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Dr. Sanjeev Zutshi

General Physician, Delhi

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Our team includes experienced and caring professionals who share the belief that our care should be comprehensive and courteous - responding fully to your individual needs and preferences....more
Our team includes experienced and caring professionals who share the belief that our care should be comprehensive and courteous - responding fully to your individual needs and preferences.
More about Dr. Sanjeev Zutshi
Dr. Sanjeev Zutshi is a popular General Physician in Lajpat Nagar, Delhi. You can meet Dr. Sanjeev Zutshi personally at Aastha Medical Centre in Lajpat Nagar, Delhi. Book an appointment online with Dr. Sanjeev Zutshi and consult privately on has an excellent community of General Physicians in India. You will find General Physicians with more than 31 years of experience on You can find General Physicians online in Delhi and from across India. View the profile of medical specialists and their reviews from other patients to make an informed decision.


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When Do Kidneys Need Dialysis?

DNB (Nephrology), MD, MBBS
Nephrologist, Delhi
When Do Kidneys Need Dialysis?

Kidneys are a pair of organs that are located on either side of the spine, each about a size of a fist. The kidneys help in purifying blood by removing toxins, waste materials and excess fluids from the human body. Disorders and dysfunctions of the kidney can lead to severe and often fatal consequences. When the kidneys stop functioning as they are supposed to, dialysis is performed to resume normal functioning in the body.

Dialysis is a type of treatment, which filters and purifies the blood with the aid of a machine. It is an artificial way of purifying blood. There are two types of dialysis, namely hemodialysis and peritoneal dialysis. Hemodialysis, the most common form of dialysis, which involves using a manmade kidney called a hemodialyzer, which removes toxins and waste materials from blood.

Peritoneal Dialysis, on the other hand, is a type of treatment which involves implanting a catheter in the stomach. During the procedure, a fluid called dialysate flows into the abdomen that absorbs all the waste material, which is consequently drained out of the body.

You may need a dialysis if:

- Your kidneys are dysfunctional
- When waste materials and toxins start to accumulate in the body
- In an event of an injury or accident to the kidney such as internal lacerations (wound caused by the tearing of a tissue)
- If the creatinine (a type of a chemical waste product) level falls to 10-12 cc/minute
- In an event where the kidneys aren't able to work properly leading to accumulation of toxins, irregular amounts of chemicals in the body and other dysfunctions

Weakening of the abdominal muscles and weight gain are some of the risks involved in dialysis. Dialysis is a temporary treatment and serves to function till the time the actual kidneys get repaired. In chronic cases of kidney disease, kidney transplant may perhaps be the last resort.


Related Tip: 4 Types of Kidney Stones and Their Common Symptoms

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How many days dengue virus remain active in our body. When will platelets begin to increase? Please advise.

General Physician, Faridabad
How many days dengue virus remain active in our body. When will platelets begin to increase? Please advise.
virus remain active 5-15 days i our body, after recovery, platelet starts increasing gradually, consume lemon water with sugar andamla, 3-4 litre of water daily
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Hi, its been two days, I was diagnosed by blood sugar around 560 one hour after my breakfast, same evening it was 166. Which treatment is better ayurvedic or allopathic.

MBBS, CCEBDM, Diploma in Diabetology
Endocrinologist, Hubli-Dharwad
There's no ayurvedic treatment for confirmed diabetes. Only allopathic drugs and diet control plus weight control are needed. Start on allopathic treatment immediately.
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I work out and take whey protein. I am taking whey protein for lat 3 months regularly however for last 2-3 days, my stomach ache after 15 min I drink it and I feel gassy. The whey protein I use is one of the best in the market from ultimate nutrition. Can you please let me know why is it happening?

ARDMS, Diploma in Physical Medicine & Rehabilitation, Diploma in Hospital Management, FMGEMS, MBBS
General Physician, Delhi
I work out and take whey protein. I am taking whey protein for lat 3 months regularly however for last 2-3 days, my s...
Dear sir possibly either you have become sensitive to this protein or change the brand and use with probiotic like cap econorm daily. If you still have that then you can change the type of protein like soya protein thanks.
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Is the pain of the left side of the chest relate to heart problem or heart attack?

General Physician, Mumbai
Is the pain of the left side of the chest relate to heart problem or heart attack?
Left side chest pains with pain radiating to left hand with sweating and irregular heartbeat are related to heart attack
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सेक्स में कैसे आती है उत्तेजना

