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MS Ramaiah Memorial Hospital

Multi-speciality Hospital (Dentist, Pediatrician & more)

M S Ramaiah Nagar, MSRIT Post, Mathikere, MSR College Road, Devasandra, New B E L Road . Bangalore
41 Doctors · ₹0 - 500
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More about MS Ramaiah Memorial Hospital
MS Ramaiah Memorial Hospital is known for housing experienced Cardiologists. Dr. Satheesh S, a well-reputed Cardiologist, practices in Bangalore. Visit this medical health centre for Cardiologists recommended by 91 patients.

Timings

MON-SAT
08:00 AM - 08:00 PM
SUN
09:00 AM - 05:00 PM

Location

M S Ramaiah Nagar, MSRIT Post, Mathikere, MSR College Road, Devasandra, New B E L Road .
New BEL Road Bangalore, Karnataka - 560094
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Dr. Satheesh S

MBBS, MD - Paediatrics
Cardiologist
19 Years experience
Unavailable today

Dr. Chitra S

MBBS, MD - General Medicine, DM - Endocrinology
Endocrinologist
13 Years experience
500 at clinic
Unavailable today
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Dr. Swetha Suvarna

BAMS, MS (OBGY), PhD. Persuing
Ayurveda
12 Years experience
250 at clinic
Unavailable today

Dr. T K Girija Kumari

BAMS, MD (Kayachikitsa), MBA
Ayurveda
31 Years experience
250 at clinic
Available today
09:00 AM - 04:30 PM
Unavailable today
Unavailable today
Available today
10:00 AM - 05:00 PM
Available today
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Dr. Anil Kumar H R

Anesthesiologist
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Dr. R Ravi Naik

Anesthesiologist
Available today
08:00 AM - 08:00 PM

Dr. V S Prakash

MBBS
Cardiologist
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Dr. Shakila Shetty

MBBS, DGO, MD - Obstetrics & Gynaecology
Gynaecologist
38 Years experience
Unavailable today
300 at clinic
Unavailable today
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Kathal Ke Fayde In Hindi - कटहल के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Kathal Ke Fayde In Hindi - कटहल के फायदे और नुकसान

कटहल आकार में सबसे बड़ा फल माना जाता है. कच्चे कटहल से अचार या सब्जी बनाया जाता है. वहीँ पकने पर इसमें से निकलने वाले कोवा को लोग इसे चाव से खाते हैं क्योंकि ये स्वाद में मीठा होता है. इसके बीज बड़े पैमाने पर स्टार्च और प्रोटीन से बने होते हैं. यह फल एशियाई देशों में लोकप्रिय है और ज्यादातर गर्मियों के दौरान होता है. फल के बाहरी सतह पर छोटे-छोटे काँटे होते हैं हलांकि ये कम चुभने वाले होते हैं. पके हुए कटहल के बीजों को भी खाया जाता है. इसमें विटामिन ए, सी और बी 6, कैल्शियम, पोटेशियम, लोहा, फोलिक एसिड, थायामिन, रिबोफ़्लविन, नियासिन और मैग्नीशियम जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके अलावा ये आहार फाइबर में भी समृद्ध है और इसमें कैल्विन, एक्सथिन, ल्यूतिन और क्रिप्टोक्सैथिन जैसे फ्लवोनॉइड पिगमेंट्स की एक महत्वपूर्ण मात्रा है. आइए इसके फायदे और नुकसान को विस्तार से जानें.

