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Ashirvad Clinic

Homeopath Clinic

#C/1, Om Shri Hari Dham Society, Mira Gavthan Landmark; Near Om Shri Hari Dham Society, Thane Thane
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Our entire team is dedicated to providing you with the personalized, gentle care that you deserve. All our staff is dedicated to your comfort and prompt attention as well....more
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More about Ashirvad Clinic
Ashirvad Clinic is known for housing experienced Homeopaths. Dr. Pruthviraj S. Patil, a well-reputed Homeopath, practices in Thane. Visit this medical health centre for Homeopaths recommended by 77 patients.

Timings

MON-SAT
05:30 PM - 10:30 PM 09:30 AM - 01:30 PM

Location

#C/1, Om Shri Hari Dham Society, Mira Gavthan Landmark; Near Om Shri Hari Dham Society, Thane
Thane, Maharastra
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Doctor in Ashirvad Clinic

Dr. Pruthviraj S. Patil

DHMS (Diploma in Homeopathic Medicine and Surgery)
Homeopath
20 Years experience
100 at clinic
Available today
05:30 PM - 10:30 PM
09:30 AM - 01:30 PM
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Paachan Shakti Badhaane Ke Upaay - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Paachan Shakti Badhaane Ke Upaay - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय

आयुर्वेद के अनुसार भोजन को पचाने के लिए हमारे शरीर में पाचन अग्नि होती है जिसको पाचन ऊर्जा भी कहते हैं. अक्सर हमलोग बिना किसी परेशानी के पाचन आदि पर ध्यान नहीं देते जिसके कारण हमारी पाचन शक्ति कमजोर पद जाती है. कमजोर पाचन अग्नि खाने के बाद थकान की समस्या पैदा करती है. हमें हमें अपनी पाचन ऊर्जा को नियमित करने के लिए भोजन करने से पहले ताजे अदरक और थोड़े नींबू के रस में एक चुटकी नमक मिलाकर लेना चाहिए. इससे लार ग्रंथियाँ सक्रिय होती हैं और हमारे भोजन से पोषक तत्वों को आसानी से अवशोषित कर लिया जाता है. जिससे कि आवश्यक एंजाइम आसानी से बन जाते हैं. आयुर्वेद में इस बात का उल्लेख है कि पाचन अग्नि को संतुलित करते रहना बेहद जरूरी है यदि हमारी पाचन ऊर्जा कम होती जाएगी तो खाने को पचाना मुश्किल हो सकता है. लेकिन यदि पाचन अग्नि प्रचुर मात्रा में होती है तो यह भोजन जला देती है. आइए पाचन शक्ति को दुरुस्त करने के तरीके को जानें.

