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डायबिटीज के लिए ग्रीन टी - Green Tea for Diabetes in Hindi

Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri
डायबिटीज के लिए ग्रीन टी - Green Tea for Diabetes in Hindi

ग्रीन टी (Green Tea) के कई स्वास्थ्य लाभ हैं जो बहुत से लोगों को नहीं पता हैं और उनमें से एक यह है कि ग्रीन टी मधुमेह (डायबिटीज) वाले लोगों के लिए भी अच्छी होती है।

ग्रीन टी पीना डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों के लिए एक अच्छा विचार है क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है। कई सकारात्मक परिणाम हैं कि अगर मधुमेह वाले लोग ग्रीन टी पीते हैं तो वे लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं।

डायबिटीज के लिए ग्रीन टी के फायदे: Green Tea Benefits For Diabetes in Hindi

टाइप -1 और टाइप -2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए ग्रीन टी फायदेमंद होता है। जो लोग मधुमेह से पीड़ित होते हैं, वे अपनी दिनचर्या में ग्रीन टी शामिल कर सकते हैं, लेकिन ऐसा क्यों करें, नीचे दिए गए है:

  • ग्रीन टी कैटेचिन (एंटी-ऑक्सीडेंट) की मदद से शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है। कैटेचिन कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कम करते हैं जिससे इंसुलिन का स्तर बना रहता है।
  • ग्रीन टी जीरो-कैलोरी पेय में से एक है और डायबिटीज वाले लोगों के लिए उपयोगी होता है क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखता है।
  • ग्रीन टी तनाव और एंजायटी को कम करती है जो डायबिटीज वाले लोगों के लिए हानिकारक होता है। इसमें एमिनो-एसिड एल-थीनिन होता है जो दिमाग पर शांत प्रभाव प्रदान करता है, इस प्रकार तनाव और एंजायटी को कम करता है।
  • ग्रीन टी पाचन तंत्र को मजबूत रखने में मदद करती है और एक अच्छा पाचन तंत्र ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखता है। इस प्रकार ग्रीन टी मधुमेह रोगियों के लिए अच्छी होती है।

डायबिटीज के लिए सबसे अच्छा ग्रीन टी- Best Green Tea for Diabetes in Hindi

अन्य सभी ग्रीन टी में, फनमत्सुचा और निबांचा(Funmatsucha and Nibancha) सबसे अच्छी ग्रीन टी है जिसका सेवन मधुमेह से पीड़ित लोग कर सकते हैं। फ़नमाटसुचा और निबांचा सबसे अच्छे हैं क्योंकि वे देर से कटाई के कारण अधिक समय तक धूप में रहते हैं। जिसके कारण इन विशिष्ट पौधों में बड़ी मात्रा में कैटेचिन का उत्पादन होता है और कैटेचिन डायबिटीज को रोकने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए आपको कितनी ग्रीन टी पीनी चाहिए?

अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो बहुत अधिक कैफीन का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। हालांकि ग्रीन टी में कैफीन की कम मात्रा मौजूद होती है, फिर भी इसे दिन में 1-2 बार से अधिक नहीं लेना चाहिए क्योंकि कैफीन डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छा नहीं होता है क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर और ब्लड प्रेसर पर प्रभाव डालता है। यदि आपको ग्रीन टी के बारे में कोई संदेह है तो आप अपने हेल्थ एक्सपर्ट से परामर्श कर सकते हैं।

डायबिटीज के लिए ग्रीन टी रेसिपी - Green Tea Recipes For Diabetes in Hindi

डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यहां कुछ ग्रीन टी रेसिपी दी गई हैं:

  1. मिंट-ग्रीन टी कूलर

    यह गर्मियों के दौरान एक ताज़ा पेय होता है, जो लोगों को हाइड्रेटेड होने में मदद करता है और बनाने में आसान होता है:

    सामग्री:

    • 2 ग्रीन टी बैग्स
    • 4 अदरक के टुकड़े
    • 6-7 बड़े मिंट के पत्ते
    • 2 कप पानी
    • 1 कप बर्फ

    कैसे बनाना है:

    • एक कप उबलते पानी में ग्रीन टी बैग, मिंट की पत्तियां, अदरक को डालें।
    • इसे 2-4 मिनट तक ऐसे ही रखें।
    • उसके बाद टी बैग्स, अदरक, और मिंट की पत्तियों को हटा दें।
    • चाय को सामान्य या कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें।
    • क्रश्ड बर्फ एक कप डालें और पुदीने की पत्तियों के साथ गार्निश करें।
  2. नींबू ग्रीन टी/ लेमन ग्रीन टी

    लेमन ग्रीन टी एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है और वजन और मधुमेह को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।

    सामग्री:

    • 1 टीस्पून ग्रीन टी
    • 1 टीस्पून नींबू का रस
    • 1 टीस्पून अदरक के रस
    • 1 कप पानी

    कैसे बनाना है:

    ग्रीन टी के साथ एक कप पानी उबालें और इसे कुछ देर तक रहने दें, जिससे चाय पानी में डूबी रहे। जब प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो चाय को छोड़ दें और अदरक जूस और लाईम जूस का एक बड़ा चमचा जोड़ें। सर्व हॉट.

जेस्टेशनल डायबिटीज के लिए ग्रीन टी - Green Tea for Gestational Diabetes in Hindi

जेस्टेशनल डायबिटीज हाई ब्लड शुगर होता है जो आमतौर पर गर्भावस्था के समय मां और बच्चे को होता है। यह जन्म देने के बाद गायब हो जाता है। ग्रीन टी की मदद से जेस्टेशनल डायबिटीज को ठीक किया जा सकता है क्योंकि ग्रीन टी में ईसीजीसी होता है। यह ईसीजीसी यौगिक माताओं और शिशुओं में मधुमेह के परिणाम को बेहतर बनाने में मदद करता है।

ज्यादातर महिलाएं तीसरी तिमाही के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित होती हैं और गर्भावस्था के समय महिलाएं ग्रीन टी का सेवन कर सकती हैं। इसलिए जेस्टेशनल डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं के लिए ग्रीन टी उपयोगी होता है।

ग्रीन टी पीने से इंसुलिन का स्तर काफी कम हो जाता है और गर्भावस्था के समय गर्भवती महिलाओं में पाचन में भी सुधार होता है।

इस तरह से डायबिटीज से पीड़ित लोगों द्वारा ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है क्योंकि ग्रीन टी पीने से फायदे होते हैं। यदि आपको कोई संदेह है या आप ग्रीन टी का सेवन करने के बाद किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करते हैं तो आप अपने हेल्थ एक्सपर्ट से परामर्श कर सकते हैं।

यदि आपके पास कोई चिंता या प्रश्न है, तो आप हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श कर सकते हैं और अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकते हैं!

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Dear Sir, I am 58, post cabg 4&1/2 yrs, now about last 2 years not taking any medicines, only on exercise & diet control plus taking 6 cloves of garlic in empty stomach at 7 am. Now after 4 months again had lab test on 13/11/19 & found => tc-171, tg- 129, ldl-112, vldl- 25.8, hdl- 44, vit- d- 31.52,tsh - 4.57, s.creatinine - 1.0, uric acid -6 & fpg -102. Kindly note my bp remains in weekly monitoring 135 to 150 systolic & 90 to 100 diastolic sometimes and bmi is within 23. Please let me know whether any worries for my life in near future under this state of health condition.

Dt. Humera Suhail 92% (188 ratings)
Post Graduate Diploma in Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Thane
Dear Sir,
I am 58, post cabg 4&1/2 yrs, now about last 2 years not taking any medicines, only on exercise & diet cont...
Sir. U have not mentioned your current weight. You need to cut down on salty food items, maida and deep fried snacks. Belly fat is an indicator of viscera fat which must be reduced through diet and exercise. Include a tablespoon of flax seeds in your diet along with salads and sprouts. Kindly. Get yourself assessed by a dietitian of your area for personalised meal plan.
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Blood Sugar - How Ayurveda Can Balance It?

Dr. Manisha Naringe 92% (29 ratings)
MD - Ayurveda
Ayurvedic Doctor, Vadodara
Blood Sugar  - How Ayurveda Can Balance It?

