Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}

Blood Cancer Tips

ब्लड कैंसर का उपचार - Blood Cancer Ka Upchar!

Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
ब्लड कैंसर का उपचार - Blood Cancer Ka Upchar!

कैंसर के कई प्रकारों में से एक ब्लड कैंसर की शुरुआत हमारे शरीर की कोशिकाओं में होने वाले उत्परिवर्तन के कारण होती है, जो कि खून या अस्थि मज्जा में होता है. इसके बाद यह रक्त के जरिये धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलती है. फिर एक ऐसी स्थिति आती है जब ब्लड कैंसर की ये कोशिकाएं खत्म न होकर और बढ़ती ही जाती हैं. इसलिए ये अत्यंत आवश्यक है कि ब्लड कैंसर के लक्षण को देखते ही आपको तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए. सभी रक्त कोशिकाओं की तरह ल्यूकीमिया भी पूरे शरीर में घूमता रहता है. ल्यूकीमिया के लक्षण ल्यूकीमिया सेल्स की संख्या और सेल्स शरीर में कहां पर है इस पर निर्भर करता है. ल्यूकीमिया चार प्रकार के होते हैं एक्यूट लिम्फोसाईटिक ल्यूकीमिया, क्रोनिक लिम्फोसाईटिक ल्यूकीमिया, एक्यूट माइलोसाईटिक ल्यूकीमिया और क्रोनिक माइलोसाईटिक ल्यूकीमिया. ल्यूकीमिया का इलाज उसके प्रकार पर निर्भर करता है, यानी हर तरह के ब्लड कैंसर को ठीक करने का अलग इलाज है. इसके साथ ही ब्लड कैंसर का इलाज रोगी की उम्र और प्रभावित स्थान पर निर्भर करती है. ल्यूकीमिया से पीड़ित रोगी के पास इलाज करने के कई विकल्प मौजूद हैं. रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, बॉयोलॉजिकल थेरेपी और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट थेरेपी. अगर ट्यूमर बड़ा है तो डॉक्टर सर्जरी करने की सलाह देते हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम ब्लड कैंसर के होने का के कारणों की पड़ताल करें ताकि इस विषय को लेकर लोगों में जागरूकता आए.

ब्लड कैंसर के प्रकार और इसे लक्षण
रक्त कैंसर के मुख्य रूप से तीन रूप होते हैं: -

  • ल्यूकेमिया
  • लिम्फोमा और
  • मल्टीपल मायलोमा

इसके साथ ही यह भी जान लेना आवश्यक है कि ब्लड कैंसर आपको किसी भी उम्र में हो सकता है. हालांकि 30 साल के बाद रक्त कैंसर होने का जोखिम अवश्य बढ़ जाता है. ब्लड कैंसर होने पर आपके शरीर के हड्डियों और जोडों में दर्द का अनुभव होने लगता है. यदि हम इसके कुछ प्रमुख लक्षणों की बात करें तो इसमें बुखार आना, चक्कर आना, बार-बार इन्फेक्शन, रात को पसीना आना और वजन का कम होना इत्यादि है.

मरीज की देखभाल-
आपको डॉक्टर के साथ हर तीन महीने पर नियमित चेकअप करवानी होगी. अगर आपको किसी लक्षण का अनुभव होता हैं तो आप कैंसर के इलाज के लिए जा सकते हैं. देखभाल करना इलाज से कहीं बेहतर होता है. यदि आप उचित देखभाल करते है तो कैंसर के ट्रीटमेंट के साइड इफेक्ट्स को कम कर सकते हैं. इससे ल्यूकीमिया का पता बढ़ने से पहले ही चला जाता है और शुरुआती अवस्था में इलाज संभव होता है.

किमोथेरेपी-
ल्यूकीमिया का ट्रीटमेंट किमोथेरेपी के जरिए किया जाता हैं. किमोथेरेपी में दवाओं के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जाता है. यह दवा टैबलेट या इंजेक्शन के माध्यम से रोगी को दी जाती है. मरीज के शरीर में फैले ल्यूकीमिया पर निर्भर करता है कि उसे एक दवा देनी है या उसके साथ कुछ और दवा देनी है.