1. आयुर्वेदिक दवा त्रिफला
कोलन को विषमुक्त करने में त्रिफला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. दरअसल त्रिफला एक ऐसा शक्तिशाली फार्मूला है जो तीन जड़ी बूटियों आमलकी, बिभीतकी और हरीतकी के मिश्रण से बना हुआ है. इसका उपयोग हमलोग पोषक तत्वों के अवशोषण में भी वृद्धि करने के लिए करते हैं. ये हमारे पेट से तमाम विषाक्त पदार्थों को साफ करने में बहुत उपयोगी है. यह हमारे शरीर से धीरे-धीरे शरीर विषाक्तता को दूर करके पाचन को तीव्र करती है. इसके लिए त्रिफला की तीन गोलियाँ या एक चम्मच पाउडर सोने से पहले पानी के साथ सेवन करनी चाहिए.
2. खाने का मज़ा लें
जब भी खाना खाएं बहूत उत्साह से और खाने पर ध्यान केन्द्रित करके खाएं. क्योंकि खाना हमें जीवन देता है. आयुर्वेद के अनुसार खाना हमारी चेतना के विकास के साथ ही हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरुरी है. यदि आप नीचे बैठकर खाएंगे तो ये उचित होता है. जब हम नीचे बैठ कर खाना खाते हैं तो हमारा पेट सुकून की मुद्रा में रहता है और हमारा सारा ध्यान खाने के स्वाद, खाना कैसा बना हुआ है और भोजन की सुगंध पर रहता है जो हमारे पाचन में काफी सुधार करता है. इसे आजमा कर देखना बेहद आसान भी है.
3. खाने के बाद लें दही या लस्सी
खाने को ठीक से हजम करने के लिए खाना खाने के बाद दही या लस्सी का सेवन एक प्रभावी तरिका है. इससे खाना तो बेहतर तरीके से पच ही जाता है हमें कई अन्य पोषक तत्व भी मिल जाते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं. इसके अलावा पाचन स्वास्थ्य को सुधारने में दही को सबसे अच्छा उपचार माना जाता है. लस्सी में हलके और आवश्यक बैक्टीरिया होते हैं जो खाने को सुचारू रूप से पचाने में मददगार होते हैं.
4. खाना सुकून से खाएं
हम में से कई व्यक्ति दोपहर का भोजन मल्टीटास्किंग करते हुए मतलब यातायात में ड्राइविंग हुए, काम करते हुए मेज पर या फिर खड़े-खड़े ही खाने लगते हैं क्योंकि हमारे पास समय का अभाव होता है. आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर को भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में उचित वातावरण की जरूरत होती है. इसलिए खड़े-खड़े, ड्राइविंग करते हुए, रस्ते पर चलते-चलते भोजन नहीं करना चाहिए. अगर आप के पास समय का अभाव है, फिर भी आप को बैठ कर ही भोजन करना चाहिए.
5. सही समय पर खाएं सही चीज
आजकल हमलोग अक्सर अनुचित तरीके से भोजन करने के दुष्प्रभाव देखते हैं. यदि आप इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं तो आपको उपयुक्त समय और प्रकृति के लय का पालन करते हुए भोजन करना चाहिए. दोपहर का भोजन हमें 12 से 2 बजे तक कर लेना चाहिए. इस समय हमारी पाचन ऊर्जा मजबूत होती है. दोपहर के भोजन का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि उस समय हमारी पाचन ऊर्जा अधिक शक्ति से काम करती है. रात का खाना दोपहर के भोजन की तुलना में हल्का होना चाहिए और हमें रात 8:00 बजे तक भोजन का सेवन कर लेना चाहिए. रात 10:00 बजे के बाद हमारा शरीर विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने का काम करता है. इसलिए रात 10:00 बजे के बाद भोजन करने से विषाक्त पदार्थ भोजन प्रणाली में जमा हो जाते हैं जिसकी वजह से अगले दिन हम थकान महसूस करते हैं.
 

Weak Bones Ka ilaj In Hindi - कमजोर हड्डियां का इलाज

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Weak Bones Ka ilaj In Hindi - कमजोर हड्डियां का इलाज

हमारे बदलते रहन-सहन और खान-पान के कारण अब हड्डियों की समस्या एक आम समस्या है. हड्डियों से संबंधित कई तरह के परेशानियों से लोग पीड़ित हैं. हड्डियों के इन परेशानियों को आपको गंभीरता से लेना चाहिए. यदि आप भी ऐसा सोचते हैं कि दिन में एक गिलास दूध पी लेने से हड्डियों में एक दिन के कैल्शियम की पूर्ति हो जाती है, तो आप गलत हैं. दरअसल कैल्शियम, हड्डियों के स्वास्थ्य और मजबूती के साथ ही ब्लड क्लॉटिंग और मांसपेशियों के विकाश में भी मददगार होती है. यही कारण है कि शरीर को अधिक मात्रा में कैल्शियम चाहिए. लेकिन जो व्यक्ति दिल की बीमारी या पथरी से ग्रसित है उसे कैल्शियम की अत्‍यधिक मात्रा नहीं लेनी चाहिए. ऐसे में आपको चिकित्सक के परार्मश से ही कैल्शियम लेनी चाहिए. हड्डियों में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली समस्या है ऑस्टियोपोरोसिस. अब सवाल ये है कि आखिर ये ऑस्टियोपोरोसिस है क्या? तो आपको बता दें कि यह एक छुपा हुआ रोग है. इसके बारे में तब तक पता नहीं चलता है जब तक की खुशी चोट की वजह से आप किसी ने वजह से कोई अधिक टूट ना जाए. जाहिर है जब हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, तभी उनके टूटने की शुरुआत होती है. आइए इसके बारे में जानें की हम ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम और इसका उपचार कैसे कर सकते हैं.

