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Family Medicare

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8-1-21-A/9, Gachibaowli Road, Tolichowki. Landmark: Near to Mahadipatanam, Hyderabad Hyderabad
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We are dedicated to providing you with the personalized, quality health care that you deserve....more
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Family Medicare is known for housing experienced General Physicians. Dr. Mod Ashfaq Ali, a well-reputed General Physician, practices in Hyderabad. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 76 patients.

Timings

MON-SAT
06:00 PM - 08:30 PM

Location

8-1-21-A/9, Gachibaowli Road, Tolichowki. Landmark: Near to Mahadipatanam, Hyderabad
Toli Chowki Hyderabad, Andhra Pradesh
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Dr. Mod Ashfaq Ali

General Physician
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Last few days I suffer allergy in inner part my hand .i do not know what medicines treat it.

MD Hom., Certificate in Food and Nutrition, BHMS, Diploma In Yoga, PGDM
Homeopath, Indore
Last few days I suffer allergy in inner part my hand .i do not know what medicines treat it.
For skin problems, we need to see the case to come to any conclusion. Without visualizing the condition, it is difficult to come to any conclusion regarding skin disease. So if possible, do visit the clinic or book an online appointment for the treatment. Fungal infection usually occurs recurrently, so the type of infection needs to be analysed. It may be either fungal, eczema, psoriasis, lupus or any other disease. For this, you need to take proper homeopathic treatment along with maintaining of hygienic conditions.
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Dear sir I got blood in stool. I went Gastrolagent hospital he saw and say there is fissure and files. He suggest to surgery .I want with out surgery to quit my problem. .any medicine. please give me replay.

MBBS, MD - Internal Medicine, Post Graduate Program in Diabetology
General Physician, Delhi
Dear sir I got blood in stool. I went Gastrolagent hospital he saw and say there is fissure and files.
He suggest to ...
You may take laxatives to avoid constipation and take sitz bath ie sitting on s diluted solution of pot permanganate in a basin Just Tell doctor that you want to defer surgery and discuss non surgical options.
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I have hypothyroidism. I use thyronorm. But every now and then I suffered from stomach problem. Sometimes gas. Bloating. .loose motion. .constipation. .irritating stomach infection. No problem found in full abdomen ultrasound.

BHMS
Homeopath, Chennai
I have hypothyroidism. I use thyronorm. But every now and then I suffered from stomach problem. Sometimes gas. Bloati...
Hypothyroidism is a condition in which the thyroid gland is under active and does not produce sufficient amounts of thyroid hormones required in the body. The most cause of hypothyroidism is Hashimoto’s thyroiditis. Hashimoto’s thyroiditis is an auto immune disorder in which the antibodies are produced by the immune system against its own tissue, which in turn attacks the thyroid gland resulting in hypothyroidism. Severe Iodine defficiency can also lead to hypothyroidism. Natural Homeopathic remedies for hypothyroidism are highly effective and especially useful for people who want to avoid the side effects of prescription drugs. Top Homeopathic Remedies for Hypothyroidism Calcarea carb, Sepia ,Lycopodium, Graphites and Nux Vomica are the leading homeopathic remedies for hypothyroidism The normal range of TSH levels is 0.4 to 4.0 milli-international units per liter. You can easily take an online consultation for further treatment guidance and permanent cure without any side effects Medicines will reach you via courier services.
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Dust Allergy Treatment In Hindi - धूल से एलर्जी के उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Dust Allergy Treatment In Hindi - धूल से एलर्जी के उपचार

जब हमारा शरीर किसी चीज को लेकर ओवर-रिऐक्ट करता है तो उसे एलर्जी कहते हैं. इसमें शरीर में खुजली होने लग जाती है या फिर पूरे शरीर में लाल चकत्ते निकल आते हैं या उलटियां होने लग जाती हैं. जिन लोगों को धुल से एलर्जी होती है उन्हें घर में साफ-सफाई के दौरान बहुत परेशानी होती है. इस दौरान यदि उनके नाक में धूल चली जाती है, तो उनकी सांसें तेज-तेज चलने लगती हैं और नाक और आंखों से पानी आने लगता है. नियति को हल्के धुएं में भी सांस लेने में दिक्कत होती है और खांसी होने लगती है. ये एलर्जी के लक्षण हैं यानी ये लोग किसी तरह की एलर्जी से पीड़ित हैं.

