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Kashyap Clinic Pvt. Ltd., Allahabad

Kashyap Clinic Pvt. Ltd.

Sexologist Clinic

Kashyap Clinic, 30 Nawab Yusuf Road, Allahabad Allahabad
1 Doctor · ₹250
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Kashyap Clinic Pvt. Ltd. Sexologist Clinic Kashyap Clinic, 30 Nawab Yusuf Road, Allahabad Allahabad
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By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have place......more
By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have placed in us.
More about Kashyap Clinic Pvt. Ltd.
Kashyap Clinic Pvt. Ltd. is known for housing experienced Sexologists. Dr. B K Kashyap, a well-reputed Sexologist, practices in Allahabad. Visit this medical health centre for Sexologists recommended by 57 patients.

Timings

MON-SUN
09:00 AM - 01:00 PM

Location

Kashyap Clinic, 30 Nawab Yusuf Road, Allahabad
Allahabad Allahabad, Uttar Pradesh - 211006
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Doctor

Dr. B K Kashyap

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist
Available today
17 Years experience
250 at clinic
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वीर्य का पतलापन दूर करने वाली दवा भिंडी

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
वीर्य का पतलापन दूर करने वाली दवा भिंडी
वीर्य का पतलापन दूर करने वाली दवा भिंडी :
भिंडी से सभी लोग परिचित हैं। भिंडी वीर्य को गाढ़ा करती है तथा संभोग की शक्ति को बढ़ाती है। जिन व्यक्तियों का वीर्य पतला हो उन्हें नर्म व मुलायम भिंडी जिसमें बीज न पड़े हों इसका पावडर पाँच से सात ग्रा. तक सेवन
करना चाहिए। भिंडी की सब्जी पाचन शक्ति के अनुसार खानी चाहिए। भिंडी के अन्य औषधीय गुण मूत्र द्वार में छीलन सूजन मूत्र त्यागते समय दर्द और सूजन में इसका काढ़ा लाभकारी है। शरीर में खून की कमी की शिकायत दूर करती है। खून को बढ़ाती है।
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स्वप्नदोष तथा प्रमेह

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
स्वप्नदोष तथा प्रमेह
स्वप्नदोष तथा प्रमेह
सोते समय स्वप्न में यौन क्रीड़ा संबंधी दृश्य देखने पर जननेन्द्रिय में उत्तेजना आती है और शुक्राशय में एकत्रित हुआ शुक्र निकल जाता है, इसे स्वप्नदोष (नाइट फाल) होना कहते हैं, स्वप्नदोष होने का यह भी एक कारण होता है।
हमेशा दिमाग को अच्छे कामों और विचारों में उलझाए रखें।
कब्ज से बचने के लिए अपच से बचें। ये दोनों उपाय करते रहें तो बिना दवा सेवन किए भी स्वप्नदोष होना सदा के लिए बंद हो जाएगा, यह तो हुआ बगैर दवा का इलाज। इस प्रकार की व्याधि के लिए आयुर्वेदिक तरीके से इलाज का तरीका यहाँ दिया जा रहा है-
(1) पालक के पत्ते लगभग 250 ग्राम पानी से खूब धोकर सिल पर बिना पानी के पीस लें। एक मोटे साफ धुले हुए कपड़े को पानी में भिगोकर खूब अच्छी तरह निचोड़ लें, ताकि कपड़े में पानी न रहे। अब इसमें पिसी हुई पालक रखकर कपड़े को दबा-दबाकर पालक का रस एक कप में टपकाएँ। सुबह खाली पेट यह रस, दन्त मंजन करने के बाद पी लें और आधा घंटे तक कुछ खाएँ-पिएँ नहीं। यह प्रयोग रोजाना 6-7 दिन तक करने से स्वप्नदोष होना बंद हो जाता है। यह एक आयुर्वेदिक परीक्षित नुस्खा है।
(2) नीम गिलोय के अंगुलभर आकार के तीन टुकड़े और तीन काली मिर्च सिल पर रखकर कूट-पीसकर खूब बारीक कर लें। इसे सुबह खाली पेट पानी के साथ पिएं। जब स्वप्नदोष होना बिलकुल बंद हो जाए, तब इसका सेवन करना बंद कर दें।
(3) आँवले का चूर्ण और भिंडी की जड़ का चूर्ण समान मात्रा में लेकर मिला लें और खूब बारीक पीस लें। अब इनके बराबर वजन में पिसी हुई मिश्री मिला लें। यह चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले, खाना खाने के 1-2 घंटे बाद पानी के साथ 40 दिन तक लेने से स्वप्नदोष होना बिलकुल बंद हो जाता है।
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स्वप्नदोष (Nightfall): आयुर्वेदिक इलाज Nightfall Treatment Hindi

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
स्वप्नदोष (Nightfall): आयुर्वेदिक इलाज Nightfall Treatment Hindi
सपने में सेक्स संबंधी दृश्य देखने पर गुप्तांग में उत्तेजना आती है और शुक्राशय में एकत्रित हुआ वीर्य निकल जाता है, इसे स्वप्नदोष (नाइट फाल) होना कहते हैं।
Nightfall Treatment
FILE
दूसरा कारण होता है कब्ज होने से मलाशय में मल सड़ना। स्वप्नदोष के रोगी को दो बातों का खयाल रखना चाहिए, एक तो दिमाग साफ रखना और दूसरा पेट साफ रखना।
दिमाग में यौन विषय का विचार तक न आने दें, कामुक चिंतन-मनन करना तो बहुत दूर की बात है। हमेशा दिमाग को अच्छे कामों और विचारों में उलझाए रखें, ताकि गंदे और यौन संबंधी कोई भी विचार आ ही न सकें, यही दिमाग साफ रखना कहलाता है।
कब्ज से बचने के लिए अपच से बचें। ये दोनों उपाय करते रहें तो बिना दवा सेवन किए भी स्वप्नदोष होना सदा के लिए बंद हो जाएगा, यह तो हुआ बगैर दवा का इलाज। इस प्रकार की व्याधि के लिए आयुर्वेदिक तरीके से इलाज का तरीका व दवा का परिचय यहां दिया जा रहा है-
स्वप्नदोष (Nightfall): तन और मन दोनों साफ रखें
(1) पालक के पत्ते लगभग 250 ग्राम पानी से खूब धोकर सिल पर बिना पानी के पीस लें। एक मोटे साफ धुले हुए कपड़े को पानी में भिगोकर खूब अच्छी तरह निचोड़ लें, ताकि कपड़े में पानी न रहे। अब इसमें पिसी हुई पालक रखकर कपड़े को दबा-दबाकर पालक का रस एक कप में टपकाएं। सुबह खाली पेट यह रस, दन्त मंजन करने के बाद पी लें और आधा घंटे तक कुछ खाएं-पिएं नहीं। यह प्रयोग रोजाना 6-7 दिन तक करने से स्वप्नदोष होना बंद हो जाता है। यह एक आयुर्वेदिक परीक्षित नुस्खा है।
(2) नीम गिलोय के अंगुलभर आकार के तीन टुकड़े और तीन काली मिर्च सिल पर रखकर कूट-पीसकर खूब बारीक कर लें। इसे सुबह खाली पेट पानी के साथ पिएं। जब स्वप्नदोष होना बिलकुल बंद हो जाए, तब इसका सेवन करना बंद कर दें।
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सेक्स में जरूरी है गैप सेक्स : एक आकर्षक अहसास

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
सेक्स में जरूरी है गैप सेक्स : एक आकर्षक अहसास
सेक्स एक खूबसूरत अहसास हो सकता है बशर्ते इसे तरीके से किया जाए। एक्सपर्ट्स कहते हैं इससे कई बीमारियों का सफल इलाज किया जा सकता है। सेक्स आपके लिए एक आकर्षक अहसास बनें इसलिए जरूरी है कुछ गोल्डन रूल्स खास आपके लिए :
* दिन के समय कभी भी सेक्स न करें, सेक्स हमेशा रात में ही करना चाहिए वह भी सिर्फ एक बार। हो सके तो इसमें भी 'गैप' दें।
* सूर्योदय के कुछ समय पूर्व से लेकर सूर्योदय के बाद यानी ब्रह्य मुहूर्त में किया गया सेक्स हेल्थ की दृष्टि से हानिकारक है।
* जो लोग शाम सात बजे तक भोजन कर लेते हैं, उनको छोड़कर शेष लोगों को जो कि भोजन रात्रि 10-11 बजे तक करते हैं, सेक्स आधी रात के बाद करना हितकारी है।
* सोने के ठीक पहले दूध न पिएं, यदि दूध लेना ही है तो सोने के एक घंटा पूर्व लें।
* स्त्री का जिस समय मासिक धर्म चल रहा हो, तब उसके साथ सेक्स न करें। इन चार दिनों में कंडोम वगैरह लगाकर भी नहीं। ऐसा करना कई तरह के रोगों को दावत देना है। इस तरह का सेक्स किसी भी सूरत में उचित नहीं, इससे दूर ही रहें।
* जो लोग शाम सात बजे तक भोजन कर लेते हैं, उनको छोड़कर शेष लोगों को जो कि भोजन रात्रि 10-11 बजे तक करते हैं, सहवास आधी रात के बाद करना हितकारी है।
* कई व्यक्ति सहवास को महज एक औपचारिकता के तौर पर लेते हैं और इस कार्य को केवल वीर्य स्खलन मानते हुए जल्द खत्म कर देते हैं। दरअसल सहवास में जल्दबाजी न तो पुरुष को ही आनंद देने वाली होती है और न ही स्त्री की संतुष्टि। लिहाजा सहवास के पूर्व विभिन्न क्रिया-कलाप एवं रसपूर्ण रोमांटिक बातों से स्त्री के 'काम' या सेक्स को पूर्ण जागृत करें, तभी सहवास का सच्चा आनंद आप पा सकते हैं और सहयोगी को पूर्ण संतुष्टि भी दे सकते हैं।
* कई व्यक्ति सहवास को इस हद तक जरूरी मानते हैं कि भले ही उनका पार्टनर ठंडा पड़ा हो या वह अन्य किसी कठिन परिस्थिति से गुजर रहा हो, वे सहवास करते ही हैं। यदि पति-पत्नी में से कोई भी क्रोध, चिंता, दुःख, अविश्वास आदि किसी भी मानसिक समस्या से गुजर रहा हो, तो सहवास करना उचित नहीं है। यानी सहवास उसी समय परम आनंददायक होता है, जब पति-पत्नी दोनों पूर्ण प्रसन्न चित्त हों।
Dr Bk Kashyap
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महिलाएं कैसे पहचानें अपना ऑर्गेज्म

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
महिलाएं कैसे पहचानें अपना ऑर्गेज्म
Dr B K Kashyap

ऑर्गेज्म की स्थिति चरम संतुष्टि की स्थिति है। यह अपने आप पता लग जाती है। अकसर इसके बाद कुछ करने का मन नहीं करता। कुछ स्त्रियां आंख मींचकर निढाल भी रहती हैं। इस दौरान योनि में संकुचन हृदय धड़कन जैसा होने लगता है।
निरंतर ऑर्गेज्म पाते रहने से इस स्थिति पर पहुंचने का 20-30 सेकंड पहले पता लग जाता है। ऐसे में एकाग्रता बढ़ा लेना अच्‍छा रहता है। पुरुष भी अपनी देह पर पकड़ अनुभव करते हैं। ये स्थिति उनके लिए सफल सेक्स का बहुत बड़ा साइलेंट कम्युनिकेशन है।
ऑर्गेज्म अपने सुख के लिए भी है। शरीर के साथ ही यह मन को भी हल्का बनाता है। शरीर से निकले स्राव तन-मन में रासायनिक क्रिया उपजाते हैं। मन को फुर्तीला बनाते हैं। जीवन के प्रति विश्वास जगाते हैं। जीना रुचिकर लगता है, उसमें रस आता है।
कभी स्‍खलन न हो या चरमानंद न आए तो मन बेचैन, उद्विग्न, अकारण परेशान, चिंतातुर रहता है। इसे चरमानंद पाने वाले लोग आसानी से जान-समझ सकते हैं।
हर बार पहले जैसी अनुभूति
एक युवती कहती है कि पहला ऑर्गेज्म उसे समझ न आया। संकुचन हुआ तो लगा पता नहीं यह क्या हो गया। इसे जानने के बाद अगली बार यह स्थि‍ति न सिर्फ आनंददायक रही बल्कि तृप्तिदायक व संतुष्टिदायक भी रही।
एक युवक कहता है कि मेरी पत्नी ने एक रात मुझे बताया कि आज मुझे नाभि तक सरसराहट महसूस हो रही है। लग रहा है मेरे भीतर घंटियां बज रही हैं। मैं समझ गया, यह उसका पहला ऑर्गेज्म है।
स्त्रियों का चरमानंद पुरुषों के चरमानंद जैसा मुखर नहीं होता कि बिना बताए उसे कोई जान ले या भांप ले। इसीलिए कई बार उसमें बाधा होती है। कुछ स्त्रियों को चरमानंद से पूर्व जल्दी और ज्यादा घर्षण चाहिए। कुछ को पुरुष अंग और गहराई पर चाहिए तो किसी‍-किसी को सिर्फ कोराकोरा स्पर्श चाहिए।

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Sexual dysfunction-overview BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
Sexual dysfunction-overview   BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
Sexual dysfunction-overview

Definition:

Sex is one of the basic instincts of human life. It is as important as food, clothing and shelter. Sex is not just for human reproduction or making babies, but it is also a mode of physical and mental relaxation. Lack of proper sex education by our government and educational institutions has led to mushrooming of quacks, hakims, vaids & unqualified sex specialists. This is one of the major reasons fo a Dr B K Kashyap qualified in male sexual diseases to overcome to rescue of the patients of northern India in tackling their sexual problems. Following are the few quaries and their answers which one comes across in sexual medicine practice.

As many as one third of all men experience some form of difficulty during sexual activity, yet only a few take the step forward to seek treatment for the same. It can be embarrassing to discuss one's sexual problems with a physician but patients must understand that if this gives an effective solution in the end, it is well worth the effort.

