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Sir H.N. Reliance Foundation Hospital & Research Centre

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By combining excellent care with a state-of-the-art facility we strive to provide you with quality health care. We thank you for your interest in our services and the trust you have placed in us.
More about Sir H.N. Reliance Foundation Hospital & Research Centre
Sir H.N. Reliance Foundation Hospital & Research Centre is known for housing experienced General Physicians. Dr. Snehal Sanghavi, a well-reputed General Physician, practices in Mumbai. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 71 patients.

Timings

MON-SAT
08:00 AM - 09:00 PM

Location

Raja Ram Mohan Roy Road, Prarthana Samaj Landmark : Near Charan Road & Grand Road Station
Girgaon Mumbai, Maharashtra - 400004
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Doctors in Sir H.N. Reliance Foundation Hospital & Research Centre

Dr. Snehal Sanghavi

General Physician
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM

Dr. Sanjay Londhe

MBBS, MS - Orthopaedics, DNB - Orthopedics
Orthopedist
26 Years experience

Dr. Manoj R. Mashru

MBBS
Cardiologist
39 Years experience
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM

Dr. Bipeenchandra Y. Bhamre

MBBS, MS - General Surgery, MCh - Cardio Thoracic Surgery
General Surgeon
20 Years experience
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM

Dr. Farokh Wadia

MBBS, MS - Orthopaedics, DNB - Orthopedics
Orthopedist
20 Years experience
1100 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Arjun Dhawale

MBBS, MS - Orthopaedics, DNB - Orthopedics
Orthopedist
18 Years experience
1500 at clinic
Available today
12:00 PM - 03:30 PM

Dr. Kshitij Chaudhary

MBBS, MS - Orthopaedics, DNB - Orthopedics
Orthopedist
16 Years experience
1100 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Pankaj Parihar

MBBS, MD - Paediatrics
Pediatrician
23 Years experience
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM
1100 at clinic
Available today
02:00 PM - 08:00 PM
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM

Dr. Nina A Madnani

MBBS, DDV, MD - Dermatology
Dermatologist
24 Years experience
2000 at clinic
Available today
11:00 AM - 02:00 PM

Dr. Sanjay Borude

MS - General Surgery, MBBS
Bariatrician
35 Years experience
Available today
08:00 AM - 11:00 AM

Dr. Tushar Rege

MBBS, MS - General Surgery, MHUS
Endocrinologist
35 Years experience
1100 at clinic
Unavailable today
48 Years experience
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM
1100 at clinic
Unavailable today
1100 at clinic
Unavailable today

Dr. Sanjay Borude

MS - General Surgery, MBBS
Bariatrician
35 Years experience
Available today
08:00 AM - 11:00 AM
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM
1100 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM
13 Years experience
1500 at clinic
Available today
08:00 AM - 08:00 PM
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High Blood Pressure Ke Prabhaw - हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
High Blood Pressure Ke Prabhaw - हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव!

वर्तमान समय में हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या बन कर उभरा है. इसके मरीज साल दर साल बढ़ रहे है. इस भागदौड़ से भरी जीवनशैली में, हम कई तरह के अनुचित आदतों को अपना लेते हैं जो हमारे शरीर पर प्रतिकूल या हानिकारक प्रभाव डालते है. इस भागदौड़ की ज़िंदगी में हम अनुचित खान-पान, एक्सरसाइज से दूर रहना, स्ट्रेस, पोषक तत्वों की कमी या फिर धूम्रपान और ड्रिंकिंग जैसे कई गलत आदतों में पड़ जाते हैं. यह सभी आदतें आपको हाई ब्लड प्रेशर की तरफ अग्रसर कर सकती है. भारत में होने वाली मौतों के लिए हाई ब्लड प्रेशर को चौथा कारण माना गया है. 

हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव बहुत गंभीर और जानलेवा हो सकता हैं. इस बिमारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 90 % लोगों को हाई ब्लज प्रेशर के लक्षण का पता नहीं लगता है. इसी वजह से हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ के रूप  में भी जाना जाता है. जब धमनियों में ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है तो इस प्रेशर को हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं. 