1. धूप जरूरी है
धूप दरअसल ऑस्टियोपोरोसिस के दौरान कैल्शियम का अवशोषण करने के लिए शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है. इसलिए इस दौरान यदि आप धूप में 20 मिनट के लिए रोजाना जाएं तो इससे आवश्यक विटामिन डी की कमी की आपूर्ति हो जाती है. लेकिन लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपको धूप में जबरदस्ती नहीं बैठना है.
2. कैल्शियम और संतुलित आहार से
जब हमें पता चलता है कि ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या किसी व्यक्ति में उत्पन्न हो गई है तो प्रारंभिक तौर पर इसके मरीज को कैल्शियम और विटामिन डी जैसे जरूरी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है इसके साथ ही उन्हें यह भी कहा जाता है कि शारीरिक सक्रियता को बनाए रखें ऑस्टियोपोरोसिस में खाने-पीने से संबंधित कोई विशेष परहेज नहीं किया जाता है. लेकिन संतुलित आहार दैनिक रूप से लिया जाना चाहिए.
3. अखरोट और बादाम
ऑस्टियोपोरोसिस के दौरान आपकी हड्डियों को कैल्शियम विटामिन ई और ओमेगा 3 जैसे फैटी एसिड्स की आवश्यकता होती है. इसके अलावा बदाम में फास्फोरस भी मौजूद होता है जो की हड्डियों और दांतों के लिए बेहद आवश्यक होता है. इसके साथ ही अखरोट में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो कि मांसपेशियों और हड्डियों की तकलीफ से निजात दिलाने का काम करते हैं. इसलिए नियमित रूप से सुबह खाली पेट 3-4 अखरोट की गिरी खाने से काफी लाभ मिलता है.
4. दूध की सहायता से
दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है. क्योंकि इसमें कई पोषक तत्वों के अलावा कैल्शियम और अन्य खनिज पदार्थों की भी उपस्थिति होती है. जो की हड्डियों के लिए बेहद जरूरी होते हैं. इसलिए इस दौरान दूध या दूध से बनी हुई चीजें जैसे कि दही, छाछ, पनीर आदि को अवश्य अपने आहार में शामिल करना चाहिए.
5. सूखे मेवे
सूखे मेवे का सेवन इस ऑस्टियोपोरोसिस के दौरान काफी लाभदायक साबित होता है. इसके साथ-साथ आप ताजी हरी सब्जियां, अंडे, चने, राजमा, आदि को भी अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए.
6. जरूरी है व्यायाम
व्यायाम के कई फायदे होते हैं. यह हमें कई रोगों से बचाने का काम करता है. इसलिए कोई बीमारी नहीं भी हो तो भी हमें व्यायाम अवश्य करना चाहिए. ऑस्टियोपोरोसिस के दौरान हड्डियों की मजबूती के लिए और मांसपेशियों में लचक के लिए दिन में 30 मिनट का व्यायाम अवश्य करना चाहिए. इस दौरान बेहतर होगा कि किसी चिकित्सक से परामर्श ले लें कि आपको कौन सा व्यायाम करना है.

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में सिर्फ़ हड्डियाँ ही कमजोर नही होती बल्कि शरीर के कई अंग भी प्रभावित होते है जैसे दाँत, नाख़ून, मांसपेशियाँ आदि. आहार में पौष्टिकता और सतर्कता से हम इस विकार को बड़ी आसानी से दूर कर सकते है. यह कोई लाइलाज बीमारी नही है. वर्तमान समय में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या सिर्फ़ महिलाओं में ही नही बल्कि पुरुषों में भी देखने को मिलती है. इसलिए सतर्कता और सावधानी सभी के लिए ज़रूरी है. क्योंकि असंतुलित भोजन से ऑस्टियोपोरोसिस जैसा रोग किसी को भी हो सकता है. समस्या सामने आते ही अपने डॉक्टर से उपचार तुरंत लें, जिससे कुछ समय पश्चात आप फिर से एक स्वस्थ जीवन जी सकें.
 

Motivation

BSc - Food & Applied Nutrition, MSc - Food & Applied Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Faridabad
Motivation

Do you struggle to find motivation when it comes to your health and fitness? You're not alone!