Male sexual dysfunction can be described as any form of difficulty in the sexual activity that prevents the concerned man (or the couple) from experiencing satisfaction. Sexual activity can be divided into phases of excitement, plateau, orgasm and resolution and the problem can be related to any of these phases. The result can be any of the following: loss of libido, erectile dysfunction, ejaculation problems such as premature / retarded / retrograde ejaculation or absence of orgasm. The good news is that male sexual dysfunction is treatable with Ayurved Dr B K Kashyap and the response is we have been treating patients years now and have had good results in most cases. We strongly advocate

that patients share their concerns with their partner as well as the treating physician to get the best results. In addition, it is advisable that patients take adequate steps early on because seeking timely treatment can help to prevent any complications in their personal lives due to sexual dysfunction.

• Causes of sexual weakness / E.D. :-

• How does erection occur :

• Ayurved treatment Approach:

Ayurved Approach:


Erectile dysfunction (E.D.) :-
Erectile dysfunction (ED), a more precise term for impotence, has ben defines as the inability of the male sexual performance. A more specific defination diagnosis of E.D. is the persistent of repeated inability for atleast three months to attain sexual performance.

Premature ejaculation :-


It means uncontrolled ejaculation/semen emission before or shortly after the enters the vagina during sexual intercourse.

How does erection occur :-

For erection to occur, several parts of the body must together. The brain sends messages to control the nerves, hormone levels, blood flow and muscles that cause and erection. If anything interferes with these messages or if any part of the system does not function correctly; an errection will not occur.

The brain controls all sexual functions, from preceiving arousal to initiating and controlling the psychological , hormonal, nerve and blood flow changes that lead to an errection.

Arteries deliver the extra blood to the penis that causes it to stiffen, veins then drain the blood out of the penis after intercourse.

Nerve impulses relay signals of arousal and sensation to and from the penis.

Hormone, including testosterone, control the male sex drive. Testosterone is secreted by the testicles.

Investigation required to know the exact cause of sexual weakness/E.D. :-

a) Physical Examinaton
b) Blood Test & Urine Test
c) Pipe Test
d) Penile blood flow studies
e) Sleep monitoring

Misconceptions in our society related with sexual weakness/E.D .
Ans:
a) Does Masterbation cause weakness ?
Ans: NO

b) Can the size of Penis decrease with age ?
Ans: NO


Causes of sexual weakness / E.D. :-

E.D is generally categorized as :-

1. Organic :
a) Endocrinologic
b) Neurologic
c) Vascular

2. Psychogenic :
a) Performance anxiety
b) Relationship conflict
c) Sexual inhibition]
d) Conflicts over sexual preference
e) Sexual abuse in childhood
f) Fear of pregnancy or sexually transmitted diseases.

3. Mixed/Others:
a) Age
b) Depression-Tension
c) Smoking
d) Diabetes
e) Renal, Hepatic dieases.
f) Heart dieases
g) Anger
h) Some medications
i) recreational drugs like alchohol, marijuna, cocaine, heroine also cause E.D.

How does erection occur :-


For erection to occur, several parts of the body must together. The brain sends messages to control the nerves, hormone levels, blood flow and muscles that cause and erection. If anything interferes with these messages or if any part of the system does not function correctly; an errection will not occur.

The brain controls all sexual functions, from preceiving arousal to initiating and controlling the psychological , hormonal, nerve and blood flow changes that lead to an errection.

Arteries deliver the extra blood to the penis that causes it to stiffen, veins then drain the blood out of the penis after intercourse.

Nerve impulses relay signals of arousal and sensation to and from the penis.

Hormone, including testosterone, control the male sex drive. Testosterone is secreted by the testicles.


Typically sexual disorders in women are sterility, dyspareunia (painful sex) and vaginal dryness. Men commonly suffer from erectile dysfunctions and problems of premature ejaculation. Sexual disorders very often arise from psychological factors such as fear and incompatibility of partners. These disorders may also be precipitated by smoking, hormonal imbalances, diseases like mumps and diabetes and the prolonged use of drugs like contraceptive pills.

Conventional treatment may lead to various side effects. In women, blurred vision, tender breasts and depression is not uncommon. And in men it could lead to mental confusion, gastric problems, dizziness and headaches.
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कैसे बढ़ाए यौन-शक्ति BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
कैसे बढ़ाए यौन-शक्ति   BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
कैसे बढ़ाए यौन-शक्ति

अकसर लोग यौन-शक्ति को बढ़ाने कि लिए तरह-तरह के उपचार, उपाए और नुस्खे खोजते रहते है। कई लोग तो यौन-शक्ति की कमी को लेकर इतने परेशान हो जाते है कि वो महंगे से महंगा उपाए भी करने से परहेज नहीं करते। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है, अगर आप कुछ घरेलु नुस्खों को अपनाए तो आपकी सेक्स लाइफ की परेशानियां भी हो सकती है छूमंतर।



लहुसन:- कच्चे लहसुन की 2-3 कलियो का प्रतिदिन सेवन करना यौन-शाक्ति बढ़ाने का बेहतरीन घरेलु उपचार है।



प्याज:- लहसुन के बाद प्याज एक और कारगर उपाय है। सफेद कच्चे प्याज का प्रयोग अपने नित्य आहार मे करें।



काले चने:- काले-चने से बने खाद्य-पदार्थ जैसे डोसा आदि का हफ्ते मे 2-3 बार प्रयोग काफी लाभकारी होता है।



गाजर:- 150 ग्राम बारीक कटी गाजर को एक उबले हुए अंडे के आधे हिस्से मे एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में एक बार सेवन करे। इसका प्रयोग लगातार 1-2 महीने तक करें।



भिंडी:- प्राचीन भारतीय साहित्य के अनुसार 5-10 ग्राम भिंडी की ज़ड के पाउडर को एक गिलास दूध तथा दो चम्मच मिश्री मे मिलाकर नित्य सेवन करने से आपकी यौन-शक्ति कभी कम नही प़डेगी।



सफे द मूसली:- यूनानी चिकित्सा के अनुसार सफेद मूसली का प्रयोग भी बेहद लाभदायक होता है। 15 ग्राम सफेद मूसली को एक कप दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से यौन-शक्ति बढ़ती है।



सहजन:- 15 ग्राम सहजन के फूलो को 250 मिली दूध मे उबालकर सूप बनाए। यौन-टौनिक के रूप मे इसका सेवन करे।



अदरक:- आधा चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच शहद तथा एक उबले हुए अंडे का आधा हिस्सा, सभी को मिलकार मिश्रण बनाए प्रतिदिन रात को सोने से पहले एक महीने तक सेवन करे।



खजूद:- बादाम, पिस्ता खजूर तथा श्रीफल के बीजो को बराबर मात्रा मे लेकर मिश्रण बनाए। प्रतिदिन 100 ग्राम सेवन करे।



किशमिश:- 30 ग्राम किशमिश को गुनगुने पानी मे धोए, 200 मिली दूध मे उबाले तथा दिन मे तीन बार सेवन करे। ध्यान रखिए की प्रत्येक बार ताजा मिश्रण तैयार करे। धीरे धीरे 30 ग्राम किशमिश की मात्रा को 50 ग्राम तक करें।



ताजे फलो का सेवन:- यौन-शक्ति कमजोरी से पीडित रोगियो को शुरू में 5-5 घंटे के अंतराल से विशेष रूप से ताजा फलो का आधार लेना चाहिए उसके बाद वह पुन: अपनी नियमित खुराक धीरे-धीरे प्रारंभ कर सकते है। रोगी को धूम्रपान , शराब चाय तथा कॉफी के सेवन से बचना चाहिए, और विशेष रूप से सफेद चीनी तथा मैदे या उनसे बने उत्पादो का परहेज करना चाहिए।
94 people found this helpful

सेक्स के वक्त यदि महिलाएं 'यह' करें तो चरम सुख देते हैं पुरुष -- BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
सेक्स के वक्त यदि महिलाएं 'यह' करें तो चरम सुख देते हैं पुरुष -- BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAH...
क्या सेक्स के वक्त आप अपने पार्टनर को पूरी खुशी नहीं दे पाती हैं? क्या आपको पता है मर्दों के वो नाजुक अंगस्थल जहां छूने से वे हो जाते हैं चरम सुख देने को बेताब? पुरुषों के 10 ऐसे संवेदनशील अंग, जहां पर हल्का-सा स्पर्श भी उन्हें रोमांचित कर देता है..-------नेक- यहां हल्की-सी छुअन भी उनके शरीर में झनझनाहट पैदा कर सकती है। अगली बार उनकी गर्दन पर गर्म सांसे फेंकते हुए किस करिए, उसके बाद का अहसास आप भूल नहीं पाएंगी। कान कान में ही फुसफुसाने और उसको चूमने तक ही सीमित न रहें, बल्कि कान के पीछे का हिस्सा भी काफी संवेदनशील होता है। उनके कान के टॉप को अपने दांतों से हल्का-सा काटें और वहां पर जोर-जोर से सांसे लें। सेक्स का मजा दोगुना हो जाएगा। हिप मर्दों के हिप काफी सेंसिटिव होते हैं। जब वे आपके उपर छाए हों, या जब भी मौका मिले, उनके हिप्स को जरूर ध्यान में रखें। वहां पर हल्का-सा मसाज भी पुरुषों को बहुत उत्तेजित करता है। त्वचा स्किन मर्दों को उत्तेजित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सेक्स में सबसे ज्यादा यही अंग शामिल रहता है। त्वचा को चूमने, उसे रगड़ने से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाती है और पुरुषों को उत्तेजित होने में मदद मिलती है। तो अगली बार उन हसीन लम्हों के लिए पूरी तैयारी करके जाइए। एड़‍िया- अपने पार्टनर के पैरों का हल्का-सा मसाज करें, यह न सिर्फ उन्हें जोश दिलाएगा, बल्कि उनकी परफॉर्मेंस को भी कई गुना बढ़ाने में मदद करेगा। और वैसे भी, जब वह ऑफिस से थक-हार कर घर आएंगे, तो एक हल्का सा फुट मसाज उनके लिए बड़ी राहत की वजह बनेगा। फिर तो आराम से खेलिए प्यार वाला खेल। जीभ यह बताने की जरूरत नहीं है कि एक लंबा और प्यारा-सा किस सेक्स के दौरान कितना जरूरी होता है। यह आपके पार्टनर को उत्तेजित करने का सबसे आसान तरीका है। हां, किस करते वक्त यह याद रखें कि हर मूव के बाद इसमें कुछ नयापन हो। पहले हल्का किस, फिर धीरे-धीरे गहरे किस करते रहना चाहिए। और हां, इस दौरान अपनी जीभ का जमकर इस्तेमाल करें। होंठ जैसा कि हमने पहले ही कहा, किस करना प्यार में तड़का लगाने का सबसे कारगर तरीका है। आप अपने पार्टनर के होठों को चूसकर, उन्हें चूमकर उन्हें काफी उत्तेजित कर सकते हैं। उसके बाद तो सेक्स के खूबसूरत अहसास के लिए तैयार रहिए। जांघों का भीतरी हिस्सा यह आपके पार्टनर के लिंग के पास का सबसे करीबी हिस्सा होता है, और यहां हल्की-सी छुअन भी काफी जोश दिला सकती है। तो अगली बार एक कमाल के सेक्स अनुभव के लिए तैयार रहिए। चेहरा क्या आपने कभी नोटिस किया है कि जब आप अपने पार्टनर के चेहरे को छूती हैं, तो उसके चेहरे पर कितनी चमक आ जाती है? मर्दों को लड़कियों द्वारा चेहरा छूना बहुत ही अच्छा लगता है।
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सेक्‍स के दौरान स्‍त्री को कब और कैसे होता है चरम तृप्ति का अहसास? BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

