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Our entire team is dedicated to providing you with the personalized, gentle care that you deserve. All our staff is dedicated to your comfort and prompt attention as well....more
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sri va aayurveda hospital.covai is known for housing experienced Ayurvedas. Dr. P.A.Poyyamozhi, a well-reputed Ayurveda, practices in coimbatore. Visit this medical health centre for Ayurvedas recommended by 65 patients.

Timings

MON-SUN
07:00 AM - 07:30 AM
WED-THU, SAT-SUN
07:00 PM - 07:30 PM

Location

poonthottam nagr..sarvanapatti
Saravanampatti coimbatore, Tamil Nadu - 641035
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How Can You Regain Your Hearing With Hearing Aids?

Ali Yavar Jung National Institute Of Speech And Hearing Disabilities Kolkata, PhD - Public Health
Audiologist, Delhi
How Can You Regain Your Hearing With Hearing Aids?

Loss or impairment of hearing can happen due to a variety of causes and may be temporary or permanent in nature, depending on the type and severity of the condition. One of the most common causes of hearing impairment is age. The degeneration of one's vital organs and senses becomes a reality for many people as the advancement of age happens, and the delicate insides of the ears are no different. Noise pollution, injury to the ear drum or any other part of the ear, as well as the movement of particles inside are only a few of the many reasons for loss of hearing. One of the many ways of dealing with long term hearing impairment is by using a hearing aid.

Read on to know how you can regain your hearing with hearing aids:

  1. Long Forgotten Sound: A hearing aid will help you reacquaint yourself with long forgotten and subtle sounds that you may not have been able to hear for a long time. Many times, this kind of impairment also makes us forget to notice the fact that we do not hear so many normal sounds in our everyday lives - sounds that we probably did not notice even earlier. This may include the whirring of a fan, the whoosh of the air, the pitter patter of pets' feet and so much more. A hearing aid will help in bringing about an adjustment to these sounds that you will actually end up discovering again.
  2. Technicalities: The hearing aid basically works by letting your hearing and ears readjust to the various volumes, intensity and vibrations that one feels when different sounds reach the ears. This helps in hearing better.
  3. Amplification: A hearing aid is basically an electroacoustic device that fits in neatly behind your ear where it is tucked away from plain sight. This device helps in amplifying sounds so that you can catch them and hear them more clearly.
  4. Modulation: The ENT specialist will usually prescribe a certain kind of hearing aid based on your individual condition in terms of volume, size, power and circulation. These factors help in modulating the sounds in a certain way so that they reach the nerve pathways from the inner ear and travel to the brain in a proper and effective way. This is usually done in a customised way to cater to the specific type and cause of your hearing loss.

Using a hearing aid is a matter of retraining your hearing rather than restoring it completely. These aids will be helpful in regaining a better sense of hearing within the condition you are going through, rather than reversing the condition completely.

झाइयों का आयुर्वेदिक इलाज - Jhaiyon Ka Ayurvedik Ilaaj!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
झाइयों का आयुर्वेदिक इलाज - Jhaiyon Ka Ayurvedik Ilaaj!

कई त्वचा संक्रमणों में से एक है रंजकता या झाइयां जिसके कारण चेहरे का रंग असामान्य हो जाता है. त्वचा के द्वारा निर्मित मेलेनिन त्वचा को रंग देता है. मेलेनिन का कम उत्पादन कुछ क्षेत्रों में हाइपोपिगमेंटेशन का कारण बनता है जो त्वचा को सफेद धब्बों की ओर ले जाता है या जिसके कारण त्वचा पर हल्के रंग के पैच बन जाते हैं. मेलेनिन का उच्च उत्पादन हाइपरपिगमेंटेशन का कारण बनता है जो परिणामस्वरूप त्वचा पर गहरे या भूरे रंग के धब्बों को उत्पन्न करता है या जिसकी वजह से त्वचा पर गहरे रंग के पैच बन जाते हैं. आइए चेहरे से झाइयाँ को हटाने के आयुर्वेदिक इलाज को इस लेख के माध्यम से जानें.

