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Mythri hospital

Internal Medicine Specialist Clinic

opp RML Church, Nehru Nagar Khammam
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Our mission is to blend state-of-the-art medical technology & research with a dedication to patient welfare & healing to provide you with the best possible health care....more
Our mission is to blend state-of-the-art medical technology & research with a dedication to patient welfare & healing to provide you with the best possible health care.
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Mythri hospital is known for housing experienced Internal Medicine Specialists. Dr. Bharath Vyas Marla, a well-reputed Internal Medicine Specialist, practices in Khammam. Visit this medical health centre for Internal Medicine Specialists recommended by 87 patients.

Timings

MON-SAT
10:00 AM - 01:00 PM

Location

opp RML Church, Nehru Nagar
Khammam, Telangana - 507002
Click to view clinic direction
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Doctor in Mythri hospital

Dr. Bharath Vyas Marla

MD - General Medicine, MBBS
Internal Medicine Specialist
13 Years experience
200 at clinic
₹300 online
Unavailable today
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High Blood Pressure Ke Prabhaw - हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
High Blood Pressure Ke Prabhaw - हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव!

वर्तमान समय में हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या बन कर उभरा है. इसके मरीज साल दर साल बढ़ रहे है. इस भागदौड़ से भरी जीवनशैली में, हम कई तरह के अनुचित आदतों को अपना लेते हैं जो हमारे शरीर पर प्रतिकूल या हानिकारक प्रभाव डालते है. इस भागदौड़ की ज़िंदगी में हम अनुचित खान-पान, एक्सरसाइज से दूर रहना, स्ट्रेस, पोषक तत्वों की कमी या फिर धूम्रपान और ड्रिंकिंग जैसे कई गलत आदतों में पड़ जाते हैं. यह सभी आदतें आपको हाई ब्लड प्रेशर की तरफ अग्रसर कर सकती है. भारत में होने वाली मौतों के लिए हाई ब्लड प्रेशर को चौथा कारण माना गया है. 

हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव बहुत गंभीर और जानलेवा हो सकता हैं. इस बिमारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग 90 % लोगों को हाई ब्लज प्रेशर के लक्षण का पता नहीं लगता है. इसी वजह से हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ के रूप  में भी जाना जाता है. जब धमनियों में ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है तो इस प्रेशर को हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं. 

हमारे शरीर में ह्रदय धमनियों के माध्यम से ब्लड को पुरे शरीर में पंप करती है. जब हमारा दिल धड़कता है तो वास्तव में यह ब्लड को पूरी बॉडी में पंप कर रह होता है. हाई ब्लड प्रेशर का प्रभाव शरीर के कई अंगो पर पड़ता है. इसलिए हाई ब्लड प्रेशर से बचाव करना महत्वपूर्ण है. आइए हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव को जाने और इससे बचाव कैसे करें. 

हाई ब्लड प्रेशर के कारण 

हाई ब्लड प्रेशर का कोई निश्चित कारण नहीं है, लेकिन कुछ संभावित कारण है जिसके वजह से आप हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित हो सकते है. इसमें उम्र बढ़ना, अनुवांशिक, मोटापा, स्ट्रेस, धूम्रपान और ड्रिंकिंग, अनुचित जीवनशैली जैसे कारक शामिल है. 

हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव

हाई ब्लड प्रेशर के कारण शरीर के कई अंगो पर हनिकारक प्रभाव पड़ता है. जो निम्नलिखित है:

  1. आँखों पर प्रभाव- हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव से आपके देखने की क्षमता कम हो जाती है. इसके कारण आपकी दृष्टि धुंधली पड़ जाती है और रौशनी कम होने लगती है. इसलिए आपको नियमित रूप से आँखों को जांच करने की सलाह दी जाती है. 
  2. दिल का दौरा- जब धमनियों में ब्लड का प्रेशर अधिक हो जाता है तो परिणामस्वरूप ह्रदय को अधिक काम करना पड़ता है. इस अधिक प्रेशर के कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है. 
  3. किडनी फेल हो सकती है-  हमारे शरीर से टॉक्सिक पदार्थ को बाहर निकालने का काम किडनी का होता है. जब ब्लड प्रेशर हाई होता है तो किडनी पर दबाब भी बढ़ जाता जाता है और ब्लड वेसल्स संकीर्ण हो जाती है. इसके साथ ही किडनी में टॉक्सिक पदार्थो को फ़िल्टर करने वाली कोशिकाएं भी प्रभावित होती है. इन सभी कारणों से किडनी आपने काम को सुचारु रूप से नहीं करता है और ब्लड में टॉक्सिक जमा होना लगते हैं. इस कारण से किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है. 
  4. मस्तिष्क पर प्रभाव-  जब आपकी उम्र बढ़ने लगती है और आप हाई बीपी से ग्रसित होते है तो इसका आपके मस्तिष्क पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है. इसके कारण आपके याददाश्त कमज़ोर होने लग जाती है, जिसे डिमेंशिया भी कहा जाता है. इसके अलावा, मस्तिष्क में खून की आपूर्ति कम हो जाती है और मष्तिष्क की सोचने समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है.  

हाई ब्लड प्रेशर से कैसे करें बचाव 

यदि आप हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित है या होने का खतरा है तो आप इस बिमारी से बचाव के लिए निम्नलिखित सुझाव का पालन कर सकते हैं:

स्वस्थ जीवनशैली: हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव से बचने के लिए सबसे पहले स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए. स्वस्थ जीवनशैली में नियमित शारीरक गतिविधि करना और  ड्रिंकिंग, स्मोकिंग जैसी आदतों से दूर रहना शामिल हैं. अगर आपका वजन अधिक हो तो वजन कम करना चाहिए. 

उचित आहार- आपको स्वस्थ रखने के लिए उचित आहार का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण है. यह आपके हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी सहायक होता है. इसके लिए आपको चर्बी और हाई फैट वाले आहार से दूर रहना चाहिए. आपको अपने नमक का सेवन पर भी नियंत्रण करना चाहिए. आप अपने आहार में तरबूज, नारंगी, केला, सेब, आम , नाशपाती, पपीता  और अनानास को शामिल करना चाहिए. इसके अलावा सलाद के रूप में खीरा, गाजर, मूली, प्याज़ और टमाटर आदि को भी सेवन करना चाहिए. उचित आहार आपको हाई ब्लड  प्रेशर के प्रभाव से बचाव करता है. 
 
योग और एक्सरसाइज- योग और अभ्यास हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए बहुत सहायक होते है. यह ना आपको केवल स्वस्थ रखता है बल्कि वजन नियंत्रण और बेहतर रक्त परिसंचरण के लिए भी फायदेमंद होता है. आपको हर दिन नियमित रूप से आधे घंटे एक्सरसाइज करनी चाहिए. योग अभ्यास भी बहुत सहायक होते है. कई तरह के योगासन है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करतें है जिनमे धनुरासन, भुंजागसन, ताङासन, वज्रासन आदि. योग और एक्सरसाइज हाई ब्लड प्रेशर के प्रभाव को कंट्रोल करतें है.

High Blood Pressure Kya Hota Hai - हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
High Blood Pressure Kya Hota Hai - हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है?

एक समय था, जब हाई ब्लड प्रेशर को केवल शहरों तक ही सीमित माना जाता था. लेकिन बढ़ते आधुनिकरण और अनुचित जीवनशैली के कारण इस बीमारी ने गांव -देहात तक अपनी पकड़ बना ली है. हाई ब्लड प्रेशर एक बहुत ही जटिल समस्या है और इस बिमारी में आपको पता नहीं होता कि आप कब इससे ग्रसित हो सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण बहुत ही अस्पष्ट होते है और इसी वजह से इसे साइलेंट किलर के रूप में भी जाना जाता है. एक अध्ययन के अनुसार, भारत की बात करें तो यहां 10 में से 3 व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है. भारत में हर वर्ष होने वाली मौत में हाई ब्लड प्रेशर को एक प्रमुख कारण माना गया है.

