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S R Multispeciality Hospital

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We like to think that we are an extraordinary practice that is all about you - your potential, your comfort, your health, and your individuality. You are important to us and we strive to ......more
We like to think that we are an extraordinary practice that is all about you - your potential, your comfort, your health, and your individuality. You are important to us and we strive to help you in every and any way that we can.
More about S R Multispeciality Hospital
S R Multispeciality Hospital is known for housing experienced General Physicians. Dr. V.C.Poornachandran, a well-reputed General Physician, practices in Chennai. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 98 patients.

Timings

MON-SAT
09:00 AM - 09:00 PM

Location

37, Main Road, MMDA Colony, Razaak Garden Landmark : Near Anna Arch
Arumbakkam Chennai, Tamil Nadu - 600106
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Doctors in S R Multispeciality Hospital

Dr. V.C.Poornachandran

MBBS, MD - General Medicine, Fellowship in Diabetology
General Physician
19 Years experience
500 at clinic
Available today
11:00 AM - 06:00 PM

Dr. B Harriprasad

MBBS, MD - General Medicine, DM - Gastroenterology
Gastroenterologist
16 Years experience
400 at clinic
Available today
06:30 PM - 07:30 PM

Dr. Saravanamoorthy J

MBBS, Diploma in Anesthesiology
Anesthesiologist
18 Years experience
500 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. T. G. Balachandar

MBBS, MS - General Surgery, MCh - Surgical Gastroenterology/G.I. Surgery
Gastroenterologist
44 Years experience

Dr. D Dinesh Kumar

MBBS, MD - Dermatology , Venereology & Leprosy, MRCPS
Dermatologist
15 Years experience
500 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Raj Kumar T R

MBBS, MS - General Surgery
General Surgeon
11 Years experience
500 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. Ravi Kirubanandan

FRCS - Trauma & Orthopedic, Diploma - SICOT, MBBS
Orthopedist
18 Years experience
Unavailable today

Dr. Subbiah Shanmugam

MBBS, MS - General Surgery, MCh - Surgical Oncology
Oncologist
29 Years experience
500 at clinic
Available today
09:00 AM - 09:00 PM

Dr. P.Kamalanathan

MD - Cardiology, MBBS
Cardiologist
15 Years experience
500 at clinic
Available today
02:00 PM - 03:30 PM

Dr. Sarasa Kavitha.D

BDS, MDS - Pedodontics
Dentist
13 Years experience
Unavailable today

Dr. A.B.Sridhar

MBBS, Diploma in Orthopaedics, M.Ch - Orthopaedics
Orthopedist
25 Years experience
500 at clinic
Unavailable today

Dr. K. Jothinathan

MBBS, MS - General Surgery
Gastroenterologist
27 Years experience
500 at clinic
Available today
01:00 PM - 04:00 PM

Dr. Dayanand Kaliaperumal

MBBS, MS - Orthopaedics
Orthopedist
21 Years experience
500 at clinic
Available today
05:00 PM - 08:00 PM
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फिस्टुला का घरेलू उपचार - Fistula Ke Gharelu Upchar!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
फिस्टुला का घरेलू उपचार - Fistula Ke Gharelu Upchar!

गुदा से जुड़ी बीमारी फिस्टुला को ही अङ्ग्रेज़ी में फिस्टुला कहते हैं. दरअसल बवासीर जब लंबे समय तक ठीक नहीं होता है तो यही पुराना होकर फिस्टुला का रूप ले लेता है. जाहीर है फिस्टुला के रूप में आ जाने पर बवासीर बहुत खतरनाक हो जाता है. इसलिए हमारा सलाह है कि आपको बवासीर को कभी नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए. यही नहीं फिस्टुला एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज़ यदि ज्यादा समय तक ना करवाया जाए तो कैंसर का रूप भी ले सकता है. यहाँ आपको बता दें कि इस कैंसर को रिक्टम कैंसर कहते हें. रिक्टम कैंसर कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है. हालांकि इस बात के सम्भावना बहुत ही कम होती है. इस बीमारी को आप नाड़ी में होने वाला रोग कह सकते हैं, जो गुदा और मलाशय के पास के भाग में स्थित होता है. फिस्टुला में पीड़ाप्रद दानें गुदा के आस-पास निकलकर फूट जाते हैं. इस रोग में गुदा और वस्ति के चारो ओर योनि के समान त्वचा फैल जाती है, जिसे फिस्टुला कहते हैं. इस घाव का एक मुख मलाशय के भीतर और दूसरा बाहर की ओर होता है. फिस्टुला रोग अधिक पुराना होने पर हड्डी में सुराख बना देता है जिससे हडि्डयों से पीव निकलता रहता है और कभी-कभी खून भी आता है. कुछ दिन बाद इसी रास्ते से मल भी आने लगता है. फिस्टुला रोग अधिक कष्टकारी होता है. यह रोग जल्दी खत्म नहीं होता है. इस रोग के होने से रोगी में चिड़चिड़ापन हो जाता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम फिस्टुला के विभिन्न इलाज के बारे में जानें ताकि इस विषय में जागरूक हो सकें.

