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Dr. Sanjeev Kumar Singh  - Ayurveda, Lakhimpur Kheri

Dr. Sanjeev Kumar Singh

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Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)

Ayurveda, Lakhimpur Kheri

9 Years Experience  ·  200 at clinic  ·  ₹100 online
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To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies.
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Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS) - Ravindra Nath Mukherjee Ayurvedic University - 2009

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Jhaiyaan Hataane Ke Upaay - झाइयां हटाने के उपाय

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Jhaiyaan Hataane Ke Upaay - झाइयां हटाने के उपाय

कई त्वचा संक्रमणों में से एक है रंजकता या झाइयां जिसके कारण चेहरे का रंग असामान्य हो जाता है. त्वचा के द्वारा निर्मित मेलेनिन त्वचा को रंग देता है. मेलेनिन का कम उत्पादन कुछ क्षेत्रों में हाइपोपिगमेंटेशन का कारण बनता है जो त्वचा को सफेद धब्बों की ओर ले जाता है या जिसके कारण त्वचा पर हल्के रंग के पैच बन जाते हैं. मेलेनिन का उच्च उत्पादन हाइपरपिगमेंटेशन का कारण बनता है जो परिणामस्वरूप त्वचा पर गहरे या भूरे रंग के धब्बों को उत्पन्न करता है या जिसकी वजह से त्वचा पर गहरे रंग के पैच बन जाते हैं. आइए चेहरे से झाइयाँ हटाने के उपाय जानें.
1. संतरे का छिलका
संतरे के छिलकों को सूरज के सामने सूखने के लिए रख दें. तब तक रखें जब तक ये डिहाइड्रेटेड न हो जाएँ. जब एक बार सूख जाएँ फिर छिलकों को मिक्सर में डालकर एक पाउडर तैयार कर लें. पाउडर में अन्य बची सामग्रियों को भी डाल दें. अब इस मिश्रण को अच्छे से चलाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. इस मिश्रण को त्वचा पर 20 मिनट के लिए ऐसे लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. हफ्ते में तीन से चार बार इस प्रक्रिया को दोहराएं.
2. एवोकाडो
एवोकाडो को तब तक मैश करें जब तक इसकी गुठली बनना कम न हो जाये. अब मैश एवोकाडो को त्वचा पर लगाएं और इसे फिर आधे घंटे के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. एक महीने के लिए इस पेस्ट को पूरे दिन में दो बार ज़रूर लगाएं. एवोकाडो में विटामिन सी और ओलिक एसिड होता है जो झाइयों के लिए एक बेहतरीन उपाय है.
3. हल्दी पाउडर और नींबू
एक कटोरे में दोनों सामग्री को मिला लें और एक मुलायम पेस्ट तैयार कर लें. अब अपनी त्वचा को सबसे पहले साफ़ कर लें और फिर इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं. 15 मिनट तक इस मिश्रण को लगे रहने दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. इस मिश्रण को रात को सोने से पहले पूरे दिन में एक बार ज़रूर लगाएं. हल्दी को आमतौर पर सभी के घरों में इस्तेमाल किया जाता है.
4. सेब का सिरका
सबसे पहले सेब के सिरके को पानी में मिला लें. अब इस मिश्रण को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. इस मिश्रण को पांच मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. जब तक आपको नतीजा न दिख जाये तब तक इसका इस्तेमाल पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें. सेब के सिरके में मौजूद एस्ट्रिजेंट गुण त्वचा के प्राकृतिक रंग को बनाये रखने में मदद करते हैं.
5. उपचार करें खीरा से
एक कटोरे में सबसे पहले सारी सामग्री को मिला लें. अब इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं. अब मिश्रण को दस मिनट के लिए त्वचा पर ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. रोज़ाना इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार लगाएं. खीरा त्वचा को फिर से निखारने के लिए जाना जाता है.
6. चंदन की लकड़ी
सभी सामग्रियों को एक साथ मिला लें और एक मुलायम पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. पेस्ट को लगाने के बाद इसे आधे घंटे के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब इस पेस्ट को गुनगुने पानी से धो लें. इस पेस्ट को पूरे दिन में दो बार ज़रूर लगाएं. चंदन एक बेहद प्रभावी ब्लड प्यूरीफायर है जो झाइयों का इलाज करने में मदद करता है. ये सामग्री आमतौर पर सनस्क्रीन में इस्तेमाल की जाती है. चंदन सूरज की किरणों से बचाने में बेहद लाभदायक सामग्री है.
7. कच्चे आलू
सबसे पहले आलू को धो लें और उसे फिर आधे आधे हिस्से में काट लें. अब कटे हिस्से के ऊपर पानी की कुछ मात्रा डालें. फिर आधे आलू को प्रभावित क्षेत्रों पर सब तरफ से लगाएं. अब दस मिनट तक इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर प्रभावित क्षेत्र को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. पूरे दिन में तीन से चार बार एक महीने के लिए इस प्रक्रिया को करते रहें. आलू को चेहरे पर रगड़ने से झाइयां, काले धब्बे जैसे निशान कम होते नज़र आएंगे.
8. कच्चे आलू
सबसे पहले आलू को धो लें और उसे फिर आधे आधे हिस्से में काट लें. अब कटे हिस्से के ऊपर पानी की कुछ मात्रा डालें. फिर आधे आलू को प्रभावित क्षेत्रों पर सब तरफ से लगाएं. अब दस मिनट तक इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर प्रभावित क्षेत्र को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. पूरे दिन में तीन से चार बार एक महीने के लिए इस प्रक्रिया को करते रहें. आलू को चेहरे पर रगड़ने से झाइयां, काले धब्बे जैसे निशान कम होते नज़र आएंगे.
9. उपाय है दही
एक चम्मच फूल फैट दही लें. अब दही को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. फिर 20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. दही को हफ्ते में दो बार ज़रूर लगाएं. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा को एक्सफोलिएट करने में मदद करता है और मेलानोसाईट को धीरे धीरे कम करता है. ये झाइयों के दौरान खराब होने वाली त्वचा को भी ठीक करता हैं.
10. टमाटर
एक कटोरे में ये सभी सामग्रियों को एक साथ मिला लें. अब इस मिश्रण को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. जब तक ये मिश्रण सूख न जाये तब तक इसे बीस मिनट तक लगाकर रखें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. इस पेस्ट को पूरे दिन में एक बार ज़रूर लगाएं. टमाटर में प्राकृतिक ब्लीचिंग उत्पाद होता है और टमाटर से बना फेस मास्क त्वचा को फिरसे निखारने में मदद करता है. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा में कसाव लाता है और धब्बों को दूर करता है.

