Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Book
Call

Dr. Ashutosh Shetty

Neurologist, Mumbai

1500 at clinic
Book Appointment
Call Doctor
Dr. Ashutosh Shetty Neurologist, Mumbai
1500 at clinic
Book Appointment
Call Doctor
Submit Feedback
Report Issue
Get Help
Feed
Services

Personal Statement

Our team includes experienced and caring professionals who share the belief that our care should be comprehensive and courteous - responding fully to your individual needs and preferences....more
Our team includes experienced and caring professionals who share the belief that our care should be comprehensive and courteous - responding fully to your individual needs and preferences.
More about Dr. Ashutosh Shetty
Dr. Ashutosh Shetty is a renowned Neurologist in Andheri West, Mumbai. You can meet Dr. Ashutosh Shetty personally at Criticare Hospital in Andheri West, Mumbai. Book an appointment online with Dr. Ashutosh Shetty on Lybrate.com.

Lybrate.com has an excellent community of Neurologists in India. You will find Neurologists with more than 43 years of experience on Lybrate.com. You can find Neurologists online in Mumbai and from across India. View the profile of medical specialists and their reviews from other patients to make an informed decision.

Info

Languages spoken
English
Hindi

Location

Book Clinic Appointment with Dr. Ashutosh Shetty

Dr Ashutosh Shetty Neuron Clinic

#C-1, Ratandeep Cosmopolitan Chmbers, S V Road, Andheri West. Landmark: Next to Shoppers Stop, MumbaiMumbai Get Directions
1500 at clinic
...more
View All

Services

View All Services

Submit Feedback

Submit a review for Dr. Ashutosh Shetty

Your feedback matters!
Write a Review

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

I am suffering from epilepsy from 15 years and taking encorate 500mg, 300mg what do you sugest.

MBBS, MD Psychiatry, DNB Psychiatry
Psychiatrist, Nagpur
If you are stable on Encorate chrono and not having fits, you can continue with same medicines. If you still have fits regularly you need to get a consultation to decide the right combination of medicines for you
Submit FeedbackFeedback

I am a female, aged 29. Having a nerve pain in left-hand for last 3 weeks. Its near the wrist. I can see and feel the nerve is badly swelled now. Also not able to move the hand or do any work. It pains very badly and if I stretch my thumb and specifically after I wake up in morning. Today can felt that my right hand's same nerve's 2-3 areas are swelling too! Please suggest me what should I do.

FRHS, Ph.D Neuro , MPT - Neurology Physiotherapy, D.Sp.Med, DPHM (Health Management ), BPTh/BPT
Physiotherapist, Chennai
Do Take UST and laser Therapy for pain relief for 12 days followed by strengthening exercise from Neuro physiotherapist or do consult me privately via lybrat.com Best wishes
Submit FeedbackFeedback

Epilepsy Symptoms, Treatment And Cause - मिरगी के लक्षण, इलाज और कारण

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Epilepsy Symptoms, Treatment And Cause - मिरगी के लक्षण, इलाज और कारण

मिर्गी उन बिमारियों में से है जिनका पहचान काफी पहले ही हो चुकी थी. आज हम मिर्गी के लक्षण, कारण और उपचार को लेकर बात करेंगे. विशेषज्ञों के अनुसार मिर्गी की बीमारी तंत्रिका तंत्र में विकार आने के कारण होती है. तंत्रिका तंत्र का सीधा सम्बन्ध मस्तिष्क से है. जब मस्तिष्क में विकार आता है तो इसकी वजह से तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है. फिर मिर्गी का अटैक आता है और पीड़ित का शरीर अकड़ जाता है.
इस बीमारी को लेकर पहले समाज में कई तरह की भ्रांतियां प्रचलित थीं. हलांकि अब भी कई लोग इसे भुत-प्रेत से जोड़कर देखते हैं. कई बार तो मिर्गी के मरीज को पागल की तरह भी ट्रीट किया जाता है. यहाँ ये बताना आवश्यक है कि मिर्गी भी बस एक बीमारी के सिवा कुछ नहीं है. इस लिए इसके मरीजों को तुरंत किसी चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए. हम मिर्गी के के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाल रहे हैं.

