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Vanaja Hospital

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We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply....more
We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply.
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Vanaja Hospital is known for housing experienced Cardiologists. Dr. S. Naresh Kumar, a well-reputed Cardiologist, practices in Hyderabad. Visit this medical health centre for Cardiologists recommended by 48 patients.

Timings

MON-SUN
10:00 AM - 01:00 PM

Location

Sai Baba Temple Road, Sainathapuram Landmark : Beside Karur Vysya Bank
A.S Rao Nagar Hyderabad, Telangana - 500062
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Doctors in Vanaja Hospital

Dr. S. Naresh Kumar

MBBS
Cardiologist
Unavailable today
Unavailable today

Dr. Preethi Swaroop

MBBS, MD - Psychiatry
Psychiatrist
19 Years experience
Unavailable today

Dr. Geetha

Gynaecologist
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Dr. Naresh

MBBS
Cardiologist
Unavailable today

Dr. Uma Devi

Gynaecologist
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MBBS
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Ayurvedic Treatment Of Tuberculosis - क्षय रोग का आयुर्वेदिक उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Ayurvedic Treatment Of Tuberculosis - क्षय रोग का आयुर्वेदिक उपचार

क्षय रोग जिसे टीबी के नाम से भी जानते हैं, इसकी बिमारी ट्यूबरकल बेसिलाई नामक जीवाणु के द्वारा उत्पन्न होता है. इस बिमारी के प्रमुख लक्षणों में खाँसी का तीन हफ़्तों से ज़्यादा रहना, थूक का रंग परिवर्तित हो जाना या उसमें रक्त की आभा नजर आना, बुखार, थकान, सीने में दर्द, भूख में कमी, साँस लेते समय या खाँसते समय दर्द महसूस करना आदि शामिल हैं. टीबी  एक संक्रामक रोग है. यानी ये तपेदिक रोगी के खाँसने या छींकने से इसके जीवाणु हवा में फैल जाते हैं और उसको स्वस्थ व्यक्ति श्वसन के जरिए ग्रहण कर लेता है. हलांकि जो व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में ध्रूमपान या शराब का सेवन करते हैं, उन्हें इसके होने की संभावना ज्यादा रहती है. यदि आपको इसके लक्षण नजर आएं तो तुरन्त जाँच केंद्र में जाकर अपने थूक की जाँच करवायें और डब्ल्यू.एच.ओ. द्वारा प्रमाणित डॉट्स के अंतगर्त अपना उचित उपचार करवायें. ताकि पूरी तरह से ठीक हो सकें ध्यान रहे कि टी.बी. का उपचार आधा करके नहीं छोड़ना चाहिए. आइए अब हम आपको क्षय रोग के कुछ आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में बताएं.
लहसुन
लहसुन में मौजूद एलीसिन नामक तत्व टीबी के जीवाणुओं के विकास को बाधित करता है. क्षय रोग के उपचार में लहसुन का उपयोग करने के लिए आप एक कप दूध में 4 कप पानी मिलाकर इसमें 5 लहसुन की कली पीसकर मिलाएं और इसे चौथाई भाग शेष रहने तक उबालें. अब इसे उतारकर ठंडा होने पर दिन में तीन बार लें.
प्याज का रस और हिंग
क्षय रोग के मरीजों को नियमित रूप से सुबह और शाम को खाली पेट आधा कप प्याज के रस में एक चुटकी हींग मिलाकर एक सप्ताह तक पीना चाहिए. इससे आपको एक सप्ताह के बाद फर्क दिखना शुरू हो जाएगा.
शहद
क्षय रोग में आप सभी घरों में आसानी से मौजूद शहद का इस्तेमाल भी अपनी परेशानी को कम करने के लिए कर सकते हैं. इसके लिए 200 ग्राम शहद, 200 ग्राम मिश्री और 100 ग्राम गाय के घी को मिलाकर तीनों को 6-6 ग्राम दिन में कई बार चाटें. और बेहतरी के लिए ऊपर से गाय या बकरी का दूध भी पिलायें.