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Home Remedies For Hair Removal - शरीर से बाल हटाने के घरेलू उपाय

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Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Home Remedies For Hair Removal - शरीर से बाल हटाने के घरेलू उपाय

हमारे शरीर में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरीके से बालों का फैलाव हुआ है. कई बार ये बाल अनचाहे स्थानों पर भी उग आते हैं या कई स्थानों पर कुछ ज्यादा ही घने हो जाते हैं. इसके अलावा कई लोगों बालों से इरिटेट भी होते हैं. इसलिए लोग अपने शरीर से बालों को हटाना चाहते हैं. शरीर से बालों को हटाने के कई ऊपाय हैं. कई लोग इसके लिए थ्रेडिंग का सहारा भी लेते हैं. लेकिन इसमें आपको दर्द तो होता ही है इसके साइड इफेक्ट भी हो जाते हैं. इसके अलावा आपको हर महीने थ्रेडिंग का खर्चा भी उठाना पड़ता है. इसलिए यदि आप अपने शरीर से बालों को हटाना चाहते हैं तो इसके लिए निम्नलिखित घरेलू उपायों को आजमा सकते हैं.
अंडा
अंडे के मास्‍क की सहायता से आप अपने शरीर के बालों को हटा सकते हैं. इसके लिए आपको इसे वैक्‍स की तरह इस्‍तेमाल करना होगा. इसे बनाने के लिए एक अंडे के सफेद भाग को फेंटकर अपने चेहरे पर लगाये और सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. इससे अनचाहे बाल निकलने के साथ झुर्रियों की समस्‍या से भी निजात मिल जाता है.
हल्दी
हल्‍दी एक ऐसा बेहतरीन एंटीसेप्टिक है जिसका इस्तेमाल हम अपने दिनचर्या में नियमित रूप से करते हैं. इसकी सहायता से अप अपने अनचाहे बालों को भी दूर कर सकते हैं. इसे लगाने से चेहरे पर बाल नही उगते और त्‍वचा की रंगत भी निखरती है. रोज पांच से दस मिनट हल्दी का लेप लगाएं.
बेसन
इसको शरीर के बाल हटाने में इस्‍तेमाल करने के लिए थोड़े से बेसन में एक चुटकी हल्दी और पानी मिलाकर पैक बनाकर लगाएं और सूखने पर पानी से धो लें. इस पैक को आप रोज अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. इसके अलावा थोड़ा सा बेसन, एक चुटकी हल्‍दी और थोड़ा सा सरसों का तेल डाल कर गाढा पेस्‍ट बनाकर चेहरे पर लगा कर रगडिये और इसे हफ्ते में दो दिन लगाइये. अनचाहे बालों से छुटकारा मिल जाएगा.
कार्न फ्लोर
कार्न फ्लोर का स्‍क्रब बनाकर लगाने से अनचाहे बालों से छुटकारा मिल जाता है. इसे बनाने के लिए एक कटोरे में 1 अंडे का सफेद भाग, थोड़ी सी चीनी और कार्न फ्लोर को मिलाकर स्‍क्रब बना लें. फिर इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाकर 15 मिनट मसाज करें. फिर सूखने के लिए छोड़ दें, और सूखने के बाद पानी से धो लीजिये. ऐसा हफ्ते में तीन बार करें.
चीनी
चीनी मृत त्‍वचा को हटाकर अनचाहे बालों को जड़ से निकाल देती है. इसके लिए अपने चेहरे को पानी से गीला करके, उस पर चीनी लगा कर रगडिये. ऐसा हफ्ते में कम से कम दो बार जरुर करें.
काबुली चने का आटा
काबुली चने के आटा का शरीर के अनचाहे बालों को दूर करने और रोकने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. इसे बनाने के लिए आधा कटोरी चने का आटा, आधा कटोरी दूध, एक चम्‍मच हल्‍दी और एक चम्‍मच क्रीम लेकर इसे मिक्‍स करके चेहरे पर लगाएं. आधा घंटा लगे रहने के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें.
नारियल का तेल
त्‍वचा से अनचाहे बालों को हटाने के लिए गुनगुने नारियल तेल में हल्‍दी पाउडर को मिलाकर पेस्‍ट बना लें. अब इस पेस्ट को हाथ-पैरों पर लगाएं. इससे त्वचा मुलायम होने के साथ ही शरीर के अनचाहे बाल भी धीरे-धीरे हट जाते हैं.
शुगर वैक्स
अगर आप चेहरे के अनचाहे बालों से परेशान हैं तो आप घर में बनी प्राकृतिक वैक्‍स से वैक्सिंग कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए शक्कर को पिघलाकर इसमें शहद और नींबू का रस मिलाएं और पेस्ट तैयार कर लें. पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और वैक्स की तरह साफ करें.
मसूर की दाल
मसूर की दाल को रात भर भिगोने के बाद उसमें नींबू का रस, शहद, आलू का रस और एक चुटकी हल्‍दी मिला दें. यह एक प्रभावी फेस पैक है जो अनचाहे बालों को हटाने के साथ शेष बालों को ब्‍ली‍च कर देता है.
कच्चा पपीता
कच्‍चे पपीते में पैपेन नामक सक्रिय एंजाइम होता है जो बालों के कूप को निष्‍पक्ष करने और बालों के विकास को सीमित करने में सक्षम होता है. पपीता संवेदनशील त्वचा के लिए अपेक्षाकृत अधिक उपयुक्त होता है. इसके पैक को बनाने के लिए दो बड़े चम्‍मच पपीते का पेस्ट और आधा चम्मच हल्दी पाउडर लेकर पेस्‍ट बना लें. 15 मिनट के लिए इस पेस्ट से अपने चेहरे पर मसाज करें और पानी से धो लें. बेहतर परिणाम के लिए इसे एक सप्ताह में दो बार करने की कोशिश करें.

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Gora Hone Ke Gharelu Upay - गोरा होने का घरेलू उपाय

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Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Gora Hone Ke Gharelu Upay - गोरा होने का घरेलू उपाय

