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Annai Arul Hospital

Multi-speciality Hospital (Pediatrician, General Surgeon & more)

# 270, Mudichur Road, Old Perungalathur, Landmark: Near Ishanas Boutique. Chennai
10 Doctors · ₹0 - 350
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Annai Arul Hospital Multi-speciality Hospital (Pediatrician, General Surgeon & more) # 270, Mudichur Road, Old Perungalathur, Landmark: Near Ishanas Boutique. Chennai
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By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have place......more
By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have placed in us.
More about Annai Arul Hospital
Annai Arul Hospital is known for housing experienced Internal Medicine Specialists. Dr. Varun Sridhar, a well-reputed Internal Medicine Specialist, practices in Chennai. Visit this medical health centre for Internal Medicine Specialists recommended by 41 patients.

Timings

MON-SUN
12:00 AM - 11:55 PM

Location

# 270, Mudichur Road, Old Perungalathur, Landmark: Near Ishanas Boutique.
Perungalathur Chennai, Tamil Nadu - 600063
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Doctors in Annai Arul Hospital

Dr. Varun Sridhar

MBBS, DNB - Internal Medicine
Internal Medicine Specialist
11 Years experience
250 at clinic
Available today
12:00 AM - 11:55 PM

Dr. Madhuprabhu Doss

MBBS, CRRI, MD - General Medicine
Cardiologist
20 Years experience
250 at clinic
Available today
12:00 AM - 11:55 PM

Dr. Joseph Jensingh Babu

MBBS, MD - General Medicine, DNB - Gastroenterology
Gastroenterologist
19 Years experience
300 at clinic
Unavailable today

Dr. Anoop. S

Pediatrician
300 at clinic
Available today
10:00 AM - 05:00 PM

Dr. Muthuveeramani

MBBS, MS - General Medicine, MCh - Urology
Urologist
30 Years experience
250 at clinic
Available today
12:00 AM - 11:55 PM

Dr. Loganathan

MBBS, MS - General Surgery
General Surgeon
23 Years experience
250 at clinic
Available today
12:00 AM - 11:55 PM

Dr. Anoop

MBBS, MD - Paediatrics, DNB - Neonatology
Pediatrician
16 Years experience
350 at clinic
Available today
12:00 AM - 11:55 PM

Dr. V.Jeyaprakash

MBBS, MS - Orthopaedics
Orthopedist
21 Years experience
Available today
10:30 AM - 01:00 PM

Dr. Rajarajan Venkatesan

MBBS, MS - MS.Medicine, Post Graduate Diploma in Maternity and Child Health (PGDMCH)
General Surgeon
19 Years experience
Unavailable today

Dr. Venkatesh

MBBS, MD - Internal Medicine, DNB - Nephrology
Nephrologist
20 Years experience
250 at clinic
Available today
12:00 AM - 11:55 PM
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Ayurvedic Insomnia Treatment

B.A.M.S.
Ayurveda, Rewari
Ayurvedic Insomnia Treatment

In Ayurveda, Insomnia is known as Anidra. According to the Ayurvedic perspective, the doshas (Ayurvedic humors) responsible for this disease are Tarpak Kapha, Sadhak Pitta or Prana Vata.
Tarpak Kapha is a sub-dosha of Kapha (Water). It nourishes the brain cells and facilitates a good night’s sleep. Imbalance of this dosha causes poor nourishment of brain cells, leading to Insomnia. Sadhak Pitta is a sub-dosha of Pitta (Fire) and is located in the heart. It controls emotions, desires, decisiveness, and spirituality. Its imbalance makes a person demanding and workaholic, thereby leading to situations that may cause lack of sleep. Prana Vata is a sub-dosha of Vata (Air). It is linked to insomnia, worry, anxiety, and problems like depression. Prana Vata makes the nervous system sensitive; this sensitive nervous system coupled with an aggravated Prana Vata lead to insomnia.

