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Dr. Parijatham

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I pride myself in attending local and statewide seminars to stay current with the latest techniques, and treatment planning....more
I pride myself in attending local and statewide seminars to stay current with the latest techniques, and treatment planning.
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Dr. Parijatham is a popular Gynaecologist in Nizampet, Hyderabad. You can consult Dr. Parijatham at Hetero specialty clinics & Dental clinic & diagnostic center in Nizampet, Hyderabad. Save your time and book an appointment online with Dr. Parijatham on Lybrate.com.

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I upset when I got periods. What tablet I have to when I suffer with period. Tel me tablet nams.

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Navi Mumbai
I upset when I got periods. What tablet I have to when I suffer with period. Tel me tablet nams.
Hi its natural but for this take following remedies 1. Dashamularisht 4 tsp before lunch and dinner.
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प्रेग्नेंट होने के टिप्स - How To Pregnant Tips?

Ayurveda, Delhi
प्रेग्नेंट होने के टिप्स - How To Pregnant Tips?

तुरंत और आसानी से गर्भवती होने के तरीके–प्रेग्नेंट होने के टिप्स

एक महिला के लिए बच्चे को जन्म देना काफी प्रसन्नता की बात होती है, और वह इस दिन की काफी प्रतीक्षा करती है।गर्भावस्था की स्थिति अचानक नहीं आती, इसमें गणना का काफी बड़ा हाथ होता है।
गर्भवती होने के लिए आपका फर्टिलाइजेशन (fertilization) अच्छे से होना चाहिए। आपको अपने मासिक धर्म (periodic cycle) का आंकलन करके उसी हिसाब से चलना चाहिए।
शारीरिक सम्बन्ध के फलस्वरूप गर्भवती होने से पहले इस बारे में अच्छे से सोच लें कि आप असल में एक बच्चे को जन्म देना चाहती हैं या नहीं।
इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से ग्रस्त लोगों को डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए तथा गर्भवती होने के अन्य तरीके प्रयोग में लाने चाहिए।
आजकल जीवनशैली में परिवर्तन की वजह से पुरुष और महिलाओं की फर्टिलिटी का स्तर काफी कम हो गया है।

*नीचे गर्भवती होने के कुछ तरीकों के बारे में बताया गया है।*
ज्यादातर जोड़े जो असुरक्षित यौन संबंध प्रस्थापित करते हो उसमे महिला को प्रेगनेंट करने का तरीका, प्रेग्नेंट/गर्भवती होने की (to become pregnant) ज्यादा संभावना होती है|
जिस जोड़े को प्रजनन की समस्या न हो वे प्रेग्नेंट होने के टिप्स,कुछ आसान तरीकों का पालन करके उसमे महिला गर्भवती हो सकती है|

*प्रेगनेंट होने के लिए कुछ सुझाव (instructions for getting pregnant)*
प्रेगनेंट होने के लिए, जोड़े को अपने आप को तनाव से मुक्त रखने की जरुरत है|
तनावग्रस्त रहने से गर्भ रहने में मुश्किलें आ सकती हैं|
*गर्भावस्था के दौरान खून निकलना और उनके कारण*
महिलाओं के लिए अण्डोत्सर्ग का समय जाननेवाले किट का उपयोग करके सही समय का पता लगाना चाहिए।
अण्डोत्सर्ग से पूर्व 24-36 घंटे मूत्र में एलएच की वृद्धि होती है और यह समय प्रेग्नेंट/गर्भवती बनने(to get pregnancy) के लिए लाभकारी होता है|
प्रेगनेंट होने के लिए,
पुरुषों को ज्यादा व्यायाम नहीं करना चाहिए,
गर्म पानी से टब बाथ नहीं लेना चाहिए और ज्यादा तंग कच्छे नहीं पेहेनने चाहिए|