हाई ब्लड प्रेशर का इलाज संभव है. लेकिन हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है? ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती हैं. इसलिए, आज इस लेख में हम आपको बताएंगे कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है और इसका पता कैसे लगाया जाता है. साथ ही हाई ब्लड प्रेशर के क्या उपचार होते हैं. 

हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है 

हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है. जब ब्लड वेसल्स(नसों) में ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहते है. जब यह प्रेशर कम हो जाता है, तो इसे लो ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है. हमारे शरीर में हार्ट ब्लड वेसल्स के माध्यम से ब्लड को पूरे शरीर में पंप करता है. हमारे बॉडी में ब्लड को पंप करने के लिए एक निश्चित प्रेशर की जरुरत होती है. जब किसी कारण यह प्रेशर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है तो ब्लड वेसल्स पर अधिक दबाब पड़ता है और इस स्थिति को हाइपर टेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है. ब्लड वेसल्स पर बढ़ते प्रेशर के कारण ह्रदय को ज्यादा काम करना पड़ता है. यह स्थिति बाद में हार्ट फेल या दिल के दौरे का कारण भी बन सकती है. इसलिए, हाइपरटेंशन को जानलेवा बिमारी माना गया है. 

हाई ब्लड प्रेशर का प्रकार 

हाई ब्लड प्रेशर दो प्रकार का होता है. सिस्टोलिक प्रेशर और डायस्टोलिक प्रेशर - इस प्रेशर को हाईएस्ट रीडिंग और लोएस्ट रीडिंग भी कहा जाता है. सामान्य स्थिति में एक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90 से 140 तक होता है.  यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90 और 140 के स्तर से, कई दिनों तक ऊपर रहता है तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है. सिस्टोलिक रीडिंग 100 से 140 के बिच रहती है और डायस्टोलिक रीडिंग 60 से 90 के बीच में रहती है. इसके अलावा व्यक्ति का ब्लड प्रेशर इस बात पर भी निर्भर करता है कि मांशपेशियों में संकुचन हो रहा है या नहीं. 

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण 

आमतौर पर हाइपरटेंशन को मूक हत्यारा के रूप में जाना जाता है. इसलिए इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते है. जब तक कि इससे पीड़ित व्यक्ति को कोई गंभीर समस्या जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आदि उत्पन्न नहीं होता है, तब तक वे इस बीमारी से अवगत नहीं हो पाते हैं. इसलिए आपको सामान्य स्थिति में भी ब्लड प्रेशर की नियमित चेक अप करवाना चाहिए. इसके साथ ही आपको हेल्थी लाइफस्टाइल और डॉक्टर से परामर्श भी लेना चाहिए. हालाँकि, हाई बीपी के कुछ लक्षण है जो लोगों द्वारा अनुभव किए जाते हैं, जिनमें चक्कर आना, दर्द, धुंधला दिखना, उल्टी, नाक से खून बहना या सीने में दर्द होना इत्यादि शामिल है. 

हाई ब्लड प्रेशर के कारण 

हाई ब्लड प्रेशर के निश्चित कारण का पता लगाना मुश्किल होता है. अधिकांश लोगों को पता नहीं होता है कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है, इसी कारण यह रोग और भी घातक हो जाता है. हालाँकि, इसके कुछ संभावित कारण है जिसमे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है. हाई ब्लड प्रेशर के संभावित कारण निम्नलिखित हो सकते है:

  1. अनुवांशिकता- यदि आपके परिवार में किसी को भी हाई बीपी होता है, तो आप भी इस बीमारी के लिए प्रवण होते है.  इस स्थिति में आपको स्वस्थ जीवनशैली और उचित खानपान को अपनाना चाहिए. 
  2. उम्र - बढ़ती उम्र भी हाई बीपी के लिए एक प्रमुख कारण  है. उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी बढ़ जाता है. यह बिमारी महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में अधिक सामान्य हैं. हालाँकि, बुढ़ापे में महिलाओं और पुरुषों में हाई बीपी का खतरा सामान्य हो जाता है. 
  3. मोटापा - सामान्य से अधिक वजन रखने वाले लोगों के लिए हाई बीपी का खतरा ज्यादा होता  है. 
  4. स्मोकिंग और ड्रिंकिंग - अत्यधिक  स्मोकिंग के कारण ब्लड वेसल्स संकीर्ण हो जाता है जो बीपी हाई का कारण बन जाती है. दूसरी तरफ, अत्यधिक अल्कोहल सेवन के कारण ब्लड में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, इससे ह्रदय को क्षति होती है और हाई बीपी का कारण बनता है. 
  5. अनुचित आहार- यदि आप अधिक नमक या हाई फैट वाले आहार का सेवन करते है तो आप भी हाई बीपी के लिए जोखिम रखते है. 
  6. स्ट्रेस- कई स्टडीज के अनुसार मेन्टल स्ट्रेस को भी हाई बीपी के लिए जिम्मेदार माना गया है.  

हाई ब्लड का इलाज 

किसी भी बीमारी से बचने के लिए सबसे पहले उपचार, रोकथाम और बचाव है. आपको सबसे पहले यह जानने की जरुरत है कि हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है और आप इसे कैसे रोक सकते है. यदि आपको बताए गए कारणों जैसे मोटापे या स्ट्रेस की वजह से हाई ब्लड प्रेशर है तो आपको  मोटापा कम करना चाहिए. 

साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए. इसके अलावा शराब का सेवन भी प्रतिबंधित करना चाहिए. आप नियमित रूप से ब्लड प्रेशर का चेकअप करवाते रहें और कोई लक्षण दिखने पर शुरुआत से ही इलाज शुरू करें. आपको नमक की सेवन पर नियंत्रण रखना चाहिए. आप बीपी को कंट्रोल करने के लिए योग की भी मदद ले सकते हैं. कई योग है जो बीपी कंट्रोल करने में मदद करते है. 

इनमें से कुछ निम्न इस प्रकार है - भुजंगासन, धनुरासन, वज्रासन, ताडासन और धनुरासन बहुत उपयोगी है. यदि अनुवांशिक कारणों से हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित है तो आपको डॉक्टर के साथ हाई ब्लड प्रेशर क्या होता है, इसके बारे में विस्तार से चर्चा करनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा निर्धारित किए गए दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए.

Shoulder Instability

MBBS, MS - Orthopaedics, Hand Surgery Fellowship
Orthopedist, Delhi
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A shoulder dislocation occurs when the bones of the upper arm snap out of your shoulder blade, generally after suffering a major injury. The joints of the shoulder are the most flexible body joints, thereby, making them more prone to dislocation. In most of the cases, a dislocated shoulder can be fixed within a few weeks’ time with the help of proper diagnosis.

Frequency Of Urination

MNAMS - Urology, MCh - Urology, DNB - General Surgery, MS - General Surgery, MBBS
Urologist, Delhi
Play video

People may have a confusion about how many time should we go to the washroom? The right answer is 5-7 times a day. You should at least drink 8-10 glasses of water. But if you have any issue related to the kidney, you should seek help.

How Is Chakra Healing Related To Ayurveda?

Ayurveda, Gurgaon
How Is Chakra Healing Related To Ayurveda?

Everything in our universe radiates energy. From living organisms to natural wonders, all radiate energy. The human body is not any exception and radiates energy as well. The human body is a very specialized system and it radiates many types of energy depending on the part of the body and its function.

