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Hamraj Clinic

Ayurveda Clinic

19361st Floor Opposite Gurudwara Phawara Chowk Chandni Chowk Delhi - 110006 Delhi
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Our goal is to offer our patients, and all our community the most affordable, trustworthy and professional service to ensure your best health....more
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Hamraj Clinic is known for housing experienced Ayurvedas. Dr. Ashok Arora, a well-reputed Ayurveda, practices in Delhi. Visit this medical health centre for Ayurvedas recommended by 91 patients.

Timings

MON-SAT
10:00 AM - 01:00 PM 05:00 PM - 09:00 PM

Location

19361st Floor Opposite Gurudwara Phawara Chowk Chandni Chowk Delhi - 110006
Chandni Chowk Delhi, Delhi - 110006
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Doctor in Hamraj Clinic

Dr. Ashok Arora

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda
36 Years experience
Available today
05:00 PM - 09:00 PM
10:00 AM - 01:00 PM
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देसी अंडे के फायदे - Desi Ande Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
देसी अंडे के फायदे - Desi Ande Ke Fayde!

देसी अंडा स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है. इसमें पाए जाने वाले पोशाक तत्व आपके शरीर को कई तरह से लाभान्वित करते हैं. देसी अंडे संपूर्ण प्रोटीन की मौजूदगी वाले कुछ खाद्य पदार्थों में से एक है. देसी अंडा में शरीर के लिए आवश्यक सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड उचित अनुपात में मौजूद रहता है. अंडे विटामिन ए, विटामिन बी 12, विटामिन डी, विटामिन ई और फोलेट, सेलेनियम, कोलिन और कई अन्य खनिजों से भी भरपूर हैं. इस लेख के माध्यम से हम देसी अंडे के फ़ायदों पर एक नजर डालेंगे.

1. कैंसर का जोखिम घटाए

अंडे में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो आपके शरीर में कैंसर के विकास को रोकता है साथ ही हृदय रोग के खतरे को कम करते हैं. अंडे के पीले हिस्से में अमीनो एसिड-ट्रिप्टोफैन और टाइरोसिन नामक दो एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं. हालांकि, आपको अंडे को फ्राई या फिर उबालने से बचना चाहिए. क्योंकि ऐसा करने से अंडे के गुण का प्रभाव कम हो जाता है. या फ्राई करने से इसके इस गुण का प्रभाव कम हो जाता है. अंडे में मौजूद कॉलिन सामान्य कोशिका के कार्य करने के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो कोशिकाओं की गतिविधियों उत्तेजित करता है और कैंसर से पीड़ित होने से बचाता है.

2. बालों के लिए उपयोगी
बाल और नाखून प्रोटीन से निर्मित होते हैं. इसलिए अंडे में हाई प्रोटीन तत्त्व बालों और नाखूनों को स्वस्थ रखने में मदद करती है. बालों को तेजी से तेजी से बढ़ाने के लिए अंडे से बना हुआ हेयर-मास्क भी लगा सकते हैं. उदाहरण के लिए, आप एक कच्चे अंडे में एक चम्मच जैतून के तेल को मिलाकर बालों पर लगा सकते हैं. इसके बाद अपने बालों को एक बाथ कैप के साथ कवर कर सकते हैं. 30 मिनट के बाद, नरम, रेशमी और स्वस्थ बालों के लिए हेयर मास्क को शैम्पू की मदद से धो लें.

3. मुंहासे दूर करने के लिए
त्वचा से अतिरिक्त तेल को एब्सोर्ब करने, त्वचा को टाइट करने, पोर्स को हटाने, मुँहासे और मुँहासे के निशान को साफ करने के लिए और धब्बे को भरने के लिए अंडे के सफेद भाग का उपयोग किया जा सकता है. आप एक देसी अंडा का सफेद भाग अपने चेहरे पर लगा सकते हैं और टिशू पेपर के टुकड़ों से उसे कवर कर सकते हैं. इसे लगभग 10 से 20 मिनट तक लगाकर छोड़ दें. फिर टिशू पेपर निकालें और शेष पदार्थ को गुनगुने पानी से धो लें.

4. मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने में
ओमेगा -3 फैटी एसिड, विटामिन बी 12 और डी, और कोलिन से भरपूर होने की वजह से, देसी अंडा मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए एक उत्कृष्ट आहार है. यह आपकी मेमोरी और संज्ञानात्मक शक्ति को भी सुधारता है. मस्तिष्क की उपयुक्त कार्यशीलता के लिए विटामिन बी 12 आवश्यक होता है. इस पोषक तत्व की कमी से मस्तिष्क में संकुचन हो सकता है, जो अल्जाइमर रोग और मनोभ्रंश का एक प्रमुख कारक है. ओमेगा -3 फैटी एसिड भी, मस्तिष्क की मात्रा में वृद्धि करने में मदद करते हैं. विटामिन डी भी मस्तिष्क के कार्य में सुधार लाता है.

