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Dr. Shezan

MS - Ophthalmology

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Dr. Shezan MS - Ophthalmology Ophthalmologist, Hyderabad
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To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies....more
To provide my patients with the highest quality healthcare, I'm dedicated to the newest advancements and keep up-to-date with the latest health care technologies.
More about Dr. Shezan
Dr. Shezan is a renowned Ophthalmologist in Kothaguda, Hyderabad. He has over 17 years of experience as a Ophthalmologist. He has done MS - Ophthalmology . You can consult Dr. Shezan at Ana Vision Opticals Computerised Eye Clinic in Kothaguda, Hyderabad. Save your time and book an appointment online with Dr. Shezan on Lybrate.com.

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Info

Specialty
Education
MS - Ophthalmology - Osmania Medical College, Hyderabad - 2002
Languages spoken
English

Location

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Ana Vision Opticals Computerised Eye Clinic

H No 1 - 63/1, Beside Sharad Palace, Mega Function Hall, Beside Saujanya Super Market, Kothaguda,Kondapur Hyderabad Get Directions
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लेसिक आई सर्जरी - Lasik Eye Surgery!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
लेसिक आई सर्जरी - Lasik Eye Surgery!

जब आपकी दृष्टि कमजोर पड़ जाती है तो डॉक्टर आपको चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस निर्धारित करता है जो शायद हर किसी को पसंद नहीं आता है. ऐसे में हम दुसरे विकल्प की तरफ देखते है जिसमे हमें सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है. वर्तमान समय में लेजर तकनीक से होने वाली सर्जरी बहुत उन्नत हो गयी है. इसकी सहायता से बिना किसी ज्यादा जोखिम के आप दृष्टि के समस्या से निजात पा सकते हैं. इस लेख में आपको लेज़र तकनीक सर्जरी के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी. लेसिक लेजर या कॉर्नियोरिफ्रेक्टिव सर्जरी कॉन्टैक्ट लेंस हटाने के लिए दो तकनीक है. इससे जिन दोषों में चश्मा हटाया जा सकता है, वे निम्नलिखित हैं:

1. मायोपिया:
मायोपिया को निकट दूर दृष्टि भी कहा जाता है. इसमें किसी भी वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के आगे बन जाता है, जिससे दूर का देखने में समस्या होती है. इसे ठीक करने के लिए माइनस यानी कॉनकेव लेंस की आवश्यकता पड़ती है.

2. हायपरमेट्रोपिया: हायपरमेट्रोपिया को दूरदृष्टि दोष के रूप में भी जाना जाता है. इस स्थिति में किसी भी चीज का प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है, जिससे पास का देखने में समस्या होती है. इसे ठीक करने के लिए प्लस यानी कॉनवेक्स लेंस की जरूरत होती है.

3. एस्टिगमेटिज्म: इसमें आंख के पर्दे पर रोशनी की किरणें अलग-अलग जगह केंद्रित होती हैं, जिससे दूर या पास या दोनों तरफ की चीजें साफ नजर नहीं आतीं है.

कैसे करता है काम-
लेसिक लेजर की सहायता से कॉर्निया को इस तरह से बदल दिया जाता है की नजर दोष में जिस तरह के कांटेक्ट लेंस की जरुरत पड़ती है, वह उसी तरह से काम करने लग जाता है. इससे किसी भी वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर बनने लगता है और बिना चश्मे लगाए सब कुछ साफ नज़र आने लगता है.

लेसिक सर्जरी के प्रकार-
लेसिक लेजर 3 प्रकार का होता है.
* सिंपल लेसिक लेजर
* ई-लेसिक या इपि-लेसिक लेजर
* सी-लेसिक या कस्टमाइज्ड लेसिक लेजर

सिंपल लेसिक लेजर-
इस प्रक्रिया में आँखों में लोकल एनेस्थीसिया इंजेक्ट किया जाता है. इसके बाद लेजर से आँखों में फ्लैप बनाते हैं. और कट निरंतर कॉर्नियो के आकार को दोबारा आकार देता है. इस पूरे प्रक्रिया में लगभग 20-25 मिनट लगते हैं.

