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Panchjanya Clinic

ENT Specialist Clinic

1st Floor, B Wing, Sitladevi Chs, Link Road, Andheri West, D N Nagar, Opposite Indian Oil Nagar Mumbai
1 Doctor · ₹600
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Panchjanya Clinic ENT Specialist Clinic 1st Floor, B Wing, Sitladevi Chs, Link Road, Andheri West, D N Nagar, Opposite Indian Oil Nagar Mumbai
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Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of ENT Surgeon.Customer service is provided by a highly trained, professional staff who look after your comf......more
Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of ENT Surgeon.Customer service is provided by a highly trained, professional staff who look after your comfort and care and are considerate of your time. Their focus is you.
More about Panchjanya Clinic
Panchjanya Clinic is known for housing experienced ENT Specialists. Dr. Agnieesh Patial, a well-reputed ENT Specialist, practices in Mumbai. Visit this medical health centre for ENT Specialists recommended by 59 patients.

Timings

MON-SAT
07:00 PM - 09:00 PM

Location

1st Floor, B Wing, Sitladevi Chs, Link Road, Andheri West, D N Nagar, Opposite Indian Oil Nagar
Andheri West Mumbai, Maharashtra - 400053
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Doctor in Panchjanya Clinic

Dr. Agnieesh Patial

MS - ENT
ENT Specialist
10 Years experience
600 at clinic
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HI, My throat is swollen. White patches has came internally ulcer. Any advice of wat to eat and what not to eat.

BHMS
Homeopath, Hyderabad
HI, My throat is swollen. White patches has came internally ulcer. Any advice of wat to eat and what not to eat.
Warm, cooked pasta, including macaroni and cheese. Warm oatmeal, cooked cereal, or grits. Gelatin desserts. Plain yogurts or yogurts with pureed fruits. Cooked vegetables. Fruit or vegetable smoothies. Mashed potatoes. Broth and cream-based soups.
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Nasal Obstruction And Blocked Ears - Know The Link!

ENT Specialist, Faridabad
Nasal Obstruction And Blocked Ears - Know The Link!

There is a strong connection between the ears, nose and throat, as any ENT or Ear Nose Throat specialist will be able to tell you. When there is any kind of congestion or obstruction in the nasal passages, one can also feel some effect in the ears with the symptoms going from mild to severe.

So how can nasal obstruction cause clogged ears? Here is our explanation!

-        The Connection: To begin with, let us understand the connection between the ears and the nose. There is an opening that can be found in the back of the nose, which leads into a tunnel called the Eustachian Tube. This tube goes into the ears and creates some amount of pressure when the nasal passages get blocked. This pressure can be felt as clogging of the ears and can usually be eradicated with the help of a pop in the ears. This pop can be brought about by pinching your nose and trying to breathe, or even yawning hard or indulging in some gulping or swallowing motion as well. 

-        Mucosal Swelling: The swelling within the patient's nose usually points at the build up of mucus which can make the nasal lining thicker, thus making the act of breathing that much more laboured and difficult. This obstructs the nasal tract, in plain and simple terms. This swelling usually spreads to the tunnel or the Eustachian Tube, which can become swollen and even shut, consequently leading to a feeling of having clogged ears. 


-       Negative Nasal Pressure: When the pressure inside the nose is built up in a negative way due to the obstruction that makes the patient breathe even harder, then the ears end up taking the pressure. This makes them clogged. This negative pressure usually manifests in the back of the nose where the Eustachian Tube is located, which creates a build up in the ears as well. This can also lead to a ringing pain when a patient tries to suck in air too hard due to the obstruction. 


-       Bernoulli's Principle: If we are to incorporate air in place of fluid and liken the action of breathing with an obstructed nose, with the action of sucking fluid in through an obstructed straw, then the fluid dynamics would apply to this case. As per these fluid dynamics, more rapid flow of fluid can lead to decreased pressure on the surrounding areas. This can be applied to the blocked nose where air must pass through faster and with more fluidity so as to ensure that there is less pressure on the ears, which will keep them from getting clogged. 


