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Dr. S D Malik

BVMS (Bachelor of Veterinary Medicine & Science)

Veterinarian, Delhi

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Dr. S D Malik BVMS (Bachelor of Veterinary Medicine & Science) Veterinarian, Delhi
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I'm dedicated to providing optimal health care in a relaxed environment where I treat every patients as if they were my own family....more
I'm dedicated to providing optimal health care in a relaxed environment where I treat every patients as if they were my own family.
More about Dr. S D Malik
Dr. S D Malik is an experienced Veterinarian in Sarai Rohilla, Delhi. He has been a practicing Veterinarian for 46 years. He is a qualified BVMS (Bachelor of Veterinary Medicine & Science) . He is currently practising at Animal Welfare Clinic in Sarai Rohilla, Delhi. Book an appointment online with Dr. S D Malik on Lybrate.com.

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Info

Specialty
Education
BVMS (Bachelor of Veterinary Medicine & Science) - Vatenary Bikash, - 1972
Languages spoken
English
Hindi
Professional Memberships
Vatenary Association

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Animal Welfare Clinic

1-c/16, New Rohtak Road. Landmark - Near Liberty Cinema, DelhiDelhi Get Directions
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How can the tumour growing in the Mammary gland of my dog be cured without operation?pls help, as she is 12 yrs old.

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
As she is 12 years of age, please dont do any surgery and try to maintain it with tablets and let it have happy life and favourite food.
1 person found this helpful
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My puppy is suffering from cold, too much vomiting, not eating food from 2-3 days

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
Might be of systemic infection as you said puppy .Please rule out vaccination history and suspect infectious diseases.
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My dog keeps itching and under her arms are red and she has rashes on her paws, ears and her private, im nit sure if its a yeast infection or an allergy, what can I do to get rid of it?

MVSc
Veterinarian, Pune
Do basic test skin scrapping routine and bacterial culture and sensitivity, fugal culture that will tell suspect cause and then do treatment accordingly with vet.
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I am located in malappuram kerala. My persian kitten is not eating well and always sleeping almost 23 hours sleeping or just lying on the floor he has a very playful character. But about 3 days he is not energetic and lying on the floor always suggest me something.

NCCH & MCH
Homeopath, Kolkata
I am located in malappuram kerala. My persian kitten is not eating well and always sleeping almost 23 hours sleeping ...
Kindly give few doses of Gelsemium 200 at 1 hr interval upto 3 doses your Kitten will be fine. ANd do give a followup tomorrow.
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On bump my dog got a wound, what should i do now ? what precautins may be taken .

MVSC
Veterinarian, Hyderabad
What is the dimension of the wound. Is it Small or big. Is it bleeding. First clean the wound with her normal bath soap and can apply soframycin skin ointment on the wound. If so much hair there trim the hair and apply the ointment.
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Vaccination In Pets

B.V.Sc
Veterinarian, Varanasi
Vaccination In Pets

Vaccination in dog

टीकाकरण की प्रकिया एक ऐसा उपाय है जिससे, कुत्तो में होने वाली कुछ प्रमुख विषाणु एवं जीवाणु जनित जानलेवा एवं लाइलाज, बीमारियों जैसे कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, रेबीज तथा केनल कफ़ आदि से बचाव के लिए समय समय पर कुत्तों के शरीर में टीका लगाया जाता है,जिससे इन रोगों के खिलाफ रोगप्रतिरोधक क्षमता का शारीर में विकास हो जाता है और हमारा पालतू जानवर एक सिमित अवधि तक इन बिमारियों के घातक प्रभाव से बचा रहता है |

कुछ टीकाकरण संबंधी सामान्य प्रश्नो के जबाब -
 
१- क्या सभी उम्र के कुत्तो का टीकाकरण जरूरी होता है?
हाँ। आमतौर पर १. ५ महीने (४५ दिन) के उम्र से ऊपर सभी कुत्तो का नियमित समय पर टीकाकरण करना जरूरी होता है यदि किसी कारण वश नयमिति या कभी कराया ही न गया हो तो किसी भी उम्र से टीकाकरण शुरू किया जा सकता है। 

