Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Book
Call

Dr. Anil Singh

Veterinarian, Mumbai

Book Appointment
Call Doctor
Dr. Anil Singh Veterinarian, Mumbai
Book Appointment
Call Doctor
Submit Feedback
Report Issue
Get Help
Feed
Services

Personal Statement

To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies....more
To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies.
More about Dr. Anil Singh
Dr. Anil Singh is a trusted Veterinarian in Mumbai, Mumbai. You can visit him at Dr Anil's Pet Animal Clinic in Mumbai, Mumbai. Book an appointment online with Dr. Anil Singh and consult privately on Lybrate.com.

Find numerous Veterinarians in India from the comfort of your home on Lybrate.com. You will find Veterinarians with more than 44 years of experience on Lybrate.com. You can find Veterinarians online in Mumbai and from across India. View the profile of medical specialists and their reviews from other patients to make an informed decision.

Info

Specialty
Languages spoken
English
Hindi

Location

Book Clinic Appointment with Dr. Anil Singh

Dr Anil's Pet Animal Clinic

unit 2,jvlink road, andheri east,Landmark:opp majas bus depot, MumbaiMumbai Get Directions
...more
View All

Services

Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
View All Services

Submit Feedback

Submit a review for Dr. Anil Singh

Your feedback matters!
Write a Review

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

Vaccination In Pets

B.V.Sc
Veterinarian, Ballia
Vaccination In Pets

Vaccination in dog

टीकाकरण की प्रकिया एक ऐसा उपाय है जिससे, कुत्तो में होने वाली कुछ प्रमुख विषाणु एवं जीवाणु जनित जानलेवा एवं लाइलाज, बीमारियों जैसे कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, रेबीज तथा केनल कफ़ आदि से बचाव के लिए समय समय पर कुत्तों के शरीर में टीका लगाया जाता है,जिससे इन रोगों के खिलाफ रोगप्रतिरोधक क्षमता का शारीर में विकास हो जाता है और हमारा पालतू जानवर एक सिमित अवधि तक इन बिमारियों के घातक प्रभाव से बचा रहता है |

कुछ टीकाकरण संबंधी सामान्य प्रश्नो के जबाब -
 
१- क्या सभी उम्र के कुत्तो का टीकाकरण जरूरी होता है?
हाँ। आमतौर पर १. ५ महीने (४५ दिन) के उम्र से ऊपर सभी कुत्तो का नियमित समय पर टीकाकरण करना जरूरी होता है यदि किसी कारण वश नयमिति या कभी कराया ही न गया हो तो किसी भी उम्र से टीकाकरण शुरू किया जा सकता है। 

२. छोटे बच्चो को किस उम्र से टीका का पहली खुराक देना शुरू करना चाहिए?
४५ दिन के उम्र से ही टीके की पहली खुराक देना बेहद जरूरी होता है 

३. क्या सभी छोटे पप्स को टीकाकरण के पहले पेट के कीड़े देना जरूरी होता है -
हाँ। बहुत से परजीवी ऐसे होते है जो माँ के पेट से ही या दूध के जरिये से बच्चे के शरीर में प्रवेश कर जाते है जिससे शरीर को कमजोर कर देते है और जब टीका लगाया जाता है तो कमजोरी के वजह से उतना अच्छा शरीर में प्रतिरोधक छमता का विकास नहीं हो पता इसलिए पहले ऐसे परजीवीओ को नष्ट करना जरूरी होता है 

४. क्या होता है टीकाकरण का सही उम्र और समयांतराल?
१. पहली खुराक -जन्म के ६ -८ सप्ताह के उपरांत(कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, पैराइन्फ़्लुएन्ज़ा हेतु) 
२. बूस्टर खुराक या दूसरी खुराक - प्रथम खुराक के २-३ सप्ताह बाद ; फिर दूसरी खुराक के ठीक एक साल बाद वार्षिक खुराक साल में एक बार पूरी उम्र तक लगवाते रहना चाहिए। 
३. तीसरी खुराक - रेबीज वायरस हेतु- प्रथम खुराक जन्म के ३ माह के उपरान्त। 
४. बूस्टर खुराक या चौथी खुराक - तीसरी खुराक के २-३ सप्ताह बाद ; फिर तीसरी खुराक के ठीक एक साल बाद वार्षिक खुराक साल में एक बार पूरी उम्र तक लगवाते रहना चाहिए। 