एलर्जी से बचाव के उपाय
1. बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए उन्हें जरूरी चीजें भी दी जानी चाहिए. बच्चों को चारदीवारी में बंद करके नहीं रखा जाना चाहिए.
2. बच्चों को धूल-मिट्टी और धूप में खेलने दें. ये बच्चों को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं. उन्हें बारिश या दूसरे पानी से भी खेलने दें. हां, धूल-मिट्टी में खेलने के बाद उनके हाथ-पैर अच्छे से धुलवाना न भूलें.
3. अगर किसी को धूल और धुएं से एलर्जी है तो घर से बाहर निकलने से पहले नाक पर रुमाल रखना चाहिए. बचाव ही एलर्जी का इलाज है.
4. गंदगी से एलर्जी वाले लोगों को समय-समय पर चादर, तकिए के कवर और पर्दे भी बदलते रहना चाहिए. कारपेट यूज न करें या फिर उसे कम-से-कम 6 महीने में ड्राइक्लीन करवाते रहें.
5. घर को हमेशा बंद न रखें. घर को खुला और हवादार बनाए रखें ताकि साफ हवा आती रहे.
6. खिड़कियों में महीन जाली लगवाएं और जाली वाली खिड़कियों को हमेशा बंद रखें क्योंकि खुली खिड़की से कीड़े और मच्छर आपके घर में घुस सकते हैं.
7. दीवारों पर फफूंद और जाले हो गए हों, तो उन्हें साफ करते रहें क्योंकि फफूंद के कारण भी एलर्जी हो सकती है.

एलर्जी का उपचार 
इम्यूनो थेरपी और एलर्जी शॉट्स से भी एलर्जी का इलाज किया जाता है. अगर मरीज की हालत ज्यादा खराब हो, तभी इम्यूनो थेरेपी का सहारा लिया जाता है. यह सेफ तरीका है लेकिन तभी कारगर है, जब किसी ऐसी चीज से ही एलर्जी हो, जिसे नजरअंदाज न किया जा सके. इस थेरपी का असर लंबे समय तक रहता है. कई बार इसका असर 3-4 साल तक रहता है. हालांकि हर मरीज पर असर अलग-अलग हो सकता है. यह इलाज थोड़ा महंगा होता है. लेकिन यदि आप घरेलु तरीके से कारगर और सस्ता उपचार चाहते हैं तो आप आयुर्वेद का सहारा ले सकते हैं.

आयुर्वेद

  • आयुर्वेद के अनुसार रोज सुबह नीबू पानी पिएं.
  • अगर स्किन एलर्जी है तो फिटकरी के पानी से प्रभावित हिस्से को धोएं. नारियल तेल में कपूर या जैतून * तेल मिलाकर लगाएं. चंदन का लेप भी राहत देता है. इससे खुजली कम होती है और चकत्ते भी कम होते हैं.
  • पंचकर्म का हिस्सा नास्य शिरोधारा भी एलर्जी में भी बहुत मदद करता है. इसमें खास तरीके से तेल नाक में डाला जाता है, लेकिन यह प्रक्रिया घर में नहीं करनी चाहिए. एक्सपर्ट की देखरेख में इसे करें. 

नेचुरोपैथी और योग
योग और नेचुरोपैथी एलर्जी से मुकाबला करने के लिए एक बेहतर तरीका साबित हो सकता है. इसके विशेषग्य कहते हैं एलर्जी से बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. इसके अलावा स्वच्छता भी बहुत जरुरी है. आपको नियमित रूप से रोजाना करीब 15 मिनट अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका प्राणायाम करने से एलर्जी में फायदा होता है क्योंकि इनसे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. इसके अलावा प्रदुषण से होने वाली एलर्जी से बचने के लिए गुनगुने पानी में तुलसी, नीबू, काली मिर्च और शहद डालकर पिना भी फायदेमंद होता है.
 

Urinary Diseases Symptoms, Treatment - मूत्र रोग के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Urinary Diseases Symptoms, Treatment - मूत्र रोग के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

मूत्र से संबंधित बीमारी महिलाओं और पुरुष दोनों को ही होती है. गुर्दा हमारे शरीर में सिर्फ मूत्र बनाने का ही काम नहीं करता वरन इसके अन्य कार्य भी हैं. जैसे- खून का शुद्धिकरण, शरीर में पानी का संतुलन, अम्ल और क्षार का संतुलन, खून के दबाव पर नियंत्रण, रक्त कणों के उत्पादन में सहयोग और हड्डियों को मजबूत करना इत्यादि. लेकिन हमारे यहाँ लोगों में इसके प्रति जागरूकता न होने के कारण लोगों में इस तरह की समस्याएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती हैं. आइए मूत्र रो के कारण, लक्षण और घरेलु उपचार को समझने का प्रयास करें.

