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Dr. Sagar S Wakle

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Dr. Sagar S Wakle BVSc Veterinarian, Mumbai
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I'm dedicated to providing optimal health care in a relaxed environment where I treat every patients as if they were my own family....more
I'm dedicated to providing optimal health care in a relaxed environment where I treat every patients as if they were my own family.
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Dr. Sagar S Wakle is a trusted Veterinarian in Mumbai, Mumbai. He has had many happy patients in his 22 years of journey as a Veterinarian. He is a BVSc . He is currently practising at Dr Sagar S Wakle in Mumbai, Mumbai. Book an appointment online with Dr. Sagar S Wakle and consult privately on Lybrate.com.

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Info

Specialty
Education
BVSc - Bombay Veterinary College - 1996
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English
Hindi

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Dr Sagar S Wakle

5 Kawle Bldg Palke Wade Near Kirti College Colaba Mumbai - 400005Mumbai Get Directions
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What is the right age for a dog collar for my german shephard? he is 2 months old can I put him in leash? suggest whether it is harmful or not?

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
I prefer not before 4 months, u can have weight less choke or fancy collar just to have a hold on him but cant tie until 4 months of age.
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My cat has suffering from fever and sneezing continuously, eating sometimes only, what do I do for my pet cat?

B.V.Sc. & A.H., M.V.Sc
Veterinarian, Gurgaon
Fever and sneezing are signs of systematic infection kindly take it to nearby vet. Your vet will check fever plus will check the nasal track along with lungs to access condition of respiratory tract.
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Vaccination In Pets

B.V.Sc
Veterinarian, Varanasi
Vaccination In Pets

Vaccination in dog

टीकाकरण की प्रकिया एक ऐसा उपाय है जिससे, कुत्तो में होने वाली कुछ प्रमुख विषाणु एवं जीवाणु जनित जानलेवा एवं लाइलाज, बीमारियों जैसे कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, रेबीज तथा केनल कफ़ आदि से बचाव के लिए समय समय पर कुत्तों के शरीर में टीका लगाया जाता है,जिससे इन रोगों के खिलाफ रोगप्रतिरोधक क्षमता का शारीर में विकास हो जाता है और हमारा पालतू जानवर एक सिमित अवधि तक इन बिमारियों के घातक प्रभाव से बचा रहता है |

कुछ टीकाकरण संबंधी सामान्य प्रश्नो के जबाब -
 
१- क्या सभी उम्र के कुत्तो का टीकाकरण जरूरी होता है?
हाँ। आमतौर पर १. ५ महीने (४५ दिन) के उम्र से ऊपर सभी कुत्तो का नियमित समय पर टीकाकरण करना जरूरी होता है यदि किसी कारण वश नयमिति या कभी कराया ही न गया हो तो किसी भी उम्र से टीकाकरण शुरू किया जा सकता है। 

२. छोटे बच्चो को किस उम्र से टीका का पहली खुराक देना शुरू करना चाहिए?
४५ दिन के उम्र से ही टीके की पहली खुराक देना बेहद जरूरी होता है 

३. क्या सभी छोटे पप्स को टीकाकरण के पहले पेट के कीड़े देना जरूरी होता है -
हाँ। बहुत से परजीवी ऐसे होते है जो माँ के पेट से ही या दूध के जरिये से बच्चे के शरीर में प्रवेश कर जाते है जिससे शरीर को कमजोर कर देते है और जब टीका लगाया जाता है तो कमजोरी के वजह से उतना अच्छा शरीर में प्रतिरोधक छमता का विकास नहीं हो पता इसलिए पहले ऐसे परजीवीओ को नष्ट करना जरूरी होता है 

