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Yoga Tips

Mental Peace - 6 Yoga Asanas That Can Help Restore It!

Dr. Akarshini Am 90% (152 ratings)
BAMS, MD-General Medicine, Phd - Kayachikitsa
Ayurveda, Bangalore
Mental Peace - 6 Yoga Asanas That Can Help Restore It!

Have you been stressed out lately and feel like you have lost your mental peace? You should consider trying yoga for reviving your peace of mind. Yoga poses integrate a combination of physical health and spiritual health, which allow you to cope with the various tensions you experience in everyday life. You get a calm and relaxed state of mind and your sense of both internal and external well-being also improves. Here are the best yoga poses, which help you bring mental peace.

  1. Anjaneyasana - high lunge: For performing this yoga pose, you should stand up straight and bend forward on one of your knees, keeping your other leg stretched behind. Your arms should be held above your head, and you must inhale and exhale all the time. This pose gives you positive energy, which enhances mental power and strength.
  2. Anjaneyasana - low lunge: This yoga pose involves the bending of one knee in a low lunged position, keeping the forward knee flexed at a 90 degree angle. Your arms should be stretched. This yoga asana is good for increasing your mental focus, and helps in releasing all sorts of tensions. It is very effective for total mental peace.
  3. Garundasana - eagle pose: This is a high level yoga pose that helps in improving your concentration and balance. All negative mental energy you possess get dispelled. It involves a chair pose, with one of your left arm wrapped around another. Your arms should stay entwined. This asana enables you to develop mental and physical harmony, which results in inner peace.
  4. Natarajasana - dancer’s pose: This is another effective yoga posture, which helps in boosting your concentration power. It involves standing on one leg while you bend forward having one arm stretched in front, and another grabbing your foot of the leg, which is raised.
  5. Virabhadrasana - warrior pose: This yoga pose aims at combating your inner conflicts in order to attain a relaxed mental state. You need to stand on one leg, bend forward, raise your other leg, and clasp your hands behind your back. This practice is effective in eliminating negative emotions, which upset your mental peace.
  6. Urdhva prasarita eka padasana - standing split pose: This yoga asana involves standing with one of your legs resting on the ground, while the other one is extended upwards. Blood rushes to your head, which improves your mental functions. You also experience a serene state of mind, which is important for a sound mind.

Apart from these, the Adho Mukha Vrksasana or the Handstand is also effective for attaining mental peace. Here, you need to propel your body upwards, supporting your entire body weight on your hands.

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Yoga In Diabetes!

Dr. Vaishali Gadekar 90% (19 ratings)
B.A.M.S
Ayurveda, Pune
Yoga In Diabetes!

Single yoga pose that is haalassan helps to lower sugar levels. This aasan stimulate pancreas to secret insulin.

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कमर दर्द के लिए योगासन - Yoga For Waist Pain!

Dr. Sanjeev Kumar Singh 89% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
कमर दर्द के लिए योगासन - Yoga For Waist Pain!

आजकल कमर दर्द की समस्या बहुत ही आम और बढ़ती जा रही है. यह समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है. वास्तव में इसके पीछे का मुख्य कारण मांसपेशियों में तनाव और जोड़ों में खिंचाव होना है. कुछ लोगों को कमर दर्द केवल अस्थायी रूप से होता है जबकि कुछ लोगों को बहुत परेशान कर देता है. यदि आपका दर्द कम गंभीर है तो आप कुछ योगासन अपनाकर अपनी कमर को मजबूत, स्ट्रेचिंग और रीढ़ और नसों के संचलन में सुधार करने में मदद कर सकते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से आप कमरदर्द के लिए आवश्यक व्यायामों को जानें.

बालासन

यह आपकी कमर और आपके कूल्हों को भी स्ट्रेच कर सकता है. आप इस आसान को कभी भी कर सकते हैं. बालासन करने के लिए जमीन पर वज्रासन में बैठ जाएँ. अब सांस लेते हुए दोनों हाथो को सैर के ऊपर उठा लें. आप सांस छोड़ते हुए नीचे की ओर आएं कूल्हों से झुकते हुएं. और तब तक झुके जब तक कि आपकी हथेलियां जमीन पर न लग जाएँ. अब एक गहरी लम्बी सांस अंदर ले और बाहर छोड़ें. इस मुद्रा में आप जितनी देर रह सकते हैं उतनी देर रहें. बालासन हमारे लिए एक आरामदायक आसन है. इस आसन से कमर के साथ-साथ पूरे शरीर को आराम मिलता है.

