Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Call Clinic
Book Appointment

Sri Sakthi Homeo Clinic

Homeopath Clinic

#1092/7, 8th Main, Near . Bus Stop, 5th Cross , Opp.Med Plus, Vijaya Nagar Bangalore
1 Doctor
Book Appointment
Call Clinic
Sri Sakthi Homeo Clinic Homeopath Clinic #1092/7, 8th Main, Near . Bus Stop, 5th Cross , Opp.Med Plus, Vijaya Nagar Bangalore
1 Doctor
Book Appointment
Call Clinic
Report Issue
Get Help
Services
Feed

About

Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Homeopath . Our goal is to offer our patients, and all our community the most affordable, trustworthy and......more
Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Homeopath . Our goal is to offer our patients, and all our community the most affordable, trustworthy and professional service to ensure your best health.
More about Sri Sakthi Homeo Clinic
Sri Sakthi Homeo Clinic is known for housing experienced Homeopaths. Dr. R. Bharani, a well-reputed Homeopath, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for Homeopaths recommended by 88 patients.

Timings

MON-SAT
10:00 AM - 08:00 PM

Location

#1092/7, 8th Main, Near . Bus Stop, 5th Cross , Opp.Med Plus, Vijaya Nagar
Vijayanagar Bangalore, Karnataka - 560026
Click to view clinic direction
Get Directions

Doctor in Sri Sakthi Homeo Clinic

Dr. R. Bharani

BHMS
Homeopath
12 Years experience
Available today
10:00 AM - 08:00 PM
View All
View All

Services

View All Services

Submit Feedback

Submit a review for Sri Sakthi Homeo Clinic

Your feedback matters!
Write a Review

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

चेहरे का कालापन कैसे दूर करें - Chehre Ka Kalapan Kaise Door Karen!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चेहरे का कालापन कैसे दूर करें - Chehre Ka Kalapan Kaise Door Karen!

चेहरे का कालापन कई लोगों के परेशानी का कारण बन जाता है. यदि हम इस कालापन को दूर करने के उपायों की बात करें तो ये बहुत आसान है और हमारे आसपास मौजूद चीजों से ही हो सकता है. अगर किसी के चेहरे पर एक स्वाभाविक चमक दिखे तो लोग ऐसे चेहरे की तारीफ़ करते हैं. इसीलिए लोग अपने चेहरे पर चमक लाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि ये चमक प्राकृतिक तरीके से आए. बाजार में मिलने वाले उत्पादों से चमक तो आती है लेकिन इसका दुष्प्रभाव भी हॉट है. इसलिए आइए इस लेख के जरिए हम चेहरे का कालापन दूर करने के विभिन्न उपायों पर के नजर डालें.

1. बेसन का उपयोग
बेसन भी चेहरा साफ़ करने वाला एक प्रचलित सामग्री है. दो चम्मच बेसन में गुलाब जल डालकर पेस्ट तैयार करें और इस पेस्ट को चेहरे पर सूखने तक लगाए रखें. फिर त्वचा को हल्के गर्म पानी से साफ़ कर लें.

2. संतरे का छिलका
संतरे का छिलका भी चेहरे को साफ़ करने वाली सार्वाधिक इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के रूप में प्रचलित है. इसके लिए आपको एक बड़ा चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, एक चम्मच शहद, एक चुटकी हल्दी, नींबू के जूस की कुछ बूँदें और पानी को मिश्रित कर लें. फिर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और बीस मिनट तक सूखने के लिए ऐसे ही छोड़ दें. अब इस फेस पैक को पानी से धो लें.

3. एलोवेरा से
एलोवेरा एक प्राचीन सामग्री है जिसके अनेक औषधीय इस्तेमाल हैं. चेहरा साफ़ करने के लिए दो चम्मच एलो वेरा जेल और दो चम्मच ब्राउन शुगर को आपस में अच्छे से मिलाकर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और स्क्रब की तरह इससे अपने चेहरे पर कुछ मिंट तक रगड़ें. फिर स्क्रब को गुनगुने पानी से धो लें. अब पूरा चेहरे धोने के बाद चेहरे को फिर से ठंडे पानी से धो लें.

4. चावल के आटे का उपयोग
आटे का चावल भी चेहरे की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए दो चम्मच चावल का आटा, एक चम्मच खीरे का जूस और एक चम्मच नींबू का जूस मिलाकर एक मुलायम फेस पैक तैयार करें. अब इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए इसे लगा हुआ छोड़ दें. अब अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें.

5. मुल्तानी मिट्टी
ये एक जाना-माना और प्राचीन तरीकों में से है. इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं. इसके लिए आप दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी और तीन चम्मच संतरे का जूस को एक साथ मिलाकर मुलायम पेस्ट बनाएं. अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए लगा हुआ छोड़ दें. अब अपने चेहरे को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें.

