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Dr. Sanjeev Kumar Singh  - Ayurveda, Lakhimpur Kheri

Dr. Sanjeev Kumar Singh

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To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies.
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आँख में बारूद पड़ने पर क्या करें - Aankh Main Baarud Padne Par Kya Karen!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
आँख में बारूद पड़ने पर क्या करें - Aankh Main Baarud Padne Par Kya Karen!

हमारे शरीर में आँखों का कार्य सबसे महत्वपूर्ण होता है. इसलिए आँखों की देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण हो जाता हैं. वातावरण में फैले प्रदुषण के अलावा भी कई फैक्टर है जिससे आँखों को नुकसान पहुँचता है. यह विशेष रूप से दिपावली जैसे त्योहारों के दौरान होता है, जब आपको अपनी आँखों का अतिरिक्त ख्याल रखना पड़ता है. दिवाली की बात करें, तो इस दौरान हर जगह आतिशबाजी होने के साथ ही पटाखों का शोर सुनाई देता है. ऐसे में अपनी आखों को बचाना जरूरी हो जाता है. जिसके लिए सबसे जरूरी पटाखों से दूरी बनाना है. साथ ही इस समय अपने बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत होती हैं. बच्चे उत्साह में आकर कई बार पटाखों को समीप जाकर जलाते हैं, जिससे कई बार पटाखे हाथ में ही फूट जाते है और परिणामस्वरूप पटाखों में मौजूद बारूद आँखों में चला जाता है और आँखों को नुकसान पहुंचता है. इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए लिए अपनी आँखों की देखभाल करना जरुरी हो जाता है. आज इस लेख में हम आपको बताएंगे आँख में बारूद जाने पर क्या करें, कुछ बातों का ख्याल रख कर ऐसी दुर्घटनाओं से बच सकते है.

कैसे रखें पटाखों से खुद को सुरक्षित

दिपावली रौशनी का त्यौहार है और जरुरी नहीं है कि आप पटाखें जलाकर ही इस पर्व का आनंद लें. आप यह कोशिश कर सकते है कि आप जितना कम हो सके उतने कम पटाखें जलाएं. अपने बच्चे को पटाखों से होने वाले नुकसान के बारे में समझाएं और उन्हें पटाखे न जलाने के लिए प्रोत्साहित करें. जिससे उनकी हेल्थ समग्र रहें. इसके लिए यहां कुछ निम्नलिखित कुछ सुझाव दिए गए है जो इस प्रकार हैं - प्रयाप्त

  • पटाखें छोड़ते समय प्रयाप्त दूरी बनाना सबसे जरुरी है. यदि आपके बच्चे पटाखे जला रहा है तो उन पर निगरानी रखें. पटाखों से निकलने वाला धुंआ आपकी आँखों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचता है और साथ ही इनका हाथ में फूटने का डर भी बना रहता है.

  • कभी भी बंद या छोटी जगह पर पटाखे ना छोड़े. इससे आग पकड़ने का खतरा होता है. पटाखे छोड़ने के लिए आप कोई बड़ी जगह पर जा सकते है.

  • पटाखें छोड़ते समय प्रयाप्त सुरक्षा किट अपने पास रखें ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना में त्वरित राहत मिल पाएं.

  • कभी भी पटाखे को दोबारा जलाने का प्रयास ना करें. यदि एक बार पटाखे नहीं जलते है तो फिर उस पटाखे को नष्ट कर दें या उस पर पानी डाल दें.

  • पटाखे जलाते समय हमेशा कॉटन कपडे पहने और सिल्क के कपड़ों को ना पहनें.

यदि पटाखें जलाते समय आँख में बारूद पड़ जाए तो आप कुछ घरेलु उपाय के अलावा गंभीर स्थिति में डॉक्टर के पास जाएँ. इसके पहले आप निम्न तरीकें को अपना सकते है.

  • आँखों में बारूद या चिंगारी पड़ने पर किसी कपड़े या हाथ से रगड़ने के बजाए निरंतर पानी से धोते रहें या अपने आँखों को पानी में डुबोए रखें.

  • आँखों को अच्छी तरह से पानी से धुलने के बाद एक साफ कपड़े को आँख पर रख दें.

  • यदि घर पर एंटीसेप्टिक क्रीम मौजूद है तो आप जलने की स्थिति पर क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं.

  • इसके बाद जितनी जल्दी हो सके, किसी नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें और चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें.

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कान के पर्दे में छेद, लक्षण और कारण - Kaan Ke Parde Main Chhed, Lakshan Aur Kaaran!

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Ayurveda, Lakhimpur Kheri
कान के पर्दे में छेद, लक्षण और कारण - Kaan Ke Parde Main Chhed, Lakshan Aur Kaaran!

मनुष्यों के कान में पर्दे को टिम्पेनिक झिल्ली कहा जाता है. यह इंसान के मध्य और बाहरी कान को अलग करता है. जबकि इस झिल्ली के फट जाने को कान में छेद होना कहा जाता है. कान में छेद होने का नुकसान यह होता है कि इससे ग्रसित व्यक्ति कुछ भी ठंग से नही सुन पाता है और उसके सुनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है. वहीं अगर स्थिति गंभीर है तो इससे पीडित व्यक्ति की सुनने की क्षमता हमेशा के लिए जा सकती है. आज इस लेख के जरिए हम आपको बताएंगे कान के पर्दे में छेद, लक्षण और कारण, जो इस प्रकार है -

कान के पर्दे में छेद के लक्षण

1.सुनाई न देना

बहुत से लोगों को कान में छेद होने के कारण सुनाई देने में समस्या का सामना करना पड़ता है. जिसकी वजह से चक्कर आना, सीटी बजना और साथ ही सिरदर्द जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है.

2.मतली और उल्टी

कान के पर्दे में छेद होने वाले लोगों को मतली और उल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे रोगियों को जी मिचलाना और उल्टी होने की समस्या से ग्रसित देखा जाता है.