बॉयोलॉजिकल थेरेपी-
ल्यूकीमिया से पीड़ित रोगी दवा का इस्तेमाल करते हैं इसे बॉयोलॉजिकल थेरेपी के रूप में जानते हैं. इस थेरेपी के जरिए शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा बढ़ती है. इसमें त्वचा के अंदर मांस में दवा को सीरींज के जरिए डाला जाता है. यह रक्त में फैले ल्यूकीमिया सेल्स की गति को धीमा कर देता है और रोगी के कमजोर इम्मयून सिस्टम को शक्ति देता है. इस इलाज के साथ अन्य कोई दवा देने पर इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं.

रेडिएशन थेरेपी-
रेडिएशन थेरेपी एक्स रे के सामान होती है. इसमें रोगी को कोई दर्द नहीं होता है. इसमें एक बड़ी मशीन के जरिए निकलने वाली ऊर्जावान किरणें रोगी के शरीर में जाकर कैंसर के सेल्स को खत्म कर देता है. इस थेरेपी को करते समय शरीर के स्वस्थ्य सेल भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं लेकिन व सेल्स समय के साथ ठीक हो जाते हैं.

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट-
ल्यूकीमिया का ट्रीटमेंट स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के माध्यम से हो सकता है. स्टेम सेल ट्रांसप्लांट में आपको दवाईयों की हाई डोज व रेडिएशन थेरेपी दी जाती है. दवाओं के हाई डोज से बोन मेरो में ल्यूकीमिया कैंसर सेल और हेल्थी सेल दोनों प्रभावित होते हैं. हाई डोज किमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी के बाद लंबी नस के माध्यम से आपको स्वस्थ कोशिकाएं मिलती हैं. ट्रांसप्लांटेड स्टेम सेल से नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं.

1 person found this helpful

ब्लड कैंसर कैसे होता है? - Blood Cancer Kaise Hota Hai?

Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
ब्लड कैंसर कैसे होता है? - Blood Cancer Kaise Hota Hai?

कैंसर के कई प्रकारों में से एक ब्लड कैंसर की शुरुवत हमारे शरीर की कोशिकाओं में होने वाले उत्परिवर्तन के कारण होती है, जो कि खून या अस्थि मज्जा में होता है. इसके बाद यह खून के जरिये धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलती है. फिर एक ऐसी स्थिति आती है जब रक्त कैंसर की ये कोशिकाएं खत्म न होकर और बढ़ती ही जाती हैं. इसलिए ये अत्यंत आवश्यक है कि ब्लड कैंसर के लक्षण दिखाई ही आपको तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए. आइए इस लेख के माध्यम से हम ब्लड कैंसर के होने का के कारणों की पड़ताल करें ताकि इस विषय को लेकर लोगों में जागरूकता आए.

ब्लड कैंसर के प्रकार और लक्षण
ब्लड कैंसर के मुख्य रूप से तीन रूप होते हैं: -

  • ल्यूकेमिया
  • लिम्फोमा और
  • मल्टीपल मायलोमा

इसके साथ ही यह भी जान लेना आवश्यक है कि ब्लड कैंसर आपको किसी भी उम्र में हो सकता है. हालांकि 30 साल के बाद रक्त कैंसर होने का जोखिम अवश्य बढ़ जाता है. ब्लड कैंसर होने पर आपके शरीर के हड्डियों और जोडों में दर्द का अनुभव होने लगता है. यदि हम इसके कुछ प्रमुख लक्षणों की बात करें तो इसमें बुखार आना, चक्कर आना, बार-बार इन्फेक्शन, रात को पसीना आना और वजन का कम होना इत्यादि है.

रोग-प्रतिरोधक क्षमता का कम होना
आमतौर पर ब्लड कैंसर होने के विभिन्न कारण हैं. लेकिन इन सबमें प्रमुख कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक (इम्यून सिस्टम) क्षमता का कम होना या क्षीण होना है. जाहीर है कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली आपके शरीर में कई तरह के विकार उत्पन्न करती है लेकिन इसके साथ ही ये कैंसर के फैलने का कारण बनती होती है. यही नहीं इस दौरान आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी का फायदा उठाकर शरीर में अन्य रोग जैसे गठिया या अर्थराइटिस हो जाता है जो कि ब्लड कैंसर को बढ़ाने का काम करता है.