हमारे शरीर में ह्रदय धमनियों के माध्यम से ब्लड को पुरे शरीर में पंप करती है. जब हमारा दिल धड़कता है तो वास्तव में यह ब्लड को पूरी बॉडी में पंप कर रह होता है. हाई ब्लड प्रेशर का प्रभाव शरीर के कई अंगो पर पड़ता है. इसलिए हाई ब्लड प्रेशर से बचाव करना महत्वपूर्ण है. आइए हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव को जाने और इससे बचाव कैसे करें. 

हाई ब्लड प्रेशर के कारण 

हाई ब्लड प्रेशर का कोई निश्चित कारण नहीं है, लेकिन कुछ संभावित कारण है जिसके वजह से आप हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित हो सकते है. इसमें उम्र बढ़ना, अनुवांशिक, मोटापा, स्ट्रेस, धूम्रपान और ड्रिंकिंग, अनुचित जीवनशैली जैसे कारक शामिल है. 

हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव

हाई ब्लड प्रेशर के कारण शरीर के कई अंगो पर हनिकारक प्रभाव पड़ता है. जो निम्नलिखित है:

  1. आँखों पर प्रभाव- हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव से आपके देखने की क्षमता कम हो जाती है. इसके कारण आपकी दृष्टि धुंधली पड़ जाती है और रौशनी कम होने लगती है. इसलिए आपको नियमित रूप से आँखों को जांच करने की सलाह दी जाती है. 
  2. दिल का दौरा- जब धमनियों में ब्लड का प्रेशर अधिक हो जाता है तो परिणामस्वरूप ह्रदय को अधिक काम करना पड़ता है. इस अधिक प्रेशर के कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है. 
  3. किडनी फेल हो सकती है-  हमारे शरीर से टॉक्सिक पदार्थ को बाहर निकालने का काम किडनी का होता है. जब ब्लड प्रेशर हाई होता है तो किडनी पर दबाब भी बढ़ जाता जाता है और ब्लड वेसल्स संकीर्ण हो जाती है. इसके साथ ही किडनी में टॉक्सिक पदार्थो को फ़िल्टर करने वाली कोशिकाएं भी प्रभावित होती है. इन सभी कारणों से किडनी आपने काम को सुचारु रूप से नहीं करता है और ब्लड में टॉक्सिक जमा होना लगते हैं. इस कारण से किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है. 
  4. मस्तिष्क पर प्रभाव-  जब आपकी उम्र बढ़ने लगती है और आप हाई बीपी से ग्रसित होते है तो इसका आपके मस्तिष्क पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है. इसके कारण आपके याददाश्त कमज़ोर होने लग जाती है, जिसे डिमेंशिया भी कहा जाता है. इसके अलावा, मस्तिष्क में खून की आपूर्ति कम हो जाती है और मष्तिष्क की सोचने समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है.  

हाई ब्लड प्रेशर से कैसे करें बचाव 

यदि आप हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित है या होने का खतरा है तो आप इस बिमारी से बचाव के लिए निम्नलिखित सुझाव का पालन कर सकते हैं:

स्वस्थ जीवनशैली: हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव से बचने के लिए सबसे पहले स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए. स्वस्थ जीवनशैली में नियमित शारीरक गतिविधि करना और  ड्रिंकिंग, स्मोकिंग जैसी आदतों से दूर रहना शामिल हैं. अगर आपका वजन अधिक हो तो वजन कम करना चाहिए. 

उचित आहार- आपको स्वस्थ रखने के लिए उचित आहार का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण है. यह आपके हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी सहायक होता है. इसके लिए आपको चर्बी और हाई फैट वाले आहार से दूर रहना चाहिए. आपको अपने नमक का सेवन पर भी नियंत्रण करना चाहिए. आप अपने आहार में तरबूज, नारंगी, केला, सेब, आम , नाशपाती, पपीता  और अनानास को शामिल करना चाहिए. इसके अलावा सलाद के रूप में खीरा, गाजर, मूली, प्याज़ और टमाटर आदि को भी सेवन करना चाहिए. उचित आहार आपको हाई ब्लड  प्रेशर के प्रभाव से बचाव करता है. 
 
