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Dr. Amarjeet Kaur

Gynaecologist, New Delhi

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I pride myself in attending local and statewide seminars to stay current with the latest techniques, and treatment planning....more
I pride myself in attending local and statewide seminars to stay current with the latest techniques, and treatment planning.
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Dr. Amarjeet Kaur is a trusted Gynaecologist in Safdarjung Enclave, Delhi. She is currently associated with Dr Amarjeet Kaur's Clinic in Safdarjung Enclave, Delhi. Don’t wait in a queue, book an instant appointment online with Dr. Amarjeet Kaur on Lybrate.com.

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I'm 23years old, me and my husband stays far away, for every 15days we have continuous sex later I will use ipill for protection, is that good use i pill frequently, does this affect my future pregnancy?

AUTLS, CCEDM, MD - Internal Medicine, MBBS
General Physician, Faridabad
No its not good at all. It'll great difficulty in conceiving in future. Use ocp or condoms on daily basis instead.
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Dr, my wife is six week pregnant there is any tablets to avoid the pregnancy she is not mentally fit for it.

BASM, MD, MS (Counseling & Psychotherapy), MSc - Psychology, Certificate in Clinical psychology of children and Young People, Certificate in Psychological First Aid, Certificate in Positive Psychology
Psychologist, Palakkad
Dear user. I can understand. The developing life is called embryo until about eight weeks after fertilization. Abortions that happen in 6th week of pregnancy are removals of the embryo, even though a fetus can also be removed from the uterus. In any case, you should consult your gynecologist before taking steps to abort. Take care.
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As I am suffering from period variations .Around 2 to 3 months I did not have periods. So please suggest me suitable medicine.

B.A.M.S.
Ayurveda, Alwar
As I am suffering from period variations .Around 2 to 3 months I did not have periods. So please suggest me suitable ...
Start @syurup. Ashok Aarist. 20 ml after lunch ,dinner with equal amount worm water. Take maximum drinking water. Take maximum green vegetables.
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HiMy mother (age 62) has been done Ultrasound scanning of abdomenthat report was ovaries: Right ovary measures: 36*28 mm.(Increased in size) left ovary measures: 28*16 mm.(normal) PLease let me know info about this report except this everything is fine.

MBBS
Sexologist, Panchkula
Right ovary is increased in size. This increase could be due to number of diseases. I advise you to do laparoscopic test to find out the cause for increase in size.
97 people found this helpful
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As confirmed from usg I am 8 weeks and 3days pregnant acute pain started in my back and abdomen. What is this please one miscarriage occurred earlier before 9 months.

MD - Obstetrtics & Gynaecology
Gynaecologist, Mumbai
As confirmed from usg I am 8 weeks and 3days pregnant acute pain started in my back and abdomen. What is this please ...
U should get ultrasound asap to check the status of your growing fetus. Medicines can stop the process of abortion.
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I am not having periods for 65 days now and my pregnancy kit test was also negative. I took 2 tests one was 8 days back. I m not understanding what to do?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Zirakpur
Please send little medical history, body wt, any fibroid etc or such history in the past, history of m. C. Cycles since menarche etc may be sent in confidence.
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I had unprotected sex on 17th and my last period was on 1st of june. I took ipill on 17th evening and on 29th june I got my period. Is it spotting or withdrawal bleeding or regular period? Will I be pregnant?

Diploma in Diabetology, Pregnancy & Diabetes, Hypertension, Cardiovascular Prevention in Diabetes ,Thyroid
Sexologist, Sri Ganganagar
I had unprotected sex on 17th and my last period was on 1st of june. I took ipill on 17th evening and on 29th june I ...
See your period date is 1 june and danger days are 10-18 of your menstrual cycle .as you said you took an I pill on 17 evening .i think you need not to be worried because normal menstrual cycle is 28 days earlier 1 june now 29 june. Just relax .you will not get pregnant.
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I had a sex with a girl. Later I came to know that condom has tore upper side. Please tell will I get aids?

DGO, MD, MRCOG, CCST, Accredation in Colposcopy
Gynaecologist, Kolkata
Condoms are not 100% protective in preventing aids. Therefore if you are worried please get a hiv test done.
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Menstrual Cycle in hindi - मासिक धर्म क्या है ?

MBBS, M.Sc - Dietitics / Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Delhi
Menstrual Cycle in hindi - मासिक धर्म क्या है ?