२. छोटे बच्चो को किस उम्र से टीका का पहली खुराक देना शुरू करना चाहिए?
४५ दिन के उम्र से ही टीके की पहली खुराक देना बेहद जरूरी होता है 

३. क्या सभी छोटे पप्स को टीकाकरण के पहले पेट के कीड़े देना जरूरी होता है -
हाँ। बहुत से परजीवी ऐसे होते है जो माँ के पेट से ही या दूध के जरिये से बच्चे के शरीर में प्रवेश कर जाते है जिससे शरीर को कमजोर कर देते है और जब टीका लगाया जाता है तो कमजोरी के वजह से उतना अच्छा शरीर में प्रतिरोधक छमता का विकास नहीं हो पता इसलिए पहले ऐसे परजीवीओ को नष्ट करना जरूरी होता है 

४. क्या होता है टीकाकरण का सही उम्र और समयांतराल?
१. पहली खुराक -जन्म के ६ -८ सप्ताह के उपरांत(कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, पैराइन्फ़्लुएन्ज़ा हेतु) 
२. बूस्टर खुराक या दूसरी खुराक - प्रथम खुराक के २-३ सप्ताह बाद ; फिर दूसरी खुराक के ठीक एक साल बाद वार्षिक खुराक साल में एक बार पूरी उम्र तक लगवाते रहना चाहिए। 
३. तीसरी खुराक - रेबीज वायरस हेतु- प्रथम खुराक जन्म के ३ माह के उपरान्त। 
४. बूस्टर खुराक या चौथी खुराक - तीसरी खुराक के २-३ सप्ताह बाद ; फिर तीसरी खुराक के ठीक एक साल बाद वार्षिक खुराक साल में एक बार पूरी उम्र तक लगवाते रहना चाहिए। 

५. क्या बूस्टर खुराक देना जरूरी होता है या नहीं?
जन्म के साथ ही माँ से प्राप्त एंटीबाडीज और प्रथम दूध से मिलने वाली सुरछा कवच कुछ सप्ताह तक नवजात के खून में मौज़ूद रह करअनेको बीमारयों से सुरछा प्रदान करती है परन्तु समय के साथ साथ इनकी मात्रा बच्चे के शरीर में कम होने लगती है। जिससे बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है इसलिए लगभग ४५ दिन के बाद टिका का प्रथम खुराक देते है यद्पि ये पता नहीं रहता की माँ से मिलने वाली सुरछा का असर किस स्तर का है जिससे आमतौर पर ये स्तर अधिक होने पर प्रथम खुराक से बच्चे के शरीर में टीकाकरण की गुणवत्ता को बाधित करती है, जो की पप्पस में रोगप्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने में असक्षम हो जाता है इसलिए कुछ सप्ताह बाद टीकाकरण के दूसरी खुराक दे कर टीकाकरण से रोगप्रतिरोधक क्षमता करने के उद्देश्य को प्राप्त करते है ऐसी दूसरी खुराक को बूस्टर खुराक कहते है। 

६. क्या है टीकाकरण की सही खुराक देने के मात्रा:
डॉग चाहे किसी भी उम्र, भार, लिंग अथवा नस्ल के हों उनको समान मात्रा में टीकाकरण का खुराक दिया जाता है 

७. क्या है टीकाकरण का सही तरीका:
टीकाकरण खाल के नीचे:कैनाइन डिस्टेंपर, हेपेटाइटिस, पार्वो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, पैराइन्फ़्लुएन्ज़ा तथा रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए खाल के नीचे दिया जाता है
 नथुनों में:केनल कफ़ का टीकाकरण कुत्ते के नथुनों में दवा डाल कर किया जाता है

८. क्या सभी टीके एक ही प्रकार के होते है:कुत्तों में टीकाकरण दो प्रकार की होती है
 १. कोर टीकाकरण - टीकाकरण जो सभी कुत्तों के लिये आवश्यक है. यह उन बिमारीयों में दिया जाता है जो आसानी से फैलती हैं अथवा घातक होती हैं जैसे रेबीज, एडीनोवायरस, पार्वोवायरस, और डिस्टेंपर.
 २. नान कोर टीकाकरण – उपरोक्त ४ बिमाँरीयों (रेबीज, एडीनोवायरस, पार्वोवायरस, और डिस्टेंपर) के टीकाकरण को छोड़कर अन्य सभी नानकोर टीकाकरण माना जाता है | यह उन बिमाँरियों से सुरक्षा प्रदान करता है जो वातावरण के अनावरण अथवा जीवनचर्या पर निर्भर करती है जैसे लाइम डिजीज, केनलकफ और लेप्टोस्पाइरोसिस.

