Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Call Clinic
Book Appointment

Shree Hospital - Nagar Road

Urologist Clinic

Pune - Nagar Road. Landmark: Opposite AgaKhan Palace, Pune Pune
1 Doctor
Book Appointment
Call Clinic
Shree Hospital - Nagar Road Urologist Clinic Pune - Nagar Road. Landmark: Opposite AgaKhan Palace, Pune Pune
1 Doctor
Book Appointment
Call Clinic
Report Issue
Get Help
Services
Feed

About

By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have place......more
By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have placed in us.
More about Shree Hospital - Nagar Road
Shree Hospital - Nagar Road is known for housing experienced Urologists. Dr. Shashikant Bhanje, a well-reputed Urologist, practices in Pune. Visit this medical health centre for Urologists recommended by 106 patients.

Timings

MON, WED, FRI
06:00 PM - 08:00 PM

Location

Pune - Nagar Road. Landmark: Opposite AgaKhan Palace, Pune
Nagar Road Pune, Maharashtra
Get Directions

Doctor in Shree Hospital - Nagar Road

Unavailable today
View All
View All

Services

View All Services

Submit Feedback

Submit a review for Shree Hospital - Nagar Road

Your feedback matters!
Write a Review

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

I am suffering CKD and am undergoing for hemodialysis since 4 months ago and I lowered my s.creatine level from 7.9 to 6 and my urea level reduced from 129 mg/dl to 90 mg/dl. I don't observe any symptoms till now. Is there any possible to get rid of dialysis .i am planning to consult for hospital, bangalore! Please leave a reply!

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS - General Surgery, Genito Urinary Surgery
Urologist, Ludhiana
I am suffering CKD and am undergoing for hemodialysis since 4 months ago and I lowered my s.creatine level from 7.9 t...
It depends on the cause of CKD. If it is areversible cause of CKD you may not need dialysis. But if it is due to medical renal disease you may have to continue on dialysis. Only time can tell based on your serial value of creatinine that you will need dialysis or not.
Submit FeedbackFeedback

मल द्वार या गुदामार्ग में होने वाले रोगो में कौन-कौन से लक्षण मिलते हैं?

BAMS, CERTIFICATE COURSE IN KSHAR-SUTRA SURGERY
Ayurveda, Jodhpur
मल द्वार या गुदामार्ग में होने वाले रोगो में कौन-कौन से लक्षण मिलते हैं?

नमस्कार मित्रो!
एल.एन.आयुर्वेदा एवं क्षारसूत्र क्लीनिक-जोधपुर में आप सभी का स्वागत हैं आज हम इस बात पर चर्चा करेंगें कि मल द्वार या गुदामार्ग में होने वाले रोगो में कौन-कौन से लक्षण मिलते हैं -
. मल द्वार से बिना दर्द के बूंद-बूंद या धार रूप में लगातार या रूक रूक के खून आना 
. मल द्वार में जलन, चुभन, दर्द होना 
. बैठने में या बाइक चलाते वक्त दर्द होना
. मल का पतला या बद्ध कर आना, एक बार या बार-बार आना
. मल द्वार के चारो ओर किसी फोडे. या फुडिया का बार-बार बनना और फूटना और उसमें से पस या चिपचिपा पानी आना 
. रीड्ड की हड्डी के पास नासूर का बनना 
अगर इनमें से कोई लक्षण मिलते हैं तो यह जरूरी नही कि वो पाइल्स ही हो वो और कोई बीमारी भी हो सकती हैं क्योंकि अक्सर ऐसा देखा गया हैं कि सामान्यतया अगर इनमे् से कोई लक्षण मिलता हैं तो रोगी चिकित्सक के पास जाता हैं तो वो हमेशा यही बोलता हैं कि मुझे पाइल्स की समस्या हैं और वो शर्म के कारण या अन्य किसी कारण वो चैक-अप नहीं करवाता हैं कभी कभी चिकित्सक भी बिना चैक-अप के पाइल्स समझ कर सीधा ट्रिटमेन्ट ही लिख देता हैं जिस कारण वो समस्या ठीक ना होकर या थोडे समय के लिये ठीक रहकर अगली बार विकराल रूप में प्रकट होती हैं वो कुछ भी हो सकती हैं.हो सकता हैं वो पाइल्स ना हो के फिशर हो.हो सकता हैं वो फिश्टूला हो.हो सकता हैं वो पिलोनिडल साइनस हो.या ये भी हो सकता हैं इनमें से एक भी ना होकर गुदामार्गगत केन्सर ही हो तो दोस्तो अगर ऊपर बतलाये लक्षण में से कोई भी परेशानी हो तो किसी अच्छे चिकित्सक से चैक-अप जरूर करवाये और उस समस्या का स्थायी समाधान करवायें  क्योंकि कहा भी गया हैं रोग और कर्जा कभी ज्यादा समय नहीं रखना चाहिये!