फायदे-
1. इस सर्जरी की मदद से आँखों से चश्मा उतर जाता है और दृष्टि स्पष्ट हो जाती है.
2. इस सर्जरी में खर्च भी बहुत कम हो जाता है. इस सर्जरी को करने में दोनों आंखों के लिए लगभग 20 हजार रुपये खर्च आता है.

नुकसान-
1. हालाँकि, इस सर्जरी का इस्तेमाल ज्यादा नहीं होता है. अब इससे बेहतर तकनीक भी मौजूद हैं.
2. इस सर्जरी के बाद काफी समस्याओं का शंका बना रहता है.


2. ई-लेसिक या इपिलेसिक लेजर
यह प्रक्रिया तकरीबन सिंपल लेसिक के जैसा ही होता है. इसमें मूल अंतर मशीन का होता है. इसमें ज्यादा उन्नत मशीन इस्तेमाल की जाती हैं.

फायदे-
1. यह अच्छे परिणाम देते हैं और ज्यादातर मामलों में सफलता मिलती है.
2. मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते है.
3. जोखिम कम होती हैं.


नुकसान
1. सिंपल लेसिक के तुलना में थोडा महंगा होता है. इन दोनों आंखों के ऑपरेशन पर लगभग 35-40 हजार रुपये तक खर्च आता है.
2. छोटी-मोटी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि आंख लाल होना, चौंध लगना इत्यादि.
3. कभी-कभार आंख में फूलने जैसी समस्या भी आ सकता है.


3. सी-लेसिक: कस्टमाइज्ड लेसिक लेजर
यह एक बहुत ही आसान प्रक्रिया है और परिणाम बहुत बेहतर होते हैं. इसमें ओवर या अंडर करेक्शन नहीं होती और नतीजा सटीक होता है. इस प्रक्रिया के दौरान ज्यादा समय नहीं लगता है, जिसमे मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती है. और इसके साइड इफेक्ट्स काफी कम होते हैं.

नुकसान
1. यह एक महंगी प्रक्रिया है. इसमें दोनों आंखों के ऑपरेशन पर करीब 40 हजार तक खर्च हो सकता है. कुछ अस्पताल इससे ज्यादा पैसे भी ले सकते हैं.
2. इसके साइड इफेक्ट्स में आंख लाल होने, खुजली, डबल विज़न जैसी समस्या आ सकती हैं, लेकिन यह आसानी से ठीक हो जाती हैं.

कुछ और खासियतें
1. आज कल कांटेक्ट लेंस या चश्मा हटाने के लिए ज्यादातर इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा रहा है. सिंपल लेसिक सर्जरी मरीज को पहले से बने एक प्रोग्राम के जरिए आंख का ऑपरेशन किया जाता है, जबकि सी-लेसिक सर्जरी में आपकी आंख के साइज के हिसाब से पूरा प्रोग्राम बनाया जाता है.

2. सर्जन का अनुभव, काबिलियत, लेसिक लेजर से पहले और बाद की देखभाल की गुणवत्ता लेसिक लेजर सर्जरी के नतीजे के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है.

3. चश्मे का नंबर अगर 1 से लेकर 8 डायप्टर है तो लेसिक लेजर ज्यादा उपयोगी होता है.

4. आज-कल लेसिक लेजर सर्जरी से -10 से -12 डायप्टर तक के मायोपिया, +4 से +5 डायप्टर तक के हायपरमेट्रोपिया और 5 डायप्टर तक के एस्टिग्मेटिज्म का इलाज किया जाता है.