मिर्गी होने का क्या कारण है?
शरीर के सभी अंगों की संवेदनशीलता मस्तिष्क द्वारा तंत्रिका तंत्र को दिए गए निर्देश के अनुसार ही काम करती है. मस्तिष्क में स्थित न्यूरॉन्स ही तंत्रिका तंत्र को सिग्नल देते हैं. लेकिन जब इस प्रक्रिया में बाधा पहुंचती है यानी कि न्यूरॉन्स तंत्रिका तंत्र को सही निर्देश नहीं दे पाते हैं तब मरीज को मिर्गी का दौरा पड़ता है. इसमें शरीर का अंग विशेष कुछ देर के लिए निष्क्रिय हो जाता है. इसके कुछ संभावित कारण निम्लिखित हैं-

1. न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम्स जैसे कि अल्जाईमर.
2. अनुवांशिक कारण यानि आपके खानदान में किसी को रहा हो या हो.
3. ब्रेन ट्यूमर
4. जन्म से ही मस्तिष्क में ऑक्सीजन का आवागमन पूर्ण रूप से बंद होने पर.
5. मस्तिष्क ज्वर और इन्सेफेलाइटिस के के संक्रमण से.
6. ब्रेन स्ट्रोक के कारण ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुँचने से.
7. कार्बन मोनोऑक्साइड की विषाक्तता से.
8. अत्यधिक मात्रा में ड्रग लेना.

क्या हैं मिर्गी के लक्षण?
जाहिर है हर बिमारी के कुछ न कुछ लक्षण होते हैं जिसके आधार पर हम इसकी पहचान करते हैं. ठीक उसी तरह मिर्गी के भी कुछ प्रारंभिक लक्षण हैं. इन लक्षणों के नजर आते ही आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए. हलांकि जब मिर्गी के दौरे पड़ते हैं तो एकदम स्पष्ट हो जाता है.
1. मरीज का पूर्ण रूप से बेहोश हो जाना या आंशिक रूप से मूर्छित हो जाना.
2. अपना जीभ खुद से काटना या असंयमित हो जाना.
3. सर और आँख की पुतलियों का लगातार घूमना.
4. हाथ पैर और चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होना.
5. मूर्छा से उठने के बाद मरीज का उलझन में होना 
6. पेट में गड़बड़ी होना.
7. चिकित्सकीय पहचान: एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन सब लक्षणों के बावजूद मरीज का मेडिकल करने के बाद ही उसके रोग का निर्धारण किया जाता है. डॉक्टर मरीज़ के पल्स रेट और ब्लड प्रेशर को चेक करते हैं. फिर इसके बाद न्यूरोलॉजिकल साइन का भी परिक्षण करते हैं. इसके साथ ही इस रोग का पता ई.ई.जी, सी.टी.स्कैन या एम.आर.आई और पेट के द्वारा लगाते हैं.

क्या है इसका उपचार और कैसे करें रोकथाम?
उपचार

मिर्गी एक बेहद संवेदनशील बिमारी है. इसके उपचार के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय बताया जाता है कि जब भी मिर्गी का दौरा आए उस समय सीजर को नियंत्रित करना. इसे नियंत्रित करने के लिए एन्टी एपिलेप्टिक ड्रग थेरपी और कुछ सर्जरी होती है. हलांकि डॉक्टर्स का ये भी कहना है कि जिन लोगों पर दवाई का असर नहीं होता है उन्हें सर्जरी करने की सलाह दी जाती है. मिर्गी के मरीजों को ज्यादा वसा वाले खाने से दूर ही रहना चाहिए. खाने में ज्यादा से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे सीजर की आवृत्ति में कमी आती है.

रोकथाम के उपाय
आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि अभी भी मिर्गी के कारणों का ठीक से पता नहीं लगाया जा सका है. हलांकि शिशुओं के जन्म के दौरान जेनेटिक स्क्रीनिंग की सहायता से माँ को बच्चे में इसके होने का पता लगाया जा सकता है. इससे बचने के लिए आप इस बात का ध्यान रखें की आपके सर में चोट न लगे. इसके अलावा आप ये उपाय कर सकते हैं-

1. जितना हो सके तनाव से दूर रहें.
2. खाने में संतुलित आहार लें.
3. डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का सही तरीके से सेवन करते रहें.
4. नियमित रूप से चिकित्सक से सलाह लेते रहें.
5. पर्याप्त नींद लेना भी अत्यंत जरुरी है.

2 people found this helpful

Since last three days I'm getting migraines I need a quick remedy. And also some suggestion to avoid getting any more in future.

PGDHHM, MBBS
General Physician, Delhi
Medication for migraine are preventive and Immediate relief medicines. Take over-the-counter painkiller medicine if intolerable pain. U need prophylactic treatment if u have more than 4 attacks of migraine in a month. For occasional headache, take over-the-counter painkiller. Avoid stress..rest in a quiet place. Hope this helps u. If required, consult
Submit FeedbackFeedback

Is there any home medicine for migraine related vertigo. I am having motion sickness when walking and my doctor specified its migraine related vertigo. Is this causes tiredness and bitterness in mouth too? Would like to see if any homeopathy medicine is available for migraine related vertigo.

