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Dr. Shweta Thombare

Homeopath, nagpur

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Dr. Shweta Thombare Homeopath, nagpur
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I'm a caring, skilled professional, dedicated to simplifying what is often a very complicated and confusing area of health care....more
I'm a caring, skilled professional, dedicated to simplifying what is often a very complicated and confusing area of health care.
More about Dr. Shweta Thombare
Dr. Shweta Thombare is a popular Homeopath in Wadi, Nagpur. You can visit her at parwati homoeo clinic in Wadi, Nagpur. Book an appointment online with Dr. Shweta Thombare and consult privately on Lybrate.com.

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I was sleep for 10 days my head is aching what can I do for that and also my stomach is paining and I have also sight.

MBBS
General Physician, Mumbai
I was sleep for 10 days my head is aching what can I do for that and also my stomach is paining and I have also sight.
For stomach pain and headache take tablet Meftalspas-Ds with rantac and Avoid spicy food in your diet
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Please suggest me that how to concentrate on my studies and to remember those which I have read.

BASM, MD, MS (Counseling & Psychotherapy), MSc - Psychology, Certificate in Clinical psychology of children and Young People, Certificate in Psychological First Aid, Certificate in Positive Psychology
Psychologist, Palakkad
Dear, You must be able to understand Concentration, attention span, recollection and distraction. If you are able to watch a movie for two hours continuously, if you are able to play a game for an hour, then you do not have any concentration problems. You can't be attentive towards your studies because you are not interested in it. You are able to watch movie and play game because you are interested in it. Human cannot be attentive towards anything for more than 10 minutes. Then you should study in such a way that your attention is continued and make the subjects are interesting to you. Effective learning techniques should help you. Recollection depends on anxiety, stress and other physical and circumstantial factors. Distractions while studying are plentiful. You should be able to overcome distractions or avoid distractions. Please understand the above. Change your study style and attitude accordingly. Please post a private question to me and I will help you with "effective learning" techniques. Avocados, Beetroots, Blueberries, Broccoli. Celery, Coconut Oil, Dark Chocolate etc are good for improving concentration. Take care.
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आयुर्वेदिक चिकित्सा रोगप्रतिकारक शक्ति बनाये रखने के उपाय व सावधानिया-

M.Sc - Psychology, PGDEMS, Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Delhi
आयुर्वेदिक चिकित्सा रोगप्रतिकारक शक्ति बनाये रखने के उपाय व सावधानिया-

