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HCG Bangalore Institute Of Oncology Speciality Centre

Multi-speciality Hospital (Anesthesiologist, General Surgeon & more)

# 44 - 45/2, 2nd Cross, Shanthinagar, Off Double Road, Raja Rammohan Roy Extension Bangalore
16 Doctors · ₹0 - 700
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HCG Bangalore Institute Of Oncology Speciality Centre Multi-speciality Hospital (Anesthesiologist, General Surgeon & more) # 44 - 45/2, 2nd Cross, Shanthinagar, Off Double Road, Raja Rammohan Roy Extension Bangalore
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More about HCG Bangalore Institute Of Oncology Speciality Centre
HCG Bangalore Institute Of Oncology Speciality Centre is known for housing experienced Radiologists. Dr. Sathish M R, a well-reputed Radiologist, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for Radiologists recommended by 98 patients.

Timings

MON, WED-THU
08:00 AM - 07:00 PM
TUE, FRI
08:00 AM - 06:00 PM
SAT
08:30 AM - 07:00 PM

Location

# 44 - 45/2, 2nd Cross, Shanthinagar, Off Double Road, Raja Rammohan Roy Extension
Shanthi Nagar Bangalore, Karnataka - 560027
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Doctors in HCG Bangalore Institute Of Oncology Speciality Centre

Dr. Sathish M R

MBBS, DNB - Radio Theraphy, Fellowship in Interventional Radiology
Radiologist
18 Years experience

Dr. Ganesh Nayak

MBBS, MS - General Surgery, DABS
Cardiologist
53 Years experience
300 at clinic
Unavailable today
300 at clinic
Available today
04:00 PM - 06:00 PM
700 at clinic
Available today
08:30 AM - 01:30 PM
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM

Dr. N.K.Vinod

MBBS
Anesthesiologist
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM
Available today
09:00 AM - 04:00 PM
Available today
10:00 AM - 06:00 PM
Available today
08:00 AM - 12:00 PM

Dr. Naveen T

MBBS
Oncologist
Available today
04:30 PM - 06:00 PM
Available today
10:00 AM - 06:00 PM
Available today
10:00 AM - 06:00 PM

Dr. K R Madhava

MBBS
Oncologist
Available today
02:30 PM - 04:00 PM
Available today
02:30 PM - 05:00 PM
Available today
10:00 AM - 06:00 PM

Dr. Krithika. M

MBBS
General Surgeon
Available today
09:30 AM - 04:00 PM
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Fungal Infection

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, Diploma In Dermatology And Venerology And Leprosy (DDVL), Fellowship in Aesthetic and Cosmetic Surgery
Dermatologist, Pune
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There are many kinds of infections that may afflict the body from time to time. While some of them may be dormant conditions that flare up due to environmental factors, there may be others that may occur due to a change in season as well as other causes, including interaction with a carrier of the same infection.

My grandmother suffering from high BP and sugar level from past years but from around one week she started vomiting and loss of consciousness .She is admit in hospital. Bp and sugar is in control now but she is still unconscious.

MBBS, PG Diploma In Emergency Trauma Care, Fellowship in Diabetes
General Physician, Delhi
My grandmother suffering from high BP and sugar level from past years but from around one week she started vomiting a...
It has been due to uncontrolled suagr and bp in the past. Now wait and watch. As she is already in the hospital, nothing more can be done, you should have been careful in the past.

I have allergy problem it creates lot of mucus and affects breathing please provide a solution doctor advised me to use montek LC tablet which I am using once a day and cures for that day please provide other solution.

MD (Hom) Medicine, BHMS (Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery (BHMS)), CCAH, MCAH
Homeopath, Indore
The tablet which you are taking is an anti allergic tablet. These kind of tablets basically suppress your immune system and hence you get relief. But after taking for longer time it's action will be reduced and stopped. You should switch to homeopathy. Our medicines will act on your immune system and will enhance it. You can consult us online and give your complete history on basis of that the best suitable treatment for you will b planned.