6. दही
दही आसानी से सबके घरोंन में उपलब्ध होता है इसलिए ये भी एक आसान तरीका है. इसके लिए आपको दो चम्मच दही और एक चम्मच शहद को मिश्रित करके एक अच्छा पेस्ट तैयार करना है. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

7. दूध
चहरे की सफाई के लिए दूध एक लोकप्रिय पदार्थ है. दूध का इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच दूध और एक चम्मच शहद को मिलाकर मुलायम पेस्ट बनाएं और तब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर हल्के हाथ से रगड़ें. 15 मिनट तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ने के बाद चेहरे को पानी से साफ़ कर लें. अगर आपकी तेलिये त्वचा है तो लो फैट दूध का इस्तेमाल और अगर रूखी त्वचा है तो फुल क्रीम का इस्तेमाल करें.

8. जीरा
अब तक जीरा का इस्तेमाल आपने मसाले के रूप में किया होगा लेकिन अब हम आपको इसे चेहरा साफ़ करने के इस्तेमाल करना बताएंगे. एक चम्मच जीरा के बीज को दो कप पानी में डालकर उबालें. अब इस मिश्रण से अपने चेहरे को धोएं.

9. जई
जई के इस्तेमाल से भी आप चहरे की सफाई कर सकते हैं. इसके लिए तीन चम्मच जई, दो चम्मच गुलाब जल और दही का मिश्रण तैयार करें. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखें.इसके बाद अपने चेहरे को पानी से धो लें.

10. अंडे का उपयोग
चेहरे को साफ़ करने के लिए अंडे को भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए आपको एक अंडे को फोड़कर कटोरे में झागदार और मुलायम बनने तक चलाते रहें. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर सूखने दें. इसके बाद इसे ठंडे पानी से धो लें.

11. गाजर, टमाटर और खीरा
गाजर, टमाटर और खीरा के इस्तेमला से भी आप अपने चेहरे को साफ़ कर सकते हैं. इसके लिए आपको 1 एवोकैडो, 1 मध्यम आकार का उबला हुआ गाजर, 1 बड़ा चम्मच क्रीम, 1 अंडा और 1 चम्मच शहद को अच्छी तरह मिश्रित करके 15 मिनट तक लगाने के बाद ठंडे पानी से धो लें. इसी तरह से आप टमाटर का भी पेस्ट बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा खीरे का इस्तेमाल करने के लिए आपको तीन चम्मच खीरे का जूस और एक चम्मच नींबू का जूस मिश्रित करके इसमें रुई डुबाकर चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट के बाद इसे धो लें.

12. ग्रीन टी
चेहरे को साफ़ करने के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल करने के लिए 2 इस्तेमाल की हुई ग्रीन टी बैग, 1 चम्मच नींबू का जूस और 1 चम्मच शहद की आवश्यकता होगी. टी बैग को काटकर उसमें से पाउडर को निकाल लें और इसमें नींबू का जूस और शहद को डालें फिर इसे अच्छी तरह से मिला दें. अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब चेहरे को पानी से धो

चिकन खाने के फायदे - Chicken Khane Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चिकन खाने के फायदे - Chicken Khane Ke Fayde!

चिकन की लोकप्रियता मांसाहारी खाद्य पदार्थों में काफी है. दुनिया भर में इसकी माँग बढ़ने के कारण उत्पादन में वृद्धि करना पड़ा था. इसलिए बड़े पैमाने पर चिकन की खेती के लिए कई नस्लों को जन्म देना पड़ा जिनमें अमेरिकी, भूमध्यसागरीय, अंग्रेजी, एशियाटिक, प्लायमाउथ रॉक, वायंडोटे, रोड आइलैंड रेड, न्यू हैम्पशायर, ब्लैक कोचीन, रेड मलय गेम फ़ॉल और लेघर्न आदि शामिल हैं. इतनी अलग तरह की वैरायटी होने के बावजूद भी इसमें हमारी हेल्थ के लिए निम्न पोषण मूल्य होते है जो इस प्रकार है -100 ग्राम चिकन की बात करें तो इसमें 65 ग्राम मॉइचराइज़र, 215 कैलरीज, 18 ग्राम प्रोटीन, 15 ग्राम फैट 4 ग्राम ट्रांस फैट, 75 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल, 11 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.9 मिलीग्राम आयरन, 20 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 147 मिलीग्राम फॉस्फोरस, 189 मिलीग्राम पोटेशियम, 70 मिलीग्राम सोडियम और 1.3 मिलीग्राम जिंक के साथ-साथ विटामिन सी, थायामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी-6, फोलेट, आदि मात्रा में उपलब्ध होते है. अगर विटामिन की बात करें तो इसमें विटामिन बी-12, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन डी और विटामिन k पाया जाता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम चिकन खाने के फायदों को विस्तार से जानें.

1. प्रोटीन के लिए-
चिकन शरीर में प्रोटीन की मात्रा में अहम भूमिका निभाता है. इसके 100 ग्राम में 18 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, यह मात्रा किसी के भी शरीर के लिए बहुत अहम होती है. वैज्ञानिक दृष्टि से देखे तो चिकन अमीनो एसिड से बना होता है, जिससे प्रोटीन बनता है और यह हमारी मांसपेशियों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होता है.

