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DHANVANTARI ANORECTAL HOSPITAL

Ayurveda Clinic

D-109, sangam society,nr.sangam cross road,harni road vadodara
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DHANVANTARI ANORECTAL HOSPITAL Ayurveda Clinic D-109, sangam society,nr.sangam cross road,harni road vadodara
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DHANVANTARI ANORECTAL HOSPITAL is known for housing experienced Ayurvedas. Dr. Piyush Khunt, a well-reputed Ayurveda, practices in vadodara. Visit this medical health centre for Ayurvedas recommended by 89 patients.

Location

D-109, sangam society,nr.sangam cross road,harni road
Harni vadodara, Gujarat - 390006
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Doctor in DHANVANTARI ANORECTAL HOSPITAL

Dr. Piyush Khunt

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda
87%  (10 ratings)
5 Years experience
200 at clinic
₹150 online
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MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, Diploma In Dermatology And Venerology And Leprosy (DDVL), Fellowship in Aesthetic and Cosmetic Surgery
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MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, Diploma In Dermatology And Venerology And Leprosy (DDVL), Fellowship in Aesthetic and Cosmetic Surgery
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Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery
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चेहरे का कालापन कैसे दूर करें - Chehre Ka Kalapan Kaise Door Karen!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चेहरे का कालापन कैसे दूर करें - Chehre Ka Kalapan Kaise Door Karen!

चेहरे का कालापन कई लोगों के परेशानी का कारण बन जाता है. यदि हम इस कालापन को दूर करने के उपायों की बात करें तो ये बहुत आसान है और हमारे आसपास मौजूद चीजों से ही हो सकता है. अगर किसी के चेहरे पर एक स्वाभाविक चमक दिखे तो लोग ऐसे चेहरे की तारीफ़ करते हैं. इसीलिए लोग अपने चेहरे पर चमक लाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि ये चमक प्राकृतिक तरीके से आए. बाजार में मिलने वाले उत्पादों से चमक तो आती है लेकिन इसका दुष्प्रभाव भी हॉट है. इसलिए आइए इस लेख के जरिए हम चेहरे का कालापन दूर करने के विभिन्न उपायों पर के नजर डालें.

1. बेसन का उपयोग
बेसन भी चेहरा साफ़ करने वाला एक प्रचलित सामग्री है. दो चम्मच बेसन में गुलाब जल डालकर पेस्ट तैयार करें और इस पेस्ट को चेहरे पर सूखने तक लगाए रखें. फिर त्वचा को हल्के गर्म पानी से साफ़ कर लें.

2. संतरे का छिलका
संतरे का छिलका भी चेहरे को साफ़ करने वाली सार्वाधिक इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के रूप में प्रचलित है. इसके लिए आपको एक बड़ा चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर, एक चम्मच शहद, एक चुटकी हल्दी, नींबू के जूस की कुछ बूँदें और पानी को मिश्रित कर लें. फिर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और बीस मिनट तक सूखने के लिए ऐसे ही छोड़ दें. अब इस फेस पैक को पानी से धो लें.

3. एलोवेरा से
एलोवेरा एक प्राचीन सामग्री है जिसके अनेक औषधीय इस्तेमाल हैं. चेहरा साफ़ करने के लिए दो चम्मच एलो वेरा जेल और दो चम्मच ब्राउन शुगर को आपस में अच्छे से मिलाकर इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और स्क्रब की तरह इससे अपने चेहरे पर कुछ मिंट तक रगड़ें. फिर स्क्रब को गुनगुने पानी से धो लें. अब पूरा चेहरे धोने के बाद चेहरे को फिर से ठंडे पानी से धो लें.

4. चावल के आटे का उपयोग
आटे का चावल भी चेहरे की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए दो चम्मच चावल का आटा, एक चम्मच खीरे का जूस और एक चम्मच नींबू का जूस मिलाकर एक मुलायम फेस पैक तैयार करें. अब इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए इसे लगा हुआ छोड़ दें. अब अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें.

5. मुल्तानी मिट्टी
ये एक जाना-माना और प्राचीन तरीकों में से है. इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं. इसके लिए आप दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी और तीन चम्मच संतरे का जूस को एक साथ मिलाकर मुलायम पेस्ट बनाएं. अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट के लिए लगा हुआ छोड़ दें. अब अपने चेहरे को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें.

