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Krishna Institute of Medical Sciences (KIMS)

  4.3  (29 ratings)

Multi-speciality Hospital (Ophthalmologist, Gastroenterologist & more)

#1-8-31/1, Minister Road, Krishna Nagar Colony, BegumpetLandmark : Near Krishna Nagar Colony Hyderabad
114 Doctors · ₹400 - 500
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We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply....more
We will always attempt to answer your questions thoroughly, so that you never have to worry needlessly, and we will explain complicated things clearly and simply.
More about Krishna Institute of Medical Sciences (KIMS)
Krishna Institute of Medical Sciences (KIMS) is known for housing experienced Psychiatrists. Dr. Nagalakshmi Gogikar, a well-reputed Psychiatrist, practices in Hyderabad. Visit this medical health centre for Psychiatrists recommended by 107 patients.

Timings

MON
08:00 AM - 10:00 PM
TUE-SAT
12:00 AM - 11:59 PM

Location

#1-8-31/1, Minister Road, Krishna Nagar Colony, BegumpetLandmark : Near Krishna Nagar Colony
Secunderabad Hyderabad, Telangana - 500003
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Doctors in Krishna Institute of Medical Sciences (KIMS)

Dr. Nagalakshmi Gogikar

MD - Psychiatry
Psychiatrist
9 Years experience
500 at clinic
₹300 online
Available today
12:00 PM - 02:00 PM

Dr. B.Pranathi

MBBS, MS - Ophthalmology
Ophthalmologist
15 Years experience
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM

Dr. Sujit Kumar Vidiyala

MBBS, MCh - Neuro Surgery
Neurosurgeon
86%  (11 ratings)
26 Years experience
500 at clinic
Available today
12:00 PM - 03:00 PM

Dr. Kranthi Kumar Reddy

MBBS, MD - Internal Medicine
General Physician
12 Years experience
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM

Dr. Gangadhar Vajrala

MD - Radiotherapy, Master of Public Health (MPH), MBBS
Oncologist
17 Years experience
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 08:00 PM

Dr. Prasad Veeragandham

MBBS, MS - Orthopaedics
Orthopedist
36 Years experience
400 at clinic
Available today
04:00 PM - 06:00 PM

Dr. Mohan Rao K

MBBS, Diploma in Anesthesiology
Anesthesiologist
24 Years experience
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM

Dr. M. Krishna

MBBS, Diploma in Anesthesiology
Anesthesiologist
33 Years experience
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM

Dr. G.Praveen

MBBS, Diploma in Anesthesiology
Anesthesiologist
15 Years experience
500 at clinic
Available today
10:00 AM - 04:00 PM

Dr. Sachin Daga

MBBS, MS - General Surgery, DNB - Surgical Gastroenterology, Fellow HPB Surgery & Liver Transplant (Singapore), MCh - Surgical Gastroenterology/G.I. Surgery
Gastroenterologist
19 Years experience
400 at clinic
Available today
06:00 PM - 08:00 PM
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I did sex before last month with my girlfriend but after that my penis have itching and some red type spot show with diamond spot. Please suggest me.

MBBS
Sexologist, Panchkula
You have itching and red type spots on your penis after sex. I advise you to upload the pics of affected part showing the red spot, for better guidance and proper treatment.

My problem is that when I start study then my mind think other things which is not necessary or sometime not possible means concentrate problem can you give me a good suggestion for it.

BHMS, MD- Alternative Medicine, Basic Life Support (B.L.S)
Homeopath, Surat
Concentration problem is a very common one in students. you don't really need to worry about anything. However, if it is really affecting your studies, and you need help let me know. Happy to help.

नाखून के रोग - Nakhun Ke Rog!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
नाखून के रोग - Nakhun Ke Rog!