पीपल वृक्ष की राख
पीपल वृक्ष के छाल की राख का उपयोग भी टीबी के मरीज कर सकते हैं. इसके लिए 10 ग्राम से 20 ग्राम तक पीपल वृक्ष के राख बकरी को बकरी के गर्म दूध में मिला कर नियमित रूप से सेवन करें. इसमें आवश्यकतानुसार मिश्री या शहद भी मिला सकते हैं.
पत्थर के कोयले की सफ़ेद राख
टीबी के मरीज पत्थर के कोयले की सफ़ेद राख के आधा ग्राम को मक्खन मलाई अथवा दूध के साथ नियमित रूप से सुबह शाम खाएं तो लाभ मिलता है. फेफड़ों से खून आने वाले मरीजों के लिए ये बेहद प्रभावी है.
रुदंती वृक्ष की छाल
रुदंती नामक वृक्ष के फल से निर्मित चूर्ण से लगभग सभी प्रकार के असाध्य क्षय रोगी आसानी से ठीक हो सकते हैं. इसके लिए कुछ आयुर्वेदिक फार्मेसियां रुदंती के छाल से कैप्सूल भी बनाती हैं. इससे रोगियों को स्वास्थ्य लाभ मिलने का दावा किया जाता है.
केला
केला के ऊर्जा देने की क्षमता से लगभग सभी परिचित हैं. केला में मौजूद पोषक तत्व हमारे शरीर के प्रतिरक्षातन्त्र को मजबूती प्रदान करते हैं. इसके लिए आप एक पका केला को मसलकर इसमें एक कप नारियल का पानी मिलाकर इसमें आधा कप दही और एक चम्मच शहद मिलाकर इसे दिन में दो बार लें.
सहजन की फली
सहजन के फली को सब्जी के रूप में आपने भी इस्तेमाल किया ही होगा. आपको बता दें कि इसमें जीवाणु नाशक और सूजन रोधी तत्व मौजूद होते हैं. इसके यही गुण टीबी के जीवाणु से लड़ने में हमारी मदद करते हैं. इसके लिए आप मुट्ठी भर सहजन के पत्ते को एक गिलास पानी में उबालकर इसमें नमक, काली मिर्च और नींबू का रस मिलाएं.  अब नियमित रूप से सुबह खाली पेट इसका सेवन करें. इसके अलावा आप सहजन की फलियों को उबालकर सेवन करके अपने फेफड़ों को जीवाणु मुक्त कर सकते हैं.
आंवला
अपने अपने सूजन नाशक एवं जीवाणु रोधी गुणों के लिए आंवला मशहूर है. इसमें मौजूद पोषक तत्त्व शरीर की प्रक्रियाओं को ठीक ढंग से चलाने में मददगार हैं. इसके लिए आप 4-5 आंवले का बीज निकालकर इसका जूस बनाएं और इसका प्रतिदिन सुबह खाली पेट लें. यह टीबी रोगियों के के लिए अमृत के समान है. आप चाहें तो आंवला चूर्ण भी ले सकते हैं.
आक की कली
क्षय रोग के मरीजों को आक की कली खाने की सलाह भी दी जाती है. इसके लिए पहले दिन तो आपको ईसकी एक कली को निगल जाना है. फिर दुसरे दिन दो कली और तीसरे दिन तीन इसी तरह क्रमशः 15 दिन तक लेने से काफी लाभ मिलेगा.

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Ayurvedic Treatment Of Prostate - प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Ayurvedic Treatment Of Prostate - प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

लगभग 60 वर्ष की उम्र से ज्यादा के लोग ही प्रोस्टेट की समस्या से परेशान होते हैं. हलांकि लगभग तिस फीसदी लोग 30 या उससे ज्यादा के उम्र के भी हैं. प्रोस्टेट डिसऑर्डर की समस्या उत्पन्न होने का कारण प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ जाना है. आपको बता दें कि प्रोस्टेट ग्लैंड को पुरुषों का दूसरा दिल भी कहा जाता है. हमारे शरीर में पौरुष ग्रंथि कई आवश्यक क्रियाओं को अंजाम देती है. इसके कुछ प्रमुख कामों में यूरिन के बहाव को कंट्रोल करना और प्रजनन के लिए सीमेन निर्मित करना है. प्रारंम्भ में ये ग्रंथि छोटी होती है लेकिन बढ़ते उम्र के साथ इसका बिकास होता जाता है. लेकिन कई बार अनावश्यक रूप से इसमें वृद्धि नुकसानदेह है, इस समस्या को बीपीएच कहा जाता है.
 