धनुरासन

धनुरासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएँ. दोनों पैरो के घुटनो को मोड़ कर एड़ियों को कूल्हों पर टिकाएं. अब हाथो से अपने टखनों को पकड़ें. जितना हो सके उतना अपनी जांघों और छाती को ऊपर उठायें. कुछ देर इसी मुद्रा में रहे और वापिस पहले वाली पोजीशन में आ जाएँ. धनुरासन एक कठिन आसन है, जो हमारी हड्डियों में लचीलापन लाता है और उन्हें मज़बूत भी बनाता है.

र्धमत्स्येन्द्रासन

जब अर्धमत्स्येन्द्रासन की बात आती है तो आपके पास कई विकल्प होते हैं. यह एक बुनियादी और प्रभावशाली मरिचिआसन में से एक है. अपने बाएं पैर को सीधे रखें और अपना दाहिना पैर को मोड़ो ताकि आपका पैर सपाट रहें. सहायता के लिए अपने पीछे जमीन पर अपना दाहिना हाथ रखें और बाएँ हाथ की कोहनी को दाहिने घुटने पर रखें. अर्धमत्स्येन्द्रासन से हमारी रीढ़ की हड्डी मुड़ती है. आमतौर पर इस प्रकार का खिचाव हमें नहीं मिलता है. ये खिचाव रीड़ की हड्डी के लिए बेहद लाभदायक होता है.

गरुड़ासन

इसके ताड़ासन मुद्रा में खड़े हो जाएँ. अब घुटनों को थोड़ा सा मोड़ते हुए अपना दाहिना पैर उठाएं और अपनी बाईं ओर अपने दाएं जांघ पर रखें. अब फर्श पर अपने पैर की उंगलियों के साथ संतुलन करें,या अपने बाएं पिंडली के पीछे अपने दाहिने पैर को हुक दें. बाहों के लिए, बायीं तरफ दाहिनी बांह को ले जाएँ और कोहनी को झुकाने के साथ, अपने हथेलियों को एक साथ लाएं. आप अपने कोहनी को ऊपर खींचकर एक शक्तिशाली खिंचाव लें और अपने चेहरे से ऊपर हाथ निकाल लें. गरुड़ासन से कमर के मध्य भाग में खिचाव आता है, जो कि कमर की मांसपेशियों को खोलता है और उनमें एठन ख़त्म करता है.

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएँ. अपने पैरों के बीच उचित दूरी बना लें. अपने दाहिने पंजे को 10 डिग्री और बाएँ पंजे को 15 डिग्री तक घुमाएँ. सुनिश्चित करें की आपके पंजे जमीन को दबा रहे हैं और शरीर का भार दोनों पैरों पर समान रूप से हैं. एक गहरी लम्बी साँस अन्दर की ओर लें और साँस बाहर की ओर छोड़ते हुए अपने शरीर को दाहिने तरफ मोड़ें. अब कूल्हों से नीचे की तरफ जाएँ और अपनी कमर को सीधा रखते हुए अपने बाएँ हाथ को ऊपर हवा में उठाएँ और दाहिने हाथ को नीचे जमीन की तरफ ले जाएँ. त्रिकोणासन कमर के साइड की मांसपेशियों में खिचाव लाता है और साथ ही दर्द, कमज़ोरी और एठन को भी ख़त्म करता है.

हलासन

हलासन करने के लिए कमर के बल सीधे लेट जाएँ. बाजुओं को सीधा कमर की बगल में जमीन पर टिकाएं. दोनों पैसरो को एक दूसरे से मिलाकर रखें. आँखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें. अब कोहनियों को जमीन पर टिकाएं हुए दोनों हाथों से कमर को सहारा दें. इस मुद्रा में 1-2 सांस अंदर और बाहर लें और सुनिश्चित करें कि आपका संतुलन सही बना हुआ है. अब दोनों टांगों को बिलकुल पीछे ले जाएँ. जितना संभव हो सकें उतनी देर इस मुद्रा में रहें. और फिर पैरो को धीरे धीरे वापिस ले आएं. कमर दर्द के लिए हलासन आसन के फायदे - हलासन से कमर की ऊपरी भाग और गर्दन में खिचाव आता है.