क्या है मूत्र रोग का कारण?
जैसा कि हर रोग के कुछ उचित कारण होते हैं. ठीक उसी प्रकार मूत्र विकारों के भी कई कारण हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जीवाणु और कवक है. इनके कारण मूत्र पथ के अन्य अंगों जैसे किडनी, यूरेटर और प्रोस्टेट ग्रंथि और योनि में भी इस संक्रमण का असर देखने को मिलता है.

मूत्र विकार के लक्षण
मूत्र रोग के मुख्य लक्षणों में तीव्र गंध वाला पेशाब होना, पेशाब का रंग बदल जाना, मूत्र त्यागने में जलन और दर्द का अनुभव होना, कमज़ोरी महसूस होना, पेट में पीड़ा और शरीर में बुखार की हरारत आदि है. इसके अलावा हर समय मूत्र त्यागने की इच्छा बनी रहती है. मूत्र पथ में जलन बनी रहती है. मूत्राषय में सूजन आ जाती है. यह रोग पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में ज़्यादा पाया जाता है. गर्भवती स्त्रियां और सेक्स-सक्रिय औरतों में मूत्राषय प्रदाह रोग अधिक पाया जाता है.

मूत्र रोग के उपचार

आयुर्वेदिक उपचार

1. पहला प्रयोग
यदि आप केले की जड़ के 20 से 50 मि.ली. रस को 30 से 50 मि.ली. गौझरण के साथ 100 मि.ली.पानी मिलाकर सेवन करने से तथा जड़ पीसकर उसका पेडू पर लेप करने से पेशाब खुलकर आता है.
2. दूसरा प्रयोग
आधा से 2 ग्राम शुद्ध को शिलाजीत, कपूर और 1 से 5 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर लेने से या पाव तोला (3 ग्राम) कलमी शोरा उतनी ही मिश्री के साथ लेने से भी लाभ होता है.
3. तीसरा प्रयोग
मूत्र रोग को दूर करने के लिए एक भाग चावल को चौदह भाग पानी में पकाकर उन चावलों के मांड का सेवन करें क्योंकि इससे मूत्ररोग में लाभ होता है. इसके अलावा कमर तक गर्म पानी में बैठने से भी मूत्र की रूकावट दूर होती है.
4. चौथा प्रयोग
आप चाहें तो उबाले हुए दूध में मिश्री तथा थोड़ा घी डालकर पीने से जलन के साथ आती पेशाब की रूकावट दूर होती है. इसमें ध्यान रखने वाली बात ये है कि इसे बुखार में इस्तेमाल न करें.
5. पाँचवाँ प्रयोग
इस तरीके में 50-60 ग्राम करेले के पत्तों के रस को चुटकी भर हींग मिलाकर देने से पेशाब आसानी से होता है और पेशाब की रूकावट की तकलीफ दूर होती है अथवा 100 ग्राम बकरी का कच्चा दूध 1 लीटर पानी और शक्कर मिलाकर पियें.

अन्य घरेलू उपचार
1. खीरा ककड़ी

यदि रोगी को 200 मिली ककड़ी के रस में एक बडा चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर हर तीन घंटे के अंतर पर दिया जाए तो रोगी को बहुत आराम मिलता है.
2. मूली के पत्तों का रस
मूत्र विकार में रोगी को मूली के पत्तों का 100 मिली रस दिन में 3 बार सेवन कराएं. यह एक रामबाण औषधि की तरह काम करता है. इसके अलावा आप तरल पदार्थों का सेवन भी कर सकते हैं.
3. नींबू
नींबू स्वाद में थोड़ा खट्टा तथा थोड़ा क्षारीय होता है. नींबू का रस मूत्राषय में उपस्थित जीवाणुओं को नष्ट कर देता है तथा मूत्र में रक्त आने की स्थिति में भी लाभ पहुँचाता है.
4. पालक
पालक का रस 125 मिली, इसमें नारियल का पानी मिलाकर रोगी को पिलाने से पेशाब की जलन में तुरंत फ़ायदा प्राप्त होगा.
5. गाजर
मूत्र की जलन में राहत प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार आधा गिलास गाजर के रस में आधा गिलास पानी मिलाकर पीने से फ़ायदा प्राप्त होता है.
6. मट्ठा
आधा गिलास मट्ठा में आधा गिलास जौ का मांड मिलाकर इसमें नींबू का रस 5 मिलि मिलाकर पी जाएं. इससे मूत्र-पथ के रोग नष्ट हो जाते है.
7. भिंडी
ताज़ी भिंडी को बारीक़ काटकर दो गुने जल में उबाल लें फिर इसे छानकर यह काढ़ा दिन में दो बार पीने से मूत्राषय प्रदाह की वजह से होने वाले पेट दर्द में राहत मिलती है.
8. सौंफ
सौंफ के पानी को उबाल कर ठंडा होने के बाद दिन में 3 बार इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से मूत्र रोग में राहत मिलती है.
 

