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Lubrication Issues - What You Must Know?

Dr. Vikas Deshmukh 92% (45 ratings)
MBBS, M.D Psychiatry , Diploma in Psychological Medicine
Sexologist, Navi Mumbai
Lubrication Issues - What You Must Know?
Treatment of lubrication issues in men mostly depend on its cause. True or false? Take this quiz to know more.
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Orgasm - Are They Really Important?

Dr. Yuvraj Arora 95% (1233 ratings)
MD-Pharmacology, MBBS
Sexologist, Delhi
Orgasm - Are They Really Important?
Orgasms can get you high. True or false? Take this quiz to find out.
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Is spring mattress good for the body? I have a spring mattress at home. I am getting mixed opinions about them. Some say it's good for the body and some say it is bad for the body. What is true?

Dt. Shivangi Dixit 90% (65 ratings)
msc nutritional science
Dietitian/Nutritionist, Gurgaon
Is spring mattress good for the body? I have a spring mattress at home. I am getting mixed opinions about them. Some ...
Dear user, spring matter is OK. Matters doesn't affects Much the only thing you have to take care is about the body's posture. The way of holding the baby should be correct.
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Lotus Root Benefits in Hindi - कमल ककड़ी के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Lotus Root Benefits in Hindi - कमल ककड़ी के फायदे और नुकसान

कमल एक जलीय पौधा है और कमल का फूल हजारों सालों से एशियाई देशों में पाया जाता है. हमारे देश में इसका धार्मिक महत्त्व है. पवित्रता और दिव्य सौंदर्य का प्रतीक है. इसकी जड़ 4 फीट पानी के अंदर फैली होती है. इन्हें निकाल कर धोया, काटा और तैयार किया जाता है. हिंदी में इसे ही कमलककड़ी कहा जाता है. हर्बल दवाओं में प्राकृतिक या पाउडर के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है. इसका उपयोग सलाद के रूप में भी किया जाता है. इसकी बनावट आलू की तरह होती है और इसका स्वाद थोड़ा मीठा और नारियल की तरह होता है. इसमें विटामिन, खनिज और फाइटोन्यूटरिएंट्स हैं जिनमें शामिल हैं पोटेशियम, फास्फोरस, तांबा, लोहा, मैंगनीज के साथ साथ थियामिन, पैंटोफेनीक एसिड, जस्ता, विटामिन बी 6, विटामिन सी. इसके साथ साथ यह फाइबर और प्रोटीन का बहुत ही महत्वपूर्ण स्रोत है. कमल ककड़ी के फायदे और नुकसान के लिए निम्लिखित बिन्दुओं का अध्ययन करें.

