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Dr. Haresh D Rathanpal

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Our team includes experienced and caring professionals who share the belief that our care should be comprehensive and courteous - responding fully to your individual needs and preferences....more
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I am having neckache +some upper back pain and I cant even speep at night with pillow under head. Also all my veins are like they are stretched. Please guide me some tips.

Physiotherapist, Gurgaon
U must b having cervical problem. In this condition pain radiates in your shoulder, arm and forearm region. But depends patient to patient. Secondly, pain radiates in shoulder blade region too. So see a good physiotherapist. Thank you.
1 person found this helpful
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My mother has always pain throughout her hand after doing some work. Please help.

Physiotherapist, Kota
My mother has always pain throughout her hand after doing some work. Please help.
Neck & shoulder pain & hand & wrist & finger pain neck pain= hot pack lijiye 5 mint neck stretching lijiye spasm releas k liye tripezs muscle stretching r more use full neck iso metrics exercise holding time 3 mint front than temporalthan back side mfr=neediing 3 mint shoulader pain=hot pack sweeling m ice quib use kijiyega 1 kg weight cercumduction flexsion ; extensio; side by side in & out movement pendular motion 10-10 time countinu weight bearring 2-5mint ift /tens use kr sakte h ap hand pain= weight 1kg shoulder roller 10 mint sweeling ho ap ice quib use kijiye wrist pain=wrist pain k liye towell ko roll kijiye countinu 6 time ap esa kjiye than gripper use kr sakte h ap finger pain; ap girper use kijiye reguuler 10 time I hope you will good.
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My Mother is nearing 83, weight about 73 kg with medium height. She's having pain in her knees and is not able to walk without stick or a walker. Should she be operated for knee replacement or any alternative treatment you suggest

MBBS, M. S. Orthopedics, Orthopaedics, MD - Sports Medicine
Orthopedist, Delhi
She can try with some exercises and medication. Nowadays a intra articular injection is also given, you can try these. But if no relief then surgery.
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Doctor I am from lucknow at night my father has heart pain (like lots of cough or something stored) and left hand pain and his bp is also very low he take proper medicine for bp Doctor has shifted to LORI What are the circumstance that this happen and how to take care about this and what to do in this situation.

General Physician, Trivandrum
Doctor I am from lucknow at night my father has heart pain (like lots of cough or something stored) and left hand pai...
He could be suffering from gastritis or gastro esophageal reflux disease. Avoid spicy and fried foods. Also avoid junk food and fast food. If his problems are worse, you need to take an ecg and take medications.
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I have suffering with knee pain and two legs are muzzle pains and right for the last few months. At present I used rosortho tablets, but no relief. Are you prefer any exercises for relief or an medicine.

Master in Physiotherapy (MPT), Bachelor of Physiotherapy (BPT), CMT-Diploma in Osteopathy
Physiotherapist, Gurgaon
I have suffering with knee pain and two legs are muzzle pains and right for the last few months. At present I used ro...
Do the isometric exs for your quadriceps, hamstrings and abductors muscles. You need to do the progression with resisted exs but under supervision of any physiotherapist.
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I'm 75 years old am hypertensive which is under control with medication. I have OA both knees. Apart from surgery what will be a better treatment.

Master of Physical Therapy MPT CARDIO, BPTh/BPT
Physiotherapist, Rajkot
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Physiotherapist, Gurgaon
When you are at work using computer, do not slouch on the keyboard as it will put your spines and limbs in positions that will contribute to increased strain and tension as well as increasing strain on the eyes.

Spondylitis In Hindi - जाने क्या है स्पोंडिलोसिस की बीमारी

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Spondylitis In Hindi - जाने क्या है स्पोंडिलोसिस की बीमारी