५. क्या बूस्टर खुराक देना जरूरी होता है या नहीं?
जन्म के साथ ही माँ से प्राप्त एंटीबाडीज और प्रथम दूध से मिलने वाली सुरछा कवच कुछ सप्ताह तक नवजात के खून में मौज़ूद रह करअनेको बीमारयों से सुरछा प्रदान करती है परन्तु समय के साथ साथ इनकी मात्रा बच्चे के शरीर में कम होने लगती है। जिससे बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है इसलिए लगभग ४५ दिन के बाद टिका का प्रथम खुराक देते है यद्पि ये पता नहीं रहता की माँ से मिलने वाली सुरछा का असर किस स्तर का है जिससे आमतौर पर ये स्तर अधिक होने पर प्रथम खुराक से बच्चे के शरीर में टीकाकरण की गुणवत्ता को बाधित करती है, जो की पप्पस में रोगप्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने में असक्षम हो जाता है इसलिए कुछ सप्ताह बाद टीकाकरण के दूसरी खुराक दे कर टीकाकरण से रोगप्रतिरोधक क्षमता करने के उद्देश्य को प्राप्त करते है ऐसी दूसरी खुराक को बूस्टर खुराक कहते है। 

६. क्या है टीकाकरण की सही खुराक देने के मात्रा:
डॉग चाहे किसी भी उम्र, भार, लिंग अथवा नस्ल के हों उनको समान मात्रा में टीकाकरण का खुराक दिया जाता है 

७. क्या है टीकाकरण का सही तरीका:
टीकाकरण खाल के नीचे:कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, पैराइन्फ़्लुएन्ज़ा तथा रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए खाल के नीचे दिया जाता है
 नथुनों में:केनल कफ़ का टीकाकरण कुत्ते के नथुनों में दवा डाल कर किया जाता है

८. क्या सभी टीके एक ही प्रकार के होते है:कुत्तों में टीकाकरण दो प्रकार की होती है
 १. कोर टीकाकरण - टीकाकरण जो सभी कुत्तों के लिये आवश्यक है. यह उन बिमारीयों में दिया जाता है जो आसानी से फैलती हैं अथवा घातक होती हैं जैसे रेबीज, एडीनोवायरस, पार्वोवायरस, और डिस्टेंपर.
 २. नान कोर टीकाकरण – उपरोक्त ४ बिमाँरीयों (रेबीज, एडीनोवायरस, पार्वोवायरस, और डिस्टेंपर) के टीकाकरण को छोड़कर अन्य सभी नानकोर टीकाकरण माना जाता है | यह उन बिमाँरियों से सुरक्षा प्रदान करता है जो वातावरण के अनावरण अथवा जीवनचर्या पर निर्भर करती है जैसे लाइम डिजीज, केनलकफ और लेप्टोस्पाइरोसिस.