1. दृष्टि में सुधार
कटहल में मौजूद विटामिन ए आंखों के लिए एक जरुरी पोषक तत्व है. यह सुधार करके मोतियाबिंद, रतौंधी, धब्बेदार अध: पतन आदि को रोकने में मदद करता है. विटामिन ए श्लेष्म झिल्ली को भी मजबूत करने में मदद करता है. कटहल में विटामिन सी स्वस्थ केशिका को बढ़ावा देता है और रेटिना कोशिकाओं के उचित कार्य को बनाए रखने में मदद करता है. इसमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैथीन भी शामिल हैं जो आंखों के लिए अच्छे हैं.
2. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित
इसकी विटामिन सी सामग्री मुक्त कणों के हानिकारक प्रभावों को दूर करके हृदय रोग के जोखिम को कम करती है. इसके अलावा इसकी पोटेशियम सामग्री शरीर में सोडियम स्तर को नियंत्रित करके रक्तचाप को नियमित करती है. उच्च सोडियम रक्तचाप में वृद्धि कर सकता है. पोटेशियम भी हृदय की मांसपेशियों को मजबूत और नियंत्रित करने में मदद करता है.
3. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत
ये सफेद रक्त कोशिकाओं के कार्य का समर्थन करके आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देता है. यह एंटीऑक्सिडेंट भी शरीर में मुक्त कणों को निष्क्रिय करने में मदद करता है. यह सामान्य बीमारियों को रोकने में मदद करता है जैसे कि खांसी, सर्दी और फ्लू.
4. बचाएँ कब्ज से
कटहल में मौजूद आहार फाइबर आपके मल को नरम बनाता है. इससे आँतो के कार्यों को नियंत्रित करने और कब्ज को रोकने में मदद मिलती है. कटहल, पाचन तंत्र को साफ रखने में मदद करता है और आंतों में अपशिष्ट उत्पादों के निर्माण को रोकता है.
5. त्वचा स्वास्थ्य के लिए
इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण उच्च-आक्सीकारक तनाव और प्रदूषण के कारण मुक्त-कणों की क्षति को रोकते हैं. बदले में यह उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं जिससे झुर्रियां, फाइन लाइन्स और सूखेपन की उपस्थिति कम हो जाती है. इसके अलावा, यह उच्च मात्रा में पानी की वजह से त्वचा की नमी को बनाए रखता है.
6. लोहे की कमी को पूरा
इसमें लोहा भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाता है. इसकी उच्च विटामिन सी सामग्री शरीर में लोहे का अवशोषण भी सुधारती है. अन्य खनिज जैसे तांबे और मैग्नीशियम रक्त की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करते हैं. पोषण प्रदान करने के अतिरिक्त, यह रक्त की आपूर्ति को पूरे शरीर में ऑक्सीजन के द्वारा पूरी करने में मदद करता है.
7. कैंसर के जोखिम को कम
कटहल कैंसर से लड़ने वाले फ़िटेन्यूमेंट्स और एंटीऑक्सिडेंट्स में समृद्ध है. यह कुछ कैंसर जैसे मौखिक, कोलन और त्वचा कैंसर के विकास को रोकने में मदद कर सकता है. इसमें मौजूद विटामिन सी मुक्त कण को ख़त्म करता है. ये कैंसर का कारण बन सकते हैं. इसमें विटामिन के, मैंगनीज और आहार फाइबर भी शामिल हैं.
8. बढ़ाएँ शरीर का ऊर्जा स्तर
कटहल में मौजूद फ्रक्टोज और सुक्रोज़ जैसे सरल शर्करा शामिल हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को प्रभावित किए बिना आपके शरीर में त्वरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करते हैं. इसकी ख़ास बात ये है कि इसमें संतृप्त वसा या कोलेस्ट्रॉल शामिल नहीं है. यह तेजी से कैलोरी को बर्न करने में मदद करता है.
9. हड्डियों को मजबूत
कटहल मैग्नीशियम से समृद्ध है. ये एक ऐसा पोषक तत्व है जो कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. मैग्नीशियम और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने के लिए एक साथ काम करते हैं. ये ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों को रोकते हैं.
10. थायराइड से निपटने में मदद
कटहल में मौजूद तांबा थायराइड के चयापचय में मुख्य रूप से भूमिका निभाता है, मुख्य रूप से हार्मोन उत्पादन और अवशोषण में. ये हाइपोथायरायडिज्म से निपटने में मदद करता है, क्योंकि इसमें विटामिन बी शामिल हैं. विटामिन बी भी स्वस्थ थायराइड कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं और विकार के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.