5. वजन को संतुलित रखने में
अंडे आपको एनर्जी प्रदान करने के साथ आपको परिपूर्ण भी महसूस भी करवाता है, जिससे आप अत्यधिक भोजन करने से बच जाते हैं. यह आपके ब्लड शुगर के लेवल में वृद्धि नहीं करते हैं और अंडे में मौजूद प्रोटीन आपको लगातार एनर्जी प्रदान करता रहता है. अंडे में विशिष्ट प्रोटीन हैं जो कि अन्य प्रकार के प्रोटीन की तुलना में भूख को दबाने में बेहतर मदद करते हैं. इस प्रकार, अंडे आपको पूरे दिन कैलोरी का सेवन सीमित करने में मदद कर सकते हैं.

6. मूड सही करने में लाभदायक
अंडे में विटामिन बी 12 की प्रचुरता के कारण मूड को उत्तेजित करने और स्ट्रेस को दूर रखने में मदद करते हैं. इनमें विटामिन बी 6 और फोलेट जैसे अन्य विटामिन बी भी मौजूद होते हैं जो मानसिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देते हैं. इसके अलावा, अंडे का पीला भाग, लेसिटिन का एक अच्छा स्रोत है, जो मूड स्टेबलाइज़र के रूप में काम करता है.

7. मांसपेशियों के निर्माण हेतु
अंडे मांसपेशियों को बनाने के लिए एक उत्कृष्ट भोजन माना जाता हैं. अंडे में प्रोटीन उत्कृष्ट मात्रा में मौजूद होते हैं. अंडे के सफेद भाग में एल्ब्यूमिन नामक एक प्रोटीन पाया जाता है जो आपके शरीर में अधिक प्रोटीन अवशोषण को बढ़ावा देता है और मांसपेशियों की वृद्धि को बढाता है. बेहतर मांसपेशियों के निर्माण के लिए कच्चे या हल्के पके हुए अंडे खाने के सेवन से परहेज करने का सुझाव दिया जाता है, क्योंकि इसमें साल्मोनेला बैक्टीरिया के उपस्थिति के कारण, यह भोजन को जहरीला बना सकता है.

8. आँखों की सुरक्षा
देसी अंडा ल्यूटिन और ज़ेक्सैथिन का एक प्रमुख स्रोत है. इसमें कैरोटीनोइड स्पॉट को अध: पतन को रोकने और मोतियाबिंद के विकास करने के खतरे को कम करने में अत्यधिक फायदेमंद हैं.

9. गर्भावस्था में लाभकारी
अंडे को प्रेगनेंसी के दौरान सेवन करने के लिए एक स्वस्थ भोजन माना जाता है. अंडे पर्याप्त पोषण प्रदान करने के अलावा, जन्मजात बच्चे में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे और बाद में जीवन में बीमारियों से ग्रस्त होने के खतरे को कम करने में मदद करता है. कोलिन भ्रूण के मस्तिष्क के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जन्म दोषों को रोकने में मदद करता है. परन्तु कच्चे या आधे पके हुए देसी अंडा के सेवन से सावधान रहें.

10. हड्डियों को बनाए मजबूत
देसी अंडा में प्रचुर मात्रा में फास्फोरस, विटामिन डी और कैल्शियम मौजूद होते हैं. यह सबी तत्त्व आपके हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में मदद करते हैं. देसी अंडा हड्डियों की वृद्धि में मदद तो करता ही है लेकिन साथ ही में हड्डियों को बुढापे के जड़कन में आने से भी बचाता है. फास्फोरस भी मजबूत हड्डियों को बढ़ावा देने के लिए कैल्शियम के साथ काम करता है और उचित अस्थि घनत्व के लिए आवश्यक है.

दौड़ने के बाद क्या खाना चाहिए - Daud Ke Baad Kya Khana Chahiye!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
दौड़ने के बाद क्या खाना चाहिए - Daud Ke Baad Kya Khana Chahiye!

