दिल्ली में रेक्टल प्रोलैप्स का इलाज
रेक्टल प्रोलैप्स से पाएं छुटकारा, आज ही दिल्ली में Lybrate से कराएं रेक्टल प्रोलैप्स का सबसे सही इलाज
दिल्ली में Rectal Prolapse Treatment के लिए 788+ बेस्ट डॉक्टर
Dr. Kuldip Singh
Dr. Manish K Gupta
Dr. Shakuntla Kumar
Dr. Srikrishna Das
Dr. Manoj Gupta
Dr. Sheikh Mohammad Taha Mustafa
Dr. Saket Goel
Dr. Sandip Banerjee
Dr. S K Singh, Sushruta Ano Rectal Institute Piles And Fistula Treatment
Dr. C.S. Ramachandran
दिल्ली में Rectal Prolapse Treatment के लिए बेस्ट डॉक्टर
| डॉक्टर का नाम | अस्पताल की फीस | लायब्रेट रेटिंग |
|---|---|---|
| Kuldip Singh | ₹ 1,500 | 89 |
| Manish K Gupta | ₹ 1,500 | 89 |
| Shakuntla Kumar | ₹ 800 | 91 |
| Srikrishna Das | ₹ 1,500 | 90 |
| Manoj Gupta | ₹ 1,200 | 90 |
| Sheikh Mohammad Taha Mustafa | ₹ 1,500 | 93 |
| Saket Goel | ₹ 2,000 | 91 |
| Sandip Banerjee | ₹ 1,000 | 88 |
| S K Singh, Sushruta Ano Rectal Institute Piles And Fistula Treatment | ₹ 500 | 91 |
| C.S. Ramachandran | ₹ 2,000 | 89 |
दिल्ली में रेक्टल प्रोलैप्स का इलाज पर रोगियों की प्रतिक्रिया
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रोलैप्स सर्जरी में कितना समय लगता है?
रेक्टल प्रोलैप्स सर्जरी दो प्रकार से की जाती है। यही वजह है कि इसमें लगने वाला सर्जरी के प्रकार पर भी निर्भर करता है। आमतौर पर यह सर्जरी आधे घंटे से लेकर चार घंटे में समाप्त हो जाती है।
रेक्टल प्रोलैप्स के कितने प्रकार होते हैं?
रेक्टल प्रोलैप्स के तीन प्रकार होते हैं। पूर्ण रेक्टल प्रोलैप्स, आंशिक रेक्टल प्रोलैप्स और म्यूकोसल रेक्टल प्रोलैप्स।
रेक्टल प्रोलैप्स के सामान्य लक्षण क्या है?
इसके सामान्य लक्षणों में असुविधा, दर्द, रक्तस्राव और मल त्याग में कठिनाई शामिल है।
क्या महिलाओं को रेक्टल प्रोलैप्स हो सकता है?
रेक्टल प्रोलैप्स की समस्या महिला और पुरुष दोनों वर्ग को हो सकती है। महिलाओं में प्रसव के दौरान यह बीमारी होना एक आम समस्या है। पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है।
रेक्टल प्रोलैप्स के कारण क्या है?
रेक्टल प्रोलैप्स के कारणों में पुरानी कब्ज, प्रसव के दौरान तनाव या गंभीर खांसी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी या तंत्रिका संबंधी विकार शामिल हैं। इसके अलावा बढ़ती उम्र, लंबे समय तक दस्त या मोटापे के कारण भी गुदा के सामान्य ऊतकों में परिवर्तन के परिणामस्वरूप भी यह स्थिति पैदा हो सकती है।