2. वजन कम करने के लिए-
आज के समय में मोटापा बहुत ही बड़ी समस्या बन चुका है, जिसका कारण लाइफस्टाइल का खराब होना है. ऐसे लोग जो वजन घटाने की सोच रहे है उनके लिए चिकन बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. ऐसे में इसे अपनी डाइट में शामिल करने से काफी लाभ मिलता है. इसकी हाई प्रोटीन मात्रा वजन घटाने में प्रभावी होती है. हाल ही में हुई स्टडीज की माने तो नियमित रूप से चिकन खाने से वजन कंट्रोल में रहता है.

3. कोलेस्ट्रोल कैंसर
हाल ही में हुई स्टडीज की माने तो रेड मीट का सेवन करने वाले लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है. लेकिन चिकन के साथ मछली खाने के मामलों में देखा गया कि इस प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो जाता है. इसलिए रेड मीट से बेहतर, चिकन का सेवन करना है.

4. विटामिन और मिनरल के लिए
हमारे शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल की जरूरत होती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमें कई तरह के काम करने के लिए एनर्जी की जरूरत होती है. इसलिए किसी भी मानव शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल की आवश्यकता होती है, जो चिकन में पूर्ण रूप से उपलब्ध होते है. यह कई तरह के रोगों जैसे - इम्यून सिस्टम स्ट्रोंग करना, माइग्रेन दर्द, हाई कोलेस्ट्रोल, डायबिटीज, स्किन डिस्आर्डर, मोतियाबिंद, कैल्शियम और हड्डी मजबूत करने में बहुत ही लाभ देता है.

5. कम कोलेस्ट्रोल में मदद करता है
चिकन की तुलना में रेड मीट में अधिक ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रोल की मात्रा बहुत अधिक होती है. जबकि चिकन में यह बहुत कम होती है, जो हार्ट रोग और कोलेस्ट्रोल कम करने में काफी मददगार साबित होती है. डॉकटरों के अनुसार मछली और चिकन का सामान्य मात्र में सेवन करना चाहिए. अधिक मात्रा हार्ट ओर कोलेस्ट्रोल का खतरा बढ़ा सकती है.

6. सर्दी व खांसी के लिए
नाक बंद होना, गले में कफ आदि जैसी समस्याओं से राहत प्रदान करने के लिए गर्म चिकन का सूप काफी लाभ देता है. इसलिए जब भी आपको सर्दी खांसी जैसी समस्या हो आप इसकी सहाता से उसे दूर कर सकते हैं.

7. ब्लड प्रेशर सामान्य करने में
विदेशों में हुए शोधों में देखा गया है कि बल्ड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए चिकन का नियमित सेवन काफी लाभ देता है और यह अच्छा स्त्रोत भी होता है. शोध में शामिल लोगों ने कम फैट वाली डाइट, हरी सब्जियां, फल और ड्राई फूट्स का सेवन साथ में किया था.

चर्बी की गांठ का इलाज - Charbi Ki Gaanth Ka Ilaj!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चर्बी की गांठ का इलाज - Charbi Ki Gaanth Ka Ilaj!

चर्बी की गाँठ के बनने को यदि हम चिकित्सकीय भाषा में समझें तो इसका अर्थ है मांस के अंदर फैट निर्मित होना. एक रोचक तथ्य यह भी है कि यह देखने में हमारे शरीर की त्वचा के भीतर हुए फोड़े के जैसा ही लगता है. यह हमारे शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं. हालांकि चर्बी की गाँठ अक्सर गर्दन या बाहों पर ही दिखाई पड़ते हैं. आप इसे एक तरह का ट्यूमर भी कह सकते हैं जो हमारी चमड़ी के निचली परतों में चर्बी की गाँठों के रूप में धीरे-धीरे जमा होता जाता है. यह भी हैरान करने वाला तथ्य है कि चर्बी की गाँठ का मोटापे से कुछ भी लेना-देना नहीं है. इन गाँठों में किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता है और यह गांठे ज्यादातर गर्दन, हाथ और पैरों पर पायी जाती हैं. कुछ लोग इन गाँठों को देखकर परेशान हो जाते हैं कि कहीं ये कैंसर तो नहीं. लेकिन ऐसा नहीं है, चर्बी की गाँठ और कैंसर की गाँठों में सबसे बड़ा फर्क होता है कि चर्बी की गाँठ की गांठें मुलायम होती हैं और हिलती हैं जबकि कैंसर वाली गाँठ सख्त होती हैं और वह हिलती नहीं हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम चर्बी की गाँठ के इलाज के विभिन्न तरीकों और इसके होने के कारणों के बार में जानें ताकि इस विषय में जागरूकता फैल सके.

