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We like to think that we are an extraordinary practice that is all about you - your potential, your comfort, your health, and your individuality. You are important to us and we strive to ......more
We like to think that we are an extraordinary practice that is all about you - your potential, your comfort, your health, and your individuality. You are important to us and we strive to help you in every and any way that we can.
More about Krishna Clinic
Krishna Clinic is known for housing experienced General Physicians. Dr. Kishore Br, a well-reputed General Physician, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 49 patients.

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07:30 PM - 09:30 PM

Location

Saraswathi Ngr Bus Stop, Vijayanagar
Vijayanagar Bangalore, Karnataka
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Dr. Kishore Br

General Physician
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Sir/ madam may I know that is it better to drink cow milk without boiling than boiled? Please tell me which one is better to drink boiled or raw cow milk?

Diploma In Diet & Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Hyderabad
Sir/ madam may I know that is it better to drink cow milk without boiling than boiled? Please tell me which one is be...
Aways boil milk before drinking. Milk can have germs if not boiled properly. It can create stomach problems. It is applicable to cow milk, or any other milk.
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Last few days I suffer allergy in inner part my hand .i do not know what medicines treat it.

MD Hom., Certificate in Food and Nutrition, BHMS, Diploma In Yoga, PGDM
Homeopath, Indore
Last few days I suffer allergy in inner part my hand .i do not know what medicines treat it.
For skin problems, we need to see the case to come to any conclusion. Without visualizing the condition, it is difficult to come to any conclusion regarding skin disease. So if possible, do visit the clinic or book an online appointment for the treatment. Fungal infection usually occurs recurrently, so the type of infection needs to be analysed. It may be either fungal, eczema, psoriasis, lupus or any other disease. For this, you need to take proper homeopathic treatment along with maintaining of hygienic conditions.
1 person found this helpful
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Dear sir I got blood in stool. I went Gastrolagent hospital he saw and say there is fissure and files. He suggest to surgery .I want with out surgery to quit my problem. .any medicine. please give me replay.

MBBS, MD - Internal Medicine, Post Graduate Program in Diabetology
General Physician, Delhi
Dear sir I got blood in stool. I went Gastrolagent hospital he saw and say there is fissure and files.
He suggest to ...
You may take laxatives to avoid constipation and take sitz bath ie sitting on s diluted solution of pot permanganate in a basin Just Tell doctor that you want to defer surgery and discuss non surgical options.
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I have hypothyroidism. I use thyronorm. But every now and then I suffered from stomach problem. Sometimes gas. Bloating. .loose motion. .constipation. .irritating stomach infection. No problem found in full abdomen ultrasound.

BHMS
Homeopath, Chennai
I have hypothyroidism. I use thyronorm. But every now and then I suffered from stomach problem. Sometimes gas. Bloati...
Hypothyroidism is a condition in which the thyroid gland is under active and does not produce sufficient amounts of thyroid hormones required in the body. The most cause of hypothyroidism is Hashimoto’s thyroiditis. Hashimoto’s thyroiditis is an auto immune disorder in which the antibodies are produced by the immune system against its own tissue, which in turn attacks the thyroid gland resulting in hypothyroidism. Severe Iodine defficiency can also lead to hypothyroidism. Natural Homeopathic remedies for hypothyroidism are highly effective and especially useful for people who want to avoid the side effects of prescription drugs. Top Homeopathic Remedies for Hypothyroidism Calcarea carb, Sepia ,Lycopodium, Graphites and Nux Vomica are the leading homeopathic remedies for hypothyroidism The normal range of TSH levels is 0.4 to 4.0 milli-international units per liter. You can easily take an online consultation for further treatment guidance and permanent cure without any side effects Medicines will reach you via courier services.
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Dust Allergy Treatment In Hindi - धूल से एलर्जी के उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Dust Allergy Treatment In Hindi - धूल से एलर्जी के उपचार

जब हमारा शरीर किसी चीज को लेकर ओवर-रिऐक्ट करता है तो उसे एलर्जी कहते हैं. इसमें शरीर में खुजली होने लग जाती है या फिर पूरे शरीर में लाल चकत्ते निकल आते हैं या उलटियां होने लग जाती हैं. जिन लोगों को धुल से एलर्जी होती है उन्हें घर में साफ-सफाई के दौरान बहुत परेशानी होती है. इस दौरान यदि उनके नाक में धूल चली जाती है, तो उनकी सांसें तेज-तेज चलने लगती हैं और नाक और आंखों से पानी आने लगता है. नियति को हल्के धुएं में भी सांस लेने में दिक्कत होती है और खांसी होने लगती है. ये एलर्जी के लक्षण हैं यानी ये लोग किसी तरह की एलर्जी से पीड़ित हैं.