3.कान से पस बहना

ऐसे लोगों को कान से पस निकलना आदि जैसी समस्याओं से ग्रसित देखा जाता है. जिस कारण इन्फेक्शन हो जाता है. ऐसे में जरूरी है कि रोगी अपने कानों को सूखा रखें, जिससे इंफेक्शन का खतरा कम रहें.

4.खून निकलना

इंफेक्शन के कारण लोगों के कान खून बहना, दर्द होना, कान बजना आदि समस्या का सामना करना पड़ता है.

5.बहरापन

ऐसे लोगों की सुनने की क्षमता कम होने के कारण बहरापन हो जाता है. जिसके कारण वह जल्दी से कुछ नही सुन पाते है.

कान के पर्दे में छेद के कारण

1.चोट

कान के पर्दे में छेद के कई कारण हो सकते है, जिसमें से चोट एक है. चोट किसी भी कारण हो सकती है जैसे खेल के दौरान चोट लगना, कोई दुर्घटना हो जाने के कारण कान के पर्दे में छेद हो जाना या खेलने के दौरान कान में चोट लगना हो सकता है.

2.कान की सीमा से तेज़ सुनना

मनुष्य के कान में ध्वनि सुनने की एक क्षमता होती है. उस क्षमता से तेज़ ध्वनि सुनने से कान को काफी नुकसान पँहुचता है.  

3.खेलने के दौरान

बहुत बार देखा जाता है कि खेल कूद के दौरान सिर में चोट लग जाती है. जिसके कारण कान को क्षति हो सकती है. इसके अलावा स्कूबा डाइविंग जैसे खेलों के कारण भी यह हो सकता है. जिसके दौरान पानी में गहराई तक जाने पर कान पर ज्यादा दबाव पड़ता है और कान की समस्या पैदा हो सकती है. ऐसे में आप जब भी नहाने जाए या स्कूबा डाइविंग करें तो कान में रूई डालें. इससे कान के संक्रमण होने का खतरा कम रहता है.

4.कान में मैल का होना

अपने स्वास्थ को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि नियमित रूप से अपने कान का मैल साफ करें. जिससे किसी बी प्रकार का दबाव आपके कान के पर्दे पर न पड़े.

इन सभी के अलावा कान में पर्दे के छेद का पता लगाने के लिए टेस्ट करवाए जा सकते है. इसके लिए ईएनटी विशेषज्ञ को दिखाया जा सकता है. जो आपके कुछ टेस्ट करें और पता लगाए कि आपके कान से रिसाव क्यों हो रहा है. इसके लिए वे आपको दवा आदि भी निर्धारित कर सकते है. अगर स्थिति गंभीर हो तो हो सकता है कि सर्जरी आदि की भी जरूरत हो. इसके अलावा कान के पर्दे में छेद के लक्षण और कारण के घरेलू उपचार की बात करें, तो आप गर्म सिकाई कर सकते है या पेन किलर आदि भी ले सकते है. इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का उपयोग न करें.

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कान का पर्दा फटना - Kaan Ka Parda Phatna!

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कान का पर्दा फटना - Kaan Ka Parda Phatna!

कान का पर्दे फटना या कान के पर्दे में छेद हो जाना, किसी भी पीड़ित के लिए बहुत ही गंभीर स्थिति हो सकती है. इसका होना अचानक से बिजली गिर जाना हो सकता है. इसके हो जाने कान में बहुत तेज़ दर्द का अनुभव हो सकता है. जबकि कुछ मामलों में देखा गया हैं कि इससे पीड़ित व्यक्ति को किसी भी तरह के लक्षण का कोई अनुभव नहीं होता है. इसे साइंटिफिक भाषा में टिम्पेनिक मेम्ब्रेन कहा जाता है.

कान का पर्दा फट जाने से मिडल कान का इन्फेक्शन और सुनने में परेशानी हो सकती है. अगर स्थिति गंभीर हो तो हो सकता है कि सर्जरी आदि की ज़रूरत भी हो सकती है. इंसान के कान का पर्दा दो जरूरी भागों से फंक्शन करता है जो साउंड वेव को सेंस करता है और वाइब्रेशन को धमनी के ज़रिए दिमाग तक पहुँचाती है. साथ ही मिडल कान को इन्फेक्शन और पानी आदि से भी बचाता है. वहीँ कान का पर्दे फट जाने से इन्फेक्शन मिडिल कान तक पहुँच जाता है. जिस कारण कान में इन्फेक्शन हो जाता है.

कान का पर्दा फटने के कई कारण हो सकते है. जैसे अत्यधिक दबाव के कारण भी कान का पर्दा फट सकता है. जिस कारण अचानक दर्द आदि हो सकता है. जिसके बाद कान से मवाद या कहे पस आदि डिस्चार्ज हो सकता है.

इसके अलावा बहुत बार देखा जाता है कि पिन आदि से कान साफ़ करने के चक्कर में भी कान के पर्दे को क्षति पहुँच जाती है. अगर बात करें बच्चे की तो बहुत बार देखा जाता है कि बच्चे अपने कान में कुछ भी डाल लेते है. जिस कारण से उनके कान के पर्दे को नुकसान पहुँच जाता है.

कुछ कान के पर्दे में छेद होने की स्थिति को बैरोट्रामा कहा जाता है. इसका कारण होता है कान के अंदर और बाहर समान दबाव को न होना. इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है, एयरोप्लेन में सफर करना है. जब अल्टीटुड बदलता है तो कान में दबाव पड़ता है, जिस कारण कान में तेज़ दर्द आदि होता है. आजकल प्लेन में केबिन क्रू अंदर का दबाव बदलता है जिससे ऐसा नहीं होता है. ऐसी ही स्थिति स्कूबा डाइवर के साथ होती है.

