने की संभावना ज्यादा ही होती है. गुर्दा हमारे शरीर में सिर्फ मूत्र बनाने का ही काम नहीं करता वरन इसके अन्य कार्य भी हैं. जैसे- खून का शुद्धिकरण, शरीर में पानी का संतुलन, अम्ल और क्षार का संतुलन, खून के दबाव पर नियंत्रण, रक्त कणों के उत्पादन में सहयोग और हड्डियों को मजबूत करना इत्यादि. लेकिन हमारे यहाँ लोगों में इसके प्रति जागरूकता न होने के कारण लोगों में इस तरह की समस्याएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती हैं. आइए मूत्र संक्रमण के आयुर्वेदिक उपचारों पर एक नजर डालें ताकि इसे लेकर लोग कुछ जागरूक हो सकें.

क्या है मूत्र संक्रमण का कारण?

जैसा कि हर रोग के कुछ उचित कारण होते हैं. ठीक उसी प्रकार मूत्र विकारों के भी कई कारण हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जीवाणु और कवक है. इनके कारण मूत्र पथ के अन्य अंगों जैसे किडनी, यूरेटर और प्रोस्टेट ग्रंथि और योनि में भी इस संक्रमण का असर देखने को मिलता है.

मूत्र विकार के लक्षण-
मूत्र संक्रमण के मुख्य लक्षणों में तीव्र गंध वाला पेशाब होना, पेशाब का रंग बदल जाना, मूत्र त्यागने में जलन और दर्द का अनुभव होना, कमज़ोरी महसूस होना, पेट में पीड़ा और शरीर में बुखार की हरारत आदि है. इसके अलावा हर समय मूत्र त्यागने की इच्छा बनी रहती है. मूत्र पथ में जलन बनी रहती है. मूत्राषय में सूजन आ जाती है. यह रोग पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में ज़्यादा पाया जाता है. गर्भवती महिलाएं और शादी-शुदा औरतों में मूत्राषय प्रदाह रोग आमतौर पर अधिक पाया जाता है.

यूरिन इन्फेक्शन के आयुर्वेदिक उपचार-
पहला प्रयोग-

मूत्र संक्रमण को दूर करने के लिए आपको पहले प्रयोग के अंतर्गत केले की जड़ के 20 से 50 मि.ली. रस को 30 से 50 मि.ली. गौझरण नामक औषधि के साथ 100 मि.ली. पानी की मात्रा में मिलाकर सेवन करने से तथा जड़ को अच्छे से पीसकर उसका पेडू पर लेप लगाने से पेशाब खुलकर आता है.

दूसरा प्रयोग-
आधा से 2 ग्राम शुद्ध को शिलाजीत, कपूर और 1 से 5 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर लेने से या पाव तोला (3 ग्राम) कलमी शोरा उतनी ही मिश्री के साथ लेने से भी लाभ होता है.

तीसरा प्रयोग-
मूत्र संक्रमण को दूर करने के लिए एक भाग चावल को चौदह भाग पानी में पकाकर उन चावलों के मांड का सेवन करें क्योंकि इससे मूत्ररोग में लाभ होता है. इसके अलावा कमर तक गर्म पानी में बैठने से भी मूत्र की रूकावट दूर होती है.

चौथा प्रयोग-
आप चाहें तो उबाले हुए दूध में मिश्री तथा थोड़ा घी डालकर पीने से जलन के साथ आती पेशाब की रूकावट दूर होती है. इसमें ध्यान रखने वाली बात ये है कि इसे बुखार में इस्तेमाल न करें.

पाँचवाँ प्रयोग-
इस प्रयोग के लिए आपको सबसे पहले तो 50-60 ग्राम करेले के पत्तों का रस लेना होगा उसके बाद उसमें चुटकी भर हींग मिलायेँ. इस मिश्रण को पीड़ित को देने से पेशाब आसानी से होता है और पेशाब की रूकावट की तकलीफ दूर होती है इसके अलावा आप चाहें तो उपलब्ध हने पर 100 ग्राम बकरी के कच्चे दूध में 1 लीटर पानी और शक्कर का मिश्रण बनाकर इसे पियें.

अन्य उपचार-

1. नींबू-

नींबू स्वाद में थोड़ा खट्टा तथा थोड़ा क्षारीय होता है. नींबू का रस मूत्राषय में उपस्थित जीवाणुओं को नष्ट कर देता है तथा मूत्र में रक्त आने की स्थिति में भी लाभ पहुँचाता है.

2. पालक-
पालक का रस 125 मिली, इसमें नारियल का पानी मिलाकर रोगी को पिलाने से पेशाब की जलन में तुरंत फ़ायदा प्राप्त होगा.

3. गाजर-
मूत्र की जलन में राहत प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार आधा गिलास गाजर के रस में आधा गिलास पानी मिलाकर पीने से फ़ायदा प्राप्त होता है.