6. दही
दही आसानी से सबके घरोंन में उपलब्ध होता है इसलिए ये भी एक आसान तरीका है. इसके लिए आपको दो चम्मच दही और एक चम्मच शहद को मिश्रित करके एक अच्छा पेस्ट तैयार करना है. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

7. दूध
चहरे की सफाई के लिए दूध एक लोकप्रिय पदार्थ है. दूध का इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच दूध और एक चम्मच शहद को मिलाकर मुलायम पेस्ट बनाएं और तब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर हल्के हाथ से रगड़ें. 15 मिनट तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ने के बाद चेहरे को पानी से साफ़ कर लें. अगर आपकी तेलिये त्वचा है तो लो फैट दूध का इस्तेमाल और अगर रूखी त्वचा है तो फुल क्रीम का इस्तेमाल करें.

8. जीरा
अब तक जीरा का इस्तेमाल आपने मसाले के रूप में किया होगा लेकिन अब हम आपको इसे चेहरा साफ़ करने के इस्तेमाल करना बताएंगे. एक चम्मच जीरा के बीज को दो कप पानी में डालकर उबालें. अब इस मिश्रण से अपने चेहरे को धोएं.

9. जई
जई के इस्तेमाल से भी आप चहरे की सफाई कर सकते हैं. इसके लिए तीन चम्मच जई, दो चम्मच गुलाब जल और दही का मिश्रण तैयार करें. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखें.इसके बाद अपने चेहरे को पानी से धो लें.

10. अंडे का उपयोग
चेहरे को साफ़ करने के लिए अंडे को भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए आपको एक अंडे को फोड़कर कटोरे में झागदार और मुलायम बनने तक चलाते रहें. फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर सूखने दें. इसके बाद इसे ठंडे पानी से धो लें.

11. गाजर, टमाटर और खीरा
गाजर, टमाटर और खीरा के इस्तेमला से भी आप अपने चेहरे को साफ़ कर सकते हैं. इसके लिए आपको 1 एवोकैडो, 1 मध्यम आकार का उबला हुआ गाजर, 1 बड़ा चम्मच क्रीम, 1 अंडा और 1 चम्मच शहद को अच्छी तरह मिश्रित करके 15 मिनट तक लगाने के बाद ठंडे पानी से धो लें. इसी तरह से आप टमाटर का भी पेस्ट बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा खीरे का इस्तेमाल करने के लिए आपको तीन चम्मच खीरे का जूस और एक चम्मच नींबू का जूस मिश्रित करके इसमें रुई डुबाकर चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट के बाद इसे धो लें.

12. ग्रीन टी
चेहरे को साफ़ करने के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल करने के लिए 2 इस्तेमाल की हुई ग्रीन टी बैग, 1 चम्मच नींबू का जूस और 1 चम्मच शहद की आवश्यकता होगी. टी बैग को काटकर उसमें से पाउडर को निकाल लें और इसमें नींबू का जूस और शहद को डालें फिर इसे अच्छी तरह से मिला दें. अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब चेहरे को पानी से धो

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चिकन खाने के फायदे - Chicken Khane Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चिकन खाने के फायदे - Chicken Khane Ke Fayde!

चिकन की लोकप्रियता मांसाहारी खाद्य पदार्थों में काफी है. दुनिया भर में इसकी माँग बढ़ने के कारण उत्पादन में वृद्धि करना पड़ा था. इसलिए बड़े पैमाने पर चिकन की खेती के लिए कई नस्लों को जन्म देना पड़ा जिनमें अमेरिकी, भूमध्यसागरीय, अंग्रेजी, एशियाटिक, प्लायमाउथ रॉक, वायंडोटे, रोड आइलैंड रेड, न्यू हैम्पशायर, ब्लैक कोचीन, रेड मलय गेम फ़ॉल और लेघर्न आदि शामिल हैं. इतनी अलग तरह की वैरायटी होने के बावजूद भी इसमें हमारी हेल्थ के लिए निम्न पोषण मूल्य होते है जो इस प्रकार है -100 ग्राम चिकन की बात करें तो इसमें 65 ग्राम मॉइचराइज़र, 215 कैलरीज, 18 ग्राम प्रोटीन, 15 ग्राम फैट 4 ग्राम ट्रांस फैट, 75 मिलीग्राम कोलेस्ट्रॉल, 11 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.9 मिलीग्राम आयरन, 20 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 147 मिलीग्राम फॉस्फोरस, 189 मिलीग्राम पोटेशियम, 70 मिलीग्राम सोडियम और 1.3 मिलीग्राम जिंक के साथ-साथ विटामिन सी, थायामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी-6, फोलेट, आदि मात्रा में उपलब्ध होते है. अगर विटामिन की बात करें तो इसमें विटामिन बी-12, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन डी और विटामिन k पाया जाता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम चिकन खाने के फायदों को विस्तार से जानें.

