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Hinduja Hospital

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Hinduja Hospital is known for housing experienced General Surgeons. Dr. Vinod A Chandiramani, a well-reputed General Surgeon, practices in Mumbai. Visit this medical health centre for General Surgeons recommended by 65 patients.

Timings

MON, THU-FRI
08:00 AM - 08:00 PM
TUE
08:00 AM - 10:00 PM
WED
08:00 AM - 11:00 PM
SAT
08:00 AM - 07:00 PM
SUN
04:00 PM - 06:30 PM

Location

Veer Savarkar Marg, Mahim West, Mahim. Landmark:Near Bombay Scotish School
Mahim Mumbai, Maharashtra - 400016
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Doctors in Hinduja Hospital

Dr. Vinod A Chandiramani

MS - General Surgery, MBBS, F.A.C.S
General Surgeon
37 Years experience
1500 at clinic
Unavailable today

Dr. C Anand Somaya

MBBS
Cardiologist
1100 at clinic
Unavailable today

Dr. Sudeep R Shah

MBBS, MS - General Surgery, FRCS - Gastroenterology
Gastroenterologist
29 Years experience
1400 at clinic
Unavailable today

Dr. Arun Bal

General Surgeon
1100 at clinic
Unavailable today

Dr. Girish

MBBS
Orthopedist
1500 at clinic
Unavailable today
950 at clinic
Unavailable today

Dr. Nina A Madnani

MBBS, DDV, MD - Dermatology
Dermatologist
24 Years experience
1100 at clinic
Available today
03:30 PM - 07:15 PM
1500 at clinic
Available today
09:00 AM - 11:00 PM

Dr. Rohini Samant

MBBS
Rheumatologist
Unavailable today

Dr. N F Shah

Endocrinologist
Unavailable today

Dr. Anand Joshi

MBBS
Gastroenterologist
1100 at clinic
Unavailable today

Dr. Vora J Dulari

MBBS
Gynaecologist
1100 at clinic
Unavailable today

Dr. Samir Dalvie

MBBS, MS Orth
Orthopedist
29 Years experience
Available today
10:00 AM - 07:00 PM

Dr. Sonu Udani

MBBS
Pediatrician
1100 at clinic
Unavailable today
1500 at clinic
Unavailable today
Unavailable today

Dr. Harsh Mehta

MBBS
Cardiologist
1500 at clinic
Unavailable today

Dr. Surendra Sonaji

MBBS
Cardiologist
1500 at clinic
Unavailable today

Dr. Sudheer Pille

MBBS
Cardiologist
1500 at clinic
Unavailable today

Dr. Asha Pherwani

MBBS
Pediatrician
1100 at clinic
Unavailable today
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बालों के लिए गुड़हल के फायदे - Baalon Ke Liye Gudhul Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
बालों के लिए गुड़हल के फायदे - Baalon Ke Liye Gudhul Ke Fayde!

गुड़हल के फूल का वैज्ञानिक नाम रोजा साइनेसिस है. गुड़हल के फूल में कई तरह के पोषक तत्व जैसे कि फाइबर वसा कैल्शियम विटामिन सी आयरन आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसलिए गुड़हल का फूल हमें कई बीमारियों से निजात दिलाता है. गुड़हल का फूल हमारे यहां धार्मिक रुप से काफी महत्वपूर्ण है. हिन्दू परम्पराओं में विभिन्न प्रकार के पूजा अनुष्ठानों में उड़हुल का फूल का इस्तेमाल किया जाता है.लेकिन आज हम इस लेख में उड़हुल के लाभ के बारे में जानेंगे. तो आइए इस लेख के माध्यम से हम गुड़हल के फूल के फायदे को जानें.