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
सेक्स में कैसे आती है उत्तेजना
पेनिस (लिंग) में इरेक्शन विचार से होता है, स्पर्श से होता है। दिमाग में एक सेक्स सेंटर है। जब वह उत्तेजित होता है तो संदेश लिंग की तरफ जाता है। बदन में खून का प्रवाह तेज हो जाता है। पूरे शरीर में पेनिस में खून का प्रवाह सबसे ज्यादा तेज होता है। इसी वजह से लिंग में उत्तेजना ओर स्त्रियों की योनि में गीलापन आता है। पेनिस के इरेक्शन के लिए योग्य हॉर्मोन का होना जरूरी है। पुरुषों में 60 साल के बाद और महिलाओं में 45 साल के बाद हॉर्मोन की कमी होने लगती है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है: सेक्स के दौरान या उससे पहले पेनिस में इरेक्शन (तनाव) के खत्म हो जाने को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या नपुंसकता कहते हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कई तरह का हो सकता है। हो सकता है, कुछ लोगों को बिल्कुल भी इरेक्शन न हो, कुछ लोगों को सेक्स के बारे में सोचने पर इरेक्शन हो जाता है, लेकिन जब सेक्स करने की बारी आती है, तो पेनिस में ढीलापन आ जाता है। इसी तरह कुछ लोगों में पेनिस वैजाइना के अंदर डालने के बाद भी इरेक्शन की कमी हो सकती है। इसके अलावा, घर्षण के दौरान भी अगर किसी का इरेक्शन कम हो जाता है, तो भी यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की निशानी है।

इरेक्शन सेक्स पूरा हो जाने के बाद यानी इजैकुलेशन के बाद खत्म होना चाहिए। कई बार लोगों को वहम भी हो जाता है कि कहीं उन्हें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन तो नहीं। सीधी सी बात है कि आप जिस काम को करने की कोशिश कर रहे हैं, वह काम अगर संतुष्टिपूर्ण तरीके से कर पाते हैं तो सब ठीक है और नहीं कर पा रहे हैं तो समस्या हो सकती है। जिन लोगों में यह दिक्कत पाई जाती है, वे चिड़चिड़े हो सकते हैं और उनका कॉन्फिडेंस लेवल भी कम हो सकता है। वजह: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह शारीरिक भी हो सकती है और मानसिक भी। अगर किसी खास समय इरेक्शन होता है और सेक्स के समय नहीं होता, तो इसका मतलब यह समझना चाहिए कि समस्या मानसिक स्तर की है। खास समय इरेक्शन होने से मतलब है- सुबह सोकर उठने पर, पेशाब करते वक्त, मास्टरबेशन के दौरान या सेक्स के बारे में सोचने पर। अगर इन स्थितियों में भी इरेक्शन नहीं होता तो समझना चाहिए कि समस्या शारीरिक स्तर पर है। अगर समस्या मानसिक स्तर पर है तो साइकोथेरपी और डॉक्टरों द्वारा बताई गई कुछ सलाहों से समस्या सुलझ जाती है।

