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Santosh Hospital

Gynaecologist Clinic

No 6/1, Raminath Road, Behind Cold Park, Frazer Town Bangalore
1 Doctor · ₹250
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Santosh Hospital Gynaecologist Clinic No 6/1, Raminath Road, Behind Cold Park, Frazer Town Bangalore
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Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Gynecologist . We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worr......more
Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Gynecologist . We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply.
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Santosh Hospital is known for housing experienced Gynaecologists. Dr. Indira Rao, a well-reputed Gynaecologist, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for Gynaecologists recommended by 102 patients.

Timings

MON-SAT
06:30 PM - 09:00 PM

Location

No 6/1, Raminath Road, Behind Cold Park, Frazer Town
Frazer Town Bangalore, Karnataka - 560025
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Doctor in Santosh Hospital

Dr. Indira Rao

MBBS, MD
Gynaecologist
47 Years experience
250 at clinic
Available today
06:30 PM - 09:00 PM
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Polycystic Ovary Syndrome (PCOS)

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, DGO, MD - Physician, Certificate Course In Reproductive Medicine & Ivf, Basic Life Support (B.L.S), Advanced Infertility Management Training, ivf training in NUH singappre, masters in Reproductive Medicine
IVF Specialist, Gurgaon
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Polycystic ovary syndrome (PCOS) is a hormonal disorder common among women of reproductive age. Women with PCOS may have infrequent or prolonged menstrual periods or excess male hormone (androgen) levels.

अनार के फायदे और नुकसान - Anar Ke Fayde Aur Nuksaan!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
अनार के फायदे और नुकसान - Anar Ke Fayde Aur Nuksaan!

अनार, हमारे स्वास्थ्य के लिए पोषक गुणों के कारण विश्व-भर में लोकप्रिय है. अनार, में फाइबर तो होता ही है लेकिन इसके साथ ही इसमें विटामिन सी, के और बी भी प्रचुर मात्रा में मौजूद रहता है. अनार में कई तरह के पोषक तत्वों जैसे कि पोटेशियम, फोलेट, मैंगनीज, सेलेनियम, लोहा, मैग्नीशियम, फास्फोरस, ज़िंक इत्यादि की भरपूर मौजूदगी होती है. इसके साथ ही यह ओमेगा-6 फैटी एसिड का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है. यह पाचन शक्ति को बेहतर करता है, वीर्य गठन को बढ़ाता है, स्मृति को सक्रिय करता है, हवा, पित्त, कफ की वजह से शरीर में हुए असंतुलन को ठीक कर देता है, हीमोग्लोबिन के गठन को बेहतर बनाता है और एक बहुत अच्छा रक्त शोधक है.
आइए इस लेख के माध्यम से एचएम अनार खाने के विभिन्न फ़ायदों और नुक़सानों को जानें.

1. हृदय-स्वास्थ्य में सुधार लाने में-

अनार, आपके हृदय के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह ब्लड वेसल्स को पोषण देता है जिससे रक्त-प्रवाह में सुधार होता है. इसके अलावा यह ब्लड क्लॉट बनने से भी रोकता है. अगर आप नियमित एक ग्लास आनर के जूस पीते है तो यह ह्रदय स्वास्थ्य के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है.

2. एनीमिया के लिए-
यह फल एनीमिया से पीड़ित रोगियों के लिए बहुत उपयोगी है. यह शरीर में बॉडी में आयरन की आपूर्ति करता है और लाल रक्त कोशिकाओं के साथ हीमोग्लोबिन की मात्रा में बढ़ोतरी कर उसके प्रवाह में भी सुधार लाता है. अनार में विटामिन सी से भी प्रचुर मात्रा में होता है जो आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है. अनार एनीमिया के लिए एक बहुत ही सक्षम डाइटरी सप्लीमेंट है और एनीमिया के लक्षणों से लड़ने में शरीर को पूरा सहयोग देता है.

3. प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में-
अनार को गर्भावस्था में बहुत उपयोगी माना जाता है. यह उन महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है जो गर्भवती होना चाहती है. यह गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद समझा जाता है. अनार में विटामिन और मिनरल पायी जाती है जो महीअलयों में होने वाले दर्द को कम करता है. यह गर्भपात और प्रीमैच्योर बच्चे के संभावित जोखिम को भी कम करता है.

4. स्वस्थ रक्त-चाप बनाए रखने में-
अनार, एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन सी एवं नाइट्रिक ऑक्साइड का एक अच्छा स्त्रोत होने के कारण उच्च रक्त-चाप के रोगियों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होता है. यह है और का एक अच्छा स्रोत है. इसके पौषिक गुण रक्त प्रवाह को नियमित करने एवं रक्त-धमनियों को पोषित करने के लिए जाने जाते हैं. यह दिल के दौरे के होने की संभावना को भी बहुत हद तक कम कर देता है. अनार का रस सिस्टोलिक रक्तचाप कम करता है.