नाखूनों के रोग भी कई बार काफी असहज करने वाले या परेशान करने वाले होते हैं. हलांकी इससे कई तरह का अनुमान भी लगाया जाता है. नाखून कैरटिन से बने होते हैं. यह एक तरह का पोषक तत्व है, जो बालों और त्वचा में होता है. शरीर में पोषक तत्वों की कमी या बीमारी होने पर कैरटिन की सतह प्रभावित होने लगती है. साथ ही नाखून का रंग भी बदलने लगता है. यदि नेलपॉलिश का इस्तेमाल किए बिना भी नाखूनों का रंग तेजी से बदल रहा है तो यह शरीर में पनप रहे किसी रोग का संकेत हो सकता है. या फिर ऐसा भी हो सकता है कि आपको नाखूनों की बीमारी हो गई हो. ऐसे में आपको इस समस्या को अनदेखा नहीं करना चाहिए वरना समस्या गंभीर भी हो सकती है. हम सभी का शरीर कई प्रकार के सूक्ष्म जीवाणुओं और विषाणुओं के संपर्क में आता है. त्वचा पर हुए संक्रमण को यदि नाखून से खुजाया जाए तो भी नाखून संक्रमित हो जाते हैं. जो लोग अधिक स्विमिंग करते हैं या ज्यादा देर तक पानी में रहते हैं या फिर जिनके पैर अधिकतर जूतों में बंद रहते हैं, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है. संक्रमण के असर से नाखून भुरभुरे हो जाते हैं और उनका आकार बिगड़ जाता है. नाखूनों के आसपास खुजली, सूजन और दर्द भी होता है. ऐसे में चिकित्सक को दिखाना बेहतर रहता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम नाखून में उत्पन्न होने वाले रोगों पर एक नजर डालें. इस्स इस विषय में लोगों को जागरूक किए जा का भी प्रयास है.
1. चम्मच की तरह नाखून-

कई बार ऐसी स्थिति भी आती है कि खूनों का आकार चम्मच की तरह हो जाता है और नाखून बाहर की ओर मुड़ जाते हैं. खून की कमी के अलावा आनुवंशिक रोग, दिल की बीमारी, थायरॉइड की समस्या और ट्रॉमा की स्थिति आदि में ऐसा होता है.

2. नीले नाखून-
शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से न होने पर नाखूनों का रंग नीला होने लगता है. यह फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया या दिल के रोगों की ओर भी संकेत करता है. इसलिए नीले नाखून दिखने के बाद आपको सचेत हो जाना चाहिए.

3. मोटे, रूखे व टूटे हुए नाखून-
मोटे तथा नेल बेड से थोड़ा ऊपर की ओर निकले नाखून सिरोसिस व फंगल इन्फेक्शन का संकेत देते हैं. रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी व बालों के गिरने की स्थिति में भी नाखून बेरंग और रूखे हो जाते हैं. इसके अलावा त्वचा रोग लाइकन प्लेनस होने पर, जिसमें पूरे शरीर में जगह-जगह पस पड़ जाती है, नाखून बिल्कुल काले हो जाते हैं. हृदय रोग की स्थिति में नाखून मुड़ जाते हैं. नाखूनों में सफेद रंग की धारियां व रेखाएं किडनी के रोगों का संकेत देती हैं. मधुमेह पीड़ितों का पूरा नाखून सफेद रंग व एक दो गुलाबी रेखाओं के साथ नजर आता है.

4. नाखून पर सफेद धब्बे-
कई बार आप नाखूनों पर सफेद स्पॉट नजर आते हैं. कई बार वे पूरे सफेद दिखते हैं. धीरे-धीरे नाखूनों पर सफेद धब्बे इतने बढ़ जाते हैं कि नाखून ही सफेद दिखने लगते हैं. हो सकता है यह पीलिया या लिवर संबंधी अन्य रोगों की ओर इशारा हो.

5. नाखूनों में क्रैक-
कई बार नाखून बहुत अधिक फटे और ड्राइ हो जाते हैं. नाखून में क्रैक आने लगते हैं. ऐसा हाथ और पैर दोनों के नाखूनों में आते हैं. लंबे समय तक नाखूनों की ऐसी स्थिति थॉयरायड रोग की ओर भी संकेत हो सकता है. क्रैक व पीले नाखून फंगल संक्रमण के लक्षण भी हो सकते हैं.

6. उभरे हुए नाखून-
बाहर और आसपास की त्वचा का उभरा होना हृदय समस्याओं के अतिरिक्त फेफड़े व आंतों में सूजन का संकेत देता है. इस प्रकार आवश्यकता से अधिक उभरे हुए नाखून भी कई बार परेशानी का कारण बन जाते हैं.

नसों की कमजोरी के कारण - Nason Ki Kamzori Ke Karan!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
नसों की कमजोरी के कारण - Nason Ki Kamzori Ke Karan!

नसों की कमजोरी कई कारणों से हो सकते हैं. यह आपके जीवनशैली, आहार में प्सोहक तत्वों की कमी, कुछ बिमारियों के कारण या नर्वस सिस्टम की कमोज्री के कारण हो सकता है. संबंधित समस्या के कारण नसों मी कमजोरी हो सकती है. इन कारणों से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की कमजोरी भी होती है. इस समस्या में प्रभावित नस से संबंधित शरीर का अंग ठीक से काम नहीं करता है या गतिहीन हो जाता है या वहाँ सुन्न जैसी स्थिति हो जाती है. कुछ लोगों के लिए यह समस्या थोड़े समय के लिए रहता है व कुछ समय बाद ठीक हो जाता है, पर कुछ लोगों को यह समस्या स्थायी रूप से हो जाती है. इस समस्या के वजह का पता कर उसके इलाज करने से नस की कमजोरी ठीक हो सकती है. आगे हम जानेंगे कि किन-किन कारणों से नसों की कमजोरी हो सकती है.