प्रोस्टेट में अवरोध का कारण
प्रोस्टेट ग्रंथि में ज्यादा वृद्धि हो जाने के कारण मूत्र उत्सर्जन में परेशानी आने लगती है. इसके आकार में वृद्धि के कारण ही मूत्र नलिका का मार्ग अवरुद्ध हो जा जाता है. इसकी वजह से पेशाब रुक जाता है. अभी तक प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है. बढ़ती उम्र के साथ ही हमारे शरीर में होने वाला हार्मोनल परिवर्तन इसका एक संभावित कारण हो सकता है. आइए प्रोस्टेट के आयुर्वेदिक उपचार को जानें.
 

प्रोस्टेट ग्रंथि में गड़बड़ी के लक्षण
* पेशाब करने की आवृति में वृद्धि.
* पेशाब करने जाने पर धार के चालू होने में अनावश्यक विलम्ब होना.
* बहुत जोर से पेशाब का अहसास होना लेकिन पेशाब करने जानें पर बूंद-बूंद करके निकलना या पेशाब रुक-रुक के आना.
* मूत्र विसर्जन के पश्चात् मूत्राशय में कुछ मूत्र शेष रह जाना. इससे रोगाणुओं की उत्पति होती है.
* पेशाब करने  में पेशानी का अनुभव करना.
* अंडकोष में लगातार दर्द का अनुभव करते रहना.
* मूत्र पर नियंत्रण नहीं रख पाना.
* रात्री में बार-बार पेशाब की तलब लगना.
* पेशाब करते समय जलन का अनुभव करना.
 

प्रोस्टेट का आयुर्वेदिक उपचार

  • अलसी के बीज: प्रोस्टेट का उपचार करने के लिए आयुर्वेद काफी उपयोगी औषधियां उपलब्ध कराता है. अलसी का बीज प्रोस्टेट के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके लिए अलसी के बीज को मिक्सी में पीसकर पाउडर बनायें. फिर प्रतिदिन इसे 20 ग्राम पानी के साथ लें.
  • सीताफल के बीज: सीताफल के बीज में कॉपर, मैग्नीशियम, मैंगनीज, आयरन, ट्रिप्टोफैन, फ़ॉस्फोरस, फाइटोस्टेरोल, प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसके अलावा सीताफल के बीज को जिंक का भी स्त्रोत माना जाता है और इसमें बीटा-सिस्टेरॉल की भी मौजूदगी होती है जो कि टेस्टोस्टेरॉन को डिहाइडड्रोटेस्टेरॉन में परिवर्तित होने से रोकता है. प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की संभावना को ख़त्म करने के लिए आप सीताफल के बीजों को कच्चा, भूनकर या फिर दुसरे बीजों के साथ मिश्रित करके भी ले सकते हैं. यही नहीं आप इन बीजों को सलाद, सूप,पोहा आदि में भी डालकर खा सकते हैं. इनमें बहुत सारे पोषक तत्वों की मौजूदगी होती है.
  • सोयाबीन: प्रोस्टेट से छुटकारा दिलाने में सोयाबीन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सोयाबीन की सहायता से आप प्रोस्टेट का उपचार कर सकते हैं. प्रोस्टेट का उपचार सोयाबीन से करने के लिए आपको रोजाना सोयाबीन खाना होगा. ऐसा करने से आपका टेटोस्टरोन के स्तर में कमी आती है.
  • पानी के इस्तेमाल से: अपने दैनिक जीवन में हम सभी पानी पीते ही हैं. लेकिन कई लोग इसे ज्यादा महत्त्व नहीं देते हैं और वो उचित अंतराल या उचित मात्रा में पानी नहीं पीते हैं. ऐसा करने से आपके शरीर में कई अनियमिताएं आने लागती हैं. प्रोस्टेट की परेशानी के दौरान आपको नियमित रूप से पानी पीना लाभ पहुंचाता है.
  • चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करें: जब भी आपको प्रोस्टेट की समस्या हो तो आपको चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करें. आप देखेंगे कि चर्बीयुक्त और वसायुक्त भोजन का परहेज करने से प्रोस्टेट डिसऑर्डर में काफी लाभ मिलता है.
  • टमाटर नींबू आदि का खूब इस्तेमाल करें: टमाटर, नींबू आदि में विटामिन सी की प्रचुरता होती है. प्रोस्टेट डिसऑर्डर के दौरान आपको विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा लेनी चाहिए. इसलिए इस दौरान विटामिन सी की प्रचुरता वाले खाद्य पादार्थों का सेवन करना चाहिए.