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), DYA (DIPLOMA IN YOG & AYURVED), D.I.H.M (DIPLOMA IN INDUSTRIAL HEALTH MANAGEMENT)
Ayurveda, Nashik
hello,according to ayurveda migraine & vertigo might be due to increased body heat & indigestion etc. i need complete history & details to treat you accordingly. consult privately.
Submit FeedbackFeedback

My child is having minor Epilepsy. He is taking Keppra 250 daily twice. Since November 2014. Since he started taking medicine. He is fine. I just want to know that now almost 1 and a half year is being completed. So should I continue this medicine or should I go to doctor again to confirm.

MD Paediatrics, MBBS
Pediatrician, Hyderabad
Your neurologist should be able to answer your query well, initially you need to reduce the dosage and see, if no seizures you can further reduce the dose and gradually taper the dose and stop. Ifno epileptic attacks. Also get an eeg done.
Submit FeedbackFeedback

Hi, I am 16 years old girl, having ESR-24, Platelate count-120, Nutrophils -40, Lymphocytes-54%, Monocytes-06%. Suffering now from breathing problem, and tremor of hands and legs. Is there any risk? what to do?

MBBS, MBA (Healthcare)
General Physician, Delhi
your blood picture is not related with the symptoms provided. is there stress/ anxiety etc., try to reduce it if any. consult your doctor for detail clinical examination otherwise you can consult privately.
Submit FeedbackFeedback

I take daily one tablet of diclogem paracetamol tablet from 6 months and now I have a migraine from 2 weeks? What should I do.

MBBS
General Physician, Mumbai
For pain take tablet paracetamol 650 mg and diclogem should not be taken daily and Migrane is characterised by one sided headache which is pulsatile in nature and with a throbbing pain usually with an aura
1 person found this helpful
Submit FeedbackFeedback

Migraine Treatment At Home In Hindi - माइग्रेन के घरेलु उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Migraine Treatment At Home In Hindi - माइग्रेन के घरेलु उपचार

एक होता है सर दर्द और दूसरा है माइग्रेन. सरदर्द तो फिर भी झेल लेते हैं लोग लेकिन माइग्रेन का शीघ्र इलाज बहुत जरुरी है. इसमें सिर में भयंकर दर्द होता है जिसका सहन करना बहुत मुश्किल है. ऊपर से सूरज की बढ़ती रौशनी के साथ दर्द भी बढ़ता जाता है. हलांकि माइग्रेन के उपचार के लिए बेहतर है कि आप डॉक्टर से सलाह लें लेकिन आप कुछ घरेलु उपचार करके इससे काफी हद तक राहत पा सकते हैं. इसीलिए हम आपको कुछ घरेलु उपचार बता रहे हैं-