दौड़ लगाना अच्छी बात है, पर दौड़ने के बाद क्या खाना चाहिए यह एक महत्वपूर्ण विषय है. कितने लोग दौड़ तो लगा लेते हैं पर उन्हें यह नहीं पता होता है कि दौड़ने के बाद वे क्या खाये, क्या न खाये. और इस प्रकार दौड़ने के बाद वे उचित खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करते हैं तो उन्हें दौड़ने के पूरा फायदा नहीं मिल पाता है. आगे हम इसी बात पर चर्चा करेंगे कि दौड़ने के बाद क्या खाना चाहिए व क्या नहीं खाना चाहिए.

दौड़ने के बाद क्या खाना चाहिए
दौड़ने से कैलोरी तो बर्न होती ही है साथ ही दौड़ने के बाद व्यक्ति पूरा थक भी जाता है. अतः दौड़ने के बाद वैसा ब्रेकफास्ट का जरूरत होता है जिससे दौड़ने में जो ऊर्जा खर्च हुयी उसे तुरंत वापस लाया जा सके. इस हिसाब से दौड़ने के बाद के ब्रेकफास्ट में वैसा खाद्य पदार्थ होना चाहिए जिसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा अधिक हो. इससे थकी हुयी मांसपेशियों को एनर्जी भी मिलती है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है. दौड़ने के बाद के ब्रेकफास्ट में निम्न का प्रयोग किया जा सकता है:

  1. चना, मूँगफली, सोयाबीन, बादाम व केला: - सुबह दौड़कर आने के बाद के ब्रेकफास्ट के लिए चना, मूँगफली, सोयाबीन, बादाम व केला का सेवन काफी अच्छा रहता है. इसके लिए रात में ही थोड़ा चना, थोड़ा मूँगफली, थोड़ा सोयाबीन व 4-5 बादाम के दाना को पानी में डालकर छोड़ देना चाहिए. फिर सुबह जब दौड़कर आयें तब इन्हें बर्तन से निकालकर फिर पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए. फिर इसे आराम से खूब चबा-चबाकर खाना चाहिए. इसके सेवन से अच्छी ताकत मिलती है. इन्हें खाने के बाद केले को दूध के साथ खाया जा सकता है. इस ब्रेकफास्ट से शरीर को प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में मिल जाती है, जो कि दौड़ने के बाद जरूरी होता है.
     
  2. केला: - केला में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है. केला खाने के बाद तुरंत ऊर्जा मिलती है. अतः दौड़ने के बाद के ब्रेकफास्ट में केला खाना उपयुक्त रहता है. रोज दौड़ने वाले के लिए तो दौड़ने के बाद केला का ब्रेकफास्ट एक जरूरत सी है. केला को अकेले खाने से बेहतर है कि इसका शेक या स्मूदी बनाकर ब्रेकफास्ट में खाया जाये. इसके लिए वसा रहित दूध और स्ट्राबेरीज का प्रयोग करना चाहिए.
     
  3. सब्जियाँ: - सब्जियों में एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन व मिनरल पाये जाते हैं जो शरीर को मजबूती देने के साथ ही शरीर के इम्यूनिटी को बढ़ाती है व मोटापा को घटाती है. दौड़ने के बाद के ब्रेकफास्ट में पालक, ब्रोकली, गाजर, खीरा, टमाटर इत्यादि सब्जी को ले सकते हैं.
     
  4. फ्रूट सलाद: - फ्रूट सलाद खाने से शरीर को फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट मिलता है. अतः दौड़ने के बाद संतरे, रसभरी, सेब और अंगूर का फ्रूट सलाद खाना फायदेमंद रहता है. इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है व दिल की बीमारी भी नहीं होती है.
     
  5. बादाम: - दौड़ने के बाद बादाम खाना भी अच्छा रहता है. बादाम से विटामिन व मिनरल्स मिलते हैं तथा ये कई रोग को दूर रहते हैं. बादाम को कार्नफ्लेक्स या मिल्क शेक में पीसकर खाना अच्छा रहता है.
     
  6. दही: - दही खाने से शरीर को अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन मिलता है जिससे मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं व शरीर का मेटाबोलिक रेट बढ़ता है, जो वजन कम करने में मदद करता है. दही को फ्रूट सलाद में डाल कर खाया जा सकता है.
     
  7. ओटमील: - ओटमील में प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट पाये जाते हैं. इसलिए दौड़ने के बाद ओटमील खाना अच्छा रहता है. इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है. यह शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर भी निकालता है. इसे फ्रूट्स में मिलाकर भी खाया जा सकता है.
     