Persistent clogged ears and nasal congestion can also point towards an infection and should be checked by a doctor immediately.
 

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I am 24 year old guy and I am suffering from bran zep When I move My eyes left and right I feel lightheaded, or some time nausea or shocking feel.

MBBS
General Physician, Jaipur
I am 24 year old guy and I am suffering from bran zep When I move My eyes left and right I feel lightheaded, or some ...
Ok. Need to take anti vertigo medicines and do yoga and meditation regularly. For full treatment details please consult with me on my private chat window.
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नाक की एलर्जी का घरेलू उपचार - Naak Ki Allergy Ka Gharelu Upchaar!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
नाक की एलर्जी का घरेलू उपचार - Naak Ki Allergy Ka Gharelu Upchaar!

आजकल कई तरह की एलर्जी देखने में आती हैं. इनमें से जो एलर्जी सबसे ज्यादा परेशानी पैदा करती हैं, वे आंख और नाक की एलर्जी हैं. जब किसी इंसान का ‘इम्यून सिस्टम’ यानी प्रतिरोधक तंत्र वातावरण में मौजूद लगभग नुकसानरहित पदार्थों के संपर्क में आता है तो एलर्जी संबंधी समस्या होती है. शहरी वातावरण में तो इस तरह की समस्याएं और भी ज्यादा हैं. नाक की एलर्जी से पीड़ित लोगों की नाक के पूरे रास्ते में अलर्जिक सूजन पाई जाती है. ऐसा धूल और पराग कणों जैसे एलर्जी पैदा करने वाली चीजों के संपर्क में आने की वजह से होता है. नाक की एलर्जी मुख्य तौर पर दो तरह की होती है. पहली मौसमी, जो साल में किसी खास वक्त के दौरान ही होती है और दूसरी बारहमासी, जो पूरे साल चलती है. दोनों तरह की एलर्जी के लक्षण एक जैसे होते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम नाक की एलर्जी के कुछ घरेलू उपचारों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें.

नाक की एलर्जी के प्रकार-
* मौसमी एलर्जी को आमतौर पर घास-फूस का बुखार भी कहा जाता है. साल में किसी खास समय के दौरान ही यह होता है. घास और शैवाल के पराग कण जो मौसमी होते हैं, इस तरह की एलर्जी की आम वजहें हैं.
* नाक की बारहमासी एलर्जी के लक्षण मौसम के साथ नहीं बदलते. इसकी वजह यह होती है कि जिन चीजों के प्रति आप अलर्जिक होते हैं, वे पूरे साल रहती हैं.

मौसमी एलर्जी से बचाव-
जिन चीजों से आपकी एलर्जी बढ़ जाती है, उन सभी को आप खत्म तो नहीं कर सकते, लेकिन कुछ कदम उठाकर आप इसके लक्षणों को नियंत्रित कर सकते हैं. साथ ही, एलर्जी पैदा करने वाले उन तत्वों से बचाव भी संभव है.
* बरसात के मौसम, बादलों वाले मौसम और हवा रहित दिनों में पराग कणों का स्तर कम होता है. गर्म, शुष्क और हवा वाला मौसम वायुजनित पराग कणों और एलर्जी के लक्षणों को बढ़ा सकता है. इसलिए ऐसे दिनों में बाहर कम आएं-जाएं और खिड़कियों को बंद करके रखें.
* अपने बगीचे या आंगन को सही तरीके से रखें. लॉन की घास को दो इंच से ज्यादा न बढ़ने दें. चमकदार और रंगीन फूल सबसे अच्छे होते हैं, क्योंकि वे ऐसे पराग कण पैदा करते हैं, जिनसे एलर्जी नहीं होती.