In each patient, different combinations of doshas can lead to the disease. The Ayurvedic treatment of Insomnia focuses on balancing the aggravated body energies through herbal medicines as well as customized diet and lifestyle plans. Besides that, relaxation of mind is also important part of the treatment.

Weight Gain - Home Remedy

B.A.M.S.
Ayurveda, Rewari
Weight Gain - Home Remedy

Gaining weight by natural means is certainly possible through common home remedies. You may try some of these:
- Bananas, strawberries, mango and nuts can be taken daily.
- Soak figs and raisins in water for a few hours and munch this 2-3 times a day.
- Muskmelon also helps in quick weight gain.
- Ensure to consume adequate amount of milk and milk products daily.
- Fresh pomegranate juice improves your appetite.
- Add 1-2 teaspoon of ghee in your meals daily.
- Increase your protein intake like scrambled egg, sprouted grams, soya, etc

Glucose Benefits, Sources and Side Effects in Hindi - ग्लूकोस के स्रोत, फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Glucose Benefits, Sources and Side Effects in Hindi - ग्लूकोस के स्रोत, फायदे और नुकसान

हमारी सभी गतिविधियों के लिए ऊर्जा की आवश्यकता है. यहाँ तक कि हमें चलने और साँस लेने के लिए भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है. हमारी दैनिक आवश्यकताओं के लिए आवश्यक ऊर्जा का स्रोत ग्लूकोज होता है. हमारे शरीर को ग्लूकोज हमारे आहार में खाए गए स्टार्च और शुगर से प्राप्त होता है. पाचन की प्रक्रिया के दौरान इंसुलिन की सहायता से स्टार्च और शुगर चीनी में टूट जाते हैं. तब ग्लूकोज कोशिकाओं की दीवार में प्रवेश करता है. अगर भोजन में अधिक मात्रा में शुगर होता है तो यह हमारे मांसपेशियों, लिवर और शरीर के अन्य भागों में जमा हो जाता है जो बाद में फैट के रूप में परिवर्तित हो जाता है.

ग्लूकोज के स्रोत
चूंकि ग्लूकोज वजन बढ़ाने और कम करने दोनों तरीकों से काम करता है इसलिए ग्लूकोज को अपने आहार में शामिल करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए. तो चलिए हम आपको बताते हैं कि किस तरह के ग्लूकोज आहार का आपको सेवन करना चाहिए. ताजे फल जैसे तरबूज, रास्पबेरी, अंगूर, ब्लूबेरी, नाशपाती और बेर आपको फाइबर, बहुत अधिक पानी और नेचुरल शुगर प्रदान करते हैं. अतः इन फाइबर युक्त फलों का सेवन करें. रिफाइंड अनाज के सेवन से बेहतर है कि आप साबूत अनाज का सेवन करें. ये आपको फाइबर और पोटेशियम, मैग्नीशियम और सेलेनियम प्रदान करते हैं. अनाज को रिफाइन करने से पोषक तत्व और फाइबर की मात्रा कम हो जाती है. वैसे तो सभी अनाज ग्लूकोज प्रदान करते हैं लेकिन साबुत अनाज अतिरिक्त लाभ प्रदान करते हैं. साबुत अनाज से बने आइटम जैसे ब्रेड आपको बाजार में मिल जाएंगी हैं.
फलियां प्रोटीन का समृद्ध स्रोत हैं और इनमें पोटेशियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम और फोलेट जैसे आवश्यक जैसे पोषक तत्व भी शामिल होते हैं. सेम, दाल और मटर में फाइबर (घुलनशील और अघुलनशील) प्रोटीन होते हैं और इसमें किसी भी प्रकार का कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है. ये अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में अधिक फायदेमंद होते हैं. फलियों में कोलेस्ट्रॉल और संतृप्त वसा नहीं होता है इसलिए हृदय रोगियों के लिए बहुत लाभदायक है. संतृप्त वसा का सेवन सीमित करने के लिए हमें कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए. कम वसा वाले डेयरी उत्पाद हमें कम कैलोरी के साथ विटामिन, खनिज, प्रोटीन, और कैल्शियम देते हैं. पर यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आप जिस भी डेयरी उत्पाद का सेवन करते हैं उसमें चीनी की मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