1. रक्त वर्धक के रूप में
कमल ककड़ी हमारे अंगों में ऑक्सीजन की वृद्धि करके रक्त के संचालन को उत्तेजित करके कार्यक्षमता और ऊर्जा के स्तर में वृद्धि करती है. इसमें मौजूद लौह और तांबा लाल रक्त कोशिका के उत्पादन को बढ़ाने और रक्त की कमी को पूरा करने के साथ साथ रक्त के प्रवाह में वृद्धि करने में मदद करता है.
2. कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में
इसमें मौजूद पोटेशियम में रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करने की सामर्थ्य होती है. इसमें कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता होती है. इसकी जड़ में मौजूद पाइरोडॉक्सिन रक्त में होमोसिस्टीन के स्तर को नियंत्रित करता है जो सीधे दिल के दौरे को जन्म दे सकता है.
3. मस्तिष्क को करे स्वस्थ
पोटेशियम हमारे शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखता है. यह रक्तप्रवाह में सोडियम के प्रभावों को कम करके है. यह रक्त वाहिकाओं को आराम देने और इसके संकुचन और कठोरता को कम करता है. पोटेशियम तंत्रिका गतिविधि का भी एक आवश्यक घटक है और मस्तिष्क में द्रव और रक्त के प्रवाह को बनाए रखता है.
4. श्वसन तंत्र के लिए
कमल की जड़ श्वसन प्रणाली के लिए लाभदायक है. यह श्वसन तंत्र को साफ करने और शक्ति प्रदान करने में मदद करती है. खांसी से राहत पाने के लिए इसकी चाय का सेवन किया जाता है क्योंकि यह बलगम को पिघला देती है.
5. रक्तचाप को करे नियंत्रित
इसमें पाया जाने वाला पोटेशियम हमारे शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखता है. यह रक्तप्रवाह में सोडियम के प्रभावों को कम करता है. यह रक्त वाहिकाओं को आराम देकर इसके संकुचन और कठोरता को कम करता है. पोटेशियम तंत्रिका गतिविधि का भी एक आवश्यक घटक है और मस्तिष्क में द्रव और रक्त के प्रवाह को बनाए रखता है.
6. गर्भवती महिलाओं के लिए
गर्भवती महिलाओं के लिए भी कमल ककड़ी के फायदे उपयोगी साबित होते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास लिए बहुत लाभदायक होते हैं. इसलिए गर्भवती महिलाएं इसका इस्तेमाल कर सकती हैं.
7. पाचन में
कमल ककड़ी में फाइबर की प्रचुरता होती है जो मल त्याग के लिए बहुत अच्छा होता है. यह कब्ज के लक्षणों को कम करती है और पाचन और गैस्ट्रिक रस के स्राव के माध्यम से पोषक तत्व अवशोषण को अनुकूलित करती है.
8. प्रतिरक्षा प्रणाली को करे दुरुस्त
कमल ककड़ी में मौजूद विटामिन सी कोलेजन का एक महत्वपूर्ण घटक है जो रक्त वाहिकाओं के अंगों और त्वचा की अखंडता और शक्ति को बनाए रखता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है. इसके अलावा विटामिन सी शरीर में फ्री रेडिकल्स को भी नष्ट कर सकता है.
9. वजन कम करने में
इसमें पोषक तत्व और फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है और कैलोरी बहुत कम होती है. इसके सेवन से आवश्यक पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है और हमारा पेट बहुत समय तक भरा हुआ महसूस करता है जिसके कारण हम अधिक खाने से बचते हैं और हमारा वजन कम होता है. इससे वजन कम होता है.
10. मधुमेह के उपचार में
इसमें पाया जाने वाला उच्च मात्रा में फाइबर शरीर में कार्बोहाइड्रेट के पाचन को कम करता है. इस प्रकार शरीर में चीनी अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा होती है. कमल ककड़ी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मधुमेह से लड़ने में मदद करते हैं.
11. आँखों के लिए
इसमें मौजूद विटामिन ए त्वचा, बाल, और आँखों के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है. यह मैक्यूलर डीजैनरेशन और अन्य स्थितियों को रोकने में मदद करती है.
12. त्वचा के लिए उपोगी
एंटीऑक्सिडेंटों में समृद्ध कमल की जड़ त्वचा के कंडीशनर के रूप में काम करती है. इसके उपयोग से त्वचा हाइड्रेटेड और मॉइस्चराइज रहती है और त्वचा मुलायम और चमकदार बनती है. यह त्वचा की फाइन लाइन्स को हटाने, ब्राउन स्पॉट्स और झुर्रियों को हटाने में मदद करती है.

कमल ककड़ी के नुकसान

  • इसको कच्चा खाने से परजीवी या बैक्टीरिया संक्रमण फैल सकता है.
  • यदि इससे किसी को एलर्जी है तो इसका सेवन नहीं करें.
     
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Brinjal Benefits in Hindi - बैंगन के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Brinjal Benefits in Hindi - बैंगन के फायदे और नुकसान

बैंगन की सब्जी भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन काल से ही इस्तेमाल होने वाली सब्जी में से है. हलांकि अब इसे दुनिया भर में उगाया जाता है. इसके कई रंग और रूप हैं. लगभग 800 साल पहले मध्य पूर्व और भूमध्य क्षेत्र में इसकी खेती की शुरुआत हुई थी जबकि इंग्लैण्ड में इसे 16वीं सदी से उगाया जाने लगा. इसे भारत में सब्जियों का राजा कहा जाता है. क्योंकि यह सांस्कृतिक विरासत में सबसे अधिक बहुमुखी और कार्यात्मक खाद्य पदार्थों में से एक है. इसका उपयोग सूप, स्टू, सॉस में और कई व्यंजनों में अकेले किया जाता है. यह स्वादिष्ट तो होता ही है साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है. इसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन बी 6, थायामिन, नियासिन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, कॉपर, फाइबर,पोटेशियम और मैंगनीज पाया जाता है. इसकी एक विशेष बात ये है कि इसमें कोलेस्ट्रोल या संतृप्त वसा नहीं पाया जाता है. बैंगन के फायदे और नुकसान निम्लिखित हैं.