कैसे करते हैं ऑपरेशन-
इस ऑपरेशन में बहुत कम समय लगता है, इसे करने में ज्यादा से ज्यादा 10 से 15 मिनट तक का समय लग सकता है. इस सर्जरी के दौरान मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरुरत नहीं होती है. ऑपरेशन की शुरुआत करने से पहले डॉक्टर आँखों को अच्छे से चेक करते हैं. इसके बाद ही सर्जरी करने का निर्णय लिया जाता है. जब ऑपरेशन करने का निर्णय लिया जाता है तो शुरू होने से पहले आँखों को आई-ड्रॉप के द्वारा सुन्न (एनेस्थिसिया) किया जाता है. फिर मरीज को कमर के बल लेटकर आंख पर पड़ रही एक टिमटिमाती लाइट को देखते रहने को कहा जाता है. अब एक विषेशरूप से तैयार किए गए यंत्र माइक्रोकिरेटोम की सहायता से आंख के कॉर्निया पर कट लगाकर आंख की झिल्ली को उठा देते हैं. हालांकि अब भी इस झिल्ली का एक हिस्सा आंख से जुड़ा ही रहता है. अब ऑलरेडी तैयार एक कंप्यूटर प्रोग्राम के द्वारा इस झिल्ली के नीचे लेजर बीम डालते हैं. लेजर बीम कितनी देर तक डालते रहना है इसे चिकित्सक जांच के दौरान ही पता कर लेते हैं. लेजर बीम पड़ने के बाद झिल्ली को वापस कॉर्निया पर लगा दिया जाता है और ऑपरेशन पूरा हो जाता है. यह झिल्ली एक-दो दिन में खुद ही कॉर्निया के साथ जुड़ जाती है और आंख नॉर्मल हो जाती है. मरीज उसी दिन अपने घर जा सकता है. कुछ लोग ऑपरेशन के ठीक बाद रोशनी लौटने का अनुभव कर लेते हैं, लेकिन ज्यादातर में सही विजन आने में एक या दिन का समय लग जाता है.

सर्जरी के बाद-
1. ऑपरेशन के बाद दो-तीन दिन तक आराम करना होता है और उसके बाद मरीज नॉर्मल तरीके से काम पर लौट सकता है.
2. लेसिक लेजर सर्जरी के बाद मरीज को बहुत कम दर्द महसूस होता है और किसी टांके या पट्टी की जरूरत नहीं होती.
3. आंख की पूरी रोशनी बहुत जल्दी (2-3 दिन में) लौट आती है और चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस के बिना भी मरीज को साफ दिखने लगता है.
4. स्विमिंग, मेकअप आदि से कुछ हफ्ते परहेज करना होता है.
5. करीब 90 फीसदी लोगों में यह सर्जरी पूरी तरह कामयाब होती है. बाकी लोगों में 0.25 से लेकर 0.5 नंबर तक के चश्मे की जरूरत पड़ सकती है.
6. जो बदलाव कॉर्निया में किया गया है, वह स्थायी है इसलिए नंबर बढ़ने या चश्मा दोबारा लगने की भी कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन कुछ और वजहों, मसलन डायबीटीज या उम्र बढ़ने के साथ चश्मा लग जाए, तो अलग बात है.

कौन करा सकता है-
1. जिनकी उम्र 20 साल से ज्यादा हो. इसके बाद किसी भी उम्र में करा सकते हैं.
2. चश्मे/कॉन्टैक्ट लेंस का नंबर पिछले कम-से-कम एक साल से बदला न हो.
3. मरीज का कॉर्निया ठीक हो. उसका डायमीटर सही हो. उसमें इन्फेक्शन या फूला/माड़ा न हो.
4. लेसिक सर्जरी से कम-से-कम तीन हफ्ते पहले लेंस पहनना बंद कर देना चाहिए.

कौन नहीं करा सकता-
1. किसी की उम्र 18 साल से ज्यादा है लेकिन उसका नंबर स्थायी नहीं हुआ है, तो उसकी सर्जरी नहीं की जाती.
2. जिन लोगों का कॉर्निया पतला (450 मिमी से कम) है, उन्हें ऑपरेशन नहीं कराना चाहिए.
3. गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन नहीं किया जाता.
विकल्प: चश्मा/कॉन्टैक्ट लेंस ऐसे लोगों के लिए ऑप्शन हैं.

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आंखों के नीचे कालापन - Blackness Under The Eyes!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
आंखों के नीचे कालापन - Blackness Under The Eyes!