श्वानासन

यही एक कारण है कि अधो मुख श्वानासन योग की सबसे प्रतिष्ठित मुद्राओं में से एक है. यह आपके पूरे शरीर को फिर से जीवंत कर सकता है. अपने हाथों और पैरों के बल आएं और शरीर को एक मेज़ की स्थिति में लाएं. साँस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं. अपने घुटने और कोहनी को मजबूती देते हुए अपने शरीर से उल्टा वी (V) बनाएं. हाथ कंधो के जितनी दूरी पर होने चाहिए. पैर कमर की दूरी के बराबर और एक दुसरे के समानांतर होने चाहिए. अपनी नज़र नाभि पर बनाये रखें. साँस छोड़ते हुए घुटनो को मोड़े और वापस मेज़ वाली स्थिति में आएँ. अधो मुख श्वानासन से पिड़लियों से लेकर गर्दन तक शरीर के पूरे पिछले हिस्से में खिचाव आता है. ये आसन कमर दर्दे के लिए बहुत फ़ायदेमंद है.

शलभासन

अपने पेट के बल लेट जाएँ और बगल में अपने हाथ टिकाएं. ठोड़ी को थोड़ा आगे लाएं और जमीन पर रख लें. आँखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें. अब धीरे धीरे जितना हो सके अपने टांगों को उतना ऊपर उठायें. टांगों को उठाते समय दोनों एक साथ रहनी चाहिए और अपने हाथो से जमीन पर दबाव बनायें. उसके बाद 30 सेकंड से एक मिनट तक ऐसे ही रहे और धीरे धीरे टांगों को निचे ले आएं. लभासन से कमर का निचला हिस्सा मज़बूत होता है. इस आसन को अपने शारीरिक क्षमता के अनुसार करें, जितना हो सके उतना ही टांगों को ऊपर उठाएं.

पाश्चिमोतानासन

अपने पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएँ, धीरे धीरे कूल्हों पर से झुकते हुए अपने पैरों, टखनों को पकड़ें. अपनी कमर को गोल करने के बजाय, अपने उरोस्थि को आगे बढ़ाना जारी रखें और धड़ को लंबा करें. यदि इससे आपकी कमर को दर्द होता है, तो अपने घुटनों को ज़रूरत के मुताबिक मोड़ो. पाश्चिमोतानासन कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को खोलता है और दर्द व एठन को भी कम करता है. इस आसन को वो लोग न करें जिनके कमर के निचले हिस्से में चोट या स्लिप डिस्क है.

HIV - How Ayurveda Can Help You Treat It?

Dr. Pradeep Nori 91% (113 ratings)
BAMS
Ayurveda, Hyderabad
HIV - How Ayurveda Can Help You Treat It?

HIV or the Human Immunodeficiency Virus is a problem of the immune system where it is severely weakened and the body becomes more susceptible to other serious medical conditions. The final stage of the HIV infection may result in AIDS. However, it may take up to a decade or more to fully develop. During this stage, the immune system can be severely diminished and becomes prone to diseases caused by infections such as gastrointestinal disorders, pneumonia among others.

Causes

  • Unprotected sexual intercourse
  • Usage of common and infected needles either due to drug abuse or untrained medical personnel.
  • HIV can also transmit from the infected mother to a child by means of breastfeeding or during the gestational period through the placenta.

Symptoms

  • Severe headaches
  • Rashes
  • Pain in the muscles and joints
  • Inflation in the lymph nodes and etc.

The later symptoms that may appear after a few years may include severe fatigue, inflation of lymph nodes, weightloss, fever and sweating at the night. HIV is suspected if the symptoms remain for a long time without any diagnosable underlying cause for existence.



Ayurvedic approach to HIV
According to Ayurvedic scriptures, the symptoms of HIV have similarities with the concept of ‘Kshaya’ which denotes severe energy loss. So, the Ayurvedic medications aim to restore the lost energy of the body and subsequent development of the immune system along with the removal of the toxic materials from the body. The ayurvedic remedies for symptoms are as follows:

  • Consumption of 2 to 3 tablespoons of Chyawanprash might help in the lowering of the cholesterol levels along with the lowering of blood pressure and overall development of the muscles and skin. This preparation, made up of gooseberry and 35 other herbs, is also helpful in improving the dwindling immunity of the body.
  • A prescribed dosage of Triphala powder with water can also be helpful with diagnosing the digestive problems that might occur as a result of HIV.
  • Consumption of a tonic of the mineral pitch Shilajit can also give a boost to someone with the feelings of constant fatigue, which is a common symptom of HIV.
  • A regulated consumption of the Ashwagandha herb might help in reinstating the lost vigor of a person affected by HIV. This herb is also useful to normalize the weight of the body.
  • Yoga and meditation are two very important weapons in the arsenal of Ayurveda which will not only limit the symptoms of HIV but also boost the various organs of the body resulting in an improved quality of life.
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6 Yoga Postures To Cure Arthritis!