1. चोपचीनी और मिस्री

फिस्टुला का इलाज चोपचीनी और मिस्री के सहयाता से भी किया जा सकता है. इसके लिए आपको इन्हें बारीक पीसकर समान मात्रा में इसमें देशी घी मिलायें. फिर इससे 20-20 ग्राम के लड्डू बना कर इसे सुबह शाम नियमित रूप से खाना होगा. ध्यान रहे इस दौरान आप नमक, तेल, खटाई, चाय, मसाले आदि न खाएं. क्योंकि इसे खाने से इस दवा का असर खत्म हो सकता है. यानि इलाज के दौरान आप फीकी रोटी को घी और शक्कर के साथ खा सकते हैं. इसके अलावा आप दलिया और बिना नमक का हलवा इत्यादि भी खा सकते हैं. यदि आपने नियमित रूप से इसका पालन किया तो लगभग 21 दिन में आपका फिस्टुला सही हो सकता है. आप चाहें तो इसके साथ सुबह शाम 1-1 चम्मच त्रिफला चूर्ण को भी गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं.

2. पुनर्नवा
फिस्टुला के कई घरेलू उपचार हैं जिनसे इसे ठीक किया जा सकता है. इसके लिए आपको पुनर्नवा, हरड़, दारुहल्दी, गिलोय, हल्दी, सोंठ, चित्रक मूल, भारंगी और देवदार को एक साथ मिलाकर काढ़ा बनाएँ. फिर इस काढ़े को नियमित रूप से पियें तो सूजनयुक्त फिस्टुला में काफी लाभकारी साबित होता है. पुनर्नवा शोथ-शमन कारी गुणों से युक्त होता है.

3. नीम
नीम की पत्तियों का इस्तेमाल भी फिस्टुला के उपचार के लिए किया जाता है. इसके लिए इस पत्तियों को घी और तिल की 5-5 ग्राम की मात्रा में लें. फिर उसे कूट-पीसकर उसमें 20 ग्राम जौ का आटा मिलाकर उस पानी की सहायता से इसका लेप तैयार करें. अब इस लेप को किसी साफ कपड़े के टुकड़े पर फैलाकर फिस्टुला पर बांध लें. इससे काफी लाभ मिलता है.

4. गुड़
पुराना गुड़, नीलाथोथा, गन्दा बिरोजा और सिरस की एक समान मात्रा को थोड़े से पानी में घोंटकर इसका मलहम बनाएं. इसके बाद उस मलहम को कपड़े पर लगाकर फिस्टुला के घाव पर कुछ दिनों तक लगातार रखने से यह रोग ठीक हो सकता है.

5. शहद
फिस्टुला के इलाज के लिए शहद और सेंधानमक को एकसाथ मिलाकर इसकी एक बत्ती तैयार करें. फिर इस बत्ती को फिस्टुला के नासूर में रखें. यदि आप नियमित रूप से ऐसा करेंगे तो आपको इसका निश्चित लाभ मिलेगा.

6. केला और कपूर
एक पके केले और कपूर भी फिस्टुला के उपचार के लिए बहुत सहायक होता है. आप पके हुए केले के बीच में चीरा लगा कर चने के दाने के बराबर कपूर को रख दें और फिर इसको खाए और इसे खाने के एक घंटा पहले और एक घंटा बाद में कुछ भी नहीं खाना पीना चाहिए. यदि फिस्टुला बहुत पुरानी हो गयी हो और इस प्रकार की उपाय से सही नहीं होती है तो कृपया सर्जरी का सहारा लें.