ये तो हम सभी जानते हैं त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग होती है. सुंदरता को बनाये रखने के लिए त्वचा बहुत बड़ी भूमिका निभाती है. अगर आपकी त्वचा गोरी और चमकदार है तो हर कोई आपको खूबसूरत और आकर्षित समझने लगता है. केमिकल युक्त उत्पादों को इस्तेमाल करने की बजाए घर की गुणकारी सामग्रियों का कुछ दिनों तक उपयोग करके देखिए.
ओटमील फायदेमंद
दोनों ही सामग्रियां आपकी त्वचा को गोरी बनाने में मदद करती हैं. ओटमील आपकी मृत कोशिकाओं को बाहर निकालता है और टमाटर आपकी त्वचा को गोरा और चमकदार बनाता है. ओटमील और टमाटर के जूस को सबसे पहले एक साथ मिला लें. अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं और फिर कुछ मिनट तक इसे स्क्रब की तरह रगड़ें. फिर इसे 20 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. 20 मिनट के बाद त्वचा को ठंडे पानी से धो लें. आप इस उपाय को रोज़ाना दो हफ़्तों तक दोहरा सकते हैं.
हल्दी
हल्दी त्वचा को गोरी बनाने के लिए भी बेहद प्रभावी घरेलू उपाय है. हल्दी स्किन टोन को सुधारती है और चमकदार बनाने में भी मदद करती है. यह त्वचा की लोच को भी ठीक करती है. मास्क बनाने के लिए सबसे पहले हल्दी पाउडर और ताज़ा नींबू के जूस को मिलाएं. अब पेस्ट को अच्छे से मिलाने के बाद त्वचा पर लगाएं और इसे 15 मिनट तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब त्वचा को पानी से धो लें. इस पेस्ट को हफ्ते में दो से तीन बार ज़रूर लगाएं. जिनकी त्वचा संवेदनशील है वो इस पेस्ट में थोड़ा पानी डाल लें.
गुलाब जल
गुलाब जल विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है. ये त्वचा को कोमल, मुलायम बनाता है और त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है. इसके इस्तेमाल से आपकी त्वचा का टोन बदलने में मदद मिलेगी साथ ही त्वचा गोरी भी बनेगी. पहले चार चम्मच जई को आधे घंटे के लिए गुनगुने पानी में भिगोने के लिए रख दें. अब आधे घंटे के बाद जई को पानी में से निकाल लें और फिर उसमें गुलाब जल और आधा चम्मच दही डालें. अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं और 20 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर त्वचा को पानी से साफ कर लें. गुलाब जल का इस्तेमाल कब तक करें – इस पेस्ट का इस्तेमाल रोज़ाना पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें.
संतरा
संतरे में विटामिन सी मौजूद होता है. इसके सेवन से न ही आपकी सेहत बनती है बल्कि आपकी त्वचा भी स्वस्थ रहती है. कई उत्पादों में संतरे का इस्तेमाल किया जाता है जिससे आपकी त्वचा को गोरी और चमकदार बनने में मदद मिले. संतरे के जूस को हल्दी पाउडर में मिला लें. अब इस मिश्रण को अच्छे से चला लें जिससे कि एक पेस्ट तैयार हो जाये. अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं और रातभर के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. सुबह को अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. अच्छा परिणाम पाने के लिए आप इस उपाय को रोज़ाना दोहराएं.
टमाटर
टमाटर में लाइकोपीन होता है जो टैन और त्वचा की डार्कनेस को दूर करने में मदद करता है. इसका रोज़ाना इस्तेमाल आपकी त्वचा में मौजूद मृत कोशिकाओं को निकालता है और आपकी त्वचा को गोरा बनाता है. दो टमाटर मिक्सर में मिक्स करें और फिर उसमें दो चम्मच नींबू का जूस मिलाएं. अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं. फिर इसे 20 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब अपनी त्वचा को पानी से साफ़ कर लें. इस पेस्ट को तब तक लगाएं जब तक आपको अच्छा परिणाम न दिख जाये.
मुलेठी
मुलेठी का जूस टैन, डार्कनेस को कम करता है. ये सूरज की वजह से खराब होने वाली त्वचा के लिए भी बेहद प्रभावी है. इसके रोज़ाना इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा गोरी और चमकदार दिखेगी. मुलेठी का जूस तैयार कर लें. अब उसमें रूई डुबाकर उसे अपनी त्वचा पर रात को सोने से पहले लगाएं. अपनी त्वचा पर इसे रातभर लगा हुआ रहने दें. फिर सुबह त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. अच्छा परिणाम पाने के लिए इस उपाय को रोज़ाना दोहराएं.
नींबू
नींबू त्वचा गोरा बनाने का सबसे अच्छा तरीका है क्योंकि इसमें ब्लीचिंग तत्व होता है जो त्वचा को अंदर से निखारने में मदद करता है. ये दाग और धब्बों को भी दूर करता है. त्वचा पर नींबू का जूस लगाकर 10 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. इसके बाद त्वचा को ठंडे पानी से धो लें. एक दिन छोड़ छोड़कर आप नींबू के जूस का इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रहे जब आप इस उपाय का इस्तेमाल करें तो कभी सूरज के सामने न जाएँ. चोट और काटने वाली जगह पर नींबू को संभालकर लगाएं. जिन लोगों की त्वचा सवेदनशील होती है वो नींबू के जूस को पानी में डालकर इस्तेमाल करें.
बेसन
त्वचा को गोरी करने के लिए बेसन एक और अच्छा उपाय है. ये एक्सफोलिएटर की तरह काम करता है. ये टैन को दूर करता है और किसी भी तरह के काले धब्बों को कम करने में मदद करता है. बेसन के इस्तेमाल से आपकी त्वचा को प्राकृतिक गोरापन लाने में मदद मिलेगी. पांच चम्मच बेसन और एक चम्मच हल्दी पाउडर को एक साथ मिला लें. अब इस पेस्ट को त्वचा पर अच्छे से लगाएं. अब 20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर त्वचा को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. बेसन का इस्तेमाल रोज़ाना नहाने से पहले ज़रूर करें.
नट्स
नट्स विटामिन, प्रोटीन से समृद्ध होते हैं जो आपकी त्वचा को स्वस्थ, गोरा और चमदार बनाने में मदद करते हैं. पानी में भीगे हुए बादाम और अखरोट को मिक्सर में मिक्स करने के लिए डाल दें. अब उसमें दही और अलसी को मिला दें. अच्छे से पेस्ट तैयार होने के बाद इसे अपनी त्वचा पर लगाएं. 10 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर त्वचा को ठंडे पानी से साफ़ कर लें. इस पेस्ट को आप पूरे दिन में दो बार ज़रूर इस्तेमाल करें.
एलोवेरा
एलो वेरा जेल त्वचा को गोरी करने वाला एक अन्य बेहतरीन घरेलू उपाय है. क्योंकि इसमें एन्थ्राक्यूनोन कंपाउंड होता है जो त्वचा की ऊपरी सतह निकालकर अंदर छिपी गोरी त्वचा को निकालने में मदद करता है. एलो वेरा जेल लगाने के अलावा आप इसका लोशन या क्रीम भी लगा सकते हैं. एलो वेरा जेल को पूरे शरीर पर लगाकर मसाज करें. मसाज करने के बाद 20 से 30 मिनट तक उसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अच्छे से सूखने के बाद शरीर को पानी से साफ़ कर लें. एलो वेरा जेल का इस्तेमाल रोज़ाना करें.
शहद और नींबू
नींबू में विटामिन सी होता है जो आपकी त्वचा को गोरा बनाता है और शहद त्वचा को मुलायम बनाने में मदद करता है. चार चम्मच शहद में चार चम्मच नींबू का जूस मिलाएं. दोनों सामग्रियों को अच्छे से मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाएं और 15 -20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. इसके बाद अपनी त्वचा को गर्म पानी से धो लें. गोरी और कोमल त्वचा पाने के लिए इस पेस्ट का इस्तेमाल कम से कम हफ्ते में तीन बार ज़रूर करें. 
चावल का पाउडर
चावल के पाउडर में पारा-अमीनोबेंज़ोइक एसिड होता है जो न ही आपकी त्वचा को सूरज से बचाता है बल्कि शरीर में विटामिन सी के स्तर को भी बनाये रखता है. चावल का पाउडर विटामिन सी, विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट और फेरुलिक एसिड से समृद्ध होता है. इसलिए चावल का पाउडर हाइड्रेटिंग और त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने में मदद करता है. कच्चे चावलों को मिक्सर में मिक्स कर लें और एक पाउडर तैयार कर लें. अब इस पाउडर में बराबर मात्रा में दूध मिलाएं जिससे एक मुलायम पेस्ट बन सके. अब इस पेस्ट को अच्छे से चलाने के बाद अपनी त्वचा पर आधे घंटे के लिए लगाकर रखें. अब अपनी त्वचा को साफ़ पानी से धो लें. अच्छा परिणाम पाने के लिए आप इस पेस्ट को दो से तीन हफ्ते तक दोहराते रहें.
चुकंदर
चुकंदर आयरन और विटामिन से समृद्ध होता है जिसकी मदद से आपके छिद्र साफ़ होते हैं और आपकी त्वचा को एक प्राकृतिक गोरा निखार मिलता है. चार चम्मच बेसन, दो चम्मच हल्दी पाउडर और एक कटोरी में ताज़ी क्रीम लें. अब चुकंदर को छीलकर उसे मिक्सर में मिक्स करने के लिए डाल दें. अब इसके गूदे को निचोड़कर इसका जूस एक कटोरे में निकाल लें. फिर इसमें बेसन, हल्दी और क्रीम को एक साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें. फिर इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर 20 मिनट के लिए लगाकर रखें. इसके बाद अपनी त्वचा को ठंडे पानी से साफ़ कर लें.इसका इस्तेमाल आप हफ्ते में तीन बार ज़रूर करें.