४. क्या होता है टीकाकरण का सही उम्र और समयांतराल?
१. पहली खुराक -जन्म के ६ -८ सप्ताह के उपरांत(कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, पैराइन्फ़्लुएन्ज़ा हेतु) 
२. बूस्टर खुराक या दूसरी खुराक - प्रथम खुराक के २-३ सप्ताह बाद ; फिर दूसरी खुराक के ठीक एक साल बाद वार्षिक खुराक साल में एक बार पूरी उम्र तक लगवाते रहना चाहिए। 
३. तीसरी खुराक - रेबीज वायरस हेतु- प्रथम खुराक जन्म के ३ माह के उपरान्त। 
४. बूस्टर खुराक या चौथी खुराक - तीसरी खुराक के २-३ सप्ताह बाद ; फिर तीसरी खुराक के ठीक एक साल बाद वार्षिक खुराक साल में एक बार पूरी उम्र तक लगवाते रहना चाहिए। 

५. क्या बूस्टर खुराक देना जरूरी होता है या नहीं?
जन्म के साथ ही माँ से प्राप्त एंटीबाडीज और प्रथम दूध से मिलने वाली सुरछा कवच कुछ सप्ताह तक नवजात के खून में मौज़ूद रह करअनेको बीमारयों से सुरछा प्रदान करती है परन्तु समय के साथ साथ इनकी मात्रा बच्चे के शरीर में कम होने लगती है। जिससे बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है इसलिए लगभग ४५ दिन के बाद टिका का प्रथम खुराक देते है यद्पि ये पता नहीं रहता की माँ से मिलने वाली सुरछा का असर किस स्तर का है जिससे आमतौर पर ये स्तर अधिक होने पर प्रथम खुराक से बच्चे के शरीर में टीकाकरण की गुणवत्ता को बाधित करती है, जो की पप्पस में रोगप्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने में असक्षम हो जाता है इसलिए कुछ सप्ताह बाद टीकाकरण के दूसरी खुराक दे कर टीकाकरण से रोगप्रतिरोधक क्षमता करने के उद्देश्य को प्राप्त करते है ऐसी दूसरी खुराक को बूस्टर खुराक कहते है। 

६. क्या है टीकाकरण की सही खुराक देने के मात्रा:
डॉग चाहे किसी भी उम्र, भार, लिंग अथवा नस्ल के हों उनको समान मात्रा में टीकाकरण का खुराक दिया जाता है 

७. क्या है टीकाकरण का सही तरीका:
टीकाकरण खाल के नीचे:कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, पैराइन्फ़्लुएन्ज़ा तथा रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए खाल के नीचे दिया जाता है
 नथुनों में:केनल कफ़ का टीकाकरण कुत्ते के नथुनों में दवा डाल कर किया जाता है

८. क्या सभी टीके एक ही प्रकार के होते है:कुत्तों में टीकाकरण दो प्रकार की होती है
 १. कोर टीकाकरण - टीकाकरण जो सभी कुत्तों के लिये आवश्यक है. यह उन बिमारीयों में दिया जाता है जो आसानी से फैलती हैं अथवा घातक होती हैं जैसे रेबीज, एडीनोवायरस, पार्वोवायरस, और डिस्टेंपर.
 २. नान कोर टीकाकरण – उपरोक्त ४ बिमाँरीयों (रेबीज, एडीनोवायरस, पार्वोवायरस, और डिस्टेंपर) के टीकाकरण को छोड़कर अन्य सभी नानकोर टीकाकरण माना जाता है | यह उन बिमाँरियों से सुरक्षा प्रदान करता है जो वातावरण के अनावरण अथवा जीवनचर्या पर निर्भर करती है जैसे लाइम डिजीज, केनलकफ और लेप्टोस्पाइरोसिस.

