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Usha Narayan Clinic

Ayurveda Clinic

Shiv Shankar Nagar, Way Chakrapani Vasahat, Old Post Office Road, Bhosari Pune
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We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply....more
We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply.
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Usha Narayan Clinic is known for housing experienced Ayurvedas. Dr. Ujwala, a well-reputed Ayurveda, practices in Pune. Visit this medical health centre for Ayurvedas recommended by 93 patients.

Timings

MON-SAT
06:00 PM - 08:00 PM

Location

Shiv Shankar Nagar, Way Chakrapani Vasahat, Old Post Office Road, Bhosari
Bhosari Pune, Maharashtra - 411039
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Doctor in Usha Narayan Clinic

Dr. Ujwala

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda
27 Years experience
Available today
06:00 PM - 08:00 PM
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MS - Ophthalmology, MBBS, FRCS
Ophthalmologist, Gurgaon
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Eyes are very important organs as they provide you with the ability to process visual detail and detect light. However, because your eyes are exposed to harsh climate and pollutants, they can get spoilt.

निरंजन फल के फायदे - Niranjan Phal Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
निरंजन फल के फायदे - Niranjan Phal Ke Fayde!

निरंजन फल, विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों में से एक है. ये पूरी तरह से कच्ची जड़ी-बूटी है जो कि प्रकृतिक अवस्था में है. इसका इस्तेमाल करने से पहले इसे धोकर अच्छी तरह सूखा लेना ही ज्यादा उचित रहता है. यदि आपने इसे धो दिया है तो एक और बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि धोने के बाद इसे एकदम अच्छे से सूखा लें. यदि इसे ठीक से नहीं सुखाया और इसमें नमी रह गई तो ये खराब हो सकता है क्योंकि ये कवक के प्रति बेहद संवेदनशील है. यदि आपने इसे बाजार से खरीदा है तो ये आम तौर पर साफ़सुथरा ही मिलता है. दुकान से लिए गए निरंजन फल की सीमा तो एक साल की होती है लेकिन हमारा सलाह है कि आप इसे खरीदे गए दिन से 6 महीने तक ही इस्तेमाल करें. जब आप निरंजन फल को खरीदकर घर लाएँ तो इसे शीशे या स्टील के एक एयर टाइट जार में रखें ताकि ये जल्दी खराब न हो. इस आयुर्वेदिक औषधि का इस्तेमाल हमलोग डेकोटेशन पर्पज या फिर पाउडर के रूप में भी कर सकते हैं. आइए हम इस लेख के माध्यम से निरंजन फल के फायदों पर एक नजर डालें.

1. बवासीर के उपचार में-

कई लोग अक्सर बवासीर के समस्या से परेशान रहते हैं. पाईल्स से पीड़ित लोगों को रात को सोते समय एक निरंजन फल आधे गिलास पानी में भीगा कर रख देना चाहिए. सुबह खाली पेट उसे उसी पानी में मसल कर उस पानी को पी लें. ऐसा करने से पाईल्स में बहुत जल्दी आराम मिलने की संभावना बढ़ती है. इसकी एक खास बात ये है कि यह बहुत सस्ता मिलता हैं एक रुपये का एक फल आसानी से मिल सकता है.

2. गर्भाशय से होने वाली ब्लीडिंग को रोके-
जब गर्भाशय से बहुत ज्यादा रक्त स्त्रावित हो रही हो तो एक निरंजन फल को रात को एक कप पानी में भिगो दें सुबह खाली पेट फल को पानी में ही मसलकर पी जाएं. यदि फाइब्रॉएड घातक नहीं है तो यह उपचार दर्द और खून का स्त्राव रोकने में सहायक सिद्ध हो सकता है.

3. अल्सर को कम करने में-
निरंजन फल को कई तरह के बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए आवश्यक बताया जाता है. अल्सर से पीड़ित व्यक्ति भी इसके सेवन से अपनी परेशानी को काफी हद तक कम कर सकता है. इसे सेवन से या तो धीमा पड़ जाता है या फिर खत्म हो जाता है. इसलिए आप अल्सर में भी निरंजन फल खा सकते हैं.