Ayurveda, the traditional way of healing is known to be a crucial and effectual therapy for a lot of ailments. Since the primitive ages, mankind has been approaching Ayurveda for remedial purposes and in most instances have reaped fruitful results. Ayurveda seeks to heal diseases using natural herbs that are said to resonate well with the four elemental constituents of beings, i.e air, water, earth and fire. Ayurveda uses myriad herbs and natural ingredients in a unique proportion to impart physical as well as spiritual wellness. One of the most common and yet fairly formidable disease plaguing modern lives is diabetes, induced by an imbalance in the blood sugar levels in the human body. 

Ayurveda recommends the use of a few select herbs to control and alleviate the blood sugar imbalances.

1. Gymnema Leaf
 Indigenously called gurmar, Gymnema leaves regulate the insulin levels in our body. It not only prevents the absorption of sugar in the intestines but also stimulates cell growth in the pancreas. As a consequence, the insulin levels in the body is maintained and the blood sugar problems get neutralized.

2. Cinnamon 
Cinnamon is replete with polyphenols that trigger off a healthy count of insulin secretion. Cinnamon has other beneficial properties as well. Whether consumed as tea or sprinkled on food as a flavor, Cinnamon can be instrumental in combatting blood sugar imbalance.

3. Fenugreek seeds
A common find in most Indian kitchens, Fenugreek seeds are well known for their health advantages.  Its pungently sweet flavor adds to the taste of many dishes. But most importantly, fenugreek seeds extensively keep the blood sugar level in control. 

4. Basil Leaf
 Basil leaves are one of the most commonly used natural remedies for a wide range of diseases. The basil extracts are used in various food items and are extremely effective in curbing the excessive presence of blood sugar in the body. In general, as well, basil leaves regulate the metabolism to a large extent.

5. Coccinia Indica
This herb protects the vital organs from any damage caused due to diabetes. It stabilizes the breakdown of starch in the body.

6. Azadirachta Indica
Common known as Neem, this herb is perhaps an indomitable medicine for increasing glucose tolerance. Neem is also used in allopathic medication on account of its various healing qualities.

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Have sugar imbalance sometimes sugar goes very low and sometimes very high. Please advise.

Dr. Karuna Chawla 97% (119787 ratings)
BHMS
Homeopath, Noida
Have sugar imbalance sometimes sugar goes very low and sometimes very high. Please advise.
What is your blood sugar right now. And what is your daily routine? You need to take medicines for this. In addition, do this a diabetes diet simply means eating the healthiest foods in moderate amounts and sticking to regular mealtimes. A diabetes diet is a healthy-eating plan that's naturally rich in nutrients and low in fat and calories. Key elements are fruits, vegetables and whole grains. you can take (moderate amount) grapes. Apples. Berries. Citrus fruits. Pineapple. Papaya. U should avoid sugar-sweetened beverages. Sugary beverages are the worst drink choice for someone with diabetes. Trans fats sugar, cake, pastries mithai/sweets chocolate fruits like mango, litchi etc. White bread, pasta fruit-flavored yogurt. Sweetened breakfast cereals. Flavored coffee drinks. Honey 1. Don't take tea empty stomach. Eat something like a banana (if you are not diabetic). No only biscuits or rusk will not do. 2. Take your breakfast every day. Don't skip it. 3. Have light meals every 2 hours (in addition to your breakfast, lunch n dinner) e.g. Nariyal paani, chaach, a handful of dry fruits, a handful of peanuts, seasonal fruit, a cup of curd/milk etc 4. Finish your dinner at least 2 hours before going to sleep. 5. Maintain an active life style 6. Avoid fast foods, spicy n fried foods 7.take a lot of green vegetables n fruit. 8. Drink lot of water. 9.curd is good for u. Exercise in the form of yoga, cycling, swimming, gymming, walking etc. For more details you can consult me.
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Diabetes Diet Chart in Hindi - मधुमेह आहार चार्ट | डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं

Dt. Radhika 93% (473 ratings)
MBBS, M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Delhi
Diabetes Diet Chart in Hindi - मधुमेह आहार चार्ट | डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं

भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही हैं. लगभग हर 5 भारतियों में से 2 भारतीय को डायबिटीज की समस्या हैं. देखा जाए तो डायबिटीज खुद कोई भयानक बीमारी नही है बल्कि यह आपने बाद धीरे धीरे विभिन्न बीमारियों को न्योता देकर शरीर के अलग अलग अंगों नुकसान पहुंचाती है. जैसे हम आसानी से देख सकते हैं कि हाई ब्लड शुगर के रोगी को आंखों व किडनी के रोग, सुन्नपन आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिए जितना महत्त्व दवा और व्यायाम का है उतना ही महत्व आहार या डाइट का हैं. माना जाता है कि डायबिटीज के मरीज नॉर्मल रुटीन लाइफ नहीं जी सकते इसलिए उन्हें एकदम स्ट्रिक्ट डाइट लेना चाहिए.

आपको बता दें कि मधुमेह रोग के होने का कारण इन्सुलिन नामक हार्मोन का स्राव है. इसके होने के अन्य कारणों में आप अत्यधिक तनाव, वजन या उम्र का बढ़ना के साथ ही जेनेटिक कारण भी हैं. यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें ज्यादा से ज्यादा परहेज ही आपको सुरक्षित रखता है. यदि आपने परहेज में कोई गलती की या एक आवश्यक निश्चित दिनचर्या का अनुसरण नहीं किया तो आपको उसी अनुपात में परेशानी ज्यादा झेलना पड़ सकता है. ऐसे में आपके लिए एक निश्चित डाइट चार्ट का अनुसरण करना नितांत आवश्यक हो जाता है.

डायबिटीज डाइट चार्ट - Sugar Patient Diet Chart in Hindi

शुगर की बीमारी ऐसी है कि यदि ये एक बार आपको हो जाए तो ये उम्र भर आपके साथ बनी ही रहती है. आप ज्यादा से ज्यादा संयम बरत कर इसको नियंत्रित कर सकते हैं. और ऐसा करने के लिए आपको एक निश्चित दिनचर्या का अनुसरण एवं पोषण युक्त आहार के सेवन की आवश्यकता होगी. मोटापा बढ़ना, तनाव की अधिकता, असंयमित खानपान एवं व्यायाम न करने की वजह से आपको मधुमेह का शिकार होना पड़ता है. इसलिए यदि आप इससे निपटना चाहते हैं तो आपको इन्हें ही नियमित करना होगा. ऐसा न कर पाने के कारण ही इस बीमारी से प्रभावित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. जिन लोगों को ब्लड शुगर है उनके लिए संतुलित और नियमित भोजन अत्यंत आवश्यक है. इसके अलावा आप अनुकूल डाइट चार्ट का अनुसरण करके अपने मधुमेह को नियंत्रित करने के साथ ही इंसुलिन के डोज़ में भी कमी ला सकते हैं.

यदि आप इसके शिकार हैं तो आपको प्रतिदिन लिए जाने वाले कुल आहार में लिए जाने वाले कैलोरी का कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन से क्रमशः 40 प्रतिशत, 40 प्रतिशत और 20 प्रतिशत खाद्य पदार्थों से लिया जाना चाहिए. लेकिन जो लोग मोटापे के शिकार हैं उनके लिए कुल कैलोरी का 60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट से, 20 प्रतिशत फैट से व 20 प्रतिशत प्रोटीन से लेना चाहिए.

आइए हम जानते हैं डायबिटीज के रोगी आइडियल डाइट चार्ट किस प्रकार होनी चाहिए और साथ ही कुछ खास हिदायतें किसी पर्टिकुलर स्थिति पर डायबिटीज को कंट्रोल करने के निर्देश.