There are several channels for the continuous flow of energy in and out of our body and these channels are known as chakras. This is the energy which influences our lifestyle significantly and plays a powerful impact over our happiness, health and other aspects of our daily lives which we cannot afford to miss out on.

Chakras have been present in ayurveda for thousands of years. The approach to Chakras is more on the spiritual side of human body and mind. Ayurveda says that a person’s ailments can be healed when he or she can uplift their chakras. Chakras make energy flow in and out of the body and along with it they can also revive the affected areas of their body or combat other factors which may be causing an ailment.

With the help of chakra healing a person can be treated from possibly any kind of disease. There are seven points in our body along which our chakras exist and each point is associated with a different set of organs or systems. So how is the concept of chakras related to healing?

Chakras And Healing

Chakra healing is related to ayurveda because it is not only spiritual in nature but there are a lot that goes into this form of healing. Long term dietary techniques are used in chakra healing and this requires the person to consume pure foods which are beneficial for the body.

The threefold approach in ayurveda for treating ailments is also used in chakra healing. These are Sattvavajaya, Daivachikitsa, Yuvi vyapashraya. All of these approaches are very much beneficial and has helped the people to recover from different intensity of diseases over the years.

● Chakra healing is related to yoga as well because the various yoga asanas affect the chakras. There are specific asanas which can be practised to target a specific chakra.

● Chakra healing is strongly related to ayurveda because the techniques and treatments used in ayurvedic treatments affect the various chakras of our body which in turn heals the body.

Examples-

Let us have a look at some brilliant examples which will help you to understand how chakras can help you get relief from different diseases. For example, a person may be suffering from intestinal problems and then takes help of ayurvedic treatment to get rid of that problem. The ayurvedic treatment helps in overcoming the problem by making the Root chakra function properly.

So as you can see that chakras can play a significant role in influencing, improving and enhancing your lifestyle and health in a brilliant manner.

Diabetic Foot & Revascularization In Them!

MBBS, DNB - Peripheral Vascular Surgery, DNB - General Surgery, MNAMS
Vascular Surgeon, Nashik
Diabetic Foot & Revascularization In Them!

When you have diabetes, your body does not produce enough insulin or loses the ability to utilize it. When this happens, your blood sugar level goes up. Diabetes can affect all organs of the body. Your feet are no exception.

How does diabetes affect the foot?

There are two ways in which the foot may be affected by diabetes -

  1. Diabetic neuropathyDiabetes can damage the nerves of the feet so that you lose all sensations in your extremities. So you can no longer feel any irritation or pain in your feet. If sores/cuts/blisters develop on your feet, you won’t know and they may fester and get infected.
  2. Peripheral vascular disease: This disorder affects the blood vessels of your limbs. Fatty deposits clog the blood vessels that carry blood from your feet to your heart. So blood flow is cut off to the feet. This may lead to pain, numbness, swelling, slow healing of wounds or infection.
  3. Ischemic foot: When blood flow to the feet is interrupted, you may develop an ischemic foot, which is characterized by cold skin, loss of hair from the legs and discoloration. In extreme cases, the affected foot may have to be amputated.

What are the symptoms of diabetic foot?
The range of symptoms depend on the intensity of the disorder and vary from one patient to another-

  • Tingling sensation in the feet
  • Numbness of the feet
  • Blisters or wounds that refuse to heal
  • Discoloration of the skin of the feet
  • Stains on the inside of your socks
  • Deformed feet

If an infection has set in, some symptoms that will manifest are-

  • Trembling of the limbs and arms
  • Spiking blood sugar
  • Shock
  • Redness and swelling of the feet

Complications
The complications that may arise out of diabetic foot are-

  • Ulcers of the foot
  • Abscesses
  • Gangrene and death of tissues
  • Charcot’s Foot or fractures and dislocations of the bones of the feet
  • Deformity of the feet

Revascularization for diabetic foot

Chronic diabetic foot can be treated with multiple revascularization methods like synthetic conduits, endarterectomy, balloon angioplasty, arteriovenous reversal, muscle flap transfer or atherectomy. These procedures eliminate the need for limb amputation. The aim of a revascularization procedure is to fix up the blood vessels that were blocked by bypassing the affected blood vessel so that blood can normally flow to your feet.