इसके अलावा देखा जाता है कि बहुत से लोगों को सिर में चोट आदि लग जाती है. जिस कारण उनके सुनने की क्षमता प्रभावित होती है. साथ ही मानव कान की शोर सुनने की एक क्षमता होती है. उस क्षमता से तेज़ शोर सुनने से भी कान के पर्दे पर दुष्प्रभाव पड़ता है. जिस कारण कान का पर्दा फट सकता है.

कान का पर्दा फटने से पीड़ित व्यक्ति को कान में तेज़ और धीमा दर्द होता रहता है. साथ ही हो सकता है कि उसके कान में कोई शोर चलता रहें. इसके अलावा सुनने की क्षति, सिरदर्द, मतली, उल्टी या कान के पर्दे का टीयर आदि हो सकता है.

अगर इलाज की बात करें तो कान के फटे पर्दे का कोई स्पष्ट इलाज नही होता है. ऐसा होने पर डॉक्टर से परामर्श बहुत जरूरी है. हो सकता है कि डॉक्टर आपको कुछ एंटीबायोटिक दवा आदि दें, जिससे आपका इंफेक्शन आदि कम हो सके. गंभीर मामलों में देखा गया है कि चिकित्सक आपको सर्जरी की सलाह दे सकता है. जिसके बाद इसके ठीक होने तक आपको तैराकी या स्कूबा डाइविंग आदि से दूर रहना पड़ेगा. साथ ही डॉक्टर द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करना पड़ेगा.

हाथ जलने के घरेलू उपाय - Haath Jalne Ke Gharelu Upaay !

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हाथ जलने के घरेलू उपाय - Haath Jalne Ke Gharelu Upaay !

यदि हमारे शरीर का कोई भी हिस्सा जलता है तो यह बहुत दर्दनाक और तकलीफदेह होती है।  महिलाओं के साथ जलने की घटना बहुत आम है, क्योंकि वे अक्सर रसोई में काम करते हुए अनजानें में हाथ जला लेती हैं। इसके अलावा बिजली उपकरण, हाथ में पटाखा फूटना, गर्म पानी जैसी अन्य कारणों से भी हाथ जल सकते है। दीवाली में पटाखें छोड़ते समय हाथ जलने की घटना बहुत सामान्य है। अक्सर बच्चे पटाखे अपने हाथ में छोड़ देते है। हाथ जलने पर सबसे पहले हम घरेलु उपचार की तरफ भागते है, तो इसलिए घरेलु उपचार की पूरी जानकारी होना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि जलन ज्यादा गंभीर नहीं है तो आप उसे कुछ घरेलु नुख्से आजमा के भी ठीक हो सकते हैं। आइयें कुछ हाथ जलने के घरेलु उपाय पर नजर डालें, जो राहत प्रदान करते हैं।

  • हाथ जलने पर सबसे पहले अपने हाथ को ठंडे पानी में डालना चाहिए। हाथों को ठंडे पानी में रखने से फफोले पड़ने से बचाया जा सकता है। इसके अलावा आपको हाथ पर बर्फ लगाने से बचना चाहिए।

  • जब हाथ जल जाए तो आप फौरन बाथरूम की तरफ भाग कर जाएं और टूथपेस्ट को जले हुए जगह पर लगा लें। यह आपको बहुत जलन से राहत प्रदान करेगा और छाले पड़ने से भी बचाएगा।

  • जले हुए जगह पर आलू लो स्लाइस में काट कर प्रभावित क्षेत्र पर रखें। इसे जलने के तुरंत बाद लगाने पर जलन से राहत मिलती है।

  • केला खाने में तो स्वादिष्ट होता ही हैं लेकिन साथ में यह जलने पर भी उपयोगी होता है। केले के लुगदी को आप जले हुए हिस्से पर लगा कर छोड़ दें। इससे भी आप राहत महसूस कर सकते है।

  • शहद में गुणकारी योगिक होते हैं जो आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभ पहुंचता हैं। शहद को जले हुए जगह पर लगाने से जलन में कमी आती हैं।

  • एलोवेरा का उपयोग त्वचा में निखार पाने के लिए तो करते है, लेकिन यह जलने पर भी इस्तेमाल की जा सकती है। इसके गुदे को प्रभावित हिस्से पर लगाएं। यह आपको जलन से राहत देगी।

  • जले हुए जगह पर नमक का घोल बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे जलन कम होती है और छाले से भी बच सकते हैं।

  • पुदीना के पत्तियों को पीस कर प्रभवित जगह लगाए और परिणाम देखें। इसको आप दिन में कई बार कर सकते हैं।

उपरोक्त घरेलु उपचार मामूली जलने पर इस्तेमाल कर सकते है। इसके अलावा यदि स्थिति गंभीर हैं तो आपको शीघ्र ही हॉस्पिटल की तरफ रुख करना चाहिए।

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दिवाली पर ऐसे रखे पालतू जानवरों का ख्याल - Diwali Par Aise Rakhe Paaltu Jaanwaron Ka Khyaal!

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दिवाली पर ऐसे रखे पालतू जानवरों का ख्याल - Diwali Par Aise Rakhe Paaltu Jaanwaron Ka Khyaal!

खुशीयों का त्योहार दिवाली पूरे विश्वभर में खूब धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व की अपनी ही रौनक देखने को मिलती है. जब लोग अपने घरों को सजाते है और साफ सफाई करते है. हम में से अधिकतर लोग इस दिन कुछ न कुछ कामों में व्यस्त रहते हैं. लेकिन जो लोग जानवर पालने के शोकिन है, उन्हें अपने पालतू जानवरों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है. अगर हम बात करें पालतू जानवरों की, तो इसमें सबसे पहला नाम कुत्तों का आता है. आजकल काफी सारे घरों में कुत्ते पालने का चलन है. बात करें दिवाली की, तो अक्सर देखा जाता है कि लोग इस खुशी के त्योहार को खूब आतिशबाजी के साथ मनाते है जिसमें पटाखे चलाना बहुत आम है. वहीं पालतू जानवरों की बात करें तो इनकी आँखे और कान बहुत संवेदनशील होते है. जब भी पटाखे आदि का तेज़ शोर होता है तो यह अधिक तनावग्रस्त हो जाते है. आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि दिवाली पर ऐसे रखें अपने पालतू जानवरों का ख्याल, जिससे आपके पालतू जानवरों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.