अक्सर हमेशा हंसने खेलने वाली चंचल लड़कियां भी महीने के कुछ दिन दबी दबी दुखी सी शर्माती खुदको छिपाती नजर आती हैं। और इसी वक़्त पर हम गौर करें तो पाएंगे कि घर परिवार के कुछ लोग भी उससे कटे कटे रहते हैं कई चीजों को छूने कई जगह जाने पर पर भी मनाही होती है। जी हां बिलकुल सही समझें आप हम बात कर रहे हैं पीरियड्स की। यह केवल महिलाओं ही नही पुरुषों या यूँ कहें मानव वृद्धि के लिए सबसे अहम घटना है। तो चलिए आज हम जानते हैं पीरियड्स क्या हक़ क्यों आता है इसका सही समय, महत्व आदि। 
पीरियड्स या मासिक धर्म स्त्रियों को हर महीने योनि से होने वाला लाल रंग के स्राव को कहते है। पीरियड्स के विषय में लड़कियों को पूरी जानकारी नहीं होने पर उन्हें बहुत दुविधा का सामना करना पड़ता है। पहली बार पीरियड्स होने पर जानकारी के अभाव में लड़कियां बहुत डर जाती है। उन्हें बहुत शर्म महसूस होती है और अपराध बोध से ग्रस्त हो जाती है। 

पीरियड्स को रजोधर्म भी कहते है। ये शारीरिक प्रक्रिया सभी क्रियाओं से अधिक महवपूर्ण है, क्योकि इसी प्रक्रिया से ही मनुष्य का ये संसार चलता है। मानव की उत्पत्ति इसके बिना नहीं हो सकती। प्रकृति ने स्त्रियों को गर्भाशय ओवरी फेलोपियन ट्यूब, और वजाइना देकर उसे सन्तान उत्पन्न करने का अहम क्षमता दिया है। इसलिए पीरियड्स या मासिक धर्म गर्व की बात होनी चाहिए ना कि शर्म की या हीनता की। सिर्फ इसे समझना और संभालना आना जरुरी है। इस प्रक्रिया से घबराने या कुछ गलत या गन्दा होने की हीन भावना महसूस करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। पीरियड्स मासिक धर्म को एक सामान्य शारीरिक गतिविधि ही समझना चाहिए जैसे उबासी आती है या छींक आती है। भूख, प्यास लगती है या सू-सू पोटी आती है।

मासिक चक्र

  • दो पीरियड्सके बीच का नियमित समय मासिक चक्र ( Menstruation Cycle ) कहलाता है। नियमित समय पर पीरियड्स( Menses ) होने का मतलब है कि शरीर के सभी प्रजनन अंग स्वस्थ है और अच्छा काम कर रहे है। मासिक चक्र की वजह से ऐसे हार्मोन बनते है जो शरीर को स्वस्थ रखते है। हर महीने ये हार्मोन शरीर को गर्भ धारण के लिए तैयार कर देते है।
  • मासिक चक्र के दिन की गिनती पीरियड्सशुरू होने के पहले दिन से अगली पीरियड्सशुरू होने के पहले दिन तक की जाती है। लड़कियों में मासिक चक्र 21 दिन से 45 दिन तक का हो सकता है। महिलाओं को मासिक चक्र 21 दिन से 35 दिन तक का हो सकता है। सामान्य तौर पर मासिक चक्र 28 दिन का होता है।