एलर्जी से बचाव के उपाय
1. बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए उन्हें जरूरी चीजें भी दी जानी चाहिए. बच्चों को चारदीवारी में बंद करके नहीं रखा जाना चाहिए.
2. बच्चों को धूल-मिट्टी और धूप में खेलने दें. ये बच्चों को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं. उन्हें बारिश या दूसरे पानी से भी खेलने दें. हां, धूल-मिट्टी में खेलने के बाद उनके हाथ-पैर अच्छे से धुलवाना न भूलें.
3. अगर किसी को धूल और धुएं से एलर्जी है तो घर से बाहर निकलने से पहले नाक पर रुमाल रखना चाहिए. बचाव ही एलर्जी का इलाज है.
4. गंदगी से एलर्जी वाले लोगों को समय-समय पर चादर, तकिए के कवर और पर्दे भी बदलते रहना चाहिए. कारपेट यूज न करें या फिर उसे कम-से-कम 6 महीने में ड्राइक्लीन करवाते रहें.
5. घर को हमेशा बंद न रखें. घर को खुला और हवादार बनाए रखें ताकि साफ हवा आती रहे.
6. खिड़कियों में महीन जाली लगवाएं और जाली वाली खिड़कियों को हमेशा बंद रखें क्योंकि खुली खिड़की से कीड़े और मच्छर आपके घर में घुस सकते हैं.
7. दीवारों पर फफूंद और जाले हो गए हों, तो उन्हें साफ करते रहें क्योंकि फफूंद के कारण भी एलर्जी हो सकती है.

एलर्जी का उपचार 
इम्यूनो थेरपी और एलर्जी शॉट्स से भी एलर्जी का इलाज किया जाता है. अगर मरीज की हालत ज्यादा खराब हो, तभी इम्यूनो थेरेपी का सहारा लिया जाता है. यह सेफ तरीका है लेकिन तभी कारगर है, जब किसी ऐसी चीज से ही एलर्जी हो, जिसे नजरअंदाज न किया जा सके. इस थेरपी का असर लंबे समय तक रहता है. कई बार इसका असर 3-4 साल तक रहता है. हालांकि हर मरीज पर असर अलग-अलग हो सकता है. यह इलाज थोड़ा महंगा होता है. लेकिन यदि आप घरेलु तरीके से कारगर और सस्ता उपचार चाहते हैं तो आप आयुर्वेद का सहारा ले सकते हैं.

आयुर्वेद

  • आयुर्वेद के अनुसार रोज सुबह नीबू पानी पिएं.
  • अगर स्किन एलर्जी है तो फिटकरी के पानी से प्रभावित हिस्से को धोएं. नारियल तेल में कपूर या जैतून * तेल मिलाकर लगाएं. चंदन का लेप भी राहत देता है. इससे खुजली कम होती है और चकत्ते भी कम होते हैं.
  • पंचकर्म का हिस्सा नास्य शिरोधारा भी एलर्जी में भी बहुत मदद करता है. इसमें खास तरीके से तेल नाक में डाला जाता है, लेकिन यह प्रक्रिया घर में नहीं करनी चाहिए. एक्सपर्ट की देखरेख में इसे करें. 

नेचुरोपैथी और योग
योग और नेचुरोपैथी एलर्जी से मुकाबला करने के लिए एक बेहतर तरीका साबित हो सकता है. इसके विशेषग्य कहते हैं एलर्जी से बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. इसके अलावा स्वच्छता भी बहुत जरुरी है. आपको नियमित रूप से रोजाना करीब 15 मिनट अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका प्राणायाम करने से एलर्जी में फायदा होता है क्योंकि इनसे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. इसके अलावा प्रदुषण से होने वाली एलर्जी से बचने के लिए गुनगुने पानी में तुलसी, नीबू, काली मिर्च और शहद डालकर पिना भी फायदेमंद होता है.
 