1- 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।
2- कुल 13 असाधारणीय शारीरिक वेग होते हैं । उन्हें रोकना नहीं चाहिए ।।
3-160 रोग केवल मांसाहार से होते हैं I
4- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।
5- 80 रोग चाय पीने से होते हैं।
6- 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं।
7- शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है।
8- अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।
9- ठंडेजल (फ्रिज)और आइसक्रीम से बड़ीआंत सिकुड़ जाती है।
10- मैगी, गुटका, शराब, सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।
11- भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।
12- बाल रंगने वाले द्रव्यों(हेयरकलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।
13- दूध(चाय) के साथ नमक (नमकीन पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।
14- शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दोमुहें होने लगते हैं।
15- गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।
16- टाई बांधने से आँखों और मस्तिश्क हो हानि पहुँचती है।
17- खड़े होकर जल पीने से घुटनों(जोड़ों) में पीड़ा होती है।
18- खड़े होकर मूत्रत्याग करने से रीढ़ की हड्डी को हानि होती है।
19- भोजन पकाने के बाद उसमें नमक डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।
20- जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।
21- मुँह से साँस लेने पर आयु कम होती है।
22- पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय(टीबी) होने का डर रहता है।
23- चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।
24- तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।
25- मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है।
26- अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेश्ठ है।
27- हृदयरोगी के लिए अर्जुनकी छाल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी, सेंधा नमक, गुड़, चोकरयुक्त आटा, छिलकेयुक्त अनाज औशधियां हैं।
28- भोजन के पश्चात् पान, गुड़ या सौंफ खाने से पाचन अच्छा होता है। अपच नहीं होता है।
29- अपक्व भोजन (जो आग पर न पकाया गया हो) से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु दीर्घ होती है।
30- मुलहठी चूसने से कफ बाहर आता है और आवाज मधुर होती है।
31- जल सदैव ताजा पीना चाहिये, बोतलबंद पानी बासी और अनेक रोगों के कारण होते हैं।
32- नीबू गंदे पानी के रोग (यकृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग) तथा हैजा से बचाता है।"
33- चोकर खाने से शरीर की प्रतिरोधकशक्ति बढ़ती है। इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए।
34- फल, मीठा और घी या तेल से बने पदार्थ खाकर तुरन्त जल नहीं पीना चाहिए।
35- भोजन पकने के 48 मिनट के अन्दर खा लेना चाहिए । उसके पश्चात् उसकी पोशकता कम होने लगती है। 12 घण्टे के बाद पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है।
36- मिट्टी के बर्तन में भोजन पकानेसे पोशकता 100% कांसे के बर्तन में 97% पीतल के बर्तन में 93% अल्युमिनियम के बर्तन और प्रेशर कुकर में 7-13% ही बचते हैं।
37- गेहूँ का आटा 15 दिनों पुराना और चना, ज्वार, बाजरा, मक्का का आटा 7दिनों से अधिक पुराना नहीं प्रयोग करना चाहिए।
38- मनष्य को मैदे से बनीं वस्तुएं (बिस्कुट, ब्रेड, पीज़ा समोसा आदि) कभी भी नहीं खाना चाहिए।
39- खाने के लिए सेंधा नमक सर्वश्रेष्ठ होता है उसके बाद कालानमक का स्थान आता है। सफेद नमक जहर के समान होता है।
40- जल जाने पर आलू का रस, हल्दी, शहद,घृतकुमारी में से कुछ भी लगाने पर जलन ठीक हो जाती है और फफोले नहीं पड़ते।
41- सरसों, तिल,मूंगफली या नारियल का तेल ही खाना चाहिए। देशी घी ही खाना चाहिए है। रिफाइंड तेल औरवनस्पति घी (डालडा) जहर होता है।
42- पैर के अंगूठे के नाखूनों को सरसों तेल से भिगोने से आँखों की खुजली लाली और जलन ठीक हो जाती है।
43- खाने का चूना 70 रोगों को ठीक करता है।
44- चोट, सूजन, दर्द, घाव, फोड़ा होने पर उस पर 5-20 मिनट तक चुम्बक रखने से जल्दी ठीक होता है।हड्डी टूटने पर चुम्बक का प्रयोग करने से आधे से भी कम समय में ठीक होती है।
45- मीठे में मिश्री, गुड़, शहद, देशी (कच्ची) चीनी का प्रयोग करना चाहिए सफेद चीनी जहर होता है।
46- कुत्ता काटने पर हल्दी लगाना चाहिए।
47-बर्तन मिटटी के ही परयोग करन चाहिए।
48- टूथपेस्ट और ब्रश के स्थान पर दातून और मंजन करना चाहिए दाँत मजबूत रहेंगे ।(आँखों के रोग में दातून नहीं करना)
49- यदि सम्भव हो तो सूर्यास्त के पश्चात् न तो पढ़े और लिखने का काम तोन ही करें तो अच्छा है ।
50- निरोग रहने के लिए अच्छी नींद और अच्छा(ताजा) भोजन अत्यन्त आवश्यक है।
51- देर रात तक जागने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो जाती है।भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता है और आँखों के रोग भी होते हैं।


Arogyam Ayurveda
Ayurvedic, Panchkarma & Naturopathy Centre
GH-14/ 1198, 1st Floor
Above Haryana Wala Sweets
Paschim Vihar
Delhi-110087
+91-1165443641
+91-9990463641

278 people found this helpful

MPT
Physiotherapist, Mumbai
Using aides such as canes or walkers for walking and balancing will prevent you from falling.