4. खीरा ककड़ी-
मूत्र संक्रमण को दूर करने के लिए पीड़ित व्यक्ति को 200 मिली ककड़ी के रस में एक बडा चम्मच नींबू का रस के साथ एक चम्मच शहद मिलाकर तीन घंटे के अंतराल पर दिया जाए तो रोगी को बहुत आराम मिलता है.

5. मूली के पत्तों का रस-
मूत्र संक्रमण जैसे विकारों में मरीज को मूली के पत्तों का 100 मिली रस आपको नियमित रूप से दिन में 3 बार सेवन कराना होगा. आपको बता दें कि ये एक बेहद प्रभावी और अचूक औषधि की तरह काम करता है. इसके अलावा आप तरल पदार्थों का सेवन भी कर सकते हैं.

6. मट्ठा-
आधा गिलास मट्ठा में आधा गिलास जौ का मांड मिलाकर इसमें नींबू का रस 5 मिलि मिलाकर पी जाएं. इससे मूत्र-पथ के रोग नष्ट हो जाते है.

7. भिंडी-
ताज़ी भिंडी को बारीक़ काटकर दो गुने जल में उबाल लें फिर इसे छानकर यह काढ़ा दिन में दो बार पीने से मूत्राषय प्रदाह की वजह से होने वाले पेट दर्द में राहत मिलती है.

8. सौंफ-
सौंफ के पानी को उबाल कर ठंडा होने के बाद दिन में 3 बार इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से मूत्र संक्रमण में राहत मिलती है.

मूंगफली खाने के फायदे - Mungfali Khane Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
मूंगफली खाने के फायदे - Mungfali Khane Ke Fayde!

मूंगफली भारत में काफी चाव से कच्चा या भूनकर दोनों रूपों में खाई जाती है. इसके कई नाम हैं - हिंदी में 'मुंगफली', तेलुगू में 'पलेलेलू', तमिल में 'कडालाई', मलयालम में 'निलाक्कडाला', कन्नड़ में 'कदले कायी', गुजराती में सिंगानाना और मराठी में 'शेंगाडेन' इत्यादि. इसको मूल रूप से दक्षिण अमेरिका में उगाते हैं. इसका सेवन हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है. मूंगफली डायबिटीज, गैल्स्टोन का विकास, याददाश्त बढ़ाना, डिप्रेशन, वजन कम करना, त्वचा को स्वस्थ बनाना, पेट के कैंसर आदि समस्याओं को रोकने में मदद करती है. यानि कुल मिलाकर आप कह सकते हैं की मूंगफली सेहत का खजाना है. मूंगफली में प्रोटीन की मात्रा 25% से ज्यादा होती है. 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन पाया जाता है. साथ ही यह पाचन शक्ति बढ़ाने में भी उपयोगी है. 250 ग्राम भूनी मूंगफली की जितनी मात्रा में मिनरल और विटामिन पाए जाते हैं, वो 250 ग्राम मीट से भी नहीं मिलते हैं. इसके अलावा, मूंगफली का तेल खाने में उपयोग करने से आपके शरीर के कीटाणु कम होते हैं और आपके शरीर को अच्छा पोषण मिलता है. मूँगफली में पोषक तत्व, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन जैसे पदार्थ पाए जाते हैं जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम मूँगफली खाने के फ़ायदों को जानें ताकि इस विषय में लोगों की जानकारी बढ़ सके.

त्वचा के लिए बेहतर-

मूंगफली में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सोरायसिस और एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों का निदान करते हैं. मूंगफली में मौजूद फैटी एसिड भी सूजन और स्किन की रेडनेस को कम करता है. मूंगफली में मौजूद फाइबर टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए जरुरी है. शरीर के अंदर टॉक्सिक पदार्थ त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल का कारण होते हैं. मूंगफली का नित्य रूप से भोजन के रूप में सेवन एक स्वस्थ त्वचा देने में मदद करता है. मैग्नीशियम से भरपूर मूंगफली हमारे तंत्रिका तंत्र, मसल्स और ब्लड वेसल्स को शिथिल करके त्वचा के लिए बेहतर ब्लड फ्लो प्रदान करती है. जिससे आपको एक युवा और स्वस्थ त्वचा मिलती है. मूंगफली में पाए जाने वाला बीटा कैरोटीन एक एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

बढ़ाए प्रजनन शक्ति-
मूंगफली महिलाओं में प्रजनन शक्ति को बेहतर बनाती है. मूंगफली में फोलिक एसिड होता है. फोलिक एसिड, गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण में 70% तक गंभीर न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के जोखिम को कम कर देती है.