हमारी मॉडर्न लाइफस्टाइल में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो लंबे समय तक हमारा साथ नही छोड़ती। जिनमें से एक है स्पोंडिलोसिस की बीमारी। स्पोंडिलोसिस को हम स्पॉन्डिलाइटिस के नाम से भी जानते है।स्पोंडिलोसिस दो यूनानी शब्द ‘स्पॉन्डिल’ तथा ‘आइटिस’ से मिलकर बना है। स्पॉन्डिल का अर्थ है वर्टिब्रा तथा ‘आइटिस’ का अर्थ सूजन होता है इसका मतलब वर्टिब्रा यानी रीढ़ की हड्डी में सूजन की शिकायत को ही स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है। इसमें पीड़ित को गर्दन को दाएं- बाएं और ऊपर-नीचे करने में काफी दर्द होता है। स्पोंडिलोसिस की समस्या आम तौर पे स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है। स्पोंडिलोसिस रीढ़ की हड्डियों की असामान्य बढ़ोत्तरी और वर्टेबट के बीच के कुशन में कैल्शियम की कमी और अपने स्थान से सरकने की वजह से होता है।
आमतौर पर इसके शिकार 40 की उम्र पार कर चुके पुरुष और महिलाएं होती हैं। आज की जीवनशैली में बदलाव के कारण युवावस्था में ही लोग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का सबसे प्रमुख कारण गलत पॉश्चर है, जिससे मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा शरीर में कैल्शियम की कमी दूसरा महत्वपूर्ण कारण है। एक दशक पहले के आंकड़ों से तुलना करें तो इस बीमारी के मरीजों की संख्या तीन गुनी बढ़ी है। वे युवा ज्यादा परेशान मिलते हैं, जो आईटी इंडस्ट्री या बीपीओ में काम करते हैं या जो लोग कम्प्यूटर के सामने अधिक समय बिताते हैं। अनुमानतः हमारे देश का हर सातवाँ व्यक्ति गर्दन और पीठ दर्द या जोड़ों के दर्द से परेशान लोग मिल जाते हैं।

स्पोंडिलोसिस के प्रकार

शरीर के विभिन्न भागों को प्रभावित करने के आधार पर स्पोंडिलोसिस तीन प्रकार का होता है

1. सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस
गर्दन में दर्द, जो सर्वाइकल को प्रभावित करता है वह सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस कहलाता है। यह दर्द गर्दन के निचले हिस्से, दोनों कंधों, कॉलर बोन और कंधों के जोड़ तक पहुंच जाता है। इससे गर्दन घुमाने में परेशानी होती है और कमजोर मांसपेशियों के कारण बांहों को हिलाना भी कठिन होता है।
2. लम्बर स्पोंडिलोसिस
इसमें स्पाइन के कमर के निचले हिस्से में दर्द होता है।
3. एंकायलूजिंग स्पोंडिलोसिस
यह बीमारी जोड़ों को विशेष रूप से प्रभावित करती है। रीढ़ की हड्डी के अलावा कंधों और कूल्हों के जोड़ इससे प्रभावित होते हैं। एंकायलूजिंग स्पोंडिलोसिस होने पर स्पाइन, घुटने, एड़ियां, कूल्हे, कंधे, गर्दन और जबड़े कड़े हो जाते हैं।

स्पोंडिलोसिस के सिम्पटम्स

  • गर्दन या पीठ में दर्द और उनका कड़ा हो जाना है।
  • यदि आपकी स्पाइनल कोर्ड दब गई है तो ब्लेडर या बाउल पर नियंत्रण खत्म हो सकता है।
  • इस रोग का दर्द हाथ की उंगलियों से सिर तक हो सकता है। उंगलियां सुन्न होने लगती हैं।
  • कंधे, कमर के निचले हिस्से और पैरों के ऊपरी हिस्से में कमजोरी और कड़ापन आ जाता है।
  • कभी-कभी सीने में दर्द होने लगता है और मांसपेशियों में सूजन आ जाती है।
  • स्पोंडिलिसिस का दर्द गर्दन से कंधों और वहां से होता हुआ हाथों, सिर के निचले हिस्से और पीठ के ऊपरी हिस्से तक पहुंच सकता है।
  • छींकना, खांसना और गर्दन की दूसरी गतिविधियां इन लक्षणों को और गंभीर बना सकती हैं।
  • शारीरिक संतुलन गड़बड़ा सकता है और समय बीतने के साथ दर्द का गंभीर हो जाता है।
  • स्पोंडिलोसिस की समस्या होने पर यह सिर्फ जोड़ो तक ही सीमित नहीं रहती। समस्या गंभीर होने पर बुखार, थकान, उल्टी होना, चक्कर आना और भूख की कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

स्पोंडिलोसिस होने की अहम वजह

  • भोजन में पोषक तत्वों, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के कारण हड्डियों का कमजोर हो जाना हीस्पोंडिलोसिस होने का सबसे बड़ा कारण है।
  • बैठने या खड़े रहने का गलत तरीका आपको स्पोंडिलोसिस की समस्या का सामना करवा सकता है।
  • बढ़ती उम्र भी एक एहम कारण है स्पोंडिलोसिस होने का।
  • मसालेदार, ठंडी या बासी चीजों को खाने से भी स्पोंडिलोसिस हो सकता है।
  • आलस्य से भरी जीवनशैली आपको आगे चलके स्पोंडिलोसिस की परेशानी दे सकती है।
  • लंबे समय तक ड्राइविंग करना भी खतरनाक साबित हो सकता है।
  • महिलाओं में अनियमित पीरियड्स आना भी एक बड़ी वजह बन सकता है स्पोंडिलोसिस होने का।
  • उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का क्षय होना भी एक कारण है ,अक्सर फ्रैक्चर के बाद भी हड्डियों में क्षय की स्थिति होने लगती है।