  • In my time working within the health and fitness industry, one of the main barriers I have found in clients is a lack of motivation. Often people don't realise that motivation is not something which happens TO us, but it is an internal thing and there are steps you can take to increase it!
  • Too often we spend time wishing and waiting for those results to come. We don't believe enough in ourselves to take action. We look at the long process and start putting excuses in our way. Fear enters and we never get moving.
  • The first thing to accomplishing your results is to simply take action. Remove expectations. Take it one thing at a time.

 

 

I wan to loose my weight, for that I want proper diet chat what should I eat or what not .I'm doing regular cardio 20 min but my weight is not reducing it is increase by 3 kg so want proper diet consultant for that.

M.Sc - Dietitics/Nutrition, B.Sc - Dietitics/Nutrition, Diploma In Sports Science & Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
I wan to loose my weight, for that I want proper diet chat what should I eat or what not .I'm doing regular cardio 20...
Hi, we can surely help you to lose weight. U have to do cardio for a minimum of 40 minutes. Then only the body will start burning fat. Also you have to eat low calorie foods at regular intervals. Also the dinner should be light.
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Health Tip

MSc in Food, Nutrition and Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mapusa
Health Tip

Formula to loose weight is that the calories that you burn should be more compared to the calories that you consume from food. Its a combination of 30% exercise and 70% diet

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Things You May Not Have Known About Semen

Bachelor of Unani Medicine & Surgery (B.U.M.S), Bachelor of Unani Medicine and Surgery (B.U.M.S)
Sexologist, Bhopal
Things You May Not Have Known About Semen

1. Sperm and semen are not the same thing.

Spermatazoa, or sperm, is the name given to the reproductive cell that looks like a tadpole. Seminal fluid is the stuff that the tadpole swims in. Together they form semen — an armored tank carrying a fertilization superhero. Or, as morgentaler calls them" heat-seeking missiles"

2. Seminal fluid is the sperm's sacred protector.

Seminal fluid helps sperm" do their biologic mission" as morgentaler calls it, by helping the sperm get into the female body. Seminal fluid is alkaline, so it reduces the acidity sperm experiences in the female reproductive system. And, perhaps most important, seminal fluid gives the sperm the energy (in the form of fructose) they need for their arduous swim.

3. Semen is formed in three different parts of the body, not just the testes.

According to morgentaler, semen comes from three main structures in the male reproductive anatomy. The first is the prostate, which forms a milky substance full of enzymes, proteins, and minerals. The second are the seminal vesicles, which produce the fructose as well as two-thirds of the fluid. The third are the testicles, which produce the sperm and some other fluid as well.

4. Sperm are the only human cells produced in one individual, but designed for survival in another.

" sperm are amazing" morgentaler says, because of this fact. Think about it! our bodies are designed to attack anything that is not from our own body. Sperm didn't get that memo, though. Not unlike the white-haired traveler anthony bourdain, sperm, too, venture on to parts unknown.

5. Dudes produce a shit ton of sperm.

According to morgentaler, a human male produces around 150 million sperm a day. That means you are producing a few thousand sperm every couple of seconds.

6. Most of a man's sperm are pretty useless.

According to morgentaler" guys are into quantity and not so much quality" only a bit more than half the semen in an average ejaculation can swim, he says, and up to 70–90% are not ideally shaped for swimming. We are talking two heads, two tails, big heads, small heads, big tails, small tails, no tails… it's a hot (literally) mess (sometimes literally).

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मेनोपॉज या (मासिकधर्म) के दौरान वजाइना में होने वाले बदलाव और उनका उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad

मेनोपॉज  या (मासिकधर्म) के दौरान वजाइना में होने वाले बदलाव और उनका उपचार


जीवन में बहुत सी अच्छी बातें घटती हैं, समय के साथ इंसान की उम्र भी कम होने लगती है और वह बूढ़ा भी होने लगता है। महिलाओं की बात करें तो उनके साथ कई घटनायें ऐसी होती हैं जो पुरुषों से अलग हैं। मेनोपॉज उम्र के एक पड़ाव के बाद होने वाली एक ऐसी ही प्राकृतिक क्रिया है। सामान्यतया मेनोपॉज का समय 40 के बाद का माना जाता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में बदलाव होते हैं साथ ही महिला के योनि में भी बदलाव दिखते हैं। इस लेख में जानते हैं उन बदलावों के बारे में और उनके उपायों के बारे में।
 