चेहरे का कालापन कैसे दूर करें - Chehre Ka Kalapan Kaise Door Karen!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चेहरे का कालापन कैसे दूर करें - Chehre Ka Kalapan Kaise Door Karen!

चेहरे का कालापन कई लोगों के परेशानी का कारण बन जाता है. यदि हम इस कालापन को दूर करने के उपायों की बात करें तो ये बहुत आसान है और हमारे आसपास मौजूद चीजों से ही हो सकता है. अगर किसी के चेहरे पर एक स्वाभाविक चमक दिखे तो लोग ऐसे चेहरे की तारीफ़ करते हैं. इसीलिए लोग अपने चेहरे पर चमक लाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि ये चमक प्राकृतिक तरीके से आए. बाजार में मिलने वाले उत्पादों से चमक तो आती है लेकिन इसका दुष्प्रभाव भी हॉट है. इसलिए आइए इस लेख के जरिए हम चेहरे का कालापन दूर करने के विभिन्न उपायों पर के नजर डालें.

1. बेसन का उपयोग
बेसन भी चेहरा साफ़ करने वाला एक प्रचलित सामग्री है. दो चम्मच बेसन में गुलाब जल डालकर पेस्ट तैयार करें और इस पेस्ट को चेहरे पर सूखने तक लगाए रखें. फिर त्वचा को हल्के गर्म पानी से साफ़ कर लें.

2. संतरे का छिलका
संतरे का छिलका भी चेहरे को साफ़ करने वाली सार्वाधिक इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के रूप में प्रचलित है. इसके लिए आपको एक बड़ा चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, एक चम्मच शहद, एक चुटकी हल्दी, नींबू के जूस की कुछ बूँदें और पानी को मिश्रित कर लें. फिर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और बीस मिनट तक सूखने के लिए ऐसे ही छोड़ दें. अब इस फेस पैक को पानी से धो लें.

3. एलोवेरा से
एलोवेरा एक प्राचीन सामग्री है जिसके अनेक औषधीय इस्तेमाल हैं. चेहरा साफ़ करने के लिए दो चम्मच एलो वेरा जेल और दो चम्मच ब्राउन शुगर को आपस में अच्छे से मिलाकर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और स्क्रब की तरह इससे अपने चेहरे पर कुछ मिंट तक रगड़ें. फिर स्क्रब को गुनगुने पानी से धो लें. अब पूरा चेहरे धोने के बाद चेहरे को फिर से ठंडे पानी से धो लें.

4. चावल के आटे का उपयोग
आटे का चावल भी चेहरे की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए दो चम्मच चावल का आटा, एक चम्मच खीरे का जूस और एक चम्मच नींबू का जूस मिलाकर एक मुलायम फेस पैक तैयार करें. अब इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए इसे लगा हुआ छोड़ दें. अब अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें.

5. मुल्तानी मिट्टी
ये एक जाना-माना और प्राचीन तरीकों में से है. इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं. इसके लिए आप दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी और तीन चम्मच संतरे का जूस को एक साथ मिलाकर मुलायम पेस्ट बनाएं. अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए लगा हुआ छोड़ दें. अब अपने चेहरे को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें.

6. दही
दही आसानी से सबके घरोंन में उपलब्ध होता है इसलिए ये भी एक आसान तरीका है. इसके लिए आपको दो चम्मच दही और एक चम्मच शहद को मिश्रित करके एक अच्छा पेस्ट तैयार करना है. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

7. दूध
चहरे की सफाई के लिए दूध एक लोकप्रिय पदार्थ है. दूध का इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच दूध और एक चम्मच शहद को मिलाकर मुलायम पेस्ट बनाएं और तब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर हल्के हाथ से रगड़ें. 15 मिनट तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ने के बाद चेहरे को पानी से साफ़ कर लें. अगर आपकी तेलिये त्वचा है तो लो फैट दूध का इस्तेमाल और अगर रूखी त्वचा है तो फुल क्रीम का इस्तेमाल करें.

