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Chintamani Clinic

General Physician Clinic

Laxman Puram, Near Bhaji Mandai, Last bus stop chowk, Wadgaon Sheri, Pune - 411014, Pune Pune
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Customer service is provided by a highly trained, professional staff who look after your comfort and care and are considerate of your time. Their focus is you....more
Customer service is provided by a highly trained, professional staff who look after your comfort and care and are considerate of your time. Their focus is you.
More about Chintamani Clinic
Chintamani Clinic is known for housing experienced General Physicians. Dr. Kavitke H.U, a well-reputed General Physician, practices in Pune. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 50 patients.

Timings

MON-SUN
10:00 AM - 02:00 PM 06:00 PM - 10:00 PM

Location

Laxman Puram, Near Bhaji Mandai, Last bus stop chowk, Wadgaon Sheri, Pune - 411014, Pune
Mandai Pune, Maharashtra
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Doctor in Chintamani Clinic

Dr. Kavitke H.U

BAMS
General Physician
21 Years experience
Available today
10:00 AM - 02:00 PM
06:00 PM - 10:00 PM
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Ayurvedic Treatment Of Tuberculosis - क्षय रोग का आयुर्वेदिक उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Ayurvedic Treatment Of Tuberculosis - क्षय रोग का आयुर्वेदिक उपचार