मासिक चक्र के समय शरीर में परिवर्तन 

1. हार्मोन्स में परिवर्तन
 मासिक चक्र के शुरू के दिनों में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन बढ़ना शरू होता है। ये हार्मोन शरीर को स्वस्थ रखता है विशेषकर ये हड्डियों को मजबूत बनाता है। साथ ही इस हार्मोन के कारण गर्भाशय की अंदरूनी दीवार पर रक्त और टिशूज़ की एक मखमली परत बनती है ताकि वहाँ भ्रूण पोषण पाकर तेजी से विकसित हो सके। ये परत रक्त और टिशू से बनी होती है।
2. ओव्यूलेशन 
संतान उत्पन्न होने के क्रम में किसी एक ओवरी में से एक विकसित अंडा डिंब निकल कर फेलोपीयन ट्यूब में पहुँचता है। इसे ओव्यूलेशन कहते है। आमतौर पर ये मासिक चक्र के 14 वें दिन होता है । कुछ कारणों से थोड़ा आगे पीछे हो सकता है। 
ओव्यूलेशन के समय कुछ हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन आदि अधिकतम स्तर पर पहुँच जाते है। इसकी वजह से जननांगों के आस पास ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। योनि के स्राव में परिवर्तन हो जाता है। जिसके कारण महिलाओं की सेक्सुअल डिजायर बढ़ जाती हैं। इसलिए इस ड्यूरेशन में सेक्स करने पर प्रेग्नेंट होने के चन्वेस बढ़ जाते हैं।
3. अंडा 
फेलोपियन ट्यूब में अगर अंडा शुक्राणु द्वारा निषेचित हो जाता है तो भ्रूण का विकास क्रम शुरू हो जाता है। अदरवाइज 12 घंटे बाद अंडा खराब हो जाता है। अंडे के खराब होने पर एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है। गर्भाशय की ब्लड व टिशू की परत की जरुरत ख़त्म हो जाती है। और ऐसे में यही परत नष्ट होकर योनि मार्ग से बाहर निकल जाती है। इसे ही पीरियड्स, मेंस्ट्रुल साइकिल, महीना आना या रजोधर्म भी कहा जाता है। और इस दौर से गुजऱने वाली स्त्री को रजस्वला कहा जाता है।
4. ब्लीडिंग
पीरियड्स के समय अक्सर यह मन में यह मन में यह सवाल आता है की ब्लीडिंग कितने दिन तक होना चाहिए और कितनी मात्रा में होना चाहिए कि जिसे सामान्य मानें। पीरियड यानि MC के समय निकलने वाला स्राव सिर्फ रक्त नहीं होता है। इसमें नष्ट हो चुके टिशू भी होते है। अतः ये सोचकर की इतना सारा रक्त शरीर से निकल गया, फिक्र नहीं करनी चाहिए। इसमें ब्लड की क्वांटिटी करीब 50 ml ही होती है। नैचुरली पीरियड्स तीन से छः दिन तक होता है। तथा स्राव की मात्रा भी अलग अलग हो सकती है। यदि स्राव इससे ज्यादा दिन तक चले तो डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

पीरियड्स से पहले के लक्षण
लड़कियों को शुरू में अनियमित पीरियड्स, ज्यादा या कम दिनों तक पीरियड, कम या ज्यादा मात्रा में स्राव, डिप्रेशन आदि हो सकते है। इसके अलावा पीएमएस यानि पीरियड्स होने से पहले के लक्षण नजर आने लगते है। अलग अलग स्त्रियों को पीएमएस के अलग लक्षण हो सकते है। इस समय पैर, पीठ और अँगुलियों में सूजन या दर्द हो सकता है। स्तनों में भारीपन, दर्द या गांठें महसूस हो सकती है। सिरदर्द, माइग्रेन, कम या ज्यादा भूख, मुँहासे, त्वचा पर दाग धब्बे, आदि हो सकते है। इस तरह के लक्षण पीरियड शुरू हो जाने के बाद अपने आप ठीक हो जाते है। इसलिए उन दिनों में अपने आपको सहारा डैम और मजबूत बनें।

पीरियड्स आने की उम्र 
आमतौर पर लड़कियों में पीरियड्स 11 से 14 साल की उम्र में शुरू हो जाती है। लेकिन अगर थोड़ा देर या जल्दी आजाए तो चिंता न करें। पीरियड्सशुरू होने का मतलब होता है की लड़की माँ बन सकती है। शुरुआत में पीरियड्सऔर ओव्यूलेशन
के समय में अंतर हो सकता है। यानि हो सकता है की पीरियड्सशुरू नहीं हो लेकिन ओव्यूलेशन शुरू हो चुका हो। ऐसे में गर्भ धारण हो सकता है। और इसका उल्टा भी संभव है। यह बहुत महत्त्वपूर्ण है कि पीरियड्स शुरू नहीं होने पर भी प्रेगनेंट होना संभव है इसलिए सावधानी बरतें।

पहले ही किशोरियों को समझाएं 
लड़कियों में शारीरिक परिवर्तन दिखने पर या लगभग 10 -11 साल की उम्र में मासिक धर्म के बारे में जानकारी देकर इसे कैसे मैनेज करना है समझा देना चाहिए। जिससे वे शरीर में होने वाली इस सामान्य प्रक्रिया के लिए मानसिक रूप से भी तैयार हो जाएँ। साथ ही आप लोगों को भी यह समझने की जरूरत है कि पीरियड्स मवं में अपवित्रता जैसा कुछ नहीं है। ये एक सामान्य शारीरिक क्रिया है जो एक जिम्मेदारी का अहसास कराती है। इसकी वजह से लड़कियों पर आने जाने या खेलने कूदने पर पाबन्दी नहीं लगानी चाहिए। पर ध्यान रहे बच्चियों को गर्भ धारण करने की सम्भावना के बारे में जरूर समझाना चाहिए जिससे वे सतर्क रहें। 