योग और एक्सरसाइज- योग और अभ्यास हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए बहुत सहायक होते है. यह ना आपको केवल स्वस्थ रखता है बल्कि वजन नियंत्रण और बेहतर रक्त परिसंचरण के लिए भी फायदेमंद होता है. आपको हर दिन नियमित रूप से आधे घंटे एक्सरसाइज करनी चाहिए. योग अभ्यास भी बहुत सहायक होते है. कई तरह के योगासन है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करतें है जिनमे धनुरासन, भुंजागसन, ताङासन, वज्रासन आदि. योग और एक्सरसाइज हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव को कंट्रोल करतें है.

High Blood Pressure Kya Hota Hai - हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
High Blood Pressure Kya Hota Hai - हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है?

एक समय था, जब हाई ब्लड प्रेशर को केवल शहरों तक ही सीमित माना जाता था. लेकिन बढ़ते आधुनिकरण और अनुचित जीवनशैली के कारण इस बीमारी ने गांव -देहात तक अपनी पकड़ बना ली है. हाई ब्लड प्रेशर एक बहुत ही जटिल समस्या है और इस बिमारी में आपको पता नहीं होता कि आप कब इससे ग्रसित हो सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण बहुत ही अस्पष्ट होते है और इसी वजह से इसे साइलेंट किलर के रूप में भी जाना जाता है. एक अध्ययन के अनुसार, भारत की बात करें तो यहां 10 में से 3 व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है. भारत में हर वर्ष होने वाली मौत में हाई ब्लड प्रेशर को एक प्रमुख कारण माना गया है.

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज संभव है. लेकिन हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है? ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती हैं. इसलिए, आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है और इसका पता कैसे लगाया जाता है. साथ ही हाई ब्लड प्रेशर के क्या उपचार होते हैं. 

हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है 

हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है. जब ब्लड वेसल्स(नसों) में ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहते है. जब यह प्रेशर कम हो जाता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है. हमारे शरीर में हार्ट ब्लड वेसल्स के माध्यम से ब्लड को पूरे शरीर में पंप करता है. हमारे बॉडी में ब्लड को पंप करने के लिए एक निश्चित प्रेशर की जरुरत होती है. जब किसी कारण यह प्रेशर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है तो ब्लड वेसल्स पर अधिक दबाब पड़ता है और इस स्थिति को हाइपर टेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है. ब्लड वेसल्स पर बढ़ते प्रेशर के कारण ह्रदय को ज्यादा काम करना पड़ता है. यह स्थिति बाद में हार्ट फेल या दिल के दौरे का कारण भी बन सकती है. इसलिए, हाइपरटेंशन को जानलेवा बिमारी माना गया है. 

हाई ब्लड प्रेशर का प्रकार 

हाई ब्लड प्रेशर दो प्रकार का होता है. सिस्टोलिक प्रेशर और डायस्टोलिक प्रेशर - इस प्रेशर को हाईएस्ट रीडिंग और लोएस्ट रीडिंग भी कहा जाता है. सामान्य स्थिति में एक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90 से 140 तक होता है.  यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90 और 140 के स्तर से, कई दिनों तक ऊपर रहता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है. सिस्टोलिक रीडिंग 100 से 140 के बिच रहती है और डायस्टोलिक रीडिंग 60 से 90 के बीच में रहती है. इसके अलावा व्यक्ति का ब्लड प्रेशर इस बात पर भी निर्भर करता है कि मांशपेशियों में संकुचन हो रहा है या नहीं. 

