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chiranjeevi clinic is known for housing experienced Gynaecologists. Dr. Nivedita Chandrasekhar, a well-reputed Gynaecologist, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for Gynaecologists recommended by 88 patients.

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MON-SAT
05:00 PM - 08:30 PM 10:30 AM - 01:00 PM

Location

#487/A, Kaveri Complex, Sbm Colony, 80 Ft Road, Bsk, 1St Stage
Bangalore, Karnataka - 560050
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Doctor in chiranjeevi clinic

Dr. Nivedita Chandrasekhar

MBBS, DGO
Gynaecologist
29 Years experience
150 at clinic
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अंडा खाने के फायदे - Anda Khane Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
अंडा खाने के फायदे - Anda Khane Ke Fayde!

अंडा स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व आपके शरीर को कई तरह से फायदे होते हैं. अंडे सम्पूर्ण प्रोटीन की मौजूदगी वाले कुछ खाद्य पदार्थों में से एक है. अंडा में शरीर के लिए आवश्यक सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड उचित अनुपात में मौजूद रहता है. अंडे, विटामिन ए, विटामिन बी 12, विटामिन डी, विटामिन ई और फोलेट, सेलेनियम, कोलिन और कई अन्य खनिजों से भी भरपूर हैं.
इस लेख के माध्यम से हम अंडा खाने के फ़ायदों पर एक नजर डालेंगे.

1. मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने में-
ओमेगा -3 फैटी एसिड, विटामिन बी 12 और डी, और कोलिन से भरपूर होने की वजह से, अंडा मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए एक उत्कृष्ट आहार है. यह आपकी मेमोरी और संज्ञानात्मक शक्ति को भी सुधारता है. मस्तिष्क की उपयुक्त कार्यशीलता के लिए विटामिन बी 12 आवश्यक होता है. इस पोषक तत्व की कमी से मस्तिष्क में संकुचन हो सकता है, जो अल्जाइमर रोग और मनोभ्रंश का एक प्रमुख कारक है. ओमेगा -3 फैटी एसिड भी, मस्तिष्क की मात्रा में वृद्धि करने में मदद करते हैं. विटामिन डी भी मस्तिष्क के कार्य में सुधार लाता है.

2.वजन को संतुलित रखने में-
अंडे ऊर्जा प्रदान करने के अतिरिक्त, आपके पेट को भरा हुआ महसूस कराते हैं जिससे आप अत्यधिक भोजन खाने से बच जाते हैं. यह आपके रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि नहीं करते हैं और अंडे में मौजूद प्रोटीन आपको निरंतर ऊर्जा प्रदान करता है. अंडे में विशिष्ट प्रोटीन हैं जो कि अन्य प्रकार के प्रोटीन की तुलना में भूख को दबाने में बेहतर मदद करते हैं. इस प्रकार, अंडे आपको पूरे दिन कैलोरी का सेवन सीमित करने में मदद कर सकते हैं.

3. मूड सही करने में लाभदायक-
अंडे, विटामिन बी 12 में समृद्ध होने के कारण, आपके मूड को सुधारने और खासतौर पर तनाव को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. इनमें विटामिन बी 6 और फोलेट जैसे अन्य विटामिन बी भी शामिल हैं जो मानसिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देते हैं. इसके अलावा, अंडे का पीला भाग, लेसितिण का एक अच्छा स्रोत है, जो मूड स्टेबलाइज़र के रूप में काम करता है.

4. मांसपेशियों के निर्माण हेतु-
अंडे मांसपेशियों के निर्माण के लिए एक उत्कृष्ट भोजन माने जाते हैं. अंडे प्रोटीन में बहुत उच्च होते हैं. अंडे के सफेद भाग में एल्ब्यूमिन नामक एक प्रोटीन पाया जाता है जो आपके शरीर में अधिक प्रोटीन अवशोषण को प्रोत्साहित करता है और मांसपेशियों की वृद्धि को सुविधाजनक बनाता है. बेहतर मांसपेशियों के निर्माण के लिए कच्चे या हल्के पके हुए अंडे खाने के सेवन को वर्जित करने का सुझाव दिया जाता है क्योंकि इसमें साल्मोनेला बैक्टीरिया के उपस्थिति के कारण, यह भोजन को विषैला बना सकता है.