Diet For Kidney Disease

BHMS
Homeopath, Bahadurgarh

The purpose of this diet is to maintain a balance of electrolytes, minerals, and fluid in patients who have chronic kidney disease or who are on dialysis. *patients who are on dialysis need this special diet to limit the buildup of waste products in their body*. These waste products can also build up between dialysis treatments.

Most dialysis patients urinate very little or not at all. Limiting fluids between treatments is very important. Without urination, fluid will build up in the body and lead to excess fluid in the heart, lungs, and ankles. & it is too dangerous for our health.

When you have chronic kidney disease, you need to make changes in your diet, including:

  •  Limiting fluids
  •  Eating a low-protein diet
  •  Restricting salt, potassium, phosphorous
  •  Getting enough calories if you are losing weight

Your recommended diet may change over time if your kidney disease gets worse, or if you need dialysis.

Other Diet Tips:

1. Salt is a major cause. So restrict your daily intake. The lesser, the better! low-salt substitutes are no good either, since they contain high levels of potassium.

2. Potassium levels can be high in severe renal failure or for those on dialysis. Very high levels are dangerous and can cause cardiac arrest.

3. Excess phosphorus can cause total kidney failure as well as bone disease and heart ailments. If phosphorus may still build up in your body. When your kidneys aren't functioning well enough, you may need dialysis to eliminate the extra phosphorus. But dialysis alone can't do the job.

4. Calcium is another concern for kidney patients, causing serious bone disease in later years if not controlled.

5. Fluid intake must also be monitored. If fluid retention is a problem, limit salt intake.

Healthy food-

  • Cabbage. High in vitamin k, vitamin c and fiber, cabbage is also a good source of vitamin b6 and folic acid. Low in potassium and low in cost, it’s an affordable addition to the kidney diet.
  • Cauliflower. Cauliflower is high in vitamin c and a good source of folate and fiber.
  • Garlic. Garlic helps prevent plaque from forming on your teeth, lowers cholesterol and reduces inflammation. 
  • Onions. Onions are low in potassium and a good source of chromium, a mineral that helps with carbohydrate, fat and protein metabolism.
  • Apple. High in fiber and anti-inflammatory compounds really helps a lot in.
  • Blueberries. Blueberries are a good source of vitamin c; manganese, a compound that keeps your bones healthy; and fiber, and may also help protect the brain from some of the effects of aging.
  • Cherries*. Cherries have been shown to reduce inflammation when eaten daily.
  • Egg whites. Egg whites are pure protein and provide the highest quality of protein with all the essential amino acids. For the kidney diet, egg whites provide protein with less phosphorus than other protein sources such as egg yolk or meats.
  • Fish. Fish provides high-quality protein and contains anti-inflammatory fats called omega-3s. The healthy fats in fish help fight diseases such as heart disease and cancer. Omega-3s also help lower low-density lipoprotein or ldl cholesterol, which is bad cholesterol, and raise high-density lipoprotein or hdl cholesterol, which is good cholesterol.

Chronic Sinusitis

MD - Bio-Chemistry, MF Homeo (London), DHMS (Diploma in Homeopathic Medicine and Surgery), BHMS
Homeopath, Kolkata
Chronic Sinusitis

Aetiology
This follows an acute sinus infection which fails to resolve the cause of failure is usually some anatomical or pathological narrowing of the middle meatus which prevents adequate drainage common causes of such narrowing are septal deviations, enlargement of the middle turbinate, chronic generalized oedema of the nasal mucosa due to allergic or vasomotor rhinitis mucous polypi. Chronic frontal sinusitis is usually secondary to antral or ethmoidal infection & a dental abscess can cause a particularly severe foul infection of the maxillary antrum.

Symptoms/ sign and complications:-

  • Local symptoms are often slight so that the disease can easily be overlooked. There is intermittent nasal obstruction discharge with a feeling of dullness or heaviness in the face and head. These symptoms are made worse by a coryza the patient often suffers from nasal catarrh for a long time after each cold. Recurrent or chronic tonsillitis, pharyngitis, or laryngitis is often the complaint which makes the patient seek medical advice sinus infection shoud always be looked for in such cases. Chonic sinusitis is often present in bronchiectasis chronic bronchitis. There is no tenderness over the sins as in acute infection and nasal examination often show no obvious infection but will reveal the narrowing of the middle meatus, ct are particularly useful in revealing the condition & the state of the lining membrne. Spread to the orbit or anterior cranial fossa may occur as in acute infections.
  •  Homeopathic treatment medicine apply one symptoms sigs base only.