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Fisher's Home Remedies - फिशर का घरेलू उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Fisher's Home Remedies - फिशर का घरेलू उपचार

बवासीर और एनल फिशर में कुछ हद तक समानता होने के के कारण आमतौर पर लोग गुदा अर्थात एनल संबंधी किसी भी समस्या को बवासीर मान लेते हैं. लेकिन एनल से संबंधित हर समस्या बवासीर नहीं होती है. शायद जिसे आप बवासीर समझने की गलती कर रहे हों, वह एनल फिशर भी हो सकता है. दरअसल कई बार एनल कैनाल के आसपास के हिस्से में दरारें जैसी बन जाती हैं, इसी को फिशर कहा जाता है. ये दरारें मामूली ये बेहद बड़ी हो सकती हैं. बड़ी दरारें होने में इनसे खून भी आ सकता है और ये लगातार होने वाले दर्द, जलन और असहजता का कारण बन सकती हैं. कब्ज से पीड़ित लोगों को इस बीमारी के होने का खतरा अधिक होता है, क्योंकि कब्ज की स्थिति में कठोर मल गुदा के अस्तर में दरार का कारण बन सकता है. हालांकि सही तरह से साफ-सफाई कर व कुछ घरेलू उपचार की मदद से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. आइए इस लेख के माध्यम से एनल फिशर के घरेलु उपचार के बारे में जानें.
ऑलिव ऑयल
ऑलिव ऑयल अर्थात जैतून के तेल में स्वस्थ वसा काफी होती है, जोकि मल त्याग को आसान बनाती है. इसके साथ-साथ इसके सूजन व जलन कम करने वाले गुण एनल फिशर का कारण होने वाले दर्द को कम करते हैं. वर्ष 2006 में साइंटिफिक वर्ल्ड जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, एनल फिशर से पीड़ित रोगियों में ऑलिव ऑयल, शहद और मोम के मिश्रण के उपयोग से फिशर का कारण होने वाले दर्द, खून बहने व खुजली आदि लक्षणों में कमी आई. समान मात्रा में ऑलिव ऑयल, शहद और मोम को मिला लें. अब इसे माइक्रोवेव में तब तक गर्म करें, जब तक कि मोम पूरी तरह पिघल न जाए. इसके ठंडा हो जाने के बाद प्रभीवित क्षेत्र पर इसे लगाएं. दिन में कई बार इसका उपयोग करें. 
एलो वेरा
एलोवेरा प्राकृतिक चिकित्सा शक्तियां और दर्द से राहत दिलाने वाले गुण होते हैं, जोकि एनल फिशर के लक्षणों कम कर सकते हैं और क्षतिग्रस्त त्वचा ऊतकों की मरम्मत में सहायक होते हैं. साल 2014 में यूरोपियन रिव्यु फॉर मेडिकल एंड फार्माकोलॉजिकल साइंसेज प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि एलोवेरा जूस युक्त टॉपिकल क्रीम, क्रोनिक एनल फिशर के उपचार में लाभदायक थी. एक एलोवेरा के पत्ते को काटें और इसके आड़े टुकड़े कर, एक चम्मच की मदद से इसका जेल निकाल लें. प्रभावित क्षेत्र पर इस जेल को लगाएं. दिन में कई बार इसका उपयोग करें.
हॉट बाथ
एनल फिशर के कारण होने वाली असुविधा को कम करने और चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिये, हॉट बाथ ली जा सकती है. इससे गुदा क्षेत्र में रक्त के प्रवाह को सुचारू करने में मदद मिलती है, जिससे मामूली दरारों और ऊतक के विभाजन को ठीक करने में सहायता होती है. यह दर्द, सूजन और खुजली को भी कम करने में मदद करता है. एक बड़े बाथ टब को कुनकुने पानी से भर लें. इसमें लैवेंडर तेल की कुछ बूंदें डालें और अच्छी तरह से मिला लें. अब 15 से 20 मिनट के लिए कमर के बल बाथटब में बैठें. इस बाथ में दिन में 2 से 3 बार लें. आप चाहें तो साधारण गर्म पानी से भी मल त्याग के बाद सेक ले सकते हैं. 
नारियल तेल
नारियल तेल भी एनल फिशर के लिये एक असरदार घरेलू उपाय है. मध्यम श्रृंखला ट्राइग्लिसराइड्स युक्त नारियल तेल आसानी से त्वचा में प्रवेश कर जाता है, और प्रभावित क्षेत्र को चिकनाई प्रदान कर घाव भरने की प्रक्रिया शुरू कर देता है. गुदा को दबाने वाला अंग पर दिन में 2 से 3 बार नारियल तेल लगाएं. क्रोनिक फिशर होने पर इसे दिन में कई बार प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. अगर आप कब्ज या किसी प्रकार की पाचन समस्याओं से पीड़ित हैं, तो अपने आहार के में नारियल तेल शामिल करने की कोशिश करें.

Treatment Of Piles - पाइल्स का इलाज

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Treatment Of Piles - पाइल्स का इलाज

पाइल्स में गुदा के अंदर और गुदा के आसपास की जगह पर सूजन होती है. गुदा नलिका बड़ी आंत का अंतिम भाग है और लगभग 4 सेमी लंबा होता है जो गुदा नलिका के निचले सिरे पर बाहर की ओर खुलता है जिसके माध्यम से मल पास होता है. बवासीर एक बहुत ही दुख और तकलीफ देने वाला रोग होता है जिसमें अत्यधिक दर्द होने के कारण रोगी बहुत अधिक परेशान और दुखी हो जाता है. मुख्य रूप से बवासीर 2 प्रकार की होती है - आंतरिक और बाहरी. आंतरिक बवासीर वो होती है जो गुदा नलिका के अंदर 2-3 सेंटीमीटर ऊपर होती है. आंतरिक बवासीर आम तौर पर पीड़ारहित होती है क्योंकि ऊपरी गुदा नलिका में कोई दर्द तंत्रिका फाइबर नहीं होता है. आइए पाइल्स यानी बवासीर के इलाज पर प्रकाश डालें..
 

पाइल्स का इलाज
ज़्यादातर मामलों में, बिना कोई इलाज किये बवासीर अपने आप ठीक हो जाता है. बहुत सारे मरीज़ों ने यह पाया हैं कि इलाज से काफी हद तक पीड़ा और खुजली में आराम मिलता है. जीवनशैली में परिवर्तन एक अच्छा डॉक्टर शुरूआती तौर पर जीवनशैली में परिवर्तन लाने के लिए कहेगा. कब्ज़ होने की वजह से मल त्यागते वक़्त बहुत ज़ोर लगाया जाता है जिसकी वजह से बवासीर होता है. आहार में परिवर्तन करने से मल नियमित और मुलायम हो हो सकता है.
अपने खाने में ज़्यादा से ज़्यादा फाइबर, जैसे की फल और सब्जियां, शामिल करना चाहिए और नाश्ते में अनाज की जगह चोकर शामिल करना चाहिए. पानी बहुत ही उत्तम पेय पदार्थ है, और मरीज़ों को यह सलाह दी जाती है कि वह ज़्यादा से ज़्यादा पानी का सेवन करें. साथ ही उन खाद्य पदार्थ जिनमें कैफीन होता है, उनका सेवन कम करें. अगर मरीज़ मोटा है तो, वज़न कम करने से बवासीर की तीव्रता को रोका जा सकता है. बहुत आसान चीज़ों से आप अपने आप को बवासीर होने से बचा सकतें हैं: मल त्यागते वक़्त बहुत ज़ोर न लगाए जुलाब से दूर रहें व्यायाम करें.
 

