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Dr. Vijaya Hegde

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To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies....more
To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies.
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Dr. Vijaya Hegde is a renowned Gynaecologist in Dilsukhnagar, Hyderabad. You can consult Dr. Vijaya Hegde at Hegde Hospital in Dilsukhnagar, Hyderabad. Book an appointment online with Dr. Vijaya Hegde on Lybrate.com.

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My left breast USG report found (MILDLY BULKY LEFT SIDE GLANDULAR TISSUE IN THE SUB-AREOLAR REGION) measure (6 mm in dia) Mild inflammatory changes are seen in the peri areolar region. Impression: MILD gynecomastia on the left side with mild peri areolar inflammatory changes. Did I need any medication?

MBBS, M.S. General Surgery, M.R.C.S. England, M.Ch. Surgical Oncology, DNB Surgical Oncology, FEBS Surgical Oncology, DNB General Surgery, MNAMS, FMAS, FIAGES, FAIS, FICS, FEBS Breast Surgery, FACS, Fellowship IFHNOS & MSKCC USA, Fellowship in breast and oncplastic Surgery
Oncologist, Mumbai
Please see a breast surgeon. They would examine you and if needed do a mammogram or an ultrasound. The most common cause of breast lump in a male is gynaecomastia. It is usually pubertal in young males and it regresses spontaneously. It could also be due to hormonal imbalance between testosterone and estrogen or increased prolactin level. The cause of imbalance is mostly drugs like anabolic steroids, some antiandeogenic drugs, antipsychotics, diuretics like spironolactone, omeprazole etc. Also testicular tumours and liver failure could lead to the hormonal imbalance. Other causes of lump in a male breast need to be ruled out like lipoma, fibroma, bony or chest wall tumour and rarely male breast cancer. Feel free to come and see me or to contact me directly if you want to discuss this further.
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प्रेग्नेंसी मे सम्बन्ध बनाना चाहिए या नही? ओर कोन से महीने से कोन से महीने तक बना सकते है?

MBBS, MD - Obstetrtics & Gynaecology, FMAS, DMAS
Gynaecologist, Noida
Hello, sex should deb avoided till 16th week and then after 34 week of gestation to avoid chances of miscarriage and preterm labour respectively.
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Chicory (Kasni) Benefits and Side Effects in Hindi - कासनी के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Chicory (Kasni) Benefits and Side Effects in Hindi - कासनी के फायदे और नुकसान

भूमध्य क्षेत्रों में पाए जाने वाले नील रंग के बारहमासी पौधे कासनी को अंग्रेजी में चिकोरी भी कहते हैं. कासनी के लाभ से हमारा स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है. इसके जड़ को हम कई तरह के औषधीय रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए कासनी के लाभ और कासनी से होने वाली हानि को समझने के कोशिश करें-