Amla Churna Ke Fayde In Hindi - आंवला चूर्ण के फायदे

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Amla Churna Ke Fayde In Hindi - आंवला चूर्ण के फायदे

कुदरत ने हमें कुछ ऐसी चीजों से नवाजा है जो अनाज की तरह हमारा पेट नहीं भरते और ना ही मसाले सब्जियों की तरह हमारे भोजन का स्वाद बढाते हैं, बल्कि वह तो औषधीय गुणों से परिपूर्ण होकर हमारे गलत खान-पान, अनहेल्दी लाइफस्टाइल के रिजल्ट में हुई शारीरिक तकलीफों से निजात दिलाने में हमारी मदद करता हैं जिनमें से एक है आंवला। जी हां आंवला में हैं कई बीमारियों से निपटने की शक्ति। आंवला में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता हैं। और आंवले  में पोटासियम , कार्बोहायड्रेट , फाइबर, प्रोटीन्स, विटामिन्स ‘ए’, ’बी काम्प्लेक्स, मैग्नीशियम, विटामिन ‘सी’, आयरन युक्त होने के साथ ही यह विटामिन ‘सी’ से भरपूर होता है।

आंवला चूर्ण, अचार जूस आदि किसी ना किसी रूप में लगभग हम सभी के घरों में मौजूद होता है। आंवला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी भी रूप में खाया जाए यह अपने गुणों फायदा ही पहुंचाता है। हमारे यहां आंवले का चूर्ण खाने का काफी प्रचलन है क्योंकि इसे घर पर बनाना या बाहर से लाकर महीनों रखकर खाना किसी और तरीके से बेहतर है क्योंकि ना खराब होने की टेंशन ना ज्यादा महंगा जबकि इसके फायदे कई दूसरे ऑप्शन्स से कहीं ज्यादा महंगे हैं। आंवला चुर्ण के फायदों की लंबी फेहरिस्त है जिनमें से आज हम जानेंगे कुछ खास होने वाले स्वास्थ्य संबन्धी फायदों की।

शरीर के विभिन्न हिस्सों को आंवला चूर्ण से होने वाले लाभ 


1. मेटाबोलिज्म 
आंवला मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढाता हैं। मेटाबोलिज्म क्रियाशीलता से हमारा शरीर स्वस्थ और सुखी होता हैं। आवला भोजन को पचाने में बहुत मददगार साबित होता हैं खाने में अगर प्रतिदिन आवले की चटनी, मुरब्बा, अचार, रस, चूर्ण या चवनप्रास कैसे भी रोजमरा की जिन्दगी में शामिल करना चाहिए। इससे कब्ज की शिकायत दूर होती हैं पेट हल्का रहता हैं। रक्त की मात्रा में बढ़ोतरी होती हैं। खट्टे ढकार आना, गैस का बनाना, भोजन का न पचना, इत्यादि में 5 ग्राम आवला चूर्ण को पानी में भिगों कर सुबह शाम खाएं इससे अम्लीय पित्त के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता हैं।

2. डायबिटीज
आवला में क्रोमियम तत्व पाया जाता हैं जो डायबिटिक के उपयोगी होता हैं। आवला इंसुलिन होरमोंस को को सुदृढ़ करता हैं और खून में सुगर की मात्रा को नियंत्रित करता हैं। क्रोमियम बीटा ब्लॉकर के प्रभाव को कम करता हैं, जो की ह्रदय के लिए अच्छा होता हैं ह्रदय को स्वस्थ बनाता हैं।आवला खराब कोलेस्ट्रोल को ख़त्म कर अच्छे कोलेस्ट्रोल को बनाने में मदद करता हैं। डायबिटिक आंवले को चूर्ण, जूस या किसी न किसी रूप में अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 

3. पीरियड्स प्रॉब्लम
महिलाओं में पीरियड्स संबन्धी पीरियड्स देर से आना, ज्यादा ब्लीडिंग होना, जल्दी जल्दी पीरियड्स आना, कम आना, पेट में दर्द का होने जैसी कई समस्यां होती रहती हैं। इसलिए उन महिलाओं को यह जानना काफी जरूरी है कि अब चिंता ना करें क्योंकि आंवला के सेवन से वे इन तकलीफों से राहत पा सकती हैं। दरसल आवला में मिनिरल्स, विटामिन्स पाया जाता हैं जो महावारी में बहुत आराम दिलाता हैं इसलिए नियमित रूप से आप आंवला और खासकर चूर्ण का सेवन करना शुरू कर दें इससे आपको महावारी की समस्याओ से छुटकारा मिल जाएगा।