सूखेपन की समस्या

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दौरान महिलाओं की योनि में सबसे अधिक समस्या सूखेपन की होती है। इस समस्या के कारण महिला बहुत असहज हो जाती है। इस दौरान यौन संबंध बहुत ही कष्टकारी होता है। क्योंकि महिला के शरीर से नैचुरल लुब्रीकेंट निकलना बंद हो जाता है।
 

एस्ट्रोजन की कमी

महिलाओं में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन होता है, मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव कम होने लगता है जिसकी वजह से योनि में सूखेपन की समस्या अधिक होती है।


ढीलेपन की समस्या

एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण महिलाओं की शारीरिक क्षमता कम होने लगती है। एस्ट्रोजन हार्मोन वजाइना को शिथिल यानी गीलापन बनाये रखने में मदद करता है, लेकिन जब यह कम हो जता है तो योनि ढीली होने लगती है। इसके कारण ही महिलाओं में यौन इच्छा समाप्त होने लगती है।

क्या तरीके आजमायें

इस दौरान महिला के अंदर चिड़चिड़ेपन की समस्या बढ़ जाती है जिसे संभालना महिला के लिए मुश्किल भी हो सकता है। योनि में सूखेपन के कारण अधिक समस्या होती है। इसे दूर करने के लिए महिला को मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए। नारियल का तेल योनि पर लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो संक्रमण से भी बचाता है। इस दौरान हार्मोन थेरेपी कराने के कई खतरे हो सकते हैं, ऐसे में बेहतर और सुरक्षित विकल्प के लिए एस्ट्रोजन थेरेपी का सहारा आप ले सकती हैं। इससे योनि में सूखेपन की समस्या दूर हो जाती है। अगर मूड स्विंग और अनिद्रा की समस्या अधिक हो तो आप एस्ट्रोजन की गोलियां या फिर इंजेक्शन ले सकती हैं। इसके अलावा हमेशा चिकित्सक के संपर्क में रहें और उसे हर बात बतायें।


मेनोपॉज के लक्षण

- महिलाओं में मेनोपॉज का समय 40 साल या उससे अधिक होता है, इस दौरान मासिक धर्म बंद हो जाता है।
- वजन बढ़ने लगता है, खासकर कूल्हों और नितंबों के पास की चर्बी बढ़ने लगती है।
- योनि संकीर्ण होने लगती है और उससे तरल पदार्थ निकलना बंद हो जाता है।
- मूड स्विंग, अवसाद, सिरदर्द, अनिद्रा आदि समस्या होने लगती है।
- जोड़ों में दर्द की समस्या होने लगती है।
- इससे बचने के लिए नियमित व्यायाम करें, नियमित रूप से चिकित्सक के संपर्क में रहें।

Ayurvedic Treatment for Back Pain

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), MD - Ayurveda, Ph.d Arthritic Disorder
Ayurveda, Surat
Ayurvedic Treatment for Back Pain

Back pain (Low Back Pain) is pain felt in the lower back that usually originates from the muscles, nerves, bones, joints or other structures in the spine. It is a common complaint. Most people will experience low back pain at least once during their lives. Back pain is one of the most common reasons people go to the doctor or miss work.

Men and women are equally affected. It occurs most often between ages 30 and 50, due in part to the aging process but also as a result of sedentary life styles with too little (sometimes punctuated by too much) exercise. The risk of experiencing low back pain from disc disease or spinal degeneration increases with age.

