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Leena Medical & Meternity Centre

Gynaecologist Clinic

232-B, Patparganj, Majur Vihar,Phase-1, Near Bank Of Baroda New Delhi
1 Doctor · ₹300
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Leena Medical & Meternity Centre Gynaecologist Clinic 232-B, Patparganj, Majur Vihar,Phase-1, Near Bank Of Baroda New Delhi
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Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Gynecologist . We are dedicated to providing you with the personalized, quality health care that you dese......more
Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Gynecologist . We are dedicated to providing you with the personalized, quality health care that you deserve.
More about Leena Medical & Meternity Centre
Leena Medical & Meternity Centre is known for housing experienced Gynaecologists. Dr. Leena Jadhav, a well-reputed Gynaecologist, practices in New Delhi. Visit this medical health centre for Gynaecologists recommended by 68 patients.

Timings

MON-SAT
07:00 PM - 09:00 PM 11:00 AM - 03:00 PM

Location

232-B, Patparganj, Majur Vihar,Phase-1, Near Bank Of Baroda
Patparganj New Delhi, Delhi - 110091
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Doctor in Leena Medical & Meternity Centre

Dr. Leena Jadhav

MBBS
Gynaecologist
15 Years experience
300 at clinic
Available today
11:00 AM - 03:00 PM
07:00 PM - 09:00 PM
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PCOS: Why Is It A Rise Among Indian Women?

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MBA - Health Care Administration
General Physician, Delhi
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Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) is a common endocrinal system disorder among women of reproductive age. One in every 10 woman in India are diagnosed with PCOS. It can be managed to a large extent by controlling symptoms.

Vitamin A Benefits, Sources, Side Effects In Hindi - विटामिन ए के स्रोत, फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Vitamin A Benefits, Sources, Side Effects In Hindi - विटामिन ए के स्रोत, फायदे और नुकसान

विटामिन ए मानव शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है. विटामिन ए का उपयोग आँखों की रोशनी, माँसपेशियों की मजबूती, हड्डियों की वृद्धि और रक्त में कैल्शियम का स्तर सही बनाए रखने में बहुत लाभदायक होता है. विटामिन ए वसा में घुलनशील विटामिन है. विटामिन ए आमतौर पर रेटिनॉयड और कैरोटिनॉयड दो रूपों में पाया जाता है. हमारे शरीर के लिये विटामिन ए अत्यधिक महत्तवपूर्ण है जो फलों और सब्जियों में मुख्य रूप से पाया जाने वाला विटामिन होता है. फलों और सब्जियों में कैरोटिनॉयड की मात्रा भरपूर होने के कारण सब्जियों का रंग गहरा और चमकीला होता है. विटामिन हमारे शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं. विटामिन ए अनेक फलों तथा सब्जियों में अधिक मात्रा में पाया जाता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है.

विटामिन ए के स्रोत
विटामिन ए के अच्छे स्रोत हैं गाजर, चुकंदर, शलजम, शकरकंद, मटर, टमाटर, ब्रोकली, कद्दू, साबुत अनाज, हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां, धनिया, गिरीदार फल, पीले या नारंगी रंग के फल, आम, तरबूत, पपीता, चीकू, पनीर, सरसों, राजमा, बींस, अंडा आदि इन सभी में उचित मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है.

विटामिन ए के फायदे
स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन बहुत जरूरी होता है. विटामिन ए के उपयोग से हमारी आँखों की रौशनी तेज होती है और आँखों की मांसपेशिया भी मजबूत बनती हैं. यह आंखों के रेटिना में रंग उत्पन्न करता है. विटामिन ए एक एंटी-ऑक्सीडेंट है. एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभावों से बचाने का काम करता है. विटामिन ए हृदय रोगों, अस्थमा, डायबिटीज और कई अन्य रोगों में भी लाभदायक है. विटामिन ए इम्यून तंत्र को मजबूत बनाने में बहुत ही अच्छा होता है जिससे हमारी कोशिकाएं सक्रिय होने से बची रहती है. इसलिए हमें रोजाना विटामिन ए युक्त आहार का सेवन करना चाहिए. विटामिन ए युक्त आहार के सेवन से हमारा शरीर और त्वचा स्वस्थ और जवान बनी रहती है.

विटामिन ए लेने से नुकसान
अत्याधिक विटामिन ए की मात्रा लेना हानिकारक हो सकता है सिरदर्द, दस्त, बाल गिरना, देखने में दिक्कत, थकावट, स्किन खराब हो जाना, हड्डी और जोडों में दर्द, हृदय को नुकसान पहुंचना और लडकियों में असमय मासिक धर्म जैसी समस्या हो सकती है. गर्भवती महिला में गर्भ के दौरान अत्याधिक विटामिन ए की मात्रा लेने से पेट में पलते बच्चे को नुकसान हो सकता है.