रेडिएशन के संपर्क में आने से होता है ब्लड कैंसर
रेडियशन से कई तरह की विकृतियाँ हमारे शरीर में उत्पन्न होती हैं. एक्सर-रे या अन्य रेडिएशन किरणों के प्रभाव में आने से भी ब्लड कैंसर हो सकता है. जाहीर है कि सीटी-स्कैन और रेडिएशन थेरेपी से भी रेडियशन उत्पन्न होता है. इसलिए ये भी ब्लड कैंसर होने के खतरे को बढाते हैं. रेडिएशन की तेज किरणें ब्लड कैंसर के खतरे को कई गुना तक बढ़ा देती है. रेडिएशन के जरिए ये किरणें खून की कोशिकाओं में प्रवेश करके स्वस्थ कोशिकाओं को समाप्त कर देती हैं जिससे ब्लड कैंसर होने की संभावना में वृद्धि होती है.

कीमोथेरेपी
आप सोचते होंगे कि किमोथेरेपी तो कैंसर को ही खत्म करने का उपचार है और इसे से कैंसर? जी हाँ, कीमोथेरेपी कराने के बाद ब्लड कैंसर होने के जोखिम में वृद्धि हो जाती है. ऐसा होने की जायज वजहे हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कीमोथेरेपी की दवाएं कैंसर की कोशिकाओं एवं अन्य कोशिकाओं (जैसे – खून और बाल के सेल्स में) में कोई भेद नहीं कर पाते हैं.

केमिकल्स के संपर्क में आना
आज के इस प्रदूषित वतावरण में कई प्रकार के हनिकारक रसायनों की प्रचुरता है. कीटनाशकों (मच्छर और कॉक्रोच मारने की दवा) और नाइट्रेटयुक्त पानी का इस्तेमाल करने से ब्लंड कैंसर होने के संभावना में वृद्धि होती है. इसके अलावा पेट्रोल और सिगरेट के धुएं से भी ब्लड कैंसर होने का जोखिम बढ़ता है.

संक्रमण
जैसा कि हमने पहले कहा कि ब्लड कैंसर के होने का एक कारण प्रतिरक्षातंत्र की कमजोरी है. इसलिए एचआइवी व एड्स से ग्रस्त व्यक्ति को ब्लड कैंसर होने का खतरा बढ जाता है. इसका एक कारण ये भी है कि एड्स का संक्रमण खून में ज्यादा होता है. इसके अलावा अगर आपको अन्य बीमारियां भी हैं तो उसके संक्रमण से ब्लड कैंसर होने का जोखिम रहता है.

आनुवांशिक
ब्लड कैंसर होने का आनुवांशिक कारण भी हो सकता है. अर्थात यदि घर में किसी को ब्लड कैंसर है तो उसके बच्चे को भी कैंसर होने का जोखिम बना रहता है. आपको बता दें कि ब्लड कैंसर हमारे शरीर में धीरे-धीरे कई वर्षों में फैलता है. इसलिए इसका प्रभाव घर में अन्य लोगों को विशेष रूप से बच्चों को ज्यादा होता है.


उम्र बढना
ज्ञातव्य है कि बढ़ती उम्र के साथ हमारे शरीर की क्षमता घटती जाती है. यही कारण है कि बच्चों की अपेक्षा ज्यादा उम्र के लोगों को ब्लड कैंसर होने की संभावना अधिक होती है. अमूमन रक्त कैंसर, 30 साल या उससे अधिक के उम्र के लोगों को होता है. रक्त कैंसर के मरीज नौजवानों की तुलना में बूढे लोग ज्यादा हैं.


धूम्रपान
धूम्रपान से कैंसर होने का उल्लेख तो इसके पैकेट पर ही होता है. आपको बता दें कि जो व्यक्ति धूम्रपान करता है उसके शरीर के अंदर निकोटीन प्रवेश करके कई प्रकार के कैंसर उत्पन्न करता है. धूम्रपान और तंबाकू का सेवन भी रक्त कैंसर के लिए उत्तरदायी होते हैं.
 

Obesity - A Leading Cause Of Death Worldwide!