SYMPTOMS
Symptoms of back pain may include:

  •    Muscle ache
  •    Shooting or stabbing pain
  •    Pain that radiates down your leg
  •    Limited flexibility or range of motion of the back
  •    Inability to stand up straight

CAUSES
Back pain often develops without a specific cause that your doctor can identify with a test or imaging study. Conditions commonly linked to back pain include:

  • Muscle or ligament strain – Repeated heavy lifting or a sudden awkward movement may strain back muscles and spinal ligaments. If you’re in poor physical condition, constant strain on your back may cause painful muscle spasms.
  • Bulging or ruptured disks – Disks act as cushions between the individual bones (vertebrae) in your spine. Sometimes, the soft material inside a disk may bulge out of place or rupture and press on a nerve. The presence of a bulging or ruptured disk on an X-ray doesn’t automatically equal back pain, though. Disk disease is often found incidentally; many people who don’t have back pain turn out to have bulging or ruptured disks when they undergo spine X-rays for some other reason.
  • Spinal degeneration – degenaration from disc wear and tear can lead to a narrowing of the spinal canal. A person with spinal degeneration may experience stiffness in the back upon awakening or may feel pain after walking or standing for a long time.

DIAGNOSIS

The diagnosis of low back pain involves a review of the history of the illness and underlying medical conditions as well as a physical examination. It is essential that a complete story of the back pain be reviewed including injury history, aggravating and alleviating conditions, associated symptoms (fever, numbness, tingling, incontinence, etc.), as well as the duration and progression of symptoms.

AYURVEDA MANAGEMENT

 Ayurveda refers this condition as ‘Kati shoola’. Kati refers to ‘low back’ (hip) and shoola refers ‘pain’. Kati vata or Prishta shoola or Kati graha or Trika shoola or Trika graha are other names or conditions mentioned in the classics. Vata is the predominant dosha causing these conditions and are categorized under Vataja nantmaja vyadhis.

NIRAMAY THERAPY
The treatment for Back pain or Kati shoola will be planned according to the presentation of the dosha predominance and underlying cause. Treatment may include Panchakarma therapies for Shodhana, internal medicines, external applications and advise on diet and life style modification.

Therapies like

  • Abyanga
  • swedan
  • Dhanyamla dhara
  • Podikizhi & Elakizhi
  • Pizhichil & Navarakizhi
  • Basti & Kati vasti etc are done according to the severity and nature of the disease. Therapies may range between 8 - 28 days and can expect maximum recovery with in this period. Duration may vary further based on the underlying cause.

Health Tip

B.Sc. - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Gwalior

Drink 3-4 ltrs of water daily.

Penis Bumps: Avoiding Hives Triggers

MD - General Medicine
Sexologist, Delhi
Penis Bumps: Avoiding Hives Triggers

Looking down at the manhood and discovering it has developed penis bumps is never a pleasant surprise for a guy. The presence of bumps signals a new worry about his penis health, although often the bumps don't correlate with a significant health issue. Penis bumps can come in a wide range of shapes and sizes, so it's no surprise that they can be caused by many different things. One of the causes many men don't think about is hives - so learning more about hives prepares a guy for dealing with them.

What are hives?

Hives is the common name used to describe a condition that is medically known as urticarial. They present as welts on the skin. Some can be small and others can be relatively large. In some instances, they are raised slightly, which gives them a bump-like look; in other instances, they may more closely resemble a rash. Often one welt will "bleed" into another, making the two appear as one large welt.

Hives are usually circular in shape. Often, especially with larger welts, they will be a deep red around the perimeter and a paler red in the center. Hives usually itch, causing discomfort; when they appear as penis bumps, it can be embarrassing for a man, as he often is caught scratching "down there."

Individual hives don't usually last long, often fading away in 24 hours - but they are usually replaced by new hives. It is not unusual for a case of acute hives to last as long as six weeks, with old hives fading and new ones replacing them. If a bout of hives continues beyond 6 weeks, it is considered a chronic case.

What causes hives?

Hives are basically an allergic reaction on the skin. Some "trigger" sends a signal to the body to release histamines to fight the trigger. This reaction causes the hives to form. Therefore, if a guy knows what his hives triggers are, he can take steps to avoid those triggers and thereby prevent hives from occurring.

Unfortunately, sometimes determining exactly what the trigger is can be challenging, mainly because many things are associated with triggering hives. Some of the more common causes include:

- Pets. Many dogs, cats and other animals shed dander, which may be a hives trigger.

- Pollen.

- Insect bites and stings.

- Viral or fungal infections.

- Stress and anxiety.

- Certain foods, including shellfish, nuts, milk, chocolate, berries, eggs, soy, citrus fruits, etc.

- Sweating.

- Bacteria.

- Exposure to the sun.