1. संतरे का छिलका

संतरे के छिलकों को सूरज के सामने सूखने के लिए रख दें. तब तक रखें जब तक ये डिहाइड्रेटेड न हो जाएँ. जब एक बार सूख जाएँ फिर छिलकों को मिक्सर में डालकर एक पाउडर तैयार कर लें. पाउडर में अन्य बची सामग्रियों को भी डाल दें. अब इस मिश्रण को अच्छे से चलाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. इस मिश्रण को त्वचा पर 20 मिनट के लिए ऐसे लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. हफ्ते में तीन से चार बार इस प्रक्रिया को दोहराएं.

2. एवोकाडो

एवोकाडो को तब तक मैश करें जब तक इसकी गुठली बनना कम न हो जाये. अब मैश एवोकाडो को त्वचा पर लगाएं और इसे फिर आधे घंटे के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. एक महीने के लिए इस पेस्ट को पूरे दिन में दो बार ज़रूर लगाएं. एवोकाडो में विटामिन सी और ओलिक एसिड होता है जो झाइयों के लिए एक बेहतरीन उपाय है.

3. हल्दी पाउडर और नींबू

एक कटोरे में दोनों सामग्री को मिला लें और एक मुलायम पेस्ट तैयार कर लें. अब अपनी त्वचा को सबसे पहले साफ़ कर लें और फिर इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं. 15 मिनट तक इस मिश्रण को लगे रहने दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. इस मिश्रण को रात को सोने से पहले पूरे दिन में एक बार ज़रूर लगाएं. हल्दी को आमतौर पर सभी के घरों में इस्तेमाल किया जाता है.

4. सेब का सिरका

सबसे पहले सेब के सिरके को पानी में मिला लें. अब इस मिश्रण को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. इस मिश्रण को पांच मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. जब तक आपको नतीजा न दिख जाये तब तक इसका इस्तेमाल पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें. सेब के सिरके में मौजूद एस्ट्रिजेंट गुण त्वचा के प्राकृतिक रंग को बनाये रखने में मदद करते हैं.

5. उपचार करें खीरा से

एक कटोरे में सबसे पहले सारी सामग्री को मिला लें. अब इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं. अब मिश्रण को दस मिनट के लिए त्वचा पर ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. रोज़ाना इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार लगाएं. खीरा त्वचा को फिर से निखारने के लिए जाना जाता है.

6. चंदन की लकड़ी

सभी सामग्रियों को एक साथ मिला लें और एक मुलायम पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. पेस्ट को लगाने के बाद इसे आधे घंटे के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब इस पेस्ट को गुनगुने पानी से धो लें. इस पेस्ट को पूरे दिन में दो बार ज़रूर लगाएं. चंदन एक बेहद प्रभावी ब्लड प्यूरीफायर है जो झाइयों का इलाज करने में मदद करता है. ये सामग्री आमतौर पर सनस्क्रीन में इस्तेमाल की जाती है. चंदन सूरज की किरणों से बचाने में बेहद लाभदायक सामग्री है.

7. कच्चे आलू

सबसे पहले आलू को धो लें और उसे फिर आधे आधे हिस्से में काट लें. अब कटे हिस्से के ऊपर पानी की कुछ मात्रा डालें. फिर आधे आलू को प्रभावित क्षेत्रों पर सब तरफ से लगाएं. अब दस मिनट तक इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर प्रभावित क्षेत्र को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. पूरे दिन में तीन से चार बार एक महीने के लिए इस प्रक्रिया को करते रहें. आलू को चेहरे पर रगड़ने से झाइयां, काले धब्बे जैसे निशान कम होते नज़र आएंगे.

8. कच्चे आलू

सबसे पहले आलू को धो लें और उसे फिर आधे आधे हिस्से में काट लें. अब कटे हिस्से के ऊपर पानी की कुछ मात्रा डालें. फिर आधे आलू को प्रभावित क्षेत्रों पर सब तरफ से लगाएं. अब दस मिनट तक इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर प्रभावित क्षेत्र को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. पूरे दिन में तीन से चार बार एक महीने के लिए इस प्रक्रिया को करते रहें. आलू को चेहरे पर रगड़ने से झाइयां, काले धब्बे जैसे निशान कम होते नज़र आएंगे.