  8. दलिया: - दलिया में कार्बोहाइड्रेट बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है साथ ही यह हमारे शरीर में बहुत जल्द ही टूटे हुये कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करता है व हमारे शरीर में दोबारा से ऊर्जा उत्पन्न करता है. अतः दौड़ने के बाद दलिया खाना सही रहता है.
     
  9. चिकन ब्रेस्ट: - चिकन ब्रेस्ट में लो कैलोरी रहती है तथा इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहेगा. अतः मांसाहारी हैं तो दौड़ने के बाद चिकन ब्रेस्ट भी खाया जा सकता है. इसे ब्राउन राइस के साथ खाया जा सकता है.


दौड़कर आने के बाद क्या नहीं खाना चाहिए-
सुबह दौड़कर आने के बाद तली-भुनी चीजें नहीं खानी चाहिए. दौड़कर आने के बाद तेज मसालेदार भोजन या मसालेदार कोई भी पदार्थ नहीं खाना चाहिए. दौड़कर आने के बाद चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स, सिगरेट्स भी नहीं पीना चाहिए.

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Ayurvedic Panchakarma Therapy - Leech Or Jalauka!

Bachelor of Ayurveda, Medicine & Surgery (BAMS)
Ayurveda, Nashik
Ayurvedic Panchakarma Therapy - Leech Or Jalauka!

Panchakarma therapy - leech ( Jalauka)

Leeches have been used for bloodletting, wound healing, and stimulating blood flow at postsurgical sites. Use in osteoarthritis is being investigated, but there is a lack of clinical information to make recommendations.
It is used in many skins Believe it or not, leech therapy is sometimes the best alternative in treating illnesses, and even surpasses pharmacological treatments. Because of its healing effects to the human body, this traditional method of curing diseases is still thriving today 
skin problems
skin diseases, such as a bump, a rash or a dry patch, Acne, Dermatitis, Bacterial skin infections, Eczema, Hives, Impetigo, Melanoma, Moles,
Psoriasis, Rashes (basic dermatitis), Wrinkles

Oral Hygiene Tips!

BDS, Certificate of Speciality Training In Restorative Dentistry & Endodontics, Advanced Certificate Course In Aesthetic Dentistry
Dentist, Mumbai
Oral Hygiene Tips!

Everybody Loves Cheese 
And it really benefits your teeth.
Cheese reduces the acidic level of the oral cavity and reduces the chances of cavity formation.
 

Stereotypes And Negative Attitude Towards Disabled People!

PGDRP Rehabilitation Psychology , M.A Clinical Psychology, Certificate in Guidance and Counselling (CGC)
Psychologist, Agra
Stereotypes And Negative Attitude Towards Disabled People!

Negative stereotypes and attitudes linked to disability-

The medical or individual model of disability has negatively affected the way persons with disabilities are treated in their communities, at job sites (for those who are fortunate to be employed), and in educational milieu. This model sees people with disabilities as patients or sick people and also sees disability as an individual problem that needs to be cured by the individual himself.

Historically, people with disabilities have been stereotyped in many different ways. Some of the stereotypes used to label people with disabilities persist in the mind of the public today. Incomplete information, mistaken perceptions, isolation and segregation have perpetrated many of these stereotypes.

The way people think about disability affects the care and education of PWDS. Myths and misconceptions about disability are common. Promoting negative images of disability is a form of discrimination because it creates barriers to full citizenship for people who have a disability. There are many stereotypes or images associated with PWDS and these stereotypes labeled on PWDS have had very negative influences on the way they are educated. Some stereotypes of disabled people portray them as being: pitiable and pathetic, sinister or evil, tragic but brave, laughable, aggressive, burdens/outcasts, non-sexual and incapable of fully participating in everyday life.

The following are some common attitudes and stereotypes that emerge repeatedly in our societies and communities:

1. People with disability deserve pity:

Disability is seen by many people as a personal tragedy and so disabled people deserved to be pitied. Pwds are often viewed as tragic figures whom society should pity. According to them, the burden of disability is unending; life with a disabled person is is a life of constant sorrow and agony and that the able-bodied stand under a continuing obligation to help them. People with disabilities and their families are the most perfect objects of charity and their and their role is to inspire benevolence in others, to awaken feelings of kindness and generosity. Unfortunately, contrary to what many might think, disability does not mean a poor quality of life, it is often the negative attitudes of society and the lack of accessibility within the community that are the real tragedy.

2. People with disability cannot lead a productive and fulfilling life:

According to this stereotype, it is assumed that disabled people cannot have a good “quality of life”. It promotes the assumption that people with disabilities will not be able to have a family, get a good job or take on responsibilities. The focus still remains continually on the person’s impairment rather than on the person’s abilities.