बालों के लिए गुड़हल के फूल के फायदे-
यदि आप अपने बालों को सुंदर और स्वस्थ रखना चाहते हैं तो गुड़हल का फूल एक बेहतर विकल्प हो सकता है. उड़हुल के ताजे फूलों को पीसकर बालों पर लगया जा सकता है. इसके अलावा यदि आप चेहरे पर हुए मुंहासे से परेशान हैं तो इसके लिए लाल गुडहल की पत्तियों को पानी में उबाल कर पीस लें। अब इस पेस्ट में शहद को मिला कर त्वचा पर लगाएं. यह आपको मुहांसे से राहत प्रदान करता है. गुड़हल के फूल का प्रयोग हम बालों की कई समस्याओं के लिए भी कर सकते हैं. गुड़हल की पत्तियों को जैतून के पत्तों के साथ मिलाकर बने पेस्ट को 10 से 15 मिनट के लिए सिर पर लगाकर रखें इसके बाद इसे गुगुने पानी से धो लें. इससे आपके बाल घने दिखाई देने लगेंगे. इसके अलावा गुड़हल की पत्तियों को पीसकर इसमें नारियल तेल मिलाकर थोड़ा गर्म कर लें. अब इस तेल को अपने सिर पर मालिश करने के लिए प्रयोग करें. इससे आपके बालों में चमक और मजबूती आती है. बालों लिए गुड़हल के फूल का प्रयोग हम बालों की कई समस्याओं के लिए भी कर सकते हैं. गुड़हल के पत्तों और फूलों से बना पेस्ट प्राकृतिक कंडिशनर का काम करता है.

गुड़हल के फूल के अन्य फायदे भी हैं-
गुड़हल के फूल की कुछ प्रजातियों बहुत सुंदर और आकर्षक होते है. इसलिए कुछ प्रजातियों को उड़हुल के सुंदरता और आकर्षक होने के कारण लगाया जाता है. आपको जानकार हैरानी होगी कि नींबू, पुदीना आदि की तरह के औषधीय गुण गुड़हल में भी मौजूद होते हैं। इसलिए इसकी चाय भी हमारे सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है. गुड़हल के कई प्रजातियों में से एक प्रजाति ‘कनाफ’ का इस्तेमाल कागज निर्मित करने के लिए भी किया जाता है. इसके अलावा एक अन्य प्रजाति ‘रोज़ैल’ का इस्तेमाल मुख्य रूप से कैरिबियाई देशों में सब्जी, चाय और जैम बनाने में भी किया जाता रहा है. गुड़हल के फूलों को हमलोग देवी और गणेश जी की पूजा में अर्पण करने के लिए भी किया जाता है. इनके फूलों में त्वचा को मुलायम बनाने के साथ-साथ आर्तवजनक, फफूंदनाशक, और प्रशीतक जैसे गुणों की भी मौजूदगी होती है।

कई कीट प्रजातियों के लार्वा इसका इस्तेमाल भोजन के रूप में भी करते हैं। इसके फूलों और पत्तियों को पीस कर इसका लेप सर पर लगाने से बाल झड़ने और रूसी की समस्याओं से कारगर तरीके से निपटा जा सकता है। यही नहीं इसका इस्तेमाल केश तेल बनने के लिए भी किया जाता है। इसका प्रयोग केश तेल बनाने में भी किया जाता है. गुड़हल के फूल को परंपरागत हवाई महिलायें अपने कान के पीछे से टिका कर पहनने के लिए भी करती हैं। ये बहुत रोचक बात है क्योंकि इस संकेत का अर्थ ये होता है कि वो महिला अविवाहित है और वो विवाह के लिए उपलब्ध है.

* गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल बालों को आकर्षक और स्वस्थ रखने के लिए भी किया जा सकता है. गुड़हल के फूलों को पानी में उबाल कर बाल धोने से हेयर फॉल की समस्या दूर हो जाती है. यह एक तरह का आयुर्वेदिक उपचार है.
* गुड़हल की 10 ग्राम पत्तियों को मेहंदी और नींबू के रस में मिलाकर बालों की जड़ों से सिरे तक अच्छे से लगाएं. इस विधि से बालों के डैंड्रफ खत्म हो जाती है.
* इसका उपयोग कॉस्मेटिक में भी किया जाता है. भारत में गुड़हल की पत्तियों और फूलों से हर्बल आईशैडो बनती है.
* गुड़हल का फूल शरीर की सूजन के साथ-साथ खुजली तथा जलन जैसी समस्याओं से भी राहत देता है. गुड़हल के फूल की ताजी पत्तियों को अच्छी तरह पीस कर सूजन तथा जलन वाली जगह पर लगाएं, कुछ ही मिनटों में समस्या दूर हो जाएगी.
* बच्चों के लिए हर्बल शैम्पू बनाने में भी इसका उपयोग होता है, क्योंकि यह माइल्ड होता है.
* गुड़हल के फूल और पत्तों का उपयोग त्वचा से झुर्रियां दूर करने में भी किया जाता है.

गुड़हल के फूल के फायदे - Gudhul Ke Phul Ke Fayde!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
गुड़हल के फूल के फायदे - Gudhul Ke Phul Ke Fayde!

गुड़हल के फूल का वैज्ञानिक नाम रोजा साइनेसिस है. गुड़हल के फूल में कई तरह के पोषक तत्व जैसे कि फाइबर वसा कैल्शियम विटामिन सी आयरन आदि भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसलिए गुड़हल का फूल हमें कई बीमारियों से निजात दिलाता है. गुड़हल का फूल हमारे यहां धार्मिक रुप से काफी महत्वपूर्ण है. कई तरह के पूजा-पाठ और देवी देवताओं को चढ़ाने के लिए गुड़हल के फूल का इस्तेमाल हम करते रहते हैं. लेकिन आज हम बात करेंगे इससे होने वाले फायदे अन्य फायदों की. तो आइए इस लेख के माध्यम से हम गुड़हल के फूल के फायदे को जानें.

1. वजन कम करने में

गुड़हल के फूल को वजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता हैं. गुड़हल की पत्तियों से बनी चाय पीने से आपके शरीर में ऊर्जा का संचार होता है. इसलिए हमें काफी देर तक भूख नहीं लगती है. इसके अलावा गुड़हल के फूल का सेवन भी भूख लगने से रोकता है. यही नहीं इसे खाने से हमारी पाचन क्रिया भी समृद्ध होती है. इससे शरीर में अनावश्यक चर्बी नहीं जमा हो पाती है, और वजन कम होता है.

2. सर्दी जुकाम में
सर्दी-जुकाम की समस्या को दूर करने के लिए भी गुड़हल के फूल का प्रयोग किया जाता है. इसकी पत्तियां जिसमें विटामिन सी की प्रचुरता होती है, को यदि हम रोजाना खाएं तो इससे सर्दी जुकाम में काफी राहत मिलती है. आप चाहें तो इसका चाय भी बना कर पी सकते हैं.

3. जवान बने रहने के लिए
गुड़हल की पत्तियों से होने वाले कई लाभों में से एक यह भी है कि ये एंटी-एजिंग है. यानी कि आपकी बढ़ती उम्र के असर को काफी हद तक कम करता है. दरअसल गुड़हल की पत्तियों में शरीर के फ्री रेडिकल्स को हटाने की क्षमता होती है. इस वजह से ही हमारी त्वचा की बढ़ती उम्र के लक्षणों से लड़ पाता है.

4. बालों के लिए
गुड़हल के फूल का प्रयोग हम बालों की कई समस्याओं के लिए भी कर सकते हैं. गुड़हल की पत्तियों को जैतून के पत्तों के साथ मिलाकर बने पेस्ट को 10 से 15 मिनट के लिए सिर पर लगाकर रखें इसके बाद इसे गुगुने पानी से धो लें. इससे आपके बाल घने दिखाई देने लगेंगे. इसके अलावा गुड़हल की पत्तियों को पीसकर इसमें नारियल तेल मिलाकर थोड़ा गर्म कर लें. अब इस तेल को अपने सिर पर मालिश करने के लिए प्रयोग करें. इससे आपके बालों में चमक और मजबूती आती है. बालों लिए गुड़हल के फूल का प्रयोग हम बालों की कई समस्याओं के लिए भी कर सकते हैं. गुड़हल के पत्तों और फूलों से बना पेस्ट प्राकृतिक कंडिशनर का काम करता है.

