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#4/13, Devanathan Street, Mandaveli. Landmark: Opp. To RTO Office, Chennai Chennai
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Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and fin......more
Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and financial concerns.
More about Sri Ranga Nursing Home
Sri Ranga Nursing Home is known for housing experienced Gynaecologists. Dr. Vishwa Priya, a well-reputed Gynaecologist, practices in Chennai. Visit this medical health centre for Gynaecologists recommended by 94 patients.

Timings

MON-SAT
10:00 AM - 01:00 PM 06:00 PM - 08:00 PM

Location

#4/13, Devanathan Street, Mandaveli. Landmark: Opp. To RTO Office, Chennai
Mandaveli Chennai, Tamil Nadu
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What To Do If You Are Suffering From Dysmenorrhea?

DGO, MBBS
Gynaecologist, Faridabad
What To Do If You Are Suffering From Dysmenorrhea?

In preparation for the possibility of conception, a woman's body undergoes the menstrual cycle every month which culminates into the periods. This is a normal process which all women of reproductive age go through every month. However, in certain cases, the periods can be really painful where you may suffer from menstrual cramps or could be generally in much pain. This condition is known as Dysmenorrhea.

What exactly is Dysmenorrhea
As mentioned above, Dysmenorrhea is a disorder that many women got through while having their periods where they may suffer from painful cramps. The pain usually occurs in the pelvis area along with the lower abdomen and it may also be accompanied by other symptoms.

Some symptoms of Dysmenorrhea
Some of the symptoms of Dysmenorrhea could be any combination of the following factors
I. Very painful menstrual cramps accompanied by lower back pain
II. Diarrhea and nausea along with the cramps
III. Pain in the inner thighs, lower back and hips
IV. Being hypersensitive to light, loud sounds, specific smells and touch
V. Being fatigued all the time, even causing you to faint

Causes of Dysmenorrhea
Dysmenorrhea is usually caused by the contraction of the Uterus. While the uterus does contract a little even in normal periods, during Dysmenorrhea the contractions tend to be a little too much. Due to this the uterus presses against the blood vessels and organs within the vicinity causing oxygen loss to them. This causes elevated levels of pain and discomfort.

Some of the underlying causes which may result in Dysmenorrhea are:
1. Narrowing of the cervix - Also known as stenosis, the lower part of the uterus which is the cervix may become narrow due to scarring and cause Dysmenorrhea.
2. Endometriosis - This is where the uterine lining is found outside the uterus, especially in the pelvic cavity and thus may cause painful cramps.
3. Inflammatory pelvic diseases - This is when a bacterial infection in the pelvic area can spread to multiple organs, including the uterus and thus may cause painful menstrual cramps.
4. Tumors - Tumors or fibroids which are unwanted growths on the inside of the uterus may also trigger Dysmenorrhea.

What to do if you are suffering from Dysmenorrhea
Below are some of the basic steps which you can take to ease pain from Dysmenorrhea
1. Avoid smoking and abstain from alcohol
2. Ample rest during periods
3. Keep the body dehydrated
4. Don't consume foods high in salt
5. Don't drink coffee or any caffeine rich foods
6. Lower back massages and hot water bag treatments to relieve pain

My girlfriend took ecp/i-pill on 1st of march, she had breast tenderness and cramps for a few days, then she got her periods one week early, after two days when the periods were finished she got periods again, now it has been two days the second period were finished bow again she has low bleeding plus cramps. Should I see a doctor or is this normal?

MBBS
Internal Medicine Specialist, Kendujhar
My girlfriend took ecp/i-pill on 1st of march, she had breast tenderness and cramps for a few days, then she got her ...
Hello, thanks for your query on Lybrate "as" per your clinical history is concerned it is normal and it happens due hormonal imbalance and it happens after (ipill) so nothing to be worried at all and it will go away soon. Hope that helps and wish you a good health.
1 person found this helpful

I am a 29 years old female. My last period 03-03-2019. I felt abdominal pain and tiredness. Can I check pregnancy this week? Is it give a right result?

BAMS
Ayurveda, Bangalore
I am a 29 years old female. My last period 03-03-2019. I felt abdominal pain and tiredness. Can I check pregnancy thi...
Hi, according to your last menstrual date, today is your 21st day of the menstrual cycle. Pregnancy test should be done only after 30 days of the cycle, earlier to it, pregnancy test goes negative even though you have conceived.

यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट इन हिंदी - Urine Infection Ayurvedic Treatment In Hindi!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट इन हिंदी - Urine Infection Ayurvedic Treatment In Hindi!

मूत्र संक्रमण महिलाओं और पुरुष दोनों में सामान्य रूप से होने वाली बीमारी है. हालांकि फिर भी महिलाओं में इसके होने की संभावना ज्यादा ही होती है. गुर्दा हमारे शरीर में सिर्फ मूत्र बनाने का ही काम नहीं करता वरन इसके अन्य कार्य भी हैं. जैसे- खून का शुद्धिकरण, शरीर में पानी का संतुलन, अम्ल और क्षार का संतुलन, खून के दबाव पर नियंत्रण, रक्त कणों के उत्पादन में सहयोग और हड्डियों को मजबूत करना इत्यादि. लेकिन हमारे यहाँ लोगों में इसके प्रति जागरूकता न होने के कारण लोगों में इस तरह की समस्याएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती हैं. आइए मूत्र संक्रमण के आयुर्वेदिक उपचारों पर एक नजर डालें ताकि इसे लेकर लोग कुछ जागरूक हो सकें.

क्या है मूत्र संक्रमण का कारण?

जैसा कि हर रोग के कुछ उचित कारण होते हैं. ठीक उसी प्रकार मूत्र विकारों के भी कई कारण हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जीवाणु और कवक है. इनके कारण मूत्र पथ के अन्य अंगों जैसे किडनी, यूरेटर और प्रोस्टेट ग्रंथि और योनि में भी इस संक्रमण का असर देखने को मिलता है.

मूत्र विकार के लक्षण-
मूत्र संक्रमण के मुख्य लक्षणों में तीव्र गंध वाला पेशाब होना, पेशाब का रंग बदल जाना, मूत्र त्यागने में जलन और दर्द का अनुभव होना, कमज़ोरी महसूस होना, पेट में पीड़ा और शरीर में बुखार की हरारत आदि है. इसके अलावा हर समय मूत्र त्यागने की इच्छा बनी रहती है. मूत्र पथ में जलन बनी रहती है. मूत्राषय में सूजन आ जाती है. यह रोग पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में ज़्यादा पाया जाता है. गर्भवती महिलाएं और शादी-शुदा औरतों में मूत्राषय प्रदाह रोग आमतौर पर अधिक पाया जाता है.

यूरिन इन्फेक्शन के आयुर्वेदिक उपचार-
पहला प्रयोग-

मूत्र संक्रमण को दूर करने के लिए आपको पहले प्रयोग के अंतर्गत केले की जड़ के 20 से 50 मि.ली. रस को 30 से 50 मि.ली. गौझरण नामक औषधि के साथ 100 मि.ली. पानी की मात्रा में मिलाकर सेवन करने से तथा जड़ को अच्छे से पीसकर उसका पेडू पर लेप लगाने से पेशाब खुलकर आता है.

दूसरा प्रयोग-
आधा से 2 ग्राम शुद्ध को शिलाजीत, कपूर और 1 से 5 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर लेने से या पाव तोला (3 ग्राम) कलमी शोरा उतनी ही मिश्री के साथ लेने से भी लाभ होता है.

तीसरा प्रयोग-
मूत्र संक्रमण को दूर करने के लिए एक भाग चावल को चौदह भाग पानी में पकाकर उन चावलों के मांड का सेवन करें क्योंकि इससे मूत्ररोग में लाभ होता है. इसके अलावा कमर तक गर्म पानी में बैठने से भी मूत्र की रूकावट दूर होती है.

चौथा प्रयोग-
आप चाहें तो उबाले हुए दूध में मिश्री तथा थोड़ा घी डालकर पीने से जलन के साथ आती पेशाब की रूकावट दूर होती है. इसमें ध्यान रखने वाली बात ये है कि इसे बुखार में इस्तेमाल न करें.

