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Dr. Ekta Kale

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Dr. Ekta Kale Gynaecologist, New Delhi
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I'm a caring, skilled professional, dedicated to simplifying what is often a very complicated and confusing area of health care....more
I'm a caring, skilled professional, dedicated to simplifying what is often a very complicated and confusing area of health care.
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Dr. Ekta Kale is a renowned Gynaecologist in Rohini, Delhi. You can visit her at Dr Ekta Kale's Clinic in Rohini, Delhi. Don’t wait in a queue, book an instant appointment online with Dr. Ekta Kale on Lybrate.com.

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Am 40 weeks and 5 days pregnant, my doctor done PV for me and told that cervix is not ripened at all. Is it possible for a normal delivery.

B.A.M.S., MS.inrl.(Stri and Prasuti), B.A.M.S, M.S.inrl(Stri and Prasuti - Gyn.& Obs.)
Obstetrician, Ghaziabad
Am 40 weeks and 5 days pregnant, my doctor done PV for me and told that cervix is not ripened at all. Is it possible ...
Hi. If presentation is cefalic like head is in lower pole and other things are normal then you can go for induction of labour by the doctor for normal delivery.
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How will I come to know whether the girl is virgin or not if the hymen is broken by sports. Let me know.

Diploma In Postpartum Depression, Formerly , House Job , Gynecology, MBBS
Gynaecologist, Delhi
How will I come to know whether the girl is virgin or not if the hymen is broken by sports. Let me know.
This a myth of the past when men used to judge a woman's virginity by the fact that her hymen is intact and it breaks only after first intercourse, confirmed by bleeding. You are a modern educated person and you should realise that hymen can break due to sports, excessive exercise, jogging etc. This a part of the curriculum in many schools now. So you cannot judge a person on the basis of this unscientific approach. There has been instances reported where the hymen has remained intact even after intercourse. So please change your thought process.
3 people found this helpful
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My wife is 19 years old and she feels severe pain before periods then it follows by bleeding and the pain is that much that she has to take pain killers does pain killers is good during periods.

BHMS
Homeopath, Faridabad
My wife is 19 years old and she feels severe pain before periods then it follows by bleeding and the pain is that muc...
Hello, take bc no. 15, 5 tabs thrice daily and mag phos pentarken, 2 tabs twice daily. Take sundari sakhi syrup, 2 tsp twice daily. Revert me after 1 month.
1 person found this helpful
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Hi Took diane 35 to resolve period irregularity of occurring every 15 days on best gyn prescription near my home. Now period not came since a more than month and loads of hairs n acne on face. Already done all hormonal n blood tests. No problem except pcod. Spent more than thousands on doctor but no relief.

BHMS
Alternative Medicine Specialist, Vadodara
Hello irregular period, facial hair & obesity all symptoms are due to pcod. You should do treatment of it with homoeopathy without any side effect. For better management consult privately. Thanks.
1 person found this helpful

लहसुन के औषधीय गुण :

M.Sc - Psychology, PGDEMS, Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Delhi
लहसुन के औषधीय गुण :


आयुर्वेद ग्रंथ 'भावप्रकाश' कहता है कि 'लहसुन वृष्य स्निग्ध, ऊष्णवीर्य, पाचक,सारक,रस विपाक में कटु तथा मधुर रस युक्त, तीक्ष्ण भग्नसंधानक (टूटी हड्डी जोड़ने वाला), पित्त एवं रक्तवर्धक, शरीर में बल, मेधाशक्ति तथा आँखों के लिए हितकर रसायन है। यह हृदय रोग, जीर्ण रोग (ज्वरादि), कटिशूल, मल एवं वातादिक की विबंधता, अरुचि, काम, क्रोध, अर्श, कुष्ठ, वायु, श्वांस की तकलीफ तथा कफ नष्टकारी है।