9. उपाय है दही

एक चम्मच फूल फैट दही लें. अब दही को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. फिर 20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें. अब त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. दही को हफ्ते में दो बार ज़रूर लगाएं. दही में लैक्टिक एसिड होता है जो त्वचा को एक्सफोलिएट करने में मदद करता है और मेलानोसाईट को धीरे धीरे कम करता है. ये झाइयों के दौरान खराब होने वाली त्वचा को भी ठीक करता हैं.
 

10. टमाटर

एक कटोरे में ये सभी सामग्रियों को एक साथ मिला लें. अब इस मिश्रण को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं. जब तक ये मिश्रण सूख न जाये तब तक इसे बीस मिनट तक लगाकर रखें. फिर अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से धो लें. इस पेस्ट को पूरे दिन में एक बार ज़रूर लगाएं. टमाटर में प्राकृतिक ब्लीचिंग उत्पाद होता है और टमाटर से बना फेस मास्क त्वचा को फिरसे निखारने में मदद करता है.
 

6 people found this helpful

How To Maintain Healthy Skin?

MBBS, DDV, Aesthetic medicine
Dermatologist, Delhi
How To Maintain Healthy Skin?

Almonds, sunflower seeds and flax seeds - foods which contain fatty acids prove to be very healthy for the skin. They also reduce inflammation which causes fine lines, sagging and blotchiness.

 

5 people found this helpful

Hair Growth!

MBBS, DDV, Aesthetic medicine
Dermatologist, Delhi
Hair Growth!

Consuming foods which are rich in lean protein, whole grains, fruits and vegetables will help in maintaing your hair's health.

8 people found this helpful

Skin Care!

MBBS, DDV, Aesthetic medicine
Dermatologist, Delhi
Skin Care!

Consuming black tea and green tea which contain protective compounds like egg and theaflavins can greatly benefit your skin and prevent your from skin cancers. They also prevent the breakdown of collagen, the cause of wrinkles.

1 person found this helpful

Hair Growth!

BHMS
Homeopath, Kochi
Hair Growth!

Add vitamins in to ur diet. with zinc for good growth of your hair.

1 person found this helpful

जैतून का तेल चेहरे के लिए - Olive Oil For Face!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
जैतून का तेल चेहरे के लिए  - Olive Oil For Face!

जैतून के तेल के स्वास्थ्य लाभों के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ, इसकी लोकप्रियता दुनिया भर में बढ़ती ही जा रही है. सबसे अच्छी क़िस्म अतिरिक्त शुद्ध जैतून का तेल है, जो कोल्ड-प्रेस्ड है और जिसमें सबसे अच्छा स्वाद और गंध होती है. जैतून के तेल के स्वास्थ्य और सुंदरता के लिए कई उपयोग हैं और आप इसे दोनों आंतरिक और बाह्य रूप से उपयोग कर सकते हैं.

क्या क्या मौजूद है इसमें

जैतून का तेल हमारे त्वचा के लिए एक बहुत अच्छे मॉइस्चराइजर का काम करता है. विटामिन ए और ई के साथ ही कई अन्य खनिज और फैटी एसिड में भी ये समृद्ध है. इसलिए ये यह त्वचा को नरम और चिकनई से युक्त बनाता है. जैतून का तेल त्वचा की उम्र को बढ़ने से रोकने के साथ ही झुर्रियाँ और फाइन लाइन्स से त्वचा की रक्षा भी करता है. इसके अलावा ये स्ट्रेच मार्क्स से छुटकारा दिलाता है. नियमित रूप से नहाने से पहले गर्म जैतून के तेल के साथ शरीर की मालिश करने से, रक्त परिसंचरण में सुधार होता है. इस वजह से आपकी त्वचा युवा दिखाई देती है. आप सर्दियों के दौरान फटे होठों को रोकने के लिए एक लिप बाम के बजाय जैतून के तेल का उपयोग कर सकते हैं. इसके अलावा, एक प्राकृतिक मेकअप रिमूवर के रूप में जैतून का तेल का उपयोग करें. जैतून के तेल को स्‍वास्‍थ्‍य और त्‍वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. लेकिन आप त्‍वचा के लिए इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. आइए जैतून के तेल का चेहरे के लिए किस तरह का असर रखता है सको समझें.