क्षय रोग जिसे टीबी के नाम से भी जानते हैं, इसकी बिमारी ट्यूबरकल बेसिलाई नामक जीवाणु के द्वारा उत्पन्न होता है. इस बिमारी के प्रमुख लक्षणों में खाँसी का तीन हफ़्तों से ज़्यादा रहना, थूक का रंग परिवर्तित हो जाना या उसमें रक्त की आभा नजर आना, बुखार, थकान, सीने में दर्द, भूख में कमी, साँस लेते समय या खाँसते समय दर्द महसूस करना आदि शामिल हैं. टीबी  एक संक्रामक रोग है. यानी ये तपेदिक रोगी के खाँसने या छींकने से इसके जीवाणु हवा में फैल जाते हैं और उसको स्वस्थ व्यक्ति श्वसन के जरिए ग्रहण कर लेता है. हलांकि जो व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में ध्रूमपान या शराब का सेवन करते हैं, उन्हें इसके होने की संभावना ज्यादा रहती है. यदि आपको इसके लक्षण नजर आएं तो तुरन्त जाँच केंद्र में जाकर अपने थूक की जाँच करवायें और डब्ल्यू.एच.ओ. द्वारा प्रमाणित डॉट्स के अंतगर्त अपना उचित उपचार करवायें. ताकि पूरी तरह से ठीक हो सकें ध्यान रहे कि टी.बी. का उपचार आधा करके नहीं छोड़ना चाहिए. आइए अब हम आपको क्षय रोग के कुछ आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में बताएं.
लहसुन
लहसुन में मौजूद एलीसिन नामक तत्व टीबी के जीवाणुओं के विकास को बाधित करता है. क्षय रोग के उपचार में लहसुन का उपयोग करने के लिए आप एक कप दूध में 4 कप पानी मिलाकर इसमें 5 लहसुन की कली पीसकर मिलाएं और इसे चौथाई भाग शेष रहने तक उबालें. अब इसे उतारकर ठंडा होने पर दिन में तीन बार लें.
प्याज का रस और हिंग
क्षय रोग के मरीजों को नियमित रूप से सुबह और शाम को खाली पेट आधा कप प्याज के रस में एक चुटकी हींग मिलाकर एक सप्ताह तक पीना चाहिए. इससे आपको एक सप्ताह के बाद फर्क दिखना शुरू हो जाएगा.
शहद
क्षय रोग में आप सभी घरों में आसानी से मौजूद शहद का इस्तेमाल भी अपनी परेशानी को कम करने के लिए कर सकते हैं. इसके लिए 200 ग्राम शहद, 200 ग्राम मिश्री और 100 ग्राम गाय के घी को मिलाकर तीनों को 6-6 ग्राम दिन में कई बार चाटें. और बेहतरी के लिए ऊपर से गाय या बकरी का दूध भी पिलायें.
पीपल वृक्ष की राख
पीपल वृक्ष के छाल की राख का उपयोग भी टीबी के मरीज कर सकते हैं. इसके लिए 10 ग्राम से 20 ग्राम तक पीपल वृक्ष के राख बकरी को बकरी के गर्म दूध में मिला कर नियमित रूप से सेवन करें. इसमें आवश्यकतानुसार मिश्री या शहद भी मिला सकते हैं.
पत्थर के कोयले की सफ़ेद राख
टीबी के मरीज पत्थर के कोयले की सफ़ेद राख के आधा ग्राम को मक्खन मलाई अथवा दूध के साथ नियमित रूप से सुबह शाम खाएं तो लाभ मिलता है. फेफड़ों से खून आने वाले मरीजों के लिए ये बेहद प्रभावी है.
रुदंती वृक्ष की छाल
रुदंती नामक वृक्ष के फल से निर्मित चूर्ण से लगभग सभी प्रकार के असाध्य क्षय रोगी आसानी से ठीक हो सकते हैं. इसके लिए कुछ आयुर्वेदिक फार्मेसियां रुदंती के छाल से कैप्सूल भी बनाती हैं. इससे रोगियों को स्वास्थ्य लाभ मिलने का दावा किया जाता है.
केला
केला के ऊर्जा देने की क्षमता से लगभग सभी परिचित हैं. केला में मौजूद पोषक तत्व हमारे शरीर के प्रतिरक्षातन्त्र को मजबूती प्रदान करते हैं. इसके लिए आप एक पका केला को मसलकर इसमें एक कप नारियल का पानी मिलाकर इसमें आधा कप दही और एक चम्मच शहद मिलाकर इसे दिन में दो बार लें.
सहजन की फली
सहजन के फली को सब्जी के रूप में आपने भी इस्तेमाल किया ही होगा. आपको बता दें कि इसमें जीवाणु नाशक और सूजन रोधी तत्व मौजूद होते हैं. इसके यही गुण टीबी के जीवाणु से लड़ने में हमारी मदद करते हैं. इसके लिए आप मुट्ठी भर सहजन के पत्ते को एक गिलास पानी में उबालकर इसमें नमक, काली मिर्च और नींबू का रस मिलाएं.  अब नियमित रूप से सुबह खाली पेट इसका सेवन करें. इसके अलावा आप सहजन की फलियों को उबालकर सेवन करके अपने फेफड़ों को जीवाणु मुक्त कर सकते हैं.
आंवला
अपने अपने सूजन नाशक एवं जीवाणु रोधी गुणों के लिए आंवला मशहूर है. इसमें मौजूद पोषक तत्त्व शरीर की प्रक्रियाओं को ठीक ढंग से चलाने में मददगार हैं. इसके लिए आप 4-5 आंवले का बीज निकालकर इसका जूस बनाएं और इसका प्रतिदिन सुबह खाली पेट लें. यह टीबी रोगियों के के लिए अमृत के समान है. आप चाहें तो आंवला चूर्ण भी ले सकते हैं.
आक की कली
क्षय रोग के मरीजों को आक की कली खाने की सलाह भी दी जाती है. इसके लिए पहले दिन तो आपको ईसकी एक कली को निगल जाना है. फिर दुसरे दिन दो कली और तीसरे दिन तीन इसी तरह क्रमशः 15 दिन तक लेने से काफी लाभ मिलेगा.