प्रेग्नेंट/गर्भवती होने के बेहतरीन उपाय और प्राकृतिक तरीके (natural ways to get pregnant fast)
अगर लंबे समय बाद भी स्त्री को गर्भ न रहता हो तब वैद्यकीय सलाह की जरुरत पड़ती है|
इसमें कुछ दवाइयां लेनी पड़ती हैं जो आपके प्रेग्नेंट/गर्भवती होने के अवसरों को बढ़ावा देती हैं|

*नीचे दिए गए कुछ प्राकृतिक तरीके महेंगे नहीं होते हैं|*
नियमित रूप से इनका पालन करने पर प्रेग्नेंट/गर्भवती रहने की संभावना बढती है|
यौन संबंध के समय जोड़े कि शारीरिक अवस्था ऐसी हो जिससे पुरुष महिला के साथ गहरा संबंध प्रस्थापित कर सके|
संबंध के बाद महिला को अपनी पीठ पर 15मिनट तक लेटा हुआ रहना आवश्यक है जिससे पुरुष के शुक्राणु स्त्री के बीज तक पहुँच सके|
गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन रोक देना चाहिए|
मासिक धर्म का योग्य समय देखकर शरीर संबंध का समय तय किया जा सकता है|
पुरुष और स्त्री को स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना जरुरी है|
ड्रग्स और शराब लेना बंद करें|
स्त्री के शरीर में शुक्राणु थोड़े दिनों तक रहते हैं| इसलिए अक्सर संबंध रखना गर्भ रहने में मदद करता है|

*प्रेगनेंट होने के टिप्स.*
गर्भवती होने के तरीके (easiest way to get fast conceive tips in hindi)
कुछ स्त्रियों में आसानी से गर्भ रहता है पर कुछ स्त्रियों के लिए यह बड़ा मुश्किल होता है|
कुछ आसान तरीकों का पालन करके प्रेग्नेंट होने के टिप्स से ऐसी स्त्रियाँ प्रेग्नेंट/गर्भवती हो सकती हैं|

गर्भवती महिलाओं को नींद लाने में सहायता करने के लिए कुछ तरीके
स्त्रियों के शरीर में बीज 12-24घंटे तक फलन के लिए उपलब्ध होते हैं जबकि शुक्राणु ३ से ५ दिनों तक जिंदा रह सकते हैं|
इसलिए 28 दिनों के बाद आनेवाले मासिक धर्म में पहले 11से 21दिन तक संबंध रखने से उपयोग हो सकता है|
अक्सर संबंध रखना गर्भ रहने का आसान तरीका है|
शरीर की ऐसी स्थिति जहाँ शुक्राणु आसानी से बीज तक पहुँच सके ऐसी स्थिति होना मदद करता है|
जोड़े को तनाव मुक्त होना बहुत जरुरी होता है|
अगर ऊपर दिए गए किसी भी सुझाव से प्रेग्नेंट नहीं होती तो डॉक्टर की सलाह लें|

*प्रेग्नेंट होने के लिए क्या करें*
*वज़न घटाना (losing weight)*
कई बार वज़न ज़्यादा होने की वजह से महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कतें पेश आती हैं।
उन्हें बच्चे को जन्म देने में काफी परेशानी होती है, क्योंकि इस प्रक्रिया में उनके शरीर में जमा वसा एक बाधा बन जाती है।
अतः एक बच्चे को जन्म देने के लिए पुरुष और महिला दोनों का ही स्वस्थ रहना काफी ज़रूरी है।
अत्याधिक वज़न वाली महिलाओं को इनफर्टिलिटी की समस्या होने की संभावना काफी ज़्यादा होती है।
अतः गर्भधारण का प्रयास करने से पहले महिलाओं को 2 से 3 महीने तक व्यायाम करके अपना वज़न कम करने का प्रयास करना चाहिए।

*केमिकल्स से दूर रहें (be away from chemicals)*
कारखानों तथा प्रयोगशालाओं में काम करने वाली महिलाएं रोज़ाना कठोर केमिकल्स के संपर्क में आती हैं।
छपाई के कारखानों तथा फसलों के लिए कीटनाशक बनाने वाले उद्योगों में काम करने वालों को भी इनफर्टिलिटी की समस्या घेर सकती है।
एक बार अगर आपने गर्भधारण का फैसला ले लिया है तो कृपया केमिकल्स से दूर रहें।
अगर संभव हो तो अपना पेशi बदल लें या फिर गर्भावस्था के समय से पहले और बाद के लिए छुट्टी ले लें।
इससे आपके फर्टिलिटी तथा बच्चा दोनों ही सुरक्षित रहेंगे।