ग्लूकोज के फायदे
रेशेदार भोजन यानि फाइबर युक्त आहार कुछ बीमारियों जैसे टाइप 2 मधुमेह और मोटापे से लड़ने में हमारी मदद करते हैं. फाइबर अपच और कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों को नियंत्रण में रखने में मदद करता है. फाइबर हम साबुत अनाज से प्राप्त कर सकते हैं. व्यायाम और उचित कैलोरी का सेवन कई बीमारियों जैसे टाइप 2 मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद करता है. कम वसा, कम कोलेस्ट्रॉल वाले कार्बोहाइड्रेट्स हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम कर सकते हैं.
हम में से कई लोग वजन बढ़ने के लिए ग्लूकोज को दोषी मानते हैं. लेकिन उचित तरीके से ग्लूकोज का सेवन आपके वजन को कम करने या नियंत्रित करने में मदद करता है. यदि आप सही तरह से अपने आहार में फल, सब्जियों और रेशेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो यह आपका वजन कम करने में मदद करते हैं. ग्लूकोज में समृद्ध आहार वजन घटाने और मांसपेशियों को टोन करने में फायदेमंद है.

ग्लूकोज की अधिक मात्रा के नुकसान
अधिक मात्रा में ग्लूकोज के सेवन से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है जिसके कारण मोटापा हो सकता है. पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज क सेवन नहीं करने से कुपोषण की समस्या हो सकती है. अधिक मात्रा में चीनी का सेवन हमारे स्वस्थ के लिए अच्छा नहीं होता है. यह हमरे वजन को बढ़ाने के साथ-साथ खराब पोषण प्रदान करते है और इसके सेवन से दातों की क्षय भी हो सकती है. इसलिए कैंडी, शुगर ड्रिंक, मिठाई के सेवन से बचें. ये आपको कैलोरी के सिवा कोई पोषण प्रदान नहीं करते हैं.

Garden Cress Seeds

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
Garden Cress Seeds

Garden Cress Seeds

Vitamin K Benefits, Deficiency, Sources and Side Effects in Hindi - विटामिन K के स्रोत,कमी के लक्षण, फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Vitamin K Benefits, Deficiency, Sources and Side Effects in Hindi - विटामिन K के स्रोत,कमी के लक्षण, फायदे और नुकसान

हमारे शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए विटामिन के की भी आवश्यकता होती है. क्योंकि विटामिन के हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक विटामिन है. विटामिन के भी अन्य विटामिन्स की तरह हमारे शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देता है. विटामिन के हमारी हड्डियों और दिल को स्वस्थ रखता है. इसके साथ ही यह चोट लगने से होने वाले रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है. इसके अलावा विटामिन के हमारे शरीर को अनेक प्रकार के रोगों से लड़ने में मदद करता है. आइए विटामिन के, के स्त्रोत, इसकी कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण, इससे होने वाले फायदे और नुकसान को जानें.