चर्बी की गाँठ होने का कारण-
चर्बी की गाँठ की गांठें आपकी त्वचा के अंदरूनी हिस्से में होती हैं जो एक से तीन सेंटीमीटर तक मोटी हो सकती हैं. इन छोटी गाँठों में ना तो कभी दर्द होता है और ना ही ये गांठे कभी कोई नुकसान पहुंचाती हैं.

जब यह गांठें बड़ी हो जाती हैं तब ये थोड़ी बुरी सी दिखने लगती हैं बस यही एक परेशानी सामने आती है. चर्बी की गाँठ या चर्बी की गाँठ बनने का सही कारण आज तक पता नहीं चल पाया है, इसीलिए इन गाँठों का सही कारण बता पाना बेहद कठिन हैं. कुछ लोग बोलते हैं कि मोटापे की वजह से ये गांठे हो जाती हैं लेकिन चर्बी की गाँठ का मोटापे से कोई सम्बन्ध नहीं है.

चर्बी की गांठ का घरेलू इलाज है सुबह की दौड़-
सबसे पहले तो आप ये जान लीजिये कि ये गांठे चर्बी की होती हैं अर्थात अगर चर्बी पिघलेगी तो यह गांठे भी पिघल जायेंगी. तो सबसे पहले सुबह उठकर दौड़ना शुरू कीजिये जिससे आपके शरीर में जो फालतू चर्बी है तो कम होना शुरू हो जायेगी. एक सप्ताह में ही देखते ही देखते आपकी चर्बी की गाँठ की गांठे छोटी होती चली जायेंगी. अगर 2 महीने तक आपने रोजाना दौड़ लगायी तो ये गांठें बिल्कुल पिघल जायेंगी. इसलिए रोजाना 5 से 10 मिनट दौड़ जरूर लगायें.

1. तला भुना और जंक फूड कम खायें
यूँ तो चर्बी की गाँठ का सही कारण डॉक्टरों को भी नहीं पता होता लेकिन डॉक्टर हमेंशा सलाह देते हैं कि तला भुना खाना और जंक फूड से दूरी ही बनाये रखें. आपको यकीन ना हो तो आप एक सप्ताह रोजाना खूब तला भूना और जंक फूड खाकर देखें. आप देखेंगे कि आपकी गांठे और बड़ी होने लगी हैं. इसलिए बाहर की तली भूनी चीज़ें और जंक फूड खाना तुरंत बंद कर दें.

2. आटा और शहद का लेप
ये बहुत ही आसान घरेलू तरीका है. आटा तो सबके घरों में होता ही है और शहद आप बाजार से ला सकते हैं. एक कटोरी में थोड़ा सा आटा लें और इतनी ही समान मात्रा में इसमें शहद मिला लें. अब दोनों को घोलकर एक लेप तैयार करें और इस लेप को अपनी गाँठों पर लगाएं और ऊपर से किसी नैपकिन से ढक लें ताकि मक्खियाँ ना बैठें. इसे आप 2 से 3 घंटे ऐसे ही छोड़ दें और अगर आप फ्री हैं तो सारा दिन लगा रहने दें. शाम को इसे छुटा लें और अगले दिन फिर से यही प्रक्रिया करनी है. आप देखेंगे कि कुछ सप्ताह में गांठें गायब होने लगेंगी.

3. सर्जरी से गांठे निकलवाना
काफी लोगों की गांठे बड़ी -बड़ी हो जाती हैं तो यह दिखने में बहुत गन्दी लगने लगती हैं इसलिए डॉक्टर सर्जरी का रास्ता अपनाते हैं. सर्जरी की सहायता से गांठ वाली जगह पर छोटा सा चीरा लगाकर गाँठ को बाहर निकाल दिया जाता है. लेकिन सर्जरी के बाद यह गारंटी नहीं होती कि गाँठ फिर से नहीं होंगी क्यूंकि कई केसों में यह देखने में आया है कि सर्जरी के कुछ समय बाद फिर से गांठे बनने लगती हैं.

4. सुईं की सहायता से गांठे निकालना
चर्बी की गाँठ की सर्जरी कराने से शरीर पर निशान बन जाते हैं इसलिए डॉक्टर इन गाँठों का इलाज करने के लिए एक नयी तकनीक अपनाते हैं जिसमें गाँठों में सुईं डालकर इनमें से चर्बी बाहर निकाल दी जाती है. इससे शरीर पर निशान नहीं बनते और काफी लोग इस इलाज को अपनाते भी हैं लेकिन इस इलाज के लिए डाक्टरी परामर्श बेहद जरुरी है.

दांत सफाई युक्तियाँ - Teeth Cleaning Tips In Hindi!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
दांत सफाई युक्तियाँ - Teeth Cleaning Tips In Hindi!