1.पालतू जानवरों को समय दें

अधिकतर देखा जाता है कि दिवाली पर पटाखों के शोर में पालतू जानवर काफी ज्यादा तनावग्रस्त हो जाते है. इसलिए जरूरी है कि उनके लिए समय निकाले. जिससे वह बोर न हो.

2.घर से बाहर न जाने दें

बहुत से लोग यह गलती करते है. जब वह दिवाली के समय अपने पालतू जानवर को खुला छोड़ देते है. जिससे वह शोर के दौरान बाहर निकलते है और डरने लगते है. ऐसे में ध्यान रखें और अपने पालतू जानवर को घर से बाहर न जाने दें.

3.पटाखों से रखें दूर

अपने पालतू जानवरों को तेज़ शोर से दूर रखें और कोशिश करें कि पालतू जानवरों तक तेज़ पटाखों की तेज़ आवाज़ न पहुँचे, काफी मामलों में देखा जाता है कि पालतू जानवर तेज़ शोर से अवसादग्रस्त हो जाते है. इसके लिए पशु रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर अपने पालतू जानवर को दवा भी दिलवाई जा सकती है.

4.साथ दिवाली मनाए

अगर आपका पालतू जानवर कुछ महीनों का है, तो उसे कमरे में बंद न करें. कोशिश करें और उसे साथ रखें. उसके साथ ही दिवाली मनाए और लोगों से उसे मिलाए. इससे उसे तनाव से दूर रहने में मदद मिलेगी. साथ ही उसे किसी भी खाने की चीज़ को सूंघने न दें.

5.केमिकल रंगोली न बनाए

अगर आपके पास पालतू जानवर है तो कोशिश करें कि घर में केमिकल रंगो से बनी हुई रंगोली न बनाए. इसलिए कोशिश करें की घर में पालतू जानवर होने पर फूलों वाली रंगोली बनाए. बहुत बार होता यह है कि घर में पालतू जानवर केमिकल रंगोली खा लेते है. जिससे वह बीमार हो सकते है. ऐसे में कोशिश करें कि उसे रंगोली के पास न जाने दें.

6.मीठाई से दूर रखें

जानवरों को मीठा खाने से कई नुकसान होते है. खासकर कुत्तों की बात करें तो मीठा खाने से उन्हें खुजली आदि की समस्या हो जाती है. साथ ही इसे पचाने में भी समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे उनका पेट भी खराब हो जाता है. इसलिए त्योहार के दिन भी उन्हें सादा ही खाना दें.

 

Top 10 IVF Centers in Bangalore

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Problem in conceiving and want to try IVF, but confused about deciding the top IVF centers in Bangalore. IVF is a common way to treat infertility in which eggs are fertilized outside the uterus and then the embryo is transferred. There are many IVF centers in Bangalore, but here is a list of top 10 IVF centers in Bangalore who have years of experience and are known for their successful results. Top IVF centers in Bangalore are:

1. Motherhood- Indiranagar, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Motherhood is a chain of speciality hospital with centers across India including Bangalore, Chennai, Pune (Kharadi), Indore and Coimbatore. The center has delivered more than 16500 babies.They have a team of highly accomplished doctors, nurses, lab technicians. They use the latest technologies which are of international standards and protocols. The areas of specialisations at Motherhood clinic are Pregnancy care, Fertility care, Gynaecology, Advanced Laparoscopy Surgery, Neonatology, Paediatrics, Foetal Medicine, Cosmetology and Radiology.

2. Milann Fertility Center- J P Nagar, Bangalore

Consultation fees: ₹7400- 800

Milann is headed by Dr. Kamini A Rao, a  Padma Sri Awardee. The chain has many centers across India including Bangalore and Delhi. The team of medical experts has several years of experience in reproductive endocrinology, ovarian biology, reproductive immunology and the genetics of fertility. The center has successfully performed hundreds of treatments like IUI, ICSI, assisted hatching, IVF, gamete donation,embryo donation, embryo freezing and genetic screening.

3. Indira Ivf Centre - J P Nagar, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Indira IVF clinic is a trusted and successful fertility hospitals in India. It is amongst the old chain of fertility clinics with 40 years of experience and 33 centers across India.They are known for use of latest and advanced methods to treat the cases of infertility. The clinics offer the treatment at affordable and pocket friendly cost. Some of the various treatments provided here are assisted reproductive technologies like IUI, IVF/ICSI, IMSI. The team here consists of best gynecologist, sonographers, embryologists, nurses and counselors that provide a holistic approach. They have a very  high IVF success rate and has become a preferred center of treatment of infertility in both men and women.

4. Garbhagudi IVF Center- Banashankari, Bangalore

Consultation fees: ₹400-500

GarbhaGudi is among the top IVF centers in Bangalore. The center is known for best treatment at an affordable cost and unparalleled success rate. They have multiple clinics and branches in Bangalore.  The team specialises in assessment, diagnosis, fertility treatment, advanced scientific techniques and counselling support.  The hospital is equipped with best infrastructure and advanced technology, which gives them the success in addressing and delivering the problem of infertility.

5. Momsoon Fertility Pvt. Ltd- Geetha Colony, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Momsoon Fertility clinic, is driven by RR Medicare services. The clinic is known for treating patients with care and compassion. They provide individualized treatment for infertility management with the help of experienced embryologist, gynecologists, technicians, and nursing staff. The protocols followed as per international standards with advance infrastructure and use of advanced techniques like IVF & ICSI.