९. एक सफल टीकाकरण करने के बाद क्या फिर भी टीकाकरण विफल हो सकता है?हाँ। 
 टीकाकरण के विफलता के कारण कुत्ते में बीमारी होने के निम्नलिखित मुख्य कारण हो सकते है –
१. टीकाकरण के दौरान कुत्ते की रोगप्रतिरोधक क्षमता का सम्पूर्ण रूप से कार्य न करना |
२.आयु – कम उम्र के जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली पूर्णतः विकसित नही होती और बड़े आयु के जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली कई कारणों से अक्सर कमज़ोर या क्षीण हो जाती है |
३. मानवीय चूक (टीके का अनुचित संग्रहण या अनुचित मिश्रण)- टीकों का संग्रहण एवं इस्तेमाल भी निर्देशानुसार ही होना आवश्यक है | सूरज की रोशनी,गर्म तापमान टीके के प्रभाव को नस्ट कर सकता है | टीके का मिश्रण पशु में टीकाकरण के तुरंत पहले तैयार करना चाहिए | टीके खरीदने के पहले पता करना चाहिए कि टीकों को उचित तापमान एवं देखभाल से रखा गया है या नहीं |
४. डीवार्मिंग – टीकाकरण करने के पहले पेट के कीड़े मारने के लिए डीवर्मिंग करना आवश्यक है, वरना इस तरह का तनाव टीकाकरण के प्रभाव को कम कर सकता है |
५. गलत सीरोटाईप / स्टेन का इस्तेमाल – प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बहुत विशिष्ट होती है | अतः टीके में होने वाली जीवाणु या विषाणु की सही स्टेन होनी चाहिए वरना उससे उत्पन्न होने वाली प्रतिरक्षा जानवर में सही तौर पर सुरक्षा नहीं कर पाती |
६. अनुवांशिक बीमारियाँ – कुछ जानवरों में आनुवंशिक बिमारियों की वजह से सभी रोगों के लिए प्रतिरोधक छमता सामान्य तौर पर कम ही उत्पन्न हो पाती है |
७. वैक्सीन की गुणवत्ता – टीके में प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयाप्त मात्रा में प्रतिजनी की मात्रा होना चाहिए वरना टीकाकरण के बाद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रयाप्त नहीं होती है |
८. पुराने या अवधि समाप्त टीके – पुराने टीकों में आवश्यक प्रतिजनी गुण समाप्त या कम हो जाता है | इस तरह के टीके लगाने से जानवरों को बेमतलब तनाव दिया जाता है |
९. टीकाकरण का अनुचित समय – टीका निर्माता के निर्देशों के अनुसार टीकाकरण का समय (उम्र एवं मौसम के अनुसार), लगाने का तरीका एवं मात्रा तथा दोबारा लगाये जाने की अवधि, इत्यादि निश्चित होता है |इन निर्देशों का पालन सही समय पर न करने से टीकाकरण विफल या निष्क्रिय हो जाता है |
१०. पोषण की स्तिथि- कुपोषण की वजह से जिन पशुओं में पोषक तत्वों की कमी रह जाती है उनमे टीकाकरण के बाद भी प्रतिरोधक छमता सामान्य तौर पे कम ही उत्पन्न हो पाती है |

10. क्या वैक्सीन लगते समय कुत्ते पर कोई दुस्प्रभाव हो सकते है? हाँ 
 कुछ कुत्तो प्रतिरोधक छमता अधिक सक्रिय होने की वजह से कुछ सामान्य लचण जैसे ज्वर, उल्टी, दस्त, लासीका ग्रंथियों का सूजना, मुख का सूजना, हीव्स, यकृत विफलता और कभी -कभी मौत भी हो सकती है।

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8 Tips For Your Dog This Summer!

MVSc (Ph.D pursuing)
Veterinarian, Hyderabad

1. Make sure your dog has unlimited access to fresh water all the time.

2. Make sure your dog has access to shade when outside.

3. Take walks during the cooler hours of the day. Avoid 5-7 pm evening as the steam emitting from the road can kill your pet with heat stroke!

4. When walking, try to stay off of hot surfaces (like coal tar roads) because it can burn your dog's paws.

5. If you feel it's hot outside, it's even hotter for your pet - make sure your pet has a means of cooling off.


6. Keep your dog free of external insects (fleas, ticks) - consult your veterinarian about the best product for your pet.

7. Consider clipping or shaving dogs with long coats (talk to your veterinarian first to see if it's appropriate for your pet).

