Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Call Clinic
Book Appointment

Dr. Kamakshi Memorial Hospital

Multi-speciality Hospital (Pediatrician, Gynaecologist & more)

1, Radial Road, Landmark : Opposite To Cognizant Technology Solutions 200 Feet Road, Chennai Chennai
7 Doctors · ₹0 - 800
Book Appointment
Call Clinic
Dr. Kamakshi Memorial Hospital Multi-speciality Hospital (Pediatrician, Gynaecologist & more) 1, Radial Road, Landmark : Opposite To Cognizant Technology Solutions 200 Feet Road, Chennai Chennai
7 Doctors · ₹0 - 800
Book Appointment
Call Clinic
Report Issue
Get Help
Services
Feed

About

We like to think that we are an extraordinary practice that is all about you - your potential, your comfort, your health, and your individuality. You are important to us and we strive to ......more
We like to think that we are an extraordinary practice that is all about you - your potential, your comfort, your health, and your individuality. You are important to us and we strive to help you in every and any way that we can.
More about Dr. Kamakshi Memorial Hospital
Dr. Kamakshi Memorial Hospital is known for housing experienced Psychiatrists. Dr. V Jaikumar, a well-reputed Psychiatrist, practices in Chennai. Visit this medical health centre for Psychiatrists recommended by 50 patients.

Timings

MON-SAT
11:00 AM - 08:00 PM

Location

1, Radial Road, Landmark : Opposite To Cognizant Technology Solutions 200 Feet Road, Chennai
Pallikaranai Chennai, Tamil Nadu
Click to view clinic direction
Get Directions

Doctors in Dr. Kamakshi Memorial Hospital

Dr. V Jaikumar

MBBS, MD - Psychiatry
Psychiatrist
20 Years experience

Dr. B. Sumathi

MBBS, DCH, MD - Paediatrics
General Physician
27 Years experience
800 at clinic
Available today
11:00 AM - 12:00 PM

Dr. Soundaravalli Harris

MBBS, MD - Radiotherapy
Oncologist
48 Years experience
500 at clinic
Available today
03:00 PM - 05:00 PM

Dr. V Arun Ramanan

MBBS, MD - Radiotherapy, DM - Oncology
Oncologist
14 Years experience
500 at clinic
Available today
06:01 PM - 08:00 PM

Dr. Anbezhil Subbarayan

MBBS, MD - Paediatrics, MRCPCH (UK), CCT (UK), FRCPCH, M.Sc. Diabetes, Fellowship in Pediatric Endocrinology
Pediatrician
21 Years experience
800 at clinic
Unavailable today

Dr. Joseph Jensingh Babu

MBBS, MD - General Medicine, DNB - Gastroenterology
Gastroenterologist
20 Years experience
500 at clinic
Available today
12:00 PM - 01:00 PM

Dr. Usha

MBBS, MD - Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist
10 Years experience
Available today
04:00 PM - 08:00 PM
View All
View All

Services

View All Services

Submit Feedback

Submit a review for Dr. Kamakshi Memorial Hospital

Your feedback matters!
Write a Review

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

खून की कमी - Khoon Ki Kami!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
खून की कमी - Khoon Ki Kami!

हमारे शरीर में लगभग 70 प्रतिशत पानी है. इस पानी का ज्यादातर हिस्सा हमारे शरीर में खून के रूप में उपस्थित है. रक्त ही हमारे शरीर में वो महत्वपूर्ण माध्यम है जो कई जरुरी पोषक तत्वों और कई अन्य चीजों को विभिन्न अंगों तक पहुँचाने का काम करता है. यदि खून न हो हो या खून की कमी हो जाए तो हमारे शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगेंगी. हिमोग्लोबिन, हमारे शरीर में मौजूद रक्त का सबसे महत्वपूर्ण भाग है. हमारे शरीर में कई खनिज पाए जाते हैं. आयरन उनमें से ही एक है.