6. SMILE BABY IVF- Lingarajapuram, Bangalore

Consultation fees: ₹250

Dr. Mangala Devi is a Consultant Obstetrician/Gynaecologist and Infertility Specialist at Smile Baby IVF, Bangalore. She is highly renowned doctor in the field of gynecology and infertility and has 21 years of experience. Her areas of specialisation hysterectomy, in vitro fertilization, infertility treatment, intrauterine insemination, cesarean section, delivery, and ART. She is a member of Indian Medical Association (IMA), Indian Society for Assisted Reproduction (ISAR), Karnataka Chapter of ISAR and Federation of Obstetrics and Gynaecological Society of India (FOGSI).

7. Cloudnine Hospital - Malleshwaram, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Cloudnine is amongst the leading fertility clinic chain in India, which has years of experience in the treating both female and male infertility.  They have a very high success rate in treatments  which makes them the top fertility clinic in the country. Most of our patients are able to achieve a clinical pregnancy after only 1 or 2 IVF embryo transfers using a single genetically normal embryo. The hospital specialises in providing comprehensive fertility care and various type of treatments like In-Vitro Fertilization (IVF), Egg Donor IVF, egg cryopreservation and ovulation induction. 

8. Nova IVI Fertility- Koramangala, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Nova IVI Fertility is the among the largest service providers worldwide and have many centers across India. The clinics in India are equipped with advanced Assisted Reproductive Technology (ART) from Spain. They have integrated the best technologies around the world for procedures such as IUI, IVF and Andrology services. They use techniques like vitrification for preserving embryos and eggs, use of embryoscope and ERA helps in finding out the best timing for embryo transfer to the uterus. These advanced technologies gives them an edge and exceptionally success rate.

9. Marvel Speciality Hospital and Fertility Centre- Koramangala, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Marvel Speciality Hospital and fertility care is a popular and well established infertility Clinic in Bangalore. Dr. Mamatha Reddy Y V who has 21 years of experience and specializes in vitro fertilisation, Embryo Transfer, Pre and Post Delivery Care and ART is a consultant here. She is one of the famous doctors and has reached many milestones in success of IVF treatment in her practice.

10.  Sri Sai Ram Hospital- Kanakpura Road, Bangalore

Consultation fees: ₹500

Sri Sai Ram hospital is a well known name in Bangalore hospitals, with a dedicated center for women and child care. It has some of  the best IVF specialist at their center like Dr. Madhuri Vidyashankar. She has 19years of experience and her areas of special interest are Intrauterine Insemination, Ovulation Induction Treatment (OI), sperm donor programs and blastocyst transfers.

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आँखों में जलन के उपाय - Aankhon Mein Jalan Ke Upaay!

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आँखों में जलन के उपाय  - Aankhon Mein Jalan Ke Upaay!

भारत जैसे विकासशील देश में वायु प्रदुषण किसी महामारी से कम नहीं है. भारत के कुछ महानगरों और औद्योगिक शहरों में वायु प्रदुषण का स्तर पूरे साल खतरे के निशान से ऊपर रहता है और लोग इस दम घुटने वाली हवा में सांस लेने को मजबूर होते हैं. यह समस्या दिवाली, नव वर्ष और क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान और विक्राल रूप ले लेती है. इस दौरान, दिल्ली समेत कई शहरों में पूरे वातावरण में जहरीली हवा फैल जाती है, जिसके परिणामस्वरूप कई तरह के रोग और समस्या उत्पन्न होती है. इन बीमारियों में सांस की समस्या, त्वचा विकार के अलावा इसका आपकी आँखों पर बहुत गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है. जिसके चलते आपकी आँखों में निरंतर जलन आदि रह सकती है. ऐसे वातावरण में घर से बाहर निकलना मुश्किल होता है. इस प्रदुषण से हर उम्र के लोग प्रभावित होते हैं. अगर बात करें दिवाली कि, तो विशेष रूप से बच्चों का अतिरिक्त ख्याल रखने की जरुरत पड़ती है.

जब हर जगह आतिशबाजी और पटाखे फूट रहे होते हैं. जब पूरे देश में दिपावाली को लेकर आतिशबाजी का माहौल बना हुआ होता है, तो इस समय खुद को सुरक्षित रखना बहुत महत्वपूर्ण हैं. दीवाली के दौरान अपनी आँखों का विशेष ख्याल रखना चाहिए. हमारी आँखें प्रदूषण के लिए बहुत संवेदनशील होती है. आँखों में जलन एक सामान्य घटना है जो विभिन्न तरह कारकों के परिणामस्वरूप होता है. आइए  सबसे पहले इन कारणों पर नजर डालें.

आँखों में जलन होने के विभिन्न कारक निम्नलिखित इस प्रकार है:

1. पर्यावरण कारक- आँखों में जलन होने के सबसे आम कारक पर्यावरणीय में होने वाला प्रदुषण है. हवा में फैली जहरीली रसायन और कण हमारी आँखों को प्रभावित करती है. इससे आँखों में निरंतर जलन रहती है.

2. कंप्यूटर और टीवी के सामने देर तक बैठना - यदि आप बहुत देर तक कंप्यूटर स्क्रीन के आगे बहुत देर तक बैठे रहते है तो भी आँखों में जलन हो सकती है. इसके लिए जरुरी है की आप नियमित अंतराल पर अपने आँखों को ठन्डे पानी से साफ करें.

3. थकान - थकान भी आँखों में जलन का एक प्रमुख कारक है. अत्यधिक काम करने के बाद आँखों पर बहुत ज्यादा दबाब है, जो आँखों में जलन का कारण बनता हैं.

4. इन सब के अलावा आँखों के जलन के लिए संक्रमण, एलर्जी, विशेष प्रकार की दवाइयों का सेवन या नींद में कमी जैसी अन्य कारक भी शामिल है.