8. जीरा
अब तक जीरा का इस्तेमाल आपने मसाले के रूप में किया होगा लेकिन अब हम आपको इसे चेहरा साफ़ करने के इस्तेमाल करना बताएंगे. एक चम्मच जीरा के बीज को दो कप पानी में डालकर उबालें. अब इस मिश्रण से अपने चेहरे को धोएं.

9. जई
जई के इस्तेमाल से भी आप चहरे की सफाई कर सकते हैं. इसके लिए तीन चम्मच जई, दो चम्मच गुलाब जल और दही का मिश्रण तैयार करें. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखें.इसके बाद अपने चेहरे को पानी से धो लें.

10. अंडे का उपयोग
चेहरे को साफ़ करने के लिए अंडे को भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए आपको एक अंडे को फोड़कर कटोरे में झागदार और मुलायम बनने तक चलाते रहें. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर सूखने दें. इसके बाद इसे ठंडे पानी से धो लें.

11. गाजर, टमाटर और खीरा
गाजर, टमाटर और खीरा के इस्तेमला से भी आप अपने चेहरे को साफ़ कर सकते हैं. इसके लिए आपको 1 एवोकैडो, 1 मध्यम आकार का उबला हुआ गाजर, 1 बड़ा चम्मच क्रीम, 1 अंडा और 1 चम्मच शहद को अच्छी तरह मिश्रित करके 15 मिनट तक लगाने के बाद ठंडे पानी से धो लें. इसी तरह से आप टमाटर का भी पेस्ट बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा खीरे का इस्तेमाल करने के लिए आपको तीन चम्मच खीरे का जूस और एक चम्मच नींबू का जूस मिश्रित करके इसमें रुई डुबाकर चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट के बाद इसे धो लें.

12. ग्रीन टी
चेहरे को साफ़ करने के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल करने के लिए 2 इस्तेमाल की हुई ग्रीन टी बैग, 1 चम्मच नींबू का जूस और 1 चम्मच शहद की आवश्यकता होगी. टी बैग को काटकर उसमें से पाउडर को निकाल लें और इसमें नींबू का जूस और शहद को डालें फिर इसे अच्छी तरह से मिला दें. अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब चेहरे को पानी से धो

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छाती में दर्द के उपाय - Chhati Mein Dard Ke Upay!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
छाती में दर्द के उपाय - Chhati Mein Dard Ke Upay!

छाती में दर्द का कारण हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है पर हमेशा छाती दर्द हार्ट अटैक या हृदय संबंधी बीमारी के कारण नहीं होता है. कई बार छाती दर्द हृदय संबंधी बीमारी के कारण न होकर एनजाइना या अन्य कारण से होता है. कोरोनरी आर्टरी में रक्त के प्रवाह की प्रक्रिया बाधित होने से या बलगम के वजह से उत्पन्न अवरोध के कारण हृदय तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है जिससे ऑक्सीज़न की पूरी पूर्ति नहीं हो पाती है और इस कारण छाती में दर्द होने लगता है. हृदय तक रक्त का प्रवाह कम होने के इस बीमारी को एनजाइना कहते है. इसमें लोगों को छाती कसा हुआ, भारीपन, जलन व ब्रेस्टबोन पर दबाव महसूस होता है. एनजाइना के अलावा अन्य कई कारणों से भी छाती में दर्द हो सकते हैं. एसिडिटी, सर्दी, कफ, बदहजमी, धूम्रपान या तनाव से भी छाती में दर्द हो सकता है. छाती में जिस कारण से भी दर्द हो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए बल्कि डॉक्टर से मिलकर यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि दर्द हार्ट अटैक या हृदय संबंधी अन्य बीमारी के कारण तो नहीं है. छाती दर्द का इलाज इस बात पर निर्भर करती है कि दर्द किस कारण से हुआ है. यदि छाती में दर्द हार्ट अटैक या हृदय संबंधी किसी बीमारी के कारण हुआ हो तो डॉक्टर से उचित इलाज करानी चाहिए. पर यदि दर्द हार्ट अटैक या हृदय संबंधी किसी बीमारी के कारण न हो तो इसे कुछ घरेलू उपाय से भी ठीक किया जा सकता है.

