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B G S Clinic

Dietitian/Nutritionist Clinic

No 251, Dioganolly Opposite To Humanth Nagar Coprative Bank, 3rd Main Road,1st Cross, Hanumantha Nagar Bangalore
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B G S Clinic Dietitian/Nutritionist Clinic No 251, Dioganolly Opposite To Humanth Nagar Coprative Bank, 3rd Main Road,1st Cross, Hanumantha Nagar Bangalore
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Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Dietitian/Nutritionist . By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provid......more
Our medical care facility offers treatments from the best doctors in the field of Dietitian/Nutritionist . By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have placed in us.
More about B G S Clinic
B G S Clinic is known for housing experienced Dietitian/Nutritionists. Dt. Swarna Murthy, a well-reputed Dietitian/Nutritionist, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for Dietitian/Nutritionists recommended by 62 patients.

Timings

MON-SAT
10:00 AM - 01:30 PM 05:00 PM - 09:00 PM

Location

No 251, Dioganolly Opposite To Humanth Nagar Coprative Bank, 3rd Main Road,1st Cross, Hanumantha Nagar
Bangalore, Karnataka - 560019
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Doctor in B G S Clinic

Dt. Swarna Murthy

M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist
40 Years experience
Available today
10:00 AM - 01:30 PM
05:00 PM - 09:00 PM
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Lifestyle Changes For Living Better With Diabetes And Thyroid

Post Graduate In Food Science & Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Faridabad
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There are few simple tips wherein you can change your lifestyle for living better with thyroid and diabetes. While medications do help in a long way in keeping the person up and running , there are some ways you can do so by following some basic routine activities.

Choose Dates Over Chocolates

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
Choose Dates Over Chocolates

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Vitamin A Benefits, Sources, Side Effects In Hindi - विटामिन ए के स्रोत, फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Vitamin A Benefits, Sources, Side Effects In Hindi - विटामिन ए के स्रोत, फायदे और नुकसान

विटामिन ए मानव शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है. विटामिन ए का उपयोग आँखों की रोशनी, माँसपेशियों की मजबूती, हड्डियों की वृद्धि और रक्त में कैल्शियम का स्तर सही बनाए रखने में बहुत लाभदायक होता है. विटामिन ए वसा में घुलनशील विटामिन है. विटामिन ए आमतौर पर रेटिनॉयड और कैरोटिनॉयड दो रूपों में पाया जाता है. हमारे शरीर के लिये विटामिन ए अत्यधिक महत्तवपूर्ण है जो फलों और सब्जियों में मुख्य रूप से पाया जाने वाला विटामिन होता है. फलों और सब्जियों में कैरोटिनॉयड की मात्रा भरपूर होने के कारण सब्जियों का रंग गहरा और चमकीला होता है. विटामिन हमारे शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं. विटामिन ए अनेक फलों तथा सब्जियों में अधिक मात्रा में पाया जाता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है.

विटामिन ए के स्रोत
विटामिन ए के अच्छे स्रोत हैं गाजर, चुकंदर, शलजम, शकरकंद, मटर, टमाटर, ब्रोकली, कद्दू, साबुत अनाज, हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां, धनिया, गिरीदार फल, पीले या नारंगी रंग के फल, आम, तरबूत, पपीता, चीकू, पनीर, सरसों, राजमा, बींस, अंडा आदि इन सभी में उचित मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है.

विटामिन ए के फायदे
स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन बहुत जरूरी होता है. विटामिन ए के उपयोग से हमारी आँखों की रौशनी तेज होती है और आँखों की मांसपेशिया भी मजबूत बनती हैं. यह आंखों के रेटिना में रंग उत्पन्न करता है. विटामिन ए एक एंटी-ऑक्सीडेंट है. एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभावों से बचाने का काम करता है. विटामिन ए हृदय रोगों, अस्थमा, डायबिटीज और कई अन्य रोगों में भी लाभदायक है. विटामिन ए इम्यून तंत्र को मजबूत बनाने में बहुत ही अच्छा होता है जिससे हमारी कोशिकाएं सक्रिय होने से बची रहती है. इसलिए हमें रोजाना विटामिन ए युक्त आहार का सेवन करना चाहिए. विटामिन ए युक्त आहार के सेवन से हमारा शरीर और त्वचा स्वस्थ और जवान बनी रहती है.