5. कैंसर का जोखिम घटाए-
अंडे में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कैंसर के विकास को रोकने और हृदय रोग के जोखिम को कम करते हैं. विशेष रूप से, अंडे के पीले भाग में दो अमीनो एसिड-ट्रिप्टोफैन और टाइरोसिन होते हैं, जो कि एंटीऑक्सीडेंट गुण से भरपूर होते हैं. हालांकि, अंडे को उबालने या फ्राई करने से इसके इस गुण का प्रभाव कम हो जाता है. अंडे में निहित कॉलिन सामान्य कोशिका के कार्यशीलता के लिए आवश्यक होता है, जो कोशिकाओं की गतिविधियों को प्रोत्साहित कर उन्हें कैंसर का शिकार बनने से बचाता है.

6. बालों के लिए उपयोगी-
बाल और नाखून प्रोटीन से बने होते हैं इसलिए अंडे में उच्च प्रोटीन सामग्री उन्हें स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है. अपने बाल तेजी से बढ़ाने के लिए, आप अंडे से बना हुआ हेयर-मास्क भी लगा सकते हैं. उदाहरण के लिए, आप एक कच्चे अंडे में जैतून के तेल का एक स्पून मिलाकर अपने बाल पर लगा सकते हैं और इसे एक स्नान टोपी के साथ कवर कर सकते हैं. 30 मिनट के बाद, नरम, रेशमी और स्वस्थ बालों के लिए बाल मास्क को शैम्पू की मदद से धो लें.

7. मुंहासे दूर करने के लिए-
आपकी त्वचा से अतिरिक्त तेल को अवशोषित करने, त्वचा को कसने, छिद्रों को हटाने, मुँहासे और मुँहासे के निशान को फीका करने के लिए और ब्लेमिशेस भरने के लिए अंडे के सफेद भाग का इस्तेमाल किया जा सकता है. आप एक अंडा का सफेद भाग अपने चेहरे पर लगा सकते हैं और टिशू पेपर के टुकड़ों से उसे कवर कर सकते हैं. इसे लगभग 10 से 20 मिनट तक लगाकर छोड़ दें. फिर टिशू पेपर निकालें और शेष पदार्थ को गुनगुने पानी से धो लें.

8. आँखों की सुरक्षा-
अंडा आँखों के स्वास्थ्य के लिए भी जाना जाता है. इसमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैथिन पाए जाते हैं जो आँखों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है. इसके अलावा, यह मोतियाबिंद के खतरे को भी कम करता है.

9. गर्भावस्था में लाभकारी-
गर्भवती महिलाओं के लिए अंडा एक स्वस्थ्य आहार माना जाता है. यह गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण प्रदान करता है और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है. यह बच्चे के मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है और किसी प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करता है. अंडे में पाए जाने वाला कोलिन भ्रूण के मस्तिष्क विकास में गुणकारी होता है. हालांकि, कच्चे और अधपके अंडे के सेवन से परहेज करना चाहिए.

10. हड्डियों को बनाए मजबूत-
अंडा में उच्च मात्रा में फास्फोरस, विटामिन डी और कैल्शियम शामिल होते हैं, ये आपके हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में मदद करते हैं. अंडा हड्डियों की वृद्धि को तो प्रोत्साहित करता ही है परन्तु साथ ही में हड्डियों को बुढापे के जड़कन में आने से भी बचाता है. फास्फोरस भी मजबूत हड्डियों को बढ़ावा देने के लिए कैल्शियम के साथ काम करता है और उचित अस्थि घनत्व के लिए आवश्यक है.
 

अखरोट खाने का तरीका - Akhrot Khaane Ke Tarika!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
अखरोट खाने का तरीका - Akhrot Khaane Ke Tarika!

अखरोट की अद्भुत पौष्टिकता से हम सभी वाकिफ हैं. इसकी खाल ऊपर से जीतनी मजबूत और सख्त होती है उतनी ही सख्ती से ये हमारे स्वास्थ्य का भी ध्यान रखता है. ऊपर से भले ही ये सख्त है लेकिन अंदर से बेहद नर्म और स्वादिष्ट होता है. अखरोट हमें अनेक गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ ही और भी कई लाभ देता है. कई एसे खाद्य पदार्थ हैं जो स्वाद में कड़वे और स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं. लेकिन अखरोट स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के दृष्टिकोण से फायदेमंद है. हम इसे जितना आनंद लेकर खा सकते हैं उतना ही स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. आइए अखरोट के फायदे और नुकसान को विस्तारपूर्वक समझते हैं. अगर आप ताक़त बढाने के लिए अखरोट का ऐसे ही सेवन कर लेते हैं और आपको कोई ज्यादा फायदा भी नहीं हो रहा हैं तो आज हम आपको बता रहें हैं के कैसे करे अखरोट का सही प्रकार से सेवन जिस से मर्दाना ताक़त और वीर्यवृद्धि होकर शरीर कांतिमय हो जाए.
आइए इस लेख में हम अखरोट खाने के तरीके और इससे होने वाले फ़ायदों को जानें.