1. बालों के लिए
बैंगन में मौजूद प्रचुर मात्रा में खनिज, विटामिन और पानी बालों की जड़ों को मजबूत को मजबूत बनता है. इसके लिए एक छोटे से बैंगन को मीन्स करे लें और उसे 10-15 मिनट के लिए अपनी खोपड़ी पर रगड़ें. अब गुनगुने पानी और हल्के शैम्पू के साथ बालों को धो लें.
2. पाचन के लिए
इसमें मौजूद आहार फाइबर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्वास्थ्य और आंत्र की नियमित गतिविधि के लिए जरुरी होता है. ये हमारे आंत्र की गतिविधियों को बढ़ाता है जिससे पाचन सही रहता है. फाइबर अंत में गैस्ट्रिक रस के स्राव को उत्तेजित करता है जिससे खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण के माध्यम से पोषक तत्व अवशोषित होते हैं. फाइबर हृदय रोग की समस्या में लाभदायक है.
3. मधुमेह के लिए
बैंगन में पाए जाने वाले फाइबर की मात्रा उच्च जबकि घुलनशील कार्बोहाइड्रेट कम मात्रा में पाया जाता है जो मधुमेह को संतुलित करने में मदद करते हैं. ये ग्लूकोज और इंसुलिन गतिविधि को संतुलित करता है और मधुमेह जैसी समस्या में मदद करता है.
4. मस्तिष्क के लिए
बैंगन पाए जाने वाले फाइटोन्‍यूट्रीएंटस, संज्ञानात्मक गतिविधि और सामान्य मानसिक स्वास्थ्य के लिए बूस्टर का काम करते हैं. यह मुक्त कणों से बचाने के साथ ही शरीर और मस्तिष्क को विषाक्त पदार्थों और रोगों से सुरक्षित भी रखता है. मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को भी बढ़ाने में मदद करता है.
5. कैंसर के लिए
इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करके विभिन्न प्रकार की बीमारियों से हमारी रक्षा करते हैं. यह रक्त में सफेद रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करके उनकी गतिविधि को बढ़ाता है. इसमें पाया जाने वाला मैंगनीज एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट हैं. इसमें मौजूद नसुनिन और क्लोरोजेनिक एसिड फ्री रेडिकल्स को ख़त्म करते हैं.
6. हृदय को स्वस्थ रखने में
यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की उपस्थिति को कम करके कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. शरीर में कोलेस्ट्रॉल का संतुलन करके भोजन के आधार पर घटता-बढ़ता है. बैंगन में बायोफ्लैवोनॉइड्स पाए जाते हैं जो रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं.
7. वजन कम करने में
इसमें किसी प्रकार का वसा या कोलेस्ट्रॉल नहीं होने के कारण ये वजन कम करने या मोटापे से परेशान लोगों के लिए बहुत ही स्वस्थ भोजन है. इसमें मौजूद फाइबर घ्रालिन  हार्मोन को बनने से रोकता है.
8. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए
बैंगन में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों के पतन और ऑस्टियोपोरोसिस में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले फिनोलिक यौगिक ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण को कम करते हैं हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और हड्डियों के घनत्व को भी बढ़ाने का काम करते हैं. इसमें लोहा और कैल्शियम जैसे कनीज हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है.
9. गर्भवती महिलाओं के लिए
बैंगन में पाए जाने वाले तत्वों की वजह से ये गर्भवती महिलाओं के लिए एक अति आवश्यक तत्व होता है. फोलिक एसिड सीधे न्यूरल ट्यूब के दोष से शिशुओं की सुरक्षा करता है जो कई तरह से हो सकता है.
10. त्वचा के लिए
बैंगन त्वचा की नरमी और चिकनेपन के लिए उपयोगी है. बैंगन खनिज, विटामिन और आहार फाइबर में समृद्ध हैं यह हमारे सिस्टम को अंदर से साफ करके त्वचा को सुन्दर बनाता है. सूरज के किरणों के कारण सुस्त और बेजान त्वचा के लिए बैंगन बहुत अच्छा होता है.