नसों की कमजोरी के कारण-
कुछ बीमारी के कारण: - कुछ बीमारियों के कारण नसों में कमजोरी हो सकती है. जैसे मल्टीप्ल स्केलेरोसिस, गिल्लन बर्रे सिंड्रोम (एक ऐसा बीमारी जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली पेरिफेरल नसों को नुकसान पहुंचाती है), मायस्थीनिया ग्रेसिव (मांसपेशियों की कमजोरी व थकान की बीमारी), लुपस, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज जैसे ऑटो इम्यून डिजीज के कारण नसों में कमजोरी हो सकती है. मोटर न्यूरॉन बीमारी (दिमाग तक संकेत भेजने वाले नसों को प्रभावित करने वाले बीमारी) भी नसों के कमजोरी के कारण हो सकते हैं. शुगर (मधुमेह) के कारण भी नसों में कमजोरी हो सकती है.

किसी भी कारण से नसों पर दबाव के कारण: - हड्डी बढ़ने के कारण या अन्य किसी भी कारण से नसों में दबाव आ जाता है तो इस कारण से भी नसें कमजोर हो सकती है. नस या आसपास के उत्तक के ट्यूमर, जो नसों के उत्तक पर दबाव डालते हों या उन्हें नुकसान पाहुचाते हों, के कारण भी नसें कमजोर हो सकती हैं.

जेनेटिक या अनुवांशिक समस्या के कारण: - नसों के स्वास्थ्य या कार्य को प्रभावित करने वाले आनुवांशिक समस्या या नसों के बनावट व विकास को प्रभावित करने वाले जन्मजात समस्या या विषाक्त पदार्थ भी नसों के कमजोरी के कारण हो सकते हैं.

अन्य कारण: - दवाओं के दुष्प्रभाव, पोषण तत्वों में कमी या विषाक्त पदार्थ के कारण भी ऐसी समस्या हो सकती है. नसों को प्रभावित करने वाले पदार्थों का अधिक सेवन या नसों को नुकसान पहुंचाने वाले या नसों के कार्य को प्रभावित करने वाले ड्रग्स भी नसों की कमजोरी के वजह हो सकते हैं. हर्पीस, एचआईवी और हेपेटाइटिस सी जैसे बीमारी के संक्रमण से भी नसों में कमजोरी हो सकती है. अस्वस्थ आहार, तनाव (स्ट्रेस) भी नसों को कमजोर कर सकती हैं. इसके अलावा नसों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक मिनरल व विटामिन की कमी के कारण भी नसें कमजोर हो सकती हैं.

नसों की कमजोरी के लक्षण-
जब व्यक्ति के नसों में कमजोरी होती है तो कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं. नसों की कमजोरी होने पर चुभन, गुदगुदी या दर्द हो सकती है. चिंता, डिप्रेशन या थकान भी नसों के कमजोरी के लक्षण हैं. नसों के कमजोरी में बीमारियों से लड़ने के क्षमता कम हो सकती है या देखने, सुनने, सूंघने, स्वाद चखने या छूने की क्षमता भी कम हो सकती है. मांसपेशियों की कमजोरी व थकावट के अलावा झटके लगना या अन्य व्यवहार संबंधी समस्याएँ भी नसों की कमजोरी के लक्षण हैं.

नसों की कमजोरी से बचाव-
नसों की कमजोरी से बचने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए व नियमित व्यायाम करना चाहिए. शराब व सिगरेट न पीना चाहिए व विषाक्त पदार्थ के सेवन से बचना चाहिए. पैरों को चोट लगने से बचाकर रखना चाहिए.
यदि डायबिटीज (मधुमेह) हो तो अपने पैरों का खास ख्याल रखना चाहिए. रोज अपने पैरों को धोकर उसकी जाँच करनी चाहिए व लोशन लगाकर त्वचा को नम रखना चाहिए.