छाती में दर्द को ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय-
1. लहसुन: -
घरेलू उपाय में लहसुन छाती दर्द के लिए एक प्रभावशाली उपाय है. लहसुन में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, राइबोफ्लोबिन, नियासीन, बीटामिन सी के अलावा आयोडिन, सल्फर और क्लोरीन भी पाया जाता है. लहसुन हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और प्लाक को धमनियों तक पहुँचने से रोकता है जिससे हृदय में रक्त का प्रवाह सुधरता है. इसके अलावा यह कफ, खाँसी, अस्थमा आदि कारणों से छाती में होने वाले दर्द को दूर करने में भी मदद करता है. एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच लहसुन का रस मिलाकर पीना चाहिए. इसके अलावा रोज सुबह खाली पेट लहसुन की एक या दो कली भी पानी के साथ लिया जा सकता है.

2. अदरक: - अदरक विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए बहुत ही पुराना उपाय है. अदरक में जिंजरोल नमक एक रासायनिक यौगिक पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है. अदरक में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं जो रक्त वाहिकाओं को खराब होने से बचाते हैं. इस कारण से अदरक छाती दर्द में बहुत ही प्रभावशाली है. जब भी छाती में दर्द का अनुभव हो तो दर्द से राहत पाने के लिए व सूजन कम करने के लिए अदरक के जड़ की चाय का सेवन लाभकारी होता है. हार्टबर्न के कारण होने वाली छाती दर्द को दूर करने में भी अदरक के जड़ की चाय लाभकारी होता है.

3. हल्दी: - हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है जिस कारण से यह पेट फूलना, घाव, छाती दर्द आदि रोगों में लाभकारी है. करक्यूमिन कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीजन, जो रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर धमनियों के दीवारों पर प्लाक को मजबूत बनाता है, को रोकने में मदद करता है. अपने इस गुण के कारण हल्दी छाती यानि सीने के दर्द में बहुत ही लाभकारी होता है. एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर उबाल लेना चाहिए. फिर उबलने के बाद इसमें थोड़ा शहद मिलाकर इस मिश्रण को गुनगुना ही पीना चाहिए.

4. तुलसी: - तुलसी के पत्तियों मैं मौजूद मैग्निशियम रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है. इस कारण तुलसी के उपयोग से हृदय रोग का इलाज होता है व इससे रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है. इसके अलावा तुलसी में उपलब्ध एंटीऑक्सीडेंट के गुण रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को रोकने में मदद करता है. छाती दर्द के दौरान 8-10 ताजी तुलसी के पत्ती को चबाकर खानी चाहिए या एक कप तुलसी के पत्ती का चाय बनाकर पीना चाहिए. छाती के दर्द को रोकने के लिए व हृदय के स्थिति को सुधारने के लिए एक चम्मच तुलसी के पत्ती के रस को एक चम्मच शहद के साथ रोज सुबह खाली पेट पीना चाहिए.