आइये चुने.स्वस्थ एवं आनन्दमय जीवन.आयुर्वेद के संग!

I'm a 27 year old unmarried girl, From last December I am having a very small lump like a Cut at my anus, it becomes painful while passing motion. Is it piles. What can I do to cure it ?

Ayurveda, Navi Mumbai
No it not seems like pile. For proper treatment you should go to near by hospital n get checked it soon before it worse. If you have hard stools problem. It should be treated first. Drink plenty of water soon aftr getting up in the morning.
1 person found this helpful
Submit FeedbackFeedback

Ayurvedic Treatment Of Prostate - प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Ayurvedic Treatment Of Prostate - प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

लगभग 60 वर्ष की उम्र से ज्यादा के लोग ही प्रोस्टेट की समस्या से परेशान होते हैं. हलांकि लगभग तिस फीसदी लोग 30 या उससे ज्यादा के उम्र के भी हैं. प्रोस्टेट डिसऑर्डर की समस्या उत्पन्न होने का कारण प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ जाना है. आपको बता दें कि प्रोस्टेट ग्लैंड को पुरुषों का दूसरा दिल भी कहा जाता है. हमारे शरीर में पौरुष ग्रंथि कई आवश्यक क्रियाओं को अंजाम देती है. इसके कुछ प्रमुख कामों में यूरिन के बहाव को कंट्रोल करना और प्रजनन के लिए सीमेन निर्मित करना है. प्रारंम्भ में ये ग्रंथि छोटी होती है लेकिन बढ़ते उम्र के साथ इसका बिकास होता जाता है. लेकिन कई बार अनावश्यक रूप से इसमें वृद्धि नुकसानदेह है, इस समस्या को बीपीएच कहा जाता है.
 

प्रोस्टेट में अवरोध का कारण
प्रोस्टेट ग्रंथि में ज्यादा वृद्धि हो जाने के कारण मूत्र उत्सर्जन में परेशानी आने लगती है. इसके आकार में वृद्धि के कारण ही मूत्र नलिका का मार्ग अवरुद्ध हो जा जाता है. इसकी वजह से पेशाब रुक जाता है. अभी तक प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है. बढ़ती उम्र के साथ ही हमारे शरीर में होने वाला हार्मोनल परिवर्तन इसका एक संभावित कारण हो सकता है. आइए प्रोस्टेट के आयुर्वेदिक उपचार को जानें.
 

प्रोस्टेट ग्रंथि में गड़बड़ी के लक्षण
* पेशाब करने की आवृति में वृद्धि.
* पेशाब करने जाने पर धार के चालू होने में अनावश्यक विलम्ब होना.
* बहुत जोर से पेशाब का अहसास होना लेकिन पेशाब करने जानें पर बूंद-बूंद करके निकलना या पेशाब रुक-रुक के आना.
* मूत्र विसर्जन के पश्चात् मूत्राशय में कुछ मूत्र शेष रह जाना. इससे रोगाणुओं की उत्पति होती है.
* पेशाब करने  में पेशानी का अनुभव करना.
* अंडकोष में लगातार दर्द का अनुभव करते रहना.
* मूत्र पर नियंत्रण नहीं रख पाना.
* रात्री में बार-बार पेशाब की तलब लगना.
* पेशाब करते समय जलन का अनुभव करना.
 