5. कोलेस्ट्राल कम करने के लिए
कोलेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए भी गुड़हल का प्रयोग किया जाता है. ये धमनी में पट्टिका को जमने से रोकती है. इसतरह ये कोलेस्ट्राल को नियंत्रित करने में मददगार साबित होती है.

6. गुर्दे की पथरी के लिए
गुर्दे की पथरी से परेशां व्यक्ति गुड़हल के फायदे का इस्तेमाल कर सकता है. इसका कारण ये है कि इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसके लिए आपको बस गुड़हल की चाय पीनी होती है.

7. पीरियड्स के दौरान
पीरियड्स को नियमित करने में गुड़हल काफी महत्वपूर्ण साबित होता है. पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में ऐस्ट्रोजेन की कमी होने से हार्मोन्स का संतुलन गड़बड़ा जाता है. गुड़हल इसे नियमित करता है.

8. उच्च रक्तचाप के लिए
गुड़हल की पत्तियों से बनी चाय के तमाम फ़ायदों में से एक ये भी है कि ये उच्च रक्तचाप में भी लाभदायक साबित होता है. इससे हृदय की गति भी सामान्य होती है.

9. खून की कमी में
खून की कमी यानि एनिमिया की समस्या में भी गुड़हल लाभदायक होती है. इसके लिए लगभग 40 से 50 गुड़हल के फूल की कलियों को अच्छे से पीसकर उसके रस को एक टाइट डिब्बे में बंद कर लें. सुबह-शाम इसके सेवन से आपकी एनीमिया में राहत मिलती है.

10. त्वचा के लिए
गुड़हल की पत्तियों मेन ऐन्टी-ऑक्सीडेंट, आयरन और विटामिन सी की मौजूदगी इसे त्वचा के लिए महत्वपूर्ण बनाती है. इससे आपके चेहरे के दाग-धब्बे, मुंहांसे और झुर्रियां आदि जैसी कई समस्याएँ खत्म होती हैं. इसके लिए गुड़हल की पत्तियों को पानी मेन उबालकर इसे अच्छी तरह पीस लें और इसमें शहद मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएँ.
 

थायराइड डाइट चार्ट - थायराइड डाइट फूड लिस्ट - Thyroid Diet Chart In Hindi - Thyroid Diet Food List!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
थायराइड डाइट चार्ट -  थायराइड डाइट फूड लिस्ट - Thyroid Diet Chart In Hindi - Thyroid Diet Food List!

गले के अगले हिस्से में स्थित थायराइड ग्रंथि को साइलेंट किलर भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें आने दोषों का पता समय पर नहीं चल पाता है. जाहिर है किसी भी बिमारी का समय पर इलाज न हो पाने से स्थिति खतरनाक हो जाती है. कभी-कभी तो मौत भी हो सकती है. आपको बता दें कि आकार में बेहद छोटी सी लगाने वाली ये ग्रंथि हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
थायराइड ग्रंथि के ठीक से काम न करने से हार्मोन का स्त्राव प्रभावित होता है. लेकिन यहाँ ये जानना भी बेहद महत्वपूर्ण है कि थायराइड ग्रंथि का कम या ज्यादा काम करना भी परेशानी का कारण बनता है. जीवनशैली और खान-पान में आने वाली अनियमितता ही थाइराइड की समस्या उत्पन्न करती है. इसका मतलब है कि यदि आप अपने जीवनशैली और खान-पान को लेकर सजग हो जाएँ तो इसकी संभावना काफी हद तक कम हो सकती है. इसके लिए हम आपको थायराइड का डाइट चार्ट बता देते हैं-
थायराइड पीड़ितों के लिए डाइट चार्ट-