1. चिंता को कम करता है
चिंता का सीधा संबंध दिमाग से है और दिमाग का तंत्रिका तंत्र से है. तनाव के प्रभाव और उपचार पर होने वाली कई शोधों से ये पता चला है कि कासनी हमारे शरीर में तनाव और इसके दुष्प्रभावों को ख़त्म करने में महत्ववपूर्ण भूमिका निभाता है. इन शोधों से इस बात का भी पता चला है कि कासनी के लाभकारी गुण तंत्रिका तंत्र सम्बन्धी परेशानियों में सुजन को कम करके हमें राहत दिलाता है. कासनी के सूखे या भुने हुए बीज या इसके जड़ों से तैयार पेय पदार्थ ऐसे पीड़ितों को देने से उन्हें राहत मिलती है.
जैसा कि हम जानते हैं कि नींद भी चिंता का कारण बन सकता है. तो आपको जानकर हैरानी होगी कि कासनी नींद न आने, चिंता या तनाव से निपटने में भी हमारी मदद करता है. इसके लिए आपको कासनी के पत्तों से तैयार पेस्ट को माथे पर लगाने से सरदर्द में राहत मिलती है.
2. दिल को मजबूत बनाता है
कासनी के जड़ में पाया जाने वाला इनुलिन हमारे शरीर से खराब कोलेस्ट्राल को दूर करता है. आपको बता दें कि एलडीएल नाम का कोलेस्ट्राल खराब कोलेस्ट्राल होता है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके स्तर में वृद्धि से दिल के दौरे या स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है. कासनी के भुने हुए बीज के 3-5 ग्राम पाउडर को दूध के साथ नियमित रूप से लेने से काफी फायदा मिलता है.
3. लीवर का भी रखे खयाल
हमारे शरीर में लीवर या गुर्दे का काम डिटॉक्सिफाइयिंग चैनल के रूप में है. ऐसे में लीवर की सफाई भी तो जरुरी है न. तो प्राचीन का में कासनी या चिकोरी का उपयोग लीवर को साफ़ करने के लिए किया जाता है. हलांकि कई शोधों में ये भी देखा गया है कि इससे ऑक्सीडेटीव तनाव या लीवर का चोट भी रुकता है. 
4. पाचन में मददगार  
कासनी में पाचन में मदद करने वाले बैक्टीरिया के अनुकूल या सहजीवी बैक्टीरिया पाए जाते हैं जिससे ये पाचन में लाभकारी साबित होता है. यही नहीं इसमें पाए जाने वाले बैक्टीरिया हमारे प्रतिरक्षा में भी मदद करते हैं. इसमें इनुलिन नाम का एक शक्तिशाली घुलनशील एवं प्रोबायोटिक फाइबर भी पाया जाता है. आपको बता दें कि इनुलिन कई पौधों में पाया जाता है लेकिन कासनी में इनुलिन की मात्रा उच्चतम होती है. इनुलिन में शरीर के अम्लता को कम करने की भी शक्ति होती है. कई शोधों में ये भी पाया गया है कि कसनी पित्त के प्रवाह को बढ़कर वसा को तोड़ने में मदद करती है जिससे कि पाचन आसानी से हो जाता है.
5. गठिया में लाभकारी
कासनी का जड़, जोड़ों के दर्द के उपचार में काफी उपयोगी साबित होता है. इसे लेकर भी कई शोध हुए हैं और इन शोधों में कहा गया है कि इसमें सुजन को कम करने की क्षमता होती है. यही कारण है कि कासनी पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस से निपटने में भी हमारी मदद करती है. गठिया के अलावा ये सामान्य दर्द और मांसपेशियों में होने वाले दर्द के उपचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
6. कैंसर भी रोक सकता है
अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण कासनी एक शक्तिशाली प्रतिरक्षा बूस्टर के रूप में कई हानिकारक बैक्टीरिया को ख़त्म करता है. यही नहीं कासनी में पॉलिफेनाल नाम का यौगिक एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करता है. यही वो यौगिक है जो कैंसर, खासतौर से स्तन और कोलेरेक्टल कैंसर को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके जड़ के अर्क में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीफंगल गुण भी पाए जाते हैं जो जीवाणुरोधी होते हैं.
7. वजन कम करता है
जैसा कि हम पहले ही देख चुके हैं कि कसनी में घुलनशील फाइबर इनुलिन और ओलिगा फ्रुक्टोज पाया जाता है. इनुलिन की खासियत ये है कि ये बिना रक्त शर्करा या कैलोरी का स्तर बढ़ाए ही आपका पेट भरा हुआ महसूस कराता है. इसके साथ ही फ्रुक्टो-ऑलिगोसेकेराइड आंत के लाभकारी जीवाणुओं के विकास में योफ्दान देता है. इसके परिणामस्वरूप आंत में सूक्ष्मजीवों में संतुलन स्थापित होता है. इस प्रकार से ये पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करके हमारे वजन को कम करने में उपयोगी है.
8. कब्ज को भी करे ख़त्म
कासनी के जड़ में बीटा-कैरोटिन, कॉलिन, विटामिन सी, विटामिन के प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसके साथ ही इसमें घुलनशील फाइबर इनुलिन भी पाया जाता है. ये सभी विटामिन और तत्व मिलकर आंत के विकारों को ख़त्म करने का काम करते हैं. इसलिए इसे कब्ज के उपचार में काफी महत्व दिया जाता है.

कासनी के नुकसान
1. ड्राइवर्स के लिए: कासनी का जड़ का प्रयोग अधिक दिन तक करने से शामक कारवाई होती है. इसलिए वाहनचालक और मशीनों पर काम करने वाले लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए.
2. एलर्जी का डर: इसके साथ ही चिकोरी का जड़ के जड़ से कुछ लोगों को एलर्जी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. इसलिए इसके इस्तेमाल में इस बात का ध्यान रखें.
3. गर्भवती महिलाओं के लिए: गर्भवती महिलायें या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके उपयोग में सावधानी बरतें.
4. दमा या खांसी में: दमा या खांसी में इसका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. इस दौरान इसके इस्तेमाल में सचेत रहें.
 

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VBAC is possible and how much gap between 2 baby's and what precaution needs to be taken?

MBBS
General Physician, Mumbai
Gapping between two pregnancies is your personal decision and we can go for copper T insertion if necessary which can be used as a contraceptive for three years
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Mai married hun last month mujhe period hoya tha per iss month nhi hoya maine kit se check kiya hai mai preg nhi ho please koi med bathaye tha ki mera period start ho sake.