- शारीरिक वजह ये चार हो सकती हैं : चार छोटे एस (S) बड़े एस यानी सेक्स को प्रभावित करते हैं। ये हैं : शराब, स्मोकिंग, शुगर और स्ट्रेस।- हॉर्मोंस डिस्ऑर्डर्स इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की एक खास वजह है।- पेनिस के सख्त होने की वजह उसमें खून का बहाव होता है। जब कभी पेनिस में खून के बहाव में कमी आती है तो उसमें पूरी सख्ती नहीं आ पाती और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। कुछ लोगों के साथ ऐसा भी होता है कि शुरू में तो पेनिस के अंदर ब्लड का फ्लो पूरा हो जाता है, लेकिन वैजाइना में एंटर करते वक्त ब्लड का यह फ्लो वापस लौटने लगता है और पेनिस की सख्ती कम होने लगती है।- नर्वस सिस्टम में आई किसी कमी के चलते भी यह समस्या हो सकती है। यानी न्यूरॉलजी से जुड़ी समस्याएं भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह हो सकती हैं।- हमारे दिमाग में सेक्स संबंधी बातों के लिए एक खास केंद्र होता है। इसी केंद्र की वजह से सेक्स संबंधी इच्छाएं नियंत्रित होती हैं और इंसान सेक्स कर पाता है। इस सेंटर में अगर कोई डिस्ऑर्डर है, तो भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है।- कई बार लोगों के मन में सेक्स करने से पहले ही यह शक होता है कि कहीं वे ठीक तरह से सेक्स कर भी पाएंगे या नहीं। कहीं पेनिस धोखा न दे जाए। मन में ऐसी शंकाएं भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह बनती हैं। इसी डर की वजह से लॉन्ग-टर्म में व्यक्ति सेक्स से मन चुराने लगता है और उसकी इच्छा में कमी आने लगती है।- डॉक्टरों का मानना है कि 80 फीसदी मामलों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह शारीरिक होती है, बाकी 20 फीसदी मामले ऐसे होते हैं जिनमें इसके लिए मानसिक कारण जिम्मेदार होते हैं।ट्रीटमेंटपहले इस समस्या को आहार-विहार और कसरत करने से ठीक करने की कोशिश की जाती है, लेकिन जब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता तो कोई भी ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर समस्या की असली वजह का पता लगाते हैं। इसके लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं। वजह के अनुसार आमतौर पर इलाज के तरीके ये हैं:1. हॉर्मोन थेरपी : अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की वजह हॉर्मोन की कमी है तो हॉर्मोन थेरपी की मदद से इसे दो से तीन महीने के अंदर ठीक कर दिया जाता है। इस ट्रीटमेंट का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।2. ब्लड सप्लाई : जब कभी पेनिस में आर्टरीज की ब्लॉकेज की वजह से ब्लड सप्लाई में कमी आती है, तो दवाओं की मदद से इस ब्लॉकेज को खत्म किया जाता है। इससे पेनिस में ब्लड की सप्लाई बढ़ जाती है और उसमें तनाव आने लगता है।3. सेक्स थेरपी : कई मामलों में समस्या शारीरिक न होकर दिमाग में होती है। ऐसे मामलों में सेक्स थेरपी की मदद से मरीज को सेक्स संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाती है, जिससे वह अपने तरीकों में सुधार करके इस समस्या से बच सकता है।4. वैक्यूम पंप, इंजेक्शन थेरपी और वायग्रा : वैक्यूम पंप, इंजेक्शन थेरपी और वायग्रा जैसे ड्रग्स की मदद से भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को दूर किया जा सकता है। वैसे कुछ डॉक्टरों का मानना है कि वैक्यूम पंप और इंजेक्शन थेरपी अब पुराने जमाने की बात हो चुकी हैं।- वैक्यूम पंप : आजकल बाजार में कई तरह के वैक्यूम पंप मौजूद हैं। रोज अखबारों में इसके तमाम ऐड आते रहते हैं। इसकी मदद से बिना किसी साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का हल निकाला जा सकता है। वैक्यूम पंप एक छोटा सा इंस्ट्रूमेंट होता है। इसकी मदद से पेनिस के चारों तरफ 100 एमएम (एचजी) से ज्यादा का वैक्यूम बनाया जाता है जिससे पेनिस में ब्लड का फ्लो बढ़ने लगता है, और तीन मिनट के अंदर उसमें पूरी सख्ती आ जाती है। लगभग 80 फीसदी लोगों को इससे फायदा हो जाता है। चूंकि इसमें कोई दवा नहीं दी जाती है, इसलिए इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। वैक्यूम पंप आमतौर पर उन लोगों के लिए है जो 50 की उम्र के आसपास पहुंच गए हैं। यंग लोगों को इसकी सलाह नहीं दी जाती है, फिर भी जो भी इसका इस्तेमाल करे, उसे डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।