5. स्मरण-शक्ति को बढ़ाये-
अनार का सेवन करने से स्मरण-शक्ति को तो बढ़ावा मिलता ही है परंतु साथ ही में यह अल्ज़ाइमर (भूलने की बीमारी) जैसे दिमाग से सम्बंधित विकारों को भी हराने की क्षमता रखता है. एक शोध में पाया गया कि अनार दिमाग की क्रियाओं में सुधार लाता है और उम्र-सम्बंधित दिमाग की समस्याओं को भी
ठीक करता है.

6. मधुमेह को नियंत्रित करने में-
मधुमेह के मरीजों के लिए भी अनार बहुत ही फायदेमंद फल है. यह इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को कम करता है और मधुमेह से होने वाली समस्याओं से भी बचाव करता है. अनार के रस में अद्वितीय एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल्स (टैनिन और एंथोस्यानिंन्स) होते हैं जो टाइप 2 मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.

7.त्वचा पर चमक लाने के लिए-
अनार का रस त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है. यह आपके त्वचा में नमी देता है जिससे त्वचा में निखार आता है. रोजाना अनार के जूस पीने से त्वचा पर झुर्रियों को आने से रोकता है. इस फल में विटामिन सी एवं एंटी-ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होती है जो एजिंग इफेक्ट को कम करता है. तो अपने डाइट में अनार को जरूर शामिल करें.

8. जोड़ों के दर्द के लिए-
अनार को गठिया के रोगियों के लिए गुणकारी माना जाता है. यह आपके जोड़ो के दर्द और हड्डी के दर्द से राहत मिलती है. इसके अलावा यह सूजन को भी कम करता है.

9. कैंसर का उपचार करने-
अनार कैंसर का कारण बनने वाले शरीर से जहरीले पदार्थो को बाहर निकालता है. इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट टॉक्सिक पदार्थ को बाहर निकलने में सहायक होता है. अनार का फल ब्रेस्ट कैंसर के लिए भी मददगार होती है. कैंसर जैसी घातक बिमारियों से बचने के लिए रोजाना अनार का जूस पीना चाहिए.

10. मौखिक स्वास्थ्य को सुधारने में
अनार में एंटी-प्लाक एलिमेंट्स होते हैं जो समग्र मौखिक स्वास्थ्य में सुधार ला उसे तरोताज़ा कर देते हैं. अनार में मौजूद तत्व दंत पट्टिका (प्लाक) के खिलाफ संरक्षण प्रदान करने में सक्षम होते हैं. पट्टिका गठन को कम करके, यह दंत क्षय, पायरिया, मसूड़े की सूजन और कृत्रिम दांतों स्टोमेटिटिस जैसी दंत समस्याओं के जोखिम को कम कर देते हैं.

अनार के नुकसान

  • अनार में मौजूद एंज़ाइम लिवर में मौजूद कुछ एंज़ाइमों के कामकाज में बाधा कर सकते हैं.
  • लिवर विकारों के मरीज अनार या इसके रस लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
  • यदि आप डाइटिंग कर रहे है तो इसका सेवन करने से परहेज करें.
  • यह फल कैलोरी काउंट में वृद्धि करता है. जिसके कारण वजन में वृद्धि होती है. इस फल के अत्यधिक सेवन से कई डिसऑर्डर का कारण बन सकती है. इसमें मतली, उल्टी, पेट दर्द और दस्त शामिल हैं. लेकिन यह लक्षण क्षणिक होते हैं.
  • अनार की अत्यधिक सेवन जठरांत्र पथ में जलन भी पैदा कर सकती है.

अनानास के जूस के फायदे - Ananas Ke Juice Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
अनानास के जूस के फायदे - Ananas Ke Juice Ke Fayde!

अनानास की गिनती रसदार फलों में की जाती है. स्वाद में बेहतरीन लगने वाले अनानास जूस में तमाम पोषक तत्वों की भी मौजूदगी भी होती है. स्वाद में ये खट्टा-मीठा लगता है. ये सभी पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए तमाम स्वास्थ्य लाभ लिए रहता है. एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, विटामिन ए, सी, थायमिन और फोलेट आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें सोडियम और वसा की मात्रा भी काफी कम होती है.
अनानास जूस के फायदे और नुकसान को समझने के लिए निम्नलिखित बिन्दुओं को देखें-

1. वजन घटाने में-

इसमें पाए जाने वाले पानी और फाइबर आपके पेट को भरा रखने में काफी मददगार होता है. इसमें कैलोरीज की मात्रा भी काफी कम होती है. अनानास जूस का अर्क बहुत औषधीय गुणों को मौजूद होता है. इसके नियमित सेवन से वजन कम होती है.