प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

  • अलसी के बीज: प्रोस्टेट का उपचार करने के लिए आयुर्वेद काफी उपयोगी औषधियां उपलब्ध कराता है. अलसी का बीज प्रोस्टेट के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके लिए अलसी के बीज को मिक्सी में पीसकर पाउडर बनायें. फिर प्रतिदिन इसे 20 ग्राम पानी के साथ लें.
  • सीताफल के बीज: सीताफल के बीज में कॉपर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, आयरन, ट्रिप्टोफैन, फ़ॉस्फोरस, फाइटोस्टेरोल, प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसके अलावा सीताफल के बीज को जिंक का भी स्त्रोत माना जाता है और इसमें बीटा-सिस्टेरॉल की भी मौजूदगी होती है जो कि टेस्टोस्टेरॉन को डिहाइडड्रोटेस्टेरॉन में परिवर्तित होने से रोकता है. प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की संभावना को ख़त्म करने के लिए आप सीताफल के बीजों को कच्चा, भूनकर या फिर दुसरे बीजों के साथ मिश्रित करके भी ले सकते हैं. यही नहीं आप इन बीजों को सलाद, सूप,पोहा आदि में भी डालकर खा सकते हैं. इनमें बहुत सारे पोषक तत्वों की मौजूदगी होती है.
  • सोयाबीन: प्रोस्टेट से छुटकारा दिलाने में सोयाबीन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सोयाबीन की सहायता से आप प्रोस्टेट का उपचार कर सकते हैं. प्रोस्टेट का उपचार सोयाबीन से करने के लिए आपको रोजाना सोयाबीन खाना होगा. ऐसा करने से आपका टेटोस्टरोन के स्तर में कमी आती है.
  • पानी के इस्तेमाल से: अपने दैनिक जीवन में हम सभी पानी पीते ही हैं. लेकिन कई लोग इसे ज्यादा महत्त्व नहीं देते हैं और वो उचित अंतराल या उचित मात्रा में पानी नहीं पीते हैं. ऐसा करने से आपके शरीर में कई अनियमिताएं आने लागती हैं. प्रोस्टेट की परेशानी के दौरान आपको नियमित रूप से पानी पीना लाभ पहुंचाता है.
  • चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करें: जब भी आपको प्रोस्टेट की समस्या हो तो आपको चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करें. आप देखेंगे कि चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करने से प्रोस्टेट डिसऑर्डर में काफी लाभ मिलता है.
  • टमाटर नींबू आदि का खूब इस्तेमाल करें: टमाटर, नींबू आदि में विटामिन सी की प्रचुरता होती है. प्रोस्टेट डिसऑर्डर के दौरान आपको विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा लेनी चाहिए. इसलिए इस दौरान विटामिन सी की प्रचुरता वाले खाद्य पादार्थों का सेवन करना चाहिए.

5 Effective Management Tips For Kidney Stones!

MCH-Urology
Urologist, Delhi
5 Effective Management Tips For Kidney Stones!

Having a stone in any organ of the body can be a harrowing experience but having a stone in your kidney is the most dreadful experience of the lot. The presence of a kidney stone causes excruciating pain in the host’s pelvic area, and if the stone enters the urinary tract of the host, the misery of the patient increases manifold. The urinary tract may also get jammed due to the presence of the stone, thereby causing problems in the urinary flow of the patient.

Ways to Manage a Kidney Stone-
Consulting a doctor is the first thing you should do when suffering from a situation such as a kidney stone. Doctors will provide the patients with medicines to curb their pain and improve their health. But, one can very well improve their condition by some of the basic home remedies as well. The most common home remedies a patient can act upon to manage a kidney stone in the best possible way are:

  1. Drinking Water- By drinking water in large amounts, the kidney stone starts to break down into smaller pieces, and the elements of the stone get diluted slowly. Ultimately, due to the dilution of the elements of the stone, the stones pass through with the urine of the patient. By drinking the water, you will be passing urine faster than the normal rate. As the stone enters the urinary tract, there are chances that the stone may be passed out while urinating.
  2. Watching Diet- Kidney stone patients should be a bit cautious with the food they consume. They should try and not have food which has high acid content. Low cholesterol levels need to be maintained, so if you want to prevent this from happening you need to cut down on fried and junk food.
  3. High Calcium Intake- Having food which has a high calcium content will help in flushing the stones out. The calcium will combine with oxalates and crystalize them, thereby enabling it to pass it through the urinary tract of the patient.
  4. High lemon consumption- Lemon juice is filled with citrates. Citrates can easily break up the kidney stones into minute particles and give it a Sandy texture. Citrate also helps in moving the stone in the right direction. You can drink lemon juice directly or mix it with warm water and then consume it.
  5. Apple cider vinegar- This again contains a high amount of citric acid which worked very efficiently in our body. It manages to set everything in place. You will be able to digest food in a better manner and will also reduce the pain. It will break down the stone and then pass it. Apple cider vinegar can be consumed with a warm glass of water mixed with one spoon of honey.

Kidney stones is a pretty common yet a serious condition, therefore one should not take it lightly and should consult a doctor as soon as possible.