हर कोई चाहता है की उसके दांत सफेद और आकर्षक हो, क्योंकि कोई भी व्यक्ति सबसे पहले आपके चेहरे की मुसकराहट पर ही पड़ती है. एक आकड़े के अनुसार, वर्ष 2015 में, अमेरिका के लोगों ने केवल दांतों को सफाई करने में लगभग 11 बिलियन डॉलर से अधिक रुपये खर्च कर दिए. इसमें घर पर इस्तेमाल करने वाले व्हाइटनिंग प्रोडक्ट पर 1.4 बिलियन डॉलर से अधिक का खर्च शामिल था.

  • जब आपके दांतों को सफेद करने की बात आती है, तो ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट है जिसका आप चुनाव कर सकते हैं.
  • हालांकि, अधिकांश व्हाइटनिंग प्रोडक्ट आपके दांतों को ब्लीच करने के लिए केमिकल का उपयोग करते हैं, जो कई लोगों के लिए समस्या का कारण बन सकता है.
  • यदि आप सफेद दांत चाहते हैं, लेकिन रसायनों से भी बचना चाहते हैं, तो यह लेख कई विकल्पों को सूचीबद्ध करता है जो प्राकृतिक और सुरक्षित हैं.

पीले दांत का कारण क्या है?

  • ऐसे कई कारक हैं जिनके कारण दांत पीले होते हैं और उनकी चमकदार, सफेद चमक खो जाती है.
  • कुछ खाद्य पदार्थ के कारण तामचीनी में दाग लग सकते हैं, जो आपके दांतों की सबसे बाहरी परत है. इसके अतिरिक्त, आपके दांतों पर पट्टिका का निर्माण उनके पीले दिखने का कारण बन सकता है.
  • इस प्रकार के मलिनकिरण का उपचार आमतौर पर नियमित क्लींजिंग और व्हाइटेनिंग उपचार के साथ किया जा सकता है.
  • हालांकि, कभी-कभी दांत पीले दिखते हैं क्योंकि कठोर तामचीनी नष्ट हो जाती है, जिससे दांतों के नीचे की सतह दिखने नजर आने लगता है. डेंटिन एक स्वाभाविक रूप से पीला, बोनी टिश्यू है जो तामचीनी के नीचे स्थित है.

यहां 7 सरल तरीके दिए गए हैं जिनसे आप अपने दांतों को प्राकृतिक रूप से सफेद कर सकते हैं.
1. ऑयल पुल्लिंग इस्तेमाल करें

  • ऑयल पुल्लिंग एक पारंपरिक भारतीय लोक उपचार है जिसका उद्देश्य मौखिक स्वच्छता में सुधार करना और शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को निकालना है.
  • इस अभ्यास में बैक्टीरिया को हटाने के लिए आपके मुंह में चारों ओर तेल से गरारे करना होता है. बैक्टीरिया के कारण पट्टिका का निर्माण हो सकता है जो आपके दांतों के पीला होने का कारण बन सकता है.
  • परंपरागत रूप से, भारतीय ऑयल पुल्लिंग के लिए सूरजमुखी या तिल के तेल का उपयोग करते थे, लेकिन इसके लिए किसी भी प्रकार के तेल को उपयोग किया जा सकता है.
  • नारियल तेल एक लोकप्रिय विकल्प है क्योंकि इसमें एक सुखद स्वाद है और कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है.
  • नारियल का तेल लॉरिक एसिड में भी उच्च होता है, जो सूजन को कम करने और बैक्टीरिया को मारने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
  • कुछ अध्ययनों से पता चला है कि दैनिक ऑयल पुल्लिंग से मुंह में बैक्टीरिया को कम किया जाता है, साथ ही पट्टिका और मसूड़े की सूजन से राहत प्रदान करता है.
  • स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स मुंह में बैक्टीरिया के प्राथमिक प्रकारों में से एक है जो पट्टिका और मसूड़े की सूजन का कारण बनता है. एक अध्ययन में पाया गया है कि तिल के तेल के साथ रोजाना गरारे से लार में स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स को बहुत कम किया है.


2. बेकिंग सोडा के साथ ब्रश
बेकिंग सोडा में प्राकृतिक सफेदी गुण होते हैं, यही वजह है कि यह कमर्शियल टूथपेस्ट में एक लोकप्रिय घटक है. यह एक हल्का अपघर्षक है जो दांतों पर सतह के दाग को दूर करने में मदद कर सकता है.
इसके अतिरिक्त, बेकिंग सोडा आपके मुंह में एक क्षारीय वातावरण बनाता है, जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. विज्ञान ने अभी तक यह साबित नहीं किया है कि प्लेन बेकिंग सोडा के साथ ब्रश करने से आपके दाँत सफेद हो जाएंगे, लेकिन कई अध्ययनों से पता चलता है कि बेकिंग सोडा के साथ टूथपेस्ट का महत्वपूर्ण सफेदी प्रभाव है.

3. हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग करें
हाइड्रोजन पेरोक्साइड एक प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट है जो आपके मुंह में बैक्टीरिया को भी मारता है.
वास्तव में, लोग बैक्टीरिया को मारने की क्षमता के कारण घावों कीटाणुरहित करने के लिए वर्षों से हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग कर रहे हैं. कई कमर्शियल व्हाइटनिंग प्रोडक्ट में भी हाइड्रोजन पेरोक्साइड होता है.