विटामिन ए लेने से नुकसान
अत्याधिक विटामिन ए की मात्रा लेना हानिकारक हो सकता है सिरदर्द, दस्त, बाल गिरना, देखने में दिक्कत, थकावट, स्किन खराब हो जाना, हड्डी और जोडों में दर्द, हृदय को नुकसान पहुंचना और लडकियों में असमय मासिक धर्म जैसी समस्या हो सकती है. गर्भवती महिला में गर्भ के दौरान अत्याधिक विटामिन ए की मात्रा लेने से पेट में पलते बच्चे को नुकसान हो सकता है.

विटामिन ए की कमी के लक्षण और नुकसान
विटामिन ए हमारे शरीर की त्वचा, बाल, नाखूनों आदि के लिए लाभदायक होता है. विटामिन ए की कमी से कमजोर दांत, थकान, सूखे बाल, सूखी त्वचा, साइनस, क्रोनिक डायरिया, निमोनिया, सर्दी – जुखाम, वजन में कमी, नींद ना आना, नाईट ब्लाइंडनेस (रतौंधी) जैसे रोग होते है.

विटामिन ए को कितना खाना चाहिए
स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन बहुत जरूरी होता है. विटामिन ए के उपयोग से हमारी आँखों की रौशनी तेज होती है और आँखों की मांसपेशिया भी मजबूत बनती हैं. यह आंखों के रेटिना में रंग उत्पन्न करता है. विटामिन ए एक एंटी-ऑक्सीडेंट है. एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभावों से बचाने का काम करता है. विटामिन ए हृदय रोगों, अस्थमा, डायबिटीज और कई अन्य रोगों में भी लाभदायक है. विटामिन ए इम्यून तंत्र को मजबूत बनाने में बहुत ही अच्छा होता है जिससे हमारी कोशिकाएं सक्रिय होने से बची रहती है. इसलिए हमें रोजाना विटामिन ए युक्त आहार का सेवन करना चाहिए. विटामिन ए युक्त आहार के सेवन से हमारा शरीर और त्वचा स्वस्थ और जवान बनी रहती है.

Potassium Benefits, Sources , Side Effects In Hindi - पोटेशियम के स्रोत, फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Potassium Benefits, Sources , Side Effects In Hindi - पोटेशियम के स्रोत, फायदे और नुकसान

हमारे शरीर के लिए कई खनिज पदार्थों की आवश्यकता होती है. पोटेशियम इन्हीं खनिजों में से एक है. ये एक ऐसा खनिज है जो मानव शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. पोटेशियम हमारे हृदय, गुर्दे तथा अन्य अंगो के सामान्य रूप से काम करने के लिए बहुत ही जरूरी खनिज है. पोटेशियम हमारे ऊतकों, कोशिकाओं, नसों और मांसपेशियों के विकास लिए आवश्यक है. पोटेशियम हमारे शरीर में पोषक तत्वों को कोशिकाओं के अन्दर और बेकार के तत्वों को कोशिकाओं से बाहर ले जाने में सहायता करता है. पोटेशियम हमारे रक्तचाप को सामान्य बनाये रखने और सोडियम के हानिकारक प्रभावों को कम करने में भी मदद करता है. पोटेशियम पाचन सामान्य बनाये रखने और मांसपेशियों के सही काम करने में मदद करता है. इसके अलावा भी पोटेशियम हमारे शरीर में कई महत्वपूर्ण काम करता है. आइए पोटेशियम के स्त्रोत, इससे होने वाले फायदे और पोटेशियम के नुकसान को जानें ताकि इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों की आपके पास जानकारी हो. इससे आप पहले से सचेत रहेंगे.

पोटेशियम के स्रोत
अन्य खनिज की तरह पोटेशियम भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्वों में से एक है जब भी इसकी कमी हमारे शरीर में होती है, हम रोगों के चपेट में आने लगते हैं. हम इस की कमी आसानी से अपने खान पान की मदद से शरीर में पूरी कर सकते हैं. पोटेशियम के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत केले, ऐवाकेडो, बादाम और मूँगफली, संतरा और अंगूर, हरी पत्तेदार सब्जियां, जड़ वाली सब्जियां, गाजर और आलू , शकरकंद, चुकंदर का साग, खजूर, दही, टमाटर, दूध हैं.