Dr. Vishwanath B L 92% (100 ratings)
Doctor of Medicine (M.D.), MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery
General Physician, Bangalore
Obesity - A Leading Cause Of Death Worldwide!

Obesity is a medical condition in which excess accumulation of body fat creates an adverse effect on health. Obesity is a leading preventable cause of death worldwide, with increasing rates in adults and children. In 2015, 600 million adults and 100 million children were obese. Obesity is more common in women than men.It is defined by body mass index (BMI) and further evaluated in terms of fat distribution via the waist-hip ratio (WHR) and total cardiovascular risk factors. Body mass index is closely related to both percentage body fat and total body fat.

It is defined as the subject's weight divided by the square of their height and is calculated as follows:

BMI = m/h2(Where m and h are the subject's weight and height, respectively)Waist-hip ratio is the dimensionless ratio of the circumference of the waist to that of the hips. This ratio is calculated as waist measurement divided by hip measurement (W ÷ H)The WHR has been used as an indicator or measure of health and the risk of developing serious health conditions.

The BMR of the body is classified into the following types:

BMI (kg/m2)   Classification up to 18.5 Underweight18.5–25.0 Normal weight25.0–30.0
Overweight 30.0–35.0 Class I obesity 35.0–40.0

Class II obesity  

40.0 and above

Class III obesity

Causes-

Conservative management

  1. Diet: Limit energy intake from total fats and sugars and increase consumption of fruits, vegetables, legumes, whole grains, and nuts.
  2. Eat consistently: Resist the urge to overeat. Your food intake should follow a regular routine. Overeating not only upsets your routine but also impacts your metabolism.
  3. Breakfast: Never miss your breakfast. Breakfast is a crucial meal; it also helps stave off hunger later on in the day, which often leads to overeating and snacking.
  4. Monitor yourself: Keep a close check on what you eat and regularly weigh yourself.
  5. Physical activity: Perform at least 200 minutes of moderate-intensity exercise each week. This schedule should be spread out over at least 3 days.
  6. Watching TV:  Limit watching TV to no more than 10 hours each week.

Surgical management

The surgical management of obesity involves the following two procedures:

  • Restrictive procedures
  • Malabsorptive procedures
7608 people found this helpful

How Ayurveda Helps Manage Blood Cancer?

Dr. Shambulingaiah S. Hiremath 87% (72 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), MS - Ayurveda
Ayurveda, Bangalore
How Ayurveda Helps Manage Blood Cancer?

In our modern life, cancer is the most dreaded disease of all. Despite substantial advances in medical science, there hasn't been much of a progress in the treatment available for cancer. The mortality rate for cancer is still on the rise and all this, in spite of all kinds of sophisticated treatments at our disposal. 

Cancer is rather a torturous experience, not merely on account of the terminal consequence, but also of the extreme physical and emotional suffering that one has to endure. What's worse is that often all the efforts are rendered vain. In that context, a large number of people have started looking towards alternative therapies as a cure for cancer. Serious forms of cancers like blood cancer or leukemia are often formidable and do not respond favourably to the clinical treatments. Consequently, despite all attempts and humongous investments, the casualties are on the rise. To counter such threats, people are growingly moving towards alternative remedies. Among the other natural cures, Ayurveda has garnered a lot of interest and approval.

Ayurveda has devised a holistic process that potentially cures you of blood cancer and endows you with a fresh leash of life. As per Ayurveda, the main causes of cancer may be enumerated as genetic imbalances, exposure to harmful radiation, stressful and unhealthy lifestyle and consumption of degenerating food items. As such, Ayurveda tries to heal not just the disease but also the germ of the disease and in the process, improves your well-being.

Ayurveda grapples with blood cancer in the following ways: 

  1. Adjuvant to ongoing treatment: You may be skeptical of depending entirely on Ayurveda as a remedy for cancer. As such, Ayurvedic treatments may be used as ancillaries alongside the ongoing chemotherapy and radiology. Ayurveda stimulates your in built immunity and thus prolongs and rejuvenates your lifespan. That aside, the natural benefits that Ayurveda provides your body reduce the side effects of chemotherapy and help in complete remission of the disease.
  2. Rasashastra: Ayurveda deems the imbalance in your genetic code to be the main cause of cancer. Therefore, it believes that remedy lies in 'pitta' restoration. Under this treatment, Ayurveda uses a combination of metals vis-a-vis the purest elements to minimize the deterioration of the condition. A unique combination of silver, gold and other essential minerals can be wondrous to boost the immunity of the cells and restore the normal cell production rate in your marrows. This goes a long way in obliterating the damage caused by blood cancer.
  3. The right diet: Consuming the most favourable foods are essential while battling cancer. An alkaline diet comprising of coconut water, warm, fresh nutritious food like leafy greens, apples and nuts must be regularly consumed. Greasy, spicy and lavish dishes should be avoided since they are known to generate harmful 'ama' in your body.
5144 people found this helpful