आँखों का हमारे चेहरे पर ख़ास महत्व है. हो भी क्यों नहीं आखिर इन्हीं आँखों से तो हम इस दुनिया को ठीक से अनुभव करते हैं. आँखें हमें देखने में मदद करने के साथ ही हमारे चेहरे की सुन्दरता को भी बढ़ाने का काम करते हैं. इसके अलावा आँखों और चेहरे के हाव-भाव से कई भंगिमाओं को व्यक्त किया जा सकता है. इसलिए आँखों की देखभाल की भी आवश्यकता है. आँखों के नीचे होने वाले कालापन आपके चेहरे के सौन्दर्य को प्रभावित करता है. सबसे पहले तो आप इसे समझिए कि आखिर आँखोंन के नीचे कालापन होता क्यों है? लेकिन यदि ये हो भी गया है तो आपको इसे इग्नोर करने के बजाय इसके उपचार की विषय में सोचना चाहिए. आँखों के नीचे बनने वाले ये डार्क सर्कल आपके स्वास्थ्य के बारे में भी सूचना देते हैं. इसलिए आइए इस लेख के माध्यम से हम आपको आँखों के नीचे के कालापन को दूर करने के लिए कुछ उपाय बताएं.

टमाटर है उपचार

टमाटर का इस्तेमाल हमलोग सब्जियों और सलादों को स्वादिष्ट बनाने में खूब करते रहे हैं. आपको ये जानकार हैरानी होगी कि टमाटर आपके आँखों के नीचे के डार्क सर्कल को दूर करने के लिए भी बहुत उपयोगी है. यही नहीं टमाटर के इस्तेमाल से त्वचा भी कोमल और ताज़ी बनी रहती है. यदि आप टमाटर का इस्तेमाल और कारगर तरीके से करना चाहते हैं तो इसमें नींबू की कुछ बूंदें डालकर इस्तेमाल करें.

आलू के इस्तेमाल से

आलू की सब्जी तो सबने ही खायी होगी क्यों सब्जी में आलू बेहद कॉमन है. लेकिन इसका औषधीय इस्तेमाल भी है. आलू की सहायता से आप अपने डार्क सर्कल्स को दूर कर सकते हैं. इसके लिए आपको आलू का रस निकालना होगा. इसके बाद आलू के इस रस में नींबू की कुछ बूंदें मिलानी होंगी. फिर इसे रुई से धीरे-धीरे आँखों के नीचे काले घेरों पर लगाएं. ऐसा करने से ये घेरे समाप्त हो जाएंगे.

टी-बैग्स की सहायता से

टी-बैग्स का इस्तेमाल केवल चाय पिने के लिए ही नहीं बल्कि इसकी सहायता से कई अन्य काम भी किए जा सकते हैं. इन्हीं में से एक है आँखों के नीचे से काले धब्बों को खत्म करने में इसका इस्तेमाल. इसके लिए आपको टी-बैग को कुछ देर पानी में डुबोकर रखना होगा. उसके बाद इसे कुछ देर तक फ्रिज में ठंडा होने के लिए रखें. फिर इसे निकालकर आंखों पर रखकर लेट जाएं. करीब 10 मिनट तक नियमित रूप से ऐसा करने से लाभ मिलता है.

कच्चे दूध की मदद से

कच्चे दूध के इस्तेमाल से भी आँखों के नीचे के कालापन को दूर किया जा सकता है. कच्चे और ठंडे दूध की मदद से आप आंखों के नीचे का कालापन प्रभावी तरीके से दूर कर सकते हैं. इसके लिए पहले तो आपको कच्चे दूध को ठंडा होने के लिए रखना होगा फिर सूती कपड़े की सहायता से इसे आँखों के नीचे लगाना होगा. यदि आप दिन में दो बार ऐसा करें तो इससे आपको निश्चित रूप से फायदा होगा.

कारगर हैं संतरे के छिलके

संतरे के छिलके का इस्तेमाल कई तरह से सौन्दर्य प्रसाधनों के रूप में किया जाता रहा है. इसका इस्तेमाल आप आँखों के नीचे के काले घेरे को दूर करने के लिए भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले तो संतरे के छिलकों को धुप में सुखाकर पिसना होगा. फिर इसमें थोड़ी सी मात्रा में गुलाबजल मिलाकर इसे काले घेरों पर लगाएं. कुछ दिनों तक ऐसा करने से काफी लाभ मिलेगा.

क्या हो सकते हैं कारण

डार्क सर्कल होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. कई बार बहुत अधिक तनाव लेने की वजह से आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं. इसके अलावा कम सोने, हार्मोन्स में परिवर्तन होने, अव्यवस्थित लाइफस्टाल होने या फिर हेरेडेट्री होने की वजह से भी आंखों के नीचे काले घेरे बन जाते हैं.
 