Dr. Anu Goyal 87% (17 ratings)
B.A.M.S, Dietetics & Food Services Management Services, Panchkarma, Sports Nutrition, Clinical & Therapeutic Yoga
Ayurveda, Panchkula
6 Yoga Postures To Cure Arthritis!

Yoga is recommended for people with joint inflammation or arthritis. In the case of certain individuals with different sorts of arthritis, studies have shown that consistent yoga practice can lessen joint pain, improve flexibility of the joint and release the stress and strain to provide better rest. Yoga comes with a wide range of practices; however, for the most part, it includes adopting specific bodily postures. It also includes breathing and meditation exercises.

Some of the yoga postures to cure arthritis are as follows:

  1. Sun salutations: They are the perfect way to begin a day. They can be reflective and calming as you develop the strength to breathe fresh air. Stand with both feet touching, and afterwards, join your hands, palm-to-palm, and place them on your chest. Breathe out and raise your arms upward. Gradually twist backwards and extend your arms over the head. Unwind your neck and breathe in. You must keep in mind that it is one breath for every movement.
  2. Kid's pose and child's pose plus: This is a truly gentle and simple approach to stretch the lower back. Get into the stance by dropping down onto your knees, spread your knees wide and join your toes. Place your hips back onto your feet or heels and stretch your arms forward onto the ground.
  3. Bovine pose (cow pose): Get on all fours with your hands; keep your wrists directly under the shoulders, and spread your fingers wide. Your knees need to be at the hips' width and directly under your hips. Point your abdomen upwards, as your shoulder bones push down towards your abdomen, and tilt your pelvis up and back so that you are sitting.
  4. Furious cat: Turn around the cow pose to do the furious cat pose. From all fours, pull your belliy in and your back arches into a back bend. Point your hips back toward your lower legs to build the space between every vertebra.
  5. Prostrate twisting: Bending should be very useful, but if the bending or twisting brings on any pain, leave it quickly. Lie on your back, draw your knees toward your abdomen, and wrap your arms around your legs, giving yourself a little hug. Shake yourself from side-to-side or forward and backward.
  6. Bridge pose: Lie in a straight position on the floor, twist your knees, and set your feet on the floor. Breathe out and press the inner parts of your feet and your arms into the floor. Push your tailbone up, tighten your hips, and lift them off the floor until your thighs are parallel to the floor. Keep your knees right above your heels and lift the upper part of your hips toward your stomach.
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पीठ दर्द के लिए योगासन -Yoga For Back Pain!

Dr. Sanjeev Kumar Singh 89% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
पीठ दर्द के लिए योगासन -Yoga For Back Pain!

आजकल पीठ दर्द की समस्या बहुत ही आम और बढ़ती जा रही है. यह समस्या किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है. वास्तव में इसके पीछे का मुख्य कारण मांसपेशियों में तनाव और जोड़ों में खिंचाव होना है. कुछ लोगों को कमर दर्द केवल अस्थायी रूप से होता है जबकि कुछ लोगों को बहुत परेशान कर देता है. यदि आपका दर्द कम गंभीर है तो आप कुछ योगासन अपनाकर अपनी पीठ को मजबूत, स्ट्रेचिंग और रीढ़ और नसों के संचलन में सुधार करने में मदद कर सकते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से आप पीठदर्द के लिए आवश्यक व्यायामों को जानें.

बालासन

बालासन न केवल बच्चे के आराम करने का एक अद्धभुत तरीका है. यह आपकी पीठ और आपके कूल्हों को भी स्ट्रेच कर सकता है. आप इस आसान को कभी भी कर सकते हैं. बालासन करने के लिए जमीन पर वज्रासन में बैठ जाएँ. अब सांस लेते हुए दोनों हाथो को सैर के ऊपर उठा लें. आप सांस छोड़ते हुए नीचे की ओर आएं कूल्हों से झुकते हुएं. और तब तक झुके जब तक कि आपकी हथेलियां जमीन पर न लग जाएँ. अब एक गहरी लम्बी सांस अंदर ले और बाहर छोड़ें. इस मुद्रा में आप जितनी देर रह सकते हैं उतनी देर रहें. बालासन हमारे लिए एक आरामदायक आसन है. इस आसन से कमर के साथ-साथ पूरे शरीर को आराम मिलता है.