7. भोजन और परहेज
आहार-विहार के असंयम से ही रोगों की उत्पत्ति होती है. इस तरह के रोगों में खाने-पीने का संयम न रखने पर यह बढ़ जाता है. अत: इस रोग में खास तौर पर आहार-विहार पर सावधानी बरतनी चाहिए. इस प्रकार के रोगों में सर्व प्रथम रोग की उत्पति के कारणों को दूर करना चाहिए क्योंकि उसके कारण को दूर किये बिना चिकित्सा में सफलता नहीं मिलती है. इस रोग में रोगी और चिकित्सक दोनों को सावधानी बरतनी चाहिए.

गुर्दे से संबंधित समस्याएं - Gurde Se Sambandhit Samasyaen!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
गुर्दे से संबंधित समस्याएं - Gurde Se Sambandhit Samasyaen!

गुर्दा हमारे शरीर में खून की सफाई के लिए प्रयुक्त होने वाला दुसरे नम्बर का फ़िल्टर है. इसी से हमें गुर्दे का महत्व पता चल सकता है कि ह्रदय द्वारा पम्प किए हुए रक्त का 20 प्रतिशत किडनी द्वारा साफ़ किया जाता है. फिर इसमें से निकले विषैले और अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के जरिए बाहर कर दिया जाता है. दुर्भाग्य से हमें गुर्दे में होने वाले रोग की जानकारी इसके पहले चरण में नहीं हो पाती है. इसलिए हमें बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है. इस संबंध में जागरूकता के लिए हमें गुर्दे से संबंधित समस्याओं के लक्षणों की पहचान करनी पड़ेगी. आइए हम गुर्दे में उत्पन्न होने वाली समस्याओं के लक्षणों को जानें.

1. बार-बार पेशाब आना

किडनी में संक्रमण के कई लक्षणों में से एक बार-बार पेशाब आना भी है. इसकी वजह से आपकी यूरीन की मात्रा और आवृत्ति में पबदलाव आ सकता है. खासतौर से रात में यूरीन में ज्‍यादा वृद्धि हो सकती है. इसमें आपको कम या ज्‍यादा मात्रा में यूरीन पीले रंग के साथ भी हो सकता है. ये भी हो सकता है कि पेशाब करने में समस्या आए और ये समस्या लगातार बनी रहे.

2. हाथ पैर या टखने का सूजन
किडनी रोग की पहचान का ये भी एक मुख्य लक्षण है. जब किडनी संक्रमित हो जाती है तो शरीर से विषैले तत्‍व बाहर नहीं निकल पाते हैं. इसलिए इससे कई तरह की समस्याएं आने लगती हैं. शरीर में इकठ्ठा होने वाले अतिरिक्त तरल पदार्थ हाथ, पैर, चेहरे और टखनों में सूजन का कारण बनते हैं.

3. पेशाब में रक्त या प्रोटीन का आना
जब पेशाब में खून आने लगता है तब तो हमें आसानी से पता चल जाता है. लेकिन पेशाब के जरिए प्रोटीन के बाहर आने का पता लगाना ज़रा मुश्किल है. इसके लिए आपको लगातार निरिक्षण करते रहना होता है. दोनों ही स्थितियों में आपको तुरंत चिकित्सक के पास जाकर उन्हें पूरी बात बतानी चाहिए.

4. भूख का कम लगाना या वजन घटना
हमारे शरीर को लगातार काम करते रहने के लिए उचित पोषण और ऊर्जा की जरूरत होती है. जाहिर है ये ऊर्जा और पोषण हमें भोजन के जरिए ही मिलता है. लेकिन यदि भूख ही न लगे तो इसका एक कारण किडनी की कोई बिमारी भी हो सकती है. इसलिए जरुरी है कि किसी डॉक्टर को दिखाएँ.

5. उच्च रक्त चाप
उच्च रक्तचाप तो अपने आप में एक समस्या है. लेकिन कई बार इसका कारण किडनी में रोग भी हो सकता है. दरअसल होता ये है कि शरीर की क्षमता में कमी आने से हमारा ह्रदय तंत्रिका तंत्र के विभिन्न कार्यों को करने के लिए तेजी से रक्त पम्प करना शुरू कर देता है. ऐसे में जब दिल ज्यादा काम करता है तो उच्च रक्तचाप की समस्या हो जाती है.

6. त्वचा में रैशेज
जैसा कि हमने आपको बताया कि किडनी का काम भी खून से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना है. लेकिन जब किडनी में संक्रमण हो जाता है तो अपशिष्ट पदार्थ बाहर नहीं आ पाते हैं. इसकी वजह से त्वचा पर चकत्ते और खुजली जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है.