1. प्रोटीन के लिए-
चिकन शरीर में प्रोटीन की मात्रा में अहम भूमिका निभाता है. इसके 100 ग्राम में 18 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, यह मात्रा किसी के भी शरीर के लिए बहुत अहम होती है. वैज्ञानिक दृष्टि से देखे तो चिकन अमीनो एसिड से बना होता है, जिससे प्रोटीन बनता है और यह हमारी मांसपेशियों के लिए बहुत मददगार सिद्ध होता है.

2. वजन कम करने के लिए-
आज के समय में मोटापा बहुत ही बड़ी समस्या बन चुका है, जिसका कारण लाइफस्टाइल का खराब होना है. ऐसे लोग जो वजन घटाने की सोच रहे है उनके लिए चिकन बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. ऐसे में इसे अपनी डाइट में शामिल करने से काफी लाभ मिलता है. इसकी हाई प्रोटीन मात्रा वजन घटाने में प्रभावी होती है. हाल ही में हुई स्टडीज की माने तो नियमित रूप से चिकन खाने से वजन कंट्रोल में रहता है.

3. कोलेस्ट्रोल कैंसर
हाल ही में हुई स्टडीज की माने तो रेड मीट का सेवन करने वाले लोगों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है. लेकिन चिकन के साथ मछली खाने के मामलों में देखा गया कि इस प्रकार के कैंसर का खतरा कम हो जाता है. इसलिए रेड मीट से बेहतर, चिकन का सेवन करना है.

4. विटामिन और मिनरल के लिए
हमारे शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल की जरूरत होती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमें कई तरह के काम करने के लिए एनर्जी की जरूरत होती है. इसलिए किसी भी मानव शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल की आवश्यकता होती है, जो चिकन में पूर्ण रूप से उपलब्ध होते है. यह कई तरह के रोगों जैसे - इम्यून सिस्टम स्ट्रोंग करना, माइग्रेन दर्द, हाई कोलेस्ट्रोल, डायबिटीज, स्किन डिस्आर्डर, मोतियाबिंद, कैल्शियम और हड्डी मजबूत करने में बहुत ही लाभ देता है.

5. कम कोलेस्ट्रोल में मदद करता है
चिकन की तुलना में रेड मीट में अधिक ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रोल की मात्रा बहुत अधिक होती है. जबकि चिकन में यह बहुत कम होती है, जो हार्ट रोग और कोलेस्ट्रोल कम करने में काफी मददगार साबित होती है. डॉकटरों के अनुसार मछली और चिकन का सामान्य मात्र में सेवन करना चाहिए. अधिक मात्रा हार्ट ओर कोलेस्ट्रोल का खतरा बढ़ा सकती है.

6. सर्दी व खांसी के लिए
नाक बंद होना, गले में कफ आदि जैसी समस्याओं से राहत प्रदान करने के लिए गर्म चिकन का सूप काफी लाभ देता है. इसलिए जब भी आपको सर्दी खांसी जैसी समस्या हो आप इसकी सहाता से उसे दूर कर सकते हैं.

7. ब्लड प्रेशर सामान्य करने में
विदेशों में हुए शोधों में देखा गया है कि बल्ड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए चिकन का नियमित सेवन काफी लाभ देता है और यह अच्छा स्त्रोत भी होता है. शोध में शामिल लोगों ने कम फैट वाली डाइट, हरी सब्जियां, फल और ड्राई फूट्स का सेवन साथ में किया था.

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चर्बी की गांठ का इलाज - Charbi Ki Gaanth Ka Ilaj!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
चर्बी की गांठ का इलाज - Charbi Ki Gaanth Ka Ilaj!