बैंगन खाने के नुकसान

  • इसके सेवन से कुछ लोगों को एलर्जी की समस्या हो सकती है.
  • गर्भवती महिलाओं को बहुत अधिक बैंगन नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह प्राकृतिक मूत्रवर्धक है और भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है.
  • अगर आप अवसादरोधी दवा ले रहे हैं तो बैंगन का सेवन नहीं करें क्योंकि यह दवाओं के असर को कम कर सकता है.
  • बैंगन अधिक तेल सोखता है जो वसा होता है जिसके कारण आपका वजन बढ़ सकता है और आपके दिल को भी नुकसान पहुँच सकता है.
     
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Dental Health

MDS Orthodontics and Dento Facial Orthopedics, MBA Hosipital Adminstration, Fellow of Academy of General Education (FAGE), BDS
Dentist, Srikakulam
Dental Health

Brush twice a day and floss daily even when your braces are on. The food particles get stuck into the braces very easily. It is very important to keep them clean.

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Health Tip

Dr. Subhash Jha 89% (1129 ratings)
MS, FAIS, MBBS
General Physician, Patna
Health Tip

Health Tip

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How Your Ojas is your protection and health shield?

Dr. Satish Sawale 91% (1807 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), PG Dip Panchakarma, PG Dip Ksharsutra for piles,pilonidal sinus and fistula management , Post Graduate Diploma In Hospital Administration (PGDHA), Certificate in Diabetes update
Ayurveda, Navi Mumbai
How Your Ojas is your protection and health shield?

Your Ojas is your protection and health shield

Immunity in Ayurveda is linked to good digestion, a balanced endocrine system, proper functioning of the liver and a strong agni or metabolism. It's also strongly connected to a subtle essence known as ojas, which means vigor. According to Ayurveda, the strength of your ojas has a bearing on the influences and factors (both external and internal), which cause you to suffer from any health problem. By protecting your ojas, you boost your body's immune system and protect you from every external or internal harms.

There are times when the protection of this subtle essence becomes vital and these are:

- Periods of recuperation
- Stressful situations
- Period between seasons
- Cold and flu period
- Times of rejuvenation
- Drastic change in your routine
- Major life changes like having a baby or divorce

How to go about protecting your ojas and boosting your immunity levels?

1. When it comes to boosting your immunity and fortifying your ojas through diet, garlic is a very useful food. It provides natural support to your body's immune system by kindling your agni, eliminates destroys natural toxins, ensures your body temperature is at an optimal level, improves the functioning of the lungs and as well as removes excess kapha (one of the three energies or doshas) from your body.

2. The adoption of certain fruitful Ayurvedic therapies such as yoga, pranayama and meditation can help in supporting the quality of your ojas, thereby improving your immunity. Although these practices come with diverse benefits, all of them aid in cultivating presence, clearing up your nadis (channels in the body), relieve stress and digest ama (toxins).

3. There are also certain herbs that are known to support your immune system and encourage proper function of the immune system. Herbs like Ashwaganda, guduchi, neem and holy basil ensures a balanced immune system, rendering you with an optimal health.

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Hi, can I consume date or date palm with milk? Is its combination is not oppose to each other? Which dry fruit and fruit is a Best combination blend with milk according to science. Please suggest. which combination with milk is best healthyaccording to ayurveda or science.

Dt. Vishal Wadi 92% (433 ratings)
BSc, Diploma In Human Nutrition, Certified Diabetes Educator, MBA, Lifestyle Medicine
Dietitian/Nutritionist, Bangalore
Hi, can I consume date or date palm with milk? Is its combination is not oppose to each other?
Which dry fruit and fr...
You can boil regular or dried dates with milk, this is good. You can also have almonds and cashews with milk. No issues in that.
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Hi,Is it good to take garlic before going to bed. If yes what are the benefits of that?

Dt. Ranjani Raman 87% (136 ratings)
M.Sc - Dietetics & Food Service Management, National Eligibility Test Qualified for Lecturership, Pediatric Nutrition Certification, Certified Diabetes Educator
Dietitian/Nutritionist, Bangalore
Hi,Is it good to take garlic before going to bed. If yes what are the benefits of that?
Its much more beneficial to have 1-2 small garlic pods in the morning before breakfast. This can reduce cholesterol levels.
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