धनुरासन

धनुरासन करने के लिए पेट के बल लेट जाएँ. दोनों पैरो के घुटनो को मोड़ कर एड़ियों को कूल्हों पर टिकाएं. अब हाथो से अपने टखनों को पकड़ें. जितना हो सके उतना अपनी जांघों और छाती को ऊपर उठायें. कुछ देर इसी मुद्रा में रहे और वापिस पहले वाली पोजीशन में आ जाएँ. धनुरासन एक कठिन आसन है, जो हमारी हड्डियों में लचीलापन लाता है और उन्हें मज़बूत भी बनाता है.

र्धमत्स्येन्द्रासन

जब अर्धमत्स्येन्द्रासन की बात आती है तो आपके पास कई विकल्प होते हैं. यह एक बुनियादी और प्रभावशाली मरिचिआसन में से एक है. अपने बाएं पैर को सीधे रखें और अपना दाहिना पैर को मोड़ो ताकि आपका पैर सपाट रहें. सहायता के लिए अपने पीछे जमीन पर अपना दाहिना हाथ रखें और बाएँ हाथ की कोहनी को दाहिने घुटने पर रखें. अर्धमत्स्येन्द्रासन से हमारी रीढ़ की हड्डी मुड़ती है. आमतौर पर इस प्रकार का खिचाव हमें नहीं मिलता है. ये खिचाव रीड़ की हड्डी के लिए बेहद लाभदायक होता है.

गरुड़ासन

गरुड़ासन आपकी संपूर्ण पीठ को फैलाने और खोलने में मदद कर सकता है. ताड़ासन मुद्रा में खड़े हो जाएँ. अब घुटनों को थोड़ा सा मोड़ते हुए अपना दाहिना पैर उठाएं और अपनी बाईं ओर अपने दाएं जांघ पर रखें. अब फर्श पर अपने पैर की उंगलियों के साथ संतुलन करें,या अपने बाएं पिंडली के पीछे अपने दाहिने पैर को हुक दें. बाहों के लिए, बायीं तरफ दाहिनी बांह को ले जाएँ और कोहनी को झुकाने के साथ, अपने हथेलियों को एक साथ लाएं. आप अपने कोहनी को ऊपर खींचकर एक शक्तिशाली खिंचाव लें और अपने चेहरे से ऊपर हाथ निकाल लें. गरुड़ासन से पीठ के मध्य भाग में खिचाव आता है, जो कि पीठ की मांसपेशियों को खोलता है और उनमें एठन ख़त्म करता है.

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएँ. अपने पैरों के बीच उचित दूरी बना लें. अपने दाहिने पंजे को 10 डिग्री और बाएँ पंजे को 15 डिग्री तक घुमाएँ. सुनिश्चित करें की आपके पंजे जमीन को दबा रहे हैं और शरीर का भार दोनों पैरों पर समान रूप से हैं. एक गहरी लम्बी साँस अन्दर की ओर लें और साँस बाहर की ओर छोड़ते हुए अपने शरीर को दाहिने तरफ मोड़ें. अब कूल्हों से नीचे की तरफ जाएँ और अपनी कमर को सीधा रखते हुए अपने बाएँ हाथ को ऊपर हवा में उठाएँ और दाहिने हाथ को नीचे जमीन की तरफ ले जाएँ. त्रिकोणासन कमर के साइड की मांसपेशियों में खिचाव लाता है और साथ ही दर्द, कमज़ोरी और एठन को भी ख़त्म करता है.

हलासन

हलासन करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएँ. बाजुओं को सीधा पीठ की बगल में जमीन पर टिकाएं. दोनों पैसरो को एक दूसरे से मिलाकर रखें. आँखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें. अब कोहनियों को जमीन पर टिकाएं हुए दोनों हाथों से पीठ को सहारा दें. इस मुद्रा में 1-2 सांस अंदर और बाहर लें और सुनिश्चित करें कि आपका संतुलन सही बना हुआ है. अब दोनों टांगों को बिलकुल पीछे ले जाएँ. जितना संभव हो सकें उतनी देर इस मुद्रा में रहें. और फिर पैरो को धीरे धीरे वापिस ले आएं. कमर दर्द के लिए हलासन आसन के फायदे - हलासन से पीठ की ऊपरी भाग और गर्दन में खिचाव आता है.