चर्बी की गाँठ के बनने को यदि हम चिकित्सकीय भाषा में समझें तो इसका अर्थ है मांस के अंदर फैट निर्मित होना. एक रोचक तथ्य यह भी है कि यह देखने में हमारे शरीर की त्वचा के भीतर हुए फोड़े के जैसा ही लगता है. यह हमारे शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं. हालांकि चर्बी की गाँठ अक्सर गर्दन या बाहों पर ही दिखाई पड़ते हैं. आप इसे एक तरह का ट्यूमर भी कह सकते हैं जो हमारी चमड़ी के निचली परतों में चर्बी की गाँठों के रूप में धीरे-धीरे जमा होता जाता है. यह भी हैरान करने वाला तथ्य है कि चर्बी की गाँठ का मोटापे से कुछ भी लेना-देना नहीं है. इन गाँठों में किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता है और यह गांठे ज्यादातर गर्दन, हाथ और पैरों पर पायी जाती हैं. कुछ लोग इन गाँठों को देखकर परेशान हो जाते हैं कि कहीं ये कैंसर तो नहीं. लेकिन ऐसा नहीं है, चर्बी की गाँठ और कैंसर की गाँठों में सबसे बड़ा फर्क होता है कि चर्बी की गाँठ की गांठें मुलायम होती हैं और हिलती हैं जबकि कैंसर वाली गाँठ सख्त होती हैं और वह हिलती नहीं हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम चर्बी की गाँठ के इलाज के विभिन्न तरीकों और इसके होने के कारणों के बार में जानें ताकि इस विषय में जागरूकता फैल सके.

चर्बी की गाँठ होने का कारण-
चर्बी की गाँठ की गांठें आपकी त्वचा के अंदरूनी हिस्से में होती हैं जो एक से तीन सेंटीमीटर तक मोटी हो सकती हैं. इन छोटी गाँठों में ना तो कभी दर्द होता है और ना ही ये गांठे कभी कोई नुकसान पहुंचाती हैं.

जब यह गांठें बड़ी हो जाती हैं तब ये थोड़ी बुरी सी दिखने लगती हैं बस यही एक परेशानी सामने आती है. चर्बी की गाँठ या चर्बी की गाँठ बनने का सही कारण आज तक पता नहीं चल पाया है, इसीलिए इन गाँठों का सही कारण बता पाना बेहद कठिन हैं. कुछ लोग बोलते हैं कि मोटापे की वजह से ये गांठे हो जाती हैं लेकिन चर्बी की गाँठ का मोटापे से कोई सम्बन्ध नहीं है.

चर्बी की गांठ का घरेलू इलाज है सुबह की दौड़-
सबसे पहले तो आप ये जान लीजिये कि ये गांठे चर्बी की होती हैं अर्थात अगर चर्बी पिघलेगी तो यह गांठे भी पिघल जायेंगी. तो सबसे पहले सुबह उठकर दौड़ना शुरू कीजिये जिससे आपके शरीर में जो फालतू चर्बी है तो कम होना शुरू हो जायेगी. एक सप्ताह में ही देखते ही देखते आपकी चर्बी की गाँठ की गांठे छोटी होती चली जायेंगी. अगर 2 महीने तक आपने रोजाना दौड़ लगायी तो ये गांठें बिल्कुल पिघल जायेंगी. इसलिए रोजाना 5 से 10 मिनट दौड़ जरूर लगायें.

1. तला भुना और जंक फूड कम खायें
यूँ तो चर्बी की गाँठ का सही कारण डॉक्टरों को भी नहीं पता होता लेकिन डॉक्टर हमेंशा सलाह देते हैं कि तला भुना खाना और जंक फूड से दूरी ही बनाये रखें. आपको यकीन ना हो तो आप एक सप्ताह रोजाना खूब तला भूना और जंक फूड खाकर देखें. आप देखेंगे कि आपकी गांठे और बड़ी होने लगी हैं. इसलिए बाहर की तली भूनी चीज़ें और जंक फूड खाना तुरंत बंद कर दें.

2. आटा और शहद का लेप
ये बहुत ही आसान घरेलू तरीका है. आटा तो सबके घरों में होता ही है और शहद आप बाजार से ला सकते हैं. एक कटोरी में थोड़ा सा आटा लें और इतनी ही समान मात्रा में इसमें शहद मिला लें. अब दोनों को घोलकर एक लेप तैयार करें और इस लेप को अपनी गाँठों पर लगाएं और ऊपर से किसी नैपकिन से ढक लें ताकि मक्खियाँ ना बैठें. इसे आप 2 से 3 घंटे ऐसे ही छोड़ दें और अगर आप फ्री हैं तो सारा दिन लगा रहने दें. शाम को इसे छुटा लें और अगले दिन फिर से यही प्रक्रिया करनी है. आप देखेंगे कि कुछ सप्ताह में गांठें गायब होने लगेंगी.