1. आयोडीन युक्त खाना

थायराइड पीड़ितों को खाने-पीने के में आयोडीनयुक्त खाद्यपदार्थों को शामिल करना चाहिए. यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें आयोडीन की पचुर मात्रा में पाया जाता हो. इसका कारण ये है कि आयोडीन की मात्रा ही थायराइड की क्रियाशीलता को प्रभावित करती है.

2. खाने का स्त्रोत
आयोडीन के लिए हम समुद्री जीवों या समुद्र से प्राप्त खाद्य पदार्थों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मछलियों, समुद्री शैवाल और समुद्री सब्जियों में प्रचुर मात्रा में आयोडीन पाया जाता है.

3. कॉपर और आयरन
इसके अलावा कॉपर और आयरन से युक्‍त आहार लेना भी थायराइड में काफी लाभदायक होता है. इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता में वृद्धि होती है.

4. इसके स्त्रोत
कॉपर के लिए आपको काजू, बादाम और सूरजमुखी का बीज लेना चाहिए. इसमें कॉपर की प्रचुरता होती है.

5. आयरन की भूमिका
आयरन के लिए हरी और पत्‍तेदार सब्जियों से बेहतर विकल्प तो हो ही नहीं सकता है. विशेष रूप से पालक में आयरन की भरपूर मात्रा पायी जाती है.

6. पनीर और हरी मिर्च
थायराइड के मरीजों को पनीर और हरी मिर्च के साथ-साथ टमाटर का भी सेवन करना चाहिए. क्योंकि ये भी थायराइड गंथि के लिए बेहद फायदेमंद है.

7. विटामिन और मिनरल्स
आपको अपने डाइट चार्ट में विटामिन और मिनरल्‍स युक्‍त आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए. इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता में इजाफा होता है.

8. आइस क्रीम और दही
थायराइड में कम वसायुक्‍त आइसक्रीम और दही का भी सेवन भी थायराइड के मरीजों के लिए काफी लाभदायक है.

9. गाय का दूध
इसके अलावा कुछ घरेलु उपाय भी अत्यंत लाभदायक है जैसे कि गाय का दूध भी इसके मरीजों को पीना चाहिए.

10. नारियल का तेल
नारियल के तेल से भी आप थायराइड ग्रंथि की सक्रियता बढ़ा सकते हैं. इसके उपयोग में आसान बात ये है कि इसका प्रयोग आप खाना बनाने के दौरान भी कर सकते हैं.
इन खाद्य-पदार्थों के इस्तेमाल से बचें -
1. थायराइड के मरीजों के डाइट चार्ट में सोया और उससे बने खाद्य-पदार्थों का कोई स्थान नहीं रहना चाहिए.
2. थायराइड के मरीजों को जंक और फास्‍ट फूड से भी दूर ही रहना चाहिए. क्योंकि फास्ट फ़ूड थायराइड ग्रंथि को प्रभावित करते हैं.
3. यदि परहेज करने वाली सब्जियों की बात करें तो ब्राक्‍कोली, गोभी जैसे खाद्य-पदार्थों से दूर ही रहना चाहिए.

कुछ अन्य उपाय-
थायराइड के मरीजों को इस डाइट चार्ट का पालन करने के साथ ही कुछ और बातों का ध्यान रखना चाहिए. नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत डाल लेनी चाहिए. इसके साथ ही किसी योग प्रशिक्षक की सलाह से योग भी करना चाहिए. क्योंकि इससे थायराइड ग्रंथि की क्रियाशीलता बढ़ती है. हलांकि इन सबके बावजूद किसी चिकित्सक की सलाह अवश्य लें.
 

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