पोटेशियम के फायदे
अन्य खनिज की तरह पोटेशियम भी हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्वों में से एक है. इसके फायदे हमें कई प्रकार की समस्याओं से निजात दिलाने का काम करते हैं. जब भी इसकी कमी हमारे शरीर में होती है, हम रोगों के चपेट में आने लगते हैं. हम इस की कमी आसानी से अपने खान पान की मदद से शरीर में पूरी कर सकते हैं. पोटेशियम के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत केले, ऐवाकेडो, बादाम और मूँगफली, संतरा और अंगूर, हरी पत्तेदार सब्जियां, जड़ वाली सब्जियां, गाजर और आलू , शकरकंद, चुकंदर का साग, खजूर, दही, टमाटर, दूध हैं.

पोटेशियम से होने वाले नुकसान
पोटेशियम हमारे शरीर में जितना जरुरी है इसकी अधिकता उतनी ही नुकसानदेह है. अधिकता से नुकसान जिस तरह पोटेशियम हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है उसी तरह इस की अधिक मात्रा हमारे शरीर के लिए हानिकरक भी है. इसलिए जरुरी है कि इसके बारे में भी जाना जाए ताकि आगे चलाकर कोई अनावश्यक परेशानी न आए. पोटेशियम की अत्‍यधिक मात्रा हमारे शरीर में स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कई परेशानियों को जन्म दे सकती है. इस की अत्‍यधिक मात्रा से किडनी कमजोर और डैमेज हो सकती है. अत्‍यधिक पोटेशियम को मूत्र के जरिए सही तरीके से हटाया नहीं जा सकता है. इससे लिंग संबंधी परेशानी हो सकती है. पोटेशियम की कमी हमारे शरीर में अनेकों समस्याओं को जन्म देती है. पोटेशियम ह्रदय, दिमाग और मांसपेशियों के काम करने में मदद करता है. इस की कमी से शरीर में हाइपोकैलीमिया होने का खतरा हो जाता है. मांसपेशियों में जकड़न, हृदय से जुड़ी बीमारियां, थकान, तनाव, कब्ज, चक्कर और बेहोशी, बाल झड़ना, बार-बार बाथरूम जाना, पाचन संबंधी समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर, हडि्डयों में दर्द - ये सब शरीर में पोटेशियम की कमी के लक्षण हैं.

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IBS - Can Homeopathy Treat It Successfully?

BHMS
Homeopath, Jaipur
IBS - Can Homeopathy Treat It Successfully?

If you are looking for an ideal natural remedy for Irritable Bowel Syndrome (IBS), you should consider undertaking homeopathic treatment. IBS is a health condition in which your large intestine, or the colon gets affected. It is a chronic condition and requires management on a long term basis. Homeopathy is effective for curing IBS, and several types of medicines are used for its treatment. Here is a list of the top homeopathic medicines used for curing IBS:

  1. Sulphur: This is one of the most common homeopathic medicines used for treating IBS and several other gastrointestinal conditions. It is used for IBS treatment when a patient experiences an increased urge for bowel movements. The stools are hard, knotty, and insufficient in amount. Early morning diarrhea is likely and the patient feels heaviness in his abdomen. The abdomen becomes sore and extra sensitive to pressure. This medicine is ideal for patients who are thin and weak.
  2. Pulsatilla: This medicine is ideal for curing IBS. When IBS influences the gastrointestinal tract and the urinary tract, the medicine is quite commonly prescribed. It is also prescribed to patients who experience distention of the abdomen, along with pressure and a rumbling sensation. Tightness in the abdomen is felt after taking any meal. The stools get affected and become watery and rumbling in nature.
  3. Nux Vomica: This medicine is prepared from a plant, which is commonly referred to as the poison nut. Along with treating several conditions related to the digestive, reproductive, and respiratory system, this medicine is effective in the treatment of IBS. It is prescribed for patients who experience constipation, which keeps on altering with diarrhea after purgative abuse. The patient experiences an increased and abnormal yearning for stools, and an unfinished sensation is felt after stools. Flatulent colic in the abdomen is likely, and small quantities of stools are passed at every attempt.
  4. PhosphorusPhosphorus is another effective homeopathic medicine, which is prepared from inorganic phosphorous. After undertaking potentization, this drug is used for treating several conditions, which include IBS.
  5. Silicea: This is an ideal homeopathic medicine, which is used as a part of IBS treatment. It is used in patients who experience food aversion, appetite loss, and cannot tolerate meat or hot food. Bloating and colicky pain in the abdomen is indicated along with constipation. The stools are hard and difficult to pass. Diarrhea with foul odor may also develop in the patient. This medicine influences nutrition and is commonly used for children.