- वायग्रा : इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए वायग्रा का इस्तेमाल अच्छा ऑप्शन है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी भी सूरत में बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए। वायग्रा में मौजद तत्व उस केमिकल को ब्लॉक कर देते हैं, जो पेनिस में होने वाले ब्लड फ्लो को रोकने के लिए जिम्मेदार है। इससे पेनिस में ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है और फिर इरेक्शन आ जाता है। वायग्रा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करने में फायदेमंद तो साबित होती है, लेकिन यह महज एक टेंपररी तरीका है। इससे समस्या की वजह ठीक नहीं होती।इनका असर गोली लेने के चार घंटे तक रहता है। वायग्रा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनी चाहिए। कई मामलों में इसे लेने के चलते मौत भी हुई हैं। गोली लेने के 15 मिनट बाद असर शुरू हो जाता है।अगर हाई और लो ब्लडप्रेशर, हार्ट डिजीज, लीवर से संबंधित रोग, ल्यूकेमिया या कोई एलर्जी है तो वायग्रा लेने से पहले विशेष सावधानी रखें और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही चलें।- सर्जरी : जब ऊपर दिए गए तरीके फेल हो जाते हैं, तो अंतिम तरीके के रूप में पेनिस की सर्जरी की जाती है।प्रीमैच्योर इजैकुलेशनप्रीमैच्योर इजैकुलेशन या शीघ्रपतन पुरुषों का सबसे कॉमन डिस्ऑर्डर है। सेक्स के लिए तैयार होते वक्त, फोरप्ले के दौरान या पेनिट्रेशन के तुरंत बाद अगर सीमेन बाहर आ जाता है, तो इसका मतलब प्रीमैच्योर इजैकुलेशन है। ऐसी हालत में पुरुष अपनी महिला पार्टनर को पूरी तरह संतुष्ट किए बिना ही फारिग हो जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पुरुष का अपने इजैकुलेशन पर कोई अधिकार नहीं होता। आदर्श स्थिति यह होती है कि जब पुरुष की इच्छा हो, तब वह इजैकुलेट करे, लेकिन प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की स्थिति में ऐसा नहीं होता।- सेरोटोनिन जैसे न्यूरो ट्रांसमिटर्स की कमी से प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की समस्या हो सकती है।- यूरेथेरा, प्रोस्टेट आदि में अगर कोई इंफेक्शन है, तो भी प्रीमैच्योर इजैकुलेशन हो सकता है।- दिमाग में मौजूद सेक्स सेंटर एरिया में अगर कोई डिस्ऑर्डर है तो भी सीमेन का डिस्चार्ज तेजी से होता है।- कुछ लोगों के पेनिस में उत्तेजना पैदा करने वाले न्यूरोट्रांसमिटर्स ज्यादा संख्या में होते हैं। इनकी वजह से ऐसे लोगों में टच करने के बाद उत्तेजना तेजी से आ जाती है और वे जल्दी क्लाइमैक्स पर पहुंच जाते हैं।- कई बार एंग्जायटी, टेंशन और सीजोफ्रेनिया की वजह से भी ऐसा हो सकता है।दवाएं : प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की वजह को जानने के बाद उसके मुताबिक खाने की दवाएं दी जाती हैं। इनकी मदद से प्रीमैच्योर इजैकुलेशन को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इसमें करीब दो महीने का वक्त लगता है। इन दवाओं के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं।इंजेक्शन थेरपी: अगर खाने की दवाओं से काम नहीं चलता तो इंजेक्शन थेरपी दी जाती है। इनसे तीन मिनट के अंदर पेनिस हार्ड हो जाता है और यह हार्डनेस 30 मिनट तक बरकरार रहती है। इसकी मदद से कोई भी शख्स सही तरीके से सेक्स कर सकता है। ये इंजेक्शन कुछ दिनों तक दिए जाते हैं। इसके बाद खुद-ब-खुद उस शख्स का अपने इजैकुलेशन पर कंट्रोल होने लगता है और फिर इन इंजेक्शन को छोड़ा जा सकता है।टोपिकल थेरपी : यह टेंपररी ट्रीटमेंट है। इसमें कुछ खास तरह की क्रीम का यूज किया जाता है। इन क्रीम की मदद से डिस्चार्ज का टाइम बढ़ जाता है। इनका भी कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।सेक्स थेरपी : दवाओं के साथ मरीज को कुछ एक्सरसाइज भी सिखाई जाती हैं। ये हैं :स्टॉप स्टार्ट टेक्निक : पार्टनर की मदद से या मास्टरबेशन के माध्यम से उत्तेजित हो जाएं। जब आपको ऐसा लगे कि आप क्लाइमैक्स तक पहुंचने वाले हैं, तुरंत रुक जाएं। खुद को कंट्रोल करें और सुनिश्चित करें कि इजैकुलेशन न हो। लंबी गहरी सांस लें और कुछ पलों के लिए रिलैक्स करें। कुछ पलों बाद फिर से पेनिस को उत्तेजित करना शुरू कर दें। जब क्लाइमैक्स पर पहुंचने वाले हों, तभी रोक लें और रिलैक्स करें। इस तरह बार बार दोहराएं। कुछ समय बाद आप महसूस करेंगे कि शुरू करने और स्टॉप करने के बीच का समय धीरे धीरे ज्यादा हो रहा है। इसका मतलब है कि आप पहले के मुकाबले ज्यादा समय तक टिक रहे हैं। लगातार प्रैक्टिस करने से इजैकुलेशन कब हो इस पर काबू पाया जा सकता है।