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Sexologist, Allahabad
सेक्‍स के दौरान स्‍त्री को कब और कैसे होता है चरम तृप्ति का अहसास?   BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in A...
यौन उत्‍तेजना का पहला अनुभव मस्तिष्‍क में होता है। इसके बाद सभी तंत्रिकाओं (नर्व्‍स) में खून तेजी से दौड़ने लगता है। इस कारण संभोगरत स्‍त्री का चेहरा तमतमा उठता है। कान, नाक, आंख, स्‍तन, भगोष्‍ठ व योनि की आंतरिक दीवारें फूल जाती हैं। भगांकुर का मुंड भीतर की ओर धंस जाता है और ह़दय की धड़कने बढ़ जाती हैं। योनि द्वार के अगलबगल स्थित बारथोलिन ग्रंथियों से तरल पदार्थ निकल कर योनि पथ को चिकना बना देता है, जिससे पुरुष लिंग का गहराई तक प्रवेश आसान हो जाता है। डाक्‍टर किंसे के अनुसार, जब तक पुरुष का लिंग स्‍त्री योनि की गहराई तक प्रवेश नहीं करता, तब तक स्‍त्री को पूर्ण आनंद नहीं मिलता है।
उत्‍तेजना के कारण स्‍त्री के गर्भाशय ग्रीवा से कफ जैसा दूधिया गाढ़ा स्राव निकल आता है। गर्भाशय ग्रीवा के स्राव के कारण गर्भाशय मुख चिकना हो जाता है, जिससे पुरुष वीर्य और उसमें मौजूद शुक्राणु आसानी से तैरते हुए उसमें चले जाते हैं।
काम में संतुष्टि का अनुभव
यौन उत्‍तेजना के समय स्‍त्री की योनि के भीतर व गुदाद्वार के पास की पेशियां सिकुड़ जाती हैं। ये रुक-रुक कर फैलती और सिकुड़ती रहती है। यह इस बात का प्रमाण है कि स्‍त्री संभोग में पूरी तरह से संतुष्‍ट हो गई हैं। पुरुष अपने लिंग के ऊपर पेशियों के फैलने सिकुड़ने का अनुभव कर सकता है।
स्‍त्री आर्गेज्‍म की कई अवस्‍था
* संभोग काल में हर स्‍त्री की चरम तृप्ति एक समान नहीं होती है। हर स्‍त्री के आर्गेज्‍म अनुभव अलग होता है। डॉ विलि, वैंडर व फिशर के अनुसार, चरमतृप्ति या आर्गेज्‍म प्राप्ति काल में स्‍त्री की योनि द्वार, भगांकुर, गुदापेशी व गर्भाशय मुख के पास की पेशियां तालबद्ध रूप में फैलने व सिकुड़ने लगती है। कभी-कभी ये पांचों एक साथ गतिशील हो जाती है, उस समय स्‍त्री के आनंद की कोई सीमा नहीं रह जाती है।
* कोई स्‍त्री अनुभव करती है कि उसका गर्भाशय एक बार खुलता फिर बंद हो जाता है। इसमें कई स्त्रियों के मुंह से सिसकारी निकलने लगती है।
* कुछ स्त्रियों में संपूर्ण योनि प्रदेश, गुदा से लेकर नाभि तक में सुरसुराहट की तरंग उठने लगती है। कई बार यह तरंग जांघों तक चली जाती है। उस समय स्‍त्री के चरम आनंद का ठिकाना नहीं रहता।
* कुछ स्त्रियों को लगता है कि उनकी योनि के भीतर गुब्‍बारे फूट रहे हैं या फिर आतिशबाजी हो रही है। यह योनि के अंदर तीव्र हलचल का संकेत है, जो स्‍त्री को सुख से भर देता है।
आर्गेज्‍म काल में स्‍त्री की दशा
डॉ विलि, वैंडर व फिशर के अनुसार, जिस वक्‍त संभोग में स्‍त्री को आर्गेज्‍म की प्राप्ति होती रहती है उस वक्‍त उसकी आंखें मूंद जाती है, स्‍तन के कुचाग्र फड़कने लगते हैं, कानों के अंदर झनझनाहट उठने लगती है, शरीर में हल्‍कापन महसूस होता है, मन सुख की लहर दौड़ पड़ती है, प्रियतम के प्रति प्रेम से मन भर उठता है और कई बार हल्‍की भूख का भी अहसास होता है। कई स्त्रियों को पेशाब लग जाता है।
पुरुष में वीर्यपात तो स्‍त्री में क्‍या?
पुरुष के आर्गेज्‍म काल में उसके लिंग से वीर्य का स्राव होता है, जिसमें उसे आनंद की प्राप्ति होती है। लेकिन आर्गेज्‍म की अवस्‍था में स्‍त्री में ऐसा कोई स्राव होता है या नहीं, कामकला के विद्वानों में इस बात को लेकर मतभेद है। डॉ विलि, वैंडर व फिशर के मतानुसार, अधिक कामोत्‍तेजना के समय स्‍त्री का गर्भाशय सिकुड़ता है, जिससे गर्भाशय का श्‍लैष्मिक स्राव योनि में गिर पड़ता हैा बहुत से स्त्रियों के गर्भाशय से कफ जैसा पदार्थ निकलता है और संपूण योनि पथ को गीला कर देता है। इस स्राव में चिपचिपाहट होती है।
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संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत    BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
संभोग में सीधे प्रवेश की जगह दंपत्तियों के एक-दूसरे को चूमना, सहलाना और छेड़छाड़ करने से प्‍यार प्रगाढ़ होता है। फिर संभोग केवल एक वासना नहीं होकर, प्‍यार बन जाता है। कामसूत्र में प्‍यार में गहरे उतरने से पहले चुंबन की सलाह दी गई हैा ऊपरी होंठ व अधर (निचले होंठ) के चुंबन में एक नशा सा छाता जाता है और स्‍त्री पुरुष प्‍यार में सरोबार होते चले जाते हैं। जब नशा धीरे-धीरे बढ़ने लगात है तो चुंबन का दायरा, होंठ, मस्‍तक, आंख और गाल से नीचे उतरते हुए स्‍तन, उसके चुचूक, बगलों, नाभी, जांघों के जोड़ और फिर उसके नीचे सरकता चला जाता है। बदन के हर हिस्‍से में किया गया चुंबन, प्रेमियों के अंदर प्‍यार की ज्‍वार उत्‍पन्‍न कर देता है जो आखिर में संभोग में स्‍खलन के बाद ही उतरता है।
वात्‍स्‍यायन ने लिखा है कि होंठों व मुख के अलावा किए जाने वाले चुंबन का चार भेद है (kissing tips)-*सम- यह चुंबन दोनों जांघों के जोड़, नितंब, बगलों और स्‍त्री द्वारा पुरुष के सीने पर किया जाता है*पीडि़त- यह चुंबन स्‍तनों, दोनों गालों, नाभी और नाभी के नीचे पेड़ू पर किया जाता है*अंचित- यह स्‍तनों और दोनों बगलों(कांख) पर किया जाता है*मृदु- यह ललाट एवं आंखों पर किया जाता हैचुंबन भड़काती है वासना की आग- यह स्‍त्री या पुरुष में से कोई सो रहा हो और उसके दूसरे साथी का मन प्‍यार के लिए मचल रहा हो तो वह सोते हुए साथी पर चुंबनों की बौछार करते हुए उसे जगाने की चेष्‍टा करता है। इससे सोए हुए साथी के अंदर भी वासना भड़क उठती है और दोनों प्‍यार में सराबोर हो जाते हैं।
काम में मशगुल साथी को रिझाए- जब एक साथी काम में मशगुल हो और दूसरे का मन प्‍यार करने के लिए तड़प रहा हो तो वह उस पर सवार होकर चुंबनों की बौझार कर सकता है। इससे दूसरा साथी समझ जाता है कि उसका साथी क्‍या चाह रहा है। आज के संदर्भ में लैपटॉप और फेसबुक पर व्‍यस्‍त साथी को बिस्‍तर पर लाने के लिए चुंबन से बेहतर कोई हथियार नहीं हो सकता। यह चुंबन हर तरह के मर्यादा को तोड़ने वाली हो तो कितना ही व्‍यस्‍त साथी हो, संभोग के लिए मचल उठेगा।संभोग के प्रति उदासीन साथी में भी भरता है रोमांच- संभोग के प्रति यदि एक साथी काफी दिनों से उदासीनता भरा बर्ताव कर रहा हो तो उसके अंदर इच्‍छा जागृत करने के लिए पहले उसके शरीर की मालिश से शुरुआत करनी चाहिए। फिर मसाज के साथ-साथ एक-एक अनावृत अंग पर गर्म होठों की तपिश उसके अंदर चिंगारी भड़काना शुरू कर देता है।ऐसे क्षण में जांघों पर किया जाने वाला चुंबन सीधे तीर की तरह सारे बदन में उतर जाता है और सिहरन पैदा कर देता है। फिर पैर, उसकी ऊंगलियों व उसके पोरों पर चुंबन और उसे मुंह में भरकर चूसने की प्रक्रिया उदासीन साथी को संभोग के लिए आतुर कर देगा।
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Dr B K Kashyap
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Dr B K Kashyap
16 March ·
संभोग में सीधे प्रवेश की जगह करें चुंबन से शुरुआत
संभोग में सीधे प्रवेश की जगह दंपत्तियों के एक-दूसरे को चूमना, सहलाना और छेड़छाड़ करने से प्‍यार प्रगाढ़ होता है। फिर संभोग केवल एक वासना नहीं होकर, प्‍यार बन जाता है। कामसूत्र में प्‍यार में गहरे उतरने से पहले चुंबन की सलाह दी गई हैा ऊपरी होंठ व अधर (निचले होंठ) के चुंबन में एक नशा सा छाता जाता है और स्‍त्री पुरुष प्‍यार में सरोबार होते चले जाते हैं। जब नशा धीरे-धीरे बढ़ने लगात है तो चुंबन का दायरा, होंठ, मस्‍तक, आंख और गाल से..
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सेक्स के वक्त यदि महिलाएं 'यह' करें तो चरम सुख देते हैं पुरुष -- BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

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सेक्स के वक्त यदि महिलाएं 'यह' करें तो चरम सुख देते हैं पुरुष --    BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in AL...
सेक्स के वक्त यदि महिलाएं 'यह' करें तो चरम सुख देते हैं पुरुष --
क्या सेक्स के वक्त आप अपने पार्टनर को पूरी खुशी नहीं दे पाती हैं? क्या आपको पता है मर्दों के वो नाजुक अंगस्थल जहां छूने से वे हो जाते हैं चरम सुख देने को बेताब? पुरुषों के 10 ऐसे संवेदनशील अंग, जहां पर हल्का-सा स्पर्श भी उन्हें रोमांचित कर देता है..-------नेक- यहां हल्की-सी छुअन भी उनके शरीर में झनझनाहट पैदा कर सकती है। अगली बार उनकी गर्दन पर गर्म सांसे फेंकते हुए किस करिए, उसके बाद का अहसास आप भूल नहीं पाएंगी। कान कान में ही फुसफुसाने और उसको चूमने तक ही सीमित न रहें, बल्कि कान के पीछे का हिस्सा भी काफी संवेदनशील होता है। उनके कान के टॉप को अपने दांतों से हल्का-सा काटें और वहां पर जोर-जोर से सांसे लें। सेक्स का मजा दोगुना हो जाएगा। हिप मर्दों के हिप काफी सेंसिटिव होते हैं। जब वे आपके उपर छाए हों, या जब भी मौका मिले, उनके हिप्स को जरूर ध्यान में रखें। वहां पर हल्का-सा मसाज भी पुरुषों को बहुत उत्तेजित करता है। त्वचा स्किन मर्दों को उत्तेजित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सेक्स में सबसे ज्यादा यही अंग शामिल रहता है। त्वचा को चूमने, उसे रगड़ने से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाती है और पुरुषों को उत्तेजित होने में मदद मिलती है। तो अगली बार उन हसीन लम्हों के लिए पूरी तैयारी करके जाइए। एड़‍िया- अपने पार्टनर के पैरों का हल्का-सा मसाज करें, यह न सिर्फ उन्हें जोश दिलाएगा, बल्कि उनकी परफॉर्मेंस को भी कई गुना बढ़ाने में मदद करेगा। और वैसे भी, जब वह ऑफिस से थक-हार कर घर आएंगे, तो एक हल्का सा फुट मसाज उनके लिए बड़ी राहत की वजह बनेगा। फिर तो आराम से खेलिए प्यार वाला खेल। जीभ यह बताने की जरूरत नहीं है कि एक लंबा और प्यारा-सा किस सेक्स के दौरान कितना जरूरी होता है। यह आपके पार्टनर को उत्तेजित करने का सबसे आसान तरीका है। हां, किस करते वक्त यह याद रखें कि हर मूव के बाद इसमें कुछ नयापन हो। पहले हल्का किस, फिर धीरे-धीरे गहरे किस करते रहना चाहिए। और हां, इस दौरान अपनी जीभ का जमकर इस्तेमाल करें। होंठ जैसा कि हमने पहले ही कहा, किस करना प्यार में तड़का लगाने का सबसे कारगर तरीका है। आप अपने पार्टनर के होठों को चूसकर, उन्हें चूमकर उन्हें काफी उत्तेजित कर सकते हैं। उसके बाद तो सेक्स के खूबसूरत अहसास के लिए तैयार रहिए। जांघों का भीतरी हिस्सा यह आपके पार्टनर के लिंग के पास का सबसे करीबी हिस्सा होता है, और यहां हल्की-सी छुअन भी काफी जोश दिला सकती है। तो अगली बार एक कमाल के सेक्स अनुभव के लिए तैयार रहिए। चेहरा क्या आपने कभी नोटिस किया है कि जब आप अपने पार्टनर के चेहरे को छूती हैं, तो उसके चेहरे पर कितनी चमक आ जाती है? मर्दों को लड़कियों द्वारा चेहरा छूना बहुत ही अच्छा लगता है।
क्या सेक्स के वक्त आप अपने पार्टनर को पूरी खुशी नहीं दे पाती हैं? क्या आपको पता है मर्दों के वो नाजुक अंगस्थल जहां छूने से वे हो जाते हैं चरम सुख देने को बेताब? पुरुषों के 10 ऐसे संवेदनशील अंग, जहां पर हल्का-सा स्पर्श भी उन्हें रोमांचित कर देता है..-------नेक- यहां हल्की-सी छुअन भी उनके शरीर में झनझनाहट पैदा कर सकती है। अगली बार उनकी गर्दन पर गर्म सांसे फेंकते हुए किस करिए, उसके बाद का अहसास आप भूल नहीं पाएंगी। कान कान में ही फुसफुसाने और उसको चूमने तक ही सीमित न रहें, बल्कि कान के पीछे का हिस्सा भी काफी संवेदनशील होता है। उनके कान के टॉप को अपने दांतों से हल्का-सा काटें और वहां पर जोर-जोर से सांसे लें। सेक्स का मजा दोगुना हो जाएगा। हिप मर्दों के हिप काफी सेंसिटिव होते हैं। जब वे आपके उपर छाए हों, या जब भी मौका मिले, उनके हिप्स को जरूर ध्यान में रखें। वहां पर हल्का-सा मसाज भी पुरुषों को बहुत उत्तेजित करता है। त्वचा स्किन मर्दों को उत्तेजित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सेक्स में सबसे ज्यादा यही अंग शामिल रहता है। त्वचा को चूमने, उसे रगड़ने से ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाती है और पुरुषों को उत्तेजित होने में मदद मिलती है। तो अगली बार उन हसीन लम्हों के लिए पूरी तैयारी करके जाइए। एड़‍िया- अपने पार्टनर के पैरों का हल्का-सा मसाज करें, यह न सिर्फ उन्हें जोश दिलाएगा, बल्कि उनकी परफॉर्मेंस को भी कई गुना बढ़ाने में मदद करेगा। और वैसे भी, जब वह ऑफिस से थक-हार कर घर आएंगे, तो एक हल्का सा फुट मसाज उनके लिए बड़ी राहत की वजह बनेगा। फिर तो आराम से खेलिए प्यार वाला खेल। जीभ यह बताने की जरूरत नहीं है कि एक लंबा और प्यारा-सा किस सेक्स के दौरान कितना जरूरी होता है। यह आपके पार्टनर को उत्तेजित करने का सबसे आसान तरीका है। हां, किस करते वक्त यह याद रखें कि हर मूव के बाद इसमें कुछ नयापन हो। पहले हल्का किस, फिर धीरे-धीरे गहरे किस करते रहना चाहिए। और हां, इस दौरान अपनी जीभ का जमकर इस्तेमाल करें। होंठ जैसा कि हमने पहले ही कहा, किस करना प्यार में तड़का लगाने का सबसे कारगर तरीका है। आप अपने पार्टनर के होठों को चूसकर, उन्हें चूमकर उन्हें काफी उत्तेजित कर सकते हैं। उसके बाद तो सेक्स के खूबसूरत अहसास के लिए तैयार रहिए। जांघों का भीतरी हिस्सा यह आपके पार्टनर के लिंग के पास का सबसे करीबी हिस्सा होता है, और यहां हल्की-सी छुअन भी काफी जोश दिला सकती है। तो अगली बार एक कमाल के सेक्स अनुभव के लिए तैयार रहिए। चेहरा क्या आपने कभी नोटिस किया है कि जब आप अपने पार्टनर के चेहरे को छूती हैं, तो उसके चेहरे पर कितनी चमक आ जाती है? मर्दों को लड़कियों द्वारा चेहरा छूना बहुत ही अच्छा लगता है।
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सेक्‍स टिप्‍स, जो बना देंगे आपको चैंप BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