दवाइयां मरहम, क्रीम, पैड्स या दूसरी दवाइयां
बहुत सारी तुरंत लगाने वाली दवाइयां हैं जिससे मलाशय के आस-पास होने वाली लालिमा और सूजन में आराम मिलता है. जिसमे से कुछ में विच हेज़ल, हीड्रोकॉर्टिसोने जैसी सक्रिय सामग्री होती है जिससे खुजली और दर्द में आराम मिलता है. यह ध्यान रखें की इनसे बवासीर ठीक नहीं होता, इनसे सिर्फ लक्षण ठीक किये जातें हैं. इन्हे सात दिन तक लगातार इस्तेमाल करने के बाद, इस्तेमाल न करें - ज़्यादा समय तक इस्तेमाल करने से मलाशय में परेशानी और उसके आस-पास की त्वचा पतली हो सकती है. डॉक्टर से परामर्श लिए बिना दो या दो से ज़्यादा दवाइयों का एक साथ इस्तेमाल न करें.
 

कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स - इससे जलन और दर्द कम होता है.

  • दर्द निवारक दवाइयां - अपने केमिस्ट से उपयुक्त दर्द निवारक दवाइयों के बारे में पूछे – जैसे कि पैरासिटामोल.
  • जुलाब - अगर कोई मरीज़ कब्ज़ से झूझ रहा है तो डॉक्टर उसे यह लेने कि सलाह दे सकतें हैं.
  • बैंडिंग - डॉक्टर मलाशय के अंदर, बवासीर के तले के आस-पास इलास्टिक बैंड लगा देंगे, जिससे खून की आपूर्ति रुक जाएगी और कुछ दिन बाद बवासीर झड़ कर निकल जाएगा. यह इलाज बवासीर की ग्रेड 2 और 3 के लिए काम करेगा.
  • सर्जरी स्क्लेरोथेरपी - एक दवाई दी जाती है जिससे बवासीर सिकुड़ जाता है और अंत में सूख जाता है. यह बवासीर के ग्रेड 2 और 3 में प्रभावी है, यह बैंडिंग का विकल्प है.
  • इंफ्रारेड कोएगुलशन - इसे इंफ्रारेड लाइट कोएगुलशन भी कहतें हैं. इसका इस्तेमाल बवासीर की ग्रेड 1 और 2 में किया जाता है. यह एक तरह का यन्त्र है जिससे बवासीर के मस्सों की जमावट को रोशनी द्वारा जला दिया जाता है.
  • जेनेरल सर्जरी - इसे बड़ी बवासीर में इस्तेमाल किया जाता है या ग्रेड 3 या 4 की बवासीर में इस्तेमाल किया जाता है. अधिकतर सर्जरी तब की जाती है जब दूसरी प्रकिरियाओ से आराम नहीं पड़ता. कभी-कभी सर्जरी आउटपेशेंट प्रक्रिया की तरह की जाती है, यानी जिसमें मरीज़ सर्जरी की प्रक्रिया पूरी होने पर घर जा सकता है.
  • हेमोर्रोइडेक्टमी - बहुत सारे ऊतक जिनकी वजह से खून आ रहा है उसे सर्जरी द्वारा हटा दिया जाता है. इसे बहुत सारे तरीकों से किया जाता है. इसमें स्थानीय एनेस्थेटिक, बेहोश करने की प्रक्रिया, रीढ़ की हड्डी में दिया जाने वाला एनेस्थेटिक और सामान्य अनेस्थेटिक का मेल इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह की सर्जरी बवासीर को जड़ से मिटाने में कारगर है, लेकिन इसमें जटिलताएं पैदा होने का जोखिम है, जैसे की मल निकलने में दिक्कत और मूत्र पथ में संक्रमण.
  • हेमोर्रोइड को बांधना - बवासीर की ऊतक की तरफ हो रहे खून के बहाव को रोक दिया जाता है. यह प्रक्रिया हेमोर्रोइडेक्टमी से कम दर्दनाक होती है. लेकिन बवासीर के फिर से होने का और मलाशय के आगे बढ़ना का जोखिम बढ़ जाता है.

Ayurvedic Treatment Of Wart - मस्से का आयुर्वेदिक उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
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Ayurvedic Treatment Of Wart - मस्से का आयुर्वेदिक उपचार

मस्से की समस्या ऐसी है कि ये कई लोगों को इरिटेट करती है. ये त्वचा पर लगभग फोड़े जैसी शक्ल में दिखाई पड़ती है. लेकिन ये फोड़ा-फुंसी नहीं होता है. ये कोई बहुत गंभीर समस्या तो नहीं है लेकिन इसे इसे हल्के में लेना भी ठीक नहीं है. यदि आपको इसके साथ कोई और समस्या हो या फिर इस दौरान दर्द हो तो आपको चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए. मस्से कि समस्या से पीड़ितों की संख्या भी अब अच्छी-ख़ासी है. मस्से हमारे त्वचा पर एक उपज की तरह होते हैं. इसके साथ ही ये सुसाध्य भी समझे जाते हैं. हालांकि ये कैंसरयुक्त तो नहीं होते हैं लेकिन फिर भी इनसे ग्रसित कई लोग इन्हें निकालने के लिए परेशान रहते हैं. इसके पीछे कारण ये है कि मस्से त्वचा पर अच्छे नहीं लगते हैं. यहाँ आपको ये भी बता दें कि आपके शरीर पर मस्से 'ह्युमन पैपिल्लोमा वाइरस' के कारण विकसित हो पाते हैं. इसके अलावा हमारे शरीर कि त्वचा पर बेडौल और रुखी सतहों का विकसित होना भी मस्सों के लक्षण हो सकते हैं. ज़्यादातर बार मस्से अपने आप विकसित होकर अपने आप ही गायब भी हो जाते हैं. हलांकी कुछ मस्से अत्याधिक पीड़ादायक साबित होते हैं. ऊपर से ये फैलते भी बहुत तेजी से हैं. आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि इनमें से कई मस्से तो बरसों तक बने रहते हैं. इसलिए इनका उपचार बेहद आवश्यक है. तो आइए इस लेख के माध्यम से हम आपको मस्से का कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताएं.
बरगद के पत्तों से
बरगद का पेड़ हमारे यहाँ काफी लोकप्रिय है. इसी के नीचे भगवान बुद्ध, बुद्धत्व को प्राप्त हुए थे. आपको जानकर हैरानी होगी कि इसके पत्ते का रस मस्सों के उपचार के लिए बहुत ही प्रभावी साबित होता है. इसके इस्तेमाल से त्वचा मुलायम भी हो जाती है और मस्से अपने आप गिरने लग जाते हैं.
हल्दी पाउडर के द्वारा
हल्दी पाउडर का इस्तेमाल किए बिना हमारे यहाँ भोजन नहीं बनता है. इसके सहायता से आप मस्सों का उपचार कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक चम्मच कोथमीर का रस लेकर उसमें एक चुटकी हल्दी डालकर इसका सेवन करने से मस्सों से निजात मिलती है.
आलू भी है उपचार
आलू के बिना सब्जियाँ कैसी लगेंगी? सभी सब्जियों में आलू कॉमन होता है. इसके इस्तेमाल से आप मस्सों से छुटकारा पा सकते हैं. इसके लिए कच्चे आलू के एक स्लाइस को आप नियमित रूप से दस मिनट तक मस्से पर लगाकर रखें इससे लाभ मिलेगा.
केले का छिलका
केले के छिलके कि सहायता से आप मस्से को दूर कर सकते हैं. इसके लिए आपको केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर रखकर उसपर एक पट्टी बांध लें. नियमित रूप से दिन में दो बार लगातार ऐसा करने से मस्से ख़तम हो जाते हैं.
अरंडी के तेल कि सहायता से
यदि आप अरंडी का तेल नियमित रूप से मस्सों पर लगायें तो इससे भी मस्से नरम पड़ सकते हैं. कुछ दिन तक इसे लगाते रहने से मस्से धीरे धीरे गायब हो जायेंगे. आप चाहें तो अरंडी के तेल के बदले कपूर के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
लहसुन के इस्तेमाल से
मस्से को दूर करने के लिए लहसून के एक टुकड़े को पीसकर रखें. हलांकी ये ध्यान रखें कि ये बहुत महीन न हो और इस पीसे हुए लहसून को मस्से पर रखकर इसे पट्टी से बांध लें. इससे भी मस्सों के उपचार में काफी सहायता मिलती है.
कारगर है मौसम्मी का रस
मौसम्मी के रस कि एक ताजा बूँद यदि आप अपने मस्से पर नियमित रूप से लगाएँ तो इससे भी काफी राहत मिलती है. लगाने के बाद इसपर पट्टी बाँध लें. दिन में 3-4 बार ऐसा करने पर आपके मस्से गायब हो जाएंगे.
अम्लाकी से
अम्लाकी का रस भी मस्सों को दूर करने में सहायक साबित होता है. इसका रस आपको मस्सों पर तब तक मलते रहना होगा जब तक कि मस्से उस रस को सोख न लें. इसके बाद अम्लाकी के रस को मस्से पर मल कर पट्टी से बांध लें.
अन्य विभिन्न तरीके
इसके लिए आपको बंगला, मलबारी, कपूरी, या नागरबेल के पत्ते के डंठल का रस मस्से पर लगाने से मस्से झड़ जाते हैं. यदि तब भी न असर न हो तो आपको पान में खाने का चूना मिलाकर घिसना चाहिए.