कीजल एक्सरसरइज : कीजल एक्सरसाइज न सिर्फ प्रीमैच्योर इजैकुलेशन को कंट्रोल करने में सहायक है, बल्कि प्रोस्टेट से संबंधित समस्याएं भी इससे ठीक की जा सकती हैं। इसके लिए पेशाब करते वक्त स्क्वीज, होल्ड, रिलीज पैटर्न अपनाना होता है। यानी पेशाब का फ्लो शुरू होते ही मसल्स का स्क्वीज करें, कुछ पलों के लिए रुकें और फिर से रिलीज कर दें। इस दौरान इस प्रॉसेस का बार बार दोहराएं। इन सेक्स एक्सरसाइज की प्रैक्टिस अगर कोई शख्स चार हफ्ते तक लगातार कर लेता है तो उसके बाद वह 8 से 10 मिनट तक बिना इजैकुलेशन के इरेक्शन बरकरार रख सकता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि काफी टाइम बाद सेक्स करने से भी व्यक्ति जल्दी स्खलित हो जाता है। ऐसे मामलों में इन एक्सरसाइजों को कर लिया जाए तो इस समस्या से भी निजात पाई जा सकती है।मास्टरबेशनसेक्स के दौरान पेनिस जो काम योनि में करता है, वही काम मास्टरबेशन के दौरान पेनिस मुट्ठी में करता है। मास्टरबेशन युवाओं का एक बेहद सामान्य व्यवहार है। जिन लोगों के पार्टनर नहीं हैं, उनके साथ-साथ मास्टरबेशन ऐसे लोगों में भी काफी कॉमन है, जिनका कोई सेक्सुअल पार्टनर है। जिन लोगों के सेक्सुअल पार्टनर नहीं हैं या जिनके पार्टनर्स की सेक्स में रुचि नहीं है, ऐसे लोग अपनी सेक्सुअल टेंशन को मास्टरबेशन की मदद से दूर कर सकते हैं। जो लोग प्रेग्नेंसी और एसटीडी के खतरों से बचना चाहते हैं, उनके लिए भी मास्टरबेशन उपयोगी है।नॉर्मल: मास्टरबेशन बिल्कुल नॉर्मल है। सेक्स का सुख हासिल करने का यह बेहद सुरक्षित तरीका है और ताउम्र किया जा सकता है, लेकिन अगर यह रोजमर्रा की जिंदगी को ही प्रभावित करने लगे तो इसका सेहत और दिमाग दोनों पर गलत असर हो सकता है।कुछ तथ्य- सामान्य सेक्स के तीन तरीके होते हैं - पार्टनर के साथ सेक्स, मास्टरबेशन और नाइट फॉल। अगर पार्टनर से सेक्स कर रहे हें तो जाहिर है सीमेन बाहर आएगा। सेक्स नहीं करते, तो मास्टरबेशन के जरिये सीमेन बाहर आएगा। अगर कोई शख्स यह दोनों ही काम नहीं करता है तो उसका सीमेन नाइट फॉल के जरिये बाहर आएगा। सीमेन सातों दिन और चौबीसों घंटे बनता रहता है। सीमेन बनता रहता है, खाली होता रहता है।- मास्टरबेशन करने से कोई शारीरिक या मानसिक कमजोरी नहीं आती।- पेनिस में जितनी बार इरेक्शन होता है, उतनी बार मास्टरबेशन किया जा सकता है। इसकी कोई लिमिट नहीं है। हर किसी के लिए अलग-अलग दायरे हैं।- इससे बाल गिरना, आंखों की कमजोरी, मुंहासे, वजन में कमी, नपुंसकता जैसी समस्याएं नहीं होतीं।- सीमेन की क्वॉलिटी पर कोई असर नहीं होता। न तो सीमेन का कलर बदलता और न वह पतला होता है।- इससे पेनिस के साइज पर भी कोई असर नहीं होता। जो लोग कहते हैं कि मास्टरबेशन से पेनिस का टेढ़ापन, पतलापन, नसें दिखना जैसी समस्याएं हो जाती हैं, वे खुद भी भ्रम में हैं और दूसरों को भी भ्रमित कर रहे हैं।- कुछ लोगों को लगता है कि मास्टरबेशन करने के तुरंत बाद उन्हें कुछ कमजोरी महसूस होती है, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता। यह मन का वहम है।- मास्टरबेशन एड्स और रेप जैसी स्थितियों को रोकने का अच्छा तरीका है।- कामसूत्र या आयुर्वेद में कहीं यह नहीं लिखा है कि मास्टरबेशन बीमारी है।- 13-14 साल की उम्र में लड़कों को इसकी जरूरत होने लगती है। कुछ लोग शादी के बाद भी सेक्स के साथ-साथ मास्टरबेशन करते रहते हैं। यह बिल्कुल नॉर्मल है।मिथ्स क्या हैं1. पेनिस का साइज छोटा है तो सेक्स में दिक्कत होगी। बड़ा पेनिस मतलब सेक्स का ज्यादा मजा।सचाई : छोटे पेनिस की बात नाकामयाब दिमाग में ही आती है। दुनिया में ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे पेनिस के स्टैंडर्ड साइज का पता किया सके। वैजाइना की सेक्सुअल लंबाई छह इंच होती है। इसमें से बाहरी एक तिहाई हिस्सा यानी दो इंच में ही ग्लांस तंतु होते हैं। अगर किसी महिला को उत्तेजित करना है, तो वह योनि के बाहरी एक तिहाई हिस्से से ही उत्तेजित हो जाएगी। जाहिर है, अगर उत्तेजित अवस्था में पुरुष का लिंग दो इंच या उससे ज्यादा है, तो वह महिला को संतुष्ट करने के लिए काफी है। ध्यान रखें, खुद और अपने पार्टनर की संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण चीज पेनिस की लंबाई नहीं होती, बल्कि यह होती है कि उसमें तनाव कैसा आता है और कितनी देर टिकता है। पेनिस की चौड़ाई का भी खास महत्व नहीं है। योनि इलास्टिक होती है। जितना पेनिस का साइज होगा, वह उतनी ही फैल जाएगी। बड़ा पेनिस किसी भी तरह से सेक्स में ज्यादा आनंद की वजह नहीं होता।