आयरन का काम है हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना. लाल रक्त कोशिकाएं हिमोग्लोबिन का निर्माण करती हैं. हिमोग्लोबिन हमारे शरीर में प्राण वायु ऑक्सिजन को फेफड़ों से लेकर हमारे खून में पहुंचाता है. फिर रक्त में संचरण करते हुए ऑक्सिजन शरीर के अन्य हिस्सों में जाता है. लेकिन जब हमारे शरीर में आयरन की कमी होती है तब लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में कमी आती है और इससे हिमोग्लोबिन में भी कमी आ जाती है. इस अवस्था में हमारे शरीर में ऑक्सिजन की भी कमी हो जाती है जिसे हम एनीमिया या खून की कमी कहते हैं. इसमें हमें थाकान और कमजोरी महसूस होने लगता है.

एनीमिया के लक्षण-

  • थकान होना
  • त्वचा का पीला पड़ना
  • आंखों के नीचे काले घेरे
  • चक्कर आना
  • सीने में दर्द
  • लगातार सिर में दर्द
  • तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना
  • शरीर में तापमान की कमी


कौन होता है आसानी से इसका शिकार?
यदि ध्यान न रखा जाए तो प्राकृतिक कारणों से महिलाएं इसकी आसान शिकार बन जाती हैं. दरअसल पीरियड्स और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से कई ऐसे परिवर्तन होते हैं जिनसे महिलाओं में एनीमिया जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. गर्भावस्था के दौरान शरीर को अधिक मात्रा में विटामिन, मिनरल व फाइबर आदि की आवश्यकता होती है. जबकि इस दौरान रक्त में लौह तत्वों की कमी होने से शारीरिक दुर्बलता बढ़ सकती है. जबकि पीरियड्स के दौरान खून ज्यादा निकल जाने के कारण भी एनीमिया की आशंका बढ़ जाती है. स्तनपान कराने वाली माताओं को भी एनीमिया होने का खतरा रहता है. लड़कियों में अक्सर डाइटिंग का क्रेज देखने को मिलता है. वजन कम करने के लिए डाइटिंग कर रही लड़कियां भी इसकी शिकार हो सकती हैं. कुछ अन्य कारणों से भी महिलाओं या पुरुषों में हो सकता है जैस पाइल्स या अल्सर के कारण भी एनीमिया हो सकता है. अब तो पर्यावरण में मौजूद हानिकारक तत्व भी एनीमिया का कारण बन रहे हैं.

बचने के उपाय-
एनीमिया अपने आप में कोई बिमारी नहीं है बल्कि इसके कारण कई अन्य बीमारियाँ हो सकतीं हैं. इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेना अत्यंत आवश्यक है. इसको ठीक होने में कम से कम छह महीने का समय लगता है. यदि आप एनीमिया से बचना चाहते हैं तो आपको मांस, अंडा, मछली, किशमिश, सूखी खुबानी, हरी बीन्स, पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे आयरन से परिपूर्ण आहार आदि का सेवन अवश्य करना चाहिए. आयरन युक्त आहार तभी प्रभावी है जब उसके साथ विटामिन सी का भी सेवन किया जाता है. विटामिन-सी के लिए अमरूद, आंवला और संतरे का जूस लें.

इन आहारों से होती है खून में वृद्धि-
कई ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका इस्तेमाल रक्तवर्धन के लिए किया जा सकता है. इनके इस्तेमाल से भी आप एनीमिया के जोखिम को कम कर सकते हैं.
1. चुकंदर -
यह आयरन का अच्छा स्त्रोत है. इसको रोज खाने में सलाद या सब्जी के तौर पर शामिल करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती.

2. हरी पत्तेदार सब्जी - पालक, ब्रोकोली, पत्तागोभी, गोभी, शलजम और शकरकंद जैसी सब्जियां सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं. वजन कम होने के साथ खून भी बढ़ता है. पेट भी ठीक रहता है.

3. सूखे मेवे - खजूर, बादाम और किशमिश का खूब प्रयोग करना चाहिए. इसमें आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है.

4. फल - खजूर, तरबूज, सेब, अंगूर, किशमिश और अनार खाने से खून बढ़ता है. अनार खाना एनीमिया में काफी फायदा करता है. प्रतिदिन अनार का सेवन करें.