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सेक्‍स टिप्‍स, जो बना देंगे आपको चैंप    BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
वैसे तो सेक्‍स एक अहसास है जिसे महसूस किया जाता है, लेकिन इस दौरान अगर आप कुछ टिप्‍स अपनाएं तो इसका मजा दुगुना हो जाता है। ये छोटे-छोटे सेक्‍स टिप्‍स हैं, लेकिन इनका असर बहुत ज्‍यादा होता है।


सेक्‍स के दौरान स्‍त्री के ऊपर पुरुष वाला कॉन्‍सेप्‍ट बहुत पुराना और कारगार है, लेकिन हर बार अगर पुरुष ही स्‍त्री के ऊपर रहे तो यह बोरिंग हो जाता है। ऐसे में ज्‍यादा मजा लेने के लिए जरूरी है कि स्त्रियों को ऊपर की स्थिति में लाया जाए। इस पोजिशन में महिलाएं खुद को इस गेम में कंट्रोलर महसूस करती हैं। इससे मस्‍ती में भरपूर इजाफा होता है।


हालांकि इस दौरान यह ध्‍यान रखें कि आप कंफर्टेबल हैं या नहीं। अगर फीमेल पार्टनर ऊपर की पोजिशन में हो, तो वह इस गेम की 'स्‍पीड' को खुद ही कंट्रोल कर सकती है। ऐसे में वह खुद तय कर सकती है कि उसे क्‍या अच्‍छा लग रहा है।


कामक्रीडा के दौरान छूने का विशेष महत्‍व होता है। इसलिए आप पहले ही यह पता कर लें कि शरीर के किस भाग को सहलाने या रगड़ने से आपके पार्टनर को ज्‍यादा उत्तेजना महसूस होती है। इसी के अनुसार कामक्रीडा की शुरुआत करें, इससे आप चरम सुख तक पहुंचते हुए एक अलग ही तरह का अनुभव महसूस करेंगे।


बेडरूम में चॉकलेट सॉस रखें, जिस अंग की ओर अपने पार्टनर का ध्‍यान खींचना हो, इस सॉस को उसके ऊपर अच्‍छे तरीके से लगा लें। इससे बाद अपने हाथों से नहीं जीभ से चॉकलेट सॉस हटाएं। हमेशा बेडरूम में ही सेक्‍स नीरसता ला देता है, इसलिए बीच-बीच में बालकनी, वॉशरूम या गार्डेन जैसी जगहों पर भी खुले तरीके से यौन-संबंध का आनंद लें।


अपने पार्टनर का पूरा फोकस अपनी ओर लाने के लिए सेक्‍सी अंदाज में कराहना या सी-सी की आवाज निकालना भी एक बेहतर तरीका है। वात्‍स्‍यायन ने कामसूत्र में इसे 'सीत्‍कार' कहा है। हर बार एक ही पोजिशन में सेक्‍स न करें. हर बार कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करें। अपने पार्टनर से खूब प्‍यार भरी बातें करें. इन प्‍यार भरी बातों में सेक्‍स का नशा घुला हो, तो बात ही क्‍या है।


संबंध बनाने से पहले अगर नहा-धोकर तरोताजा हो लें, तो सेक्‍स का मजा दोगुना हो जाएगा। अपनी आंखें बंद कर लें, इसके बाद ख्‍वाबों की दुनिया में खो जाएं। कल्‍पना करें कि आप उससे संभोग कर रहे हैं, जिससे आपका मन चाह रहा हो।


स्‍त्री के गर्दन पर कोमलता के साथ किस करें। यह भाग भी संवेदनशील होता है. महिलाओं को इस पर चुंबन खूब भाता है। फीमेल पार्टनर को चार्ज होने का पूरा मौका दें। इसके लिए आप चाहे कोई भी तरीका अपना सकते हैं। चीभ के अगले भाग और उंगलियों का पूरा इस्‍तेमाल कर सकते हैं। लगातार संभोग करने की बजाए बीच-बीच में थोड़ी देर का ब्रेक लें। इससे तरोताजा होने का मौका तो मिलेगा ही, सेक्‍स की तलब भी बढ़ेगी।


बेडरूम में भी कलाकारी दिखालाने का मौका न चूकें। चित्रकारी के लिए इस्‍तेमाल किया जाने वाला पेंट ब्रेश लें और इसे अपने पार्टनर के सभी संवेदनशील अंगों पर फिराएं। अच्‍छी तरह स्‍नान करने के बाद बिस्‍तर पर जाकर देह पर शहद की कुछ बूंदे गिरा दें। इसके बाद देखें कि आगे क्‍या-क्‍या होता है। अल्‍कोहल की थोड़ी-सी मात्रा सेक्‍स में जान डाल देती है। यह उत्तेजना बढ़ाने का काफी मददगार साबित होता है. बस इतना ध्‍यान रखें कि कभी भी ज्‍यादा मात्रा में इसका सेवन न करें, नहीं तो मजा किरकिरा हो सकता है।


सेक्‍स के दौरान गहराई से सांस लें। इससे आपको वातावरण खुशनुमा बनाने में मदद मिलेगी। पार्टनर के सभी संवेदनशील अंगों पर जीभ फिराएं और फिर लगातार ऐसी ही शरारतें करें। इसे मजा और बढ़ जाता है।


अगर मौसम गर्म हो, तो बर्फ के कुछ टुकड़े लेकर अपने पार्टनर के संवेदनशील अंगों पर डाल दें। इससे रोमांच और बढ़ जाएगा। इसके अलावा बर्फ का एक टुकड़ा मुंह में रखकर उनके संबेदनशीन अंगों पर फिराए। फिर देखिए कैसे वो बर्फ पहले पिछलकर आपकी बांहों में सिमट जाएगी।
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संभोगरत स्‍त्री अपनी यौन उत्‍तेजना नाखुनों के खरोंच और गहरे दबाव से दर्शाती है BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

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संभोगरत स्‍त्री अपनी यौन उत्‍तेजना नाखुनों के खरोंच और गहरे दबाव से दर्शाती है BEST Sex problem Counsellor & Sex Ther...
आचार्य वात्‍स्‍यायन ने कामसूत्र में नखक्षेद अर्थात संभोग के दौरान नाखुनों से खरोंचने और इसमें निहित उसकी उद्दाम काम भावना का वर्णन किया है। वात्‍स्‍यान का मत है कि काम वासना जब उफान पर होता है तो स्‍त्री-पुरुष उत्‍तेजनावश एक-दूसरे को नोचने-खसोटने से बाज नहीं आते। स्‍त्री की उत्‍तेजना और उसका लज्‍जाजनक स्‍वभाग उनके नाखुनों के तेज खरोंच और गहरे दबाव से पता चल जाता है। पुरुष भी अधिक उत्‍तेजना में अपने नाखुनों व दांत का प्रयोग करता है।


संभोग जब उफान पर होता है और स्‍त्री-पुरुष चर्मोत्‍कर्ष की ओर बढ़ रहे होते हैं तो उनका एक-दूसरे में समा जाने का भाव बढ़ता चला जाता है। नाखुन एक-दूसरे के शरीर में धंसते चले जाते हैं। बाद में दोनों जब अपने इस निशान को देखते हैं तो उनके अंदर फिर से काम वासना भड़क उठती है। प्रेम और काम की बारंबारता के लिए ऐसे निशानों को आचार्य वात्‍स्‍यायन ने जरूरी कहा है।


पुरुष और स्त्रियों द्वारा किन अंगों पर नाखुन गड़ाना चाहिए


* संभोग की तीव्र उत्‍तेजना के क्षण में स्त्रियां अक्‍सर पुरुष की पीठ पर अपने नाखुन का निशान बनाती हैं। वह चरमोत्‍कर्ष के समय विह्वल हो उठती है और आनंदविभोर होकर पुरुष की पीठ, गर्दन, कंधे पर अपने नाखुनों को धंसाती चली जाती हैं। कान और होंठ पर भी वह नाखुन व दांत का निशान बनाने से नहीं चूकती।


* वहीं वासनाग्रस्‍त पुरुष स्त्रियों के स्‍तन, स्‍तन के चुचूक, स्‍तरों के ऊपर की छाती, गर्दन, पेट, जांघ, नितंब, दोनों जांघों के जोड़, पेड़ू और कमर के चारों ओर नाखुनों के निशान बनाता है।


नखक्षत व दांतों के काटने आदि का विधान प्रेम में नयापन लाता है* आचार्य वात्‍स्‍यायन का मत है कि प्रेम में हमेशा नयापन होना चाहिए ताकि प्रेम कभी पुराना न पड़े। एक-दूसरे के प्रति चाहत हमेशा बरकरार रहे। इसीलिए संभोग के क्षण में नित नए-नए प्रयोग करते रहना चाहिए। नखक्षत व दांतों के काटने आदि का विधान प्रेम में नयापन लाता है।


* आचार्य का मत है कि परदेस यात्रा या लंबे समय के लिए बाहर जाने से पूर्व पुरुष-स्‍त्री गहरे संभोग में उतरें। उस वक्‍त पुरुष अपनी यादगार के रूप में स्‍त्री की जंघाओं, योनि व स्‍तनों पर तीव्र नाखुन का खरोंच लगाना चाहिए। पति के जाने के बाद स्त्रियां जब अपने गुप्‍त स्‍थानों पर नाखूनों के निशान देखती हैं तब वह फिर से प्रेम से भर उठती हैं।


लंबे समय तक वियोग रहने के बाद भी यह निशान उन्‍हें उस रात की याद दिलाता है और उनका प्रेम एक बार फिर से नया हो उठता है। पत्र और आज के समय मोबाइल या फोन के जरिए दोनों उस रात और उस रात पड़े निशान की आपस में चर्चा कर फिर से उस गुदगुदी का अहसास कर सकते हैं। इससे दूरी भी नजदीकी में बदल जाती है। उनका स्‍पष्‍ट मत है कि यदि प्रेम की याद कराने वाला नखक्षत नहीं होता तो बहुत समय के लिए बिछड़े हुए प्रेमियों के प्रेम में कमी आती चली जाएगी।


* यदि कोई अपरिचित स्‍त्री दूर से जब पियाप्‍यारी उस स्‍त्री के स्‍तनों के ऊपर छाती या होंठ पर ऐसे निशान देखती है तो वह समझ जाती है कि यह स्‍त्री अपने पिया की कितनी प्‍यारी होगी। हो सकता है उस स्‍त्री को देखकर उस अजनबी स्‍त्री के अंदर वासना भड़क उठे और वह भी अपने दांपत्‍य जीवन में प्रेम के नएपन की ओर अग्रसर हो।


* कोई युवती जब किसी पुरुष के छाती या पीठ पर नाखुनों के ऐसे निशान देखती है तो उसका मन भी चंचल हो उठता है और वह भी अपने प्रेम भरे जीवन में अनोखपन लाने को उतावला हो उठती है।


* आचार्य का स्‍पष्‍ट मत है कि वासना के भड़कने पर संभोग के क्षण में उसकी अभिव्‍यक्ति के लिए नाखूनों से खरोंचने और दांत गड़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्‍ता नहीं है। प्रेम का यह प्रकटीकरण स्‍त्री पुरुष को एक-दूसरे के बेहद नजदीक लाता है।


नुकीले और तेज नाखुन उत्‍तेजना को सही प्रदर्शित करते हैं


कामसूत्र में कहा गया है कि जिन स्‍त्री पुरुष की काम वासना तीव्र होती है, उन्‍हें अपने बाएं हाथ के नाखून नोकीले, ताजा कटे हुए, मैल रहित और फटे हुए नहीं होने चाहिए। संभोग का मजा तभी है, जब नाखुन नुकीले, चिकने व चमकीले हों।


महाराष्‍ट्र की महिलाएं खूब करती हैं नखक्षत का प्रयोग* आचार्य के अनुसार, गौड़ प्रांत अर्थात मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद एवं पूर्व प्रदेश बिहार, बंगाल आदि की महिलाओं के नाखून बड़े-बड़े, हाथ की शोभा बढाने वाले एवं देखने में मोहक होते हैं।


* दक्षिण भारतीय नारियों के नाखुन छोटे, लेकिन गहरे घाव बनाने लायक होते हैं।


* महाराष्‍ट्र की स्त्रियों के नाखुन मझोले होते हैं। महाराष्‍ट्र की महिलाएं संभोग के समय नखक्षत का प्रयोग खूब करती हैं।

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सेक्स में कैसे आती है उत्तेजना