९. एक सफल टीकाकरण करने के बाद क्या फिर भी टीकाकरण विफल हो सकता है?हाँ। 
 टीकाकरण के विफलता के कारण कुत्ते में बीमारी होने के निम्नलिखित मुख्य कारण हो सकते है –
१. टीकाकरण के दौरान कुत्ते की रोगप्रतिरोधक क्षमता का सम्पूर्ण रूप से कार्य न करना |
२.आयु – कम उम्र के जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली पूर्णतः विकसित नही होती और बड़े आयु के जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली कई कारणों से अक्सर कमज़ोर या क्षीण हो जाती है |
३. मानवीय चूक (टीके का अनुचित संग्रहण या अनुचित मिश्रण)- टीकों का संग्रहण एवं इस्तेमाल भी निर्देशानुसार ही होना आवश्यक है | सूरज की रोशनी,गर्म तापमान टीके के प्रभाव को नस्ट कर सकता है | टीके का मिश्रण पशु में टीकाकरण के तुरंत पहले तैयार करना चाहिए | टीके खरीदने के पहले पता करना चाहिए कि टीकों को उचित तापमान एवं देखभाल से रखा गया है या नहीं |
४. डीवार्मिंग – टीकाकरण करने के पहले पेट के कीड़े मारने के लिए डीवर्मिंग करना आवश्यक है, वरना इस तरह का तनाव टीकाकरण के प्रभाव को कम कर सकता है |
५. गलत सीरोटाईप / स्टेन का इस्तेमाल – प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बहुत विशिष्ट होती है | अतः टीके में होने वाली जीवाणु या विषाणु की सही स्टेन होनी चाहिए वरना उससे उत्पन्न होने वाली प्रतिरक्षा जानवर में सही तौर पर सुरक्षा नहीं कर पाती |
६. अनुवांशिक बीमारियाँ – कुछ जानवरों में आनुवंशिक बिमारियों की वजह से सभी रोगों के लिए प्रतिरोधक छमता सामान्य तौर पर कम ही उत्पन्न हो पाती है |
७. वैक्सीन की गुणवत्ता – टीके में प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयाप्त मात्रा में प्रतिजनी की मात्रा होना चाहिए वरना टीकाकरण के बाद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रयाप्त नहीं होती है |
८. पुराने या अवधि समाप्त टीके – पुराने टीकों में आवश्यक प्रतिजनी गुण समाप्त या कम हो जाता है | इस तरह के टीके लगाने से जानवरों को बेमतलब तनाव दिया जाता है |
९. टीकाकरण का अनुचित समय – टीका निर्माता के निर्देशों के अनुसार टीकाकरण का समय (उम्र एवं मौसम के अनुसार), लगाने का तरीका एवं मात्रा तथा दोबारा लगाये जाने की अवधि, इत्यादि निश्चित होता है |इन निर्देशों का पालन सही समय पर न करने से टीकाकरण विफल या निष्क्रिय हो जाता है |
१०. पोषण की स्तिथि- कुपोषण की वजह से जिन पशुओं में पोषक तत्वों की कमी रह जाती है उनमे टीकाकरण के बाद भी प्रतिरोधक छमता सामान्य तौर पे कम ही उत्पन्न हो पाती है |

10. क्या वैक्सीन लगते समय कुत्ते पर कोई दुस्प्रभाव हो सकते है? हाँ 
 कुछ कुत्तो प्रतिरोधक छमता अधिक सक्रिय होने की वजह से कुछ सामान्य लचण जैसे ज्वर, उल्टी, दस्त, लासीका ग्रंथियों का सूजना, मुख का सूजना, हीव्स, यकृत विफलता और कभी -कभी मौत भी हो सकती है।

1 person found this helpful

My Dog name is bruzoo, my dog is labera. he is very week and my dog is nothing eat like food pedigree and my dog leg is very slim. Please help me.

M.V.Sc (Surgery)
Veterinarian, Mohali
You can start giving high nutritious diet to you dog like egg, chicken paneer etc. You can give him good quality feed like pedigree professional or royal canin for growth.
2 people found this helpful
Submit FeedbackFeedback

Why Do People Torture Animals

MSc, PGDGC, M.Phil - Psychology
Psychologist, Chennai
Why Do People Torture Animals

Why do people/student torture animals- what drives them?
Can we analaysis and find solution: let try to stop this any more in our life
As we all aware that two animals cruelty incidents happened in tamilnadu, one with the dog and another with an monkey.
Case a, 12 yrs old kid hitting cat with broomstick, their parents brought for an counseling that he has not coutesy for animal and he was killing without any guilt.
Case b, 23 yrs adult was burning a rat alive with kerosine and feeling happy to see that rat die with burn.
And there are many cases which were not recorded and submitted for case discussion.
What typically possesses them to inflict such acts of intentional animal torture and cruelty? 
These are because of psychological disorders (such as anti-social/psychopathic personality disorders and engage in deliberate acts of zoosadism), and/or because they have sexually paraphilic disorders (such as crush fetishism in which small animals are crushed for sexual pleasure). 
This may be common behaviour among murderers and rapists - those with psychopathic traits characterized by impulsivity, selfishness, and lack of remorse.
Animal torture and cruelty is one of the three adolescent behaviours in what is often referred to the homicidal triad , the other two being persistent bedwetting and obsessive fire-setting. The combination of two or more of these three behaviours increases the risk of homicidal behaviour in adult life.
The behaviours in the homicidal triad are often associated with parental abuse, parental brutality (and witnessing domestic violence), and/or parental neglect.
What we can do:
The best way to prevent it is teaching by example. Parents and teachers are the key and plays very important role.
Pro-social behaviour (action/behaviours intended to help others) by parents and other role models towards animals, such as rescuing spiders in the bath, feeding birds/ants, treating pets as a member of the family, 
Schools and colleges can have some pet home in the campus.
These activities or act has the potential to make a positive lasting impression on children.
It's a start, lets all have at least one pet in the home make your son/ daughter to take care of them (pet therapy).