2. त्वचा के लिए-
इसमें पाया जाने वाला एंजाइम और एंटीऑक्सिडेंट त्वचा के लचक और मृत कोशिकाओं के उन्मूलन में काफी मददगार होता है. अनानास जूस का नियमित सेवन हमारे त्वचा के लिए काफी लाभदायक साबित होता है.

3. सुबह की कमजोरी में-
सुबह उठते के साथ ही होने वाली कमजोरी से भी ये बचाता है. इसमें पाया जाने वाला विटामिन बी-6 के कारण ऐसा हो पाता है. अनानास जूस के नियमित सेवन से मतली एवं उल्टी जैसी समस्याओं को भी ख़त्म क्या जा सकता है.

4. आँखों के लिए-
अनानास जूस में पाया जाने वाला विटामिन ए आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में काफी मददगार होता है. इससे आँखों की कई समस्याओं में उपयोगी साबित होता है. इसके नियमित सेवन से आँखों का स्वास्थ्य बरकरार रहता है.

5. हड्डियों के लिए-
इसमें पाया जाने वाला खनिज जैसे कि मैंगनीज आदि हमारे हड्डियों के लिए आवश्यक होता है. ये मुक्त कणों से होने वाली क्षति से कोशिकाओं को बचाता है. ऑस्टियोपोरोसिस आदि समस्याओं से लड़ने में भी मदद करता है.

6. पाचन शक्ति के लिए-
पाचन क्रिया को उत्तेजित करने के लिए भी अनानास जूस को काफी उत्तम माना जाता है. इसमें घुलनशील और अघुलनशील फाइबर दोनों पाया जाता है. ये मल त्याग के प्रक्रिया को भी आसान बनाता है जिससे कि हम कई समस्याओं से निजात दिलाता है.

7. माउथ फ्रेशनर के रूप में-
अनानास जूस में विटामिन सी और कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कि दांतों के पट्टिका के गठन को रोकता है. इसमें ब्रोमेलन नाम का तत्व भी पाया जाता है जो कि दांतों को मोती के समान चमकाने में मदद करता है.

8. रक्तचाप को कम करने में-
अनानास जूस में पाया जाने वाला पोटेशियम की प्रचुर मात्रा और सोडियम की कम मात्रा रक्तचाप को नियंत्रित करने के काम आती है. इसके नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है.

9. प्रतिरक्षा तंत्र के लिए-
अनानास जूस में मौजूद विटामिन सी मुक्त कणों के प्रभाव से कोशिकाओं को बचाने का काम करता है. इसके आलावा ये प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने का भी काम करता है. ये ह्रदय रोगों से भी हमें बचाता है. जुकाम, फ्लू, और संक्रमण में भी रक्षा करा है.

10. सूजन कम करने में-
इसमें प्राकृतिक रूप से एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करने वाला ब्रोमेलैन नामक तत्व पाया जाता है. जो कि हड्डियों और मांसपेशियों में होने वाले सुजन को कम करने का काम करता है. इसके अलावा ये मोच और खिंचाव में काम करता है.

अनानास जूस के नुकसान-
* अनानास जूस के सेवन से उल्टी, सर दर्द, पेट दर्द आदि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है.
* शुगर के मरीजों को इसका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना चाहिए. हो सके तो चिकित्सक के परामर्श से इसका इस्तेमाल करें.
* गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करने वाली मातायें इसका इस्तेमाल करने से बचें.
* अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचें क्योंकि ये नुकसानदेह साबित हो सकता है.
 

अदरक के फायदे और नुकसान - Adrakh Ke Fayde Aur Nuksaan!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
अदरक के फायदे और नुकसान - Adrakh Ke Fayde Aur Nuksaan!

अदरक का इस्तेमाल हमारे यहाँ प्राचीन काल से ही मसालों और और औषधीय रूप में होता चला आ रहा है. जाहिर है अदरक के फायदों से हम अपने दैनिक जीवन में भी लाभान्वित होते रहते हैं. अदरक के फ़ायदों में सर्दी-कफ, जोड़ों के दर्द, माइग्रेन, पेट की समस्याओं, अस्थमा, कैंसर, दिल के मामले, ब्लड शुगर आदि का उपचार है. इन समस्याओं से निपटने में अदरक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. लेकिन जैसा कि प्रत्येक लाभदायक चीजों की अपनी कुछ सीमाएं होती हैं, उसी तरह अदरक के नुकसान से बचने के लिए हमें भी कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए.