मेहनतकश किसान-मजदूर तो लहसुन की चटनी, रोटी खाकर स्वस्थ और कर्मठ बने रहते हैं। यह कैंसर से लड़ने में खास उपयोगी है क्योंकि यह खाने -पीने की चीजों या प्रदूषण से शरीर में बनने वाले नाइट्रोसेमाइन के असर को कम करता है। हृदय रोग समेत कई अन्य रोगों में भी यह सुरक्षा कवच बन सकता है। इसे पूरे शरीर के लिए एक शक्तिशाली टॉनिक बताया गया है। पिछले महीने एनालिटिकल बायोकेमिस्ट्री पत्रिका में छपी रिपोर्ट में कहा गया कि नाइट्रोसेमाइन का संबंध कैंसर से होता है। ज्यादातर सब्जियों, डब्बाबंद आहार और उद्योग से निकलने वाले कचरे में नाइट्रेट की मात्रा होती है। करीब 20 प्रतिशत नाइट्रेट शरीर में जाकर नाइट्रोसेमाइन में बदल जाता है। इस अध्ययन में शामिल लोगों को, एक हफ्ते तब बिना नाइट्रेट और लहसुन वाला भोजन दिया गया। इसके बाद उन्हें सोडियम नाइट्रेट की खुराक इस प्रकार दी गई जिससे वह टॉक्सिक में न बदले। इसके बावजूद, पेशाब की जांच में, इसके टॉक्सिक में बदलने की प्रक्रिया का पता लगा। इसके बाद स्टडी में शामिल लोगों के एक ग्रुप का इलाज लहसुन के डोज से किया गया। उन्हें एक, तीन या पांच ग्राम ताजा लहसुन या तीन ग्राम लहसुन का रस दिया गया। दूसरे ग्रुप को 500 मिली ग्राम एस्कॉर्बिक एसिड या विटामिन-सी दिया गया। दोनों समूहों को सात दिन तक ये खुराक दी गई और हर दूसरे दिन उनके पेशाब के नमूने लिए गए। जांच से स्पष्ट हुआ कि लहसुन का सेवन करने वालों में नाइट्रोसेमाइन की मात्रा कम थी। 'एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन' और 'जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन' के अध्ययन का भी निष्कर्ष है कि लहसुन सेवन से कोलेस्ट्रॉल में 10 फीसदी तक की गिरावट हो सकती है और हर हफ्ते सप्ताह लहसुन के पाँच दाने खाने से कैंसर का खतरा 30 से 40 फीसदी कम हो जाता है। वस्तुतः,षडरस अर्थात् भोजन के 6 रसों में, "अम्ल रस" को छोड़,शेष पाँच रस लहसुन में सदैव विद्यमान रहते हैं। आज षडरस आहार दुर्लभ हो चला है। लहसुन उसकी पूर्ति के लिए बहुत सस्ता, सुलभ विकल्प है। इसीलिए,लहसुन को गरीबों का 'मकरध्वज' कहा जाता है क्योंकि इसके लगातार प्रयोग से मनुष्य का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।

औषधीय गुणः
मलेरिया के रोगी को भोजन से पहले तिल के तेल में भुना लहसुन खिलाना चाहिए। लहसुन का तेल सवेरे निराहार पानी के साथ लेने से, कितनी ही पुरानी खाँसी हो, फायदा होता है। बिच्छू के काटे स्थान पर डंक साफकर लहसुन और अमचूर पीसकर लगाने से जहर उतर जाता है। डंक ग्रस्त भाग पर पिसी चटनी भी लगाएँ। इन्फ्लूएंजा में लहसुन का रस पानी में मिलाकर चार-चार घंटे बाद दें। इसके सेवन से रक्त में थक्का बनने की प्रवृत्ति बहुत कम हो जाती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है। लहसुन की गंध से मच्छर भी दूर भागते हैं।यह उच्च रक्तचाप में भी काफी लाभदायक माना गया है। जी मचलने पर लहसुन की कलियाँ चबाना या लहसुनादि वटी चूसना फायदेमंद होता है। रोगाणुनाशक क्षमता होने के कारण लहसुन के एक भाग रस में तीन भाग पानी मिलाकर इसका इस्तेमाल घाव धोने के लिए किया जाता है। कुनकुने पानी में लहसुन का रस मिलाकर गरारे करने से गले की खरास दूर हो जाती है। लहसुन में पर्याप्त मात्रा में लौह तत्व होता है जो कि रक्त निर्माण में सहायक होता है। विटामिन-सी युक्त होने के कारण यह स्कर्वी रोग से भी बचाता है। लहसुन का रस 25 ग्राम की मात्रा में प्रातः निराहार ही त्रिफला के साथ कुछ दिन लगातार लेने से मधुमेह के रोगियों को लाभ होता है। यह कब्जहारी है। इसका इस्तेमाल जोड़ों के दर्द या गठिया में भी होता है तथा यह सूजन का भी नाश करती है। लहसुन के रस की पाँच-पाँच बूंदें सुबह-शाम लेने से काली खाँसी दूर हो जाती है। कान में दर्द होने पर, लहसुन और अदरक को बराबर की मात्रा में कूटकर कुनकुना करके कान में लेने से आराम मिलता है। 10 ग्राम लहसुन का रस मट्ठे में मिलाकर तीन बार लेने से पेचिश का शमन हो जाता है। लहसुन के सेवन से ट्यूमर को 50 से 70 फीसदी तक कम किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं को लहसुन का सेवन नियमित तौर पर करना चाहिए। गर्भवती महिला को अगर उच्च रक्तचाप की शिकायत हो तो, उसे पूरी गर्भावस्था के दौरान किसी न किसी रूप में लहसुन का सेवन करना चाहिए। यह रक्तचाप को नियंत्रित रख कर शिशु को नुकसान से बचाता है। उससे भावी शिशु का वजन भी बढ़ता है और समय पूर्व प्रसव का खतरा भी कम होता है।