5 Effective Management Tips For Kidney Stones!

MCH-Urology
Urologist, Delhi
5 Effective Management Tips For Kidney Stones!

Having a stone in any organ of the body can be a harrowing experience but having a stone in your kidney is the most dreadful experience of the lot. The presence of a kidney stone causes excruciating pain in the host’s pelvic area, and if the stone enters the urinary tract of the host, the misery of the patient increases manifold. The urinary tract may also get jammed due to the presence of the stone, thereby causing problems in the urinary flow of the patient.

Ways to Manage a Kidney Stone-
Consulting a doctor is the first thing you should do when suffering from a situation such as a kidney stone. Doctors will provide the patients with medicines to curb their pain and improve their health. But, one can very well improve their condition by some of the basic home remedies as well. The most common home remedies a patient can act upon to manage a kidney stone in the best possible way are:

  1. Drinking Water- By drinking water in large amounts, the kidney stone starts to break down into smaller pieces, and the elements of the stone get diluted slowly. Ultimately, due to the dilution of the elements of the stone, the stones pass through with the urine of the patient. By drinking the water, you will be passing urine faster than the normal rate. As the stone enters the urinary tract, there are chances that the stone may be passed out while urinating.
  2. Watching Diet- Kidney stone patients should be a bit cautious with the food they consume. They should try and not have food which has high acid content. Low cholesterol levels need to be maintained, so if you want to prevent this from happening you need to cut down on fried and junk food.
  3. High Calcium Intake- Having food which has a high calcium content will help in flushing the stones out. The calcium will combine with oxalates and crystalize them, thereby enabling it to pass it through the urinary tract of the patient.
  4. High lemon consumption- Lemon juice is filled with citrates. Citrates can easily break up the kidney stones into minute particles and give it a Sandy texture. Citrate also helps in moving the stone in the right direction. You can drink lemon juice directly or mix it with warm water and then consume it.
  5. Apple cider vinegar- This again contains a high amount of citric acid which worked very efficiently in our body. It manages to set everything in place. You will be able to digest food in a better manner and will also reduce the pain. It will break down the stone and then pass it. Apple cider vinegar can be consumed with a warm glass of water mixed with one spoon of honey.

Kidney stones is a pretty common yet a serious condition, therefore one should not take it lightly and should consult a doctor as soon as possible.

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Urological Health - 7 Tips to Maintain It!

MBBS, MS - General Surgery, MCh - Urology
Urologist, Lucknow
Urological Health - 7 Tips to Maintain It!