5. मेथी: - मेथी में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट व कार्डिओ-प्रोटेक्टिव गुण कोलेस्ट्रॉल को दूर कर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है. अपने इन्हीं गुण के कारण मेथी छाती दर्द में फायदेमंद है. एक चम्मच मेथी के बीज को आधा कप पानी में डालकर 5 मिनट तक उबालना चाहिए. फिर इसे छानकर 2 चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए. कोलेस्ट्रॉल दूर करने के लिए व छाती के दर्द को रोकने के लिए रोज मेथी के बीज को खाना चाहिए. मेथी के बीज खाने के लिए एक चम्मच मेथी के बीज को पानी में डालकर रात भर छोड़ देना चाहिए. फिर अगली सुबह भींगे हुये इस मेथी के बीज को पानी के साथ खाली पेट खाना चाहिए.

6. बादाम: - बादाम में पोलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो ब्लड कोलेस्ट्रॉल को दूर करता है. इसमें फाइबर और मैग्निशियम भी पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और छाती के दर्द को रोकता है. इस कारण से छाती के दर्द में बादाम का उपयोग फायदेमंद रहता है. बादाम का तेल व गुलाब का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर इस मिश्रण को छाती पर धीरे-धीरे रगड़ना चाहिए. इससे छाती दर्द जल्द ठीक हो जाता है. छाती दर्द व हृदय के रोग को कम करने के लिए रोज मुट्ठी भर बादाम खाना चाहिए.

7. अल्फाल्फा: - अल्फाल्फा कोलेस्ट्रॉल के स्तर को दूर करता है व प्लाक को बढ़ने से रोकता है तथा हृदय तक रक्त के प्रवाह को सुधारता है. अल्फाल्फा में क्लोरोफिल पाया जाता है जिस कारण से यह धमनियों को सही रखता है व छाती के दर्द को दूर करता है. छाती में दर्द रहने पर एक चम्मच सुखी अल्फाल्फा की पत्ती गर्म पानी में डालकर 5 मिनट तक उबालना चाहिए. फिर इसे छानकर इस चाय को पीना चाहिए.

नोट-
यहाँ बताए गए घरेलू उपाय मात्र जानकारी के लिए दिये गए हैं. पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी तरह के छाती दर्द को वे नजरअंदाज न करें. उन्हें अपने डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जाँच कराकर उचित इलाज करानी चाहिए.

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Gynecological Cancer - Know The Signs And Symptoms!

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD - Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
Gynecological Cancer - Know The Signs And Symptoms!

Being diagnosed with cancer is something no one looks forward to and Gynaecological Cancer is every woman’s worst nightmare. However, if diagnosed in time, it can be treated. Cancer in any part of a woman’s reproductive system is termed as gynecological cancer. It is of five types:

  1. Cervical cancer

  2. Ovarian cancer

  3. Vaginal cancer

  4. Vulvar cancer and

  5. Uterine cancer

Paying attention to your body and understanding its natural rhythm can help you recognize signs of gynecological cancer. This is because signs of gynecological cancer can be difficult to identify unless you know your body. Here are a five signs to watch out for-

  1. Abnormal Vaginal Bleeding: Bleeding in between periods is okay once in a while but if it happens continuously over a period of 2 to 3 months, do not ignore it. Vaginal bleeding after menopause should also never be ignored. Abnormal bleeding could be triggered by a number of conditions including cancer of the lining of the uterus. Sudden changes in your menstrual blood that persist for over 2 cycles such as heavy bleeding can also be a symptom of uterine cancer. Heavy bleeding can be defined as a period that lasts for over 7 days.

  2. Changes in the Vulva: Any change in colour of development of bumps, sores of thickened skin should be immediately shown to a gynecologist. Any form of vulvar itching or burning should also not be ignored. These conditions could be symptoms of vulvar cancer. Hence, it is important to know what your vulva looks like normally.

  3. Bloating: Persistent bloating that lasts for over a fortnight can be a sign of ovarian cancer. This is especially true in cases of bloating accompanied by sudden weight loss or between-period bleeding.

  4. Change in Bathroom Habits: Due to the proximity of the bladder to the reproductive organs, a tumour or swelling in the reproductive organs can trigger symptoms similar to those of a urinary tract infection. This includes pain while urinating, difficulty passing urine, diarrhea or constipation. Urinary incontinence could also a sign of gynecological cancer.