Know The Symptoms Of Blood Cancer!

Dr. Lalit Raut 87% (28 ratings)
Fellowship In Leukemia & Stem Cell Transplant, DM - Clinical Haematology, MD - Medicine
Hematologist, Nagpur
Know The Symptoms Of Blood Cancer!

Cancer is the most dangerous and harmful disease of the world, which has various reasons to affect the body in any stage of life. This is also the good thing to know that there are a lot of treatments available in the medicine arena which can completely or partially treat cancer. But the individual and the family members of them need to be confident enough with the treatment and expertise of the doctor. Blood Cancer is a life taking disease and the treatment for it is must. The medicines should be start recovery from any age of the sufferer and stage of the disease. The treatment will have some side effects and fast to react to symptoms and should be affordable as well.

General symptoms
As said before that the symptoms of different types of the cancer vary but some general symptoms are there which are found in most of the cancer patients.

  1. Pain
  2. Sudden weight loss
  3. Fever
  4. Fatigue
  5. Sudden changes in skin
  6. Unusual bleeding

Haematology is less known, but a very important branch of medical science. This branch is concerned with the study of blood, blood diseases and the blood-forming organs as well. Treatment based on the Haematology for blood cancer can be quite successful as compared to general remedies. The modern Haematology made cancer easy to cure, comfortable and side effect less. This cost effective method of cancer cure give relief in lesser time and assures the improved quality of life as well. That is the reason that people around the world trust on treatment based upon Haematology because the treatment has all the basic qualities that made it the best cure for cancer.

 

2532 people found this helpful

Chronic Myeloid Leukemia - Causes, Symptoms & Treatment Of It?

Dr. Mahadeva Swamy B C 92% (18 ratings)
Clinical Haematology, MD - Medicine
Hematologist, Panaji
Chronic Myeloid Leukemia - Causes, Symptoms & Treatment Of It?

Chronic myeloid leukemia (CML) is a cancer of the white blood cells. It is characterized by an increased and unregulated growth of myeloid cells in the bone marrow and the accumulation of these cells in the blood.

Epidemiology, Incidence, Prevalence
In Western countries, CML accounts for 15–25% of all adult leukemias and 14% of leukemias overall (including the pediatric population, where CML is less common).

Why Does It Happen?
Neither you get it from your parents or infections, nor your smoking habits and diet seem to raise any chance of getting it. The only risk is if you've been in contact with high levels of radiation. Higher incidence of CML was seen in Hiroshima and Nagasaki nuclear bombing survivors. The rate of CML in these individuals seems to peak about 10 years after the exposure.

How would you know about it?

  • CML has three phases: Chronic, Accelerated, and Blastic
  • Chronic- It is the earliest stage. You might not even have symptoms.
  • Accelerated- The number of blood cells that don't work right increases Symptoms are as follows
  • Night sweats due to hypermetabolism
  • Dyspnea
  • Decreased appetite
  • Left upper quadrant abdominal pain from spleen infarction
  • Pain in your bones
  • Stroke
  • Changes in your vision
  • Ringing in your ear
  • Fatigueweight loss
  • Loss of energy
  • Decreased exercise tolerance
  • Bruise

Blastic- The cells multiply and take over the healthy blood cells and platelets.

Symptoms-

  1. Thrombocytopenia
  2. Basophilia
  3. Anemia
  4. Rapidly enlarging spleen in blast crisis
  5. Skin changes including bumps, tumors
  6. Swollen gland
  7. Infections
  8. Bleeding, petechiae, and ecchymosis
  9. Bone pain
  10. Fever
  11. Investigations

Complete blood count- To see how many white blood cells, red blood cells, and platelets you have.