आँखों में जलन के परिणामस्वरूप आपकी आँखों से निरंतर पानी निकलना, खुजली या दर्द का अनुभव होना है. इसके आपको देखने में परेशानी, धुंधली दृष्टि, आँखों का लाल होना, चमकीला दिखाई देना जैसी कई समस्या पैदा हो सकती है. हालांकि, यह कोई गंभीर समस्या नहीं है. इसलिए आप कुछ सावधानी बरत कर अपनी आँखों का ख्याल रख सकते हैं. आप इसके लिए घरेलू उपचार को भी आज़मा सकते है, जो हानिरहित है.

तो सबसे बेहतर और सुरक्षित विकप घरेलू उपाय को आज़माना है. निम्नलिखित कुछ घरेलू उपाय बताए गए है जो आपके आँखों को स्वस्थ और जलन से बचाएगा.

आँखों में जलन रोकने के उपाय:

1. आंखों में जलन हो रहा है तो सबसे पहले आप ठन्डे पानी से अपने आँखों को धो सकते है, जो सबसे आसानी से उपलब्ध होता है. इसके अलावा आप आँखों पर सूती कपडे को पानी में भिगो कर अपनी आँखों पर रख सकते हैं. यह आप अपने ऑफिस में काम करने के दौरान भी कर सकते है, जब आप लगातार काम कर रहे हैं तो एक नियमित अंतराल पर ब्रेक लेकर आँखों को ठंडे पानी से धोना चाहिए. यह थकान और जलन को काम करेगा.

2. आप खीरे को स्लाइस में काट कर अपनी आँखों पर रख सकते है. यह सबसे कारगर और फायदेमंद उपाय है. आप कुछ देर तक आँखों पर खीरे के स्लाइस को रख कर छोड़ दें. इससे जलन और थकान दूर हो जाती है.

3. आप थकान और जलन के लिए कच्चे आलू का भी इस्तेमाल कर सकते है. आप कच्चे आलू को स्लाइस में काट कर फ्रीज में रख दें. इसको अगले सुबह ठन्डे होने पर अपनी आँखों पर रख कर लेट जाएं. यह एक बहुत ही सफल घरेलू उपचार है.

4. आँखों में जलन के लिए ठंडा दूध भी एक अच्छा घरेलू उपाय है. इसके लिए आपको ठन्डे दूध में रूई को डुबोकर आँख पर रखे और आँख को बंद कर के छोड़ दे. यह आप सुबह और शाम दोनों समय इस्तेमाल कर सकते हैं.

5. आँखों में धूल और कण को साफ करने के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल कर सकते है. आप गुलाब जल के एक या दो बूँद को आँखों में डाल कर कचरे को साफ कर सकते है, जो आँखों में जलन का कारण होता है.

पटाखे से हाथ जलने पर क्या करें, क्या न करें - Pathake Se Haath Jalne Par Kya Kare Kya Naa Kare!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
पटाखे से हाथ जलने पर क्या करें, क्या न करें - Pathake Se Haath Jalne Par Kya Kare Kya Naa Kare!

भारत एक विशाल विविधता वाला देश है, जहाँ कई प्रकार के त्यौहार और मान्यताएं मानी जाती है. इन सभी की खास बात यह होती है कि इन सभी को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. वैसी ही त्यौहार दिपावली होता है जिसे साल में एक बार पूरे देश में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मानाया जाता है. जब भी बात दिवाली की आती है तो अधिकत्तर लोगों, खासकर बच्चों के दिमाग में पटाखों का ख्याल सबसे पहले आता है. जबकि लगभग हर साल समाचार पत्रों आदि में कई पटाखों से कई तरह के हादसे आदि की ख़बरें पड़ने को मिलती है. जिनमें पटाखे से हुए नुकसान की ख़बरे सबसे ज्यादा होती है. आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि पटाखे से हाथ जलने पर क्या करें, क्या न करें. अगर आप ऐसी ही किसी पटाखे से जलने की अप्रिय घटना से ग्रसित हो गए है तो याद रखें, सबसे पहले -

पटाखे से हाथ जलने पर, क्या करें

1.हल्दी का उपयोग

कभी भी जल जाने पर हल्दी का प्रयोग बहुत लाभदायक साबित होता है. जल जाने पर काफी ज्यादा जलन का सामना करना पड़ता है. ऐसे में हर भारतीय रसोई में उपलब्ध होने वाली हल्दी के पानी का उपयोग कर जख्म को ठीक किया जा सकता है. इसके लिए जख्म पर हल्दी का पानी लगाए.

2.नारियल का तेल

पटाखे से जल जाने पर नारियल तेल फटाफट राहत प्रदान करता है. इसका सेवन करने से जलन कम हो जाती है और राहत मिलती है. इसे कैसे भी जले हुए हिस्से पर लगाया जा सकता है.

3.तुलसी के पत्ते

लगभग हर घर में उपलब्ध होने वाली तुलसी का उपयोग बहुत सारे उपचारों में किया जाता है. अगर बात करें जल जाने पर इसके प्रयोग की तो तुलसी के पत्तों का रस बहुत ही फायदेमंद होता है. साथ ही इससे किसी तरह के जलने के निशान रहने की संभावना भी कम हो जाती है.

4.ठंडा पानी

कभी भी किसी भी प्रकार से किसी हिस्से के जल जाने पर, उस हिस्से को ठंडे पानी में डाले और थोड़ी देर डुबाकर रखे. इससे प्रभावित जगह पर छाले पड़ने के आसार कम हो जाते है. याद रहें प्रभावित क्षेत्र को थोड़ी देर तक ठंडे पानी में डुबोकर रखें.

5.आलू का प्रयोग

जल जाने पर आलू को काट लें और कटे हुए आलू के हिस्से को प्रभावित जगह पर लगाए. इससे जलन पर काफी राहत मिलती है.