Ayurvedic Treatment Of Prostate - प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Ayurvedic Treatment Of Prostate - प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

लगभग 60 वर्ष की उम्र से ज्यादा के लोग ही प्रोस्टेट की समस्या से परेशान होते हैं. हलांकि लगभग तिस फीसदी लोग 30 या उससे ज्यादा के उम्र के भी हैं. प्रोस्टेट डिसऑर्डर की समस्या उत्पन्न होने का कारण प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ जाना है. आपको बता दें कि प्रोस्टेट ग्लैंड को पुरुषों का दूसरा दिल भी कहा जाता है. हमारे शरीर में पौरुष ग्रंथि कई आवश्यक क्रियाओं को अंजाम देती है. इसके कुछ प्रमुख कामों में यूरिन के बहाव को कंट्रोल करना और प्रजनन के लिए सीमेन निर्मित करना है. प्रारंम्भ में ये ग्रंथि छोटी होती है लेकिन बढ़ते उम्र के साथ इसका बिकास होता जाता है. लेकिन कई बार अनावश्यक रूप से इसमें वृद्धि नुकसानदेह है, इस समस्या को बीपीएच कहा जाता है.
 

प्रोस्टेट में अवरोध का कारण
प्रोस्टेट ग्रंथि में ज्यादा वृद्धि हो जाने के कारण मूत्र उत्सर्जन में परेशानी आने लगती है. इसके आकार में वृद्धि के कारण ही मूत्र नलिका का मार्ग अवरुद्ध हो जा जाता है. इसकी वजह से पेशाब रुक जाता है. अभी तक प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है. बढ़ती उम्र के साथ ही हमारे शरीर में होने वाला हार्मोनल परिवर्तन इसका एक संभावित कारण हो सकता है. आइए प्रोस्टेट के आयुर्वेदिक उपचार को जानें.
 

प्रोस्टेट ग्रंथि में गड़बड़ी के लक्षण
* पेशाब करने की आवृति में वृद्धि.
* पेशाब करने जाने पर धार के चालू होने में अनावश्यक विलम्ब होना.
* बहुत जोर से पेशाब का अहसास होना लेकिन पेशाब करने जानें पर बूंद-बूंद करके निकलना या पेशाब रुक-रुक के आना.
* मूत्र विसर्जन के पश्चात् मूत्राशय में कुछ मूत्र शेष रह जाना. इससे रोगाणुओं की उत्पति होती है.
* पेशाब करने  में पेशानी का अनुभव करना.
* अंडकोष में लगातार दर्द का अनुभव करते रहना.
* मूत्र पर नियंत्रण नहीं रख पाना.
* रात्री में बार-बार पेशाब की तलब लगना.
* पेशाब करते समय जलन का अनुभव करना.
 

प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

  • अलसी के बीज: प्रोस्टेट का उपचार करने के लिए आयुर्वेद काफी उपयोगी औषधियां उपलब्ध कराता है. अलसी का बीज प्रोस्टेट के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके लिए अलसी के बीज को मिक्सी में पीसकर पाउडर बनायें. फिर प्रतिदिन इसे 20 ग्राम पानी के साथ लें.
  • सीताफल के बीज: सीताफल के बीज में कॉपर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, आयरन, ट्रिप्टोफैन, फ़ॉस्फोरस, फाइटोस्टेरोल, प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसके अलावा सीताफल के बीज को जिंक का भी स्त्रोत माना जाता है और इसमें बीटा-सिस्टेरॉल की भी मौजूदगी होती है जो कि टेस्टोस्टेरॉन को डिहाइडड्रोटेस्टेरॉन में परिवर्तित होने से रोकता है. प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की संभावना को ख़त्म करने के लिए आप सीताफल के बीजों को कच्चा, भूनकर या फिर दुसरे बीजों के साथ मिश्रित करके भी ले सकते हैं. यही नहीं आप इन बीजों को सलाद, सूप,पोहा आदि में भी डालकर खा सकते हैं. इनमें बहुत सारे पोषक तत्वों की मौजूदगी होती है.
  • सोयाबीन: प्रोस्टेट से छुटकारा दिलाने में सोयाबीन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सोयाबीन की सहायता से आप प्रोस्टेट का उपचार कर सकते हैं. प्रोस्टेट का उपचार सोयाबीन से करने के लिए आपको रोजाना सोयाबीन खाना होगा. ऐसा करने से आपका टेटोस्टरोन के स्तर में कमी आती है.
  • पानी के इस्तेमाल से: अपने दैनिक जीवन में हम सभी पानी पीते ही हैं. लेकिन कई लोग इसे ज्यादा महत्त्व नहीं देते हैं और वो उचित अंतराल या उचित मात्रा में पानी नहीं पीते हैं. ऐसा करने से आपके शरीर में कई अनियमिताएं आने लागती हैं. प्रोस्टेट की परेशानी के दौरान आपको नियमित रूप से पानी पीना लाभ पहुंचाता है.
  • चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करें: जब भी आपको प्रोस्टेट की समस्या हो तो आपको चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करें. आप देखेंगे कि चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करने से प्रोस्टेट डिसऑर्डर में काफी लाभ मिलता है.
  • टमाटर नींबू आदि का खूब इस्तेमाल करें: टमाटर, नींबू आदि में विटामिन सी की प्रचुरता होती है. प्रोस्टेट डिसऑर्डर के दौरान आपको विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा लेनी चाहिए. इसलिए इस दौरान विटामिन सी की प्रचुरता वाले खाद्य पादार्थों का सेवन करना चाहिए.