  1. FISH test (fluorescence in situ hybridization)- It is a detailed lab test of your genes to see for Philadelphia (Ph) chromosome in bone marrow cells.
  2. Polymerase chain reaction test- It is a lab test that looks for the BCR-ABL gene, which is involved in the process that tells your body to make too many of the wrong kind of white blood cells.

Ultrasonography- to see for splenomegaly.
Bone marrow test. It helps you figure out how advanced your cancer is. The doctor uses a needle to take a sample, usually from your hip bone.

Treatment

  1. The goal of your treatment is to destroy the leukemia blood cells in your body and restore healthy ones to a normal level. It's usually not possible to get rid of all the bad cells.
  2. If you get treatment during the early, chronic phase of CML, it can help prevent the disease from moving to a more serious level.
  3. Doctors usually give drugs known as tyrosine kinase inhibitors (TKIs) first. They slow down the rate at which your body makes leukemia cells.

रक्त का कैंसर के लक्षण - Blood Cancer Symptoms!

Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
रक्त का कैंसर के लक्षण - Blood Cancer Symptoms!

कैंसर के कई प्रकारों में से एक रक्त कैंसर है. चिकित्सकीय भाषा में इसे ल्यूकेमिया कहा जाता है. रक्त कैंसर में खून की कोशिकाएं कैंसर ग्रस्त हो जाती हैं. इस दौरान खून में असामान्य रूप से रक्त कैंसर कोशिकाओं (असामान्य सफ़ेद रक्त कोशिकाएं) का निर्माण होने लगता है. आपको बता दें कि रक्त कैंसर कोशिकाएं साधारण कोशिकाओं की अपेक्षा ज्यादा तीव्रता से विकसित होती हैं. अबाध गति से बढ़ती रक्त कैंसर कोशिकाकाएं सामान्य कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुँचाती हैं. यदि आप रक्त कैंसर के जोखीम से बचना चाहते हैं तो आपको इसके तमाम लक्षणों को ध्यान में रखना होगा. इसलिए आइये इस लेख के माध्यम से हम रक्त कैंसर के विभिन्न लक्षणों को विस्तार से जानें ताकि इस विषय में लोगों की जानकारी बढ़ सके.
रक्त कैंसर के लक्षण
जब भी कोई व्यक्ति रक्त कैंसर का शिकार होता है तो उसके शरीर में कई ऐसे संकेत नजर आने लगते हैं जिनका इशारा रक्त कैंसर की तरफ होता है. जाहीर है इन्हीं लक्षणों के जरिए हम रक्त कैंसर को पहचान सकते हैं. यदि आपको भी इनमें से कोई लक्षण नजर आयें तो आपको तुरंत किसी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए ताकि समय रहते इसका उचित उपचार किया जा सके.
सूजन का होना: - रक्त कैंसर से पीड़ित व्यक्ति हाथ में या फिर कमर में कहीं किसी प्रकार के नई गांठ या फिर सूजन का अनुभव हो सकता है. कई बार ये सूजन पेट के बाईं ओर भी हो सकता है जिसमें दर्द भी होता है.
लगातार रक्तस्राव होना: - कई लोगों को रक्त कैंसर के दौरान मलाशय, दाँतों के मसूड़ों या फिर नाक से निरंतर रक्तस्राव होता रहता है. मासिक धर्म के दौरान भी अनियंत्रित रूप से रक्तस्राव होता है.
कुछ अंगों का नीला पड़ना: - इस दौरान आपके शरीर के कुछ हिस्से नीले पड़ने लग सकते हैं.
लंबे समय तक बुखार का बने रहना: - ऐसे तो बुखार होता है और दवा लेने के बाद समाप्त भी हो जाता है. लेकिन जब आपको रक्त कैंसर होता है तो ये लंबे समय तक बने रह सकता है.
रात में सोने पर पसीने का आना: - रात को सोने पर जब आपको पसीना आने लगे तो इसे भी रक्त कैंसर के होने का ही संकेत मानना चाहिए.
हड्डियों के अंदुरुनी हिस्से में दर्द होना: - जब आपके हड्डियों के अंदुरुनी हिस्से में बिना किसी कारण दर्द होने लगे तो इसे भी आपको रक्त कैंसर के होने का संकेत मानना चाहिए.
वजन का लगातार कम होना: - जब किसी व्यक्ति को भूख कम लगे और ऐसा लगातार होने पर उसके वजन में कमी आने लगे तो इसको रक्त कैंसर का लक्षण मानना चाहिए.
बहुत ज्यादा थकान का अनुभव करना: - यदि आपको बिना किसी उचित कारण जैसे कि बिना परिश्रम किए ही थकान का अनुभव होने लगे तो इसे रक्त कैंसर से जोड़कर देखना चाहिए.
रक्त कैंसर के प्रकार
सीएमएल रक्त कैंसर:- क्रोनिक माइलोजीनस रक्त कैंसर अधिकांशतः वयस्क लोगों को अपने चपेट में लेता है. दरअसल ये कैंसर के उन प्रकारों में से है जो अस्थि मज्जा को तो प्रभावित करता ही है इसके साथ ही रक्त पर भी अपना प्रभाव डालता है. आपको बता दें कि इसकी शुरुवात अस्थि मज्जा में रक्त का निर्माण करने वाली कोशिकाओं में होकर आगे रक्त तक प्रसारित हो जाती है. यही नहीं ये अन्ततः सम्पूर्ण शरीर में फैलता चला जाता है.
एएमएल रक्त कैंसर:- एक्यूट लिम्फोसाइटिक रक्त कैंसर, कैंसर का वह प्रकार है जिसका संबंध सिर्फ बच्चों से है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसका विकास बहुत तेजी से होता है. इसकी दूसरी खासियत ये है कि यह स्वस्थ कोशिकाओं के बदले अपरिपक्व रक्त कैंसर कोशिकायें उत्पादित करने लगता है. फिर जब ये रक्त कैंसर कोशिकाएं परिपक्व हो जाती हैं तो रक्त के साथ प्रवाहित होते हुये शरीर के अन्य भागों और ऊतकों तक प्रसारित हो जाती है. शरीर के जिन हिस्सों ये प्रसारित हो सकता है वो हैं लिम्फ नोड्स, मस्तिष्क, टेस्टेस और लिवर. यहाँ इन कोशकाओं की वृद्धि विभाजन के माध्यम से होती है.