I am suffering with the diabetes. Dr. told me its MODY diabetes. What is MODY DIABETES.

MBBS, MD
Endocrinologist, Delhi
I am suffering with the diabetes. Dr. told me its MODY diabetes. What is MODY DIABETES.
MODY is maturity onset diabetes of the young. It a rare type of diabetes different from type 1 & type 2.Its incidence is only 1-2%of all diabetic cases. This is caused by mutation in single gene. Its diagnosis requies clinical suspicion, genetic testing beside other parameters of diabetes.
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Shaving Below: Penis Skin Care

MD - General Medicine
Sexologist, Delhi
Shaving Below: Penis Skin Care

Obviously, guys like to compare themselves to other guys, and that includes the penis. Whether it's a quick glance in the locker room or observations from watching porn, men like to know how they stack up. And one thing such impromptu surveys indicate is that there are actually quite a few guys who are into pubic shaving. Whether it's just keeping the pubic bush neatly trimmed or a full-scale shaving of the penis and balls, more and more men are doing it. And assuming a guy takes proper care, it's not going to create any penis care issues. That said, dudes who try shaving do want to be sure they take proper steps to protect the delicate penis skin.

Start with a trim

Guys who have (or have had) a beard know that just taking a razor and hacking away at a thick bush of hair is not the best plan. Before getting down to the actual shaving, a guy should trim down that thick bush of pubic hair to about ¼ inch or so. The best way to do this is to use a pair of scissors. Don't worry about an even trim; just use it to get the majority of the hair down to a manageable length.

Some guys find it awkward to do this standing up. It may be easier to lie down and hold a hand mirror in one hand to help guide along. Men who have grown a significant gut may find lying down helps to expose more of the pubic hair area.

After finishing the pubic bush, use the scissors to carefully trim the hair on the balls and shaft. Again, at this point a guy is not trying to get shaved down to the skin - just cutting down long hairs which might get caught in a razor and cause an uncomfortable tugging. Again, trimming here can put a guy in awkward positions; using mirrors to see what is what is very helpful.

Pre-soak

After the hair is trimmed to a manageable length, pre-soak the areas that are to be shaved using warm soap and water. Some men prefer to shave in the shower or bathtub, which has the advantage of keeping the skin moist as he goes along. Since penis skin is delicate, this is especially recommended.

Lather up

Penis skin can be very sensitive, but in most cases using shaving cream rather than soapy lather is better. Find shaving cream intended for sensitive skin that does not include harsh chemicals or fragrances.

Prep the penis and shave carefully

There isn't much hair on the penis itself, but what is there can be shaved more easily if the penis is erect. Be very careful and don't use a dull razor. For the balls, using an ice cube or laying them on a cold surface tightens them so that shaving is easier. In both cases, apply as little pressure as possible. Rinse and lather up as necessary to keep the skin smooth and avoid nicks on the penis and balls. Take care with the pubic bush, but it is generally not as sensitive as the penis and balls.

Take good care after shaving

Use a soft towel to pat (not rub) the penis and surrounding areas dry. Once all is dry, the skin will then need to be re-moisturized. Shaving and washing can deplete the penis skin of oils that keep it hydrated.

Penis skin responds better after shaving if a guy uses a first level penis health crème (health professionals recommend Man1 Man Oil, which is clinically proven mild and safe for skin) with excellent moisturizing agents. Look for a crème with both a high-end emollient (such as Shea butter) and a natural hydrator (such as vitamin E) for best moisturizing results. It also helps if the crème contains a powerful antioxidant, such as alpha lipoic acid, which helps strengthen the skin by fighting excess free radicals.

Can you have any homeopathic medicines to strong Penial nerves system & increase sperm count. Give some advice to stop masturbation.

BHMS, MD - Homeopathy, M.A. - Clinical Psychology
Homeopath, Howrah
Can you have any homeopathic medicines to strong Penial nerves system & increase sperm count. Give some advice to sto...
Masturbating is a habit like late rising or smoking, you are getting pleasure from it, as long it is in tolerable limit it is OK but when it is out of control it becomes a behavioral problem, you should adopt some behavioral techniques to lessen the habit, homoeopathy helps in the process.
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