स्पोंडिलोसिस से राहत पाने के आसान तरीके

1. सेंधा नमक 
सेंधा नमक में मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होने से यह शरीर के पीएच स्तर को नियंत्रित करता है और गर्दन की अकड़ और कड़ेपन को कम करता है।
2. लहसुन
आधे ग्लास पानी में दो चम्मच सेंधा नमक मिला कर पेस्ट बना लें और उसे गर्दन के प्रभावित क्षेत्र में लगाएं, या गुनगुने पानी में दो कप सेंधा नमक डाल कर रोजाना स्नान करें, इन दोनों ही तरीकों से काफी फायदा मिलेगा।

3. लहसुन
सुबह खाली पेट पानी के साथ कच्चा लहसुन नियमित खाएं अथवा तेल में लहसुन को पका कर गर्दन में मालिश करें, इससे दर्द में काफी राहत मिलेगी। दरसल लहसुन में दर्द निवारक गुण होता है और यह सूजन को भी कम करता है।

4. हल्दी
हल्दी असहनीय दर्द को खत्म करने में सबसे कारगर दवाई साबित हुई है। इतना ही नहीं यह मांसपेशियों के खिचांव को भी ठीक करता है।
5. तिल के बीज
तिल के गर्म तेल से गर्दन की हल्की मालिश 5 से 10 मिनट तक करें, फिर वहां गर्म पानी की पट्टी डालें, या आप एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच हल्दी डाल कर पीएं, दर्द से निजात मिलेगी और गर्दन की अकड़ भी कम होगी। तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, मैगनीज, विटामिन के और डी काफी मात्रा में पाई जाती है जो हमारे हड्डी और मांसपेशियों के सेहत के लिए काफी जरुरी है। स्पांडलाइसिस के दर्द में भी तिल काफी कारगर है।

आराम पाने के अन्य तरीके

  • पौष्टिक भोजन खाएं, विशेषकर ऐसा भोजन जो कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर हो।
  • चाय और कैफीन का सेवन कम करें।
  • पैदल चलने की कोशिश करें। इससे बोन मास बढ़ता है और शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।
  • नियमित रूप से व्यायाम और योग करें।
  • हमेशा आरामदायक बिस्तर पर सोएं। इस बात का ध्यान रखें कि बिस्तर न तो बहुत सख्त हो और न ही बहुत नर्म।
  • स्पोंडिलोसिस से पीड़ित लोग गर्दन के नीचे या पैरो के नीचे तकिया रखने की आदत से बचें। 

I am suffering from back pains from 2 days can you suggest me with medicine to take for back pain.

Homeopath, Sindhudurg
I am suffering from back pains from 2 days can you suggest me with medicine to take for back pain.
Homeopathy is one of the most important and effective therapy for back pain. Homeopathy produces excellent results in backache treatment without producing any side effect and is extensively used in all over the world. Homeopathy is a nature system of healing and that is why it can heal whole symptoms of illnesses and it also cure the illness from its root. Tips for backache: heavy objects should be pushed rather than pulled. The weight of the objects should be taken in your bent legs and arms and not in your back. During an acute attack sleep with a pillow under the knees. Choose shoes that offer good support in the arch and have low, but not flat, heels. Prop up one foot on a box or low stool when you're standing for a long time. Use a chair that provides support for your back, or tuck a little pillow behind your lower back. Tips to improve balance/alignment/motion: lift your leg so your thigh is parallel to the ground while touching a wall. Hold it for five breaths. For alignment, move side to side while sitting on a balance ball. For motion, try moving forward and backward on the ball. Consult for homoeopathic treatment.
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Dr. Kunal Shah

MBBS, MS - Orthopaedics, Spine Fellowship
Roshan Multispeciality Hospital, 
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Dr. Rakesh G. Nair Nair

DNB (Orthopedics), Diploma in Orthopaedics, MBBS
Zen Multi Speciality Hospital - Chembur, 
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Dr. Hardeek N Ghundiyal

Fellowship in Knee Replacement, D.N.B. (Orthopaedics) , MBBS
NuLife Hospital, 
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Dr. Kunal Makhija

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS - Orthopaedics, Fellowship In Joint Replacement, Fellowship In Minimal Invasive Subvastus Knee Replacement
Apollo Spectra Hospitals, 
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Dr. Pranav Rathi

Fellowship in Shoulder and Upper Limb, Fellowship in Joint Replacement, MS - Orthopaedics, MBBS
Dr.Dr. Pranav Rathi's Ortho-Clinic, 
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Dr. Umesh Shetty

MS - Orthopaedics, MBBS
Axis Orthopedic Hospital, 
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