पाँचवाँ प्रयोग-
इस प्रयोग के लिए आपको सबसे पहले तो 50-60 ग्राम करेले के पत्तों का रस लेना होगा उसके बाद उसमें चुटकी भर हींग मिलायेँ. इस मिश्रण को पीड़ित को देने से पेशाब आसानी से होता है और पेशाब की रूकावट की तकलीफ दूर होती है इसके अलावा आप चाहें तो उपलब्ध हने पर 100 ग्राम बकरी के कच्चे दूध में 1 लीटर पानी और शक्कर का मिश्रण बनाकर इसे पियें.

अन्य उपचार-

1. नींबू-

नींबू स्वाद में थोड़ा खट्टा तथा थोड़ा क्षारीय होता है. नींबू का रस मूत्राषय में उपस्थित जीवाणुओं को नष्ट कर देता है तथा मूत्र में रक्त आने की स्थिति में भी लाभ पहुँचाता है.

2. पालक-
पालक का रस 125 मिली, इसमें नारियल का पानी मिलाकर रोगी को पिलाने से पेशाब की जलन में तुरंत फ़ायदा प्राप्त होगा.

3. गाजर-
मूत्र की जलन में राहत प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार आधा गिलास गाजर के रस में आधा गिलास पानी मिलाकर पीने से फ़ायदा प्राप्त होता है.

4. खीरा ककड़ी-
मूत्र संक्रमण को दूर करने के लिए पीड़ित व्यक्ति को 200 मिली ककड़ी के रस में एक बडा चम्मच नींबू का रस के साथ एक चम्मच शहद मिलाकर तीन घंटे के अंतराल पर दिया जाए तो रोगी को बहुत आराम मिलता है.

5. मूली के पत्तों का रस-
मूत्र संक्रमण जैसे विकारों में मरीज को मूली के पत्तों का 100 मिली रस आपको नियमित रूप से दिन में 3 बार सेवन कराना होगा. आपको बता दें कि ये एक बेहद प्रभावी और अचूक औषधि की तरह काम करता है. इसके अलावा आप तरल पदार्थों का सेवन भी कर सकते हैं.

6. मट्ठा-
आधा गिलास मट्ठा में आधा गिलास जौ का मांड मिलाकर इसमें नींबू का रस 5 मिलि मिलाकर पी जाएं. इससे मूत्र-पथ के रोग नष्ट हो जाते है.

7. भिंडी-
ताज़ी भिंडी को बारीक़ काटकर दो गुने जल में उबाल लें फिर इसे छानकर यह काढ़ा दिन में दो बार पीने से मूत्राषय प्रदाह की वजह से होने वाले पेट दर्द में राहत मिलती है.

8. सौंफ-
सौंफ के पानी को उबाल कर ठंडा होने के बाद दिन में 3 बार इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से मूत्र संक्रमण में राहत मिलती है.

4 people found this helpful

मूंगफली खाने के फायदे - Mungfali Khane Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
मूंगफली खाने के फायदे - Mungfali Khane Ke Fayde!

मूंगफली भारत में काफी चाव से कच्चा या भूनकर दोनों रूपों में खाई जाती है. इसके कई नाम हैं - हिंदी में 'मुंगफली', तेलुगू में 'पलेलेलू', तमिल में 'कडालाई', मलयालम में 'निलाक्कडाला', कन्नड़ में 'कदले कायी', गुजराती में सिंगानाना और मराठी में 'शेंगाडेन' इत्यादि. इसको मूल रूप से दक्षिण अमेरिका में उगाते हैं. इसका सेवन हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है. मूंगफली डायबिटीज, गैल्स्टोन का विकास, याददाश्त बढ़ाना, डिप्रेशन, वजन कम करना, त्वचा को स्वस्थ बनाना, पेट के कैंसर आदि समस्याओं को रोकने में मदद करती है. यानि कुल मिलाकर आप कह सकते हैं की मूंगफली सेहत का खजाना है. मूंगफली में प्रोटीन की मात्रा 25% से ज्यादा होती है. 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन पाया जाता है. साथ ही यह पाचन शक्ति बढ़ाने में भी उपयोगी है. 250 ग्राम भूनी मूंगफली की जितनी मात्रा में मिनरल और विटामिन पाए जाते हैं, वो 250 ग्राम मीट से भी नहीं मिलते हैं. इसके अलावा, मूंगफली का तेल खाने में उपयोग करने से आपके शरीर के कीटाणु कम होते हैं और आपके शरीर को अच्छा पोषण मिलता है. मूँगफली में पोषक तत्व, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन जैसे पदार्थ पाए जाते हैं जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम मूँगफली खाने के फ़ायदों को जानें ताकि इस विषय में लोगों की जानकारी बढ़ सके.