If you seek homeopathic treatment for IBS, you should consult a homeopathic practitioner. He will be able to prescribe you the best homeopathic remedies based on your condition, symptoms, and severity.
 

7 Steps Can Help You Break Your Bad Habit!

Psychologist, Mumbai
7 Steps Can Help You Break Your Bad Habit!

A bad habit could range from smoking or drinking to knuckle breaking or nail biting. A bad habit is one that causes or is likely to cause you or the others in your life, harm. Here are eight steps that can help you break your bad habit:

  1. Try to understand your habit: The most important thing to break a bad habit is to know it first. In case that some habit is hurting you then you certainly need to let go of it. You initially need to set your mind about bringing an end to that habit. It is also important to understand how this habit of yours is hurting you or the ones around you.
  2. Change your thinking: Even when we get to know we have some unfortunate habit, more often than not we are not prepared to separate it since we have practised that habit since a long time and it is by all accounts intense to break that one. We have to change our reasoning about the habit and take a look at it in negative viewpoints since a thing having negative perspectives will be simpler to quit.
  3. Begin small: In case that you have a negative behaviour pattern since quite a while then go slow to break it down in light of the fact that a bad habit is hard to separate at once. Try not to attempt to do everything at once since you would not have the capacity to do as such.
  4. Make tiny improvements: Try not to make extreme improvements to your habit since it is your habit and it will some way or another takes its time to break. Rather make little improvements with the goal that it will not aggravate you and soon you will encounter a noteworthy change in your behaviour and afterwards you will separate the habit totally on a more lasting basis.
  5. Change your environment: A few habits are built because of the environment we live in. The steady surrounding makes us construct that habit in a manner that it gets stronger day by day. So in case that you understand that some negative behaviour patterns have overtaken your life and are not going down, attempt to change your surroundings.
  6. Keep a check: Simply going ahead to bring an end to any habit will not give you appropriate results. Keeping a survey helps you in checking on how much of your bad habit you have defeated and how far you are from breaking it completely.
  7. Reward yourself: Offer yourself a reward each time you see that you have stopped behaving in a certain way, or practising a certain habit. This goes a long way in motivating the individual to strive towards that end goal of breaking the habit completely.

Doctors, I want to make my body fit so if I start doing 200 push ups per day then it will help me or not I am a complete freshman and I ve seen a video they say that it was harmful is it really harmful.

BSc - Food Science & Nutrition, PGD in Sports Nutrition and Dietitics , Diabetes Educator
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
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Hello, Weight gain is a gradual process and it has to be handled carefully. Weight gain diets usually work on increasing lean body tissues (muscles) with minimal deposition of fat percentage. Consult me online for the personalised diet chart.
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I have desk job with in 2 year I will gain 25 kg weight I want to lose weight but I don't have time to do physical activity.

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
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You need to take high fiber low fat diet followed by detox diet. Drink lot of water everyday. Take small and frequent meals at regular intervals of 2-3 hrs. Avoid outside food completely. Ask me privately for customized diet plan for you.
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I am 20 years old and want to loose belly fat. I am a student and most of my time is spent on studying. In exam days, I barely move from my study table. What can I do to avoid accumulation of belly fat and to reduce it?

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Hi I am a 20 year old my weight is low to guide to gain weight & fitness tips please guide me.

Nutrition - Management of Weight & Lifestyle Related Disorders
Dietitian/Nutritionist, Delhi
Hi I am a 20 year old my weight is low to guide to gain weight & fitness tips please guide me.
Weight gain is very slow process for weight gain you have to eat healthy and frequent meals. You can take 2tsp aleovera + 2 tsp amla Juice+ 2tsp wheat grass juice in equal amount of water empty stomach as these juices help in liver detoxification. In breakfast include options like paneer stuffed besan cheela /1-2 potato stuffed roti+ 1bowl curd/1-2 bowl suji upma+ green chutney + 1cup milk/coffee .Please take fruit shakes (Like banana, mango) + 5-6 almonds and 1-2 walnuts. In lunch have multigrain roti + 1bowl dal /palak paneer/ egg white bhurji + 1bowl salad. Evening have fruits shake/lassi/badam shake Dinner: 1-2 paneer stuffed roti/1-2 multigrain roti+ 1bowl dal+ 1bowl salad. Try to include more frequent meals.
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