सावधानीः
लहसुन की तासीर काफी गर्म और खुश्क होने के कारण इसे उचित अनुपात में ही लेना चाहिए। खासकर गर्मी के मौसम में पित्त प्रधान प्रकृति वालों को इसका संतुलित इस्तेमाल ही करना चाहिए। कच्चा लहसुन बहुत तीक्ष्ण होता है इसीलिए इसका ज्यादा उपभोग करने से पाचन क्रिया गड़बड़ा सकती है। कुछ लोगों को लहसुन से एलर्जी भी होती है। ऐसी एलर्जी का लक्षण यह होता है कि कहीं-कहीं त्वचा लाल हो जाती है और सिरदर्द होता है। बुखार भी हो सकता है। सर्जरी से पहले लहसुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एड्स के रोगी अगर लहसुन का सेवन करते हैं तो उन्हें साइड-इफेक्ट हो सकता है। अगर लहसुन का कुछ दुष्प्रभाव महसूस हो तो मरीज को गोंद कतीरा, धनिया, बादाम-रोगन, नींबू, पुदीना देते रहने से उसका दुष्प्रभाव दूर हो जाता है। घी में भून कर लेने से भी इसका कुप्रभाव दूर हो जाता है। सूखा लहसुन छीलकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
148 people found this helpful

Hi I am 38 year I do not have any child. On day 13 of last month I went for ultrasound but doctor did not found any big follicles and not even small follicles were seen in my both ovaries during ultra sound. My this month period date is 10 may but period did not come till now. Is there any possibility that I am pregnant.

MBBS, MS - Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist, Delhi
Hi I am 38 year I do not have any child. On day 13 of last month I went for ultrasound but doctor did not found any b...
Can confirm whether you are pregnant by urine pregnancy test along with blood test. You need to get thorough check up and investigation to find out the number of eggs in your ovaries. Also get your husbands semen test also. You can do do online consultation with me or any gynaecologist.
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I am 10 weeks pregnant and want to have abortion. Please suggest me appropriate method.

MD - Obstetrtics & Gynaecology
Gynaecologist, Mumbai
I am 10 weeks pregnant and want to have abortion. Please suggest me appropriate method.
At 10 weeks of pregnancy, abortion can not be done with medicines. It will be done surgically under anaesthesia. You can ask your doctor for mva procedure, which is the safest method for abortion.
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Epidurals - Know The Benefits & Disadvantages!

MBBS, MD - Anaesthesiology, FIPM, Fellowship in palliative medicine, certificate in interventional pain management
Pain Management Specialist, Pune
Epidurals - Know The Benefits & Disadvantages!

Modern women want to have it all, in personal and professional life. They want to experience the joy of motherhood but not the pain associated with normal delivery. For such women, epidural analgesia during labour is a blessing. Epidural analgesia/anaesthesia is given to pregnant women during childbirth. Epidural painkillers stop the pain signals transmitted nerves from uterus. This stops the pain sensation of labour. For epidural analgesia, a catheter (small tube) is inserted into the epidural space in the spinal cord. It is through this tube that the drugs (painkillers) reach the desired nerves. 