Blood Cancer - Things You Need To Know About It!

Dr. Avinash Singh 88% (28 ratings)
MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD - Medicine, DM - Clinical Hematology
Hematologist, Patna
Blood Cancer - Things You Need To Know About It!

Cancer is the most dangerous and harmful disease of the world, which has various reasons to affect the body in any stage of life. This is also the good thing to know that there are a lot of treatments available in the medicine arena which can completely or partially treat cancer. But the individual and the family members of them need to be confident enough with the treatment and expertise of the doctor. Blood Cancer is a life taking disease and the treatment for it is must. The medicines should be start recovery from any age of the sufferer and stage of the disease. The treatment will have some side effects and fast to react to symptoms and should be affordable as well.

General symptoms
As said before that the symptoms of different types of the cancer vary but some general symptoms are there which are found in most of the cancer patients.

  1. Pain
  2. Sudden weight loss
  3. Fever
  4. Fatigue
  5. Sudden changes in skin
  6. Unusual bleeding

Haematology is less known, but a very important branch of medical science. This branch is concerned with the study of blood, blood diseases and the blood-forming organs as well. Treatment based on the Haematology for blood cancer can be quite successful as compared to general remedies. The modern Haematology made cancer easy to cure, comfortable and side effect less. This cost effective method of cancer cure give relief in lesser time and assures the improved quality of life as well. That is the reason that people around the world trust on treatment based upon Haematology because the treatment has all the basic qualities that made it the best cure for cancer.

 

2379 people found this helpful

Sonali Bendre Diagnosed With High-Grade Cancer- A Silent Invader!

Dr. Garima Sharma 93% (456 ratings)
MBBS
General Physician, Fatehabad
Sonali Bendre Diagnosed With High-Grade Cancer- A Silent Invader!

A shocking revelation that has left all of us deeply saddened - Sonali Bendre, one of the renowned actresses of the B-town recently revealed that she has been diagnosed with high-grade cancer. It was further updated that she is at present undergoing a cancer treatment in New York. No wonder, with the type of lifestyle that most of us are leading nowadays, cancer is fast turning into a new epidemic, with more and more people getting affected by it.