The urinary system in both men and women are susceptible to infections and many other internal disorders. Although many of the disorders may be caused due to underlying diseases or hereditary causes, many others may be caused due to bad life style habits as well as personal hygiene issues. Personal hygiene issues will not only lead to infections, but if left unchanged, may cause more serious problems such as tumors overtime. However, with the help of some basic tips and following some daily routine, you can ensure good urological health overtime. Some of these are mentioned below:

  1. Drink plenty of water daily: This is applicable to both men and women and it is important, especially in a country like India where hot and humid conditions prevail for most of the time. A common figure quoted most of the time is 2 to 3 liters of water daily although this is quite arbitrary and may change from person to person and climate to climate. What is important is that you should remain hydrated and calculate an ideal amount of water consumption. This is necessary to stop stone formation in the gallbladder, kidney, ureter and other areas of the genitourinary system.
  2. Cleaning tips for men: It is important to ensure proper hygiene for good penile health. Uncircumcised males should retract their foreskin while taking a bath and clean out the smegma or white accumulations from around the glans. This will reduce the chances of inflammations and urinary tract infections from occurring. Circumcised males should thoroughly wash the penis as well to keep it clean.
  3. Regular ejaculation: Men are advised to ejaculate regularly either through masturbation or through sexual stimulation as it is beneficial in many ways. Ejaculation helps clear the tracts, exercises the prostate and also keeps the pattern of proper blood flow to the penis active. It maintains urological health as well as you sexual health.
  4. Don’t hold your urine for too long: Although this is especially applicable for women, it can be bad for men too. Holding the urine within your body for too long may result in an infection and may also make your bladder muscles weaker resulting in urinary incontinence later in life. Women, especially should be careful as they have a shorter urethra leading from the bladder and thus are more prone to getting urinary tract infections in this manner.
  5. Avoid harsh soaps and use milder ones to regularly cleanse the groin area: The groin is one of the moistest areas, as it remains covered up most of the time. This makes it an ideal breeding ground for bacteria. It is important that you clean this area every day thoroughly with mild soap. Also, after urination, women should wipe front to back i.e. from the opening of the vagina towards the anus while wiping down after urinating or cleaning. This is to ensure that fecal bacteria don’t get into the vagina as it can cause a host of infections.
  6. Tips for sexual intercourse: It is important for both men and women to urinate, wash and clean after sexual intercourse as this can help clean the bacteria that may have come from one partner’s genitals into the other. Women should especially follow this advice as it can help keep many infections at bay.
  7. Changes in certain foods: Reduce caffeine intake through tea or coffee as it can irritate your bladder. It can also act as a diuretic which makes you urinate frequently. This will result in your bladder becoming weaker. Also reduce salt intake as it can increase blood pressure and end up damaging the kidney to the point of permanent kidney damage or kidney failure.
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Parathyroid Hormone Treatment - What Should You Know About It?

MS - Orthopaedics, DNB (Orthopedics)
Orthopedist, Guwahati
Parathyroid Hormone Treatment - What Should You Know About It?

What is Osteoporosis?
Osteoporosis is a medical condition wherein the bone becomes fragile and breaks easily even with a minor fall. The bones of spine, wrists and hips get affected the most. These fractured bones lead to severe pain and can force a person to become immobile. A spine fracture can even lead to a loss of height.

What is parathyroid hormone?
Parathyroid is a naturally occurring hormone that regulates the amount of calcium present in the body. They mitigate the risk of bone breakage in the body for a patient suffering with osteoporosis. These hormones are injected into the body on a daily basis to maintain the normal flow of calcium in the body.

How does the treatment work?
Treatments are available in the form of drugs and injections. A doctor can prescribe drugs, if the patient is at an increased rate of bone breakage. The parathyroid hormone helps to protect the bone from breaking, but have no role when the bone actually breaks. The body has a natural process of breaking a bone and rebuilding it by itself. Osteoporosis sets in motion when this process of bone formation is disturbed.

When does a doctor prescribe hormonal treatment?
If a patient has undergone a number of vertebral compression fractures and the condition has not improved, a doctor might suggest to undergo parathyroid hormone treatment. The treatment requires nursing support due to a patient’s delicate bone condition. A maximum dosage of 20 micro grams of parathyroid can be injected for a time duration not exceeding 2 years.