7. थकान और सांस लेने में समस्या
शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालते समय किडनी इरिथरोपोटीन नामक हार्मोन का उत्पन करता है. ऑक्सीजन को लाल रक्त कोशिकाएं बनाने में इस हार्मोन की ही भूमिका होती है. इसलिए जब किडनी में कोई समस्या आती है तो इरिथरोपोटीन का उत्पादन प्रभावित होता है. इससे शरीर में ऑक्सीजन के वितरण के लिए जिम्मेदार लाल रक्त कोशिकाएं कम पड़ जाती हैं और सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है. इसके साथ ही हमारा दिमाग, मसल्स और पूरा शरीर जल्दी ही थक जाते हैं. इसे रक्ताल्पता भी कहते हैं.

8. जी मितलाना और चक्कर आना
किडनी के काम न करने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थों के अधिकता हो जाती है. जिसकी वजह से जी मितलाना और उल्टी जैसी परेशानियाँ भी उत्पन्न होने लगती हैं. इसके अलावा रक्ताल्पता की वजह से भी चक्कर आने या एकाग्र न कर पाने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

9. मासपेशियों में ऐंठन
कई बार ऐसा भी हो सकता है कि किडनी में आने वाली परेशानियों की वजह से मांसपेशियों में गंभीर रूप से ऐंठन और दर्द उत्पन्न हो सकता है. ये दर्द शरीर के विभिन्न भागों में उत्पन्न हो सकता है.

10. टेस्ट
अंतिम और सबसे ज्यादा भरोसेमंद उपाय के रूप में आप इन लक्षणों के आधार पर टेस्ट करा सकते हैं. किडनी रोग में किडनी की कार्यक्षमता का अंदाजा लगाने के लिए क्रिएटिनिन के स्तर का पता लगाया जाता है. इसके लिए साधारण-सी जांच की जाती है. इसके अतिरिक्त पेशाब और स्‍क्रीनिंग के द्वारा भी किडनी के रोग की जांच होती है.
 

गुलाब जल का चेहरे पर उपयोग - Gulab Jal Ka Chehre Par Upyog!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
गुलाब जल का चेहरे पर उपयोग - Gulab Jal Ka Chehre Par Upyog!

गुलाब जल एक ऐसा सौन्दर्य प्रसाधन है जिसका इस्तेमाल अक्सर कई कार्यों में किया जाता है. इसके विभिन्न गुणों के आधार पर आप इसे निस्संदेह सौंदर्य के लिए जादू की औषधि भी कह सकते हैं. किसी भी प्रकार के चेहरे के लिए गुलाब जल समान रूप से उपयोगी है. चेहरे की त्वचा तैलीय, ड्राइ या नॉर्मल हो, गुलाब जल हर त्वचा के लिए सुंदरता को बढ़ाने के काम आ सकता है. गुलाबजल में बहुत सारे अच्छे गुण होते हैं जिनकी मदद से यह त्वचा की देखभाल के लिए एक बहुत अच्छा उत्पाद है. इसका प्रयोग कई सौन्दर्य उत्पादों में भी किया जाता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम गुलाब जल का चहर्रे पर उपयोग करने के विभिन्न कारणों पर एक नजर डालें ताकि इस विषय में लोगों की जानकारी बढ़ सके.

1. गुलाब जल मेकअप उतारने के लिए
गुलाब जल चेहरे से मेकअप उतारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. गुलाब जल में नारियल तेल की कुछ बूंदों को मिक्स कर लें और फिर रुई से अपना चेहरा साफ करें. यह मिक्सचर मेकअप को साफ करता है और साथ ही आपकी त्वचा को गहराई से साफ करने के लिए भी बहुत अच्छा काम करता है.

2. चेहरे की ताजगी के लिए
अपने चेहरे को साफ और चमकदार रखने के लिए गुलाब जल को अपने चेहरे पर स्प्रे करें. इसे आप मेकअप के उपर भी इस्तेमाल कर सकते है, यह आपके चेहरे को चमक प्रदान करेगा. आप रोजाना सुबह फ्रेश और हाइड्रेटेड रखने के लिए के लिए गुलाब जल का प्रयोग भी कर सकते है.

3. ग्लिसरीन और गुलाब जल है त्वचा क्लींजर
गुलाब जल का इस्तेमाल एक स्किन क्लींजर के रूप में भी किया जा सकता है. फेसवॉश से अपने चेहरे को अच्छे से धोने के बाद, ग्लिसरीन की कुछ बूंदों को 1 चम्मच गुलाब जल के साथ मिक्स कर लें और उसे अपने चेहरे पर लगाएँ.