- Certain chemicals (including some in soaps or laundry detergents).

With such a wide range, narrowing down a trigger may take a lot of time. Working with a doctor is advised. They will likely recommend that a person keeps a comprehensive journal of all the foods, medicines, etc. that he takes and any exposures he may have to potential triggers. The journal will include, as close as possible, the time when a person may have been exposed to a trigger, so that a link can be theorized if hives occur soon after. (Hives may occur within minutes, but sometimes may take about two hours to show up).

Once hives triggers are identified, a person can take steps to avoid those triggers. He also can learn what treatments he can use to help deal with the symptoms of hives.

As mentioned, penis bumps caused by hives tend to itch greatly. Regular use of a first rate penis health crème (health professionals recommend Man1 Man Oil, which is clinically proven mild and safe for skin) can help alleviate this. A crème that contains a combination of a high-end emollient (like Shea butter) and a natural hydrator (like vitamin E) will provide moisture that can help soothe itching. It also helps if the crème contains alpha lipoic acid, a powerful antioxidant which strengthens penis skin by fighting free radicals.

PCOS And Hair Loss Treatment

B.A.M.S, M.D In Ayurvedic Medicine
Ayurveda, Amritsar
PCOS And Hair Loss Treatment

Polycystic Ovarian Syndrome or PCOS is very common amongst women of reproductive age. This condition affects the ovaries and is one of the leading causes of infertility. Increased hair fall is one of the other effects of this disease. According to Ayurveda, PCOS brings the Kapha dosha that normally can be found in the upper half of the body downwards along with the Pitta dosha. This affects the Prana-Vyana-Apana axis. One of the impacts of this misbalance is a loss of nutrition to tissues including the hair follicles. Without proper nutrition, the hair follicles begin to die and fall off.

Thus, addressing the Prana-Vyana-Apana axis is one way to treat hair fall caused by PCOS. Some forms of Ayurvedic treatment that can be used for this include:

  • Sarvangadhara: This involves pouring medicated oils or milk or decoction over the body as per the condition of patient.
  • Shirodhara: In this form of treatment, milkor medicated oils etc. are poured in a continuous stream over the head.
  • Udwarthana: Dry Powder massage for removal of Kapha or ama dosha.
  • Abhyanga: A massage with medicated Oil or Ghrutam.
  • Swedana: Sweat inducing treatments for elimination of toxins.

Other forms of Ayurvedic Medicaments & Panchkarma treatment that may be used to treat PCOS and hair fall associated with it are:

  • Panchakarma: It means 5 therapies. These 5 therapies (i.e Vaman, Virechan, Basti, Nasyam, Raktamokshan) themselves vary from case to case. This helps deal with a number of issues caused by PCOS. For example, it helps regulate body weight, hormonal secretions, removes toxins, decreases resistance to insulin and enhances metabolism. The effect of this can also be seen on hair growth as hair fall is lessened and hair regrowth is enhanced.
  • Ayurvedic Medicaments or Herbal Remedies: A number of herbs also have a beneficial effect on hair fall caused by PCOS. They stimulate ovulation and regulate menstruation to balance hormone levels, destroy cysts in the ovaries, regulate blood flow during menstruation and aid in natural conception. Some of these herbs include Ashokarishta, Shatavari, Rajapravartini vati, Kumaryasava, Dashamoola kashayam etc which has to be taken as per the condition of body under the guidance of expert Ayurvedic onsultants.
  • Yoga:  Specific Yoga asanas are  beneficial for hair loss along with treating PCOS. It helps release stress and eases the symptoms associated with PCOS including hair fall.
  • Pranayama is one of the primary yoga exercises beneficial for PCOS. This helps relax the mind and detoxify the system. Other yoga asanas that can help reduce hair fall include the Suryanamaskar, Bhujangasana, Sirsasana, Salabhasana, Sarvangasana, and Badhakonasana, Vakrasana.

Along with this, it is necessary to eat a well-balanced diet, avoid junk food, get adequate sleep at night and meditate regularly to improve one’s emotional health.

 

Hai I am 30 years old. I Have civior headache at right side. Heavy pain at mng. I Have polyps in my nose. So having breathing problems. Pls suggest me suitable medicine.