*तनाव दूर करें (avoiding stress)*
आजकल ज़्यादातर लोग तनाव के शिकार हैं, और शायद यही वजह गर्भावस्था के स्तर के घटने की भी है।
आजकल सभी लोगों को सारा दिन काम का बोझ तथा तनाव झेलना पड़ता है।
दिमाग में पड़ने वाले प्रभाव के अलावा यह शरीर में उत्पादित होने वाले हॉर्मोन्स (hormones) में भी समस्या उत्पन्न करता है।
अतः तनाव से दूर रहें तथा गर्भधारण का फैसला लेने से पहले हमेशा खुश रहने का प्रयास करें।
आपको अपने बच्चे के बारे में सोचते हुए अपना तनाव कम करना चाहिए।
चिंता की वजह को दूर करने की कोशिश करें।

*सेक्स की प्रक्रिया को दोहराएं (having repeated sex)*
सम्भोग दुनिया में बच्चे को लाने का एक अनोखा और आनंददायक तरीका है।
प्रेगनेंट करने का तरीका में कुछ लोग काम के दबाव तथा अन्य जुड़े कारणों से पर्याप्त मात्रा में सेक्स की क्रिया को अंजाम नहीं दे पाते।
पर अगर आप बच्चा चाहती हैं और एक बार सेक्स से कोई फायदा ना हो तो उर्वर दिनों (fertilizing days) को ध्यान में रखते हुए सेक्स की क्रिया को बार बार दोहराना काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। 
महिलाओं का मासिक धर्म (menstrual cycle) 28 से 30 दिनों का होता है, जिसमें से 14 वें दिन वे सबसे ज़्यादा उर्वर अवस्था में रहती हैं। 
आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि अंडाणु (ovum) का जीवन 24 से 36 घंटों तक का ही रहता है। 
अतः आपको सम्भोग की क्रिया के लिए इस दिन के आसपास के समय का ही चुनाव करना चाहिए। 
इस समय सेक्स में लिप्त होने से गर्भधारण की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। 
आपको सम्भोग के बाद दवाई की दुकानों पर उपलब्ध यूरिन टेस्ट किट (urine test kit) से गर्भावस्था की जांच करनी चाहिए।

*गर्भवती होने के उपाय–*
संतुलित खानपान (balanced diet)
जब आपको गर्भधारण की इच्छा हो, उस समय आपको अपने खानपान की तरफ भी काफी ध्यान देना चाहिए।
संतुलित आहार करें जिसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, मिनरल और अन्य पोषक पदार्थ हों (protein, minerals and other nutrients), जिससे कि गर्भधारण की प्रक्रिया में तेज़ी आ जाए। 
हमेशा पोषक भोजन करने की कोशिश करें, जिससे बिना किसी समस्या के आसानी से बच्चे को जन्म दिया जा सके।
आप अपने खानपान में अन्य पूरक आहार (supplements) तथा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (micronutrients) भी शामिल कर सकती है|

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Hi I am 28 year old married female trying to conceive I have done amh test which is 2.2 ng/ml so how long I can try naturally to become pregnant please suggest me with any tips.

MBBS, MS - Obstetrics and Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
Hi I am 28 year old married female trying to conceive I have done amh test which is 2.2 ng/ml so how long I can try n...
Try for natural conception for 3 months ,you should be in contact with your husband from 11th -18th day of cycle. If do not conceive in 3 months then consult a gynaecologist.
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Am 35 week pregnant after my scanning my baby weight is 2.5 is dat weight is low. Pls rly and suggest a suitable rly.