4. इन बातों का अवश्य रखें ध्यान-
ध्यान रहे कि इस आयुर्वेदिक औषधि को किसी गर्भवती स्त्री या बच्चे के लिए किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ का सलाह लिए बिना कभी इस्तेमाल न करें. बल्कि ज्यादा उचित तो ये होगा कि इसका किसी भी तरह से इस्तेमाल शुरू करने से पहले आपको अपने पारिवारिक चिकित्सक से इस विषय में उचित राय अवश्य ले लेना चाहिए.

नोट: - इस लेख में बताए गए निरंजन फल के लाभ समेत तमाम बातें केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए हैं. यदि आप अपने व्यवहारिक जीवन में इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको इसका किसी भी तरह का इस्तेमाल करने के लिए चिकित्सक का परामर्श लेना आवश्यक है.

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नाभि के रोग के लक्षण - Naabhi Ke Rog Ke Lakshan!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
नाभि के रोग के लक्षण - Naabhi Ke Rog Ke Lakshan!

नाभि का खिसकना जिसे आम लोगों की भाषा में धरण गिरना या फिर गोला खिसकना भी कहते हैं. इसके कारण आप पेट दर्द से परेशान हो सकते है. यह दर्द ऐसा होता है, जो प्रभावित व्यक्ति को दर्द के कारण का पता भी नहीं लगता है. यह दर्द पेट दर्द की दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं होता है. यह केवल पेट दर्द ही नहीं दस्त का भी कारण हो सकता हैं. जबकि यह समस्या किसी के साथ भी हो सकती हैं, लेकिन आमतौर पर देखा गया है की नाभि खिसकने की समस्या महिलाओं में ज्यादा सामान्य है. हर दूसरी महिला में यह समस्या को देखा गया है. हालाँकि, इस समस्या का कारण क्या है, किन परिस्थितियों में उत्पन्न होती है जैसे सवालों का जवाब ‘योग’ प्रणाली में शामिल है. योग में नाड़ियों की संख्या बहत्तर हजार से ज्यादा बताई गई है और इसका मूल स्त्रोत नाभिस्थान है. इसलिए किसी भी नाड़ी के अस्वस्थ होने से इसका कुछ प्रतिशत असर नाभिस्थान पर जरूर होता है. आइए इस लेख के माध्यम से नाभि के रोग के लक्षणों को जानें.

आधुनिक जीवन-शैली एक वजह-
आधुनिक लाइफस्टाइल के कारण लोग अपने स्वास्थ्य को नज़रअंदाज कर रहे हैं और धीरे-धीरे शरीर को अस्वस्थ बना रहे हैं. ज्यादातर लोग रोजाना की भागदौड़ में लिप्त होने के कारण समय पर आहार नहीं लेते, कभी वर्कआउट नहीं करते है और यहां तक कि पूरी नींद भी नहीं लेते हैं. इस तरह के लाइफस्टाइल के कारण धीरे-धीरे शारीरिक नाड़ियां कमज़ोर पड़ने लगती हैं, जिसका सीधा असर नाभिस्थान पर होता है. इससे नाभिस्थान बहुत कमज़ोर हो जाता है और उनकी नाभि बहुत जल्दी अव्यवस्थित हो जाती है. लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसे कारण हैं जहां ना चाहते हुए भी हम नाभि खिसकने का शिकार हो जाते हैं. जैसे कि खेलते-कूदते समय भी नाभि खिसक जाती है. असावधानी से दाएं-बाएं झुकने, दोनों हाथों से या एक हाथ से अचानक भारी बोझ उठाने, तेजी से सीढ़ियां चढ़ने-उतरने, सड़क पर चलते हुए गड्ढे में अचानक पैर चले जाने या अन्य कारणों से किसी एक पैर पर भार पड़ने या झटका लगने से नाभि इधर-उधर हो जाती है.

इसकी पहचान-
लेकिन यहां एक सवाल उठता है कि कैसे पहचानें कि नाभि ही अपने स्थान से खिसक गई है. क्योंकि पेट दर्द होना आम बात है, कुछ गलत आहार लेने से या फिर अन्य समस्याओं से भी पेट दर्द हो सकता है. इसके अलावा दस्त लगना भी कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है. किंतु ये कैसे पहचाना जाए कि किसी व्यक्ति विशेष की परेशानी का कारण नाभि खिसकना ही है.