Types of Epidurals: 

Epidurals can be 

  1. Injection with top-ups: Once given, epidurals help to relieve the pain that arises due to contractions. When the epidural starts to wear off, top-ups or refills are used. The refills can last for 1-2 hours. 
  2. Combined Spinal Epidural: Compared to the regular epidurals, the combined spinal epidurals are powerful, quick, and more effective. Here too, epidural painkillers are made to pass through the catheter, once the first injection wears off. It is also known as Walking Epidural. 
  3. Continuous infusion (patient-controlled epidural analgesia): Here, the other end of the epidural catheter is attached to a pump. This pump continuously infuses the painkillers into your back. For an effective response, top-ups may be used. Many hospitals allow patients to control the pump. 

Merits and demerits of having an epidural--

Merits: 

  1. Epidurals make the delivery smooth and hassle free. 
  2. Epidurals are relatively safe as only a small fraction of the medicine reaches the baby. 
  3. Women stay fully awake and experience no pain during the cervix dilation. This enables them to push the baby out with more energy.
  4. Depending on the requirement, the dosage of epidurals can be adjusted. 
  5. Epidurals help to lower the cases of C-section delivery. 

Demerits: 
Though epidurals make childbirth easy, one cannot overlook its demerits. 

  1. Infections can sometimes occur. 
  2. Sometimes epidural analgesia can have a patchy effect, causing some pain to persist. 
  3. Though rare, epidural can result in nerve damage. 
  4. Epidurals bring about a fall in blood pressure. At times, this can be risky for the baby. 
  5. Nausea, headache, itchiness, backache, soreness are the common side effects of epidurals. 
  6. Epidurals relax a woman, thereby reducing their urge to push the baby out. 

Thus, they may take longer than usual to push the baby. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Pain Management Specialist.

4013 people found this helpful

I am suffering from amehorea since puberty and diagnosed with pcos since last 3 yrs. I get married this year want to get pregnant.

PG Diploma in Clinical Research, Diploma in Acupuncture, MBBS, College Of Physicians & Surgeons
General Physician, Mumbai
I am suffering from amehorea since puberty and diagnosed with pcos since last 3 yrs. I get married this year want to ...
Harmonal assays, blood tests, follow up with gynaecologist regularly for better results. Allied therapies can also work but cannot be given without proper investigations. All the best.
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My girl friend (age-21) was suffering late period last 50 days. please tell me what is the reason. Now a days she's so upset. One more think any sexual reason responsible for this problem.

BHMS
Homeopath, Faridabad
My girl friend (age-21) was suffering late period last 50 days. please tell me what is the reason. Now a days she's s...
Hello, First of all, if she is having active sexual life, then get the pregnancy test done immediately! If the pregnancy test is negative, then need to go for further investigations. Revert back to me.
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Dr. Chhavi

MBBS, MS - Obstetrics and Gynaecology, DNB (Obstetrics and Gynecology)
Gynaecologist
Avni Healthcare, 
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Dr. Soni Anand

DGO, MBBS
Gynaecologist
Surya Clinic - Dr. Soni Anand, 
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Dr. Deepti Gupta

MBBS, MS-Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist
Premanjali Clinic, 
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Dr. Rachna

DGO, MBBS
Gynaecologist
Manasvi Maternity Centre, 
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Dr. Prabha Ranjan

MBBS, Diploma In Obstetrics & Gynae (DGO), MNAMS (Obstetrics & Gynaecology), DNB (Obstetrics & Gynecology)
Gynaecologist
Avantika Multi - Speciality Hospital, 
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Dr. (Mrs.) Pulkit Nandwani

MRCOG, Laparoscopic Suturing Skills in Surgical Disciples, Medical Writing Course, Laparoscopic Training, Diploma in Gyanecology Endoscopy, Diploma in Minimal Access Surgeries, MD - Obstetrtics & Gynaecology, Fellowship in Basic Endoscopy Training, FOGSI Ethi Skills Course, Training Course in Ultrasound-Obstetrics & Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
Synergy Clinic, 
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