MD
Gynaecologist, Mumbai
Am 35 week pregnant after my scanning my baby weight is 2.5 is dat weight is low. Pls rly and suggest a suitable rly.
If there are no medical issues with preg then the baby will gain some wt in the next 2-3 weeks do not worry.
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Urinary Tract Infection - How You Can Prevent Them From Happening?

MBBS, DGO
Gynaecologist, Delhi
Urinary Tract Infection - How You Can Prevent Them From Happening?

A urinary tract infection can be painful and annoying. Most urinary tract infections affect the bladder and urethra, but it can also affect the kidneys and ureter. Women have a higher risk of suffering from this infection as compared to men. This is because women have a shorter urethra than men and hence the bacteria needs to travel a shorter distance to reach the bladder. Urinary tract infections can usually be treated easily with a course of antibiotics as long as they are detected in time. If not detected in time, it can affect the kidneys which make it a more serious problem. Hence, it becomes important to be able to recognise the signs of this infection.

Some of the symptoms to watch out for are:

  1. A persistent urge to urinate but low volume of urine produced
  2. A burning sensation while urinating
  3. Cloudy urine
  4. Blood in the urine which makes the urine appear red, pink or blackish
  5. Strong smell of the urine
  6. Pelvic pain

A urinary tract infection that affects the urethra is also known as urethritis. A burning sensation when urinating and discharge along with urine are the most prominent symptoms of this type of infection. When this infection affects the bladder it comes to be known as cystitis. Cystitis patients typically suffer from frequent and painful urination along with discomfort in the lower abdomen and pressure in the pelvic area. They may also notice blood in the urine.

Acute pyelonephritis refers to a urinary infection that affects the kidneys. In such cases, along with the typical symptoms, the patient may also experience high fever, nausea, shivering and pain in the upper back and sides of the abdomen.

This infection can affect a person at any age. Most women suffer from at least one bout of urinary tract infections in their lifetime. Some of the factors that increase the risk of suffering from this infection are:
Certain types of birth control such as diaphragms and spermicidal agents

  1. Menopause
  2. New sexual partners
  3. Urinary tract abnormalities
  4. Kidney stones or other blockages in the urinary tract
  5. Weakened immune system
  6. Use of catheters
  7. Recent urinary procedures that involve the use of medical instruments

Urinary tract infection can be easily prevented by living a healthy lifestyle. Drink plenty of fluids to flush bacteria and other toxins from your body. Bacteria multiplies in the bladder if urine stays for too long. Hence, urinate frequently and do not try to control your bladder. Avoid synthetic underwear and wear cotton underwear with loose fitting clothes that keep the area around the urethra dry.

How to prevent recurrent urinary tract infections
A urinary tract infection or UTI can be quite painful and uncomfortable. This infection can be described as an infection that affects the ureter, urethra, bladder or kidneys. Women have a shorter urethra than men which makes this more vulnerable to this kind of infection. It is said that most women suffer from at least one bout of this infection in a lifetime. Urinary tract infections are caused by bacteria and may often recur after treatment. However, in most cases, this can easily be prevented. Here are a few tips to help prevent recurrent urinary tract infections.

  1. Drink plenty of fluids: Ideally, we should drink 8-10 glasses of water a day at regular intervals. This keeps the body hydrated and flushes toxins and bacteria from the body. Water also prevents the formation of kidney stones that could increase your risk of suffering from a urinary tract infection.
  2. Urinate frequently: If you drink the required amount of water, you will typically need to urinate frequently. Do not try to control your bladder. Holding your urine in your bladder allows bacteria to multiply inside the bladder. This is an easy way for a UTI to begin.
  3. Follow healthy bathroom habits: Cleanliness is the first step to preventing any infection. When using public restrooms, flush the toilet before and after urinating. In the case of women, it becomes important to ensure that the seat of the toilet is clean as well. After urinating wipe the residual urine with toilet paper in a motion that goes from front to back. Since the urethra is situated very close to the rectum, this step is very important. For uncircumcised men, it is important to wash the foreskin after urination.
  4. Wear loose clothes: Tight fitting clothes trap moisture and aid in the multiplication of bacteria. Hence, always wear loose fitting clothes that keep the area around the urethra dry. Also, avoid synthetic underwear and only wear cotton underwear.
  5. Urinate after intercourse: The relative closeness of the vagina to the urethra makes it easy for bacteria to enter the urethra during intercourse. Hence, make it a habit of washing your pubic region after urinating. This helps flush out any possible bacteria that may have entered your body.
  6. Choose the correct method of birth control: Certain types of birth control such as diaphragms and spermicidal agents can promote a urinary tract infection. Hence, it is best to avoid these types of birth control and pick alternatives. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Gynaecologist.
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Hello doc, I am going for a7 days trip of leh ladakh with my husband on Saturday. Doc pls suggest some medicines which I should keep with us.