बालों को स्वस्थ रखने में-
मूँगफली में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए फायदेमंद हैं. इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड का अधिक लेवल शामिल है जो सिर की त्वचा को मजबूत और बालों के विकास को वृद्धि करने के लिए मदद करता है. मूंगफली एल आर्जिनाइन का बहुत अच्छा स्रोत है, यह एक अमीनो एसिड है जो पुरुषों में गंजेपन के इलाज के लिए बहुत उपयोगी है और स्वस्थ बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है.

अल्जाइमर रोग के लिए-
किसी भी प्रकार से मूंगफली का सेवन करना अल्जाइमर जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है. इनमें रेसवेरट्रोल नामक एक यौगिक होता है जो मृत्यु कोशिकाओं को कम करने, डीएनए की रक्षा करने और अल्जाइमर रोगियों में तंत्रिका संबंधी क्षति को रोकने के लिए फायदेमंद है. उबाली हुई या भुनी हुई मूंगफली ज्यादा लाभदायक होती है क्यूंकि ये रेसवेरट्रोल के स्तर को बढ़ा देती हैं. अध्ययनों से पता चला है कि नियासिन में समृद्ध खाद्य पदार्थ जैसे की मूंगफली, अल्जाइमर रोग के खतरे को 70% तक कम कर सकते हैं.

ब्लड शुगर को संतुलित करने में-
मूंगफली में मौजूद मैंगनीज ब्लड में कैल्शियम के अवशोषण, फैट और कार्बोहाइड्रेट चयापचय और शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है. रोज खाना खाने के बाद 50 ग्राम मूंगफली खाने से आपकी बॉडी का ब्लड रेशो इनक्रीज हो सकता है. मैंगनीज, फैट और कार्बोहाइड्रेट के चयापचय को बढ़ाता है, जिसकी मदद से यह मांसपेशियों और लिवर की कोशिकाओं में ग्लूकोज प्रवेश करता है, और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. एक अध्ययन के अनुसार, मूंगफली का सेवन मधुमेह के जोखिम को 21% तक कम कर सकता है.

कैंसर के जोखिम को करे कम-
मूंगफली में पॉलिफीनॉलिक नामक एंटीऑक्सीडेंट की अधिक मात्रा मौजूद होती है. पी-कौमरिक एसिड में पेट के कैंसर के जोखिम को कम करने की क्षमता होती है. मूँगफली विशेष रूप से महिलाओं में पेट के कैंसर को कम कर सकती है. 2 चम्मच मूंगफली के मक्खन का कम से कम सप्ताह में दो बार सेवन करने से महिलाओं और पुरुषों में पेट के कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं. यह महिलाओं के लिए मूंगफली के सबसे अच्छे लाभों में से एक है.

सर्दी जुकाम में उपयोगी-
मूंगफली, आमतौर पर सबको होने वाली सर्दी जुकाम के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है. इसलिए यदि आप सर्दियों के मौसम में मूंगफली का सेवन करेंगे तो आपके शरीर में गर्मी रहेगी. यह खाँसी में उपयोगी होने के साथ ही आपके फेफड़े को भी मजबूत करने का काम करती है.

खराब कोलेस्ट्रॉल के लिए-
मूंगफली में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करते हैं. इसलिए खराब कोलेस्ट्राल को खत्म करने के लिहाज से भी मूँगफली का सेवन किया जा सकता है.

वजन कम करने के लिए-
मूँगफली वजन कम करने के लिए भी बहुत उपयोगी है. मूंगफली में प्रोटीन और फाइबर होते हैं. ये दोनों पोषक तत्व भूख को कम करने में प्रभावित हैं. इसलिए भोजन के बीच में कुछ मूंगफली खाने से आपकी भूक कम हो सकती है जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है.

डिप्रेशन को करे दूर-
शरीर में सेरोटोनिन का कम स्तर डिप्रेशन जैसी समस्या उत्पन्न कर सकता है. मूंगफली में मौजूद ट्रिप्टोफेन केमिकल को निकालने में मदद करता है. इस प्रकार यह आपको डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है. मूंगफली के स्वास्थ्य लाभ आप कई प्रकार से उठा सकते हैं. खतरनाक बीमारियों को दूर रखने और स्वस्थ रहने के लिए प्रत्येक सप्ताह दो बड़े चम्मच मूंगफली के मक्खन का सेवन करें.

Dark Circles - Can Prp Help?

MBBS, MD - Dermatology
Dermatologist, Delhi
Dark Circles - Can Prp Help?

 

Dark circles are a pesky reality for a large section of the population today. The main culprits are sleep deprivation, which stems from stress- a menace that we all have to live with. But you can easily eliminate this problem with Platelet Rich Plasma treatment.

What causes dark circles?

When you don’t get enough sleep, your blood flow is interrupted. It makes the skin underneath your eyes pallid and the blood vessels and the darker tissues under the skin become visible through the translucent skin. Fluids build up and make the darkness underneath more prominent.