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सेक्स में कैसे आती है उत्तेजना
पेनिस (लिंग) में इरेक्शन विचार से होता है, स्पर्श से होता है। दिमाग में एक सेक्स सेंटर है। जब वह उत्तेजित होता है तो संदेश लिंग की तरफ जाता है। बदन में खून का प्रवाह तेज हो जाता है। पूरे शरीर में पेनिस में खून का प्रवाह सबसे ज्यादा तेज होता है। इसी वजह से लिंग में उत्तेजना ओर स्त्रियों की योनि में गीलापन आता है। पेनिस के इरेक्शन के लिए योग्य हॉर्मोन का होना जरूरी है। पुरुषों में 60 साल के बाद और महिलाओं में 45 साल के बाद हॉर्मोन की कमी होने लगती है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है: सेक्स के दौरान या उससे पहले पेनिस में इरेक्शन (तनाव) के खत्म हो जाने को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या नपुंसकता कहते हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कई तरह का हो सकता है। हो सकता है, कुछ लोगों को बिल्कुल भी इरेक्शन न हो, कुछ लोगों को सेक्स के बारे में सोचने पर इरेक्शन हो जाता है, लेकिन जब सेक्स करने की बारी आती है, तो पेनिस में ढीलापन आ जाता है। इसी तरह कुछ लोगों में पेनिस वैजाइना के अंदर डालने के बाद भी इरेक्शन की कमी हो सकती है। इसके अलावा, घर्षण के दौरान भी अगर किसी का इरेक्शन कम हो जाता है, तो भी यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की निशानी है।

इरेक्शन सेक्स पूरा हो जाने के बाद यानी इजैकुलेशन के बाद खत्म होना चाहिए। कई बार लोगों को वहम भी हो जाता है कि कहीं उन्हें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन तो नहीं। सीधी सी बात है कि आप जिस काम को करने की कोशिश कर रहे हैं, वह काम अगर संतुष्टिपूर्ण तरीके से कर पाते हैं तो सब ठीक है और नहीं कर पा रहे हैं तो समस्या हो सकती है। जिन लोगों में यह दिक्कत पाई जाती है, वे चिड़चिड़े हो सकते हैं और उनका कॉन्फिडेंस लेवल भी कम हो सकता है। वजह: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह शारीरिक भी हो सकती है और मानसिक भी। अगर किसी खास समय इरेक्शन होता है और सेक्स के समय नहीं होता, तो इसका मतलब यह समझना चाहिए कि समस्या मानसिक स्तर की है। खास समय इरेक्शन होने से मतलब है- सुबह सोकर उठने पर, पेशाब करते वक्त, मास्टरबेशन के दौरान या सेक्स के बारे में सोचने पर। अगर इन स्थितियों में भी इरेक्शन नहीं होता तो समझना चाहिए कि समस्या शारीरिक स्तर पर है। अगर समस्या मानसिक स्तर पर है तो साइकोथेरपी और डॉक्टरों द्वारा बताई गई कुछ सलाहों से समस्या सुलझ जाती है।