BAMS
Ayurveda,
Hello doc,
I am going for a7 days trip of leh ladakh with my husband on Saturday. Doc pls suggest some medicines whic...
If possible carry herbal tea which you can take a cup of tea every morning to refresh, do not over eat, drink sufficient water and continue what ever medication is going one.
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Hello, team, suppose we are having sex today and after how many days or how many months we came to know about the pregnancy? Normally how many days it takes for the pregnancy confirmation? Please explain me in details about the pregnancy cycle.

DNHE, MD - Alternate Medicine, Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Rajkot
Hello, team, suppose we are having sex today and after how many days or how many months we came to know about the pre...
Dear Lybrate User, it takes one month to know about pregnancy.. the mansis cycles 10 to 20 days is the most suitable time for pregnancy.. For more details consult me..
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Alfalfa Benefits and Side Effects in Hindi - अल्फाल्फा के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Alfalfa Benefits and Side Effects in Hindi - अल्फाल्फा के फायदे और नुकसान

अल्फ़ा-अल्फ़ा एक अरबी नाम है जिसका अर्थ है पौधों का बाप. इसकी जड़ें धरती में 20 से 30 फीट निचे तक फैली होती हैं. इतना निचे से अल्फ़ा-अल्फ़ा वो खनिज-लवण प्राप्त कर लेता है जो धरती के सतह पर मौजूद नहीं होती है. अल्फ़ा-अल्फ़ा में प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं. इसके फायदे और नुकसान निम्लिखित हैं.