विटामिन के के फायदे
विटामिन के रक्त को जमने से रोकने के लिए और आंतरिक रक्तस्राव, बिलियरी अब्स्ट्रक्शन, ऑस्टियोपोरोसिस, अत्यधिक मासिक धर्म प्रवाह और मासिक धर्म में दर्द को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण विटामिन है. यह हड्डियों के चयापचय, धमनियों के सख़्त होने को रोकने, नर्वस सिगनलिंग में सुधार करने और गुर्दे की पथरी के लिए भी बहुत जरूरी विटामिन है. विटामिन के रक्त के जमने को नियंत्रित करता है. इसके अलावा विटामिन के पूरे शरीर में कैल्शियम को फैलाने में मदद करता है जो रक्त के जमने को नियमित करने के लिए आवश्यक है. यह विटामिन मैलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम नामक रक्त विकार को बेहतर बनाने में मदद करता है. विटामिन के हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार और हड्डियों के फ्रैक्चर के खतरे को कम करने में मदद करता है. हड्डियों को बनाने के लिए हमारा शरीर कैल्शियम का उपयोग करता है और कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने में शरीर को विटामिन के की आवश्यकता होती है.
विटामिन के दिल के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है. यह धमनियों में खनिजों के निर्माण को रोकने और निम्न रक्तचाप में मदद करता है. इससे हृदय को पूरी तरह से पूरे शरीर में रक्त के परिसंचरण में मदद मिलती है. विटामिन के पेट, कोलोन, लिवर, मुँह, प्रोस्टेट और नाक के कैंसर के खिलाफ लड़ने में मदद करता है. विटामिन के लेने से शरीर में इंन्सुलिन की प्रक्रिया में मदद मिलती है जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को ठीक रखता है और डायबिटीज होने के ख़तरे को कम करता है. यह विटामिन आपके मस्तिष्क को फ्री रेडिकल्स की क्षति के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है. ऑक्सीडेटिव तनाव मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस रोग जैसी बीमारियों का कारन बन सकता है.

विटामिन के के स्रोत: विटामिन के हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी विटामिन है. विटामिन के हमें हरे पत्तेदार सब्जी, सरसो का साग, मूली, गेहू, जौ, पालक , चुकंदर साग , जैतून तेल, लाल मिर्च, केले, अंकुरित अनाज, रसदार फलों से प्राप्त होता है.

विटामिन के की कमी से नुकसान: विटामिन के की कमी से रक्त स्राव की समस्या हो सकती है जैसे मासिक धर्म , मसूड़ों से व नाक से रक्त आना आदि. आंखों की समस्या भी हो सकती है. विटामिन के की कमी से रक्त धमनियाँ सख़्त हो जाती हैं. विटामिन के की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं.

विटामिन के की सही मात्रा: अनुशंसित आहार भत्ता (आरडीए) के अनुसार 14 वर्ष की आयु से अधिक लोगों को विटामिन ई 3.6 ग्राम (120 UG) के करीब लेना चाहिए. जो महिलायें स्तनपान करा रही हैं, उनको अधिक आवश्यकता हो सकती है इसलिए ऐसी महिलायें 2.7 ग्राम (90 UG) तक ले सकती हैं| सुरक्षा के लिए ऊपरी सीमा 2.7 ग्राम (90 UG) है.

Yummy Muskmelon

M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Greater Noida
Yummy Muskmelon

Yummy Muskmelon: Summers are here so are our yummy tasty summer fruits one of which is muskmelon or kherbooja. Its not only a tasty but full of health benefits.

Blood Stools? An Alarming Sign

Master in Psychology, MD - Ayurveda, Dems, Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Ghaziabad
Blood Stools? An Alarming Sign

Black stools! An alarming sign.

Black stool is a condition in which the feces are very dark or black in color. Black stool may be normal in some cases and caused by ingesting certain substances or medications, such as iron supplements. However, black stool can also be caused by a serious condition, such as bleeding in the digestive tract caused by a peptic ulcer.

Black stool that is tarry in texture and foul smelling is often a symptom of upper gastrointestinal bleeding from the esophagus, stomach or small intestine. This is called melena.

Very small amounts of blood in the stool may be seen by the naked eye and not significantly change the color of stool. This is called fecal occult blood, which can be a symptom of a serious disease and may be found with regular, routine medical examination. Black stools can be a symptom of a serious condition, such as esophageal varices or peptic ulcer. Seek prompt medical care if you have unusually dark stools or any change in the color or texture of your stool. Black stool may be accompanied by other symptoms, which vary depending on the underlying disease, disorder or condition. 