2. पेनिस में टेढ़ापन होना सेक्स की नजर से समस्या है।सचाई : पेनिस में थोड़ा टेढ़ापन होता ही है। किसी भी शख्स का पेनिस बिल्कुल सीधा नहीं होता। यह या तो थोड़ा दायीं तरफ या फिर थोड़ा बायीं तरफ झुका होता है। इसकी वजह से पेनिस को वैजाइना में प्रवेश कराने में कोई दिक्कत नहीं होती है। ध्यान रखें, घर में दाखिल होना महत्वपूर्ण है, थोड़े दायें होकर दाखिल हों या फिर बायें होकर या फिर सीधे। ऐसे मामलों में इलाज की जरूरत तब ही समझनी चाहिए योनि में पेनिस का प्रवेश कष्टदायक हो।3. बाजार में तमाम तेल हैं, जिनकी मालिश करने से पेनिस को लंबा मोटा और ताकतवर बनाया जा सकता है। इसी तरह तमाम गोलियां, टॉनिक आदि लेने से सेक्स पावर बढ़ोतरी होती है।सचाई : पेनिस पर बाजार में मिलने वाले टॉनिक का कोई असर नहीं होता, असर होता है उसके ऊपर बने सांड या घोड़े के चित्र का। इसी तरह जब पेनिस पर तेल की मालिश की जाती है, तो उस हाथ की स्नायु मजबूत होती हैं, जिससे तेल की मालिश की जाती है, लेकिन पेनिस की मसल्स पर इसका कोई भी असर नहीं होता।4. पेनिस में नसें नजर आती हैं तो यह कमजोरी की निशानी है।सचाई : पेनिस में अगर कभी नसें नजर आती भी हैं तो वे नॉर्मल हैं। उनका पेनिस की कमजोरी से कोई लेना देना नहीं है।5. जिन लोगों के पेनिस सरकमसाइज्ड (इस स्थिति में पेनिस की फोरस्किन पीछे की तरफ रहती है और ग्लांस पेनिस हमेशा बाहर रहता है) हैं, वे सेक्स में ज्यादा कामयाब होते हैं।सचाई : सरकमसाइज्ड पेनिस का सेक्स की संतुष्टि से कोई लेना-देना नहीं है। यह तब कराना चाहिए जब उत्तेजित अवस्था में पुरुष की फोरस्किन पीछे हटाने में दिक्कत हो।6. सेक्स पावर बढ़ाने नुस्खे, गोलियां (आयुर्वेदिक और एलोपैथिक), मसाज ऑयल, शिलाजीत आदि बाजार में हैं। इनसे सेक्स पावर बढ़ाई जा सकती है।सचाई : बाजार में आमतौर मिलने वाली ऐसी गोलियों और दवाओं से सेक्स पावर नहीं बढ़ती। आयुर्वेद के नियम कहते हैं कि मरीज को पहले डॉक्टर से मिलना चाहिए और फिर इलाज करना चाहिए। हर मरीज के लिए उसके हिसाब से दवा दी जाती है, दवाओं को जनरलाइज नहीं किया जा सकता।एक पक्ष यह भीयूथ्स की सेक्स समस्याओं पर एलोपैथी और आयुर्वेद की सोच में अंतर मिलता है। जहां एक तरफ एलोपैथी में माना जाता है कि सीमेन शरीर से बाहर निकलने से शरीर और दिमाग को कोई नुकसान नहीं होता, वहीं आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज करने वाले लोग सीमेन के संरक्षण की बात करते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टरों के मुताबिक :- महीने में दो से आठ बार तक नाइट फॉल स्वाभाविक है, लेकिन इससे ज्यादा होने लगे, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक है।- मास्टरबेशन करने से याददाश्त कमजोर होती है। एकाग्रता और सेहत पर बुरा असर होता है।- प्रीमैच्योर इजैकुलेशन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को आयुर्वेद में दवाओं के जरिए ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए मरीज को खुद डॉक्टर से मिलकर इलाज कराना चाहिए। दरअसल, आयुर्वेद में मरीज विशेष के लक्षणों और हाल के हिसाब से दवा दी जाती है, जिनका फायदा होता है।- बाजार में आयुर्वेद के नाम पर बिकने वाले मालिश करने के तेल, कैपसूल और ताकत की दवाएं जनरल होती हैं। इन बाजारू दवाओं से सेक्स पावर बढ़ाने या पेनिस को लंबा-मोटा करने में कोई मदद नहीं मिलती। ये चीजें आयुर्वेद को बदनाम करती हैं।- विज्ञापनों और नीम-हकीमों से दूर रहें। तमाम नीम-हकीम आयुर्वेद के नाम पर युवकों को बेवकूफ बनाकर पैसा ठगते हैं। इनसे बचें और हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से ही संपर्क करें।- मर्यादित सेक्स करने से जिंदगी में यश बढ़ता है और परिवार में बढ़ोतरी होती है, जबकि अमर्यादित और बहुत ज्यादा सेक्स रोगों को बढ़ाता है।- मल-मूत्र का वेग होने पर और व्रत, शोक और चिंता की स्थिति में सेक्स से परहेज करना चाहिए।- जो चीजें शरीर को सेहतमंद रखने में मदद करती हैं, वही चीजें सेक्स की पावर बढ़ाने में भी मददगार हैं। ऐसे में अगर आप स्वास्थ्य के नियमों का पालन कर रहे हैं और सेहतमंद खाना ले रहे हैं तो आपको सेक्स पावर बढ़ाने वाली चीजें अलग से लेने की कोई जरूरत नहीं है।
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Pulmonary Hypertension - 10 Ways to Treat it