How To Soften Hair? - बाल मुलायम कैसे करे

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How To Soften Hair? - बाल मुलायम कैसे करे

बालों से हमारी खूबसूरती में इजाफा तो होता ही है, व्यक्तित्व भी निखर जाता है. इसलिए बालों को संवारने और इसे खुबसुरत बनाने के लिए कई तरह के साधन बनाये हैं हमने. बाजार में या पार्लर में कई तरह के साधन आपने भी देखे होंगे जिनसे बालों को मुलायम बनाया जा सकता है. लेकिन इसके साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं पर हम यहाँ आपको कुछ प्राकृतिक तरीके बता रहे हैं जिनके इस्तेमाल से आप अपने बालों को खुबसुरत बना सकते हैं.
बालों को मुलायम बनाने के तरीके
1. बालों की सफाई पर खास ध्‍यान दीजिए. यदि पसीना बालों की जड़ों में पहुंचता है तो यह बालों को नुकसान पहुंचाता है, इससे बचने के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार बालों की सफाई अवश्‍य करें.
2. सिर की त्वचा के छिद्र बंद होने और ऑक्सीजन भीतर न जाने के कारण बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं. इसलिए हर दूसरे दिन शैंपू के बाद बालों की अच्छी तरह धुलाई बेहद जरूरी है.
3. धूप, गर्मी और लू के कारण भी बाल कमजोर होते हैं. इसलिए बालों में हेयर सीरम और सनब्लॉक जरूर लगाएं. बाहर जब भी निकलें तो सिर ढक कर निकलें ताकि सूर्य की नुकसानदेह अल्ट्रावॉयलेट किरणें सीधे बालों पर न पडें.
4. हफ्ते में एक बार हॉट ऑयल मसाज करें. फिर कुछ देर गर्म पानी में तौलिये को भिगोकर निचोड़कर सिर पर लपेटें. इसके बाद मेथी दाना पैक लगाएं और आधे घंटे बाद शैंपू कर लें. यह बालों को मजबूती प्रदान करेगा और चमक भी प्रदान करेगा. 
5. खट्टी दही में चुटकी भर फिटकरी और थोड़ी सी हल्‍दी मिला लें, इस मिश्रण को सिर के बालों में लगाने से सिर की गंदगी तो दूर होती ही, साथ ही सिर में फैला संक्रमण भी दूर होता है. इस क्रिया को करने से सिर के बाल निखर उठते हैं.
6. अपने आहार में हरी सब्जियां, अंडा, दूध और फल शामिल करें. अधिक से अधिक तरल पदार्थ लें. ताकि शरीर में पानी की कमी न हो.
7. दो ग्लास पानी में एक चम्मच चाय की पत्ती डालकर आधा होने तक उबालें. फिर इसमें एक नीबू का रस डालें. इस मिश्रण से बालों को धोने से उनमें चमक आ जाती है.
8. मसूर की दाल धोने के बाद उसके बचे हुए पानी से शैंपू के बाद बाल धोएं. फिर देखिए बाल रेशम जैसे हो जाएंगे.
9. अगर आपके बाल रूखे हो रहे हैं तो दो चम्मच शहद और दो चम्मच रम को शैंपू करने के बाद पानी में डालकर बाल धो लें. आपके बाल रेशम से मुलायम हो जाएंगे.
10. बेर की पत्तियों व नीम की पत्तियों को बारीक पीसकर उसमें नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाकर दो घंटे बाद धो लें, बाल रेशमी और चमकदार होंगे.
11. बड़ के दूध में एक नींबू का रस मिलाकर सिर में आधे घंटे तक लगा रहने दें. उसके बाद सिर को गुनगुने पानी से धो लें. बालों का गिरना बंद होगा ही साथ ही बालों की खोई चमक वापिस आयेगी.
12. गुड़हल की पत्तियां प्राकृतिक हेयर कंडीशनर का काम करती हैं. इसका प्रयोग करने से बाल समय से पहले सफेद नहीं होते और बालों का झड़ना भी बंद होता है.
13. दो चम्मच ग्लीसरीन, 100 ग्राम दही, दो चम्मच सिरका, दो चम्मच नारियल का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को आधा घंटे तक बालों में लगाएं फि‍र पानी से बालों को साफ करें. बाल चमकने लगेंगे.
14. बालों में कुछ देर के लिए खट्टी दही लगाएं फिर गुनगुने पानी से बाल धो डालें. बाल एकदम मुलायम हो जाएंगे.