3. सर्जरी से गांठे निकलवाना
काफी लोगों की गांठे बड़ी -बड़ी हो जाती हैं तो यह दिखने में बहुत गन्दी लगने लगती हैं इसलिए डॉक्टर सर्जरी का रास्ता अपनाते हैं. सर्जरी की सहायता से गांठ वाली जगह पर छोटा सा चीरा लगाकर गाँठ को बाहर निकाल दिया जाता है. लेकिन सर्जरी के बाद यह गारंटी नहीं होती कि गाँठ फिर से नहीं होंगी क्यूंकि कई केसों में यह देखने में आया है कि सर्जरी के कुछ समय बाद फिर से गांठे बनने लगती हैं.

4. सुईं की सहायता से गांठे निकालना
चर्बी की गाँठ की सर्जरी कराने से शरीर पर निशान बन जाते हैं इसलिए डॉक्टर इन गाँठों का इलाज करने के लिए एक नयी तकनीक अपनाते हैं जिसमें गाँठों में सुईं डालकर इनमें से चर्बी बाहर निकाल दी जाती है. इससे शरीर पर निशान नहीं बनते और काफी लोग इस इलाज को अपनाते भी हैं लेकिन इस इलाज के लिए डाक्टरी परामर्श बेहद जरुरी है.

दांत सफाई युक्तियाँ - Teeth Cleaning Tips In Hindi!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
दांत सफाई युक्तियाँ - Teeth Cleaning Tips In Hindi!

हर कोई चाहता है की उसके दांत सफेद और आकर्षक हो, क्योंकि कोई भी व्यक्ति सबसे पहले आपके चेहरे की मुसकराहट पर ही पड़ती है. एक आकड़े के अनुसार, वर्ष 2015 में, अमेरिका के लोगों ने केवल दांतों को सफाई करने में लगभग 11 बिलियन डॉलर से अधिक रुपये खर्च कर दिए. इसमें घर पर इस्तेमाल करने वाले व्हाइटनिंग प्रोडक्ट पर 1.4 बिलियन डॉलर से अधिक का खर्च शामिल था.

  • जब आपके दांतों को सफेद करने की बात आती है, तो ऐसे बहुत सारे प्रोडक्ट है जिसका आप चुनाव कर सकते हैं.
  • हालांकि, अधिकांश व्हाइटनिंग प्रोडक्ट आपके दांतों को ब्लीच करने के लिए केमिकल का उपयोग करते हैं, जो कई लोगों के लिए समस्या का कारण बन सकता है.
  • यदि आप सफेद दांत चाहते हैं, लेकिन रसायनों से भी बचना चाहते हैं, तो यह लेख कई विकल्पों को सूचीबद्ध करता है जो प्राकृतिक और सुरक्षित हैं.

पीले दांत का कारण क्या है?

  • ऐसे कई कारक हैं जिनके कारण दांत पीले होते हैं और उनकी चमकदार, सफेद चमक खो जाती है.
  • कुछ खाद्य पदार्थ के कारण तामचीनी में दाग लग सकते हैं, जो आपके दांतों की सबसे बाहरी परत है. इसके अतिरिक्त, आपके दांतों पर पट्टिका का निर्माण उनके पीले दिखने का कारण बन सकता है.
  • इस प्रकार के मलिनकिरण का उपचार आमतौर पर नियमित क्लींजिंग और व्हाइटेनिंग उपचार के साथ किया जा सकता है.
  • हालांकि, कभी-कभी दांत पीले दिखते हैं क्योंकि कठोर तामचीनी नष्ट हो जाती है, जिससे दांतों के नीचे की सतह दिखने नजर आने लगता है. डेंटिन एक स्वाभाविक रूप से पीला, बोनी टिश्यू है जो तामचीनी के नीचे स्थित है.