- शारीरिक वजह ये चार हो सकती हैं : चार छोटे एस (S) बड़े एस यानी सेक्स को प्रभावित करते हैं। ये हैं : शराब, स्मोकिंग, शुगर और स्ट्रेस।- हॉर्मोंस डिस्ऑर्डर्स इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की एक खास वजह है।- पेनिस के सख्त होने की वजह उसमें खून का बहाव होता है। जब कभी पेनिस में खून के बहाव में कमी आती है तो उसमें पूरी सख्ती नहीं आ पाती और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। कुछ लोगों के साथ ऐसा भी होता है कि शुरू में तो पेनिस के अंदर ब्लड का फ्लो पूरा हो जाता है, लेकिन वैजाइना में एंटर करते वक्त ब्लड का यह फ्लो वापस लौटने लगता है और पेनिस की सख्ती कम होने लगती है।- नर्वस सिस्टम में आई किसी कमी के चलते भी यह समस्या हो सकती है। यानी न्यूरॉलजी से जुड़ी समस्याएं भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह हो सकती हैं।- हमारे दिमाग में सेक्स संबंधी बातों के लिए एक खास केंद्र होता है। इसी केंद्र की वजह से सेक्स संबंधी इच्छाएं नियंत्रित होती हैं और इंसान सेक्स कर पाता है। इस सेंटर में अगर कोई डिस्ऑर्डर है, तो भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है।- कई बार लोगों के मन में सेक्स करने से पहले ही यह शक होता है कि कहीं वे ठीक तरह से सेक्स कर भी पाएंगे या नहीं। कहीं पेनिस धोखा न दे जाए। मन में ऐसी शंकाएं भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह बनती हैं। इसी डर की वजह से लॉन्ग-टर्म में व्यक्ति सेक्स से मन चुराने लगता है और उसकी इच्छा में कमी आने लगती है।- डॉक्टरों का मानना है कि 80 फीसदी मामलों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह शारीरिक होती है, बाकी 20 फीसदी मामले ऐसे होते हैं जिनमें इसके लिए मानसिक कारण जिम्मेदार होते हैं।ट्रीटमेंटपहले इस समस्या को आहार-विहार और कसरत करने से ठीक करने की कोशिश की जाती है, लेकिन जब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता तो कोई भी ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर समस्या की असली वजह का पता लगाते हैं। इसके लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं। वजह के अनुसार आमतौर पर इलाज के तरीके ये हैं:1. हॉर्मोन थेरपी : अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह हॉर्मोन की कमी है तो हॉर्मोन थेरपी की मदद से इसे दो से तीन महीने के अंदर ठीक कर दिया जाता है। इस ट्रीटमेंट का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।2. ब्लड सप्लाई : जब कभी पेनिस में आर्टरीज की ब्लॉकेज की वजह से ब्लड सप्लाई में कमी आती है, तो दवाओं की मदद से इस ब्लॉकेज को खत्म किया जाता है। इससे पेनिस में ब्लड की सप्लाई बढ़ जाती है और उसमें तनाव आने लगता है।3. सेक्स थेरपी : कई मामलों में समस्या शारीरिक न होकर दिमाग में होती है। ऐसे मामलों में सेक्स थेरपी की मदद से मरीज को सेक्स संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाती है, जिससे वह अपने तरीकों में सुधार करके इस समस्या से बच सकता है।4. वैक्यूम पंप, इंजेक्शन थेरपी और वायग्रा : वैक्यूम पंप, इंजेक्शन थेरपी और वायग्रा जैसे ड्रग्स की मदद से भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को दूर किया जा सकता है। वैसे कुछ डॉक्टरों का मानना है कि वैक्यूम पंप और इंजेक्शन थेरपी अब पुराने जमाने की बात हो चुकी हैं।- वैक्यूम पंप : आजकल बाजार में कई तरह के वैक्यूम पंप मौजूद हैं। रोज अखबारों में इसके तमाम ऐड आते रहते हैं। इसकी मदद से बिना किसी साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का हल निकाला जा सकता है। वैक्यूम पंप एक छोटा सा इंस्ट्रूमेंट होता है। इसकी मदद से पेनिस के चारों तरफ 100 एमएम (एचजी) से ज्यादा का वैक्यूम बनाया जाता है जिससे पेनिस में ब्लड का फ्लो बढ़ने लगता है, और तीन मिनट के अंदर उसमें पूरी सख्ती आ जाती है। लगभग 80 फीसदी लोगों को इससे फायदा हो जाता है। चूंकि इसमें कोई दवा नहीं दी जाती है, इसलिए इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। वैक्यूम पंप आमतौर पर उन लोगों के लिए है जो 50 की उम्र के आसपास पहुंच गए हैं। यंग लोगों को इसकी सलाह नहीं दी जाती है, फिर भी जो भी इसका इस्तेमाल करे, उसे डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।- वायग्रा : इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए वायग्रा का इस्तेमाल अच्छा ऑप्शन है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी भी सूरत में बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए। वायग्रा में मौजद तत्व उस केमिकल को ब्लॉक कर देते हैं, जो पेनिस में होने वाले ब्लड फ्लो को रोकने के लिए जिम्मेदार है। इससे पेनिस में ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है और फिर इरेक्शन आ जाता है। वायग्रा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करने में फायदेमंद तो साबित होती है, लेकिन यह महज एक टेंपररी तरीका है। इससे समस्या की वजह ठीक नहीं होती।इनका असर गोली लेने के चार घंटे तक रहता है। वायग्रा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनी चाहिए। कई मामलों में इसे लेने के चलते मौत भी हुई हैं। गोली लेने के 15 मिनट बाद असर शुरू हो जाता है।अगर हाई और लो ब्लडप्रेशर, हार्ट डिजीज, लीवर से संबंधित रोग, ल्यूकेमिया या कोई एलर्जी है तो वायग्रा लेने से पहले विशेष सावधानी रखें और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही चलें।- सर्जरी : जब ऊपर दिए गए तरीके फेल हो जाते हैं, तो अंतिम तरीके के रूप में पेनिस की सर्जरी की जाती है।प्रीमैच्योर इजैकुलेशनप्रीमैच्योर इजैकुलेशन या शीघ्रपतन पुरुषों का सबसे कॉमन डिस्ऑर्डर है। सेक्स के लिए तैयार होते वक्त, फोरप्ले के दौरान या पेनिट्रेशन के तुरंत बाद अगर सीमेन बाहर आ जाता है, तो इसका मतलब प्रीमैच्योर इजैकुलेशन है। ऐसी हालत में पुरुष अपनी महिला पार्टनर को पूरी तरह संतुष्ट किए बिना ही फारिग हो जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पुरुष का अपने इजैकुलेशन पर कोई अधिकार नहीं होता। आदर्श स्थिति यह होती है कि जब पुरुष की इच्छा हो, तब वह इजैकुलेट करे, लेकिन प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की स्थिति में ऐसा नहीं होता।- सेरोटोनिन जैसे न्यूरो ट्रांसमिटर्स की कमी से प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की समस्या हो सकती है।- यूरेथेरा, प्रोस्टेट आदि में अगर कोई इंफेक्शन है, तो भी प्रीमैच्योर इजैकुलेशन हो सकता है।- दिमाग में मौजूद सेक्स सेंटर एरिया में अगर कोई डिस्ऑर्डर है तो भी सीमेन का डिस्चार्ज तेजी से होता है।- कुछ लोगों के पेनिस में उत्तेजना पैदा करने वाले न्यूरोट्रांसमिटर्स ज्यादा संख्या में होते हैं। इनकी वजह से ऐसे लोगों में टच करने के बाद उत्तेजना तेजी से आ जाती है और वे जल्दी क्लाइमैक्स पर पहुंच जाते हैं।- कई बार एंग्जायटी, टेंशन और सीजोफ्रेनिया की वजह से भी ऐसा हो सकता है।दवाएं : प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की वजह को जानने के बाद उसके मुताबिक खाने की दवाएं दी जाती हैं। इनकी मदद से प्रीमैच्योर इजैकुलेशन को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसमें करीब दो महीने का वक्त लगता है। इन दवाओं के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं।इंजेक्शन थेरपी: अगर खाने की दवाओं से काम नहीं चलता तो इंजेक्शन थेरपी दी जाती है। इनसे तीन मिनट के अंदर पेनिस हार्ड हो जाता है और यह हार्डनेस 30 मिनट तक बरकरार रहती है। इसकी मदद से कोई भी शख्स सही तरीके से सेक्स कर सकता है। ये इंजेक्शन कुछ दिनों तक दिए जाते हैं। इसके बाद खुद-ब-खुद उस शख्स का अपने इजैकुलेशन पर कंट्रोल होने लगता है और फिर इन इंजेक्शन को छोड़ा जा सकता है।टोपिकल थेरपी : यह टेंपररी ट्रीटमेंट है। इसमें कुछ खास तरह की क्रीम का यूज किया जाता है। इन क्रीम की मदद से डिस्चार्ज का टाइम बढ़ जाता है। इनका भी कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।सेक्स थेरपी : दवाओं के साथ मरीज को कुछ एक्सरसाइज भी सिखाई जाती हैं। ये हैं :स्टॉप स्टार्ट टेक्निक : पार्टनर की मदद से या मास्टरबेशन के माध्यम से उत्तेजित हो जाएं। जब आपको ऐसा लगे कि आप क्लाइमैक्स तक पहुंचने वाले हैं, तुरंत रुक जाएं। खुद को कंट्रोल करें और सुनिश्चित करें कि इजैकुलेशन न हो। लंबी गहरी सांस लें और कुछ पलों के लिए रिलैक्स करें। कुछ पलों बाद फिर से पेनिस को उत्तेजित करना शुरू कर दें। जब क्लाइमैक्स पर पहुंचने वाले हों, तभी रोक लें और रिलैक्स करें। इस तरह बार बार दोहराएं। कुछ समय बाद आप महसूस करेंगे कि शुरू करने और स्टॉप करने के बीच का समय धीरे धीरे ज्यादा हो रहा है। इसका मतलब है कि आप पहले के मुकाबले ज्यादा समय तक टिक रहे हैं। लगातार प्रैक्टिस करने से इजैकुलेशन कब हो इस पर काबू पाया जा सकता है।कीजल एक्सरसरइज : कीजल एक्सरसाइज न सिर्फ प्रीमैच्योर इजैकुलेशन को कंट्रोल करने में सहायक है, बल्कि प्रोस्टेट से संबंधित समस्याएं भी इससे ठीक की जा सकती हैं। इसके लिए पेशाब करते वक्त स्क्वीज, होल्ड, रिलीज पैटर्न अपनाना होता है। यानी पेशाब का फ्लो शुरू होते ही मसल्स का स्क्वीज करें, कुछ पलों के लिए रुकें और फिर से रिलीज कर दें। इस दौरान इस प्रॉसेस का बार बार दोहराएं। इन सेक्स एक्सरसाइज की प्रैक्टिस अगर कोई शख्स चार हफ्ते तक लगातार कर लेता है तो उसके बाद वह 8 से 10 मिनट तक बिना इजैकुलेशन के इरेक्शन बरकरार रख सकता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि काफी टाइम बाद सेक्स करने से भी व्यक्ति जल्दी स्खलित हो जाता है। ऐसे मामलों में इन एक्सरसाइजों को कर लिया जाए तो इस समस्या से भी निजात पाई जा सकती है।मास्टरबेशनसेक्स के दौरान पेनिस जो काम योनि में करता है, वही काम मास्टरबेशन के दौरान पेनिस मुट्ठी में करता है। मास्टरबेशन युवाओं का एक बेहद सामान्य व्यवहार है। जिन लोगों के पार्टनर नहीं हैं, उनके साथ-साथ मास्टरबेशन ऐसे लोगों में भी काफी कॉमन है, जिनका कोई सेक्सुअल पार्टनर है। जिन लोगों के सेक्सुअल पार्टनर नहीं हैं या जिनके पार्टनर्स की सेक्स में रुचि नहीं है, ऐसे लोग अपनी सेक्सुअल टेंशन को मास्टरबेशन की मदद से दूर कर सकते हैं। जो लोग प्रेग्नेंसी और एसटीडी के खतरों से बचना चाहते हैं, उनके लिए भी मास्टरबेशन उपयोगी है।नॉर्मल: मास्टरबेशन बिल्कुल नॉर्मल है। सेक्स का सुख हासिल करने का यह बेहद सुरक्षित तरीका है और ताउम्र किया जा सकता है, लेकिन अगर यह रोजमर्रा की जिंदगी को ही प्रभावित करने लगे तो इसका सेहत और दिमाग दोनों पर गलत असर हो सकता है।कुछ तथ्य- सामान्य सेक्स के तीन तरीके होते हैं - पार्टनर के साथ सेक्स, मास्टरबेशन और नाइट फॉल। अगर पार्टनर से सेक्स कर रहे हें तो जाहिर है सीमेन बाहर आएगा। सेक्स नहीं करते, तो मास्टरबेशन के जरिये सीमेन बाहर आएगा। अगर कोई शख्स यह दोनों ही काम नहीं करता है तो उसका सीमेन नाइट फॉल के जरिये बाहर आएगा। सीमेन सातों दिन और चौबीसों घंटे बनता रहता है। सीमेन बनता रहता है, खाली होता रहता है।- मास्टरबेशन करने से कोई शारीरिक या मानसिक कमजोरी नहीं आती।- पेनिस में जितनी बार इरेक्शन होता है, उतनी बार मास्टरबेशन किया जा सकता है। इसकी कोई लिमिट नहीं है। हर किसी के लिए अलग-अलग दायरे हैं।- इससे बाल गिरना, आंखों की कमजोरी, मुंहासे, वजन में कमी, नपुंसकता जैसी समस्याएं नहीं होतीं।- सीमेन की क्वॉलिटी पर कोई असर नहीं होता। न तो सीमेन का कलर बदलता और न वह पतला होता है।- इससे पेनिस के साइज पर भी कोई असर नहीं होता। जो लोग कहते हैं कि मास्टरबेशन से पेनिस का टेढ़ापन, पतलापन, नसें दिखना जैसी समस्याएं हो जाती हैं, वे खुद भी भ्रम में हैं और दूसरों को भी भ्रमित कर रहे हैं।- कुछ लोगों को लगता है कि मास्टरबेशन करने के तुरंत बाद उन्हें कुछ कमजोरी महसूस होती है, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता। यह मन का वहम है।- मास्टरबेशन एड्स और रेप जैसी स्थितियों को रोकने का अच्छा तरीका है।- कामसूत्र या आयुर्वेद में कहीं यह नहीं लिखा है कि मास्टरबेशन बीमारी है।- 13-14 साल की उम्र में लड़कों को इसकी जरूरत होने लगती है। कुछ लोग शादी के बाद भी सेक्स के साथ-साथ मास्टरबेशन करते रहते हैं। यह बिल्कुल नॉर्मल है।मिथ्स क्या हैं1. पेनिस का साइज छोटा है तो सेक्स में दिक्कत होगी। बड़ा पेनिस मतलब सेक्स का ज्यादा मजा।सचाई : छोटे पेनिस की बात नाकामयाब दिमाग में ही आती है। दुनिया में ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे पेनिस के स्टैंडर्ड साइज का पता किया सके। वैजाइना की सेक्सुअल लंबाई छह इंच होती है। इसमें से बाहरी एक तिहाई हिस्सा यानी दो इंच में ही ग्लांस तंतु होते हैं। अगर किसी महिला को उत्तेजित करना है, तो वह योनि के बाहरी एक तिहाई हिस्से से ही उत्तेजित हो जाएगी। जाहिर है, अगर उत्तेजित अवस्था में पुरुष का लिंग दो इंच या उससे ज्यादा है, तो वह महिला को संतुष्ट करने के लिए काफी है। ध्यान रखें, खुद और अपने पार्टनर की संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण चीज पेनिस की लंबाई नहीं होती, बल्कि यह होती है कि उसमें तनाव कैसा आता है और कितनी देर टिकता है। पेनिस की चौड़ाई का भी खास महत्व नहीं है। योनि इलास्टिक होती है। जितना पेनिस का साइज होगा, वह उतनी ही फैल जाएगी। बड़ा पेनिस किसी भी तरह से सेक्स में ज्यादा आनंद की वजह नहीं होता।2. पेनिस में टेढ़ापन होना सेक्स की नजर से समस्या है।सचाई : पेनिस में थोड़ा टेढ़ापन होता ही है। किसी भी शख्स का पेनिस बिल्कुल सीधा नहीं होता। यह या तो थोड़ा दायीं तरफ या फिर थोड़ा बायीं तरफ झुका होता है। इसकी वजह से पेनिस को वैजाइना में प्रवेश कराने में कोई दिक्कत नहीं होती है। ध्यान रखें, घर में दाखिल होना महत्वपूर्ण है, थोड़े दायें होकर दाखिल हों या फिर बायें होकर या फिर सीधे। ऐसे मामलों में इलाज की जरूरत तब ही समझनी चाहिए योनि में पेनिस का प्रवेश कष्टदायक हो।3. बाजार में तमाम तेल हैं, जिनकी मालिश करने से पेनिस को लंबा मोटा और ताकतवर बनाया जा सकता है। इसी तरह तमाम गोलियां, टॉनिक आदि लेने से सेक्स पावर बढ़ोतरी होती है।सचाई : पेनिस पर बाजार में मिलने वाले टॉनिक का कोई असर नहीं होता, असर होता है उसके ऊपर बने सांड या घोड़े के चित्र का। इसी तरह जब पेनिस पर तेल की मालिश की जाती है, तो उस हाथ की स्नायु मजबूत होती हैं, जिससे तेल की मालिश की जाती है, लेकिन पेनिस की मसल्स पर इसका कोई भी असर नहीं होता।4. पेनिस में नसें नजर आती हैं तो यह कमजोरी की निशानी है।सचाई : पेनिस में अगर कभी नसें नजर आती भी हैं तो वे नॉर्मल हैं। उनका पेनिस की कमजोरी से कोई लेना देना नहीं है।5. जिन लोगों के पेनिस सरकमसाइज्ड (इस स्थिति में पेनिस की फोरस्किन पीछे की तरफ रहती है और ग्लांस पेनिस हमेशा बाहर रहता है) हैं, वे सेक्स में ज्यादा कामयाब होते हैं।सचाई : सरकमसाइज्ड पेनिस का सेक्स की संतुष्टि से कोई लेना-देना नहीं है। यह तब कराना चाहिए जब उत्तेजित अवस्था में पुरुष की फोरस्किन पीछे हटाने में दिक्कत हो।6. सेक्स पावर बढ़ाने नुस्खे, गोलियां (आयुर्वेदिक और एलोपैथिक), मसाज ऑयल, शिलाजीत आदि बाजार में हैं। इनसे सेक्स पावर बढ़ाई जा सकती है।सचाई : बाजार में आमतौर मिलने वाली ऐसी गोलियों और दवाओं से सेक्स पावर नहीं बढ़ती। आयुर्वेद के नियम कहते हैं कि मरीज को पहले डॉक्टर से मिलना चाहिए और फिर इलाज करना चाहिए। हर मरीज के लिए उसके हिसाब से दवा दी जाती है, दवाओं को जनरलाइज नहीं किया जा सकता।एक पक्ष यह भीयूथ्स की सेक्स समस्याओं पर एलोपैथी और आयुर्वेद की सोच में अंतर मिलता है। जहां एक तरफ एलोपैथी में माना जाता है कि सीमेन शरीर से बाहर निकलने से शरीर और दिमाग को कोई नुकसान नहीं होता, वहीं आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज करने वाले लोग सीमेन के संरक्षण की बात करते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टरों के मुताबिक :- महीने में दो से आठ बार तक नाइट फॉल स्वाभाविक है, लेकिन इससे ज्यादा होने लगे, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक है।- मास्टरबेशन करने से याददाश्त कमजोर होती है। एकाग्रता और सेहत पर बुरा असर होता है।- प्रीमैच्योर इजैकुलेशन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को आयुर्वेद में दवाओं के जरिए ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए मरीज को खुद डॉक्टर से मिलकर इलाज कराना चाहिए। दरअसल, आयुर्वेद में मरीज विशेष के लक्षणों और हाल के हिसाब से दवा दी जाती है, जिनका फायदा होता है।- बाजार में आयुर्वेद के नाम पर बिकने वाले मालिश करने के तेल, कैपसूल और ताकत की दवाएं जनरल होती हैं। इन बाजारू दवाओं से सेक्स पावर बढ़ाने या पेनिस को लंबा-मोटा करने में कोई मदद नहीं मिलती। ये चीजें आयुर्वेद को बदनाम करती हैं।- विज्ञापनों और नीम-हकीमों से दूर रहें। तमाम नीम-हकीम आयुर्वेद के नाम पर युवकों को बेवकूफ बनाकर पैसा ठगते हैं। इनसे बचें और हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से ही संपर्क करें।- मर्यादित सेक्स करने से जिंदगी में यश बढ़ता है और परिवार में बढ़ोतरी होती है, जबकि अमर्यादित और बहुत ज्यादा सेक्स रोगों को बढ़ाता है।- मल-मूत्र का वेग होने पर और व्रत, शोक और चिंता की स्थिति में सेक्स से परहेज करना चाहिए।- जो चीजें शरीर को सेहतमंद रखने में मदद करती हैं, वही चीजें सेक्स की पावर बढ़ाने में भी मददगार हैं। ऐसे में अगर आप स्वास्थ्य के नियमों का पालन कर रहे हैं और सेहतमंद खाना ले रहे हैं तो आपको सेक्स पावर बढ़ाने वाली चीजें अलग से लेने की कोई जरूरत नहीं है। http://drbkkashyap.blogspot.in/2015/03/60-45-s-80-20-
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सेक्स करने से पहले याद रखीं ये बातें तो आप पाएंगे 100% 'चरम सुख ..BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