Symptoms that may accompany black stool include:

  • Abdominal pain or cramping
  • Abdominal swelling or bloated feeling
  • Change in bowel habits
  • Diarrhea
  • Flatulence, gas or indigestion
  • Flu-like symptoms (fatigue, fever, sore throat, headache, cough, aches and pains)
  • Foul-smelling stool
  • Nausea and vomiting
  • Poor appetite
  • Rectal pain or burning sensation
  • Unexpected weight loss

Serious symptoms that might indicate a life-threatening condition:

In some cases, black stool can indicate a life-threatening condition that should be immediately evaluated in an emergency settings.

Change in level of consciousness or alertness, such as passing out or unresponsiveness

Change in mental status or sudden behavior change, such as confusion, delirium, lethargy, hallucinations and delusions

Dizziness: High fever (higher than 101 degrees fahrenheit)

Palpitations: Rapid heart rate (tachycardia). Respiratory or breathing problems, such as shortness of breath, difficulty breathing, labored breathing, wheezing, not breathing, or choking

Complications include: Anaemia, cardiomegaly, shock, generalised body edema.

Easy Way To Lose Weight

Dietitian/Nutritionist, Jammu
Easy Way To Lose Weight

To lose weight, choose vegetable salads over fruits, as vegetable salads have more fiber and no fructose, chose veggies like cucumber, lettuce, broccoli to make healthy weight loss salad.

I am suffering from severe headache and I had fell down 3 times and also I consulted doctor nearby and he said that I have low pressure what are the steps that I want to do for low pressure? If I get in early morning I can't able to stand and even once I gone to feel down please guide me.

MD Physician
General Physician, Delhi
I am suffering from severe headache and I had fell down 3 times and also I consulted doctor nearby and he said that I...
1.Your body required more water to increase blood volume 2. Always drink little amount of water but frequently 3. Eat also in small amounts but frequently (atleast 5 times) 4.lots of vegetables and fruits not everytime you have to take chapati and rice with dal and something.
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Causes That Could Be The Reason For Your Hair Fall

BHMS, MD - Homeopathy
Homeopath, Kolhapur
Causes That Could Be The Reason For Your Hair Fall

Hair fall also known as alopecia is a problem encountered by millions of men and women worldwide. Hair fall can be a very distressing problem and can make you feel depressed. Hair fall may happen due to several reasons. Finding out the root cause of your hair fall will help you to deal with your problem more efficiently. Following are some causes that could be the reason for your hair fall:

  1. For some people hair fall may be a hereditary problem.
  2. Hormonal imbalance may at times lead to hair fall.
  3. Stress can be a leading cause of hair loss.
  4. Frequent use of hair styling tools may cause your hair to fall rapidly.
  5. Consuming steroids like birth control pills very often may result in uncontrolled hair fall.
  6. diet with insufficient amount of protein can trigger hair fall.

But there is no reason for you to be disheartened, because there are many treatments available for controlling hair fall. Homeopathy offers promising remedies for reducing hair fall.

Some of the treatment methods are mentioned below:

  1. If your hair fall is due to scalp diseases like dandruff or eczema then your homeopathic physician may recommend you medicines like Psorinum.
  2. Your doctor may recommend you medicines like Pulsatilla or Sepia Officinalis, if hair loss happens due to childbirth or after menopause.
  3. If hair fall is due to alopecia then your doctor may recommend you medicines like Calcrea Carbonica.
  4. Homeopathic medicines like Fluoric acid are used for growing back your hair if bald spots appear on your scalp due to hair fall.
  5. Medicines like Lycopodium are used for growing back your hair in case of complete baldness.
  6. Silicea is a common homeopathic medicine prescribed for hair fall in case of young people.

Hair fall must not be ignored. You may consider visiting a homeopathic doctor if your hair is falling at an alarming rate.

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