मुहांसों की समस्‍या

जैतून के तेल के इस्तेमाल से आपकी त्‍वचा पर मुहांसों की समस्‍या भी हो सकती है. अगर आप इसे त्‍वचा पर लगाते हैं तो जैतून का तेल भारी होने के कारण त्‍वचा में आसानी से अवशोषित नहीं होता, जिससे त्‍वचा की ऊपरी सतह पर परत इकट्ठी हो जाती है और धूल-मिट्टी त्‍वचा पर जमने के कारण कील मुहांसे हो सकते है.

ड्राई स्किन पर नुकसान

तैलीय त्वचा के साथ-साथ जैतून का तेल शुष्क त्वचा के लिए भी नुकसानदायक होता है. कुछ शोधों में तो ऐसा देखा गया है कि जैतून के तेल में ऑलिक एसिड की मौजूदगी ड्राई स्किन के प्राकृतिक नमी को खत्म कर देता है.

काले धब्बों की समस्या

जैतून का तेल ज्यादा तैलीय होने के कारण त्वचा पर ब्‍लैक हैड्स की समस्‍या का कारण भी बन सकता है. जैतून के तेल को लगाने से त्वचा में रोम छिद्रों में मिट्टी जमा होती और कोशिकाएं भी मृत हो जाती हैं.

चेहरे पर एलर्जी की समस्‍या

एलर्जी के समस्‍या होने पर जैतून के तेल को त्‍वचा पर इस्‍तेमाल करने से बचें, नहीं तो आपकी समस्‍या ज्‍यादा हो सकती है. अगर आपने इस्‍तेमाल कर लिया है तो किसी भी तरह की एलर्जी से बचने के लिए डॉक्‍टर से सलाह लें.

चेहरे की त्वचा पर रैशेज

ये सही है कि जैतून तेल को लगाने से चेहरे पर एक तरह की चमक आती है. लेकिन सिबम के अतिरिक्‍त स्राव के कारण तैलीय स्किन वालों को इसे लगाने से बचना चाहिए, क्‍योंकि जैतून के तेल के इस्‍‍तेमाल से त्‍वचा पर चकत्‍ते, खुजली या लाल निशान हो सकते है.

जैतून के तेल का नुकसान

लगभग हर चीज के फायदे के साथ-साथ नुकसान भी होते हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं जैतून के तेल के बारे में. हालांकि जैतून के तेल को स्‍वास्‍थ्‍य और त्‍वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. लेकिन आप त्‍वचा के लिए इसके साइड-इफेक्ट का नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. बाजार में मिलने वाले जैतून के तले में कई प्रकार के केमिकल होते हैं जो त्‍वचा के लिए बहुत नुकसानदायक होते हैं. अगर आपको त्‍वचा पर इसके होने वाले साइड इफेक्‍ट की जानकारी हो तो आप सावधानी बरत सकते हैं और इसके इस्‍तेमाल का सही तरीका जान सकते हैं. आइए त्‍वचा से जुड़े इसके साइड इफेक्‍ट की जानकारी लेते हैं.
 

2 people found this helpful

Hair Transplant By FUE method!

Cosmetic/Plastic Surgeon, Mumbai
Hair Transplant By FUE method!

Hair tansplant

1) what is a hair transplant?
Hair transplant is a surgical procedure which covers the bald areas of the scalp by patient’s own hair. In this surgery, hair follicles are taken out from the back of the scalp, or beard and planted in the bald areas of the scalp. Slowly, these roots sprout new and naturally growing hair. It is a minimally invasive day care procedure but need to be done in sterile set up. 

2) does a hair transplant hurt during or after the procedure? 
Hair transplant is done under local anaesthesia. Needle prick pain gives very mild discomfort. Patient is allowed to take breaks in between the procedure and analgesic injections are given to reduce overall pain. 