  5. Abdominal or Back Pain: In rare cases, lower back pain could be a sign of ovarian cancer or uterine cancer. Pain in the lower abdomen or pelvic area can also be a sign of ovarian cancer.

The above could also be signs of other health disorders. The only way of knowing for sure is by consulting a doctor. Hence, understand your body and if you notice any of these symptoms consult your gynecologist at the earliest.  

Filler Injections - Know More About Them!

MBBS, PGDCC - Post Graduate Diploma in Clinical Cosmetology, Fellow Hair Transplant Surgery
Trichologist, Pune
Filler Injections - Know More About Them!

In today's contemporary times, our outer appearance plays a huge role in determining our path of success. Looking good in many ways has become essential for leaving a lasting impression. Nowadays, age is no longer a factor for looking or feeling beautiful. While beauty lies in the eye of the beholder, the onus to maintain that beauty lies with ourselves. Numerous grooming centres and salons are spread all over the street these days to cater to all our beauty needs. Gone are the days when dressing up and putting on make up were scoffed at. Why then do we tolerate wrinkles and scars just because time has decreed so?

With all kinds of correctional therapies and treatments, our skin can be as smooth and glamorous as ever. One of the most popular trick in this regard is filler injections.

What are Filler Injections?

Filler injections enable us to redefine those aspects of our faces, which have been the causes of consternation for a long period of time. These injections makes it possible to cover up unwanted wrinkles, smoothen lines and remove pitted scars. They can also be used to make the lips look fuller. These injections, when injected under the skin, raise up that area, lending it a more wholesome appearance. It is however,  transient in nature and often requires repeated surgeries. While some of the most common aftermaths of this are redness, swelling or itchiness, none these last more than a day.

It is therefore,  a very safe beauty therapy for giving the furrowed skin a new leash of life. Many have vouched for how the filler surgeries have renewed their self confidence. However, there are a few risk factors that one must be mindful of before opting for a filler surgery.

Risk factors of Filler Injections:

Filler injections make the skin prone to certain allergies and rashes or even flu-like symptoms. Infections, bleeding and inflammation are other repercussions of a filler surgery. Filler injections contain Hyaluronic acid, collagens, fat cells and man-made polymers. In case one's skin reacts to any of these ingredients, then one must resort to expert care. However, most of these outbreaks are temporary in nature and this treatment is easily reversible in case one chooses to do so

Lower Back Pain - How Does Physiotherapy Cure It?

BPT
Physiotherapist, Gurgaon
Lower Back Pain - How Does Physiotherapy Cure It?

Lower back pains may underline a host of diseases, some of the most distinctive being the degeneration of lumbar disc and strain of back muscles. If left unattended, these acute durations of severe pain can lead to further complications, beyond the scope of both active and passive physical treatment regimes. Hence, it is always recommended to attend to these minuscule symptoms as soon as they are detected.

How physiotherapy works wonders in lower back pains:

  1. Physiotherapy is recommended when lower back pains are frequent, or stretch for days at a time. Most medical literatures, which shower their unanimous support in favour of physiotherapy for back pain, make note that physiotherapy relieves pain, as well as improves the functions, which are most likely to be affected by this disorder.
  2. Pain emanating, following a surgery, is recognized as one of the most significant aspects where benefits of physiotherapy are more visible. Generally, patients are advised to undergo physiotherapy sessions after surgical procedures irrespective of age and gender, unless the move is contraindicated in specific cases.
  3. Muscular spasms and muscle shrinking is a highly familiar phenomenon observed in individuals who are relatively less active. Muscle shrinking can often be attributed to very low usage of certain muscles, while muscle spasmcan occur when neurons at the affected muscles are irritated. Physiotherapy is observed as both the first line as well as the second line of treatment regimen in such occurrences; a routine for gradual and slow stretching is recommended by physiotherapists involving the muscles of legs, hips, abdomen and lower back, based on their intensity of pain.
  4. Advanced stages of a physiotherapy treatment regime upgrade the simple stretching exercises to more rigorous ones like specific stabilizing drills, exercises involving balancing machines and/or exercise balls. This aspect of physiotherapy caters to the secondary spine muscles of the human body.
  5. The area of the body considered to be the core of lower back pain (lower back muscles and muscles of abdomen) requires more than just stretching or exercises involving machines. Workout focused on these core areas are based on a complex set of exercises, which may have to be improvised such that the aforementioned muscles absorb the maximum shock.
  6. In addition to these conventional exercises, which are based on applications of gravity, some centres offer a different environment for individuals who are unable to perform activities in normal conditions. The concept of aquatic pools addresses the issue, and makes exercising quite an easy feat for the physically challenged individuals.