Know what is a High-grade cancer

A high-grade cancer is where the growth of the cells is abnormally fast and spreads quickly. Such cases of cancer require an aggressive and immediate treatment plan.

How cancer treatment differs on the basis of grade

The grade of cancer along with the age of the patient and the current state of health enables the doctor to decide upon the treatment plan.

What is Metastasis?

It is the process wherein, the malignant growth develops at a distance from the original site of the tumor. It develops when the cancerous cells break away from main tumour, enter the bloodstream or lymphatic system and spreads throughout the body. Metastasis is also known by different names, such as stage 4 cancer or advanced cancer. Further, any type of cancer can turn into metastasized stage based on its type and how fast growing it is.

Common cancer symptoms

  1. Change in bowel movement
  2. Blood in urine or stool
  3. Unexplained lumps in the body
  4. Delayed healing of sores
  5. Change in skin condition

Actress Sonali Bendre’s case is a warning sign for people as to why it’s time to stop playing with your health and stay focused on prevention rather than cure. Regular preventive health check-ups are the best way to lead a healthy life. Let's make the most of it and consult your doctor every six months.

760 people found this helpful

Blood Cancer - 3 Most Common Types + Signs That Indicate It!

Dr. Dinesh Singh 88% (72 ratings)
MBBS, MD-Radio Therapy
Oncologist, Ghaziabad
Blood Cancer - 3 Most Common Types + Signs That Indicate It!

Cancer occurs when there is an uncontrolled growth of cells in the body. Blood cancer affects three major components of the blood, namely white blood cells and marrow, the lymphocytes, and plasma. These are respectively known as leukemia, lymphoma, and myeloma. The most commonly affected are the white blood cells.

Symptoms for each of these types differ; the same have been listed below:

Leukemia: Leukemia can be acute or chronic. In acute cases, the symptoms are more pronounced than the chronic ones. If the white blood cells are affected, then it causes the following:

  1. Shortness of breath
  2. Anemia
  3. Extreme tiredness and lack of energy
  4. Profuse sweating
  5. Increased susceptibility to infections
  6. Profuse bleeding during menstruation in women
  7. Swollen lymph nodes
  8. Headache and blurring of vision
  9. Bones and joint pain
  10. Chills and night sweats

The acronym TEST helps remember the symptoms of leukemia – tiredness, excessive sweating, sore joints, and terrible cases of bleeding. As white blood cells are involved in fighting infections, these individuals are also prone to easily develop infections.

Lymphoma: A type of white blood cells, lymphocytes help in fighting infections. Excessive growth of these leads to enlarged lymph nodes, which is often painless. However, other typical symptoms include:

  1. Severe coughing
  2. Swollen lymph nodes which are often generalized
  3. Severe weight loss, which is often unexplained
  4. Fever
  5. Sudden chills and night sweats
  6. Extreme/severe fatigue, even with minimal activity
  7. Abdominal fullness
  8. Itching of the skin (again unexplained)

Myeloma: This form of cancer affects the plasma, which are responsible for carrying the blood cells throughout the body. Multiple myeloma is the most common cancer in this group, and this is generally a chronic condition. Symptoms are atypical and include:

  1. Generalized weakness and fatigue
  2. Increased incidence of infections
  3. Shortness of breath
  4. Chest pain
  5. Pain in the back region
  6. Kidney issues, which can be indicative to look for myeloma

When a patient presents with a combination of the above symptoms, a detailed history is very helpful to come to a sort of conclusion. The clinical findings are then corroborated with blood screening and tests which will help pin down the diagnosis.

There are about 130+ varieties of blood cancer, but the above three are the most common ones. Once suspected, it is very easy to diagnose blood cancer with blood tests. If a person has a family history, then they should watch out for early symptoms of blood cancer, and should immediately seek medical attention when in doubt. The most common form of therapy is chemotherapy as it is a generalized condition, and radiotherapy is more suitable for localized cancers.

In case you have a concern or query you can always consult an expert & get answers to your questions!

3600 people found this helpful
Icon

Book appointment with top doctors for Blood Cancer treatment

View fees, clinic timings and reviews