1. किडनी के पथरी के उपचार में
विटामिन ए, सी, ई और जिंक किडनी की पथरी को गलाकर बाहर निकालते हैं. ये सारे विटामिन इकट्ठे अल्फ़ा-अल्फ़ा में पाए जाते हैं इसलिए किडनी के पथरी को ख़त्म करने में ये बेहद कारगर साबित होता है. इसलिए किडनी की पथरी को ख़त्म कने के लिए इसका इस्तमाल करना चाहिए.
2. पीरियड्स में
जाहिर है महावारी के बाद महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अल्फ़ा-अल्फ़ा में अस्ट्रोजेनिक गुण मौजूद होने के कारण पीरियड्स के दौरान ये महिलाओं को राहत देने का काम करता है. पीरियड्स में राहत महसूस करने के लिए महिलाएं इसका इस्तेमाल कर सकती हैं.
3. जोड़ों के दर्द में
मिनरल का सबसे अच्छा स्त्रोत माने जाने वाले अल्फ़ा-अल्फ़ा, हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए काफी फायदेमंद होता है. चूँकि गठिया भी इससे ही सम्बंधित है इसलिए इसके उपचार में भी अल्फ़ा-अल्फ़ा का प्रयोग किया जाता है. इसकी चाय गठिया के पीड़ितों को नियमित रूप सी पीना चाहिए.
4. मोटापा कम करता है
अल्फ़ा-अल्फ़ा स्प्राउट्स आपके स्वास्थ्य के लिए एक स्वादिष्ट विकल्प है. क्योंकि कोलेस्ट्राल, वसा, शुगर और संतृप्त वसा से मुक्त होता है. यही नहीं ये प्रोटीन और फाइबर से भी भरपूर होता है. इसलिए इसे खाने के बाद आपकी तृप्ति लम्बे समय तक बनी रहती है.
5. सांस लेने सम्बंधी समस्याओं से निबटने में
इसका जूस क्लोरोफिल का बेहतरीन स्त्रोत है. इस वजह से ये श्वसन सम्बन्धी समस्याओं के निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. खासकरके फेफड़ों और साइनस की समस्या से पीड़ित मरीज इसका जूस पिएं. इसे नियमित रूप से लेने से लाभ मिलता है.
6. शुगर के उपचार में अल्फ़ा-अल्फ़ा
अल्फ़ा-अल्फ़ा शुगर के उपचार के लिए एक प्राकृतिक स्त्रोत माना जाता है. खासकरके ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित मरीजों को इसका नियमित सेवन करना चाहिए. ये रक्त शर्करा का स्तर भी कम करता है.
7. पेट की बिमारियों में
अल्फ़ा-अल्फ़ा का बीज खाने से आपके पेट की बीमारियाँ तो ख़त्म होती ही हैं इसके खिलाफ आपके लड़ने की क्षमता में भी वृद्धि होती है. इसका चाय पिने से आप पेट की बिमारी से पीड़ित इसका लाभ उठा सकते हैं. पेट की बीमारी कई बीमारियों का स्त्रोत हो सकती है इसलिए इसका अतिरिक्त फायदा भी है.
8. गंजेपन से बचने के लिए
अल्फ़ा-अल्फ़ा का रस और बराबर मात्रा में गाजर एवं सलाद पत्तों को मिलाकर इसे नियमित रूप से बालों में लगाइए. विभिन्न आवश्यक पोषक तत्वों से प्रचुर ये रस बालों के विकास एवं मजबूती के लिए लाभदायक सिद्ध होता है. इसलिए यदि आप भी गंजेपन से दूर रहना चाहते हैं तो आज ही इसका इस्तेमाल शुरू कर दीजिए.
9. उच्च रक्तचाप का इलाज
यदि उच्च रक्तचाप को प्राकृतिक रूप से कम करना हो तो इसके लिए आप अल्फ़ा-अल्फ़ा की सहायता ले सकते हैं. ये कठोर धमनियों को नर्म करने में सहायक सिद्ध होता है. इसलिए इसे उच्च रक्तचाप में फायदेमंद बताया जाता है.

अल्फ़ा-अल्फ़ा के नुकसान भी हैं
1. अल्फ़ा-अल्फ़ा रक्त शर्करा का स्तर घटाता है. इसलिए शुगर के मरीज इसके इस्तेमाल में सावधाने बरतें.
2. इसका जरूरत से ज्यादा सेवन भी कई परेशानियाँ उत्पन्न कर सकता है. किसी चिकित्सक के सलाह से ही इसका प्रयोग करें.
3. संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है. ऐसे लोग इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतें.
गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके इस्तेमाल से बचें. क्योंकि ये एक अस्ट्रोजेन की तरह काम करता है.
 

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Dr. Sadhvi Reddy

Fellowship In Minimal Access Surgery, MS - Obstetrics and Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
Vijay Hospital , 
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Dr. Papolu Rama Devi

Advanced Infertility, MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
Dr. Rama's Fertility IVF Centre, 
300 at clinic
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Dr. Sunitha Ilinani

MD - Obstetrics & Gynaecolog, MBBS
Gynaecologist
Surya Fertility Centre, 
300 at clinic
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Dr. Haritha Yalamanchili

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD - Obstetrics & Gynaecology, MRCOG
Gynaecologist
YPR Health Care, 
300 at clinic
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Dr. Vandana Hegde

MBBS, MS - Obstetrics and Gynaecology, Post Doctoral Fellowship in Reproductive Medicine, Fellowship in Infertility, Diploma in Assisted Reproductive Technology & Embryology
Gynaecologist
Hegde Hospital, 
100 at clinic
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Dr. Radhika Kandula

MBBS, DNB (Obstetrics and Gyneacology), FNB Reproductive Medicine
Gynaecologist
Institute of Women Health and Fertility, 
300 at clinic
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