1 person found this helpful

यूरिक एसिड का घरेलू इलाज - Uric Acid Ka Gharelu Ilaj!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
यूरिक एसिड का घरेलू इलाज - Uric Acid Ka Gharelu Ilaj!

हमारे बॉडी में कई बार यूरिक एसिड के लेवल में असमान्य रूप से वृद्धि होने लगती है. इस संबंध में लोगों में जागरूकता कम होने के कारण लोग शुरुआत में इसके कारणों को नहीं जान पाते हैं. इसलिए इस विषय में जागरूकता फैलाए जाने की आवश्यकता है. जब यह समस्या धीरे-धीरे धीरे-धीरे बहुत बढ़ जाता है तब इसके कई साइड इफेक्ट्स नजर आने लगते हैं. इस लेख के माध्यम से हम आपको बता रहे है कि यूरिक एसिड बढ़ने के कौन-कौन से कारण हैं.

1. एप्पल साइडर सिरका- यह प्राकृतिक सफाई और डिटाक्सिफाइंग प्रभाव के लिए जाना जाता है जो यूरिक एसिड जैसे अपशिष्ट पदार्थों को हटाने में मदद करता है. यह मौलिक एसिड सामग्री में हाई है जो यूरिक एसिड को तोड़ने और हटाने में सहायता करता है.
2. निम्बू का रस- लेमिं जूस बॉडी को और भी एसिडिक बनाता है.यह क्षारीय प्रभाव के उत्पादन को निष्क्रिय करने में मदद करता है. इसके अलावा, विटामिन सी सामग्री यूरिक एसिड के स्तर को कम करने और बॉडी से टॉक्सिक पदार्थो को खत्म करने में मदद करता है.
3. चेरी- चेरी सहित सभी काले जामुन में केमिकल होता है जो यूरिक एसिड के स्तर में कमी करने में सहायता करता है. विशेष रूप से, बैंगनी और नीले रंग के जामुनों में एंथोसाइनिन के रूप में जाने वाले फ्लैवोनोइड्स की उच्च मात्रा होती है जो कठोरता और सूजन को कम करने के साथ यूरिक एसिड के स्तर में कमी करता है.
4. बेकिंग सोडा- सोडा को बाईकार्बोनेट, जिसे आमतौर पर बेकिंग सोडा के नाम से भी जाना जाता है. यह यूरिक एसिड में कमी और गठिया रोग में बहुत प्रभावी उपचार है. एक व्यक्ति को प्रक्रितक क्षारीय स्तर को बनाए रखने के लिए बेकिंग सोडा लेना चाहिए ताकि यूरिक एसिड पानी में अधिक घुलनशील हो और किडनी के माध्यम से उन्हें खत्म करना आसान हो जाता है.
5. अधिक मात्रा में पानी पियें- अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने की कोशिश करें. इससे रक्त में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड यूरिन के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है. इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना भी आवश्यक है.
6. बर्फ के कपड़े से सिकाई- दर्द वाले स्थान पर कपड़े में लपेटकर बर्फ की सिंकाई फायदेमंद साबित होती है. इसके लिए आपको एक साफ कपड़े में बर्फ रखकर उससे सिकाई करनी होगी. ऐसा करने से भी आपको आराम मिल सकता है.
7. संतुलित आहार लें- संतुलित आहार लें- जिसमें, कार्बोहइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटमिन और मिनरल्स सब कुछ सीमित और संतुलित मात्रा में होना चाहिए. आम तौर पर शाकाहारी भारतीय भोजन संतुलित होता है और उसमें ज्यादा फेर-बदल की जरूरत नहीं होती.
8. नियमित व्यायाम- नियमित एक्सराइज इस समस्या से बचने का सबसे आसान उपाय है क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त प्रोटीन जमा नहीं हो पाता. नियमित व्यायाम करने से आपको इसके अलावा भी कई अतिरिक्त फायदे होने.
9. जरूरी है नियमित जांच- इस समस्या से ग्रस्त लोगों को नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हुए, हर छह माह के अंतराल पर यूरिक एसिड की जांच करानी चाहिए. नियमित जांच कराते रहने रहने का अतिरिक्त फायदा ये है कि इससे आपको कई अन्य परेशानियों का पता भी लग जाएगा.
 

यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है - Uric Acid Kyon Badhta Hai!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है - Uric Acid Kyon Badhta Hai!

हमारे शरीर में कई बार यूरिक एसिड के स्तर में वृद्धि होने लगती है. यूरिक एसिड के स्तर में होने वाली ये वृद्धि कई बार बहुत असामान्य भी होने लगती है. इस संबंध में लोगों में जागरूकता कम होने के कारण लोग शुरुवात में इसके कारणों को नहीं जान पाते हैं. इसलिए इस विषय में जागरूकता फैलाए जाने की आवश्यकता है. लेकिन समय के साथ जब ये धीरे-धीरे काफी बढ़ जाता है तब इसके कई दुष्प्रभाव नजर आने लगते हैं. बढ़ने समस्या से ग्रस्त दिखाई देता है. इस लेख के माध्यम से हम आपको बता रहे है कि यूरिक एसिड बढ़ने के कौन-कौन से कारण हैं.

1. प्रोटीन की अधिकता-

यह समस्या शरीर में प्रोटीन की अधिकता के कारण होती है. प्रोटीन एमिनो एसिड के संयोजन से बना होता है. पाचन की प्रक्रिया के दौरान जब प्रोटीन टूटता है तो शरीर में यूरिक एसिड बनता है, जो कि एक तरह का एंटी ऑक्सीडेंट होता है. आमतौर सभी के शरीर में सीमित मात्रा में यूरिक एसिड का होना सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो रक्त प्रवाह के जरिये पैरों की उंगलियों, टखनों, घुटने, कोहनी, कलाइयों और हाथों की उंगलियों के जोड़ों में इसके कण जमा होने लगते हैं और इसी के रिएक्शन से जोड़ों में दर्द और सूजन होने लगता है.

2. अव्यवस्थित जीवनशैली-
यह आधुनिक अव्यवस्थित जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्या है. इसी वजह से 25 से 40 वर्ष के युवा पुरुषों में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है. स्त्रियों में अमूमन यह समस्या 50 वर्ष की उम्र के बाद देखने को मिलती है.

3. खानपान के कारण-
खानपान के कारण भी कई बार समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं. रेड मीट, सी फूड, रेड वाइन, प्रोसेस्ड चीज, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, पालक आदि के अधिक मात्रा में सेवन से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है. इसलिए खानपान का भी ध्यान रखना आवश्यक है.

4. अधिक उपवास या क्रैश डाइटिंग-
हमारे शरीर को ऊर्जा भोजन के जरिए ही मिलती है. लेकिन यदि आप भोजन करना बंद कर दें तो आपके शरीर में एक एक करके कई दोष उपतन्न होने लगते हैं. यूरिक एसिड के स्तर में वृद्धि इन्हीं में से एक हैं. इससे बचने के लिए अधिक उपवास या क्रैश डाइटिंग से बचें.

5. किडनी के ठीक से काम न कर पाने के कारण-
आमतौर पर किडनी रक्त में मौजूद यूरिक एसिड की अतिरिक्त मात्रा को यूरिन के जरिये बाहर निकाल देती है, लेकिन जिन लोगों की किडनी सही ढंग से काम नहीं कर रही होती, उनके शरीर में भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है.

6. किडनी स्टोन-
अगर व्यक्ति की किडनी भीतरी दीवारों की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो तो ऐसे में यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से किडनी में स्टोन भी बनने लगता है. यूरिक एसिड के बढ़ते स्तर को कम करने के लिए आपको इसका भी ध्यान रखना चाहिए.

7. यूरिक एसिड बढ़ने के शुरूआती संकेत-
यदि कभी आपके पैरों उंगलियों, टखनों और घुटनों में दर्द होने लगे तो इसे मामूली थकान की वजह से होने वाला दर्द समझ कर अनदेखा नहीं करना चाहिए. क्योंकि यह आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कई लक्षणों में से एक हो सकता है. इस स्वास्थ्य समस्या को गाउट आर्थराइट्सि भी कहा जाता है.