श्वानासन

यही एक कारण है कि अधो मुख श्वानासन योग की सबसे प्रतिष्ठित मुद्राओं में से एक है. यह आपके पूरे शरीर को फिर से जीवंत कर सकता है. अपने हाथों और पैरों के बल आएं और शरीर को एक मेज़ की स्थिति में लाएं. साँस छोड़ते हुए कमर को ऊपर उठाएं. अपने घुटने और कोहनी को मजबूती देते हुए अपने शरीर से उल्टा वी (V) बनाएं. हाथ कंधो के जितनी दूरी पर होने चाहिए. पैर पीठ की दूरी के बराबर और एक दुसरे के समानांतर होने चाहिए. अपनी हथेलियों को जमीन पर दबाएँ और कंधो से मजबूती प्रदान करें. लंबी गहरी साँस लें अधोमुख श्वान की अवस्था में बने रहें. अपनी नज़र नाभि पर बनाये रखें. साँस छोड़ते हुए घुटनो को मोड़े और वापस मेज़ वाली स्थिति में आएँ. अधो मुख श्वानासन से पिड़लियों से लेकर गर्दन तक शरीर के पूरे पिछले हिस्से में खिचाव आता है. ये आसन कमर दर्दे के लिए बहुत फ़ायदेमंद है.

शलभासन

अपनी पीठ और नितंबों को मजबूत करने के लिए शलभासन एक शानदार तरीका है. अपने पेट के बल लेट जाएँ और बगल में अपने हाथ टिकाएं. ठोड़ी को थोड़ा आगे लाएं और जमीन पर रख लें. आँखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें. अब धीरे धीरे जितना हो सके अपने टांगों को उतना ऊपर उठायें. टांगों को उठाते समय दोनों एक साथ रहनी चाहिए और अपने हाथो से जमीन पर दबाव बनायें. उसके बाद 30 सेकंड से एक मिनट तक ऐसे ही रहे और धीरे धीरे टांगों को निचे ले आएं. लभासन से पीठ का निचला हिस्सा मज़बूत होता है. इस आसन को अपने शारीरिक क्षमता के अनुसार करें, जितना हो सके उतना ही टांगों को ऊपर उठाएं.

पाश्चिमोतानासन

पाश्चिमोतानासन करना आसान होता है जिससे आपको फायदा ही नहीं होगा बल्कि यह सही तरीके से लोअर बैक को खोल सकता है और कठोरता और दर्द से राहत प्रदान करता है. अपने पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएँ, धीरे धीरे कूल्हों पर से झुकते हुए अपने पैरों, टखनों को पकड़ें. अपनी पीठ को गोल करने के बजाय, अपने उरोस्थि को आगे बढ़ाना जारी रखें और धड़ को लंबा करें. यदि इससे आपकी पीठ को दर्द होता है, तो अपने घुटनों को ज़रूरत के मुताबिक मोड़ो. पाश्चिमोतानासन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को खोलता है और दर्द व एठन को भी कम करता है. इस आसन को वो लोग न करें जिनके कमर के निचले हिस्से में चोट या स्लिप डिस्क है.
 

10 Everyday Things That Can Restore Your Inner Peace!

Dr. Devang Patel 89% (68 ratings)
Bachelor of Ayurveda Medicine and Surgery (BAMS), M.D (Ayu)
Ayurveda, Navsari
10 Everyday Things That Can Restore Your Inner Peace!

Ayurveda addresses the physical, mental and emotional well-being of a person. According to Ayurveda, emotional instability is caused by miscommunication between the head and the heart. Here are ten ayurvedic tips to uplift your emotions and calm your inner self. 

  1. Go to bed on time: A good night's sleep is essential not only for your physical health, but also for your mental health. Try going to bed by 9 pm on a regular basis. This will give you a restful night's sleep and allow you to awake feeling refreshed.
  2. Wake up with the sun: An early start to the day keeps you from feeling dull and tired and boosts your energy levels. This also prevents build-up of toxins in your body and helps keep circulation and internal communication lines clear. 
  3. Go outdoors: Start your day by taking a walk outdoors early morning. This releases positive neurohormones that elevate your mood and activates the body's energy centres. 
  4. Avoid constipation: Clearing the waste created by your body on a daily basis is crucial to having a calm persona and not suffering from low mood swings problem. Drink plenty of water and make it a habit to eliminate your bowels at a particular time of the day to prevent constipation. Eating food rich in fiber or eating a few prunes, figs or cooked apples before going to bed can also help prevent constipation. 
  5. Eat food that is easy to digest: Food that is easy to digest does not cause bloating and other indigestion-related problems. It also prevents the buildup of toxic chemicals and boosts immunity. When your physical health is good, your mood gets elevated as well. 
  6. Try herbs and spicesSpices and herbs help the body absorb nutrients and prevent the buildup of toxins in your body. Try including flavouring agents like turmeric, amla, peppermint oil, coconut oil and cumin in your food to make yourself feel happier. 
  7. Get a massage: A massage relaxes the body and eases stress. It also releases toxins, improves circulation and invigorates the body. Use any oil you like for a massage as each has its own unique properties. 
  8. Exercise: Regular exercise is one of the cornerstones of good physical and mental health. Aim for at least half an hour rigrous exercise or break it into smaller intervals as per your time suitability. Yoga can also be very beneficial when it comes to elevating your mood. 
  9. Pranayama: Pranayama is the yogic way of breathing. This teaches you to breathe slowly and consciously so as to release pent up anger, stress etc and calm the mind. 
  10. Meditate: Regular meditation at the beginning or end of each day can also help calm the body and mind.