Urinary Diseases Symptoms, Treatment - मूत्र रोग के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Urinary Diseases Symptoms, Treatment - मूत्र रोग के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

मूत्र से संबंधित बीमारी महिलाओं और पुरुष दोनों को ही होती है. गुर्दा हमारे शरीर में सिर्फ मूत्र बनाने का ही काम नहीं करता वरन इसके अन्य कार्य भी हैं. जैसे- खून का शुद्धिकरण, शरीर में पानी का संतुलन, अम्ल और क्षार का संतुलन, खून के दबाव पर नियंत्रण, रक्त कणों के उत्पादन में सहयोग और हड्डियों को मजबूत करना इत्यादि. लेकिन हमारे यहाँ लोगों में इसके प्रति जागरूकता न होने के कारण लोगों में इस तरह की समस्याएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती हैं. आइए मूत्र रो के कारण, लक्षण और घरेलु उपचार को समझने का प्रयास करें.

क्या है मूत्र रोग का कारण?
जैसा कि हर रोग के कुछ उचित कारण होते हैं. ठीक उसी प्रकार मूत्र विकारों के भी कई कारण हैं. इसका सबसे बड़ा कारण जीवाणु और कवक है. इनके कारण मूत्र पथ के अन्य अंगों जैसे किडनी, यूरेटर और प्रोस्टेट ग्रंथि और योनि में भी इस संक्रमण का असर देखने को मिलता है.

मूत्र विकार के लक्षण
मूत्र रोग के मुख्य लक्षणों में तीव्र गंध वाला पेशाब होना, पेशाब का रंग बदल जाना, मूत्र त्यागने में जलन और दर्द का अनुभव होना, कमज़ोरी महसूस होना, पेट में पीड़ा और शरीर में बुखार की हरारत आदि है. इसके अलावा हर समय मूत्र त्यागने की इच्छा बनी रहती है. मूत्र पथ में जलन बनी रहती है. मूत्राषय में सूजन आ जाती है. यह रोग पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में ज़्यादा पाया जाता है. गर्भवती स्त्रियां और सेक्स-सक्रिय औरतों में मूत्राषय प्रदाह रोग अधिक पाया जाता है.

मूत्र रोग के उपचार

आयुर्वेदिक उपचार

1. पहला प्रयोग
यदि आप केले की जड़ के 20 से 50 मि.ली. रस को 30 से 50 मि.ली. गौझरण के साथ 100 मि.ली.पानी मिलाकर सेवन करने से तथा जड़ पीसकर उसका पेडू पर लेप करने से पेशाब खुलकर आता है.
2. दूसरा प्रयोग
आधा से 2 ग्राम शुद्ध को शिलाजीत, कपूर और 1 से 5 ग्राम मिश्री के साथ मिलाकर लेने से या पाव तोला (3 ग्राम) कलमी शोरा उतनी ही मिश्री के साथ लेने से भी लाभ होता है.
3. तीसरा प्रयोग
मूत्र रोग को दूर करने के लिए एक भाग चावल को चौदह भाग पानी में पकाकर उन चावलों के मांड का सेवन करें क्योंकि इससे मूत्ररोग में लाभ होता है. इसके अलावा कमर तक गर्म पानी में बैठने से भी मूत्र की रूकावट दूर होती है.
4. चौथा प्रयोग
आप चाहें तो उबाले हुए दूध में मिश्री तथा थोड़ा घी डालकर पीने से जलन के साथ आती पेशाब की रूकावट दूर होती है. इसमें ध्यान रखने वाली बात ये है कि इसे बुखार में इस्तेमाल न करें.
5. पाँचवाँ प्रयोग
इस तरीके में 50-60 ग्राम करेले के पत्तों के रस को चुटकी भर हींग मिलाकर देने से पेशाब आसानी से होता है और पेशाब की रूकावट की तकलीफ दूर होती है अथवा 100 ग्राम बकरी का कच्चा दूध 1 लीटर पानी और शक्कर मिलाकर पियें.