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आप हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपकी पार्टनर का भग शिश्न (क्लिटरिस) कहां है? यह बिलकुल आपके सामने होता है। यदि सेक्स के आनंद को बढ़ाना चाहते हैं तो आप इसे ना पहचानने का जोखिम बिलकुल न लें। हमेशा ध्यान रखें कि यह ठीक कहां है, न इसके ऊपर है और न ही इसके नीचे। अपना ध्यान पूरी तरह से इस पर केन्द्रित करें और इसके साथ लम्बे समय तक खेलने का मजा लें। साथी के साथ बिस्तर पर आने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आपके पैरों में मोजे नहीं होने चाहिए क्योंकि ऐसे समय पर गंदे मोजे या इनकी बदबू आपके साथी को नाराज कर सकती है। चिकनाई ... चिकनाई .... और चिकनाई। हो सकता है कि आप अपने द्रव से ही सराबोर हो रहे हों, लेकिन आपका जो मुख्य काम है वह चिकनाई बिना नहीं हो सकता है। इसलिए आपको चिकने पदार्थों, द्रवों की जरूरत होगी तभी आपका असल काम असल अर्थ में शुरू हो सकेगा। कुछ डर्टी टाक हो जाए.... कुछ महिलाएं तब बहुत अधिक उत्तेजित होती हैं अगर वे अपनी कल्पनाओं में भी कामुक होने लगती हैं। इसलिए इस बात को लेकर कुछ डर्टी टाक करें कि आप दोनों मिलकर क्या करने वाले हैं। हो सके तो इस काम के लिए अपने साथी को भी प्रोत्साहित करें क्योंकि ऐसा करने से आप दोनों का ही सबसे बड़ा सेक्स आर्गन 'आपका ‍मस्तिष्क' सेक्स के लिए सक्रिय हो जाएगा और पूरी तरह से उत्तेजित भी हो जाएगा। कई महिला और पुरुष ऑरल सेक्स भी पसंद करते हैं। अत: पुरुष यदि ऐसा करते हैं तो पहले गीले हो जाएं क्योंकि सूखा रहना आपके साथी को परेशान ही नहीं वरन तकलीफ भी दे सकता है। यह सुनिश्चत करें ‍कि अगर आप अपनी जीभ को साथी की योनि में डाल रहे हैं तो यह आपकी लार से पर्याप्त गीली हो। आपकी सूखी जीभ साथी की योनि में खुजली पैदा कर सकती है या इसे घायल कर सकती है। अपने हाथों पर गौर करें.... यह बात ध्यान रखें कि आप और आपकी साथी के बीच हाथ हैडलाइट का काम करते हैं...हाथ ऐसे लगाएं मानो रोशनी डाल रहे हों। आमतौर पर जो बात हमें पसंद नहीं होती है उसे भी हम अपने हाथ के इशारों से बताते हैं कि ऐसा न करें। इसलिए ध्यान रखें कि आप कितने ही उत्तेजित क्यों न हो गए हों, लेकिन महिला के निपल्स को ना तो जोर से भींचें, ना दबाएं और ना ही मुंह से काटें। एक महिला का यह सबसे ज्यादा संवेदनशील हिस्सा होता है इसलिए इन्हें इतनी ही संवेदनशीलता के साथ प्यार करें। कभी-कभी हल्का सा स्पर्श आपके पार्टनर में उत्तेजना का संचार कर देता है। ...और उसकी शारीरिक क्रियाओं से आप इस सुखद स्पर्श का अनुमान भी लगा सकते हैं। रगड़ने की कोशिश तो बिलकुल न करें। सेक्स के दौरान हलके हाथ से नाजुक अंगों को सहलाना बहुत अधिक प्रभावी होता है। आपके होठों का एक हल्का सा चुम्बन बेहतर है। इसलिए लैब्राडोर रिट्रीवर की तरह से अपनी जीभ से चाटने का काम नहीं करें। इससे तो आपका साथी गुस्सा भी हो सकता है। बहुत ही हल्के से कुतरने जैसा कुछ करें। अर्थात कहीं-कहीं आप हलके से अपने दांतों का उपयोग भी कर सकते हैं। पर ध्यान रहे यह उत्तेजना बढ़ाने के लिए है दर्द बढ़ाने के लिए नहीं। आप जानते हैं कि महिला साथी को सबसे अच्छा क्या लगता है? वह उस आदमी को प्यार ही नहीं करती वरन पूजती है जो कि उसकी हाथ की अंगुलियों या पैरों की अंगुलियों को बारी-बारी प्यार से चूमें और चूंसे। पुरुषों को ऐसा करना चाहिए मानो उनका मुंह एसबेस्टस का बना हो और महिला प्यार की आग में जल रही हो। जब आप सेक्स के लिए तैयार हो रहे हों तो उस समय अपने ऊपर तनाव को हावी न होने दें। अगर आप किसी महिला को गहरे और एकाग्रचित्त होकर देखने लगेंगे तो ऐसा उसे ऐसा लगेगा मानो आप अपने दिमाग में कुछ योजनाएं बना रहे हैं, उसे प्यार नहीं कर रहे हैं। इसलिए अपने साथी पर जब भी निगाह डालें, हल्की-सी मुस्कान के साथ। उसे प्यार से निहारें। आपके देखने के अंदाज में इतना असर होना चाहिए कि आपके पार्टनर के पूरे शरीर में सनसनी फैल जाए। फिर देखिए कि उसे कितना अच्छा लगता है। अपनी प्रेयसी के स्तनाग्रों (निप्पल्स) को कभी ना भूलें। वैसे भी स्त्री के सबसे आकर्षक अंगों में जहां मर्द की नजर सबसे अधिक ठहरती है, वे स्तन ही तो हैं। आपके हाथों को स्त्री की योनि तक पहुंचाने से पहले इन्हें निपल्स पर रखें यानी आपके प्यार का पहला स्टॉप। ... और फिर धीरे-धीरे चलते हुए अंतिम स्टॉप तक पहुंचें। इसके साथ ही ध्यान रखें कि कोई भी स्टॉप न छूटे। प्रत्येक स्टॉप को आप उसके हिस्से का 'प्यार का ईंधन' देते जाने का काम करें। तभी आपके के सेक्स का सुहाना सफर पूरा होगा और अंत में आपको ऐसा लगेगा कि आप दो नहीं एक शरीर और एक जान हैं। बेहतर सेक्स के लिए महिलाओं को उपाय पुरूष सेक्स का जितना आनंद लेते हैं, महिलाएं भी सेक्स को उतना ही आनंद लेती हैं। हां ये बात अलग है महिलाओं का सेक्स को फील करने और उसे एंज्वाय करने का अंदाज अलग होता है। महिलाएं भावनात्क रूप से पहले जुडना पसंद करती हैं यानी वे फोरप्ले को अधिक एन्जॉय करती हैं। जैसे पुरूषों को सेक्स में प्रयोग करने में आनंद है, ठीक वैसे ही महिलाओं को भी कई सेक्स पोजीशंस पसंद आती है। फर्क इतना ही कि महिलाएं उन सेक्स पोजीशंस को अधिक पसंद करती हैं जिससे वह जल्दी ही चरमोत्कर्ष तक पहुंच जाती हैं। अकसर महिलाएं अपने दिल की बात छुपाती हैं और सेक्स को भरपूर एन्जॉय नहीं कर पाती। यदि आप भी सेक्स को एन्जॉय करना चाहती हैं तो इन टिप्स को आजमाएं। किस करें : आपको यदि अपने पुरूष पार्टनर को किस करने का मन है तो आप उसे खुलकर किस करें। पुरूषों को उत्तेजित करने की बेहतरीन चाबी है किस। इससे आपका पार्टनर आपकी भावनाओं को बेहतर तरीके से समझ पाएगा। बातें करें : पुरूष आमतौर पर çस्त्रयों की निजी भावनाओं के प्रति कन्फ्यूज रहते हैं। इसलिए बातें करना जरूरी है। यदि आप अपने पार्टनर से सामने खुलकर बात नहीं कर पाती हैं तो आपको चाहिए कि आप अपने पार्टनर से फोन पर बात करें। फोन पर एरोटिक बातचीत से आपकी झिझक काफी कम होगी। सेक्स बुरा नहीं : कई बार महिलाओं के मन में सेक्स के प्रति गलत धारणाएं बैठ जाती हैं और वे इस प्रक्रिया को खुलकर एंज्वाय नहीं कर पातीं। इसलिए जरूरी है कि आप कभी सेक्स को गंदा या बुरा ना समझें बल्कि इसे भी लाइफ का महत्वपूर्ण हिस्सा मानें और खुलकर एन्जॉय करें। सकारात्मक सोच :सेक्स के प्रति सकारात्मक सोच जरूरी है। यदि आपको पार्टनर सेक्स को अधिक प्राथमिकता देता है तो इसे गलत समझने की बजाय पॉजिटिव रूप में लीजिए। पार्टनर की सेक्स में दिलचस्पी अंत में आपके प्रति प्यार में ही बदलने वाली है। यदि आप सेक्स में पार्टनर का साथ देंगी तभी उससे अधिक खुल पाएंगी। प्रयोग करें : आपको चाहिए कि आप सेक्&प्त8205;स के लिए नए-नए प्रयोगों को आजमाएं। इससे आपमें आत्मविश्वास बढेगा। ओरल सेक्स या साथ बैठकर कोई इरोटिक फिल्म देखने से परहेज न करें। यह आपकी सेक्स लाइफ में न सिर्फ नयापन लाता है बल्कि आपके बीच सेक्स संबंधी झिझक को खत्म करते हुए नजदीकियों को बढाता है। निडर बनें : सेक्स लाइफ को एन्जॉय करने के लिए महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे मन में शंका ना पालें। ना ही ये सोचें कि उनका पार्टनर उनके बारे में क्या सोचेगा।
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रोजाना सेक्स करने के 7 फायदे BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
रोजाना सेक्स करने के 7 फायदे BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
कई रिसर्च भी ये बात साबित कर चुकी हैं कि सेक्स सेहत के लिए फायदेमंद है। जानिए, रोजाना सेक्स करने के क्‍या फायदे हैं,
तनाव दूर करने में मदद करता है
चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं आती
उम्र बढ़ाता है
दिल स्वस्‍थ रहता है
स्लिम बनाता है
अच्छी नींद लाने में कारगार
व्यवाहिक जीवन मधुर होते है.
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वैवाहिक जीवन पर पोर्न का बुरा असर BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
वैवाहिक जीवन पर पोर्न का बुरा असर BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
पोर्न फ़िल्में या तस्वीरें देखने से शादीशुदा जीवन पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ी है.सेक्स एक ऐसा रहस्य है, जिसे लेकर किशोरों में उत्सुकता रहती है. आजकल सोशल मीडिया और वेबसाइट के जरिए इस तक पहुंच आसान हो गई है. लेकिन खतरे की बात यह है कि ज्यादातर उत्सुकता पोर्नोग्राफी के जरिए ही दूर की जा रही है.अगर एक शादीशुदा युवक तीन से सात घंटे रोजाना पोर्न देखे तो शुरुआत में जोड़ा एक-दूसरे के करीब रहेगा लेकिन समय के साथ वह पत्नी से दूर अकेले पोर्न देखने में समय बिताने लगेगा
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ताकि बना रहे लाइफ में हॉर्मोंस का बैलेंस BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
ताकि बना रहे लाइफ में हॉर्मोंस का बैलेंस BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD
हमारे शरीर में कुल 230 तरह के हॉर्मोंस होते हैं, जो शरीर में अलग-अलग कामों को कंट्रोल करते हैं। हॉर्मोन की छोटी-सी मात्रा ही कोशिका के काम करने के तरीके को बदलने के लिए काफी है। दरअसल, यह एक केमिकल मेसेंजर की तरह एक कोशिका से दूसरी कोशिका तक सिग्नल पहुंचाते हैं। एक गलत मेसेज आपकी लाइफ का बैलेंस बिगाड़ सकता है, खुद को कैसे बचाएं इस समस्या से, एक्सपर्ट्स की मदद से हम बता रहे हैं आपको...
क्या है हॉर्मोनहार्मोंस हमारी बॉडी में मौजूद कोशिकाओं और ग्रन्थियों में से निकलने वाले केमिकल्स होते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्से में मौजूद कोशिकाओं या ग्रन्थियों पर असर डालते हैं। इन हार्मोंस का सीधा असर हमारे मेटाबॉलिज्म, इम्यून सिस्टम, रिप्रॉडक्टिव सिस्टम, शरीर के डिवेलपमेंट और मूड पर पड़ता है।
हॉर्मोन असंतुलन का मतलबहमारी बॉडी में हर तरह के हॉर्मोन का अलग-अलग रोल होता है। किसी भी तरह के हॉर्मोन का तय से ज्यादा या कम मात्रा में निकलने को हॉर्मोन असंतुलन कहा जाता है। वैसे तो पुरुषों और महिलाओं दोनों में ही कई तरह के हॉर्मोंस पाए जाते हैं, लेकिन कुछ का असर सीधे रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है।
पुरुषों में हॉर्मोंस1.एंड्रोजेनइस हॉर्मोन का मुख्य काम पुरुषों में दाढ़ी आना, सेक्सुअल लाइफ, अग्रेसिव बिहेवियर, मसल्स बनाने जैसे शारीरिक और मानसिक बदलावों के लिए जिम्मेदार होता है।
असंतुलित होने पर बॉडी में यह हॉर्मोन कम होने पर मसल्स बनने में कमी, स्पर्म बनने में कमी, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, अपोजिट सेक्स के प्रति रुचि में कमी और इन्फर्टिलिटी जैसे लक्षण देखे जाते हैं।
2.इंसुलिन इसका मुख्य काम बॉडी में ग्लूकोज के लेवल को कंट्रोल करना है। यह ब्लड में ग्लूकोज को बढ़ने से रोकता है। हमारी बॉडी में ग्लूकोज की नॉर्मल मात्रा फास्टिंग में 70-100 तक और नॉन फास्टिंग में 140 ग्राम/डेसीलीटर तक होनी चाहिए।
असंतुलित होने पर ब्लड में इंसुलिन कम होने पर ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है इसका असर बॉडी के करीब सभी ऑर्गन्स पर पड़ता है। इसके असंतुलन से घाव जल्दी नहीं भरते। हाथ-पैरों में दर्द रहना शुरू हो जाता है। जल्दी-जल्दी पेशाब आना, वजन घटना, भूख का काफी कम हो जाना आदि इसके लक्षण हैं।
3.थायरॉयड यह हमारे गले में मौजूद एक ग्रंथि का नाम है। इससे निकलने वाले हॉर्मोन को थायरॉयड हॉर्मोन कहते हैं, जिनके नाम हैं T3, T4, TSH। TSH हमारे दिमाग में मौजूद पिट्यूट्री ग्लैंड से निकलता है, जिसका काम T3 और T4 को कंट्रोल करना होता है। यह हॉर्मोन हमारी बॉडी की ग्रोथ रेग्युलेट करता है।
असंतुलित होने पर इस हॉर्मोन के असंतुलित होने से दिमागी विकास धीमा हो जाता है। बच्चे में इस हॉर्मोन के असंतुलित होने पर विकास धीमा हो जाता है यानी जो काम बच्चा तीन महीने की उम्र में करने लगता है, वह 10 महीने में करता है । बड़ों में पांव फूलना, वजन बढ़ना, नॉर्मल तापमान में ठंड लगना जैसे लक्षण देखे जाते हैं।
4.पैराथायरॉयड यह भी गले में मौजूद होती है और इसका काम हमारी बॉडी में कैल्शियम के लेवल को कंट्रोल करने का होता है।
असंतुलित होने पर हड्डियां कमजोर हो जाएंगी। यह बूढ़े लोगों में ज्यादा होता है।
5.इपाइनेफ्राइन या एड्रेनेलिन इसे 'फाइट ऑर फ्लाइट' हॉर्मोन भी कहा जाता है। यह बॉडी में रिजर्व एनर्जी की तरह होता है। इसका काम अचानक आ जाने वाली परेशानी को हैंडल करने की ताकत देना होता है। यह शरीर में मौजूद मिनरल्स को मेनटेन करता है।
असंतुलित होने पर इसके कुछ केस में मौत होने तक की आशंका रहती है। एड्रेनेलिन फेल्योर की कंडिशन में बीपी तेजी से गिरता है। हालांकि ऐसे केस कम ही देखने को मिलते हैं।
महिलाओं में हॉर्मोंस1.थायरॉयड ज्यादातर महिलाओं में थायरॉयड हॉर्मोन के असंतुलन के कारण बीमारियां होती है। यह हमारी बॉडी में मौजूद एक ग्रंथि का नाम है।
असंतुलित होने पर इस हॉर्मोन के असंतुलन का सबसे ज्यादा असर उनकी फर्टिलिटी (बच्चे पैदा करने की क्षमता) पर पड़ता है।
2.एस्ट्रोजेन और प्रॉजेस्ट्रॉनये दोनों ही सेक्स हॉर्मोन होते हैं, जो महिलाओं में फर्टिलिटी से जुड़े होते हैं। एस्ट्रोजेन का काम हड्डियों को मजबूत करना भी होता है। महिलाओं में मिनोपॉज के बाद हड्डियां का कमजोर हो जाने की वजह भी एस्ट्रोजेन की कमी ही होती है। इसके लिए डॉक्टर उन्हें कैल्शियम की गोलियां खाने को देते हैं। वहीं पॉजेस्ट्रॉन का काम महिलाओं में पीरियड्स के साइकल को सही रखना और पहले तीन महीने में मां के गर्भ में बच्चे के बढ़ने में मदद करना होता है।
असंतुलन होने पर मेंसेस साइकल में गड़बड़ी होना, ज्यादा ब्लीडिंग होना। कभी-कभी महीने में तीन या चार बार ब्लीडिंग होना जैसी समस्याएं होती हैं। उम्र बढ़ने पर बच्चे पैदा करने में दिक्कत आने जैसी परेशानी हो सकती है।
3.इंसुलिन इसका मुख्य काम बॉडी में ग्लूकोज के लेवल को कंट्रोल करना है। महिलाओं में भी ग्लूकोज की नॉर्मल मात्रा फास्टिंग में 70-100 और नॉन फास्टिंग में 140 ग्राम/डेसीलीटर होती हैं।
असंतुलित होने पर पुरुषों जैसी समस्याएं ही होने लगती हैं।
क्यों होता है असंतुलन
- महिलाओं में हॉर्मोंस असंतुलित होने के कई कारण हैं : खराब लाइफस्टाइल, न्यूट्रिशन की कमी, एक्सरसाइज न करना, तनाव, पीसीओडी, थायरॉइड, ओवेरियन फेलियर आदि।
- लोग मानते हैं कि हॉर्मोन असंतुलन मेनोपॉज के बाद होता है, जबकि यह पूरी तरह गलत है। कई महिलाएं सारी उम्र हॉर्मोन असंतुलन से परेशान रहती हैं।
- जीवनशैली और खानपान से जुड़ी आदतों में बदलाव के कारण महिलाएं हॉर्मोन असंतुलन की शिकार पहले की तुलना में अब ज्यादा हो रही हैं।
- जंक फूड और दूसरे खाद्य पदार्थों में कैलरी की मात्रा तो बहुत ज्यादा होती है लेकिन पोषक तत्वों की मात्रा काफी कम होती है। इससे शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
- कॉफी, चाय, चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक आदि के ज्यादा सेवन के कारण भी कई महिलाओं की एड्रिनलीन ग्रंथि ज्यादा सक्रिय हो जाती है, जो हर्मोन के स्राव को प्रभावित करती है। - गर्भनिरोधक गोलियां भी हॉर्मोन के स्राव को प्रभावित करती हैं।
ये हैं बैलेंस बिगड़ने के लक्षण
महिलाओं में हर महीने फीमेल हॉर्मोन एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन बनता है।जब इन हॉर्मोंस के संतुलन में गड़बड़ी होती है तो महिलाओं में हेल्थ से जुड़ी बहुत-सी समस्याएं पनपने लगती हैं, जिनके लक्षण हैं :- पीरियड्स अनियमित होना- वजन बढ़ना- इनफर्टिलिटी- मूड स्विंग होना- ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की परेशानियां)-यूटराइन फायब्रॉइड, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन- स्किन से जुड़ी समस्याएं जैसे कील-मुंहासे आदि- बालों का गिरना, फेशियल हेयर ग्रोथ- डिप्रेशन, थकान, चिड़चिड़ापन,कमजोरी होना- सेक्स इच्छा में कमी आदि- भूख न लगना- सही से नींद न आना- ध्यान केंद्रित करने में समस्या- अचानक वजन बढ़ जाना
बचाव ही बेहतरहॉर्मोंस को बैलेंस रखने के 3 सबसे आसान उपाय हैं : वजन कंट्रोल में रखना, तनावरहित रहना और सही डाइट लेना। इसके अलावा भी कुछ जरूरी बातें हैं।- हल्का भोजन करें, खासकर रात को सोने से पहले।- ताजा और पौष्टिक भोजन ही खाएं।- हरी सब्जियों, ताजे फलों और दालों को खाने में जरूर शामिल करें।- पेट साफ रखें।- 7-8 घंटे की नींद लें। नींद पूरी या सही से नींद न लेने पर भी बॉडी में हॉर्मोंन असंतुलन की समस्या हो जाती है।- मन को हल्का रखें। खुश रहें और दिन में तीन से चार बार जोर-जोर से हंसें।- सुबह या शाम के वक्त 25 से 30 मिनट की वॉक करें। पार्क में कुछ वक्त गुजारें- चाहे तो पूरे दिन में एक टाइम (सुबह या शाम) वॉक करें और दूसरे वक्त योगासन का पूरा पैकेज करें।- संतुलित, कम फैट वाले और ज्यादा रेशेदार भोजन का सेवन करें।- ओमेगा-3 और ओमेगा-6 युक्त भोजन हॉर्मोन संतुलन में सहायक है। यह सूरजमुखी के बीजों, अंडे, सूखे मेवों और चिकन में पाया जाता है- शरीर में पानी की कमी न होने दें।- रोज 7-8 घंटे की नींद लें।- चाय, कॉफी, शराब के सेवन से बचें।- पीरियड्स से जुड़ी गड़बड़ियों को गंभीरता से लें।- हॉर्मोंस को संतुलित रखने के लिए विटामिन डी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए थोड़ी देर धूप में जरूर रहें।
डाइट का रोलपौष्टिक तत्वों से भरपूर खानपान जहां एक तरफ हॉर्मोंस को संतुलित रखते हैं वहीं, दूसरी ओर रोगों से लड़ने की ताकत को भी बढ़ाते हैं।
क्या खाएं- ताजे फल, सब्जियां, ड्राईफ्रूट्स (8-10 बादाम और 1-2 अखरोट रात भर पानी में भिगो कर) खाने में शामिल करें।
- अपनी डाइट में ज्यादा-से-ज्यादा ओमेगा 3 फैटी एसिड (ऑलिव ऑयल, फ्लैक्स सीड, नारियल का तेल और फिश) शामिल करें।
- नींबू, संतरा (विटामिन सी) चने की दाल और राजमा, बाजरा, ज्वार, मक्का, रागी, पालक, सरसों का साग, गुड़ और भुने चने आदि खाने से नेचरल तरीके से हॉर्मोंस को संतुलित रखने में मदद मिलती है।
- केला, नाशपाती और सेब जैसे फलों को डाइट का हिस्सा बनाएं।
-9-10 गिलास पानी पिएं, पानी शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है।
-हर्बल टी लेना अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
- विटामिन डी के लिए टोंड मिल्क, योगर्ट, मशरूम खाएं।
- ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और सरसों का साग खूब खाएं। इससे भी हॉर्मोंस संतुलित रहते हैं।
क्या न खाएं- ऑइली फूड, जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक, मैदा, वेजिटेबल ऑयल, सोया प्रॉडक्ट्स, स्टेरॉयड और ज्यदा एंटीबायोटिक लेने से हॉर्मोंस असंतुलित हो जाते हैं।
- ओमेगा 6, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स जैसे वेजिटेबल ऑयल, मूंगफली का तेल, कनोला ऑयल, सोयाबीन का तेल आदि खाने से बचें।
- ज्यादा चाय, कॉफी, अल्कोहल और चॉकलेट आदि कैफीन मिली हुई चीजें खाने से बचें।
- पनीर, दूध से बनी और मीट जैसी फैट वाली चीजें कम लें।
इलाज से होगी मुश्किल आसान
अलोपथी में इलाजपेशंट की उम्र और उसकी बॉडी में होने वाले हॉर्मोन असंतुलन, उससे होने वाली बीमारी के लक्षणों को पहचानकर ही दवाइयां दी जाती हैं।
होम्योपथी में इलाजचाहे महिला पेशंट हो या पुरुष, पहले देखा जाता है कि किस तरह का और कौन-सा हॉर्मोन असंतुलित है। हॉर्मोन के असंतुलन की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली कुछ कॉमन दवाइयां हैं :- PULSATILLA-30 : 5-5 गोली दिन में तीन बार, एक महीने तक।- SPIA-30 : 5-5 गोली दिन में तीन बार, दो हफ्ते तक।- SULPHUR-30 : 5-5 गोली दिन में तीन बार, दो हफ्ते तक।
योग से इलाजहमारे शरीर की बहुत सी चीजें मन से जुड़ी होती हैं। अगर आपकी बॉडी में हॉर्मोंस असंतुलित होने पर योग के इस पैकेज को करें।- कपालभाति- कटिचक्रासन (लेटकर)- पवनमुक्तासन- भुजंगासन और धनुरासन- मंडूकासन- पश्चिमोत्तान आसन- अनुलोम-विलोम प्राणायाम- उज्जायी प्राणायाम- धीरे-धीरे भस्त्रिका प्राणायाम- ध्यान- शवासन
आयुर्वेद में इलाजपुरुषों के लिए- अश्वगंधा चूर्ण 1 चम्मच रात में खाना खाने के आधा घंटे बाद दूध और मिस्री से लें।- अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर में अश्वगंधारिष्ट और अमृतारिष्ट 3-3 चम्मच खाने के बाद दिन में दो बार 1 कप गुनगुने दूध के साथ पीने से पुरुष हॉर्मोन बैलेंस रहते हैं।
महिलाओं के लिए-अशोकारिष्ट 2-2 चम्मच दिन में दो बार लेने से पीरियड नियमित रहते हैं। शतावरी चूर्ण महिलाओं में दूध को बढ़ाता है।- साल में तीन महीने अशोकारिष्ट और दशमूलारिष्ट 3-3 चम्मच बराबर पानी के साथ खाने के 2 घंटे बाद दिन में दो बार लें। गर्भावस्था में इसे न लें।
नोट : इनमें से कोई एक दवा ही डॉक्टर की सलाह पर लें। योग पैकेज को सुबह खाली पेट करें और शाम के वक्त करना है तो डिनर से पहले करें। रोजाना आधा घंटा इस पैकेज को एक्सपर्ट की मदद से करें।
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सेक्स की इच्छा बढ़ाएं ये चीजें...BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
सेक्स की इच्छा बढ़ाएं ये चीजें...BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABAD

अगर आप सोच रहे हैं कि आपका प्यार भरा रिश्ता अचानक बोरिंग क्यों होने लगा है, तो परेशान न हों। इसमें आपकी गलती नहीं है। आपका मूड अगर रोमांस के लिए नहीं बन पा रहा है तो अपने खान-पान में थोड़ा सा बदलाव करके आप इस 'बिगड़े' मूड को फिर बना सकते हैं। जी हीं, खान-पान में बदलाव से आप सेक्स लाइफ का मजा बढ़ा सकते हैं।

आज की व्यस्त जिंदगी में सेक्स की इच्छा का कम होना बड़ी बात नहीं है, ऐसे में अपने फूड हैबिट्स पर ध्यान देकर बहुत कुछ संभाला जा सकता है। नीचे खाने की कुछ ऐसे चीजें दी गई हैं जिन्हें रूटीन लाइफ में शामिल करके आप भी अपने सेक्स लाइफ और रोमांस का मजा बढ़ा सकते हैं:

1. तरबूजनए 'वयाग्रा' के नाम से मशहूर तरबूज में सिट्रुलिन नाम का अमिनो एसिड होता है, जो ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करके सेक्स की इच्छा को बढ़ाता है।

2.शतावरीयह एक प्रकार का साग है, जिसमें विटामिन बी होता है जो सेक्स की इच्छा को बढ़ाने में काफी मददगार होता है।

3.ऐवकाडोपोटाशियम से भरपूर इस फल में कामेच्छा बढ़ाने का सारे गुण हैं। इसमें फोलिक एसिड भी होता है जिससे एनर्जी और स्टेमिना मिलती है।

4.मिर्चीमिर्ची में एक ऐसा केमिकल होता है जो खून के दौरे में तेजी लाता है और सेक्स का मूड बनाने में मदद करता है।
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Dr B K Kashyap सेक्स लाइफ को एंज्वॉय करना हो तो इन चीजों को छोड़ो BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABA

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Dr B K Kashyap सेक्स लाइफ को एंज्वॉय करना हो तो इन चीजों को छोड़ो BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABA


Dr B K Kashyap
सेक्स लाइफ को एंज्वॉय करना हो तो इन चीजों को छोड़ो
BEST Sex problem Counsellor & Sex Therapist in ALLAHABA

वे कौन सी चीजें हैं जिन्हें भूलकर पुरुष सेक्स लाइफ को बेहतर तरीके से एंज्वॉय कर सकते हैं ?

Sports - पुरुषों का किसी स्पोर्ट्स को टीवी पर देखने का खूब इच्छा होता है। घंटो टीवी के आगे बैठ सकते हैं। यदि आप अपने सेक्स लाइफ को वाकई एंज्वॉय करना चाहते हैं तो आपको अपने इस क्रेज को भूलना होगा

Food - एक सर्वे के मुताबिक, 30 फीसदी पुरुष खाने के लिए सेक्स को छोड़ सकते हैं

Internet- इन्टरनेट के कारण लोगों की व्यक्तिगत जीवन ख़त्म होता जा रहा है.

Video Game- पुरुष इंटरनेट की तरह ही वीडियो गेम्स के भी खूब दीवाने होते हैं। फिर चाहे वे 5 साल के हो या 50 साल के। अगर उन्हें सेक्स लाइफ बेहतर बनानी हैं तो वीडियो गेम्स से तौबा करनी होगी.

Mobile App & Game- सेक्स को एंज्वॉय करने के लिए बेहतर है कि पुरुष मोबाइल से दूरी बनाएं।

Friend- कई बार सेक्स लाइफ को खुशहाल बनाने के लिए दोस्तों से भी दूरी बनानी पड़ती है।

Sex Video - कुछ पुरुष उत्तेजित होने के लिए एडल्ट विडियो देखते हैं। यदि आप वाकई अपनी सेक्स लाइफ को एंज्वॉय करना चाहते हैं तो आपको पोर्न फिल्में देखने से बचना चाहिए
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