MBBS, Craniosacral Balancing, Quantum Touch, Visceral manipulation
Pain Management Specialist, Panchkula
Hai I am 30 years old. I Have civior headache at right side. Heavy pain at mng. I Have polyps in my nose. So having b...
Headache may be due to sinusitis (polyps) Depending upon the size & associated problems, ENT doctor will decide whether surgery is needed or not. So you should consult ENT doctor. Wishing you a healthy life.
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I am suffering from sudden hair fall. Like hair fall for girls after taking shower and while combing am getting very heavy hair fall this am having ths problem for past 3 months.

MBBS Bachelor of Medicine & Bachelor of Surgery, MD - Skin, VD & Leprosy
Dermatologist, Delhi
I am suffering from sudden hair fall. Like hair fall for girls after taking shower and while combing am getting very ...
I'd advise you to visit your nearest dermatologist. Hair fall needs comprehensive treatment. Don't waste time trying different shampoos or oils. They will not help.
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I am 36 years old (male) Recently I observed 150/90 blood pressure. How to make it normal 120/80?

BHMS
Homeopath,
I am 36 years old (male) Recently I observed 150/90 blood pressure. How to make it normal 120/80?
Do take following Homoeopathic medicines for your High Blood pressure. Do take the following Homoeopathic medicine from store nearby you. 1. Raufolia Serpentina q. (schwabe) It's a Homoeopathic Mother Tincture. 25 drops in 6 spoon of water thrice daily. Report me after that.
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Sir I am 56 years and my wife is 54 and I am a diabetic and my is a thyroid patient so, the problem is soon after sexual inter course she is suffering with severe urine burning so, kindly guide us the burning sometimes it will be one week and she is suffering a lot.

MBBS, MD
Endocrinologist, Delhi
Sir I am 56 years and my wife is 54 and I am a diabetic and my is a thyroid patient so, the problem is soon after sex...
Get her urine routine/ microscopic and culture/sensitivity test done. Consult a doctor. Ask her to take plenty of water and other liquids.
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If semen is waste part of body. Then if semen out make man weak? Why? Please tell me

BHMS
Homeopath, Ahmedabad
If semen is waste part of body. Then if semen out make man weak? Why? Please tell me
It is a vital fluid of body and after release of semen there is sudden decrease hormon level ,so person feel weakness and it is diffrent to person to person.
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My fasting sugar 120 and pp sugar 150 suggest me ayurvedic treatment my height 174 CM body weight 80 kg age 52 years.

MD Kayachikitsa
Ayurveda, Pune
My fasting sugar 120 and pp sugar 150 suggest me ayurvedic treatment my height 174 CM body weight 80 kg age 52 years.
According to ayurveda increase blood sugar is one of the symptoms. Your readings are within range. If you are diabetic or if having strong family history then you should look and must start following things. Walk at least 30 mins a day. Avoid oily, fried, and heavy to digest food. Avoid heavy dinner. Avoid potatoes, sweet potatoes, wheat, and suger. Drink warm water. Eat fruit vegitables. Consult ayurvedic doctor for detailed advice with respect to your body constitution.
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Good Morning to all the Drs I have gout. What foods should I avoid please- Regards.

MBBS, MD
Endocrinologist, Delhi
Good Morning to all the Drs I have gout. What foods should I avoid please- Regards.
You should take low purine diet. Avoid excess of nonveg, eggs,milk, dairy products, spinache,tomato etc. Still if Uric acid is high take medicine after consulting a Doctor.
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Whenever I travel in four wheeler aftr 15 to 20 minutes I feel suffocation. And feels like vomiting. And headache. How to get rid from this pls help me.

BHMS
Homeopath,
Whenever I travel in four wheeler aftr 15 to 20 minutes I feel suffocation. And feels like vomiting. And headache. Ho...
It's due to motion sickness. Do take following Homoeopathic medicine from nearby Homoeopathic store 1. Cocculus 30 (2 dram) 5pills twice daily.
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Mam my wife has recently undergone for medical abortion and after that we went for hcg test and still it's showing Positive. Is it possible?

MBBS, MS - Obstetrics and Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
Hcg test may come positive till 2 weeks after abortion, you can go for ultrasound to see wether abortion is complete or not. If on ultrasound abortion is incomplete then go for D&C.
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