4. एप्पल साइडर सिरका का उपयोग करें
ऐप्पल साइडर सिरका का इस्तेमाल सदियों से एक कीटाणुनाशक और प्राकृतिक सफाई उत्पाद के रूप में किया जाता रहा है. एसिटिक एसिड, जो सेब साइडर सिरका में मुख्य सक्रिय घटक है, प्रभावी रूप से बैक्टीरिया को मारता है. सिरका की जीवाणुरोधी गुण वह है जो आपके मुंह को साफ करने और आपके दांत को सफेद करने के लिए उपयोगी है. गाय के दांतों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सेब साइडर सिरका का दांतों पर विरंजन प्रभाव पड़ता है. हालांकि, उन्होंने यह भी पाया कि सिरका दांतों को नरम कर सकता है.

5. फलों और सब्जियों का उपयोग करें
फलों और सब्जियों में उच्च आहार आपके शरीर और आपके दांतों दोनों के लिए अच्छा हो सकता है.
हालाँकि, आपके दाँत को ब्रश करने का कोई अन्य विकल्प नहीं है लेकिन कुरकुरे, कच्चे फल और सब्जियों को चबाने से पट्टिका को रगड़ने में मदद मिल सकती हैं.

विशेष रूप से, स्ट्रॉबेरी और अनानास दो फल हैं जिन्हें आपके दांतों को सफेद करने में मदद करने का दावा किया गया है.

Impulse Control Disorders - What Causes It?

MD - Psychiatry, MBBS
Psychiatrist, Delhi
Impulse Control Disorders - What Causes It?

A certain psychiatric condition which causes a person to be functionally impaired in social and occupational settings is known as Impulse Control Disorder. Most of you are granted with the ability to think before you act but it isn't the case for people suffering with such a condition. People diagnosed with this condition are not able to withstand the urge to do something detrimental to themselves or other people.

This condition is similar to other disorders such as kleptomania, compulsive gambling and pyromania to name a few. Although people suffering from this disorder do not plan their acts, the acts they do perform generally fulfill their conscious wishes. Other disorders of such similar nature like Kleptomania and ADHD, which are associated with difficulty in controlling impulses but that is not their chief feature. Patients of impulse control disorder find it highly distressful and are hence often seen to lose control of their actions and consequently their lives.

What causes this disorder?

Some medical practitioners are of the opinion that this disorder is a subgroup of other conditions such as stress, anxiety, OCD and other such. Scientists and researchers are not particularly sure what causes this condition but have determined that it can be caused due to a combination of physiological, emotional and psychological factors pertaining to cultural and societal aspects. Also, certain brain structures linked to emotions and memory functions in and around the frontal lobe are linked to planning functions and impulses.
Some studies show that certain hormones such as testosterone which are associated with aggression and violence may also play a role in forming such disorder. Aggressive and violent behaviors are apparent in people suffering from this disorder. Certain studies have shown a connection between certain forms of seizure disorders and aggressive impulsive behaviors.

People with such disorders are also more likely to contract addiction and mood disorders. Antidepressants are usually prescribed in treating such disorders.

Pain During Sex - What Are The Reasons Behind It?

MD- Ayurveda
Ayurveda, Amritsar
Pain During Sex - What Are The Reasons Behind It?

Severe pain during intercourse causes difficulty in a relationship in both partners. Sometimes a sustained occurrence of pain might be an indication of some serious medical dysfunction. As such, consult a doctor as soon as the pain arises. Contrary to popular beliefs, sexual pain can occur in both male and female.

In female, the reasons behind the painful sexual intercourse might be:

  1. Vaginismus, a condition when the vaginal muscles tighten up mainly due to anxiety or fear and cause significant pain with a tearing sensation.
  2. The pain can arise due to vaginal infection due to yeast or any form of sexually transmitted disease or pelvic inflammatory diseases.
  3. A severe injury in the vagina during childbirth or any other accident and psychological stress can also cause severe pain during sex.
  4. Sometimes, uterine or menopause problems (formation of fibroids in the uterus) can also cause pain.
  5. Cyst formation in the ovary or endometriosis (when the inner tissue lining of the uterus tends to grow outside) can also cause severe pain during intercourse.

Among men:

  1. Some men can experience pain during intercourse because of allergy to the fluids of the vagina or the chemical content of certain contraceptives.
  2. You can experience pain because of undiagnosed sexually transmitted diseases like herpes or gonorrhea
  3. The pain might also occur due to urinary tract infections or side effects from certain medications.
  4. Severe pain just a few moments before ejaculation can be a result of inflammation of the prostate glands and should be immediately diagnosed as it might be a signal of prostate cancer.