4. प्रजनन समस्या
आंवला प्रजनन के लिए बहुत ही उत्तम हैं महिलाओ और पुरुषो के लिए आंवला के सेवन से पुरुषो में शुक्राणु की क्रियाशीलता और मात्रा बढती हैं और महिलाओं में अंडाणु अच्छे और स्वस्थ बनते हैं साथ ही माहवारी नियमित हो जाती हैं। इस तरह दोनों को ही अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार और दोषमुक्त करने के लिए नियमित आंवला चूर्ण का सेवन करना चाहिए।

5. हड्डियों की मजबूती 
आंवला के सेवन से हड्डियाँ मजबूत और ताकत मिलती हैं। आंवला के सेवन से ओस्ट्रोपोरोसिस और आर्थराइटिस एवं जोरो के दर्द में भी आराम दिलाती हैं। इए रोजाना आंवला चूर्ण खाने की आदत डालें।

6. तनाव से मुक्ति
आमला खाने से तनाव में आराम मिलता हैं अच्छी नींद आती हैं। आवला के तेल को बालों के जड़ों में लगाया जाये तो कलर ब्लाइंडनेस से छुटकारा मिलता हैं।सर को ठडा रखता हैं।और राहत देता हैं। इसलिए अपनी दिनचर्या में आंवला चूर्ण को स्थान दें।

7. हार्ट प्रॉब्लम
आवला हमारे ह्रदय के मांसपेशियों के लिए उत्तम होता हैं। आमला हमारे ह्रदय को स्वस्थ बनाने में कारगर हैं।आमला ह्रदय की नालिकाओ में होने वाली रुकावट को ख़त्म करता हैं।खराब कलेस्ट्रोल को ख़त्म कर अच्छे कलेस्ट्रोल को बनाने में मदद करता हैं।।आवला में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं। जो शरीर में फ्री रेडिकल को बनाने ही नहीं देता।एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में एमिनो एसिड और पेक्टिन पाए जाते हैं।जो की कलेस्ट्रोल को नहीं बनाने देता हैं और ह्रदय की मांशपेशियों को मजबूती देता हैं।आवला का रस या चूर्ण रोजाना ग्रहण करना काफी फायदेमंद है।

8. आँखों 
आंवला का चूर्ण आँखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। आंवला आँखों की दृष्टी को या ज्योति को बढाता हैं। मोतियाबिंद में, कलर ब्लाइंडनेस, रतोंधी या कम दिखाई पड़ता हो तो भी आंवला का सेवन किसी भी रूप में करें लाभ होगा। आखों के दर्द में भी काफी फायदा होता हैं।

9. संक्रमण से सेफ्टी 
आंवला में बक्टेरिया और फंगस से लड़ने की क्षमता होती हैं और ये बाहरी बीमारियों से भी हमें बचाती हैं। आंवला शरीर को पुष्ट कर उसे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं, और टोक्सिन को यानी विषाक्त प्रदार्थ को हमारे शरीर से निकाल देती हैं। आंवला अल्सर, अल्सरेटिव, कोलेटीस, पेट में संक्रमण, जैसे विकार को  खत्म करता हैं। आंवला का रस या पाउडर रोजाना लेने से बहुत फायदा होता हैं।

10. वजन घटाए
आंवला के रस का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती हैं। आंवला हमारे मेटाबोलिज्म को तेज कर वजन कम करने में मदद करती हैं। आंवला के सेवन से भूख कम लगती हैं और काफी देर तक पेट भरा हुआ रहता हैं। 

11. नकसीर
अगर किसी को नकसीर की तकलीफ हैं तो उन्हें आवला का सेवन करते रहना चाहिए। रोजाना एक चम्मच आंवला पाउडर को पानी में मिलाकर पीने से नाक से खून आने की आदत से आराम मिलता है।