अन्य घरेलू उपचार
1. खीरा ककड़ी

यदि रोगी को 200 मिली ककड़ी के रस में एक बडा चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर हर तीन घंटे के अंतर पर दिया जाए तो रोगी को बहुत आराम मिलता है.
2. मूली के पत्तों का रस
मूत्र विकार में रोगी को मूली के पत्तों का 100 मिली रस दिन में 3 बार सेवन कराएं. यह एक रामबाण औषधि की तरह काम करता है. इसके अलावा आप तरल पदार्थों का सेवन भी कर सकते हैं.
3. नींबू
नींबू स्वाद में थोड़ा खट्टा तथा थोड़ा क्षारीय होता है. नींबू का रस मूत्राषय में उपस्थित जीवाणुओं को नष्ट कर देता है तथा मूत्र में रक्त आने की स्थिति में भी लाभ पहुँचाता है.
4. पालक
पालक का रस 125 मिली, इसमें नारियल का पानी मिलाकर रोगी को पिलाने से पेशाब की जलन में तुरंत फ़ायदा प्राप्त होगा.
5. गाजर
मूत्र की जलन में राहत प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार आधा गिलास गाजर के रस में आधा गिलास पानी मिलाकर पीने से फ़ायदा प्राप्त होता है.
6. मट्ठा
आधा गिलास मट्ठा में आधा गिलास जौ का मांड मिलाकर इसमें नींबू का रस 5 मिलि मिलाकर पी जाएं. इससे मूत्र-पथ के रोग नष्ट हो जाते है.
7. भिंडी
ताज़ी भिंडी को बारीक़ काटकर दो गुने जल में उबाल लें फिर इसे छानकर यह काढ़ा दिन में दो बार पीने से मूत्राषय प्रदाह की वजह से होने वाले पेट दर्द में राहत मिलती है.
8. सौंफ
सौंफ के पानी को उबाल कर ठंडा होने के बाद दिन में 3 बार इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से मूत्र रोग में राहत मिलती है.
 

Diet For Kidney Disease

BHMS
Homeopath, Bahadurgarh

The purpose of this diet is to maintain a balance of electrolytes, minerals, and fluid in patients who have chronic kidney disease or who are on dialysis. *patients who are on dialysis need this special diet to limit the buildup of waste products in their body*. These waste products can also build up between dialysis treatments.

Most dialysis patients urinate very little or not at all. Limiting fluids between treatments is very important. Without urination, fluid will build up in the body and lead to excess fluid in the heart, lungs, and ankles. & it is too dangerous for our health.

When you have chronic kidney disease, you need to make changes in your diet, including:

  •  Limiting fluids
  •  Eating a low-protein diet
  •  Restricting salt, potassium, phosphorous
  •  Getting enough calories if you are losing weight

Your recommended diet may change over time if your kidney disease gets worse, or if you need dialysis.

Other Diet Tips:

1. Salt is a major cause. So restrict your daily intake. The lesser, the better! low-salt substitutes are no good either, since they contain high levels of potassium.

2. Potassium levels can be high in severe renal failure or for those on dialysis. Very high levels are dangerous and can cause cardiac arrest.

3. Excess phosphorus can cause total kidney failure as well as bone disease and heart ailments. If phosphorus may still build up in your body. When your kidneys aren't functioning well enough, you may need dialysis to eliminate the extra phosphorus. But dialysis alone can't do the job.