त्वचा के लिए बेहतर-

मूंगफली में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सोरायसिस और एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों का निदान करते हैं. मूंगफली में मौजूद फैटी एसिड भी सूजन और स्किन की रेडनेस को कम करता है. मूंगफली में मौजूद फाइबर टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए जरुरी है. शरीर के अंदर टॉक्सिक पदार्थ त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल का कारण होते हैं. मूंगफली का नित्य रूप से भोजन के रूप में सेवन एक स्वस्थ त्वचा देने में मदद करता है. मैग्नीशियम से भरपूर मूंगफली हमारे तंत्रिका तंत्र, मसल्स और ब्लड वेसल्स को शिथिल करके त्वचा के लिए बेहतर ब्लड फ्लो प्रदान करती है. जिससे आपको एक युवा और स्वस्थ त्वचा मिलती है. मूंगफली में पाए जाने वाला बीटा कैरोटीन एक एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

बढ़ाए प्रजनन शक्ति-
मूंगफली महिलाओं में प्रजनन शक्ति को बेहतर बनाती है. मूंगफली में फोलिक एसिड होता है. फोलिक एसिड, गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण में 70% तक गंभीर न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के जोखिम को कम कर देती है.

बालों को स्वस्थ रखने में-
मूँगफली में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए फायदेमंद हैं. इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड का अधिक लेवल शामिल है जो सिर की त्वचा को मजबूत और बालों के विकास को वृद्धि करने के लिए मदद करता है. मूंगफली एल आर्जिनाइन का बहुत अच्छा स्रोत है, यह एक अमीनो एसिड है जो पुरुषों में गंजेपन के इलाज के लिए बहुत उपयोगी है और स्वस्थ बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है.

अल्जाइमर रोग के लिए-
किसी भी प्रकार से मूंगफली का सेवन करना अल्जाइमर जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है. इनमें रेसवेरट्रोल नामक एक यौगिक होता है जो मृत्यु कोशिकाओं को कम करने, डीएनए की रक्षा करने और अल्जाइमर रोगियों में तंत्रिका संबंधी क्षति को रोकने के लिए फायदेमंद है. उबाली हुई या भुनी हुई मूंगफली ज्यादा लाभदायक होती है क्यूंकि ये रेसवेरट्रोल के स्तर को बढ़ा देती हैं. अध्ययनों से पता चला है कि नियासिन में समृद्ध खाद्य पदार्थ जैसे की मूंगफली, अल्जाइमर रोग के खतरे को 70% तक कम कर सकते हैं.

ब्लड शुगर को संतुलित करने में-
मूंगफली में मौजूद मैंगनीज ब्लड में कैल्शियम के अवशोषण, फैट और कार्बोहाइड्रेट चयापचय और शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है. रोज खाना खाने के बाद 50 ग्राम मूंगफली खाने से आपकी बॉडी का ब्लड रेशो इनक्रीज हो सकता है. मैंगनीज, फैट और कार्बोहाइड्रेट के चयापचय को बढ़ाता है, जिसकी मदद से यह मांसपेशियों और लिवर की कोशिकाओं में ग्लूकोज प्रवेश करता है, और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. एक अध्ययन के अनुसार, मूंगफली का सेवन मधुमेह के जोखिम को 21% तक कम कर सकता है.

कैंसर के जोखिम को करे कम-
मूंगफली में पॉलिफीनॉलिक नामक एंटीऑक्सीडेंट की अधिक मात्रा मौजूद होती है. पी-कौमरिक एसिड में पेट के कैंसर के जोखिम को कम करने की क्षमता होती है. मूँगफली विशेष रूप से महिलाओं में पेट के कैंसर को कम कर सकती है. 2 चम्मच मूंगफली के मक्खन का कम से कम सप्ताह में दो बार सेवन करने से महिलाओं और पुरुषों में पेट के कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं. यह महिलाओं के लिए मूंगफली के सबसे अच्छे लाभों में से एक है.