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I am facing headache continuously last some days also my eyes are paining and it feels too heavy. Don't know y. Please help regarding.

MBBS, MS - Ophthalmology
Ophthalmologist, Ahmedabad
I am facing headache continuously last some days also my eyes are paining and it feels too heavy. Don't know y. Pleas...
Try to identify the pattern of headache. Asthenopia is when in the end of the day one feels heaviness and eye ache. Because of constant computer work one feels gritty sensation Both can be because of dry eyes or refractive error. Get vision checked Use lubricating eye drops 4 times a day Content: carboxymethyl cellulose.

Sir I have sight defect I have spectacles of power -2.75 can you suggest me some eye drops which may helpful for eyes and no side effects?

DHMS (Diploma in Homeopathic Medicine and Surgery)
Homeopath, Ludhiana
Sir I have sight defect I have spectacles of power -2.75 can you suggest me some eye drops which may helpful for eyes...
Homoeopathic medicine---------------------- cineria maritina eye drops (dr reckeweg) without alcohol. Pour 2-3 drops in both eyes 3 times daily.----------------
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My wife has been feeling pain in eye while seeing light, not able to face bright light recently. Last 2-3 days.Please suggest me something for that.

Diploma in Naturopathy & Yogic Science (DNYS), MD - Acupuncture
Acupuncturist, Delhi
My wife has been feeling pain in eye while seeing light, not able to face bright light recently.
Last 2-3 days.Please...
ask your wife to eat all the meals timely. 8 am breakfast, 2 pm lunch, 8 pm dinner. Have one spoon wheat grass powder mix in 200 ml lukewarm water at 7 am daily for at least 3 months. (empty stomach)
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MD - Consultant Physician, Doctor of Medicine, MD
General Physician, Ahmedabad
Have sparkle in eyes 5 tips.sleep well 6-8 hrs.eat carrots and greens and citrous.wash eyes with warm water twice or thrice.wear goggles specks when in open.avoid uvr do not look at sun in AF.noon. do eye exercises morning and evening
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I am 18 years old male and white color come in my eyes because I am watched TV for very large time What should I do.

FPRS, DNB Ophtalmology
Ophthalmologist, Pune
I am 18 years old male and white color come in my eyes because I am watched TV for very large time What should I do.
Take frequent breaks while watching and dip a handkerchief in cold water and keep it over closed eyes for 2 minutes during breaks, you will feel better. Also get your eyes checked for any spectacle number.

I have pain in my eyes and head by long work on computer. What I should have to do.

Fellowship In Comprehensive Ophthalmology, DOMS
Ophthalmologist, Sangrur
I have pain in my eyes and head by long work on computer. What I should have to do.
Hello Prolonged working on laptop/TV/mobile can cause computer vision syndrome. Computer vision syndrome is a condition resulting from focusing the eyes on a computer or other display device for, uninterrupted periods of time. Some symptoms of cvs include a. Headaches b blurred vision c. Neck pain d redness in the eyes e. Eye strain f dry eyes sometimes watery eyes these symptoms can be further aggravated by improper lighting conditions. Measures to reduce this include 1. Work under proper light. 2. Blink a lot. 3. Cold compresses 4. Use good lubricating eyedrop.

My eye site is good suddenly I got blurred vision and dry eye. I got myopia and get a glasses of. 50 Please help me.

DHMS (Diploma in Homeopathic Medicine and Surgery)
Homeopath, Ludhiana
My eye site is good suddenly I got blurred vision and dry eye. I got myopia and get a glasses of. 50 Please help me.
Being a homoeopath,i will advise you to undergo homoeopathic treatment as homoeopathic medicine along with exercises aand a diet plan are very effective combination for improving eyesight.consult me

My eyesight is weak. I have -3 no .glasses. I want reduce my no. Suggest me ways please, like diet, exercise, etc.

MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Vadodara
My eyesight is weak. I have -3 no .glasses. I want reduce my no. Suggest me ways please, like diet, exercise, etc.
Do regular pranayama. Take a nutritional supplements. Avoid use of mobile much. Take homoeopathic treatment.. Also can go for LASIK.
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