Type - 2 Diabetes: Know Its Ayurvedic Remedies!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), Certificate In Panchakarma
Ayurveda, Bangalore
Type - 2 Diabetes: Know Its Ayurvedic Remedies!

Diabetes mellitus (DM), commonly known as diabetes, is a collection of metabolic diseases, characterized by high glucose levels over a drawn out period. Side effects of high sugar include regular urination, excessive thirst and increased hunger. If left untreated, diabetes can cause a number of serious health complications.

Ayurveda can be used efficiently in treating this condition. Diabetes is known to the common man as “Prameha”, which is said to be divided into 3 major types – Kapha, Pitta and Vata. Lack of exercise and excessive intake of food of “ushna” and “guru” types are said to be the chief causes of “prameha”.

Along with drugs and medications, Ayurveda stresses on the importance of a balanced diet and exercise.

The management modules that can be categorized are:

  • Vyaayam (Exercise)
  • Pathya (Regulation in diet)
  • Panchakarma (Procedures for Bio-purification)
  • The use of therapy (Medications)

Management of diabetes can be done using a variety of herbs. Some of them are:

  • Vijaysar
  • Ficus benghalensis (Nyagrodha twaka churna – banyan tree bark)
  • Eugenia jambolana (Jamun beej churna)
  • Shilajeet (Rock Salt)
  • Kirat tikata (Chirayata)
  • Embelica officinalis (Amla)
  • Karella (Bitter Gourd)

In case certain patients are incapable of responding to insulin or hypoglycaemia medicine, an ayurvedic physician may prescribe some ayurvedic drugs such as:

  • Dhatri Nisha
  • Madhuvijay Capsules
  • Chandraprabha vati
  • Madhuvijay Capsule
  • Vasant kusumakar rasa
  • Diabetes Lifestyle
    • Avoid sleeping during daytime
    • Avoid smoking
    • Take adequate eye care
    • Do exercise regularly
    • Take extra care of your foot
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Doctor my Elisa hiv test at 7th week is negative Is it conclusive? My pcr rna test at 6th week is not detected My pcr rna test at 2nd week is not detected My 4th generation test at 28today is negative and antigen is also non reactive Is these are enough to make sure my test results are conclusive?

MBBS, DDV, FCPS, APEX, Diplomat American Board of Sexology
HIV Specialist, Mumbai
Doctor my Elisa hiv test at 7th week is negative
Is it conclusive?
My pcr rna test at 6th week is not detected
My pcr...
Elisa 7th week not conclusive. But with several other tests being negative, you are HIV free. But also think of other STDs. Please take private consult with audio video chat and then I can guide you properly and explain you what else is required to be done.
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Please suggest I have Indigestion and mild stomach pain please advice a tablet for me.