कटहल के नुकसान

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कटहल का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • अधिक मात्रा में कटहल का सेवन अपच और अन्य पेट की समस्याओं का कारण बन सकता है.
  • जो लोग वात की समस्या से पीड़ित है उनको इसके सेवन से बचना चाहिए.
  • कटहल के बाद पान का सेवन ना करें क्योंकि इससे पेट फुल जाता है.
  • पका हुआ कटहल कफवर्धक है इसलिए सर्दी-जुकाम, खांसी आदि रोगों से प्रभावित व्यक्तियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए.
     

Majufal Ke Fayde in Hindi - माजूफल के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Majufal Ke Fayde in Hindi - माजूफल के फायदे और नुकसान

माजूफल का वैज्ञानिक नाम क्वेरकस इंफेक्टोरिया है. इसे हिंदी में माजूफल, तमिल में मस्काई और मलेशिया में मंजाकनी के नाम से जाना जाता है. यह लोकप्रिय जड़ी-बूटियों में से एक है. इसका नाम माजूफल इसपर हमला करने वाले कीटों के हमला करने पर बनने वाले माजूफल के आधार पर कहा गया. दरअसल माजूफल फल न होकर कीट का घर होता है. माजूफल देखने में गोल और कठोर होते हैं. इसके कारण पत्तियों को कीड़ों के चारों ओर गोल कणों का निर्माण होता है. इसे ओट पित्त कहा जाता है. आइए इसके फायदे और नुकसान को समझते हैं.

1. मधुमेह के उपचार में
माजूफल में गैलिक एसिड पाया जाता है. जो अस्थमा और शुगर को रोकने में मदद करता है. आप मंजाकनी चाय बना कर भी पी सकते हैं. शुगर के मरीज इसके सेवन से अपनी परेशानी कम कर सकते हैं.
2. योनि की कसावट में
प्रसव के पश्चात चाहें तो महिलाएं योनी तो टाईट करने के लिए माजूफल का सहारा ले सकती हैं. इसके लिए एक पैन में एक लीटर पानी को उबालकर उसमें दो किलो माजूफल को पीस कर डालें. रंग न बदलने तक इसे उबालें. इसके बाद इसको ठंडा होने पर छान कर इससे योनि को धोएं.इससे लाभ मिलेगा.
3. घावों के उपचार में
इसका इस्तेमाल घावों के उपचार में भी किया जाता है. इसके लिए इसे पानी में उबालकर, घावों और खरोंच को धोने के लिए इस्तेमालकरें. इससे घाव जल्दी भरते हैं. इसके लिए ये साबुन से अच्छा विकल्प है. बेहतर परिणाम के लिए सुबह शाम धोएं.
4. आँखों के लिए
माजूफल में मौजूद एस्ट्रिंजेंट आँखों की रौशनी बढ़ाने में मददगार होता है. आँखों में ऊतकों को सिकुड़ने वाले गुणों होने के कारण इससे दृष्टि में सुधार होता है.
5. माउथ अल्सर के लिए
अपने कैसैलेपन के कारण, मुंह के अल्सर को बहुत जल्दी से ठीक करता है. जिन लोगों को छोटे अल्सर होते हैं वो उनके मुंह के दोनों ओर होते हैं. इसका पेस्ट बनाकर मुँह के प्रभावित क्षेत्रों में लगाएं. राहत पाने के लिए लगातार कुछ दिनों तक इस पेस्ट को लगाने का प्रयास करें.
6. बच्चों के लिए
माजूफल का उपयोग बच्चों के इलाज के लिए भी किया जाता है. आप सप्ताह में एक बार, हरीतकी और जायफल के साथ चंदन के पत्थर पर ओक को रगड़ते हैं. इससे प्राप्त पेस्ट को बच्चों को खिलाने के लिए जलाया जाता है. यह उन्हें बीमार पड़ने से बचाता है और बच्चों को स्वस्थ रखता है.
7. माउथ वाश के लिए
माउथ वाश, मुंह में अल्सर का प्रभावी ढंग से इलाज करने में मदद करता है. माउथ वाश बनाने के लिए, एक चम्मच के आसपास माजूफल पाउडर लें और थोड़े पानी के साथ उबाल लें. पानी को गुनगुने तापमान पर आने के बाद इसे माउथ वाश के के रूप में इस्तेमाल करें. यह माउथ वाश मुंह की गंध, मुंह के अल्सर का बहुत अच्छे ढंग से इलाज करता है.
8. कैंसर से बचाव में
माजूफल में पाए जाने वाले समृद्ध एंटीऑक्सीडेंट, सर्वाइकल कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) को रोक सकते हैं. कैंसर पीड़ित नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करें तो कैंसर से बच सकते हैं.
9. मंजाकनी का उपयोग रखें त्वचा को बेहतर
इसमें मौजूद एस्ट्रिंजेंट त्वचा को चिकना और मुँहासे से बचाने में मदद करता है. एस्ट्रिंजेंट में समृद्ध होने के कारण ये त्वचा से अतिरिक्त तेल को निकालता है. यह चेहरे के बड़े रोम छिद्र को कम कर सकता है. इसके लिए त्वचा पर 5 मिनट के लिए मंजाकनी पेस्ट लगाएं और उसके बाद धो लें. यह त्वचा की कसावट के लिए एक बहुत ही अच्छी जड़ी बूटी है.