People with disabilities are capable of participating fully in community life just like their non-disabled peers. The challenge is to focus on their abilities, not on their limitations.

3. People with disabilities are sick and in constant pain:

Many people see PWDS as being under constant agony and pain. They see disability as a sickness that needs to be fixed, an abnormality to be corrected or cured. But it should be noted that people with disabilities are like people without disabilities, they get sick on occasion or sometimes may be in pain.

4. People with disability are wheelchair bound:

Many people still assume that the wheelchair is a source of life for PWDS without which they cannot live a fulfilling life.

Unfortunately, PWDS typically do not view themselves as “confined to their wheelchair”. In the same way, a person without a disability is not described as confined to their car, so also a disabled person is not supposed to be confined to their wheelchair. A wheelchair, like an automobile, is a form of mobility that contributes to a person’s independence.

5. People with disabilities are brave, courageous, heroic and inspirational for living with their disability.

Pwds are often portrayed as superhumans and courageous as they triumph over adversity.

This stereotype puts a lot of pressure on disabled people to be cheerful, accepting and ready to “make the most of their condition”. The impairment gives disabled persons a chance to exhibit virtues they did not know they had and teach the rest of us patience and courage. George Covington, a writer who is blind once said that; “we’re seen as inspirational, and inspiration sells like hotcakes. My disability isn’t a burden: having to be so damned inspirational is”. This stereotype does not allow for people to have complex emotions and sees disabled people as being different rather than ordinary.

6. People with disabilities are helpless and dependent.

This stereotype tends to mean that PWDS are to be pitied as they spend their whole life depending on and needing other people’s help. Traditionally this stereotype was used by charities in order to raise funds.

7. People with disabilities are to be feared:

Traditionally, PWDS have always been associated with witchcraft. Many people feel that disability is a sign of ill omen to be feared. This sometimes explains why a lot of hatred, suspicion and violence is associated with disability. They are seen as a menace to others, to themselves and to their community. This is especially true of people with mental disabilities. Pwds are consumed by an incessant and inevitable rage and anger at their loss and at those who are not disabled. Those with mental disabilities lack the moral sense that would restrain them from hurting others.

It should be noted that the above stereotypes and attitudes have been carved out by the society that continues to exclude persons with disabilities from meaningful participation in the development processes of their respective communities.

Let’s all create an inclusive society for all persons, irrespective of their abilities and disabilities.

Nasya - Ayurvedic Treatment For ENT, Head, Hair & Mind!

BAMS
Ayurveda, Gandhinagar
Nasya - Ayurvedic Treatment For ENT, Head, Hair & Mind!

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Types Of Dental Implants!

MDS - Orthodontics, BDS
Dentist, Meerut
Types Of Dental Implants!

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Dietary Benefits Of Walnuts!

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
Dietary Benefits Of Walnuts!

Dietary Benefits Of Walnuts!

Say No To Self Medication!

Diploma In Diabetology, MD - Diabetology
Endocrinologist, Delhi
Say No To Self Medication!

Don't harm yourself with self medication.
 

Post Surgery Care - How To Do It?

MBBS, MS - General Surgery
General Surgeon, Faridabad
Post Surgery Care - How To Do It?

You probably think many more things can go wrong during a surgery as compared to after a surgery. However, you are wrong. The chances of infection after a surgery are very high and it used to be the highest cause of unsuccessful surgery in the past before it was known just how deadly an infection is. A doctor, however, cannot monitor everything afterwards. Therefore, it is crucial you know and take care after the surgery. Here are some ways in which you can do so:

1. Keep it dry
It is crucial that you keep the incision dry for whatever period of time the doctor tells you to keep it dry as otherwise the chances of infection increase dramatically. Some of the things you should do to keep it dry is to not take a bath, scrub the incisions or put lotions on it. In fact, you should also not expose it to sunlight.

2. Keep the incisions
You must trust your doctor as the doctor is trained and usually knows better than you. Therefore, if the doctor tells you to keep the incisions then keep them. Do not scrub, rub or put powder on them either.

3. Check for signs of infection
This may be the easiest thing to do as there are many symptoms of an infection. These include a change in the color, size, or odor of the incision, fever, redness, hardening or heating of the surrounding area or in extreme cases more bleeding and pain than usual.

4. Changing a dressing
This is a major cause of infections among surgery patients and the only way to prevent it is to follow the doctor's instructions to a tee. Once again, trust your doctor and remember to wash your hands and put on medical gloves. Do not put alcohol, iodine or hydrogen peroxide either.

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