MD - Internal Medicine, FUPDA, FICP, FIACM
Internal Medicine Specialist, Faizabad
Pulmonary Hypertension - 10 Ways to Treat it

Pulmonary hypertension is a medical condition that arises when the blood pressure remains consistently high in the vessels of the lungs. This condition can develop from a completely unrelated medical condition and is more prevalent among women. 

Pulmonary Hypertension can be a hard disease to diagnose. While it has no permanent cure, the medication depends on how far the disease has advanced. From group 1 PAH to group 5 PAH, pulmonary hypertension has 5 stages of advancement. 

Here is a list of 10 ways by which this disease can be kept under control along with the prescribed medication:

  1. Quit smoking: Smoking aggravates pulmonary hypertension. It has adverse effects on both the heart and the lung. It is therefore of utmost importance to quit smoking. If you fail to control your urge of smoking, contact your doctor who can suggest a quitting plan.
  2. Avoid high altitude: Patients suffering from pulmonary hypertension should avoid flying and living at high altitude. An altitude of 8000 feet and above can worsen the symptoms. It is therefore suggested that you do not take flights for travelling or come down below the altitude of 2428 meters if you are living in hilly areas.
  3. A healthy diet: A healthy diet consisting of fresh fruit and vegetables, lean meat and whole grains should be consumed on a daily basis. A nutritious diet goes a long way in keeping pulmonary hypertension in check.
  4. Adequate rest: A minimum of 8 hours of sleep is recommended for patients suffering from pulmonary hypertension. A good night’s sleep and frequent naps keeps fatigue at bay. 
  5. Pregnancy and birth control pills: Avoiding pregnancy is a must for patients suffering from this disease. Pregnancy can be life threatening for the both the baby and the mother. Birth control pills should be avoided as well. It greatly increases the chance of blood clots. 
  6. Maintain a steady blood pressure: Any activities that lower the blood pressure should be avoided by all means. Spending too much time in a bathtub or prolonged stress increases the chances fainting.
  7. Become more active: Patients of pulmonary hypertension often run out of breath with little to no activity. While activities such as weight lifting should be strictly avoided, some exercise or daily jogging can fetch good result in keeping a patient healthy.
  8. Get vaccine on time: Doctors often suggest vaccines if the patient suffers from pneumonia or influenza. It should be ensured that such vaccines are taken on time. For patients suffering from pulmonary hypertension, prolonged exposure to diseases such as pneumonia can wreak havoc.
  9. Regular checkup: Regular follow up with the doctor is of prime importance. Any possible side effects or deterioration can be arrested with constant supervision.
  10. On time medication: Patients of pulmonary hypertension should ensure that all the medicines suggested by the doctor are taken at regular intervals as per prescribed dosage. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a pulmonologist.
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Doctors said that I have effusion (water) in my lungs, they confirmed it by 2 periodic x-ray films and 2 Sonographies (USG). And I have TB too. I'm taking medicines for that, My question is, What to eat and what not to eat, and what to eat more. Simply, suggest me do's and don't's. Thank you.

Pulmonologist, Faridabad
Doctors said that I have effusion (water) in my lungs, they confirmed it by 2 periodic x-ray films and 2 Sonographies...
Eat every as were eating before having green vegitables and fruits. IT your TB medicine that will cure the TB.
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I am suffering from semen leakage through urine. Since last 3_4 months. I had habit of frequent masturbation. please suggest some medication.

C.S.C, D.C.H, M.B.B.S
General Physician,
I am suffering from semen leakage through urine. Since last 3_4 months. I had habit of frequent masturbation. please ...
No medicines is needed and masturbatin is safe and leakage as you say is due to not doing msturabtion or sex
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Sir, Actually my penis slightly bent downward while erection for sex. Is there any cure for make it straight during erection?

BASM, MD, MS (Counseling & Psychotherapy), MSc - Psychology, Certificate in Clinical psychology of children and Young People, Certificate in Psychological First Aid, Certificate in Positive Psychology
Psychologist, Palakkad
Sir, Actually my penis slightly bent downward while erection for sex. Is there any cure for make it straight during e...
Dear Lybrate user. I can understand. Penis curved towards right or left or downward is always normal and this can be seen with majority of people. This mostly happen due to masturbation. People who use right hand for masturbation, their penis will be curved to the left and the opposite with left handlers. There are other reasons too. This phenomenon is quite normal and there is nothing to worry. In fact, curved penis will give you more pleasure when you engage in vaginal intercourse than straight penis simply because curvature provides more friction. Enjoy your curve. I suggest online sex education. Take care.
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I normally doing masturbation on every day at night before to sleep. Any problem will come for that? In holidays I can not to control myself.