CCEBDM, PG Diploma In Clinical Cardiology, MBBS
General Physician, Ghaziabad
Please suggest I have Indigestion and mild stomach pain please advice a tablet for me.
You have to improve your food habits do 1. Take 2/ 3 glass of warm water in the morning before brush 2. Take more water in day 3. Take meals at fixed hrs, chew food properly/ completely, no eating quickly 4. Take small amount of food at a time, take more frequent meals - may be five times a day. 5. No spicy/ fried/ fast/ junk/processed food. 6. No smoking, chewing gum, and carbonated beverages. 6. No milk for few days, can take curd, no uncooked salad 7. Avoid constipation 8. Use nibu pani (lemon water) 2/ 3 times a day 9. Do not drink/ store water in plastic bottles. 10. Relax and walk for 30 mts daily 11. Take enough rest- do not lie down immediately after eating. Take dinner 3 hrs before sleeping. No late nights 11. Keep your weight under control. 13. Avoid tea, coffee, alcohol 15. Reduce physical and mental stress. Maintain healthy life style. Do exercise regularly. 16. No unnecessary medicines for medicine contact on private chat.
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I frequently suffer from dust allergies, throat infection and common cold.Please suggest me something for that.

CCEBDM, PG Diploma In Clinical Cardiology, MBBS
General Physician, Ghaziabad
I frequently suffer from dust allergies, throat infection and common cold.Please suggest me something for that.
Take bath little warm water, drink warm water, gargle with salt water 3 times, do steam inhalation once, no cold drinks, ice cream no cold water ,for medicine contact on private chat.
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I am suffering from stomach pain for last 2-3 days. Stomach pain comes and goes does not stay for the whole day. But it's been happening for 2-3 days. I don't have trouble while urinating. But sometimes feels nausea. And sometimes feels like burning. It's the front side of the stomach.

CCEBDM, PG Diploma In Clinical Cardiology, MBBS
General Physician, Ghaziabad
I am suffering from stomach pain for last 2-3 days. Stomach pain comes and goes does not stay for the whole day. But ...
You have to improve your food habits do 1. Take 2/ 3 glass of warm water in the morning before brush 2. Take more water in day 3. Take meals at fixed hrs, chew food properly/ completely, no eating quickly 4. Take small amount of food at a time, take more frequent meals - may be five times a day. 5. No spicy/ fried/ fast/ junk/processed food. 6. No smoking, chewing gum, and carbonated beverages. 6. No milk for few days, can take curd, no uncooked salad 7. Avoid constipation 8. Use nibu pani (lemon water) 2/ 3 times a day 9. Do not drink/ store water in plastic bottles. 10. Relax and walk for 30 mts daily 11. Take enough rest- do not lie down immediately after eating. Take dinner 3 hrs before sleeping. No late nights 11. Keep your weight under control. 13. Avoid tea, coffee, alcohol 15. Reduce physical and mental stress. Maintain healthy life style. Do exercise regularly. 16. No unnecessary medicines for medicine contact on private chat.
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Hi, I have gastritis from last 3 years, I just want to ask should I take ginger tea to cure gastritis in summer .it will be effective or not? Or suggest me any home remedy that I can do easily to cure my problem.

MBBS, MD - General Medicine, Diploma In Cardiology
General Physician, Delhi
Hi, I have gastritis from last 3 years, I just want to ask should I take ginger tea to cure gastritis in summer .it w...
Ginger will only make it worse please take a short course of antacids & avoid Tea/coffee on empty stomach.
1 person found this helpful
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Can piles lead to any major disease like cancer etc what might happen when go untreated?

MBBS, DNB - General Surgery
General Surgeon, Hyderabad
Can piles lead to any major disease like cancer etc what might happen when go untreated?
The major cause of piles is constipation. Piles do not form cancer. But constipation in the long run can give colon cancer. So it is advisable to avoid constipation by eating healthy fiber rich diet and plenty of fluids.
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