3 people found this helpful

My wife has two 5 mm stone. Can it be cure by drinking water? Or it need operation please guide.

MBBS
General Physician, Trichy
My wife has two 5 mm stone. Can it be cure by drinking water? Or it need operation please guide.
Hey lybrate-user, Normally stones less than 5 mm pass through urine spontaneously. 5 mm is bit like a cat on the wall. Drink plenty of water for a week and see wheather the stone passes, else she will be needing Lithotripsy and Stenting-just a minor procedure where you break the stone with laser and a stent is kept which can be removed after 2 weeks.
Submit FeedbackFeedback

I am facing left kidney stone so what to do for remove this stone and backside pain is going to high please help me.

MS(surgery), MCh(Urology)
Urologist, Jhansi
I am facing left kidney stone so what to do for remove this stone and backside pain is going to high please help me.
Get full work up done for stone disease in Consultantaion with a urologist. This may also include a functional study like IVP or CT Urography along with the ultrasonography of the abdomen especially for the KUB region. Urine should be examined for infection and Crystals. Treatment as per your clinical evaluation.
Submit FeedbackFeedback

I am 21 year old male and having pain beneath belly button, on right side as well as left side and minor leakage problem of urine I thought if I have some issue with kidneys but gone through ultrasound and urine test, I did’t found any problem everything is alright. But I’m feeling like I have prostate cancer! What should I do?

MS(surgery), MCh(Urology)
Urologist, Jhansi
I am 21 year old male and having pain beneath belly button, on right side as well as left side and minor leakage prob...
Get more detailed clinical physical examination and evaluation done for your problem. Do not thing of any disease without any sound clinical basis and evidence.
Submit FeedbackFeedback

Kidney Stones - How Common Are They?

MBBS, MS - General Surgery, M.Ch - Urology
Urologist, Bangalore
Kidney Stones - How Common Are They?

The kidneys may be a pair of small organs but they perform a very important function. Without the kidneys, it is impossible to filter blood and remove toxins from the body. One of the common problems associated with kidneys is the development of a kidney stone. This can be described as a hard, pebble like substance that is formed when urine contains high levels of certain minerals. Kidney stones vary in size and shape. Small stones may pass through the ureter into the bladder and out of the body with minimal discomfort. However, in some cases, a kidney stone can be as large as a golf ball. In such cases, it can block the urine flow and cause extreme amounts of pain as well as bleeding. In such cases, a doctor needs to be consulted as early as possible.

There are four different types of kidney stones.

  1. Calcium Stones: This is the most common type of kidney stones. It is caused by excess calcium that is not flushed out with the urine.
  2. Uric acid stones: Highly acidic urine can trigger the development of such stones. This may be caused by excessive consumption of meat, fish and shell fish.
  3. Struvite stones: This is often formed as a side effect of Urinary tract infections. These stones may develop and grow rapidly.
  4. Cystine stones: These stones are formed as a result of a genetic disorder known as cystinuria. This disorder causes an amino acid known as cysteine to leak into the urine.

Kidney stones are a fairly common occurrence. It affects both men and women but men have a higher risk of developing kidney stones as compared to women. Other risk factors that can influence kidney stones are:

  1. Family history of kidney stones
  2. Not drinking enough water
  3. Obesity
  4. Digestive problems
  5. Recurrent UTIs
  6. Gout
  7. Bowel inflammation
  8. Disease that causes blockage of the urinary tract
  9. Certain medications such as diuretics or calcium based antacids

Once a person has been diagnosed with a kidney stone, this issue can recur. Treatment for kidney stones depends on the type of stones, size and location. In most cases, medication is prescribed to help break the stone down into smaller parts so that it can pass through urine. In extreme cases, surgery may be required. If not treated in time, it can cause severe pain, bloody urine, UTIs that can further lead to kidney failure and reduced kidney functioning.

Kidney stones can be prevented by drinking plenty of fluids and making a few dietary changes. Ideally, a person should have a minimum of 8-10 glasses of water a day. If you have a high risk of developing any type of kidney stones, reduce your sodium consumption and the amount of meat eaten.
 

2 people found this helpful

Can urimax F and urimax D be used interchange ably if by mistake one happens to buy D instead of F?

MS(surgery), MCh(Urology)
Urologist, Jhansi
Can urimax F and urimax D be used interchange ably if by mistake one happens to buy D instead of F?
Take treatment of one drug only as prescribed by your physician so that response may be properly evaluated.
Submit FeedbackFeedback
View All Feed

Near By Clinics