MD - Obstetrtics & Gynaecology, FCPS, DGO, Diploma of the Faculty of Family Planning (DFFP)
Gynaecologist, Mumbai
Mai married hun last month mujhe period hoya tha per iss month nhi hoya maine kit se check kiya hai mai preg nhi ho p...
Hormones ki davai hoti hai magar koi bhi dava jo doctor ne patient ko ckheck up kiya hai vo hi de sakte hai, isliye doctor ko milo.
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My wife have gallbladder stones and she's breastfeeding mother, can I give berberis vulgaris to her ,is it safe for her?

MBBS, MS - General Surgery, DNB ((Surgical Gastroenterology), Diploma In Laparoscopy
Surgical Gastroenterologist, Mumbai
It’s not magic shrub. Rich in Vit C. You can give. But don’t know it helps for gall bladder stones. You need operation for gall bladder if symptomatic. No complaints wait and watch. If complaints because of stones need operation. Avoid fatty deep fried items.
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PCOD and Homoeopathy: Obesity and Infertility

Diploma in Emergency Medicine, MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Pune
PCOD and Homoeopathy: Obesity and Infertility

Polycystic ovarian disease is very common disorder occurs 1 in 10 females.  It is most important  cause for infertility and obesity. Obesity and PCOD are interrelated or depends  on each other  as obesity increase leads to PCOD and PCOD leads to Obesity. So the weight  control is one of the important factor in case of PCOD.

PCOD is a disorder occurred due to disturbances of female hormonal levels leads cystic appearances of ovaries, to menstrual irregularities, facial hair growth, obesity, thinning of hairs. 

Causes  of PCOD:

1. Increase in insulin levels

2. Increase in leutinising Harmon levels

3. Increase in lactating harmone

4. Increase in testosterone levels 

Symptoms of PCOD:

1. Menstrual irregularities

2. Facial hair growth

3. Oiling of skin leads to acne

4. Abdominal pain

5. Obesity

6. Infertility 

Homoeopathic medicines not only  help to remove the symptoms of PCOD but also regularise the function of the ovaries, normalise the hormonal levels. Homoeopathy removes the route cause of disease and cures the disease. There are lot many Homoeopathic medicines has wonderful result s in PCOD such as Pulsatilla is given  to the sensitive woman with irregularities of menses, irritability. Thuja, sepia, sabadilla, cocculus, arsenic.

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Hey, Actually me and my boyfriend had sexual intercourse on 3rd of march - 2or 3 days after my period ended. It was a protected one. But still it's 11Apr. Now and I didn't get my period, however I also went through allot of stress during this time so I am confused is it the pregnancy possibility or the stress one here. Kindly help.

M.B.B.S, D.P.M, M.A (Clinical Psychology)
Psychiatrist, Nagpur
Hey, Actually me and my boyfriend had sexual intercourse on 3rd of march - 2or 3 days after my period ended. It was a...
It's better that you get a urine pregnancy test done. Just to be sure. Chances of pregnancy are rare but it should be ruled out before thinking about other reasons for delayed periods.
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Sir/madam, If one drop of semen is dropped in our finger then that finger is inserted into vagina there is possibility of getting pregnant?

BHMS
Homeopath, Hooghly
One drop contain thousands of sperm soo from that one sperm can enter into uterus and travel to the ovary, soo chances are there but not high chances, wait until next period then test her urine for pregnancy test.
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Is the Endogest 200 is good for first time pregnant lady. Why to use this capsule. What are the needs.

MBBS
General Physician, Mumbai
Is the Endogest 200 is good for first time pregnant lady. Why to use this capsule. What are the needs.
Whenever there is a risk for miscarriage- To maintain the pregnancy we usually give Endogest medication
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Dr. Sadhvi Reddy

Fellowship In Minimal Access Surgery, MS - Obstetrics and Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
Vijay Hospital , 
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Dr. Saraschandrika P. V.

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD - Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist
Banjara12 Hospital, 
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Dr. Sunitha Ilinani

MD - Obstetrics & Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
Surya Fertility Centre, 
300 at clinic
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Dr. Haritha Yalamanchili

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD - Obstetrics & Gynaecology, MRCOG
Gynaecologist
YPR Health Care, 
300 at clinic
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Dr. Vandana Hegde

MBBS, MS - Obstetrics and Gynaecology, Post Doctoral Fellowship in Reproductive Medicine, Fellowship in Infertility, Diploma in Assisted Reproductive Technology & Embryology
Gynaecologist
Hegde Hospital, 
300 at clinic
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Dr. Nuthalapati Suman Latha

MBBS, DGO
Gynaecologist
Advanced Endocrine & Diabetes Hospital & Research Center, 
300 at clinic
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