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Hastmaithun Rokne Ke Upay - हस् तमैथुन रोकने के उपाय

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Hastmaithun Rokne Ke Upay - हस् तमैथुन रोकने के उपाय

कम उम्र में अक्सर लड़के विपरित लिंग के प्रति आकर्षित हो जाते हैं. इस समय अगर उन्हें उचित सलाह या यौन शिक्षा नहीं मिले तो इसके परिणाम बेहद डरावने हो सकते हैं. ऐसा ही एक कारण हस्तमैथुन भी है. इस आदत को अच्छा या बुरा नहीं कहा जा सकता. अगर आपको वाकई इसकी जरूरत महसूस होती है तो इसे किया जा सकता है. अन्यथा किसी और के दबाव में इसे करने की कोई जरूरत नहीं है. ये भी ध्यान रखें कि ये आदत लत बन जाए तो बेहद हानिकारक हो सकती है. तो चलिए बताते हैं कि हस्‍तमैथुन की लत से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है.
हस्‍तमैथुन रोकने के उपाय
एक परिपक्व समझ विकसित करना

उम्र के इस पड़ाव पर शरीर में होने वाले बदलाओं को लेकर उत्सुकता होती है. कई बार ये उत्सुकता गलत रास्ते पर भी ले जाती है. जिसका खामियाजा आगे जाकर भुगतना पड़ता है. इसलिए बेहतर है कि आप एक परिपक्व समझ विकसित करें.
दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति
दृढ़ संकल्प से आप हस्‍तमैथुन की लत छोड़ सकते हैं. इसके साथ ही जब भी हस्तमैथुन की इच्छा हो तब अपना ध्यान किसी अन्य काम में लगा लें या कोई अच्छा साहित्य पढ़ें या फिर अपनी पसंद का कोई और काम करने लग जाएं. कुल मिलाकर अपना दिमाग कुछ सकारात्मक कामों में लगाएं.
आकर्षण वाला समय
अक्सर लालच तभी आता है जब हम कमजोर होते हैं, जब हम पर दबाव होता है या हम नाराज, या उदास होते हैं. तो आप ऐसे मौकों के लिए पहले ही एक रणनिती बना कर दिमाग में डाल लें, और इस आकर्षण वाले समय में खुद के लिए तैयार रक्षा विकल्पों में लग जाएं. जब आप इस स्थिति में खुद को व्यस्त कर लेते हैं तो इस लत से जल्द ही छुटकारा मिल जाता है.
गलतफहमियां
देखिए कुछ लोग मानते हैं कि एक गिलास दूध पी लेने और मांस खाने के बाद कितना भी हस्तमैथुन करने से कोई समस्या नहीं होती, और वे बार-बार हस्थमैथुन करते हैं और फिर इसके पहले या बाद में मांस आदि चीजें खा लेते हैं. इस तरह की गलतफहमियों को दिमाग से निकाल दें. क्योंकि इन चीजों के सेवन और हस्तमैथुन के बीच कोई संबंध नहीं है. इसलिए हस्थमैथुन को लेकर गलतफहमियां ना पालें.
वास्तविक उम्मीद
जब आप हस्तमैथुन के बिना लंबी अवधि गुजार देते हैं तो आपका आत्मविश्‍वास बढ़ने लगता है, और आप अच्छा महसूस करते हैं. लेकिन आपका मन कहीं न कहीं इसे करने के लिए आपको उकसाता भी है. तो ऐसे में ये समझने की कोशिश करें कि ये 5 या 10 मिनट का मजा आपकी इतने दिन की मेहनत और इच्छाशक्ति के परीक्षण पर पानी फेर सकता है.
अध्यात्म की मदद
प्रार्थना और आध्यात्मिक अध्ययन हस्तमैथुन छोड़ने में महत्वपूर्ण मदद साबित हो सकते हैं. अध्यात्म न सिर्फ इच्छाशक्ति को मजबूत करता, बल्कि विचारों में शुद्धता भी लाता है. आप व्रत रख सकते हैं, आध्यात्मिक किताबें पढ़ सकते हैं या फिर योग भी कर सकते हैं, जो आपके शरीर और मन दोनों के लिए लाभदायक होते हैं.
पॉर्न से पाएं छुटकारा
सभी अश्लील सामग्री से छुटकारा पाएं. पोर्न सामिग्री न सिर्फ आपको हस्‍तमैथुन के लिए उकसाती है बल्कि अवसाद व तनाव का कारण भी बनती है. आपको इसके बारे में बहुत गंभीर होकर सोचना होगा और सभी पोर्न सामग्री को फैंकना होगा. यकीन मानिये ऐसा करने के बाद न सिर्फ आपकी हस्‍तमैथुन की लत छोड़ने में मदद होगी, बल्कि दिमाग भी शांत रहेगा. इसके सबसे बड़े स्रोत कंप्यूटर को ऐसी जगह शिप्ट करें जहां सबका आना-जाना हो, ऐसा करने से आप अपनी काफी मदद कर पाएंगे.
विशेषज्ञ की मदद
यदि अपरोक्त सभी तरीके अपनाने के बाद भी आप असफल रहते हैं और आपकी ये लत आपको गहरे तनाव की ओर ले जा रही है तो ये समय डॉक्टर से मिलकर सलाह व मदद लेने का है. इसके लिए आप किसी मनोविरज्ञानी या मनोचिकित्सक से मदद ले सकते हैं.

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Olive Oil Massage - जैतून का तेल की मालिश

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Olive Oil Massage - जैतून का तेल की मालिश

जैतून के तेल की काफी लोकप्रियता है, जाहिर है इसके लिए जैतून के तेल के विभिन्न गुण ही जिम्मेदार हैं. ये हमारी कई परेशानियों को दूर करने में मदद करता है. जो लोग बाजार से ऑलिव ऑयल लेते हैं उन्हें इसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि बाजार में कम गुणवत्ता वाले जैतून के तेल भी खूब बिकते हैं. सबसे अच्छा ऑलिव ऑयल उसे माना जाता है जो कोल्ड प्रेस्ड होता है. इसमें सबसे अच्छा स्वाद और गंध मौजूद होता है. जैतून के तेल की खास बात यह है कि इसका इस्तेमाल आंतरिक और बाह्य दोनों तरीके से किया जा सकता है. इसके अलावा इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य के साथ-साथ सुंदरता के लिए भी किया जाता है. आइए जैतून के तेल की मालिश से होने वाले फायदों को इस लेख के माध्यम से जानें.
1. वजन घटाने में
ऑलिव ऑयल में मौजूद स्वस्थ मोनो सैचुरेटेड फैट, पेट की चर्बी और वजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यदि सही मात्रा में इसका उपयोग किया जाए तो आप अपना वजन आसानी से कम कर सकते हैं. मोटापे से बचने के लिए आपको रोजाना एक से दो चम्मच ऑलिव ऑयल का प्रत्येक सुबह सेवन करना होगा.
2. सूजन के लिए
ऑलिव ऑयल में सूजन को कम करने के गुण भी मौजूद होते हैं. विशेष रुप से लंबे समय से चले आ रहे सूजन को कम करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. इसके अलावा कैंसर, अल्जाइमर, ह्रदय रोग, मधुमेह और गठिया जैसी बीमारीयों को भी दूर कर सकता है.
3. बालों के लिए
जैतून के तेल में फैटी एसिड और कई सारे एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ ही विटामिन ई भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है. इसमें मौजूद ये सभी तत्व, सूखे और क्षतिग्रस्त बालों के इलाज में काफी उपयोगी साबित होते हैं. इससे दो मुंह वाले बालों की समस्याओं का भी उचित समाधान होता है.
4. कोलेस्ट्रॉल को कम करने में
ऑलिव ऑयल का उपयोग करने से आपके शरीर में कम घनत्व कम घनत्व वाले लियोप्रोटीन या यूँ कहें कि खराब कोलेस्ट्रॉल में काफी कमी आती है. इससे धमनियों में संकुचन पैदा हो सकता है. इसके उलट जैतून का तेल हमारे शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी बढ़ाता है जो कि सुरक्षा सुरक्षा भूमिका निभाता है. जैतून के तेल की सहायता से आप का दिल मजबूत होता है और दौरा पड़ने की संभावना में कमी आती है.
5. कैंसर के उपचार में
जैतून के तेल में मौजूद पॉलीफाइनल एंटीऑक्सीडेंट्स आपके शरीर में सूजन को कम करने के साथ ही कैंसर के जोखिम को भी कम करते हैं. इसके लिए आपको शुद्ध जैतून के तेल का एक से दो चम्मच रोजाना इस्तेमाल करना चाहिए.
6. चेहरे के लिए
ऑलिव ऑयल को त्वचा की नमी के लिए एक अच्छा मॉइस्चराइजर माना जाता है. इसमें विटामिन ए और ई के साथ ही फैटी एसिड भी पाया जाता है. जिससे आपके शरीर की त्वचा में झुर्रियों का बनना तो रुकता ही है चेहरे पर पड़ने वाली लाइंस को भी रोकता है.
7. उच्च रक्तचाप में
ऑलिव ऑयल की सहायता से आप उच्च रक्तचाप में राहत पा सकते हैं. इसके अलावा खाने में जैतून का तेल इस्तेमाल करने से हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार आता है. इससे रक्तचाप की समस्या भी दूर होती है.
8. हड्डियों की मजबूती के लिए
जैतून के तेल की मालिश करने से आपके शरीर की हड्डियों मैं मजबूती आती है. ऑलिव ऑयल के इस्तेमाल से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी कम होता है. इसलिए हड्डियों के स्वस्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसका इस्तेमाल करें.
9. दिमाग के लिए
जैतून के तेल के नियमित इस्तेमाल से संज्ञानात्मक जोखिम को कम किया जा सकता है. इसके साथ ही दिमाग में होने वाली परेशानियों जैसे अल्जाइमर डिमेंशिया को दूर करने में भी इसकी भूमिका होती है. इसके अलावा ये डिप्रेशन के खतरे को कम कर सकता है.
10. मधुमेह के उपचार में
शुद्ध जैतून के तेल का इस्तेमाल हम मधुमेह में भी कर सकते हैं. क्योंकि यह शर्करा को नियंत्रित करके इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है. इसके साथ ही जैतून का तेल ट्राइग्लिसराइड के स्तर को भी बनाए रखने में मददगार है.