विटामिन ए की कमी के लक्षण और नुकसान
विटामिन ए हमारे शरीर की त्वचा, बाल, नाखूनों आदि के लिए लाभदायक होता है. विटामिन ए की कमी से कमजोर दांत, थकान, सूखे बाल, सूखी त्वचा, साइनस, क्रोनिक डायरिया, निमोनिया, सर्दी – जुखाम, वजन में कमी, नींद ना आना, नाईट ब्लाइंडनेस (रतौंधी) जैसे रोग होते है.

विटामिन ए को कितना खाना चाहिए
स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन बहुत जरूरी होता है. विटामिन ए के उपयोग से हमारी आँखों की रौशनी तेज होती है और आँखों की मांसपेशिया भी मजबूत बनती हैं. यह आंखों के रेटिना में रंग उत्पन्न करता है. विटामिन ए एक एंटी-ऑक्सीडेंट है. एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभावों से बचाने का काम करता है. विटामिन ए हृदय रोगों, अस्थमा, डायबिटीज और कई अन्य रोगों में भी लाभदायक है. विटामिन ए इम्यून तंत्र को मजबूत बनाने में बहुत ही अच्छा होता है जिससे हमारी कोशिकाएं सक्रिय होने से बची रहती है. इसलिए हमें रोजाना विटामिन ए युक्त आहार का सेवन करना चाहिए. विटामिन ए युक्त आहार के सेवन से हमारा शरीर और त्वचा स्वस्थ और जवान बनी रहती है.

Potassium Benefits, Sources , Side Effects In Hindi - पोटेशियम के स्रोत, फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Potassium Benefits, Sources , Side Effects In Hindi - पोटेशियम के स्रोत, फायदे और नुकसान

हमारे शरीर के लिए कई खनिज पदार्थों की आवश्यकता होती है. पोटेशियम इन्हीं खनिजों में से एक है. ये एक ऐसा खनिज है जो मानव शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. पोटेशियम हमारे हृदय, गुर्दे तथा अन्य अंगो के सामान्य रूप से काम करने के लिए बहुत ही जरूरी खनिज है. पोटेशियम हमारे ऊतकों, कोशिकाओं, नसों और मांसपेशियों के विकास लिए आवश्यक है. पोटेशियम हमारे शरीर में पोषक तत्वों को कोशिकाओं के अन्दर और बेकार के तत्वों को कोशिकाओं से बाहर ले जाने में सहायता करता है. पोटेशियम हमारे रक्तचाप को सामान्य बनाये रखने और सोडियम के हानिकारक प्रभावों को कम करने में भी मदद करता है. पोटेशियम पाचन सामान्य बनाये रखने और मांसपेशियों के सही काम करने में मदद करता है. इसके अलावा भी पोटेशियम हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण काम करता है. आइए पोटेशियम के स्त्रोत, इससे होने वाले फायदे और पोटेशियम के नुकसान को जानें ताकि इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों की आपके पास जानकारी हो. इससे आप पहले से सचेत रहेंगे.

पोटेशियम के स्रोत
अन्य खनिज की तरह पोटेशियम भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्वों में से एक है जब भी इसकी कमी हमारे शरीर में होती है, हम रोगों के चपेट में आने लगते हैं. हम इस की कमी आसानी से अपने खान पान की मदद से शरीर में पूरी कर सकते हैं. पोटेशियम के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत केले, ऐवाकेडो, बादाम और मूँगफली, संतरा और अंगूर, हरी पत्तेदार सब्जियां, जड़ वाली सब्जियां, गाजर और आलू , शकरकंद, चुकंदर का साग, खजूर, दही, टमाटर, दूध हैं.

पोटेशियम के फायदे
अन्य खनिज की तरह पोटेशियम भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्वों में से एक है. इसके फायदे हमें कई प्रकार की समस्याओं से निजात दिलाने का काम करते हैं. जब भी इसकी कमी हमारे शरीर में होती है, हम रोगों के चपेट में आने लगते हैं. हम इस की कमी आसानी से अपने खान पान की मदद से शरीर में पूरी कर सकते हैं. पोटेशियम के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत केले, ऐवाकेडो, बादाम और मूँगफली, संतरा और अंगूर, हरी पत्तेदार सब्जियां, जड़ वाली सब्जियां, गाजर और आलू , शकरकंद, चुकंदर का साग, खजूर, दही, टमाटर, दूध हैं.