अखरोट खाने का सही तरीका-

1. 15 ग्राम अखरोट एक गिलास दूध में डालकर उबालना शुरू कीजिये. उबलने के बाद पीसी हुयी मिश्री मिला लीजिये. ध्यान रहे के चीनी जो आजकल बाज़ार में आती है वो नहीं डालनी, मिश्री को पीस लीजिये, वो डालनी है. अभी इसमें 2-4 केसर की पत्तियां डाल लीजिये. इसको अच्छे से उबलने दीजिये. अभी इस मिश्रण को सुहाता सुहाता गर्म गर्म पियें.

2. अत्यंत मर्दानाशक्तिवर्धक
अभी जानिये अखरोट का एक ऐसा प्रयोग जिस से जवान तो जवान बूढ़े भी जवानी का अनुभव करेंगे. 8 अखरोट की गिरियाँ, 4 बादाम की गिरियाँ, 10 मुनक्का (बीज निकाल कर) ये तीनो एक साथ खा कर ऊपर से गर्म गर्म दूध मिश्री मिला हुआ पीजिये. ये जवानों और बूढों में भी अत्यंत शक्ति भर देगा.
त्वचा के लिए
अखरोट के नियमित सेवन से हमारी त्वचा जवान और चमकादार बनती है. यही नहीं इससे त्वचा मुलायम होने के साथ ही दाग, धब्बे और झुर्रियों को भी हटाता है. इससे त्वचा में निखार आती है और त्वचा दमक उठती है.

3. गर्भावस्था में
गर्भावस्था के दौरान यदि महिलाएं अखरोट का सेवन करें तो इसके फायदे उन्हें गर्भाशय की मजबूती के रूप में दिखेंगे. इसके अलावा ये उनके बच्चे को पोषित कर उन्हें तंदुरुस्त बनाने के साथ ही यह बच्चे के दिमागी विकास के लिए भी अत्यंत फायदेमंद है.
बालों के लिए
बालों की मज़बूती और उन्हें झड़ने से बचाने के लिए अखरोट काफी फायदेमंद साबित होता है. इसके सेवन से बालों के लम्बाई बढ़ने के साथ-साथ उन्हें उचित पोषण भी मिलता है. इसलिए अच्छे और मजबूत बालों के लिए आप अखरोट खाएं.

4. वज़न कम करने में-
ये एक आम धारणा है कि अखरोट में बहुत फैट होता होगा इसलिए इसके सेवन से वजन बढ़ सकता है लेकिन ये सही नहीं है. बल्कि अखरोट वजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें प्रोटीन, फैट्स व कैलोरीज़ की संतुलित मात्रा पाई जाती है.

5. हड्डियों के लिए
अखरोट का सेवन हड्डियों को स्वस्थ और मज़बूत रखने का एक बेहतरीन तरीका है. अखरोट खाने से हड्डियाँ खनिजों का अवशोषण अच्छे से कर पाती है और मूत्र के माध्यम से कैल्शियम की बर्बादी भी कम होती है. यह हड्डियों में सूजन व प्रज्वलन को भी कम करता है और हड्डियों से संबंधित बीमारियों को काफी हद तक कम करने का काम करता है.

6. हृदय रोग में
हमारे हृदय को तंदुरुस्त और निरोग रखने में भी अखरोट की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसके सेवन से हृदय के कृत्य का संचालन और नियमन होने के साथ उसमें सुधार भी आता है. अखरोट स्वस्थ रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने और दिल से संबंधित रोगों को दूर रखने में भी मददगार है. शुगर के उपचार में भी अखरोट की महत्वपूर्ण भूमिका है.

7. शुक्राणुओं की गुणवत्ता बढ़ाने में
अखरोट के नियमित सेवन से शुक्राणु की गुणवत्ता, गतिशीलता व आयतन में वृद्धि होती है. इसके अलावा अखरोट पुरुषों के प्रजनन स्वास्थ्य में भी काफी सुधार लाने का काम करता है. यानि आप खुद को तंदुरुस्त बनाने के लिए भी इसे खा सकते हैं.