Things to know about the treatment:

  1. Be informed: It is good to be well informed about the course of the treatment, treatment duration, plausible problems etc. This will help a patient to be on top of the decision making process. The helpline of the 'National Osteoporosis Society' can be reached to understand the preparation required for a patient to undergo the treatment.
  2. Take the right dosage at the right time: Parathyroid injections should be injected on a daily basis for a maximum time period of 2 years. These injections are taken daily at the same time. It should be ensured that none of the injections are skipped without the prior approval of a doctor. The injection, which lasts for 28 days, needs to be stored in a refrigerator. In case a patient is travelling, special bags are available that has space for storing gel packs.
  3. Side effects: Most patients do not report any side effects, but they do exist. Possible side effects include dizziness, arthralgia, depression and headache. These symptoms often suggest that your body is reacting to the parathyroid hormone treatment. A doctor may or may not prescribe any further drugs to address these symptoms.
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Hello sir/ mam I am siri 23 years female recently I went to a homeopathy doctor for irregular periods he gave me some medicines and told me to drink lemon juice with peel (cut the lemon into 4 pieces with peel and grind it then filters the juice drink with half glass of water) what is the reason behind this tip. Is it for weight loss? Or is it for hormonal imbalance?

BHMS
Homeopath, Pune
Hello sir/ mam I am siri 23 years female recently I went to a homeopathy doctor for irregular periods he gave me some...
Hi lybrate-user. Lemon/peel is simply a good source of vitamin C called ascorbic acid it is an important nutrient, it also helps in low BP with salt addition, The doc may have generally given you this healthy tip though this has less relevance to what your main complaints are.
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Hello for more than 10 years I am using nasal drop. If I dnt use nasal drop I nose used to get block and its difficult to breathe. It is worse at night if I dnt use I won't be able to sleep due to block I have to breathe through mouth please help.

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lucknow
Hello
for more than 10 years I am using nasal drop. If I dnt use nasal drop I nose used to get block and its difficul...
You are suffering from chronic Sinusitis and may be also nasal polyp -a kind of muscular growth in nasal passage. This condition arises after long duration chronic cold n cough (Jukaam). It will be advisable to get your X-ray of nasal spine n consult a ENT Specialist. In the mean time you may drop six drops of Shadbindu Tail two times a day at sun rise and sun set time.
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I have shoulder and knee pain doctor told me I have shoulder blade and some other test showed that I have lack of vitamin D3 and it's not absorbing calcium I have 17 calcium lvl which doctor told me you have very less than normal and this disease happens in oldies not young persons but I am 23 years old could you please tell me Y is it and how it has happened to me and what are the preventive measures Thanks.

MPT - Orthopedic Physiotherapy, Fellowship in Orthopaedic Rehabilitation (FOR) Advanced Diploma in Nutrition and Diet
Physiotherapist, Kolkata
I have shoulder and knee pain doctor told me I have shoulder blade and some other test showed that I have lack of vit...
Go for BMD test DEXA Scan, it will tell you how solid and strong your bones are. Go for Hormonal Panel tests to look for vital hormones necessary for health including bone health. Good luck!
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My BP reading is 135/90. By doing exercise I am able to bring the level to 130/90. Sometimes due to rigorous exercise the reading is 125/80. Do I have to consult a doctor for medication.

General Physician, Delhi
My BP reading is 135/90. By doing exercise I am able to bring the level to 130/90. Sometimes due to rigorous exercise...
Your Bp is within normal limits as per latest American studies you must take less salt and more water avoid papad and pickles continue balanced workout regulaly.
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I am trying to conceive. Do not have pcod still my doc recommended Normoz is it safe to take. Also I am taking fertisure. Should I continue both My AMH is 1.73 No indication of GTT as no test done for the same.

MBBS and MS (Obs & Gyn ), Fellow in reproductive medicine
IVF Specialist, Bhopal
I am trying to conceive. Do not have pcod still my doc recommended Normoz is it safe to take. Also I am taking fertis...
Get OGTT Blood Test and if normal stop normoz. In fact your ovarian reserve is less than normal as per your age. So you need to take DHEA.
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