कुछ खास तरीके-
इसकी पहचान एक लिए कुछ खास तरीके बताए गए हैं. सबसे आसान तरीका है लेटकर नाभि को दबाकर जांच करना. रोगी को शवासन यानि कि बिलकुल सपाट लिटाकर, उसकी नाभि को हाथ की चारों अंगुलियों से दबाएं. यदि नाभि के ठीक बिलकुल नीचे कोई धड़कन महसूस हो तो इसका मतलब है कि नाभि अपने स्थान पर ही है. लेकिन यही धड़कन यदि नाभि के नीच ना होकर कहीं आसपास महसूस हो रही हो, तो समझ जाएं कि नाभि अपनी जगह पर नहीं है. धरण गिरी है या नहीं इसे पहचानने का एक और तरीका है जो काफी प्रचलित भी है. इसके लिए रोगी के दोनों हाथों की रेखाएं मिला कर छोटी अंगुली की लम्बाई चेक करें, दोनों अंगुलियों की रेखाएं बिलकुल बराबर रखें. यदि मिलाने पर अंत में दोनों अंगुलियों की लंबाई में थोड़ा सा भी अंतर दिखे, तो इसका मतलब है कि धरण गिरी हुई है.

नाभि खिसकने की पुष्टि-
इन दो तरीकों से आसानी से नाभि खिसकने की पुष्टि की जा सकती है. अब यदि रोगी की परेशानी का कारण जान लेने के बाद, उसका निवारण भी जानना आवश्यक है. इसके लिए हम यहां कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से बिना किसी दवा के नाभि अपने स्थान पर वापस आ जाएगी.

पहला उपाय: 10 ग्राम सौंफ और 50 ग्राम गुड़ को पीसकर मिला लें और सुबह खाली पेट अच्छी तरह चबा-चबाकर खा लें. यदि एक बार खाने पर नाभि ठीक न हो तो दूसरे दिन या तीसरे दिन भी खा लें. इस उपाय से नाभि यकीनन जगह पर आ जाएगी.

दूसरा उपाय: नाभि खिसक गई है या नहीं, यह हमारे पांव की मदद से भी जाना जा सकता है. इसके लिए पीठ के बल लेट जाएं, दोनों पैरों को 10 डिग्री एंगल पर जोड़ें. ऐसा करने पर यदि आपको दोनों पैर की लंबाई में अंतर दिखे, यानि कि एक पांव दूसरे से बड़ा है तो यकीनन नाभि टली हुई हैं.


निर्देश जानें-
अब पुष्टि होने पर इसे ठीक करने के लिए छोटे पैर की टांग को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं. इसे कुछ-कुछ इंच तक धीरे से ही ऊपर की ओर उठाएं, तकरीबन 9 इंच की ऊंचाई पर आने के बाद फिर धीरे-धीरे नीचे रखकर लंबी सांस लें. यही क्रिया दो बार और करें. इस क्रिया को सुबह शाम ख़ाली पेट करना है, इससे नाभि अपने स्थान पर आ जाती है.

पुराने नुस्खे-
वैसे बड़े-बुजुर्गों के पास नाभि को अपने स्थान पर लाने के और भी कई तरीके होते हैं, वे स्वयं अपने हाथों के या किसी यंत्र का आपके पेट पर सीधा प्रयोग करने से ही नाभि को अपनी लगह पर ले आते हैं. लेकिन इन घरेलू नुस्खों को किसी विशेषज्ञ से ही करवाएं, क्योंकि स्वयं करने से बड़ी मुसीबत आ सकती है.

ऐसी गलती ना करें-
यह नाभि यदि अपनी सही जगह पर आने की बजाय कहीं और खिसक गई तो बड़ा रोग हो सकता है. ऊपर की ओर खिसकने से सांस की दिक्कत हो जाती है, लीवर की ओर चले जाने से वह खराब हो जाता है. यदि नाभि पेट के बिलकुल मध्य में आ जाए तो मोटापा हो जाता है. इसलिए इससे अनजाने में छेड़खानी करने की कभी ना सोचें.