3) does hair transplant leave scar?
It leaves a minor scar and, if the surgery is done properly, that is not visible to the naked eye. The procedure is safe and result-oriented under experienced hands with good technology/infrastructure.

4) what is fue hair transplant treatment? is it permanent? 
Fue is the most popular hair transplant technique. It stands for follicular unit extraction. Individual unit is harvested from back of scalp and implanted in frontal bald area. Patient has to apply topical minoxidil for longer period. Results are long lasting depending upon the compliance of patient. 

5) how many sessions are required for a hair transplant procedure?
Usually one or two sessions are required to cover bald area. A typical session of approximately 2000 hair covers frontal and temporal area. Second session can be done according to need such as thicker density or vertex baldness. 

6) does a hair transplant have any side effects?
It is a fairly safe procedure. Minor complications like swelling arround eyes and mild pain might be there in the first week.

7) for how many days does one need to be away from work? is it safe to go outside immediately after the treatment?
Patient goes home on the day of procedure. It is mandatory that patient stay away from work for at least two days, as the wounds are fresh and head has to be covered by a surgical cap. After three days, a normal cap might be used and the person could resume office. Work from home is possible from the next day itself. It is best to stay indoors for two days after the transplant 

8) does medical treatment play any role? 
Topical minoxidil once a day helps in maintaining hair growth and preventing further hair fall. Tab finasteride 1 mg does not cause any side effect. Both drugs can be used for longer time without any side effects. 
 

Dental Health!

BDS
Dentist, Betul
Dental Health!

Sugary foods should be consumed in limited quantities as the bacteria in dental plaque changes them into acids.

 

3 people found this helpful

Mother Tinctures For Rheumatoid Arthritis!

BHMS
Homeopath, Purulia
Mother Tinctures For Rheumatoid Arthritis!

Mother tinctures for rheumatoid arthritis

Azadiracta indica q- rheumatic pain in lower extremities. Burning of the sole or palm. Numbness associated with rheumatic pain. Forgetfulness and depression. Thirstlessnesss. Soreness marked in the left side of throat. Fever with chill or without chill from 4.30 pm to 7.30 pm. Sweat on upper part of body but no sweat in the lower part

Belladonna q- in stiffness and acute affections when the pains come and go like electric shocks, worse on touch and movement

Calotropis gigantea q- indicated for chronic rheumatism. Crampy pain in the centre of the right palm while grasping any object which lasts for many days. Pain in the wrist joint aggravates on movement. Swelling with soreness of left foot which compels the patient to move always in the bed. Pain aggravates on rest and is relieved by taking coffee.

Curcuma longa q- a specific remedy for acute rheumatism

Eupatorium perfoliatum q- aching in bones of extremities with soreness of flesh. Pain in arms and wrist. Swelling of left great toe

Gaultheria oil- useful for pain due to rheumatic arthritis

Ginseng q- for rheumatism, lumbago and sciatica. Joints become stiff and contracted and there is an increase of urine

Guaicum q- inflammatory rheumatism. It is useful in chronic rheumatism of the upper extremities and in lumbago after abuse of mercury or dependent on syphilis

Hydrophilia sphinosa q- a specific remedy for acute rheumatism

Hymosa q- in acute febrile stage. It neutrilises the acidity of blood, removes deposites from joints and cures all disorders due to the disease

Mimosa humilis q- lancinations in legs and arms. Numbness of arm and right hand, ceasing on movement. Inflammatory swelling of left hand. Swelling of left ankle with redness, tension and pain.

Passiflora incarnata q- reduce rheumatic pain and induce sleep

Propylaminum q- palliates fever and pain in a day or two in acute rheumatism. Rheumatic pains change their place especially in heart lesions. Pain in wrist and ankles, worse by least motion. Fingers cannot hold things. Tingling and numbness of fingers

Rhamnus cal. Q- for muscular pain and rheumatism. There is constipation

Stellaria media q- chronic rheumatic pains

Tinospora cordifolia q- acute rheumatism with fever.

Urtica urens q- pain in ankles and wrist

Viscum album q- rheumatism of joints of gonorrhoeal origin, especially in women.

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