पटाखे से हाथ जलने पर, क्या न करें

मलहम या ऑइंटमेंट लगाने से बचें

आमतौर पर लोग यह गलती बड़े पैमाने पर करते है. हमेशा याद रहें, कि जल जाने पर कभी भी प्रभावित जगह पर किसी भी प्रकार के मलहम या ऑइंटमेंट का प्रयोग न करें. ऐसा करने के कई नुकसान होते है.

1.छाले या फफोले को फोड़े नही

अक्सर देखा जाता है कि जल जाने पर त्वचा पर छाले या फफोले हो जाते है. बहुत से लोग उनको फोड़ देते है. याद रहे कभी भी ऐसी स्थिति हो जाने पर छाले या फफोले को फोड़े नही. इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है. जिसके दुष्परिणाम बहुत अधिक है.

2.रूई के प्रयोग से बचना चाहिए

बहुत से लोग जले हुए हिस्से को रूई से साफ करने की गलती कर बैठते है. याद रहे, कभी भी ऐसी स्थिति में प्रभावित क्षेत्र पर रूई का इस्तेमाल नही करना चाहिए.

3.अधिक जले हुए रोगी को -

कभी भी ज्यादा पानी नही देना चाहिए. साथ ही अगर उसके जले हुए क्षेत्र पर कपड़ा आदि कुछ चिपका हुआ है तो उसे खुद से ना साफ करें. ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और हो सके तो रोगी को अस्पताल में सीधा भर्ती कराए.

  

Best Hair Fall Treatment Center in Mumbai

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Best Hair Fall Treatment Center in Mumbai

Studies and research shows that an average humans loses upto 100 hairs in a day. If you feel that your hair fall is more than this, you might need help from best hair fall treatment centers in Mumbai. Hair problems and hair thinning are very common these days and it can be because of many reasons like hormonal disorders, stress, poor nutrition, genetic, excessive use of chemicals or hair treatments and problems of scalp like dryness, itching. These best hair fall treatment centers in Mumbai are:

1. Dr. Shaurya's Skin and Hair Clinic- Mumbai

Consultation fees: ₹600

Headed by Dr. Shaurya Rohatgi is a well known dermatologist and Trichologist, with over 10 years of experience. His specialties and treatments are psoriasis treatment, Mohs surgery, line and wrinkle smoothing, bleach and skin peel treatment, hair transplant and treatment of atopic dermatitis. He is reputed name in his fraternity and is an active member of many esteemed associations like Indian Association of Dermatologists, Venereologists and Leprologists (IADVL) and the International Society of Dermatology. He is recipient of Global Education Award at International Congress of Dermatology.

2. Skinworld Clinic- Mumbai

Consultation fees: ₹600

Dr. Ganesh Avhad is a leading dermatologist & cosmetologist with 8 years of experience is a visiting consultant at Skinworld Clinic, Mumbai. He is also a laser & hair transplant surgeon and has conducted more than 500 transplant in his career span till now. He is also known for his excellence in derma roller and anti-ageing treatment. He also specialises in vampire face lift treatment and bleaching treatment. He also practices at Bagwe Hospital, Microcare Hospital and Desire Clinic. 

3. Kaya Skin Clinic- Kandivali East, Mumbai

Consultation fees: ₹300

Kaya Ltd is more than 15 years old and has centers all across India as well as in the Middle East. Kaya offers a number of services and when it comes to hair transplant in Mumbai, it is considered as one of the best.

4. Sparsh: The Aesthetic & Dentistry Clinic-  Khar West, Mumbai

Consultation fees: ₹2000

The aesthetic clinic provides the best solution for extreme hair fall, hair thinning, baldness. The procedures are carried out by international experts, using the advanced technologies. As a result, procedures carried out are painless, with hair restoration and natural hair growth.

5. N M Skin & Cosmetology Clinic- Mahim, Mumbai

Consultation fees: ₹1000

Dr. Nimesh D. Mehta heads N M Skin & Cosmetology Clinic. He has 29 years of experience and is a renowned name in the field of dermatology. He is also a visiting Consultant to Lilavati Hospital and S L Raheja (Fortis) Hospital. He specializes in chemical peels, basic and advanced botox, basic and advanced fillers, dermaroller, mesotherapy and laser treatments. He has been a faculty Member at National and state level workshops in Dermatosurgery and has also written chapters in textbook in Dermatosurgery.

6. Aska Aesthetic Clinic- Andheri West, Mumbai

Consultation fees: ₹700

Aska Aesthetic Clinic is headed by Dr. Jeetendra Khatuja where he runs his own practice. In 10 years of experience he has treated several cases of hair loss and transplant. Some of the other treatments provided at the clinic are vampire facelift with I-PRP, cosmetic ear lobe repair, tattoo removal and face glow. He is also a certified injector of botox and fillers for anti-aging and face & body sculpting.

7. Dr. Trasi’s La Piel Skin Clinic- Khar West,  Mumbai

Consultation fees: ₹1500

Dr. Trasi’s La Piel Skin Clinic is a chain of clinics in Mumbai headed by Dr. Shefali Trasi Nerurkar. She has 33 years of experience and is attached to various charitable hospitals in Mumbai. She is also a consulting member on the panel of Air India, Indian Airlines, Jet Airways. She has successfully including handled thousands of cases related to hair problems, including hair transplant.Her clinic is equipped with modern techniques to treat any kind of Hair Fall & Hair Problems. She was pioneer in introducing stem cell treatment along with lasers to correct hair problems. 

8. Sakhiya Skin Clinic Private Limited- Bandra West,  Mumbai

Consultation fees: ₹500-700

Sakhiya Skin Clinic is a chain of clinics in India and is more than 18 years old. They have a team of experienced and qualified dermatologists which are capable of treating any kind of skin or hair problems.All the clinics have latest technology and world class equipments to treat skin and cosmetic treatments like botox, hair fall treatment, hair transplant.

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Top 10 Cardiologist in Mumbai!

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Top 10 Cardiologist in Mumbai!