For treating pain during sex in female, you should opt for the following procedures

  1. If the pain is caused due to vaginal dryness after menopause, you should consider the application of prescribed lubricants or jellies to reduce the pain.
  2. If the pain occurs due to severe anxiety or stress, sex therapy can help you improve physical intimacy.
  3. If there are other symptoms like severe bleeding or irregular periods in addition to the pain, a visit to the physician is recommended.

Quite similarly in men

  1. If the pain occurs due to severe anxiety or stress, sex therapy can help you improve physical intimacy.
  2. If the pain results from side effects of certain medications, you should try changing your prescribed medication after doctor’s suggestion.
  3. In extreme cases, the doctors might suggest hormone replacement surgery.

Arthritis - Have Homeopathy At Your Rescue!

BHMS, Diploma In Diet & Nutrition For Obesity Management, Certificate Cource in Cosmetology & Aesthetic Medicine
Homeopath, Pune
Arthritis - Have Homeopathy At Your Rescue!

Arthritis is an inflammatory joint disorder of autoimmune starting point. In arthritis, the joints get to be painful, inflamed, swollen and warm with checked stiffness. Chiefly the little joints of wrist, fingers, ankles and toes are included. Over the long haul, other huge joints may likewise get influenced.

Homeopathy is a standout amongst the most prevalent all encompassing system of medicine. The determination of remedy is based upon the theory of individualization and symptoms comparability by utilizing comprehensive approach. To the extent therapeutic medication is concerned, a few very much demonstrated medicines are accessible for homeopathic treatment of arthritis that can be chosen on the premise of cause, sensation, location, modalities and augmentation of the protests. For individualized remedy determination and treatment, the patient ought to counsel a qualified homeopathic doctor face to face.

Causes of arthritis

  1. Injury: It can harm to ligament, bone, and cartilage that eventually prompts to extreme pain.
  2. Obesity and propelled age: Both are extremely regular cause of arthritis.
  3. Infection: Any sort of infection to the joint may come about arthritis.
  4. Sprain: Due to sudden unnatural developments causes pain and additionally limitation of development of the joint.
  5. Overuse: Overuse of knee joint can cause bursitis which eventually prompts to extraordinary pain.
  6. Dislocation: Also causes serious arthritis.
  7. Different causes: Include Sickle cell disease, SarcoidosisKawasaki diseaseLupusbone tumorsCrohn's diseasebleeding disorders and so forth.

Will Homeopathy treat joint inflammation?
Homeopathic method of treatment is extremely powerful in treating rheumatoid arthritis. Homeopathic medicines treat rheumatoid arthritis by directing the overactive immune system. They decrease joint inflammation and symptoms including swelling, pain and stiffness of joints. Homeopathy offers an extensive variety of medicines for rheumatoid arthritis. However, there is nobody cure for all ills connected with this condition. The most fitting Homeopathic medicine for rheumatoid arthritis is chosen in light of an inside and out analysis of individual symptoms. Exceedingly successful Homeopathic medicines for rheumatoid arthritis are ActaeaSpicata, RhusTox, Causticum, Bryonia, Kalmia, Caulophyllum, Ledum pal, Guaiacum, Benzoic acid, Calcaria Carb.

The homeopathic treatment for arthritis has the capability of forever reestablishing the health of your joints. It merits finding a decent homeopath that will regard you as the individual you seem to be, instead of essentially "obtaining" a remedy from another person's experience.

High Fibre Diet - Can It Benefit Your Heart?

Cardiologist, Navi Mumbai
High Fibre Diet - Can It Benefit Your Heart?

Most people associate fibre to be good for the digestive system. It helps to add roughage and therefore helps in avoiding constipation. When we dig deeper, the fibre seems to do good not just to the stomach but to the heart as well. Those who are prone to develop heart disease should make an attempt to include more fibre in their diet and reap the rich benefits it offers.

There are two classifications of fibres

  1. Dietary
  2. Functional 

Dietary are found in diet products and functional being added fibre through various food supplements. Soluble and insoluble fibre, based on their solubility in water. Most foods contain some amounts of both. The insoluble one has more digestive benefits, as it adds to the roughage. Both types have cardiac benefits.

Read on to know some of the cardiac benefits of fibres.

  1. Reduces cholesterol: There is good cholesterol which is essential for the body, and there is bad cholesterol causes heart disease. What fibres do is reduce the amount of bad and overall cholesterol in circulation. The fibre binds to the cholesterol and removes it from the body, which otherwise would get into circulation and lead to plaque formation and heart disease.
  2. Reduces blood pressure: Because the cholesterol does not circulate in the blood stream, the blood is not as viscous and therefore the vessels exert much less pressure to allow for free flow. A diet change to whole grains can show a marked difference in people with hypertension.
  3. Weight management: Eating fibre means more bulk and fewer calories so that a person feels full after eating smaller amounts. This is a great way to lose weight and bring preexisting heart disease under control.
  4. Stroke prevention: The circulating cholesterol usually gets sluggish and settles down along the walls of the blood vessels. This attracts more cholesterol, which eventually forms what is knowns as plaque. When this plaque attains a considerable size, it gets dislodged, circulates in the blood stream, and can reach any of the vital organs. When it reaches the heart or brain, it can lead to heart attack or stroke. By removing the cholesterol which leads to all these complications, fibre reduces the incidence of stroke and heart attacks.
  5. Management of diabetes: Blood pressure, increased weight, and heart disease all are predisposing factors and have common contributing factors as does diabetes. Controlling all these helps in prolonging the onset of diabetes and reducing its severity too.