12. उग्रता व उत्तेजना से आराम
आंवला  के सेवन से हमेशा आने वाले उत्तेजना से शांति मिलती हैं, अचानक से पसीना आना, गर्मी लगना, धातु के रोग, प्रमेय, प्रदर, बार बार कामुक विचार का आना इत्यादि चीजों से आराम दिलाता हैं।इसलिए रोज आंवला चूर्ण की खुराक लें।

13. उल्टी या वमन से राहत
आंवला का पाउडर और शहद का सेवन करें या आवला के रस में मिश्री मिलाकर सेवन करने से उल्टियों का आना बंद हो जाता हैं।

14. रोग प्रतिरोध 
आंवले में एंटी ओक्सिडेंट होते हैं जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और ये मौसम में होने वाले बदलाव के कारण होने वाले वाइरल संक्रमण से भी बचाता है। इसलिए आंवला चूर्ण का भरपूर सेवन करें।

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I took tobacco since last 20. Years , so my teeth got dark brown. Now what should I do to became natural white teeth.

BDS
Dentist, Delhi
I took tobacco since last 20. Years , so my teeth got dark brown. Now what should I do to became natural white teeth.
Chances of getting your teeth completely white are less. But you will improve the shades of teeth. 1. Quit the habit 2. Get your teeth professionally cleaned 3. Bleaching can be done (depending upon your requirement)
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I gained weight and I missed my period I thought thyroid and got my thyroid test done 3 months back .I thought reason for missed period is weight gain soo I want a perfect diet plan to loss my weight.

Nutrition - Management of Weight & Lifestyle Related Disorders
Dietitian/Nutritionist, Delhi
I gained weight and I missed my period I thought thyroid and got my thyroid test done 3 months back .I thought reason...
For reducing weight follow a good regime like exercise daily for half an hr in morning and evening like brisk walking, jogging, yoga, swimming etc. Along with this you need to follow balanced diet. Like in breakfast you can have milk + wheat flakes ,oats, oats idli, besan cheela, boiled egg white then in mid morning you can have small glass of butter milk then in lunch 1-2 oat bran chapati + vegetable + curd + salad then in evening have green tea + 5-6 soaked almonds then in dinner you can have 1-2 bowl of vegetable soup. No need to keep fasting or skip meals. Drink 7-8 glass of water. Team Nutrihealth.
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Health Benefits Of Pearl Millet(Bajra)

Diploma in Naturopathy & Yogic Science (DNYS), bachelor Of Science in Nursing
Yoga & Naturopathy Specialist, Ahmedabad
Health Benefits Of Pearl Millet(Bajra)

ज्वार के फ़ायदे और औषधीय गुण

ज्वार एक मोटा अनाज है। ज्वार का रंग पीला, भूरा लाल व सफेद होता है। ज्वार कई सारे पोषक तत्व और फ़ाइबर से भरपूर होता है। इसीलिए इसके सेवन से वज़न घटाने में बहुत मदद मिलती है। अधिकतर लोग ज्वार को पीसकर उसका आटा बनवाते हैं। ज्वार का आटा प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। जो हृदय और मधुमेह रोगियों के लिए फ़ायदेमंद है। ज्वार के फ़ायदे बवासीर और घावों को भरने में भी कारगर हैं। गर्मियों में इसका सेवन शीतलता प्रदान करता है। तो ज्वार और ज्वार की रोटी को अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें।

ज्वार के फ़ायदे

1. पोषक तत्व

ज्वार में मिनरल, प्रोटीन, फ़ाइबर, पोटैशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, आयरन और विटमिन बी कॉम्प्लेक्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।

2. दांतों की ख़ास देखभाल के लिए

दांतों की ख़ास देखभाल के लिए ज्वार के दानों का राख बनाकर मंजन करें। इस मंजन को करने से दांत का दर्द बंद हो जाता है तथा मसूढ़ों की सूजन भी समाप्त हो जाती है।