इन बातों का परहेज करें-
एक और आखिरी बात, जिसका खास ख्याल रखने की जरूरत है. जब पता चल जाए कि नाभि खिसकने जैसी दिक्कत हो गई है, तो कुछ बातों का परहेज करना चाहिए. जैसे कि गलती से भी भारी वजन ना उठाएं. यदि मजबूरी में उठाना भी पड़े तो उसे झटके से ना उठाएं.

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नाखून के रोग - Nakhun Ke Rog!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
नाखून के रोग - Nakhun Ke Rog!

नाखूनों के रोग भी कई बार काफी असहज करने वाले या परेशान करने वाले होते हैं. हलांकी इससे कई तरह का अनुमान भी लगाया जाता है. नाखून कैरटिन से बने होते हैं. यह एक तरह का पोषक तत्व है, जो बालों और त्वचा में होता है. शरीर में पोषक तत्वों की कमी या बीमारी होने पर कैरटिन की सतह प्रभावित होने लगती है. साथ ही नाखून का रंग भी बदलने लगता है. यदि नेलपॉलिश का इस्तेमाल किए बिना भी नाखूनों का रंग तेजी से बदल रहा है तो यह शरीर में पनप रहे किसी रोग का संकेत हो सकता है. या फिर ऐसा भी हो सकता है कि आपको नाखूनों की बीमारी हो गई हो. ऐसे में आपको इस समस्या को अनदेखा नहीं करना चाहिए वरना समस्या गंभीर भी हो सकती है. हम सभी का शरीर कई प्रकार के सूक्ष्म जीवाणुओं और विषाणुओं के संपर्क में आता है. त्वचा पर हुए संक्रमण को यदि नाखून से खुजाया जाए तो भी नाखून संक्रमित हो जाते हैं. जो लोग अधिक स्विमिंग करते हैं या ज्यादा देर तक पानी में रहते हैं या फिर जिनके पैर अधिकतर जूतों में बंद रहते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है. संक्रमण के असर से नाखून भुरभुरे हो जाते हैं और उनका आकार बिगड़ जाता है. नाखूनों के आसपास खुजली, सूजन और दर्द भी होता है. ऐसे में चिकित्सक को दिखाना बेहतर रहता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम नाखून में उत्पन्न होने वाले रोगों पर एक नजर डालें. इस्स इस विषय में लोगों को जागरूक किए जा का भी प्रयास है.
1. चम्मच की तरह नाखून-

कई बार ऐसी स्थिति भी आती है कि खूनों का आकार चम्मच की तरह हो जाता है और नाखून बाहर की ओर मुड़ जाते हैं. खून की कमी के अलावा आनुवंशिक रोग, दिल की बीमारी, थायरॉइड की समस्या और ट्रॉमा की स्थिति आदि में ऐसा होता है.

2. नीले नाखून-
शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से न होने पर नाखूनों का रंग नीला होने लगता है. यह फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया या दिल के रोगों की ओर भी संकेत करता है. इसलिए नीले नाखून दिखने के बाद आपको सचेत हो जाना चाहिए.

3. मोटे, रूखे व टूटे हुए नाखून-
मोटे तथा नेल बेड से थोड़ा ऊपर की ओर निकले नाखून सिरोसिस व फंगल इन्फेक्शन का संकेत देते हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी व बालों के गिरने की स्थिति में भी नाखून बेरंग और रूखे हो जाते हैं. इसके अलावा त्वचा रोग लाइकन प्लेनस होने पर, जिसमें पूरे शरीर में जगह-जगह पस पड़ जाती है, नाखून बिल्कुल काले हो जाते हैं. हृदय रोग की स्थिति में नाखून मुड़ जाते हैं. नाखूनों में सफेद रंग की धारियां व रेखाएं किडनी के रोगों का संकेत देती हैं. मधुमेह पीड़ितों का पूरा नाखून सफेद रंग व एक दो गुलाबी रेखाओं के साथ नजर आता है.