सर्दी जुकाम में उपयोगी-
मूंगफली, आमतौर पर सबको होने वाली सर्दी जुकाम के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है. इसलिए यदि आप सर्दियों के मौसम में मूंगफली का सेवन करेंगे तो आपके शरीर में गर्मी रहेगी. यह खाँसी में उपयोगी होने के साथ ही आपके फेफड़े को भी मजबूत करने का काम करती है.

खराब कोलेस्ट्रॉल के लिए-
मूंगफली में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करते हैं. इसलिए खराब कोलेस्ट्राल को खत्म करने के लिहाज से भी मूँगफली का सेवन किया जा सकता है.

वजन कम करने के लिए-
मूँगफली वजन कम करने के लिए भी बहुत उपयोगी है. मूंगफली में प्रोटीन और फाइबर होते हैं. ये दोनों पोषक तत्व भूख को कम करने में प्रभावित हैं. इसलिए भोजन के बीच में कुछ मूंगफली खाने से आपकी भूक कम हो सकती है जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है.

डिप्रेशन को करे दूर-
शरीर में सेरोटोनिन का कम स्तर डिप्रेशन जैसी समस्या उत्पन्न कर सकता है. मूंगफली में मौजूद ट्रिप्टोफेन केमिकल को निकालने में मदद करता है. इस प्रकार यह आपको डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है. मूंगफली के स्वास्थ्य लाभ आप कई प्रकार से उठा सकते हैं. खतरनाक बीमारियों को दूर रखने और स्वस्थ रहने के लिए प्रत्येक सप्ताह दो बड़े चम्मच मूंगफली के मक्खन का सेवन करें.

4 people found this helpful

Hello doctor, I am going to marry in few weeks. I didn't have experience of intercourse should I take any power pill for 1st night? Is it required.

MBBS, Diploma in Diabetology, CCRH (certificate in reproductive health)
General Physician, Chennai
Hello doctor, I am going to marry in few weeks. I didn't have experience of intercourse should I take any power pill ...
Hi-no need of any powerful pills -take proper diet and do regular excercise and keep your body fit -reduce your weight if your obese -avoid smoking and alcohol -take proper foods like dry fruits, pomegranate,watermelon, garlic,spinach, redbanana ,dates etc -do think of this and get panic ,think positive as your fit and good enough to make your partner happy. -face your first night bold and confident. -if you need additional supplements take himalaya aswaganda tablet 1 tab twice daily.
2 people found this helpful

I've been using femilon tablet and am currently using it but the doctor recommended I change to krimson 35, do I start using krimson 35 after or during the 7 day break?

MBBS, MS - Obstetrics and Gynaecology, Fellowship in Day care Gynaecological Endoscopy
Gynaecologist, Kolkata
I've been using femilon tablet and am currently using it but the doctor recommended I change to krimson 35, do I star...
Krimsom 35 is generally prescribed in cases of hyperandrogenism (acne, excessive hair growth, hirsutism, often in pcos).in your case you start it after 7 days gap on thr 8 th day x.

Mental Health And Illness

MBBS, DNB - Psychiatry
Psychiatrist, Delhi
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The first question when you greet somebody is 'how are you' and this often refers to our state of well-being. While most answers would be great, awesome or good, we usually think of how we are doing physically. While some of us may talk about physical conditions (say things like feverish, have a cold, etc.), not many would think of talking about mental health conditions. However, mental health is very important for overall well-being.

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Know The Myths About Laparoscopic Surgery

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS Surgical
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Hi, I am 40 years female. I have a problem mild hepatomegaly with fatty changes. Haemorrhagic follicle in left ovary. What is our suggestion for this I am some pain in left side of abdomen.

M.D. HERBAL
Alternative Medicine Specialist, Dehradun
Hi, I am 40 years female. I have a problem mild hepatomegaly with fatty changes. Haemorrhagic follicle in left ovary....
Over weight case, don't advise medicine, take sky fruit, cow urine caps. Org wheat grass powder, nigella cap, drink 30 ml virgin coconut oil, may contact for any assistance.
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