  • सुबह 6 बजे - एक ग्लास पानी में आधा चम्मच मेथी पावडर डालकर पीजिए.
  • सुबह 7 बजे - एक कप शुगर फ्री चाय, साथ में 1-2 हलके शक्कर वाली बिस्कुट ले सकते हैं.
  • नाश्ता / ब्रेकफास्ट - साथ आधी कटोरी अंकुरित अनाज और एक गिलास बिना क्रीम वाला दूध.
  • सुबह 10 बजे के बाद - एक छोटा फल या फिर नींबू पानी.
  • दोपहर 1 बजे यानी लंच - मिक्स आटे की 2 रोटी, एक कटोरी चावल, एक कटोरी दाल, एक कटोरी दही, आधी कटोरी सोया या पनीर की सब्जी, आधी कटोरी हरी सब्जी और साथ में एक प्लेट सलाद.
  • शाम 4 बजे - बिना शक्कर या शुगर फ्री के साथ एक कप चाय और बिना चीनी वाला बिस्किट
  • या टोस्ट या 1 सेब.
  • शाम 6 बजे - एक कप सूप पिएँ
  • डिनर - दो रोटियां, एक कटोरी चावल (ब्राउन राइस हफ्ते में 2 बार) और एक कटोरी दाल, आधी कटोरी हरी सब्जी और एक प्लेट सलाद.
  • बिना क्रीम और चीनी के एक गिलास दूध पिएँ. ऐसा करने से अचानक रात में शुगर कम होने का खतरा नहीं होता.
  • एक खास हिदायत मधुमेह के मरीजों को उपवास करने से बचना चाहिए. इसके अलावा भोजन के बीच लंबा गैप भी नही करना चाहिए और रात के डिनर में हल्का भोजन करना चाहिए. इसके अलावा नियमित रूप से योगा और व्यायाम करने से भी ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है.
  • रोजाना इस डाइट चार्ट को फॉलो करने के साथ ही बताई गई कुछ एक चीजें और इस्तेमाल करें.
  • दरारा पिसा हुआ मैथीदाना एक या आधा चम्मच खाना खाने के 15-20 मिनट पहले लेने से शुगर कंट्रोल में रहती है और इससे और भी कई अंगों को फायदा होता है.
  • रोटी के आटे को बिना चोकर निकाले यूज़ में लाएं हर चाहें तो इसकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसमें सोयाबीन मिला लें.
  • घी और तेल का दिनभर में कम से कम इस्तेमाल करें.
  • सभी सब्जियों को कम से कम तेल का प्रयोग करके नॉनस्टिक कुकवेयर में पकाएं. हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा से ज्यादा खाएं.
  • शुगर रोगी को खाने से लगभग 1 घंटा पहले अच्छी स्पीड पैदल चलना चाहिए और साथ ही व्यायाम और योगा भी करें. सही समय पर इंसुलिन व दवाइयां लेते रहें. नियमित रूप से चिकित्सक के पास जांच कराएं.
  • इसके साथ शुगर के मरीज को प्रोटीन अच्छी मात्रा में व उच्च गुणवत्ता वाला लेना चाहिए. इसके लिए दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, सोयाबीन आदि का सेवन ज्यादा करना चाहिए. इंसुलिन ले रहे डायबिटिक व्यक्ति एवं गोलियां ले रहे डायबिटिक व्यक्ति को खाना सही समय पर लेना चाहिए. ऐसा न करने पर हायपोग्लाइसीमिया हो सकता है. इसके कारण कमजोरी, अत्यधिक भूख लगना, पसीना आना, नजर से धुंधला या डबल दिखना, हृदयगति तेज होना, झटके आना एवं गंभीर स्थिति होने पर कोमा में जाने जैसी विपत्ति का भी सामना करना पड़ सकता है.
  • डायबिटिक व्यक्ति को हमेशा अपने साथ कोई मीठी चीज जैसे ग्लूकोज, शक्कर, चॉकलेट, मीठे बिस्किट रखना चाहिए. यदि हायपोग्लाइसीमिया के लक्षण दिखें तो तुरंत इनका सेवन करना चाहिए. एक सामान्य डायबिटिक व्यक्ति को ध्यान रखना चाहिए कि वे थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहें. दो या ढाई घंटे में कुछ खाएं. एक समय पर बहुत सारा खाना न खाएं.
  • मधुमेह पीड़ितों को नियमित रूप से डबल टोन्ड दूध का ही इस्तेमाल करना चाहिए. इसके साथ ही ये भी ध्यान रखें कि आपके खाद्य पदार्थों में कैलोरी की मात्रा कम से कम हो. इसके लिए आप छिलका युक्त भुना हुआ चना, परमल, गेहूं या मूंग आदि कोई अंकुरित अनाज, सूप और सलाद इत्यादि का भरपूर इस्तेमाल करें. बताते चलें कि दही या छाछ के इस्तेमाल से ग्लूकोज की मात्रा में कमी आती है.
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