यदि नस के कमजोरी की समस्या है तो छोटी-मोटी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. अतः इस दुर्घटना के जोखिम को कम करने के लिए पैरों में हमेशा जूते पहनकर रहना चाहिए व पैरों से किसी भी वस्तु में ठोकर लगने से व गिरने से बचना चाहिए. फिसलने व गिरने से बचने के लिए बाथरूम में पायदान का उपयोग करना चाहिए व बाथरूम में हैंडल लगवाना चाहिए. पानी का तापमान देखने के लिए हाथ या पैर का प्रयोग न करना करके केहुनी का प्रयोग करना चाहिए. एक ही अवस्था में ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहिए बल्कि बीच-बीच में कुछ देर तक उठकर घूमना चाहिए.

नसों की कमजोरी का इलाज-

  • नसों की कमजोरी हो जाने पर इसके इलाज के लिए जाँच कर यह पता लगाया जाता है कि नसों में कमजोरी का वजह क्या है. फिर जिस वजह से नसों में कमजोरी आयी हो उसका इलाज किया जाता है. नसों की कमजोरी का वजह ठीक हो जाने पर नसें की कमजोरी भी ठीक हो जाने की संभावना रहती है.
  • यदि शुगर (डायबिटीज) के कारण नसों की कमजोरी हो तो इसके लिए डायबिटीज के इलाज के साथ-साथ जीवनशैली में परिवर्तन करना चाहिए. जैसे – धूम्रपान व शराब का सेवन छोड़ना, एक स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित व्यायाम करना इत्यादि.
  • यदि विटामिन बी12 की कमी के कारण नसों में कमजोरी हुयी हो तो विटामिन बी12 की इंजेक्शन या टीके व दवाएँ दी जानी चाहिए. यदि किसी दवा के कारण नसों की कमजोरी हो तो उस दवा को लेना बंद कर देना चाहिए
  • जरूरत के अनुसार नसों के कमजोरी के कारण के अनुसार डॉक्टर अन्य इलाज व दवाएँ का भी प्रयोग करते हैं. जैसे यदि ट्यूमर या किसी अन्य वजह से नसों पर दबाव के कारण नसों की कमजोरी या नसों की समस्या हो तो इसे ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है.
  • यह जरूरी नहीं है कि नसों की कमजोरी का वजह हमेशा इलाज से ठीक हो ही जाए. अतः नसों की कमजोरी के कारण हो रही परेशानी को कम करने के लिए मेडिटेशन (ध्यान), मसाज, एक्यूपंक्चर, ट्रान्स्क्यूटेनस इलेक्ट्रिक नर्व स्टिम्युलेशन, या फिजिकल थेरेपी का सहारा लिया जाता है.

I am female 21 year old. I am having headache at left and right side of my backside of brain. And this pain is different type because I am feeling some type of sensation and also some pulse type of feeling in left and right side of backside of brain.

BHMS
Homeopath, Chennai
I am female 21 year old. I am having headache at left and right side of my backside of brain. And this pain is differ...
Happens when there’s pressure or irritation to your occipital nerves, maybe because of an injury, tight muscles that entrap the nerves, or inflammation. Homoeopathy has encouragng results in such headache. For more details consult me online.
1 person found this helpful

I am 32 years old. I think i'm gaining weight. But I walk almost 30mints everyday. And i'm having face wrinkles also. I want to tighten up my body and my skin. What I should do now. And majorly i'm facing some problems in personal sex life. I want to large my penis. What should I do to get a larger penis. Help me to erase all my problems.

Akhil Bharatiye Ayurveda, AKHIL BHARTIYE AYURVEDA
Sexologist, Delhi
I am 32 years old. I think i'm gaining weight. But I walk almost 30mints everyday. And i'm having face wrinkles also....
Dear lybrate-user You do massage with olive oil twice a day. Try some vacuum therapy, kegel exercise and jelqing exercise and also do to start eating a healthy diet like green vegetables like spinach, cabbage, kale etc contribute in male enhancement. Also citrus fruits like avocado, orange, and lemon that are rich in Vitamin B9. Avoid junk foods, smoking, alcohol consumption and want quickly results consult us privately Lybrate.
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My wife is 7 months pregnant age 30 she is suffering with cough for many months now should she take montair lc tablets.

Mbbs,, MS OBGY
Gynaecologist, Pune
It's fine. have chest physician opinion and evaluation of cough. As this tab are for allergic cough.

Hello I am 25 years old and I am facing erectile dysfunction from some time. what should I do?

MD - Ayurveda, BAMS, DYA, PGDEMS
Ayurveda, Nashik
Hello I am 25 years old and I am facing erectile dysfunction from some time. what should I do?
Hi Lybrates user, treatment is necessary to treat Erectile dysfunction & it always better to choose safe & effective ayurvedic medicines for that. Ayurvedic Vajikaran medicines are natural sex hormone booster which corrects ED, improves stamina & libido. Consult privately for better guidance & medicines
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