8. दिमाग तेज करने
मस्तिष्क की तीव्रता और इसके कार्यों में बेहतरी के लिए भी अखरोट का सेवन बेहतर विकल्प है. इसके अलावा अखरोट मस्तिष्क के स्मरणशक्ति एवं एकाग्रता को बेहतर बनाता है. वृद्धावस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका देखि जाती है.

9. अनिद्रा में
यदि आप अनिद्रा जैसी समस्याओं से दो चार हो रहे हैं तो भी आपके लिए अखरोट का सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है. दरअसल इसके सेवन से अनिद्रा के लिए जिम्मेदार मेलेटोनिन नामक हॉरमोन नियमित रूप से काम करता है.

10. कैंसर के उपचार में
कैंसर जैसी गंभीर बिमारी को भी आपसे दूर करने में अखरोट की शक्ति काम आती है. इसके नियमित सेवन से आप ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर दरअसल अखरोट में कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को नियंत्रित करने की अद्भुत क्षमता है.

प्रेगनेंसी कितने दिन में पता चलता है - Pregnancy Kitne Din Mein Pata Chalta Hai?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
प्रेगनेंसी कितने दिन में पता चलता है - Pregnancy Kitne Din Mein Pata Chalta Hai?

अक्सर लोग प्रेगनेंसी की जांच ये पता लगाने के लिए करते हैं कि कितने दिनों में प्रेगनेंसी का पता चलेगा. हालांकि कई बार दूसरे कारणों के होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि प्रेगनेंसी को आसानी से जांचा जा सकता है. इसे जांचने के कई उपाय उपलब्ध हैं. यहाँ तक की बाजार में कई तरह के प्रेगनेंसी कीट भी उपलब्ध हैं जो कि आसानी से आपको इसकी जानकारी दे सकते हैं.

आइए इस लेख के माध्यम से हम ये जानें कि प्रेगनेंसी का पता कितने दिनों में और किन किन तरीकों से लगा सकते हैं.
1. पेशाब से करें पता -
ये भी एक बेहद आसन तरीका है. इसमें आपको एक छोटी सी कटोरी या डिबिया लेनी है. इसक कटोरी या डिबिया में आपको अपना मूत्र भरकर 3-4 घंटों के लिए छोड़ देना है. ध्यान रहे डिबिया को हिलाना-डुलाना बिलकुल नहीं है. इसके बाद यदि पेशाब की सतह पर सफ़ेद रंग की एक पतली सतह बनती है तो समझिए कि आप गर्भ से हैं. लेकिन यदि पेशाब की सतह पर कोई परत नहीं है तो सझिए कि आप प्रेगनेंट नहीं हैं.

2. गेहूं और जौ-
यह एक परम्परागत तरीका है. इसमें प्रेगनेंसी जांचने के लिए आपको जौ और गेहूं का इस्तेमाल करना पड़ता है. कहा जाता है कि मुट्ठी भर जौ और गेहूं के दाने लेकर उनपर पेशाब करना होता है. उनपर पेशाब करने से यदि वो अंकुरित हो जाते हैं तो समझिए कि आप गर्भवती हैं. लेकिन यदि दोनों में से कोई भी अंकुरित नहीं होता है तो समझिए कि आप प्रेग्नेंट नहीं हैं.

3. सफ़ेद सिरका-
सफ़ेद सिरके की सहायता से भी आप अपनी प्रेगनेंसी की जांच कर सकती हैं. जाहिर है ये भी एक आसान तरीका है. इसमें आपको एक कटोरी में आधा कप सफेद सिरका लेना है और इसमें आधा कप सुबह का सफ़ेद मूत्र डालना है. इसके बाद इसका निरिक्षण करना है. इसमें देखना ये है कि इसका रंग बदलता है या नहीं. यदि रंग बदल जाता है तो आप प्रेग्नेंट हैं लेकिन यदि नहीं बदलता है तो इसका मतलब है कि आप गर्भ से नहीं हैं.

4. सरसों से जांचें, प्रेग्नेंट हैं कि नहीं-
आसानी से सबके घरों में उपलब्ध सरसों को पीरियड्स शुरू करने का एक कारगर नुस्खा माना जाता है. इसके लिए आपको करना बस इतना है कि एक टब में दो कप सरसों के बीज का पाउडर मिला लीजिए. फिर इस टब में कुछ देर तक अपना गर्दन डूबा कर रखिए. ध्यान रहे कि बर्दाश्त करने भर ही. इसके बाद गर्म पानी से स्नान कर लीजिए. ऐसा करने के एक या दो दिन में पीरियड्स फिर से शुरू हो जाए तो समझिए कि आप प्रेग्नेंट नहीं हैं और यदि दो हफ्ते तक भी पीरियड्स शुरू नहीं हुए तो समझिए कि आप गर्भ से हैं.