Along with revascularization, your doctor will recommend exercises like walking to increase supply of blood to the feet as well as medicines that will deal with the pain and swelling.

Diabetic foot can be a serious health threat that could lead to the limb being amputated. But with revascularization, you can get back on your feet in no time and resume your daily activities

How Homeopathy Helps With Headaches?

BHMS
Homeopath, Rourkela
How Homeopathy Helps With Headaches?

Homeopathy as a branch of medicine has evolved drastically over the years.  Unlike others, homeopathy's greatest advantage is its complete lack of side-effects and its ability to treat a myriad of diseases and ailments. One of the most common causes of concern for most people is a nagging perpetual head ache. Over the years, homeopathy has developed various medicines to confront and treat different kinds of headaches.

Some of the different kinds of headaches and homeopathic remedies associated with them are -

1. Throbbing and excruciating pain in the head

In case you are suffering from constant throbbing (or excruciating) pain with the agony occurring mostly in the front and right side of the head, Belladona is the most trusted medicine you must go for. Belladona works wonders in treating shooting pains that mostly aggravate through the course of the day. One of the most important advantages of Belladona is its ability to relieve you of the pain for a long time, with very less chance of any recurrence. 

2. Headache as a result of hangover or problems in digestion

Consumption of excessive alcohol or problems in digestion and constipation also contribute to a throbbing headache located mostly over one of the eyes. In such a scenario, the homeopathic medicine called Nux Vomica is extremely effective. This treats the headache emerging from the host of issues and also alleviates the lingering sensation of nausea and giddiness that are often accompanied with the pain.

3. Severe headaches that result in vomiting

Sometimes the pain may be located on the top of the head with its severity increasing with the advancement of the day. In case you are suffering from such a headache, chances are vomiting may follow as a result of the intensity. In such a situation, a medicine called Sanguinaria should be administered.  The medicine works best if you lie down after having it. 

4. Headache emerging from partial blindness

Headaches and vision are inextricably related. Therefore, in case you are suffering from partial blindness or any other visual disorder, chances are that a severe head ache will soon follow suit.  In such a situation, you could also suffer from nausea and tendencies of vomiting. The homeopathic medicine called Iris is extremely beneficial in reducing the intensity of such headaches.
 

My hight is 5.8 weight 87 kg .how can I reduce my weight. I hav problem of uric acid .plz suggest a diet chart.

BHMS, Diploma in Dermatology
Sexologist, Hyderabad
My hight is 5.8 weight 87 kg .how can I reduce my weight. I hav problem of uric acid .plz suggest a diet chart.
More tips to lose weight even faster: Eat a high-protein breakfast. Avoid sugary drinks and fruit juice. Drink water a half hour before meals. Choose weight loss-friendly foods.
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I am 12 weeks pregnant and having severe constipation, take 3 days gap to get released :(doc advised me some softener but it's not working also m drinking lot of water, intake of fiber fruits is also good but nothing works. Any home remedies pls. Also I noticed some acne on my face.

BHMS, Diploma in Dermatology
Sexologist, Hyderabad
I am 12 weeks pregnant and having severe constipation, take 3 days gap to get released :(doc advised me some softener...
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Just a day back was diagnosed with high bp 110/170 and Diabetes 235. Can it be reduced without taking medication by exercise and lifestyle changes.

Bachlor in homoeopathic
Homeopath, Pune
Just a day back was diagnosed with high bp 110/170 and Diabetes 235. Can it be reduced without taking medication by e...
Yes you can correct your life style nd fully nutritional food taking will surely console your condition try to apply all indications. Tc.
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