पीरियड्स आने पर 
सभी महिलाएं पीरियड्स की डेट जरूर याद रखें जिससे आप पहले ही तैयार रहें। 
इस दौरान खुदको किसी चीज़ से न रोकें नहीं। सामान्य जीवन शैली ही जिएं। बस अगर मौका मिले तो थोड़ा आराम करें।
 

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5 Ways to Stay Fertile!

MS, MBBS
Gynaecologist, Noida
5 Ways to Stay Fertile!

According to a recent study of fertility and diet conducted by the Harvard Medical School, it has been revealed that consuming certain foods and abstaining from some can be easily opted for without any external intervention in order to aid in improving the ovulatory system, even though there are factors that you are unable to control, such as genetics and age. It is important to be aware of the small dietary changes that can potentially make you much more fertile than those who do not go for a healthy diet.

  1. Go for complex carbohydrates: Experts suggest eating more of slow and complex carbohydrates and restricting the consumption of processed ones. Your body is able to digest bad carbohydrates in order to turn them into blood sugar, which is harmful to the body. So you must stay away from cakes and cookies, white breads, white rice, junk food and all such items that appear unsurpassable. It is because the pancreas are compelled to release an additional amount of insulin into the blood for controlling the blood-sugar spike. On the other hand, you can go for good carbohydrates, such as whole grains, fruits and vegetables, which take time to digest and have a much slower effect on the insulin and blood sugar. It is evident that high levels of insulin can inhibit the process of ovulation.
  2. Choose Iron-Rich Foods:  A diet rich in iron that comes from vegetables and supplements may lower the risk of ovulatory infertility. Ovulatory infertility is only one cause of infertility and affects 25 percent of infertile couples. Vegetarian foods with iron include all types of beans, eggs, lentils, spinach, fortified cereals, long-grain enriched rice and whole grains. Add vitamin C from citrus fruits, bell peppers or berries to your meals to enhance iron absorption.

  3. The "Fertility Diet":  Women should choose the following "fertility diet" -

    • Less animal protein and more vegetable protein
    • Less trans fat and more monounsaturated fat (from foods such as avocados and olive oil)
    • More high-fiber, low-glycemic carbohydrate-rich foods (including whole grains)
    • More vegetarian sources of iron and fewer meat sources
    • Multivitamins
    • High-fat dairy instead of low-fat dairy
  4. Get enough folic acid: Folic acid has been proven to reduce a baby's risk of neural-tube birth defects such as spina bifida, and it is linked to a lower incidence of heart attacks, strokes, cancer, and diabetes. A good over-the-counter prenatal vitamin should contain more than the minimum recommendation of folic acid, between 600 and 800 mcg – what you'll need during pregnancy. In addition, you can eat folate-rich foods, such as dark green leafy vegetables like spinach or kale, citrus fruits, nuts, legumes, whole grains, and fortified breads and cereals.
  5. Dairy: It pays to bone up on dairy (milk, yogurt, and cheese) when you’re trying to conceive. Adding dairy to your preconception diet is good not only for bone health but also — potentially — for your reproductive health. So drink that milk, spoon up that yogurt, sip that smoothie, nibble on that cheese. If you wish to discuss about any specific problem, you can consult a Gynaecologist.
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Near By Doctors

93%
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Dr. Pooja Choudhary

MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
Gynae and ENT Clinic, 
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90%
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Dr. Rita Bakshi

MBBS, DGO, MD, Fellowship in Gynae Oncology
Gynaecologist
International Fertility Centre Delhi, 
300 at clinic
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91%
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Dr. Samriti Uppal

DNB (Obstetrics and Gynecology), DGO, MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery
Gynaecologist
Arya Polyclinic, 
300 at clinic
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Dr. Rahul Manchanda

MBBS, MD
Gynaecologist
Manchandas Endoscopic Center, 
300 at clinic
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Southend Fertility & Ivf

Fertility & IVF
Gynaecologist
Southend Fertility & IVF - Holy Angel Hospital, 
750 at clinic
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Dr. Renu Misra

MBBS, MS - Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist
Sitaram Bhartia Institute Of Science & Research, 
300 at clinic
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