९. एक सफल टीकाकरण करने के बाद क्या फिर भी टीकाकरण विफल हो सकता है?हाँ। 
 टीकाकरण के विफलता के कारण कुत्ते में बीमारी होने के निम्नलिखित मुख्य कारण हो सकते है –
१. टीकाकरण के दौरान कुत्ते की रोगप्रतिरोधक क्षमता का सम्पूर्ण रूप से कार्य न करना |
२.आयु – कम उम्र के जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली पूर्णतः विकसित नही होती और बड़े आयु के जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली कई कारणों से अक्सर कमज़ोर या क्षीण हो जाती है |
३. मानवीय चूक (टीके का अनुचित संग्रहण या अनुचित मिश्रण)- टीकों का संग्रहण एवं इस्तेमाल भी निर्देशानुसार ही होना आवश्यक है | सूरज की रोशनी,गर्म तापमान टीके के प्रभाव को नस्ट कर सकता है | टीके का मिश्रण पशु में टीकाकरण के तुरंत पहले तैयार करना चाहिए | टीके खरीदने के पहले पता करना चाहिए कि टीकों को उचित तापमान एवं देखभाल से रखा गया है या नहीं |
४. डीवार्मिंग – टीकाकरण करने के पहले पेट के कीड़े मारने के लिए डीवर्मिंग करना आवश्यक है, वरना इस तरह का तनाव टीकाकरण के प्रभाव को कम कर सकता है |
५. गलत सीरोटाईप / स्टेन का इस्तेमाल – प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बहुत विशिष्ट होती है | अतः टीके में होने वाली जीवाणु या विषाणु की सही स्टेन होनी चाहिए वरना उससे उत्पन्न होने वाली प्रतिरक्षा जानवर में सही तौर पर सुरक्षा नहीं कर पाती |
६. अनुवांशिक बीमारियाँ – कुछ जानवरों में आनुवंशिक बिमारियों की वजह से सभी रोगों के लिए प्रतिरोधक छमता सामान्य तौर पर कम ही उत्पन्न हो पाती है |
७. वैक्सीन की गुणवत्ता – टीके में प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयाप्त मात्रा में प्रतिजनी की मात्रा होना चाहिए वरना टीकाकरण के बाद प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रयाप्त नहीं होती है |
८. पुराने या अवधि समाप्त टीके – पुराने टीकों में आवश्यक प्रतिजनी गुण समाप्त या कम हो जाता है | इस तरह के टीके लगाने से जानवरों को बेमतलब तनाव दिया जाता है |
९. टीकाकरण का अनुचित समय – टीका निर्माता के निर्देशों के अनुसार टीकाकरण का समय (उम्र एवं मौसम के अनुसार), लगाने का तरीका एवं मात्रा तथा दोबारा लगाये जाने की अवधि, इत्यादि निश्चित होता है |इन निर्देशों का पालन सही समय पर न करने से टीकाकरण विफल या निष्क्रिय हो जाता है |
१०. पोषण की स्तिथि- कुपोषण की वजह से जिन पशुओं में पोषक तत्वों की कमी रह जाती है उनमे टीकाकरण के बाद भी प्रतिरोधक छमता सामान्य तौर पे कम ही उत्पन्न हो पाती है |

10. क्या वैक्सीन लगते समय कुत्ते पर कोई दुस्प्रभाव हो सकते है? हाँ 
 कुछ कुत्तो प्रतिरोधक छमता अधिक सक्रिय होने की वजह से कुछ सामान्य लचण जैसे ज्वर, उल्टी, दस्त, लासीका ग्रंथियों का सूजना, मुख का सूजना, हीव्स, यकृत विफलता और कभी -कभी मौत भी हो सकती है।

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I have a 15-20 days old star tortoise, I put him in air condition last night in glass plate but in morning he is not coming out from shell and her leg is also not moving, what happened to my tortoise, is it he die? please answer me soon.