पोटेशियम से होने वाले नुकसान
पोटेशियम हमारे शरीर में जितना जरुरी है इसकी अधिकता उतनी ही नुकसानदेह है. अधिकता से नुकसान जिस तरह पोटेशियम हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है उसी तरह इस की अधिक मात्रा हमारे शरीर के लिए हानिकरक भी है. इसलिए जरुरी है कि इसके बारे में भी जाना जाए ताकि आगे चलाकर कोई अनावश्यक परेशानी न आए. पोटेशियम की अत्‍यधिक मात्रा हमारे शरीर में स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कई परेशानियों को जन्म दे सकती है. इस की अत्‍यधिक मात्रा से किडनी कमजोर और डैमेज हो सकती है. अत्‍यधिक पोटेशियम को मूत्र के जरिए सही तरीके से हटाया नहीं जा सकता है. इससे लिंग संबंधी परेशानी हो सकती है. पोटेशियम की कमी हमारे शरीर में अनेकों समस्याओं को जन्म देती है. पोटेशियम ह्रदय, दिमाग और मांसपेशियों के काम करने में मदद करता है. इस की कमी से शरीर में हाइपोकैलीमिया होने का खतरा हो जाता है. मांसपेशियों में जकड़न, हृदय से जुड़ी बीमारियां, थकान, तनाव, कब्ज, चक्कर और बेहोशी, बाल झड़ना, बार-बार बाथरूम जाना, पाचन संबंधी समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर, हडि्डयों में दर्द - ये सब शरीर में पोटेशियम की कमी के लक्षण हैं.

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Hi, my mother is 54 yo when she had undergone hysterectomy along with bilateral oophorectomy. She had not done estrogen replacement therapy (ERT) after the surgery and it's been one year when she had that surgery. As I have read in many articles it is mentioned that one needs to go for ERT/HT otherwise cardiovascular disease CAD and osteoporosis risk increases. I would like to know if it's recommended to go for ERT and if not can any dietary changes be considered instead. Please help, thanks in advance.

MS - Obstetrics and Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
If your mother is having post menopausal symptoms she can take ert ,but before starting ert a few tests have to be done -lipid profile, coagulation profile ,mammography and ecocardigraph. She should not be hypertensive, Should not be having family history of ovarian and breast cancer. Alternatively she can take cap menopace ISO daily. Do regular exercise, eat soya products.
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33 year old female. Irregular periods. Darker frothy discharge/ spotting between periods, cramps all month long. Pressure on lower abdomen.

MD - Alternate Medicine, PGDIP.IN Geriatric Care, Post Graduate Diploma In Holistic Healthcare
Ayurveda, Balasore
33 year old female. Irregular periods. Darker frothy discharge/ spotting between periods, cramps all month long. Pres...
Hi madam, Hope you are suffering from irregular cycle with mucoid discharge from vagina. Take care of your health. It is not at all good for you. Try to take some indigenous herbal medicine which will regular your cycle as well as solve the Vaginal discharge. Tenderness and cramping are seen due to abdominal and uterine problems. So you can check it by taking natural. Feel free to contact me privately I can suggest more information on this case by prescribing some adequate drugs.
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IBS - Can Homeopathy Treat It Successfully?

BHMS
Homeopath, Jaipur
IBS - Can Homeopathy Treat It Successfully?

If you are looking for an ideal natural remedy for Irritable Bowel Syndrome (IBS), you should consider undertaking homeopathic treatment. IBS is a health condition in which your large intestine, or the colon gets affected. It is a chronic condition and requires management on a long term basis. Homeopathy is effective for curing IBS, and several types of medicines are used for its treatment. Here is a list of the top homeopathic medicines used for curing IBS:

  1. Sulphur: This is one of the most common homeopathic medicines used for treating IBS and several other gastrointestinal conditions. It is used for IBS treatment when a patient experiences an increased urge for bowel movements. The stools are hard, knotty, and insufficient in amount. Early morning diarrhea is likely and the patient feels heaviness in his abdomen. The abdomen becomes sore and extra sensitive to pressure. This medicine is ideal for patients who are thin and weak.
  2. Pulsatilla: This medicine is ideal for curing IBS. When IBS influences the gastrointestinal tract and the urinary tract, the medicine is quite commonly prescribed. It is also prescribed to patients who experience distention of the abdomen, along with pressure and a rumbling sensation. Tightness in the abdomen is felt after taking any meal. The stools get affected and become watery and rumbling in nature.
  3. Nux Vomica: This medicine is prepared from a plant, which is commonly referred to as the poison nut. Along with treating several conditions related to the digestive, reproductive, and respiratory system, this medicine is effective in the treatment of IBS. It is prescribed for patients who experience constipation, which keeps on altering with diarrhea after purgative abuse. The patient experiences an increased and abnormal yearning for stools, and an unfinished sensation is felt after stools. Flatulent colic in the abdomen is likely, and small quantities of stools are passed at every attempt.
  4. PhosphorusPhosphorus is another effective homeopathic medicine, which is prepared from inorganic phosphorous. After undertaking potentization, this drug is used for treating several conditions, which include IBS.
  5. Silicea: This is an ideal homeopathic medicine, which is used as a part of IBS treatment. It is used in patients who experience food aversion, appetite loss, and cannot tolerate meat or hot food. Bloating and colicky pain in the abdomen is indicated along with constipation. The stools are hard and difficult to pass. Diarrhea with foul odor may also develop in the patient. This medicine influences nutrition and is commonly used for children.