What is PRP and how does it help?

Platelet Rich Plasma (PRP) treatment is an alternative to other more harmful procedures like dermal fillers, laser resurfacing or topical creams for tightening and removing the pigmentation under the eye. PRP is a regenerative procedure. The procedure is fast and simple. The doctor draws a sample of the patient's blood. The blood is then processed. The plasma, rich in platelets, is isolated and then re-injected into the orbital region of the eye. Dark circles can be the result of unhealthy skin. PRP promotes the growth and development of collagen, new cells and elastin. This leads to the formation of new and healthy skin and tissues. The whole procedure takes around two hours. And you do not need to be hospitalized for it. You can go back home as soon as the procedure is completed.

You will not see the effect of the PRP treatment as quickly as other procedures like dermal fillers as the body takes a few days to absorb the new material. You can see results only after at least three sessions spaced out by two to three months.

In most people, this procedure is an absolute success because it completely eliminates dark circles. But the extent of the success depends on how well your body reacts to the therapy. It's not just dark circles that PRP cures, it also takes care of other signs of ageing like fine lines or wrinkles. So, with one procedure provides treatment for multiple problems.

Dark circles need not be a constant source of annoyance to you if you opt for PRP therapy. It is a non-invasive procedure that has no side effects and if you are patient, you will emerge from this treatment with pristine new skin and tissues that banish dark circles forever.

Skin Problem - Know Homeopathic Way Of Tackling It!

B.H.M.S., B.Sc.
Homeopath, Lucknow
Skin Problem - Know Homeopathic Way Of Tackling It!

Blessed are the people who enjoy a healthy, flawless and glowing skin with minimum effort, throughout their life. Of late, dermatological problems like acne, pruritus, psoriasis, dermatitis, eczema, have been affecting all and sundry. People, irrespective of their age, sex and occupation suffer from skin diseases. While some of the ailments are minor problems, others might be grave enough for one to seek an expert opinion. A number of factors, both internal as well as external, contribute to the skin ailments. 
     The dermatological problems, if not treated timely, can leave a person physically, mentally and emotionally drained out. In such cases, a person's self-confidence is the worst affected. A lot of conventional and Allopathic options are available to treat skin disease. Ointments, antihistamine tablets and antibacterial medications, though effective, often provide temporary relief. In many cases, it has been observed that in due course of time, the problem tends to relapse. The disease, thus, never really leaves the body, piling on the agony. 
     In this regard, Homeopathy has been a revelation, taking the medical world by storm. It works effectively to completely eliminate the dermatological problem out of your system, providing permanent relief. Homeopathy adopts a holistic approach in treating a disease. It lays great emphasis on identifying and treating the underlying cause. Homeopathic treatment can be a little time consuming, but the time is worth waiting for. Over the past few decades, homeopathy has been the most sought after and reliable medication to deal with dermatological problems. Problems as grave as psoriasis and herpes can be completely cured; all thanks to the goodness of homeopathy. Some of the homeopathic medications that have effectively dealt with skin diseases include:

- Natrum Muriaticum and Rhus Toxicodendron: Both the medications, Rhus Toxicodendron in particular, are very effective against eczema. Natrum Muriaticum has been found to soothe a person suffering from mental depression greatly.

- Thuja Occidentalis: Acne problems, warts, freckles, dry and itchy skin, ulcers (anogenital region) can throw life in jeopardy. Embrace the goodness of Thuja Occidentalis and the mentioned skin problems will be a thing of the past. 

- Arsenicum: If psoriasis and chronic urticaria are giving you sleepless nights, Arsenicum is what you need. Arsenicum is equally effective against chronic eczema.

- Sepia: Herpes can make life miserable. Sepia is a powerful medication that gives one a lot to cheer about. People with psoriasis and dry skin can greatly benefit from Sepia.

- Cantharis: It provides great relief from blisters, skin eruptions and burns (second and third degree).

To enjoy the everlasting benefits, one needs to be a little patient with the treatment.
 

I'm 26 years old female it professional. I'm facing lumber lordosis due to muscle spasm and tissue swelling in right foot. How can this improve?

M.D. HERBAL
Alternative Medicine Specialist, Dehradun
I'm 26 years old female it professional. I'm facing lumber lordosis due to muscle spasm and tissue swelling in right ...
Take sky fruit. Cow urine caps. Org wheat grass powder, nigella cap, may contact for any assistance.

Mental Health And Illness

MBBS, DNB - Psychiatry
Psychiatrist, Delhi
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The first question when you greet somebody is 'how are you' and this often refers to our state of well-being. While most answers would be great, awesome or good, we usually think of how we are doing physically. While some of us may talk about physical conditions (say things like feverish, have a cold, etc.), not many would think of talking about mental health conditions. However, mental health is very important for overall well-being.

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MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS Surgical
General Surgeon, Delhi
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