4. गुलाब जल स्किन टोन के लिए
गुलाब जल स्किन टोन के लिए भी एक बेहतर प्राकृतक विकल्प है. ठंडे गुलाब जल में रुई को डुबोकर चेहरे पर लगाएँ. यह आपके स्किन को टोन कर में मदद करेगा. इसके हल्के कसैले गुण रोम छिद्र को टाइट और स्किन को टोन करने में मदद करते हैं. इस प्रकार यदि आप भी अपने चेहरे का स्किन टोन टाइट चाहते हैं तो आप गुलाब जल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

5. गुलाब जल दिलाए सन टैन से छुटकारा
सन टैन से छुटकारा पाने के लिए 2 बड़े चम्मच बेसन को गुलाब जल और नींबू के रस के साथ मिक्स करें और एक पेस्ट तैयार करें. इसे अब 15 मिनट तक प्रभावित जगह पर इस्तेमाल करें. सन टैन से छुटकारा पाने के लिए भी आप गुलाब जल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

6. गुलाब जल करे मुंहासों को दूर
मुहांसे से राहत पाने के लिए 1 चम्मच नींबू का रस और 1 बड़ा चम्मच गुलाब जल को एक साथ मिलाएं और इसे प्रभावित त्वचा पर लगायें और इसे 30 मिनट तक रहने दें और उसके बाद ताजे पानी से धोएं. इसके अलावा आप मुलतानी मिट्टी में गुलाब जल को मिक्स करके भी चेहरे पर लगा सकते हैं.

Role Of Balanced Diet For Healthy Hair!

Dermatologist
Dermatologist, Noida
Role Of Balanced Diet For Healthy Hair!

Food is important for the health and growth of your hair as well, like every other body part. The only difference is that you have to supply the food to the hair follicles before the hair strand grows since once it grows out it is nothing but a dead cell and nothing can make the hair thicker or straighter or healthier. But a healthy diet can keep the hair follicles nourished and the scalp healthy thus preventing hair fall and other various ailments that cause hair fall.

Just like your skin, your hair shows damage through dieting too. Just that the skin shows immediately and the hair to show the extent of damage would take longer. But nevertheless, a crash dieting or an unhealthy lifestyle would surely take a toll on your hair too along with your skin. There are other reasons for unhealthy hair too like smoking excessively, drinking excessively, keeping your hair unclean and so on. But maintaining a healthy diet throughout would help in combating these much more effectively than any cosmetic products ever can.

There are many food items that help in healthy hair growth. Taking just any food that is regarded as healthy will not help. You would have to know exactly what the ingredients are that are the building block of healthy hair and in which food items you would get these ingredients. You have to then include these food items into your daily diet plan. For instance, protein is the most important ingredient that aids in healthy hair growth. The reason is that the hair strand is mostly made of protein and hence a protein-rich diet would ensure that your hair stand is strong such that it does not break easily.

 A healthy scalp is necessary for healthy hair too and for a healthy scalp, you would need a diet rich in iron, vitamin E and some essential minerals like copper, selenium and magnesium. Vitamin D is also important. You would get Vitamin D through the sunlight but remember that too much sunlight can damage the hair instead of supplying it with vitamin D. For protein, minerals and vitamin E, you should take ample amounts of fishes like salmon, eggs, lean beef; vegetables like spinach as well as lentils too.

It is important though that you consult a good doctor first before taking all the above-mentioned food items at once. Your doctor can plan out a balanced diet for you.

 

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Causes Of Thinning Of Hair!

Dermatologist
Dermatologist, Noida
Causes Of Thinning Of Hair!

Losing strands of hair can be rather unpleasant and at the same time very embarrassing too. There are many people who find strands of hair in their bathroom drain or even on their pillows after a night’s sleep. If you too happen to fall into that category of people, you need not be alarmed although the situation might be alarming.

Most of the time, it is just the normal shedding of hair although you might feel otherwise. Any average individual loses about 100 strands of hair every day and that is quite natural. The shed hair is replaced by the new growth of hair and the cycle starts over again. But if you happen to notice that there is excessive hair fall happening every day, it’s high time to look for professional intervention or for solutions that will help you in averting the alopecia or premature baldness of hair.