4. Calcium is another concern for kidney patients, causing serious bone disease in later years if not controlled.

5. Fluid intake must also be monitored. If fluid retention is a problem, limit salt intake.

Healthy food-

  • Cabbage. High in vitamin k, vitamin c and fiber, cabbage is also a good source of vitamin b6 and folic acid. Low in potassium and low in cost, it’s an affordable addition to the kidney diet.
  • Cauliflower. Cauliflower is high in vitamin c and a good source of folate and fiber.
  • Garlic. Garlic helps prevent plaque from forming on your teeth, lowers cholesterol and reduces inflammation. 
  • Onions. Onions are low in potassium and a good source of chromium, a mineral that helps with carbohydrate, fat and protein metabolism.
  • Apple. High in fiber and anti-inflammatory compounds really helps a lot in.
  • Blueberries. Blueberries are a good source of vitamin c; manganese, a compound that keeps your bones healthy; and fiber, and may also help protect the brain from some of the effects of aging.
  • Cherries*. Cherries have been shown to reduce inflammation when eaten daily.
  • Egg whites. Egg whites are pure protein and provide the highest quality of protein with all the essential amino acids. For the kidney diet, egg whites provide protein with less phosphorus than other protein sources such as egg yolk or meats.
  • Fish. Fish provides high-quality protein and contains anti-inflammatory fats called omega-3s. The healthy fats in fish help fight diseases such as heart disease and cancer. Omega-3s also help lower low-density lipoprotein or ldl cholesterol, which is bad cholesterol, and raise high-density lipoprotein or hdl cholesterol, which is good cholesterol.

Chronic Sinusitis

MD - Bio-Chemistry, MF Homeo (London), DHMS (Diploma in Homeopathic Medicine and Surgery), BHMS
Homeopath, Kolkata
Chronic Sinusitis

Aetiology
This follows an acute sinus infection which fails to resolve the cause of failure is usually some anatomical or pathological narrowing of the middle meatus which prevents adequate drainage common causes of such narrowing are septal deviations, enlargement of the middle turbinate, chronic generalized oedema of the nasal mucosa due to allergic or vasomotor rhinitis mucous polypi. Chronic frontal sinusitis is usually secondary to antral or ethmoidal infection & a dental abscess can cause a particularly severe foul infection of the maxillary antrum.

Symptoms/ sign and complications:-

  • Local symptoms are often slight so that the disease can easily be overlooked. There is intermittent nasal obstruction discharge with a feeling of dullness or heaviness in the face and head. These symptoms are made worse by a coryza the patient often suffers from nasal catarrh for a long time after each cold. Recurrent or chronic tonsillitis, pharyngitis, or laryngitis is often the complaint which makes the patient seek medical advice sinus infection shoud always be looked for in such cases. Chonic sinusitis is often present in bronchiectasis chronic bronchitis. There is no tenderness over the sins as in acute infection and nasal examination often show no obvious infection but will reveal the narrowing of the middle meatus, ct are particularly useful in revealing the condition & the state of the lining membrne. Spread to the orbit or anterior cranial fossa may occur as in acute infections.
  •  Homeopathic treatment medicine apply one symptoms sigs base only.

Dear sir madam my self ram frok krishnagiri, some problem in my neck, because last 6 month before one small accident, that time ti still today very so much of pain in my neck, what can I dp sir, kindly pls help me,than king.

Master of Physiotherapy, Bachelor in Physiotherapy
Physiotherapist, Guwahati
Dear sir madam my self ram frok krishnagiri, some problem in my neck, because last 6 month before one small accident,...
Hi lybrate-user if it's still paining from 6 months need to evaluate yourself properly. Neck if it's strained can take one x-ray cervical spine AP and lateral view. Along with that need to see which muscle is strained. Need to treat that muscle. 1. Maintain a good posture esp neck. 2. Take hot water bag to get relief from pain. 3. Specefic exercises eg. Isometric exs if it's required. For more accurate diagnosis get a online text, video or audio consultation done. Regards.
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What is the normal size of ovary. I am pcod patient and my ovary size is right ovary 4.2 cm x 2.9 cm x 1.3 volume 8.74 ml, left ovary 3.7 cm x 3.6 cm x 1.7 cm volume 12. 45 ml. Is it too serious. Follicles size and number is Multiple Peripherally arranged small follicles. 2-4 mm in size in both ovary.

MBBS, Diploma In Ultrasound, Fellowship in Reproductive Medicine
IVF Specialist, Bangalore
What is the normal size of ovary. I am pcod patient and my ovary size is right ovary 4.2 cm x 2.9 cm x 1.3 volume 8.7...
Its not too serious right now. But if you put on weight or already over weight, and have irregular cycles, hirsuitism you need to take medications as well apart from life style modification.
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