5.चीनी से भी कर सकते हैं जांच-
जाहिर है कि चीनी भी बहुत आसानी से सबके घरों में उपलब्ध है. चीनी की सहायता से प्रेगनेंसी जांचने के लिए सुबह का पहला मूत्र तीन चम्मच लें और फिर इसे कटोरी में रखी एक चम्मच चीनी पर डालें. फिर कुछ देर तक इसका निरीक्षण करें. यदि चीनी कुछ समय बाद घुल जाती है तो आप प्रेग्नेंट नहीं हैं लेकिन जब नहीं घुले तो समझ जाइए कि आप गर्भवती हैं. इसके पीछे का लॉजिक ये है कि प्रेग्नेंट होने पर जो हार्मोन निकलता है वो वो चीनी को घुलने से रोकता है.

6. टूथपेस्ट भी आता है काम-
रोजाना इस्तेमाल होने वाला टूथपेस्ट भी आपके गर्भ की जांच कर सकता है. लेकिन इसमें एक बात का जरुर ध्यान रखना है कि टूथपेस्ट का रंग सफेद हो. यानी कि कोलगेट या पेप्सोडेंट जैसा. क्लोजप या मैक्स फ्रेश जेल नहीं चलेगा. आपको इस टूथपेस्ट को एक डिब्बी में डालना है और उसमें थोड़ी सी अपने पेशाब डालें. इसके कुछ घंटे बाद इसे देखें कि इसका रंग बदलता है या इसमें झाग बनता है या नहीं? यदि इसका जवाब हाँ में है तो आप गर्भवती हैं और यदि नहीं में है तो आप गर्भवती नहीं हैं.

7. ब्लीच से जांच-
ब्लीचिंग पाउडर के प्रयोग से भी प्रेगनेंसी को जांचा जा सकता है. इसके लिए आपको सुबह का अपना पहला मूत्र एक कटोरी में लेना है. इसके बाद इसमें थोड़ा सा ब्लीचिंग पाउडर मिलाना है. फिर इसका निरिक्षण कीजिए. यदि इसमें से बुलबुले उठते हैं या झाग बनती है तो समझिए कि आप प्रेग्नेंट हैं लेकिन यदि ऐसा कुछ नहीं होता है तो आप प्रेग्नेंट नहीं हैं.

8. गुप्तांग का रंग देखकर-
प्रेगनेंसी को जांचने का एक और भी आसान तरीका है. इसके अनुसार आपको अपने गुप्तांग का रंग देखना है. यदि आपके गुप्तांग का रंग गहरा नीला या बैंगनी लाल है तो इसका मतलब ये हुआ कि आप गर्भवती हैं. इसका कारण ये है कि गर्भ के दौरान खून का दौरा तेज हो जाता है. लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है.

9. प्रेगनेंसी किट-
हलांकि सबसे बेहतर उपाय यही है कि आप बाजार से प्रेगनेंसी किट ले आएं और उसकी सहायता से ही जांच करें. इसकी कीमत भी कोई बहुत ज्यादा नहीं होती है. इसका परिणाम सबसे ज्यादा विश्वसनीय है.

Potli Massage Benefits!

Diploma In Traditional Siddha, B.H.M.S
Sexologist, Bilaspur
Potli Massage Benefits!

What is potli massage therapy?
One of the most popular massage therapies practiced in India, potlis have been used in South East Asia, especially in Thailand, as a natural remedy for centuries. Potli massage therapy is done using heated herbal pouches also known as potlis (or poultice) that are used to rejuvenate, relax and nourish the affected area. When these potlis are placed on the body, they have a therapeutic effect. Well, aren’t we all looking for that massage that heals our pain as well as leaves us feeling refreshed?

What do they contain? 
Ayurveda is known to be one of the oldest medicinal traditions in India and potli massage therapy finds its roots in this science. Potlis contain a selection of Ayurvedic herbs, both, fresh and dried, that are carefully chosen based on your Ayurvedic constitution and the issue that you’re being treated for. They are then packed into a muslin cloth and dipped in warm medicated oil (for a wet massage) or sand or some herbal powder (for a dry massage) and then massaged onto specific pressure points that help in healing the body. They also help stimulate blood circulation which promotes faster recovery and healthy skin as well.