Ovarian Cancer - All You Should Be Knowing About It!

European Society For Medical Oncology certification, DM - Oncology, MD - General Medicine, MBBS, Fellowship in Bone Marrow Transplant
Oncologist, Faridabad
Ovarian Cancer - All You Should Be Knowing About It!

Ovarian cancer is referred to as the cancer of the ovaries. The ovaries are a component of the female reproductive system. There are two ovaries located on either side of the uterus in a woman's body. Ovaries which are the organs responsible for producing egg cells also produce the hormones estrogen and progesterone.

Ovarian cancer is a type of cancer which often goes undetected until it has spread all the way to the pelvis and the abdomen. However, it is also very difficult to treat the condition in its later stages which is why diagnosing ovarian cancer quickly is quintessential. Here is everything you need to know about ovarian cancer;

Symptoms:

  1. No symptoms at first: Usually, in its early stages ovarian cancer does not cause any symptoms.
  2. Abnormal bloating: Bloating is when your abdomen swells due to excess fluid or gas inside. Abnormal bloating is more frequently associated with irritable bowel syndrome or even constipation is a common symptom of ovarian cancer.
  3. Feeling full quickly: This is also an associated symptom which has often been mistaken for constipation or irritable bowel syndrome.
  4. Weight loss: This is one of the more common signs of ovarian cancer.
  5. Discomfort in the pelvis area: This symptom occurs towards the later stages of ovarian cancer after it has already spread.
  6. Constipation: Constipation is a symptom of ovarian cancer as well.
  7. Frequent urination: This is yet another symptom which is a sign of ovarian cancer.

The symptoms of ovarian cancer are often mistaken with that of irritable bowel syndrome and constipation.

Causes: As with other forms of cancer, it is still very unclear what exactly causes ovarian cancer.

Treatment:

  1. SurgerySurgery most commonly involves removing large parts of the female reproductive system which includes the ovaries, the fallopian tubes, the uterus as well as the lymph nodes. The surgeon will also try and remove as many cancer cells as possible from the abdomen and pelvic areas.
  2. ChemotherapyChemotherapy is usually done after surgery. It is usually performed so that the rest of the cancer cells are killed off. Chemotherapy drugs can be injected directly into the vein, abdominal cavity or sometimes even both.

It's been three months since I have been taking spine tb medicine. 4 months before I was suggested to take mri and my doctor told me there is only traces of pus in bone now. But the problem is I still feel pain in my back whenever I walk for long time and sit for more than 20 minutes. What should I do now? Even I have not started my regular life till due to pain. Can there be any complication. Please suggest clearly.

MBBS, MS - Orthopaedics
Orthopedist, Delhi
It's been three months since I have been taking spine tb medicine. 4 months before I was suggested to take mri and my...
ATT is usually taken for 8-10 months. Feeling of well being is the biggest parameter of effectively of the therapy. Other lab parameters like ESR, CRP done repeatedly also guide in determining the effectivity of treatment. Keeping all these in mind you should gradually return to usual activities.
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