किसको कितना अदरक का इस्तेमाल करना चाहिए-

1. यदि कोई गर्भवती महिला इसका इस्तेमाल करना चाहे तो उसे इसका इस्तेमाल सिमित मात्रा में ही करना चाहिए. उन्हें 1 ग्राम रोजाना से अधिक नहीं लेना चाहिए.
2. यदि आप वयस्क हैं तो आपको आम तौर पर एक दिन में 4 ग्राम से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ध्यान रखें कि इस 4 ग्राम में खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाने वाले अदरक की मात्रा भी शामिल है.
3. इस बात का विशेषरूप से ध्यान रखें कि दो साल से कम उम्र के बच्चे को अदरक न दिया जाए. उन्हें ये नुकसान पहुंचा सकता है.

बीमारियों में अदरक के नुकसान से बचें-
1. यदि आप अदरक का इस्तेमाल किसी विशेष रोग के रोकथाम के लिए करना चाहते हैं तो इसके लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह अवश्य लें. क्योंकि इसके खुराक और संभावित दुष्प्रभावों को डॉक्टर ही आपको ठीक तरीके से बता सकेंगे.
2. अदरक का इस्तेमाल अत्यधिक सूजन को कम करने के लिए भी किया जाता है. प्रभावित क्षेत्र पर रोजाना कुछ बार अदरक के तेल से मालिश करने से राहत मिलती है.
3. यदि आप अदरक के कैप्सूल का इस्तेमाल करें तो ये इसके दूसरे रूपों से बेहतर लाभ देते है.
4. अदरक की कई ख़ास बातों में से एक ये भी है कि ये खून पतला करने वाली दवाओं सहित बाकी दवाओं के साथ परस्पर प्रभाव उत्पन्न कर सकती है.

चाय में अदरक के फायदे-
1. इसका इस्तेमाल आप चाय के रूप में भी कर सकते हैं. इसकी चाय बनाने के लिए आप सूखे या ताजे अदरक की जड़ का इस्तेमाल करें और इसे रोजाना दो से तीन बार पी सकते हैं.
2. अदरक के साथ नींबू के इस्तेमाल से भी चाय बना सकते हैं यह स्वास्थ्यकर रेसिपी आपमें ताजगी और स्फूर्ति से भरती है क्योंकि इसमें कैफीन के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं.
इसके लिए आपको एक पतीले में साढ़े चार कप पानी के उबलने पर 2 इंच अदरक के टुकड़े को 20-25 तुलसी पत्तों के साथ कूटकर इस पेस्ट को सूखी धनिया के बीजों के साथ उबलते पानी में डाल देना है. और इसे 2-3 मिनट तक उबलने के बाद चाय को कप में छान कर इसमें 1 चम्मच नीबू का रस और गुड़ मिलाकर गरमागरम पिएं.
 

Stone Disease

MCH-Urology
Urologist, Delhi
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Kidney Stones, also known as Renal Calculi is a condition usually brought about by inadequate hydration and consumption of food high in calcium, but in most cases it a hereditary condition.

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I am a 24 years old female trying to conceive for 5 months with no success. Now I want to get my hormones levels tested. I want to ask that which day of cycle is best to test prolactin and which day is best to test estrogen and progesterone?

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I am a 24 years old female trying to conceive for 5 months with no success. Now I want to get my hormones levels test...
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I took the course of amoxicillin and after that I am having constant transparent discharge and also itching in vagina. Some white dry like skin is also visible in labia minora. Is this something serious?

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Yes definitely problem is there please come my online clinic for complete solution. You leucorrhoea infection is there. For time being Kali mur 30 10drop 4 times daily use.
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I am 23 Years old male and have some Itchy rashes (Like some pimples) on penis from 2 weeks. I have used some ointment cream for couple of days but haven’t got any relief. What should I do?

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Tea tree oil. Tea tree oil has many healing properties. Yogurt. Yogurt is a natural probiotic. Garlic. Garlic is known to have antifungal and antibacterial uses. Apple cider vinegar. Apple cider vinegaroperates as an antifungal against the Candida species of yeast. Coconut oil.
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I'm 6 week pregnant and from last 3 days suffered by sialoadenite with Mumps. Is it harmful for my child? Should I abort fetus? Is their any adverse effect on my pregnancy? Please help.

MS - Obstetrics and Gynaecology
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You need not go for abortion, mumps infection during early pregnancy does not cause any fetal anamoly ,but there is a slightly increased chance of spontaneous abortion in patients with mumps. Therefore take adequate rest and hydration, continue Medicines as advised by your doctor.
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Does mifegest have any side effects? After taking this medicine pregnancy completely abort or not? How can we now it is completely abort or not?

MS - Obstetrics and Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
Mifegest does not always lead to complete abortion, at times it causes incomplete abortion. After ,2 weeks of taking mifegest do your urine pregnancy test, if negative then nothing to be done, if positive get your ultrasound done to see if it's an incomplete abortion.
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