Suffering From Lower Back Pain - Yoga Asanas That Are Actually Good For You!

Dr. Akarshini Am 90% (152 ratings)
BAMS, MD-General Medicine, Phd - Kayachikitsa
Ayurveda, Bangalore
Suffering From Lower Back Pain - Yoga Asanas That Are Actually Good For You!

Lower back pain is one of the most common ailments among adults all across the world. You may wake up in the morning with an energising drink before going out to work. After you arrive at work, you may have to sit there till lunch, which involves further sitting and you are required to sit for more hours for completing the remaining work. Then you come back home by sitting in the car and have the night’s meal while again sitting. Did you know sitting through the day is the major culprit behind your back pain? Thankfully, yoga has effective ways of treating back pain to a considerable degree.

You can choose to do the following yoga poses for alleviating your back ache:

  1. Supine hamstring stretch: You will have to lie back on your back and bend the right knee to the chest. Then you will have to place a rolled-up towel around the football and straighten the leg towards the ceiling and press both the heels. In case your lower back feels strained, you can bend your left knee and place the foot right on the ground. Hold the position for about 3 to 5 minutes and practice regularly for soothing back pain.
  2. Two knee twist: You will have to bend your knees to the chest while lying on the back and try to bring out the arms forming a T-shape. Then try to exhale and lower down the knees on the ground towards your right side. Keep both the shoulders pressed down firmly and hold this position for about 2 minutes for best results.
  3. Sphinx: You will have to prop yourself on the forearms while lying on the stomach. You will then have to align the elbows right under the shoulders and press through the tops and palms of the feet. You are likely to feel terrific sensations down your lower back, but it is advised to bear through it as it allows the flow of blood to that region which is required for healing. Practice the position regularly and hold it for at least one minute.
  4. Thread the needle: This is quite an easier pose where you will have to lie flat on your back by bending both the knees with your feet flat on the ground. You will now have to bend the right knee by placing the outer left ankle through the right thigh. You will have to thread the right hand between the leg and interlace the hands behind the left thigh.

These positions would help in soothing your lower back pain, but it is recommended to consult a doctor if the pain still persists. Ayurvedic Tiktaksheer basti, massage therapy and certain oral medicines can help a lot in speedy recovery from spine/back related problems.

Ayurved has a very unique way of drug administration called Basti in which various medicines are given through the anus ( Rectal route)...For Lumbosacral / spine disorders a very specialised form of enema Tiktaksheer Basti (Medicated Bitter Milk enema) is given which shows amazing results. Kindly consult a specialized Ayurvedic practitioner for additional details.

Kati Basti (Vasti) is a traditional Ayurvedic treatment used for lower backache and disorders of lumbosacral region, including slip disc, lumbar spondylosis, sciatica, spinal problems etc. Kati Vasti is a part of external oleation (Snehana) therapy in Ayurveda. It is very safe, non-invasive and green category procedure.

In this procedure, you will get instant relief from backache. After completing a course of 7 to 21 days, you may not need any kind of oral medicines. It is a complete therapy for back pain and lumbosacral disorders.

However, the results vary person to person, but in most of cases, people get quick relief after the procedure.

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Anushka Sharma Suffering From Bulging Disc - Know The Symptoms, Causes And Treatment Of The Condition

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery
General Physician, Faridabad
Anushka Sharma Suffering From Bulging Disc - Know The Symptoms, Causes And Treatment Of The Condition

One of the most loved Bollywood actresses, Anushka Sharma, has reportedly been diagnosed with bulging disc, more commonly known as a slipped disc or a protruding disc.