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण 

आमतौर पर हाइपरटेंशन को मूक हत्यारा के रूप में जाना जाता है. इसलिए इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते है. जब तक कि इससे पीड़ित व्यक्ति को कोई गंभीर समस्या जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आदि उत्पन्न नहीं होता है, तब तक वे इस बीमारी से अवगत नहीं हो पाते हैं. इसलिए आपको सामान्य स्थिति में भी ब्लड प्रेशर की नियमित चेक अप करवाना चाहिए. इसके साथ ही आपको हेल्थी लाइफस्टाइल और डॉक्टर से परामर्श भी लेना चाहिए. हालाँकि, हाई बीपी के कुछ लक्षण है जो लोगों द्वारा अनुभव किए जाते हैं, जिनमें चक्कर आना, दर्द, धुंधला दिखना, उल्टी, नाक से खून बहना या सीने में दर्द होना इत्यादि शामिल है. 

हाई ब्लड प्रेशर के कारण 

हाई ब्लड प्रेशर के निश्चित कारण का पता लगाना मुश्किल होता है. अधिकांश लोगों को पता नहीं होता है कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है, इसी कारण यह रोग और भी घातक हो जाता है. हालाँकि, इसके कुछ संभावित कारण है जिसमे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है. हाई ब्लड प्रेशर के संभावित कारण निम्नलिखित हो सकते है:

  1. अनुवांशिकता- यदि आपके परिवार में किसी को भी हाई बीपी होता है, तो आप भी इस बीमारी के लिए प्रवण होते है.  इस स्थिति में आपको स्वस्थ जीवनशैली और उचित खानपान को अपनाना चाहिए. 
  2. उम्र - बढ़ती उम्र भी हाई बीपी के लिए एक प्रमुख कारण  है. उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी बढ़ जाता है. यह बिमारी महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में अधिक सामान्य हैं. हालाँकि, बुढ़ापे में महिलाओं और पुरुषों में हाई बीपी का खतरा सामान्य हो जाता है. 
  3. मोटापा - सामान्य से अधिक वजन रखने वाले लोगों के लिए हाई बीपी का खतरा ज्यादा होता  है. 
  4. स्मोकिंग और ड्रिंकिंग - अत्यधिक  स्मोकिंग के कारण ब्लड वेसल्स संकीर्ण हो जाता है जो बीपी हाई का कारण बन जाती है. दूसरी तरफ, अत्यधिक अल्कोहल सेवन के कारण ब्लड में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, इससे ह्रदय को क्षति होती है और हाई बीपी का कारण बनता है. 
  5. अनुचित आहार- यदि आप अधिक नमक या हाई फैट वाले आहार का सेवन करते है तो आप भी हाई बीपी के लिए जोखिम रखते है. 
  6. स्ट्रेस- कई स्टडीज के अनुसार मेन्टल स्ट्रेस को भी हाई बीपी के लिए जिम्मेदार माना गया है.  

हाई ब्लड का इलाज 

किसी भी बीमारी से बचने के लिए सबसे पहले उपचार, रोकथाम और बचाव है. आपको सबसे पहले यह जानने की जरुरत है कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है और आप इसे कैसे रोक सकते है. यदि आपको बताए गए कारणों जैसे मोटापे या स्ट्रेस की वजह से हाई ब्लड प्रेशर है तो आपको  मोटापा कम करना चाहिए. 

साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए. इसके अलावा शराब का सेवन भी प्रतिबंधित करना चाहिए. आप नियमित रूप से ब्लड प्रेशर का चेकअप करवाते रहें और कोई लक्षण दिखने पर शुरुआत से ही इलाज शुरू करें. आपको नमक की सेवन पर नियंत्रण रखना चाहिए. आप बीपी को कंट्रोल करने के लिए योग की भी मदद ले सकते हैं. कई योग है जो बीपी कंट्रोल करने में मदद करते है. 

इनमें से कुछ निम्न इस प्रकार है - भुजंगासन, धनुरासन, वज्रासन, ताडासन और धनुरासन बहुत उपयोगी है. यदि अनुवांशिक कारणों से हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित है तो आपको डॉक्टर के साथ हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है, इसके बारे में विस्तार से चर्चा करनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए गए दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए.

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