Master of sciences, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Salem
Sir star tortoise are warm loving creator please keep in the warmer place you can even have a wet environment use bulbs to heat it surrounding.
5 people found this helpful
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My dog has been tiered and it desiase is vommeting, loose motion, fever. What is medical advice.

M.V.Sc (Surgery)
Veterinarian, Mohali
You can show him to vet, seems severe gastro intestinal trouble. Continous vomiting and diarrhea leads to dehydration
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Sir or madam my dog getting blood in stool what happen I do not no please tell me there is any medicine and tell me the name of that medicine please please. Please reply fast.

MVSc (Ph.D pursuing)
Veterinarian, Hyderabad
Plz give arnica 30 c drops - 3 drops in the mouth morning and evening until you reach to your nearby vet for injections and glucose drips.
1 person found this helpful
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Depression In Dogs - How To Deal With It?

M.V.Sc, B.V.Sc. & A.H.
Veterinarian, Kolkata
Depression In Dogs - How To Deal With It?

Depression in humans is well-known and well-documented, but depression in dogs is less known and studies have not been extended up to a deep level till now. As we say dogs are better known as "humans", it is natural for them to feel low and depressed at times. Some of the dog owners must have noticed that all of a sudden their dogs start acting in a way which is very unlike them. Sometimes, they find places to hide constantly or are spotted to be sleeping all day long.

The reasons for such depression are more or less the same in every species and can be interpreted as the following:

  1. Abusing: Just like humans, dogs get psychologically affected by the way their owner treats them. If you abuse your dog in a way in which it was not raised up, it is sure that your dog will slip into depression and in a few cases, might display some signs of aggression too.
  2. Critical depression: Critical depression occurs due to some changes in the dog's body. Chemical imbalances may provoke certain behaviors; one of them could be depression. In such situations, it is recommended to take your dog to a Veterinarian in order to seek professional help.
  3. Grief: If your dog's companion or its known faces drift away, it affects the dog’s behavior massively and may result into depression. This is because with time, the dogs develop strong emotional bonds and it gets hard for them to handle themselves in their absence.
  4. Aging: Aging is another reason behind your dog's depression. It is very simple to know and understand too that your dog will not be as energetic as it was in its young days. Also, sometimes sensing that their lifespan is about to end may lead them into depression.

How To Deal With It?
By being compassionate, as most of the times your dog may feel depressed because of the treatment you offer to it. They always want to be loved and adored by their owners and this cures everything unnatural happening with them. Try to play with them whenever you come back home, feed them gently, run your fingers through their fur and be extra attentive. All of these will enlighten their mood. Alternatively, you may try out other methods like going out for a walk twice a day, let it socialize with others in the park, let it feel loved more than anything.

For critical depression and grief, it is better to take recommendation from a Veterinarian. Try being patient with your dog about everything. Not all dogs recover rapidly. Hence, before snapping at it again, give it some time and don't pressurize it for anything that comes from its master affects it the deepest. For more comfort, you may bring a new pet which would be its companion for the entire day. Be cautious about the situation and selection. Sometimes they become envious due to such occurrences. Make sure they both get along well.

Osteoarthritis is related with genetic predisposition, inherited problems or defects in bones & joints. This painful condition often requires veterinary pain killers, supplements which protects bones and joints, scientific measures like controlled exercise, swimming & physiotherapy under the veterinary medical supervision. As pollution related features can bring such disorders causing free radical damage, this problem can be managed and a quality living for the pets can be provided with the application of advanced medicines like glucosamine, chondroitin sulphate, MSM, micronutrients ete. Many commercial diets are available which can nourish pets skeletal system effectively and a good plane of nutrition can guard a pet from gaining extra body weight which aggravates osteoarthritis. A perfect dietary and lifestyle management therefore is highly essential for combating such painful disorders. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Veterinarian.

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