If you seek homeopathic treatment for IBS, you should consult a homeopathic practitioner. He will be able to prescribe you the best homeopathic remedies based on your condition, symptoms, and severity.
 

7 Steps Can Help You Break Your Bad Habit!

Psychologist, Mumbai
7 Steps Can Help You Break Your Bad Habit!

A bad habit could range from smoking or drinking to knuckle breaking or nail biting. A bad habit is one that causes or is likely to cause you or the others in your life, harm. Here are eight steps that can help you break your bad habit:

  1. Try to understand your habit: The most important thing to break a bad habit is to know it first. In case that some habit is hurting you then you certainly need to let go of it. You initially need to set your mind about bringing an end to that habit. It is also important to understand how this habit of yours is hurting you or the ones around you.
  2. Change your thinking: Even when we get to know we have some unfortunate habit, more often than not we are not prepared to separate it since we have practised that habit since a long time and it is by all accounts intense to break that one. We have to change our reasoning about the habit and take a look at it in negative viewpoints since a thing having negative perspectives will be simpler to quit.
  3. Begin small: In case that you have a negative behaviour pattern since quite a while then go slow to break it down in light of the fact that a bad habit is hard to separate at once. Try not to attempt to do everything at once since you would not have the capacity to do as such.
  4. Make tiny improvements: Try not to make extreme improvements to your habit since it is your habit and it will some way or another takes its time to break. Rather make little improvements with the goal that it will not aggravate you and soon you will encounter a noteworthy change in your behaviour and afterwards you will separate the habit totally on a more lasting basis.
  5. Change your environment: A few habits are built because of the environment we live in. The steady surrounding makes us construct that habit in a manner that it gets stronger day by day. So in case that you understand that some negative behaviour patterns have overtaken your life and are not going down, attempt to change your surroundings.
  6. Keep a check: Simply going ahead to bring an end to any habit will not give you appropriate results. Keeping a survey helps you in checking on how much of your bad habit you have defeated and how far you are from breaking it completely.
  7. Reward yourself: Offer yourself a reward each time you see that you have stopped behaving in a certain way, or practising a certain habit. This goes a long way in motivating the individual to strive towards that end goal of breaking the habit completely.

What is the reason ,why girls not ready to have sex ,what I have to do that issue.

MD - Ayurveda
Ayurveda, Thane
What is the reason ,why girls not ready to have sex ,what I have to do that issue.
Get marry with a single girl, then will not scared to have a sexual relationship with you. Be loyalist to one partner. You will out from the mentality of sexual perversion and hopefully will enjoy a normal sex life.
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Hi Dr. please tell me truth. Muje pcod he to kya isse naturally baby nai hota? Without any medicines cz aftr planning b koi result nhi mil rha muje please btaie. Thnk.

Fellowship In Infertility, MS - Obstetrics and Gynaecology, MBBS
Gynaecologist, Delhi
Hi Dr. please tell me truth. Muje pcod he to kya isse naturally baby nai hota? Without any medicines cz aftr planning...
Hi PCOS is a problem that interferes with egg formation. There are multiple treatment options available for you by which you can get pregnant. See a infertility specialist soon.
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My daughter of 19. She got her periods on 6th of April and now it's 19th of April. Slight traces of blood coming along with vaginal discharge. Is it really a matter to wry about.

MD - Alternate Medicine, PGDIP.IN Geriatric Care, Post Graduate Diploma In Holistic Healthcare
Ayurveda, Balasore
My daughter of 19. She got her periods on 6th of April and now it's 19th of April. Slight traces of blood coming alon...
Hello madam, Thanks to you for your query regarding the irregular cycle of the daughter. Slight vaginally discharge may cause of scanty menstruation. Let her adequate food and good sanitation each time of cycle. If she is healthy with good physique need not be worried. She should take some natural herbal products along with good diet. She is to avoid fast food and day sleep. Let her to perform yoga and pranayam. Have. Take care of abdominal disorders. After 3 to 4 months of consecutive periods she must be cured. Feel free to contact me privately I can suggest more information on this case. OK.
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