क्या है बचाव के उपाय-
*
अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने की कोशिश करें. इससे ब्लड में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड यूरिन के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है.
* दर्द वाले स्थान पर कपड़े में लपेटकर बर्फ की सिंकाई फायदेमंद साबित होती है.
* संतुलित आहार लें- जिसमें, कार्बोहइड्रेट, प्रोटीन, फैट, विटमिन और मिनरल्स सब कुछ सीमित और संतुलित मात्रा में होना चाहिए. आम तौर पर शाकाहारी भारतीय भोजन संतुलित होता है और उसमें ज्यादा फेर-बदल की जरूरत नहीं होती.
* नियमित एक्सराइज इस समस्या से बचने का सबसे आसान उपाय है क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त प्रोटीन जमा नहीं हो पाता.
* इस समस्या से ग्रस्त लोगों को नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हुए, हर छह माह के अंतराल पर यूरिक एसिड की जांच करानी चाहिए.

Please tell me details about candid dusting powder I am suffering from fungal infection is it right to use or not.

Bhms
Homeopath, Gandhidham
Please tell me details about candid dusting powder I am suffering from fungal infection is it right to use or not.
Mostly fungle infection are treated under application of certain dusting powder and ointment with antifungle tb but you must take course of it. Fungle are mostly due to infectious and due low imunity .the liver function derranged in chronic cases. So you can use d k gel and dusting powder. If you are suffering from more then month then you must take homeopathic medicin. For totle cure. You may consult any homeopath or me for online consultation.
1 person found this helpful

My wife is 3 months pregnant and has asthma problems she usually faces problem at night can she use pump or not?

Bhms
Homeopath, Gandhidham
My wife is 3 months pregnant and has asthma problems she usually faces problem at night can she use pump or not?
yes she can use asthalin or budacort inheler...it's helpful....if your wife has this condition you can take homeopathic medicin for permant cure....the asthmatic inheler and medicin of alopath are never cure they only relive...

Hi sir /madam, I have pcos and my husband had low sperm count, so doctor recommended chromosomal karyotype test. What can we know with chromosomal karyotype test. Will you please send me reply soon, I am sooo worried.

MBBS
Sexologist, Chittorgarh
Hi sir /madam, I have pcos and my husband had low sperm count, so doctor recommended chromosomal karyotype test. What...
Hello, Chromosomal karyotype test is a test to detect any genetic abnormalities. It's done to find out if your child has any risk of having genetic disorder. It's recommend if the male partner has no sperm in his semen or an extremely low sperm count. The female partner has been diagnosed with primary ovarian dysfunction. You've been unable to conceive for more than a year. You've experienced two or more consecutive miscarriages. You've experienced a stillborn birth.

Do men bleed after loosing virginity and if no how we can differentiate a virgin and nonvirgin men.

MBBS
Sexologist, Chittorgarh
Do men bleed after loosing virginity and if no how we can differentiate a virgin and nonvirgin men.
No. In generally men do not bleed. Although after first intercourse men may feel some discomfort in penis skin. There is no method or test to check for virginity in both men and women.
1 person found this helpful

I can not sleep at night I do not know why. Even if I go to bed at 9 30 pm I will not get slept till 1 am.

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Chennai
I can not sleep at night I do not know why.
Even if I go to bed at 9 30 pm I will not get slept till 1 am.
Basically. It comes by practice. To sleep and get up on time. Avoid gadgets and electronic devices. As you have asthma as a health condition. Do pranayama .it will help you.
View All Feed

Near By Clinics

Dr.Kamakshi Memorial Hospital

Pallikaranai, Chennai, Chennai
View Clinic
  4.6  (13 ratings)

Dr.Kamakshi Memorial Hospital

Pallikaranai, Chennai, Chennai
View Clinic

Dr. Kamakshi Memorial Hospital

Pallikaranai, Chennai, Chennai
View Clinic

Kavin Dent Sculptor

Velachery, Chennai, Chennai
View Clinic