High-fiber diet mainly reduces cholesterol which helps in multiple ways to maintain not just a healthy body but also improves the overall quality of life.

Filler Injections - Know More About Them!

MBBS, PGDCC - Post Graduate Diploma in Clinical Cosmetology, Fellow Hair Transplant Surgery
Trichologist, Pune
Filler Injections - Know More About Them!

In today's contemporary times, our outer appearance plays a huge role in determining our path of success. Looking good in many ways has become essential for leaving a lasting impression. Nowadays, age is no longer a factor for looking or feeling beautiful. While beauty lies in the eye of the beholder, the onus to maintain that beauty lies with ourselves. Numerous grooming centres and salons are spread all over the street these days to cater to all our beauty needs. Gone are the days when dressing up and putting on make up were scoffed at. Why then do we tolerate wrinkles and scars just because time has decreed so?

With all kinds of correctional therapies and treatments, our skin can be as smooth and glamorous as ever. One of the most popular trick in this regard is filler injections.

What are Filler Injections?

Filler injections enable us to redefine those aspects of our faces, which have been the causes of consternation for a long period of time. These injections makes it possible to cover up unwanted wrinkles, smoothen lines and remove pitted scars. They can also be used to make the lips look fuller. These injections, when injected under the skin, raise up that area, lending it a more wholesome appearance. It is however,  transient in nature and often requires repeated surgeries. While some of the most common aftermaths of this are redness, swelling or itchiness, none these last more than a day.

It is therefore,  a very safe beauty therapy for giving the furrowed skin a new leash of life. Many have vouched for how the filler surgeries have renewed their self confidence. However, there are a few risk factors that one must be mindful of before opting for a filler surgery.

Risk factors of Filler Injections:

Filler injections make the skin prone to certain allergies and rashes or even flu-like symptoms. Infections, bleeding and inflammation are other repercussions of a filler surgery. Filler injections contain Hyaluronic acid, collagens, fat cells and man-made polymers. In case one's skin reacts to any of these ingredients, then one must resort to expert care. However, most of these outbreaks are temporary in nature and this treatment is easily reversible in case one chooses to do so

Does Working Out Make You More Sexually Active?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Hisar
Does Working Out Make You More Sexually Active?

The debate about how sex affects sportspersons has been there for a very long time, but it is its reverse which is somehow more applicable. Research has shown that regularly engaging in sports or other physical activities such as exercising can have some really positive effects on your sex life. This has got to do mostly with improved metabolic activity in the cells from the increased motion and exercise. 

Research suggests that engaging in exercise, sports and other physical activities result in an increase in flexibility and agility among people, thus aiding sexual prowess and performance. Also, it boosts levels of self-confidence, thus allowing you to believe that you are sexually desirable, (due to increased levels of fitness and toned musculature) which in turn also positively affects sexual capability- in providing higher levels of satisfaction to your partners. Apart from these, there are several other factors of sexuality that are also improved due to engaging in sports or exercise, like:

• Decreased risks of Erectile Dysfunction (ED): One of the most essential benefits of engaging in sports and exercise is that it lowers the risk of erectile dysfunction in men, due to an increased level of blood flow into your penis as a result of widening of the arteries. In this regard, research also suggests that you don't necessarily need to be overly fit or sporting to reduce chances of ED - even a brisk half hour walk works wonders.

• Improved quality of semen: Research has found that if you exercise or are engaged in some rigorous sporting activity for at least 15 hours per week, you will have higher sperm counts than your inactive counterparts.

• Increased libido: High levels of exercise pumps up testosterone levels in men and estrogen levels in women, which leads to better muscle growth and an increased sex drive in both sex. 

• Increased chances of achieving orgasm in women: If you work out frequently, then the process of arousal works quicker for you and chances of orgasm is faster and with higher intensity, it gets increased exponentially. 

• Heightened sensitivity: In women, the clitoris contains over 8000 nerve endings, which makes it very sensitive to stimulation, and increases arousal exponentially. Increased physical activity heightens the effect of this stimulus and makes sexual stimulation much more pleasurable.

View All Feed

Near By Clinics

Renaissance Dental Care

Vijayanagar, Bangalore, Bangalore
View Clinic

Dr. H.P. Muralidhar Clinic

Nagarbhavi, Bangalore, Bangalore
View Clinic

Bone & Joint Clinic

Vijayanagar, Bangalore, Bangalore
View Clinic

Sathwik ENT Clinic

Jayanagar, Bangalore, Bangalore
View Clinic