1. पत्तेदार सब्जियां
माइग्रेन के घरेलु उपचार में पत्तेदार सब्जियां प्रमुख हैं. आप कहेंगे कि ऐसा क्या है पत्तेदार सब्जियों में तो आपको जानना चाहिए कि पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है. मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा में मौजूदगी माइग्रेन से राहत प्रदान करती है. इसके साथ ही यदि आप कुछ साबुत अनाज जैसे कि दलिया या फिर समुद्री जीव आदि भी ले सकते हैं.
2. नींद जरुरी है
माइग्रेन के उपचार में नींद की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसलिए माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति के लिए पर्याप्त नींद लेना महत्वपूर्ण है. ऐसे लोगों को कोशिश करनी चाहिए कि शोरगुल से मुक्त वातारण में 7-8 घंटे की नींद लें. ऐसा इसलिए ताकि आपको गहरी नींद आ सके. गहरी नींद में सोने से माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति को राहत मिलती है.
3. कसरत भी जरुरी है
कसरत तो हमें कुछ नहीं भी होने पर करना ही चाहिए. माइग्रेन के घरेलु उपचार में व्यायाम की भूमिका महत्वपूर्ण है. इसका कारण ये है कि कसरत या योग करने से तनाव काफी हद तक दूर होता है. जब तनाव दूर हो जाता है तो माइग्रेन से भी राहत मिलती है. इसलिए माइग्रेन पीड़ित व्यक्ति प्रतिदिन व्यायाम करें.
4. जंक फूड को कहें ना
जंक फ़ूड कई रोगों का जड़ बनता जा रहा है. फास्ट फ़ूड या डिब्बा बंद भोजन का हाल भी कुछ ऐसा ही है. माइग्रेन के उपचार के लिए ये बेहद जरुरी है कि आप जंक फ़ूड और पनीर, चॉकलेट, केले आदि से भी दूर रहें. क्योंकि इसमें पाए जाने वाले तत्व माइग्रेन रोगियों की परेशानी बढ़ाते हैं. इसलिए जहां तक हो सके घर का खाना खाएं.
5. अदरक भी लड़ता है माइग्रेन से
अपने बेहतरीन औषधीय गुणों से भरपूर अदरक आपके लिए माइग्रेन में भी राहत देता है. इसकी एक ख़ास बात ये भी है कि अदरक को आप खाने या चाय में भी स्वादानुसार डाल कर ले सकते हैं. इसके अलावा यदि आप ऐसे अदरक नहीं खा सकते हैं तो अब बाजार में अदरक के कैप्स्यूल भी मिलते हैं. इससे माइग्रेन के दौरान होने वाली मितली से आपको राहत मिलेगी.
6. तेज रोशनी से दूर रहें
तेज रौशनी और माइग्रेन का छत्तीस का आंकड़ा है. इसलिए आपको तेज रौशनी से बचकर रहना चाहिए. आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जहां आपको सोना या बैठना हो वहां पर आस-पास रौशनी न आने पाए. यदि आप अँधेरे कमरे में सोएंगे तो और बेहतर है. जहाँ तक हो सके आपको सूरज की सीधी पड़ने वाली रौशनी से बचना चाहिए.
7. पिपरमेंट का तेल
पिपरमेंट का तेल भी माइग्रेन में काफी राहत प्रदान करता है. माइग्रेन की परेशानी को कम करने के लिए इसके मरीजों को हफ्ते में लगभग तीन बार पिपरमेंट के तेल से सर में मालिश करवानी चाहिए. इससे सर में ठंडक तो होती ही है, तेज दर्द से भी राहत मिलती है. जिससे कि आपका तनाव कम हो जाता है.
8. मछली खाएं
माइग्रेन पीड़ितों को मछली भी भरपूर मात्रा में खानी चाहिए. क्योंकि मछली में ओमेगा 3 नाम का फैटी एसिड पाया जाता है जो कि शरीर के लिए कई मामलों में फायदेमंद होता है. आपको बता दें कि ओमेगा 3 फैटी एसिड माइग्रेन का दर्द पैदा करने वाली सनसनाहट को कम करता है.
9. दूध भी है माइग्रेन का घरेलु उपचार
माइग्रेन के उपचार में दूध भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. लेकिन इसमें ध्यान रखने वाली बात ये है कि जो दूध आप इस दौरान लेंगे वो वसा रहित हो. इस दौरान वसा रहित दूध या फिर इससे बनें उत्पादों का भी आप सेवन कर सकते हैं. दूध के उत्पादों में विटामिन बी (राइबोफ्लेविन) अधिक मात्रा में रहता है, जिससे शरीर की कोशिकाओं को मजबूती मिलती है. सिर की कोशिकाओं को ऊर्जा नहीं मिलने पर ये कमजोर हो जाती.
10. चिंता न करें
माइग्रेन जिसमें आपके सर में असहनीय दर्द होता है, का मुख्य कारण चिंता करना, देर रात तक काम करना, मानसिक दुर्बलता, जुकाम, नजला, कब्ज, मलेरिया आदि हो सकता है. एक तथ्य ये भी है कि महिलाओं में माइग्रेन की समस्या पुरुषों के मुकाबले ज्यादा पाई जाती है. कारण ये है कि उनमें हिस्टीरिया, अधिक शारीरिक या मानसिक कार्य करने के कारण, सदमा लगने, बेवजह परेशान पेरशान होने से ये समस्या उत्पन्न होती है.
 

2 people found this helpful

Body shivers sometimes like vibration to whole body. Want reason behind it and how to cure it?

BASM, MD, MS (Counseling & Psychotherapy), MSc - Psychology, Certificate in Clinical psychology of children and Young People, Certificate in Psychological First Aid, Certificate in Positive Psychology
Psychologist, Palakkad
Body shivers sometimes like vibration to whole body. Want reason behind it and how to cure it?
Dear Lybrate user, Anxiety disorders are a category of mental disorders characterized by feelings of anxiety and fear, where anxiety is a worry about future events and fear is a reaction to current events. These feelings may cause physical symptoms, such as a racing heart and shakiness. There are a number of anxiety disorders: including generalized anxiety disorder, a specific phobia, social anxiety disorder, separation anxiety disorder, agoraphobia, and panic disorder among others. While each has its own characteristics and symptoms, they all include symptoms of anxiety. I need to know more about your anxiety so that I will be able to diagnose it properly and provide you tips to overcome and manage your anxiety. Take care.
Submit FeedbackFeedback
View All Feed

Near By Doctors

87%
(82 ratings)

Dr. Siddharth Kharkar

MBBS, MHS, MD - Neurology (USA), Fellowship In Epilepsy, Clinical Attachment In Movement Disorders
Neurologist
Wockhardt Hospital, 
at clinic
Book Appointment