3. वज़न घटाने में मदद करें

ज्वार में बहुत सारा फ़ाइबर पाया जाता है। इसलिए इसे अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें। इसे खाने से आपका वज़न नही बढ़ता है और आप मोटापे से भी बचे रहते हैं।

4. कब्ज़ को दूर करें

अगर आपको कब्ज़ की समस्या है तो आज से ही आप अपने खाने में ज्वार की रोटी को शामिल करें। इसे खाने से आपको कब्ज़ की समस्या से निजात मिलता है।

5. शरीर की जलन को दूर करें

अगर शरीर में जलन हो रही हो तो ज्वार का आटा पानी में घोल लें और फिर इस घोल का लेप शरीर पर लगा लें। इससे जलन धीरे धीरे कम हो जाती है।

6. कील व मुहांसों को दूर करें

अक्सर लोग कील मुहांसों को लेकर बहुत परेशान हो जाते हैं। क्योंकि कील मुहांसों के कारण ख़ूबसूरती भी कुछ फ़ीकी पड़ जाती है। तो कील मुहांसों को दूर करने के लिए इस घरेलू उपाय को ज़रूर करें।

घरेलू उपाय – ज्वार के कच्चे दाने पीसकर उसमें थोड़ा कत्था व चूना मिलाकर कील व मुहांसों पर लगाए, इससे कील मुहांसे गायब हो जाएंगे।

7. पेट की जलन शांत करें

भुनी ज्वार बताशे के साथ खाने से पेट की जलन शांत हो जाती है।

8. मासिक धर्म के विकार को दूर करें

मासिक धर्म के दर्द या कोई अन्य समस्याओं में ज्वार के फ़ायदे होते हैं। ज्वार के भुट्टे को जलाकर छान लें। इस राख को 3 ग्राम मात्रा में लेकर पानी के साथ सुबह के समय खाली पेट सेवन करें। इस उपाय को मासिक-धर्म शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले करें और जब मासिक-धर्म शुरू हो जाए तो इसका सेवन बन्द कर दें। इससे मासिक धर्म के सभी विकार नष्ट हो जाते हैं।

9. प्यास अधिक लगने पर

अगर प्यास अधिक सताए तो गरमागरम ज्वार की रोटी बनाएं और इस रोटी को छाछ में भिगोकर खाने से प्यास कम लगती है।

सावधानी

ज्वार की रोटी कमज़ोर और वात पित्त के रोगी को न दें और अगर ज्वार की रोटी थोड़ी खाने को दे तो ज्वार के संग गुलकन्द मिलाकर दें। गुलकंद मिलाकर ज्वार की रोटी का सेवन करने से ज्वार के दोष दूर हो जाते हैं।

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I am doing regular workout. I have question regarding the Amount of protein to be consumed for building good muscles. And are our muscles get damaged due to the workouts? What one should do to cure this damages?

B.Sc.(Hons), P.G.Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Gurgaon
I am doing regular workout. I have question regarding the Amount of protein to be consumed for building good muscles....
If you are regularly doing workouts, your protein requirement should be 2 gm protein per kg body weight. You should include high protein foods like egg whites, chicken, lean meat (1-2 times only), fish, milk, paneer, sprouts, pulses, kala chana in your daily diet. Muscles need instant energy after workouts so you should consume protein foods immediately after 10-15 minutes of your workout to repair and re-build muscles..
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I want slim figure. What should I follow, or add in my diet chart? Please help me.

PG Diploma in Emergency Medicine Services (PGDEMS), Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), MD - Alternate Medicine
Ayurveda, Ghaziabad
I want slim figure. What should I follow, or add in my  diet chart? Please help me.
Best way to reduce fat is exercise and diet control. Take pranacharya medohar rasayn twice a day. Medohar guggul 2-2 twice a day. And pranacharya slim capsule 1-1 twice a day. Avoid junk food. Oily food. Fermented food. Alcohol consumption. Sugar. Milk products and sweets. Take oats and cereals more. And do pranayama early in the morning and walk for atleast 45 minutes a day. And do exercises. Dont sleep immediately after taking meal.
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