4. नाखून पर सफेद धब्बे-
कई बार आप नाखूनों पर सफेद स्पॉट नजर आते हैं. कई बार वे पूरे सफेद दिखते हैं. धीरे-धीरे नाखूनों पर सफेद धब्बे इतने बढ़ जाते हैं कि नाखून ही सफेद दिखने लगते हैं. हो सकता है यह पीलिया या लिवर संबंधी अन्य रोगों की ओर इशारा हो.

5. नाखूनों में क्रैक-
कई बार नाखून बहुत अधिक फटे और ड्राइ हो जाते हैं. नाखून में क्रैक आने लगते हैं. ऐसा हाथ और पैर दोनों के नाखूनों में आते हैं. लंबे समय तक नाखूनों की ऐसी स्थिति थॉयरायड रोग की ओर भी संकेत हो सकता है. क्रैक व पीले नाखून फंगल संक्रमण के लक्षण भी हो सकते हैं.

6. उभरे हुए नाखून-
बाहर और आसपास की त्वचा का उभरा होना हृदय समस्याओं के अतिरिक्त फेफड़े व आंतों में सूजन का संकेत देता है. इस प्रकार आवश्यकता से अधिक उभरे हुए नाखून भी कई बार परेशानी का कारण बन जाते हैं.

Hello. I have gained allot of weight from last 3 years. I work out for 1-1.5 hr for 5 days in a week. I also have pcod problem and irregular periods. I can not control my diet. Please let me know how to lose weight and also let me know the solution for pcod.

M.Sc - Dietitics / Nutrition, Diploma in Naturopathy & Yogic Science (DNYS)
Dietitian/Nutritionist, Vadodara
Hello. I have gained allot of weight from last 3 years. I work out for 1-1.5 hr for 5 days in a week. I also have pco...
Hello Lybrate-user! for your pcod problem I suggest you to avoid eating in a plastic containers, avoid foods which contain preservative, avoid food colour, avoid milk have soya milk, for irregular periods have ripe papaya and raw papaya to induce periods. Have proper diet and exercise. Thank you.

I eat all those things like pulses, egg ,vegetables. But I have loucouerria. I have take medicines .now I am ok .can I use endura mass .can it is good for me.

M.Sc. Dietetics/Nutrition, B.Sc. - Dietitics / Nutrition, Post Graduate diploma in diabetes Educator
Dietitian/Nutritionist, Meerut
I eat all those things like pulses, egg ,vegetables. But I have loucouerria. I have take medicines .now I am ok .can ...
hello why do you want to take endura mass You can increase the quantity of egg and take natural food instead of endura mass.

Hello! myself shashikant. I'm 25 years old, and want gain weight like my body, actually my height is 5'11" but the weight is stable at 62.

MD - Homeopathy, DHMS
Homeopath, Ahmedabad
Hello! myself shashikant. I'm 25 years old, and want gain weight like my body, actually my height is 5'11" but the we...
You should start gym or exercise or running, swimming any of these activity. And you should eat the type of food which contains more calories. Like banana, apple, dry fruits. Cereals, sprouts. And also you should do thyroid test.

Hi, I'm married 22 aged women. My vagina has to too bad smell. When we do sex the smell come out.

Akhil Bharatiye Ayurveda, AKHIL BHARTIYE AYURVEDA
Sexologist, Delhi
Dear lybrate-user many women, their sexual partners and husbands complain to me that they or their significant others have a bad smell coming from their vaginas. This is an extremely delicate, distressing, and embarrassing issue — particularly when it is noticed by someone else. Having this experience can affect self-esteem and even lead to poor sex. for more information about it . consult us privately Lybrate.

Hi dr, I am 23 years old girl height 157 cm. Please guide if I require to gain health going under wait of 4 kg.

M.Sc - Dietitics / Nutrition, Diploma in Naturopathy & Yogic Science (DNYS)
Dietitian/Nutritionist, Vadodara
Hi dr, I am 23 years old girl height 157 cm. Please guide if I require to gain health going under wait of 4 kg.
Hello lybrate-user! you should include proteins in your diet for eg: pulses, milk and its products and chicken and egg etc to gain muscle mass. Thank you.
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