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Onion Juice For Hair - प्याज का रस बालों के लिए

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Onion Juice For Hair - प्याज का रस बालों के लिए

प्याज का इस्तेमाल हमारे देश में खूब किया जाता है. खाने में नियमित रूप से इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं. प्याज के इन्हीं औषधीय गुणों में से एक है प्याज के रस को बालों में लगाना. इसका वैज्ञानिक नाम एलियम सेपा है. आपको बता दें कि प्याज में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट मानव शरीर में मौजूद मुक्त कणों को निष्क्रिय करने में बहुत प्रभावी होते हैं. प्याज का इस्तेमाल विभिन्न औषधीय प्रयोजनों के लिए सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है. आज पूरे विश्व पर विकसित और खेती किए जाने वाले वाले पौधे में प्याज का भी नाम आता है. कुछ प्राचीन संस्कृतियों में प्याज का पूजा करने का भी उल्लेख मिलता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्याज कम भूख वाले और एथरोस्क्लेरोसिस से पीड़ित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं. कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं कि प्याज पुराने अस्थमा, एलर्जी ब्रोंकाइटिस, आम सर्दी से संबंधित खांसी और ठंडे सिंड्रोम वाले रोगियों के लिए बहुत ही अच्छा इलाज होते हैं. प्रस्तुत लेख में हम प्याज के रस का बालों के लिए उपयोग जानेंगे.
 

कौन-कौन से गुण हैं प्याज में?
प्याज में कई मूल्यवान औषधीय गुणों कि मौजूदगी होती है. प्याज में इतने सारे औषधीय गुण इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों जैसे विटामिन, खनिज, आर्गेनिक यौगिक आदि से आते हैं. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम, सेलेनियम और फास्फोरस आदि जैसे खनिज भी प्राचुर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा ये विटामिन सी, विटामिन बी 6 और आहार फाइबर का भी एक बढ़िया स्रोत है.
 

प्याज का रस बालों के लिए
जूँ और बालों के झड़ने से छुटकारा पाने के लिए आप अपने बालों या स्कैल्प पर प्याज के रस का इस्तेमाल करें. इससे काफी लाभ मिलता है. इसके लिए आप प्याज के रस को बालों में लगायें और उंगलियों से हल्का-हल्का मालिश करें. इसके थोड़ी देर बाद अपने बालों कों अच्छी तरह से धो लें. इससे आपके बालों का झड़ना निश्चित रूप से कम हो जाएगा. साथ ही इससे रूसी आदि की भी समस्याएं दूर होंगी और बालों का प्राकृतिक रंग बना रहेगा. यह एक प्राकृतिक कंडीशनर के रूप में भी काम करता है.
इस  प्रक्रिया में हम आपको बतायेंगे कि कैसे एक लाल रंग का प्याज सफ़ेद बालों का उगना और बालों का झडना रोकने में उपयोगी हो सकता है. हमारे बालों का विकास हमारे जींस पर निर्भर करता है. लेकिन कई कारणों की वजह से हमारे बालों का विकास या तो बिलकुल ही रुक जाता है या फिर बहुत कम हो जाता है. इसे दूर करने के लिए आप निम्नलिखित विधियों को इस्तेमाल में लाएं.
प्याज का रस
बालों को झड़ने से रोकने के लिए सबसे पहले 3-5 प्याज छीलें और उन्हें अच्छे से पीस लें. इस पेस्ट को अपने हाथों से निचोड़कर इसका रस निकाल लें. अब इस रस को अपने सिर पर तथा बालों पर लगाकरके इस रस को सिर पर आधे घंटे तक रहने दें. इसके बाद एक हलके शैम्पू का प्रयोग करके इसे धो दें. हफ्ते में 3 बार इस पद्दति का इस्तेमाल करने से मनचाहे परिणामों मिलने शुरू हो जाएंगे.
प्याज का रस और शहद का उपचार
इसको इस्तेमाल करने के लिए आपको चाहिए एक कटोरी में 2 चम्मच शहद और इसमें एक चौथाई कप प्याज का रस. इन दोनों को ठीक से मिलाकरके इसे अपने सिर पर मसाज करते हुए धीरे धीरे लगाएं. यदि आप एकदम बेहतरीन परिणाम चाहते हैं तो इस प्रक्रिया का प्रयोग हफ्ते में 3 बार करें.
प्‍याज ऑलिव ऑयल नारियल तेल पैक
आप अपने बालों के हिफाजत के लिए विभिन्न तरीकों के साथ ही प्याज का रस और जैतून के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिये कुछ पिसे हुए प्‍याज ले उसका रस निकाल लीजिए. उसमें चम्‍मच ऑलिव ऑयल और नारियल तेल मिलाइये. इस मिश्रण को बालों में लगाइए इसे 2 घंटे तक लगा रहने के बाद शैंपू से धो लें.
प्‍याज बियर और नारियल तेल
बियर और नारियल तेल को प्‍याज के गूदे के साथ मिलाइए और बालों में लगा लीजिये. इस मिश्रण को 1 घंटे तक बालों में रखना है इसके बाद शैंपू कर लेना है. इससे बलों में शाइन आएगी और वह घने दिखेगें.

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