Regards:
Elayaraja m. Sc, m. Phil, pgdgc, pgdha
Counseling psychologist,
Kavithalyaa counseling centre, ambattur, chennai-53.

8 people found this helpful

If a dog is kept outdoors in summers India and if we pour water on her and leave outside only then can it cause heatstroke.

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
Sure it will cause heat stroke. Please do not keep Dog outside and also do not pour water on her leave it is more worst like cooking in steam.
Submit FeedbackFeedback

Hi, My Lab is 8 years old. And now she has started to Limp on her right leg. I dont know if she is in pain. What should i do?

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
Start adult senior diet available in the market for him and give him pet joint capsules each one daily until symptoms subsidise
Submit FeedbackFeedback

My dog keeps itching and under her arms are red and she has rashes on her paws, ears and her private, im nit sure if its a yeast infection or an allergy, what can I do to get rid of it?

MVSc
Veterinarian, Pune
Do basic test skin scrapping routine and bacterial culture and sensitivity, fugal culture that will tell suspect cause and then do treatment accordingly with vet.
Submit FeedbackFeedback

Hi doctors. My dog is 4 years labrador. There are some areas on his body where are few hairs left. With some redness. I am now using wokazole lotion. Please give some advice.

M.V.Sc surgery and radiology, B.V.Sc &A.H
Veterinarian, Gurgaon
Hi doctors.
My dog is 4 years labrador. There are some areas on his body where are few hairs left. With some redness....
Wokazole is steroid combination it will subside the rashes for now but it can reappear. Next time get skin scraping done first.
1 person found this helpful
Submit FeedbackFeedback

Please Suggest something for my 2.5 months old german shepherd for a shiny coat. Its coat is dull and rough although I brush it regularly and feed him non veg and roti with curd. Please. Suggest some home made food not pedigree or market items if possible.

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
Please give him fish oil and also possible food of hills science plan large breed puppy food all the time as per the standards. With dog food you cant acheive these things as they require 20 times more protien than human as the growth rate of dog is higer they attain weight of 30-40 kg in just 12 months were as human it takes more years normally (diet contains what we need) and 10 times more fat and 15 times vitamins and omega fatty acids for hairy breeds. Its then upto you to change you r mind set in feeding your pet.
5 people found this helpful
Submit FeedbackFeedback

What to do when my petbird is injured on head? What should I do? It also can't fly properly.

MVSc, BVSc
Veterinarian, Secunderabad
Hi lybrate-user, what type of injury on head. Is it deep or superficial. You have to take to nearest vet. First flush the injury with normal fresh water and apply betadine lotion and take to vet.
Submit FeedbackFeedback

I have a 4 month old sable German Shepherd single coat bitch. As she is growing .she is getting slimmer. What should I gave her to make her healthy?

Diploma in Diabetology, Pregnancy & Diabetes, Hypertension, Cardiovascular Prevention in Diabetes ,Thyroid
Sexologist, Sri Ganganagar
You have probably heard that you want to feed your GSD a low-fat, high-protein diet. And this is correct, when your dog is at their ideal weight. A high-protein, low-fat diet is perfect for helping your dog maintain his weight, giving him the nutrient he needs to be energized and build muscle. When your German shepherd is underweight, however, adding more fat to his diet is a good idea. This will provide his body with the calories it needs to start to put on weight. This does not mean that you should just be feeding him the fattiest kibble that you can find. You still want plenty of protein in that diet, but you do not want to be feeding him just protein. If you do not want to change kibbles, you might try adding some animal fat to the food that he is already eatng. His will do two things: first, it will up the calorie count of that food, giving him the ability to gain weight; second, it will probably make the food you are feeding him a little more enticing. If your dog is underweight because he simply is not interested in eating, putting some animal fat on his kibble could help to rectify this problem.
Submit FeedbackFeedback
View All Feed