यहां 7 सरल तरीके दिए गए हैं जिनसे आप अपने दांतों को प्राकृतिक रूप से सफेद कर सकते हैं.
1. ऑयल पुल्लिंग इस्तेमाल करें

  • ऑयल पुल्लिंग एक पारंपरिक भारतीय लोक उपचार है जिसका उद्देश्य मौखिक स्वच्छता में सुधार करना और शरीर से टॉक्सिक पदार्थों को निकालना है.
  • इस अभ्यास में बैक्टीरिया को हटाने के लिए आपके मुंह में चारों ओर तेल से गरारे करना होता है. बैक्टीरिया के कारण पट्टिका का निर्माण हो सकता है जो आपके दांतों के पीला होने का कारण बन सकता है.
  • परंपरागत रूप से, भारतीय ऑयल पुल्लिंग के लिए सूरजमुखी या तिल के तेल का उपयोग करते थे, लेकिन इसके लिए किसी भी प्रकार के तेल को उपयोग किया जा सकता है.
  • नारियल तेल एक लोकप्रिय विकल्प है क्योंकि इसमें एक सुखद स्वाद है और कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है.
  • नारियल का तेल लॉरिक एसिड में भी उच्च होता है, जो सूजन को कम करने और बैक्टीरिया को मारने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
  • कुछ अध्ययनों से पता चला है कि दैनिक ऑयल पुल्लिंग से मुंह में बैक्टीरिया को कम किया जाता है, साथ ही पट्टिका और मसूड़े की सूजन से राहत प्रदान करता है.
  • स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स मुंह में बैक्टीरिया के प्राथमिक प्रकारों में से एक है जो पट्टिका और मसूड़े की सूजन का कारण बनता है. एक अध्ययन में पाया गया है कि तिल के तेल के साथ रोजाना गरारे से लार में स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स को बहुत कम किया है.


2. बेकिंग सोडा के साथ ब्रश
बेकिंग सोडा में प्राकृतिक सफेदी गुण होते हैं, यही वजह है कि यह कमर्शियल टूथपेस्ट में एक लोकप्रिय घटक है. यह एक हल्का अपघर्षक है जो दांतों पर सतह के दाग को दूर करने में मदद कर सकता है.
इसके अतिरिक्त, बेकिंग सोडा आपके मुंह में एक क्षारीय वातावरण बनाता है, जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. विज्ञान ने अभी तक यह साबित नहीं किया है कि प्लेन बेकिंग सोडा के साथ ब्रश करने से आपके दाँत सफेद हो जाएंगे, लेकिन कई अध्ययनों से पता चलता है कि बेकिंग सोडा के साथ टूथपेस्ट का महत्वपूर्ण सफेदी प्रभाव है.

3. हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग करें
हाइड्रोजन पेरोक्साइड एक प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट है जो आपके मुंह में बैक्टीरिया को भी मारता है.
वास्तव में, लोग बैक्टीरिया को मारने की क्षमता के कारण घावों कीटाणुरहित करने के लिए वर्षों से हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उपयोग कर रहे हैं. कई कमर्शियल व्हाइटनिंग प्रोडक्ट में भी हाइड्रोजन पेरोक्साइड होता है.

4. एप्पल साइडर सिरका का उपयोग करें
ऐप्पल साइडर सिरका का इस्तेमाल सदियों से एक कीटाणुनाशक और प्राकृतिक सफाई उत्पाद के रूप में किया जाता रहा है. एसिटिक एसिड, जो सेब साइडर सिरका में मुख्य सक्रिय घटक है, प्रभावी रूप से बैक्टीरिया को मारता है. सिरका की जीवाणुरोधी गुण वह है जो आपके मुंह को साफ करने और आपके दांत को सफेद करने के लिए उपयोगी है. गाय के दांतों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सेब साइडर सिरका का दांतों पर विरंजन प्रभाव पड़ता है. हालांकि, उन्होंने यह भी पाया कि सिरका दांतों को नरम कर सकता है.

5. फलों और सब्जियों का उपयोग करें
फलों और सब्जियों में उच्च आहार आपके शरीर और आपके दांतों दोनों के लिए अच्छा हो सकता है.
हालाँकि, आपके दाँत को ब्रश करने का कोई अन्य विकल्प नहीं है लेकिन कुरकुरे, कच्चे फल और सब्जियों को चबाने से पट्टिका को रगड़ने में मदद मिल सकती हैं.

विशेष रूप से, स्ट्रॉबेरी और अनानास दो फल हैं जिन्हें आपके दांतों को सफेद करने में मदद करने का दावा किया गया है.

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