Alopecia or baldness can affect any person, irrespective of the gender and age. It is not always determined by the genes but there are several other causes behind baldness. The most common cause of alopecia is the pattern baldness or the androgenetic alopecia. It can either be hereditary or it can also be caused because of a higher level of androgens. If you are a male, you might notice an M shaped thinning of the hair, and if you are a female, the hair can thin down from the front and the central scalp.

If you notice a bald spot on the scalp, it might be caused by the alopecia areata. When you suffer from this condition, the immune system of your body produces such antibodies that fight off the harmful microorganisms begin to damage the hair follicles instead thereby leading to hair loss in small patches of baldness.

It is important to know and learn about the causes of hair loss since only when you are aware of your condition will you be able to get proper guidance from a hair specialist or a dermatologist so as to get appropriately treated for the same. There are several options to prevent the loss of hair like consuming oral medication and applying topical medication, or you can also opt to undergo certain surgical procedures like the hair transplantation, laser hair therapy or the hair replacement and weaving.

Thus even if you have thinning hair, you can always choose technology to fight hair loss and get back your original appearance.

 

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Platelet Rich Plasma (PRP) Therapy!

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD- Dermatology
Dermatologist, Gurgaon
Platelet Rich Plasma (PRP) Therapy!

Platelet-rich plasma or PRP is a concentration of platelet-rich plasma protein that is extracted from a patient's own blood. PRP is a clear, yellow fluid that has an increased concentration of growth factors than regular blood; therefore, it is used to encourage healing and growth and is often referred to as liquid gold.
PRP for hair loss is a minimally invasive, highly effective procedure meant for anyone concerned with a receding hairline or hair loss both men and women, as well as younger and older patients can benefit from this procedure. 

PRP can also be used to rejuvenate the skin when used in conjunction with a procedure called micro needling. Medical-grade micro needling is a great way to improve complexion, fine lines, texture, coloration, and acne scars. 
This procedure is particularly popular for its minimal downtime and camera-ready skin results. 

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6 Natural Laxative Food!

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
6 Natural Laxative Food!

6 Natural Laxative Food!

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I have a dark circles under eyes .bhut doctors sa treatment krvea but no good result hair fall bhut zaida.

MD, MBBS
Dermatologist, Chennai
I have a dark circles under eyes .bhut doctors sa treatment krvea but no good result
hair fall bhut zaida.
Undergo PRP therapy. Few creams also available. Send photos of the affected area for accurate diagnosis and treatment.
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Vertigo - Causes And Prevention!

B.A.M.S, M.D In Ayurvedic Medicine
Ayurveda, Amritsar

Balance disorder is more prevalent in old people, but they are not the only ones who are affected by it. There are many causes that can lead to balance disorder and some of them can be controlled. Balance problem causes spinning of head coupled with dizziness while standing or sitting, which can lead to an injurious fall.

Symptoms
The common symptoms of balance disorder include:

  • Dizziness
  • Nausea
  • Depression, anxiety or fear
  • Blurred vision
  • Disorientation
  • Tiredness
  • Inability to concentrate
  • Changes in heart rate and blood pressure


Causes

  • Ear infection: If the vestibular system (which is also called the labyrinth) inside your ear gets infected and inflamed, it can cause balance disorder. This is because the inner part of the ear is responsible for coordination and balance. This condition is known as labyrinthitis and it is frequently accompanied by dizziness and vertigo. Viral and respiratory infections can also cause labyrinthitis.
  • Poor circulation: Certain diseases associated with the circulatory system, such as stroke can cause dizziness and various other balance problems.
  • Medications: There are certain medications that can lead to balance disorder, such as medications to normalize blood pressure can cause dizziness. Ototoxic drugs are infamous for causing ear problems that lead to imbalance. Sometimes its ill effects are felt only during the period of using, but many people have suffered permanent ear damage.
  • Other causes of balance disorder include head injury, imbalance of chemicals in the brain, arthritis, neurological conditions and aging.


Prevention-

  • Balanced diet: Meniere's disease is a condition that causes ear problems, which lead to vertigo. It is primarily connected to the change in the volume of fluid in the inner ear. Try to eliminate salt from your diet and abstain from alcohol in order to prevent such a condition.
  • Prevention of ear infections: otitis media is a common kind of ear infection seen in children, but adults can have it too. It causes dizziness and nausea. A proper care with herbs can manage it effectively
  • One can also take steam inhalation for flu to keep away the flu-related infections in the ear.
     
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