8. If you have a short nose breed like pugs or bulldogs, keep a Turkish towel with you whenever traveling. Whenever you notice he/she is panting heavily, you can soak the towel in water and wrap it around his body to have a local cooling effect.

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8 Tips To Keep Your Pets Calm During Diwali Time

MVSc
Veterinarian,
8 Tips To Keep Your Pets Calm During Diwali Time

Cracker sounds are a stress for most pets – and can leave owners pretty frazzled too.

According to figures from the RSPCA (Royal Society for the Prevention of Cruelty to Animals) , 45% of dogs show signs of fear when they hear loud bangs.

And 65% of owners feel anxious for their pet as the bangers go off.

But with Diwali celebrations starting, planning can take the stress out during crackers bursting. Here’s ten things you can do to help:

1. Create a safe den or hideaway, like this cat tent, right. Before fireworks night, put treats, toys and blankets there so pets associate it with positive experiences. The RSPCA’s Professor Daniel Mills said: “Dogs learn this place is safe and enjoyable. So when fireworks go off they may go there because they know no harm will come to them.”

2. Keep pets indoors. Cats should stay in and dogs walked in daylight.

3. Close curtains and play music or leave the TV on to muffle firework noise.

4. Protect small animals. Rabbits, guinea pigs or birds should be given extra bedding to burrow in and have an area of their cage or hutch covered with blankets.

5. Try letting pets smell essential oils – they can help to relax and soothe them.Use plug in pheromone diffusers.

6. Try calming supplements in their food.

7. Play with pets so they are tired and may sleep through the day.

8. Don’t punish a pet for reacting to noise – it will make things worse.

My rabbit is of 2 1/2 month old and he is not feeling well. Both ears are down and eyes almost closed but is moving slowly! what should I do:(

M.V.Sc. & PhD Scholar Veterinary Medicine
Veterinarian, Navi Mumbai
Try to keep your pet rabbit in proper enclosure to avoid exposure to the excessive heat. Give him clean and cold water to drink along with sporolac (lacto bacillus) powder in it. Also give green leafy vegetables and sprouted grains to eat. Please avoid any kind of oral medications in rabbits, which can fatal if not monitored properly. Thank you.
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I am having a family of rabbits which consist 5 members and each of them having same problem. On there nose and ears they are having disease which looks ugly after then the hairs are also falling. So please give some tips to remove that disease.

M.V.Sc (Surgery)
Veterinarian, Mohali
It seems skin infection to your rabbit. First of all separate the health puppies. You should clip the hair from infected area. Then you should use antiseptic ointment or lotion on that area. Like cipladine.
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My 1 year old german shepherd is suffering from babesiosis although I never spotted any ticks on him. He is on antibiotics and crocin TDS How can I check his temperature?

MVSc (Ph.D)
Veterinarian,
Do not become yourself doctor or assume without base, to be a babesiosis case, there are certain symptoms like high fever, severe conjunctivitis, urine dark colored like coffee, & you should take the blood for diagnosis of this disease, to lab. The ticks in the night bite & go & can not be found on the body, what your doctor said is correct, he may be having some other problem also, and you are treating for that. His temperature can be taken by keeping the thermometer in the anus,
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Hello Sir, My 50 days old female Lab is not eating anything, but britannia marie biscuits. And she is also not growing. I have started puppy starter, but somebody asked me to stop it, as it can harm her stomach. What to do?

MVSc
Veterinarian, Mumbai
Hello Sir, My 50 days old female Lab is not eating anything, but britannia marie biscuits. And she is also not growin...
It is better to put yiour dog on puppy starter which is more beneficial so do not listen to lay persons advice put her on dog food only and lots of fresh clean potable water.
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Now a days my 4 months labrador is feeling weakness in his back legs and when he stood up he feel ache. Suggest remedy. His all vaccination is done and he eats everything.

M.V.Sc (Surgery)
Veterinarian, Mohali
Feeling weakness is indication abnormal bone growth in growing puppies. It better you should get him complete check from vet. Hip dysplasia is very common problem in labs.
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