As per the media reports, the actress, who has been busy promoting her upcoming movie ‘Sui Dhaga’, has been advised rest by doctors.

So , let’s take a look at the symptoms, causes and treatment of bulging disc.

Symptoms:

A bulging disc happens when the tough outer layer of the disc bulges into the spinal canal. It is one of the most common spine injuries which can occur in your lumbar spine (lower back), cervical spine (neck) or thoracic spine (upper and mid-back).

The symptoms of bulging disc can vary on the basis of the location and severity of the condition. There is a possibility that a person suffering from a slipped disc does not have any signs till the bulging area does not press against a nearby nerve.

A person, however, may feel severe pain if the spinal nerve is pressurised by displaced disc material.

The signs of bulging disc may include:

The most common sign of the disease is intense pain radiating to the hips, buttocks, legs and feet due to damaged disc. In the cervical spine, pain can radiate from the neck, down the arm and to the fingers. The other signs are numbness, weakness, tingling and muscle spasms.

Causes of a bulging disc:

Among the most common reasons for a bulging disc are injury, wear-and-tear, ageing, excess body weight, severe trauma, etc. 

Genetics may also be the reason for developing this condition. People with family history of degenerative spine conditions are more prone this disease.

What are the treatments?

People who are diagnosed with a bulging disc are generally recommended treatments that relieve its symptoms. These treatments include warm compresses, exercises, medication and rest.

If the condition of the patient does not improve even after the above mentioned measures, the doctor will advise surgery.

How to prevent a bulging disc?

Bulging disc can not be entirely prevented but you can be physically active, do some back strengthening exercises and yoga to reduce the chances of suffering from it.

We hope the condition of Anushka is not severe and she soon returns to her full-fledged schedule to keep us enthralled with her flawless on screen performances. Wish her a speedy recovery !

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Managing And Relieving Stress With 11 Ayurveda Remedies!

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Ayurveda, Coimbatore
Managing And Relieving Stress With 11 Ayurveda Remedies!

Stress is a very harmful all inclusive component of the human kind and can be good for us at times so that we can meet deadlines, but an excess of stretch can be very hurtful and can trade off our health physically, rationally, and emotionally. Depression is a very common and primarily created by stress.

When we are bearing overabundance of stress, numerous frameworks in the body can be adversely influenced: the digestive framework and metabolic system, the cardiovascular system, the musculoskeletal framework, the nervous system and the immune system. Excess stretch can likewise affect our mental and emotional health, our relationships with others and additionally the well-being of our bones and make us age faster.

Ayurveda offers a wonderful point of view on stress and depression management. Here are a few natural and Ayurvedic ways that can help relieve stress and depression:

 

 

  1. Basil leaves with Yogurt: Take ten or twelve basil leaves and blend them into yogurt. You can also add sugar to make it tastier. Blend this mix nicely to make a paste. Drink this paste to help get rid of stress.
  2. Fenugreek Seeds: Fenugreek seeds are the best type of herb to cure numerous kinds of diseases and infections. It is additionally extremely helpful during stress and depression. You can use it and feel its benefits. 
  3. Take Chamomile teaYou can have chamomile tea. It is a successful treatment for depression. It can soothe your body from the inside and also help you sleep.
  4. Lemon Balm: Put on lemon balm to dispose off the tension and any kind of depression. It keeps up the nervous system working.
  5. Use ashwagandhaYou can use ashwagandha to get alleviation from stress and depression.
  6. Lemon Juice: Drinking a glass of lemon juice every day is useful. Lemon is the best energizer for our body and keeps us on our feet while providing a cool feeling to the body from the inside.
  7. Almond with MilkTake five to six almonds and drench into the water around evening time. Peel off and granulate them the next morning. Infuse this paste into a glass of tepid water. You can also add some honey or sugar to make it delicious.
  8. Triphala Powder: Using triphala with water around evening time is additionally helpful to recover from stress.
  9. Cardamom Seeds: You can take five to six cardamoms. Biting their seeds at whatever time in a day has been proven beneficial.
  10. Amla With NutmegTake some juice of a crisp amla (Indian Gooseberry) and include a couple measure of nutmeg powder into it. Add some rock salt and blend them appropriately and drink it.
  11. BrahmiTake a teaspoon of brahmi powder and swallow it with any natural liquid. It will help you channel your energy and work towards something more to distract yourself from stress.
  12. Yoga: For releasing stress, meditation and yoga are best.
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