I normally doing masturbation on every day at night before to sleep. Any problem will come for that? In holidays I ca...
Dear lybrate user, sperm cells are being continuously produced inside human testis. A single sperm cell needs about 4 months to mature before being ejaculated. Masturbating ejaculates many mature as well as immature sperm & results in the temporary deficit of sperm count. This loss of sperm results in the increased production of sperm. A sperm is mainly made up of protein. An increased production of sperm count needs a steady supply of protein. This supply of protein is met from the amount of protein we intake daily. Over masturbation increases the rate of production of sperm to such extent that the demand for protein cannot be fulfilled naturally & it often results in breakdown of protein from muscle tissues. This breakdown of muscle tissues is externally manifested as fatigue, weakness etc. Addiction to masturbation denotes that you are continuously indulged in sexual thoughts. This type of thoughts is common in people who live a sedentary life. If you really have a sedentary life-style you should get yourself out from it immediately. Socialize yourself. Do some physical exercise daily. Drink a lots of water. Create a routine of your daily schedule & maintain it. Stop watching porn in case you have developed a habit of watching it also you can take homoeopathic mother tincture origanum q, 10 drops, thrice daily, after meals, in a cup of water. This medicine will help to control your excessive sexual desire. However, you can masturbate for twice in a week. In order to minimise the after-effects of over-masturbation you can take homoeopathic cinchona officinalis 30 or china 30, 5 drops, thrice daily in empty stomach. This medicine will help to fight the seminal debility caused by the sexual exertion created by over-masturbation. Also I would like to advise you to conduct your semen analysis test. It will reveal the abnormalities in your semen if you really have any. If you find any abnormality in your semen analysis report then you should obviously consult me privately via lybrate.
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I am suffering from asthma for last two years What medications are best for the treatment of asthma? What are their side effects?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Faridabad
Boil cumin seeds in water and inhale the steam. It helps dilate the bronchial passage. Take 5 gm of ginger, black pepper, cardamom, clove, cinnamon, turmeric and 30 gm of sugar. Grind the mix to a powder. Take half to one teaspoonful and mix it nicely with honey. Take it twice a day. switch to ayurvedic medicines they will help to cure without any side effect
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I have pain in neck.

General Physician,
apply volini gel . do warm fomentation. do neck muscle exercise. avoid high pillow consult if not ok.
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I have been suffering from premature ejaculation and erection problems off late. I go limp just prior to penetration. However I get an erection while wearing a condom. I married just a few weeks ago and it's my first sexual experience. I lead a sedentary lifestyle. Cud this be a sign of some major health problem? How do I proceed to lead a normal sex life?

B.H.M.S., Senior Homeopath Consultant
Homeopath, Delhi
I have been suffering from premature ejaculation and erection problems off late. I go limp just prior to penetration....
This is normal things. It is not a major health problem. Please do not think too much about this happening. I think you will enjoy your whole life with peacefully and happily.
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Is" dulcolax"for constipation is harmful medicine? If consumed in alternative days due to heavy constipation?

General Physician, Delhi
Is" dulcolax"for constipation is harmful medicine? If consumed in alternative days due to heavy constipation?
It's better to take isabgol husk in warm milk everynight instead of medicines. Eat 3-4servings of fruits daily. Avoid carbonated drinks snd fatty food. Maintain healthy lifestyle and exercise daily. Hope this helps u.
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I have pain in my heart some time while I take a long breath then I get the pain on my heart for few minutes so give me some tips doctors please.

Diploma in Obstetrics & Gynaecology, MBBS
General Physician, Delhi
I have pain in my heart some time while I take a long breath then I get the pain on my heart for few minutes so give ...
At 54 , you should get basic heart tests done , like Echo , Lipid profile, blood sugar and a chest x- ray. get back here with reports.
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If someone had done intercourse (sex) 5-6 days ago without any protection. Will ultrasound of belly can tell about the pregnancy or not?. Without urine test can pregnancy be detected?

General Physician, Noida
If someone had done intercourse (sex) 5-6 days ago without any protection. Will ultrasound of belly can tell about th...
You can confirm pregnancy by urine test when the ovum gets fertilized and implanted in the uterus and have started to produce hCG (human Chorionic Gonadotropins) which are excreted in urine and detected by Urinary Pregnancy Tests. Urinary Pregnancy tests are qualitative and quantitative ones. Quantitative tests are more specific and more confirmatory (less false negative) than qualitative tests. Quantitative blood tests and the most sensitive urine tests usually begin to detect hCG shortly after implantation, which can occur anywhere from 6 to 12 days after ovulation. HCG levels continue to rise through the first 20 weeks of pregnancy, so the chances of false negative test results diminish with time (gestation age). Less sensitive urine tests and qualitative blood tests may not detect pregnancy until three or four days after implantation. Menstruation occurs on average 14 days after ovulation, so the likelihood of a false negative is low once a menstrual period is late. So by sensitive quantitative urinary pregnancy tests you can detect pregnancy after 20-26 days of last menstrual period. Detecting a Fetus on Ultrasound A fetus can be detected as early as the sixth week of pregnancy from the starting date of last menstrual period. Many ultrasound technicians prefer to wait until at least that point in the pregnancy to do an ultrasound and many prefer waiting until the eighth week of pregnancy when more of the development of the fetus can be seen. Transvaginal Ultrasound Transvaginal ultrasound can be used to detect a fetus or gestational sac up to a week before traditional ultrasound. A transvaginal ultrasound is performed by inserting a lubricated wand into the vagina and performing the ultrasound internally. Transvaginal ultrasound can be used when the mother’s bladder is empty, making it difficult to see the fetus, or when the fetus is too small to detect on traditional ultrasound.
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I am pregnant and this is my 16th week. I hav low bp. Will ths be a problem later. What should I do to control it.

General Physician, Trichy
Low blood pressure will definitely have an effect on the growing fetus. It s important to maintain your vitals properly. Eat healthy food, frequently once in 3 hours, drink plenty of water nd add the amount of salt in your diet. This might help you in improving your pressure.
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