How does it work? 
Potli massages work on an age-old philosophy which is based on the confluence of the elements of fire and water combined with specific herbs. When the heated potli is massaged on the body, it opens the pores and relaxes the muscles, allowing the carefully selected herbs to work on the body and mind, the latter being the reason why it is thought of as being very relaxing.

What is it used for? 
The potli massage is often recommended for illnesses such as rheumatoid arthritis, spondylitis, frozen shoulders, osteoarthritis and so on. The content of the potli is specific to the illness and the person’s body and is hence it is best that one visits an ayurvedic practitioner or therapist to decide on which one suits your requirement. The treatment helps to relieve pain and inflammation, improve blood circulation and flexibility.

What are the kind of herbs used? 
1. Ashwagandha is used to relax tensed muscles and help reduce stress.

2. Mustard and neem are used to give the skin and body a much needed detox.

3. Turmeric and ginger are used to revitalise and purify the body.

4. Rosemary and rice improve blood circulation and ease tension in the muscles.

5. Aloe vera and onion are used to reduce inflammation.

All of the above herbs can be used singularly or as a combination with other wet or dry herbs as deemed fit by your expert.

Infertility - Know More About It!

Diploma In Traditional Siddha, B.H.M.S
Sexologist, Bilaspur
Infertility - Know More About It!

Infertility is generally defined as one year of unprotected intercourse without conception. Sub fertility to describe women or couples who are not sterile but exhibit decreased reproductive efficiency.

According to the WHO report about 2-10% of couples worldwide are unable to conceive primarily and about 60-80% couples in the world are infertile. It is estimated that 10% of normally fertile couples fail to conceive within their first year of attempt. Further 10-25% couples experience secondary infertility. Among these couples, causative factors are found about 30-40% in females and 10-30% in males. Genetic factors, changed lifestyle, increased stress and environmental pollution are identified as factors contributing to the rise of infertility.

Management of infertility involves specific identifiable cause and its correction along with counseling to both the partners.

Can We Drink Green Tea During A Water Fast?

M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Gurgaon
Can We Drink Green Tea During A Water Fast?

First of all we should know what is water fasting and why people do this?

So Water fasting is a type of fasting in which the practitioner consumes only water. One may water fast for a variety of reasons, including medical and religious requirements. 

So, a fast can result in weight loss as the body uses up fats in the body for its energy.

But it should not be forgotten that the best way to lose weight is to take it slowly, combining a healthy diet with exercise.

Now the question comes can we take green tea during water fasting?

So the answer is definitely yes, if you take the green tea plain i.e. without adding anything like sugar. Because the aim of water fasting is to stay only on liquid without any calorie. And green tea contains almost zero calorie. So here it simplifies the question that yes you can definitely take green tea during water fasting.

High Risk Pregnancy

MBBS, Diploma in Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
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The complications and dangers associated with pregnancy often increase manifold in the case of a high-risk pregnancy. Extra medical attention is required for those mothers who are going through a high-risk pregnancy.

267 people found this helpful

Lifestyle Disorders

PGP In Diabetologist, Fellowship in Non-Invasive Cardiology, MD - Medicine, MBBS
Endocrinologist, Delhi
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Individuals from all age groups have been affected by obesity and diabetes. Anxiety and depression are also on the rise. Other lifestyle disorders like Alzheimer's disease, Stroke, Arteriosclerosis, Hypertension, Hypothyroidism, Cancer (mostly skin and lung), Cardiac problems, Renal failure, Chronic Liver problems, cannot be neglected either.

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Asthma And Pregnancy

DNB (General Medicine), Diploma In Tuberculosis & Chest Diseases (DTCD), MBBS
Internal Medicine Specialist, Gurgaon
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Asthma, the long-term inflammatory disease, affects the airways of the lungs. A number of symptoms, including obstruction of air flow into the lungs which can cause breathlessness, coughing, wheezing, allergic reactions and swelling of the tubes, points to it.

296 people found this helpful

Hi, I have small red pimples in my testis please sugest me solution on perfect lots of itching so give me suggestion.

BHMS
Homeopath, Hyderabad
Washing the infected skin with diluted apple cider vinegar is a good way to stop itchy penis. Apple cider vinegar has strong antifungal and antibacterial properties that helps. Mix two tablespoons of apple cider vinegar in two cups of warm water. Wash the infected area with this solution and allow it to dry on its own.
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