Day to day stress, poor lifestyle and lack of physical activity can lead to many problems including risk of heart problems. These top 10 cardiologist can help you in assessing the functioning of heart and help in a proper diagnosis and treatment of any cardiac problems, if any. A cardiologist can treat a number of diseases related to heart problems such as coronary artery disease, congenital heart defects, valvular heart disease, heart failure, hypertension, cardiomyopathy. 

Below is the list of top 10 cardiologist in Mumbai:

1. Dr. Ramesh Kawar

MBBS, MD - Cardiology, DM

Consultation fees: ₹800 - 1000

Dr. Ramesh Kawar is a senior Interventional Cardiologist. He is currently associated with Bombay Hospital and Riddhi Vinayak Critical Care & Cardiac Centre. He has an experience of 18 years in this field and has undergone  several fellowships in cardiology. His areas of interest are Percutaneous Coronary Angioplasty and Stent Implantation, Primary Angioplasty in Acute Myocardial Infarction, Acute Coronary Care, Clinical Cardiology and Coronary Angiography and Angioplasty via Radial Artery Route.

2. Dr. G Manoj

Masters in diabetes, Diploma in Cardiology

Consultation fees: ₹700 

Dr. G Manoj is a reputed cardiologist & diabetologist in Mumbai and has 12 years of experience. He is currently affiliated with Asian Heart Institute and Good Health Super Speciality Clinic. He also holds the  position of President of the Maharashtra Chapter of Indian Association of Clinical Cardiologists. His areas of interest are treating various cardiovascular conditions like abdominal aortic aneurysm, angina pectoris, arrhythmia, atherosclerosis, cardiomyopathy, heart failure and peripheral artery bypass.

3. Dr. Priyank Mody

DNB Cardiology, MD - General Medicine, MBBS

Consultation fees: ₹1200 - 2000

Dr. Priyank is currently practicing as Director, Cardiac Pacing & Electrophysiology at Fortis Hospital, Okhla. His areas of clinical interest are Electrophysiologic Study, Catheter RF Ablation of complex arrhythmias, 3D Mapping of Cardiac Arrhythmias with CARTO and Ensite, Implantation of Permanent Pacemakers, Implantation of ICD, Implantation of Biventricular pacemakers (CRT)
Implantation of CRT-D (Combo Device), Lead Extraction and Coronary Angiography. He is not only member of some reputed national and international organisations, but also recipetents of many awards. 

4. Dr. Chandrashekhar Munjewar

MBBS, MD - General Medicine, DM - Cardiology

Consultation fees: ₹1000 - 1200

Dr. Chandrashekhar Munjewar has 13 years of experience and is a famous cardiologist in Mumbai. He is known for his clinical approach and intervention expertise.His areas of expertise are echocardiography, angiography, angioplasty, pacemaker. He currently practices at Sohum Health care centre, Parisoha Foundation, Shantiniketan hospital and S.L.Raheja Fortis Hospital.

5. Dr. Ameya Udyavar

MBBS, M.D - General Medicine , Diplomate of N.B - Cardiology , DM - Cardiology

Consultation fees: ₹1400 - 1500

Dr. Ameya Udyavar is a senior consultant cardiologist and cardiac electrophysiologist. He has 23 years of experience. He specializes in treatment of arrhythmias (heart beat problems) and device implants like pacemakers, ICD. He can be visited at P.D. Hinduja National Hospital and Fortis Hospital - Mulund. 

6. Dr. Zakia Khan

MBBS, MD - Medicine, DM - Cardiology

Consultation fees: ₹1000 - 1500

 Dr. Zakia Khan is practicing from last 32 years as interventional cardiologist.  She has an extensive experience of handling clinical, non-invasive, invasive cardiology,  acute myocardial infarction, cardiac emergencies in paediatric  and adult patients. Her specialization is  transesophageal echocardiography. Dr. Khan is associated with Fortis Hospital, Mumbai.

7. Dr. Hasmukh Ravat

MBBS, MD - Medicine, DM - Cardiology

Consultation fees: ₹600 - 1500

Dr. Ravat is a senior cardiologist with 36 years of practice. He is currently working Fortis Heart Hospital as head of cardiology. He has performed more than 4000 angioplasty. While his primary interest lies in Coronary and Peripheral Angioplasty, his experience spans the entire spectrum of clinical and invasive cardiology, including expertise in simple and complex Coronary Angioplasty, Renal and Carotid Angioplasty and Pacemakers.

8. Dr. Ruchit Shah

MBBS, DNB, DNB - Cardiology, Fellowship In Interventional Cardiology

Consultation fees: ₹1000 

Dr Ruchit Shah has 14 years of experience as interventional cardiologist and specializes in coronary angiography, coronary angioplasty, Optical Coherence Tomography and invasive imaging techniques.  He is associated with multiple hospitals and clinics in Mumbai. He has also been part of various clinical trials and has presented number of papers across India and internationally.

9. Dr. Sudheer Deodatta Palkar

M.Ch - Cardio Thoracic and Vascular Surgery, MS- General Surgery

Dr. Sudheer has 42 years of practice in the field of Cardiac interventions and Electrophysiology. In so many years of his practice, he has performed thousands of angioplasties and has also handled some complex cases of angioplasties. He is considered to be a pioneer of using advanced technologies like bifurcation and left main angioplasties with Rota Ablation. 

10. Dr. Rajiv Karnik

MBBS, MD - General Medicine, DM - Cardiology

Consultation fees: ₹560-1500 

Dr. Rajiv Karnik is a brilliant academic student and had bagged a total of six gold medals in his MBBS, MD and DM and recipient of Rashtriya Ratna award . He was the first Cardiologist in the city of Bombay to implant ICD - Pacemaker device at Bombay Hospital. His special interest is in Coronary interventions, pacemaker & implantable defibrillator (ICD) device implantations, academic and clinical cardiology. He has more than 38 years of experience and is practicing at multiple hospitals in Mumbai.

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