बारहमासी एलर्जी से बचाव-
पूरे साल के दौरान अगर आप एलर्जी से पीड़ित रहते हैं, तो इसका दोष आपके घर या ऑफिस को दिया जा सकता है. एलर्जी के लक्षणों को कम करने के लिए सबसे बढ़िया तरीका है कि आप अपने घर और ऑफिस को साफ-सुथरा रखें. इसके लिए हफ्ते में एक बार घर और ऑफिस की धूल झाड़ना अच्छा कदम है, लेकिन एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए यह काफी नहीं है. हो सकता है कि साफ सुथरी जगह होने के बावजूद वहां से एलर्जी पैदा करने वाले तत्व साफ न हुए हों. नाक की एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए घर को एक बेहतर जगह बनाने के लिए कुछ अतिरिक्त कदम उठाए जाने की जरूरत है.
* हर हफ्ते अपने बिस्तर को धोएं. इससे चादरों और तकियों के कवर पर आने वाले एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों से छुटकारा मिलेगा. अच्छा तो यह होगा कि इन्हें गर्म पानी में धोया जाए और फिर इन्हें गर्म ड्रायर में सुखाया जाए.
* जब आप बाहर जाते हैं तो पराग कण आपके जूतों से चिपक जाते हैं. इसलिए बाहर से आने से पहले पैरों को पोंछ लें या जूतों को बाहर ही उतार दें.
* कालीन और गद्देदार फर्नीचर की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें.
* ऐसे गद्दों और तकियों के कवर का इस्तेमाल करें जिन पर एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों का असर न होता हो.
* अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, खासकर उन दिनों में जब पराग कण ज्यादा होते हैं.

कुछ घरेलू नुस्खे-
जिन लोगों को सर्दी के रोग हैं और हर सुबह उन्हें अपनी नाक बंद मिलती है, उन्हें नीम, काली मिर्च, शहद और हल्दी का सेवन करना चाहिए. इससे उन्हें काफी फायदा होगा.
* सबसे अच्छा तरीका है बचाव. जिन वजहों से आपको एलर्जी के लक्षण बढ़ते हैं, उनसे आपको दूर रहना चाहिए.
* इसके लिए नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट से एक छोटी सी गोली बना लें, इसे शहद में डुबोएं और हर सुबह खाली पेट इसे निगल लें. अगले एक घंटे तक कुछ न खाएं, ताकि नीम का आपके शरीर पर असर हो सके. यह तरीका हर तरह की एलर्जी में फायदा पहुंचाता है, चाहे वह त्वचा की एलर्जी हो, भोजन की एलर्जी हो या किसी और चीज की.
* 10 से 12 काली मिर्च कूट लें. इन्हें दो चम्मच शहद में रात भर भिगोकर रखें. सुबह उठकर इसे खा लें और काली मिर्च को चबा लें. शहद में हल्दी मिला ली जाए तो वह भी अच्छा है. अगर आप सभी डेरी पदार्थों से बचकर रहते हैं तो अपने आप ही बलगम कम होता जाएगा.

जरूरी है सही तरीके से कपालभाति का अभ्यास-
एलर्जी की वजह से हो सकता है कि आपके द्वारा किए गए कार्यों की क्रिया बहुत ज्यादा प्रभावशाली न हो पा रही हो. जैसे - अगर नाक का रास्ता पूरी तरह नहीं खुला है और बलगम की ज्यादा मात्रा है तो क्रिया पूरी तरह से प्रभावशाली नहीं भी हो सकती है. अगर सही तरीके से इसका अभ्यास किया जाए, तो आपको अपने आप ही एलर्जी से छुटकारा मिल सकता है. नाक के रास्तों को साफ रखना और सही तरीके से सांस लेना एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है. साफ नासिका छिद्र और श्वसन के स्वस्थ तरीके का बड़ा महत्व है. अभ्यास करते रहने से एक ऐसा वक्त भी आएगा, जब कोई अतिरिक्त बलगम नहीं होगा और आपका नासिका छिद्र हमेशा साफ रहेगा.

Hello, I am suffering from mouth and tongue sore ,swelling is Present on lips, suggest me a proper treatment about this problem.

BHMS
Homeopath, Hyderabad
Hello, I am suffering from mouth and tongue sore ,swelling is Present on lips, suggest me a proper treatment about th...
Natural home remedies for canker sores: 1) Swish with Salt water. Salt water is a natural disinfectant. 2) Add Fenugreek leaves. Fenugreek is a delicious ingredient in many curries. 3) Eat Basil. 4) Use a Dash of Cayenne. 5) Rinse with Baking Soda. 6) Eat Cultured Probiotic Yogurt. 7) Apple Cider Vinegar. 8) Take Zinc Supplements.
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Did You Know Ear Problems Can Cause Dizziness Too?

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS - ENT
ENT Specialist, Delhi
Did You Know Ear Problems Can Cause Dizziness Too?

The ear is typically associated with hearing. However, it plays a much larger role in our daily functioning. The ear also helps us maintain our balance. In fact, one of the most common causes of loss of balance or dizziness is a blocked ear canal.

Dizziness can range from a brief moment of imbalance and light-headedness to a severe spinning sensation. In severe cases, it can also result in a black-out. To maintain one’s balance, the input is needed from the eyes, inner ear and joints of the feet and legs. These impulses are processed by the brain which sends out signals to other limbs and organs on what needs to be done to maintain balance. A disturbance in any one of the three inputs can cause dizziness or a loss of balance.

Which part of the ear is responsible for dizziness?
The structure of the ear can be categorized into an external part and an internal part. The external part of the ear is responsible for receiving sounds, amplifying them and forwarding them to the inner ear. The inner ear is shaped like a snail. It has two interconnected parts. One part helps convert sounds into electrical signals that can be transported to the brain while the other helps maintain balance. This consists of three balance canals.

These canals move in a different direction depending on the movement of the head. This part of the inner ear also contains 2 small components with sensory cells covered in small calcium crystals. These compartments help sense linear movements such as rocking, bouncing or swaying movements. If the crystals covering these compartments are dislodged, the person may lose his or her balance. A tumour in the inner ear can also lead to a loss of balance.

Meniere’s syndrome
Meniere’s syndrome is a disorder related to the inner ear. This is a common cause of dizziness and vertigo. Meniere’s syndrome usually affects only one ear. This is marked by an abnormal collection of fluid in the inner ear. Blockages in the ear canal, an allergy, stress, fatigue or a trauma are some of the common reasons why this fluid may accumulate in the ear. Dizziness caused by this disease is usually noticed in the first and second stage of this condition. In such cases, dizziness may be accompanied by a loss of hearing, ringing sensation in the ears and pressure in the affected ear.

HI sir, I am getting dizziness from past 11 days tablet taken from physician. No hearing nerve or hearing problem. While on walk imbalance some time no vision problem why sir.

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS - ENT
ENT Specialist, Trivandrum
HI sir, I am getting dizziness from past 11 days tablet taken from physician. No hearing nerve or hearing problem. Wh...
Giddiness can be of mainly two reason. One is Peripheral and one is central. Peripheral cause at age of 40 is usually related to the ear imbalance. Central cause is related to brain functions. But most of the problems reduces by drugs and excercises. Need to know the exact problems for advicing medicines.
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I am suffering from bronco congestion during winter. Take asthalin. But mostly I got congestion if cold enter via ears. Any permanent solution? Do I required to take asthalin every day even I don't have the congestion?

BHMS, Diploma in Dermatology
Sexologist, Hyderabad
I am suffering from bronco congestion during winter. Take asthalin. But mostly I got congestion if cold enter via ear...
Drink plenty of water. Use a humidifier or take a hot shower. Get bed rest with your head elevated. Drink hot tea with lemon and honey. Use a hot compress on your chest. Avoid unhealthy foods.
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