माजूफल के नुकसान

  • अगर कोई साइड इफेक्ट है तो इसका इस्तेमाल करना बंद कर दें.
  • आपको इसे छोटे खुराक पर लेना शुरू करना चाहिए, उसके बाद आप इसकी खुराक को बढ़ा सकते हैं.
  • गर्भावस्था के दौरान इसका उपयोग न करें क्योंकि इससे गर्भपात हो सकता है.
     

Healthy Pregnancy

MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS, FNB Reproductive Medicine, MRCOG
Gynaecologist, Mumbai
Healthy Pregnancy

We suggest that women should get a health check-up done even before trying for pregnancy, as any other medical conditions needs to be treated before trying for pregnancy.

Women's Health

MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS, FNB Reproductive Medicine, MRCOG
Gynaecologist, Mumbai
Women's Health

Consumption of caffeine and alchohol should be minimized during the menstrual cycle as artificial stimulants of all kinds perpetuate gynae disharmonies and especially affect the liver.

Know More About Psoriasis

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Morena
Know More About Psoriasis

Psoriasis is a non-contagious common skin condition that causes rapid skin cell reproduction resulting in red, dry patches of thickened skin. The dry flakes and skin scales are thought to result from the rapid buildup of skin cells. Psoriasis commonly affects the skin of the elbows, knees, and scalp.

Causes

Psoriasis can be caused by a variety of reasons. Heredity can be crucial. If one parent is affected, then there is 15% of chances for the child to suffer from psoriasis. If both the parents are affected then the possibility of child getting the psoriasis is 60%. Consumption of opposite foods (such as fish and milk together), trauma on skin like cuts, bruises or burns, some medicines or skin irritants, excessive smoking, alcohol consumption and mental stress or psychological trauma can also be responsible for causing it.

Symptoms

  • Loose silvery scales

  • Itching or burning skin

  • Raised pus-filled skin bumps

  • Skin redness around pustules

  • Restricted joint motion

  • Emotional distress

  • Skin pain and inflammation

  • Skin blisters

  • Dry skin patches

  • Bleeding skin patches

Ayurvedic Psoriasis Treatment

According to Ayurveda, Psoriasis appears due to imbalance of two doshas - Vata and Kapha . Vata and Kapha doshas manifest in the skin and cause accumulation of toxins. These toxins accumulate in deep tissues like rasa (nutrient plasma), rakta (blood), mansa (muscles), and lasika (lymphatic). These toxins cause contamination of deeper tissues, leading to Psoriasis.

Purification of blood and tissues is the primary aim of Ayurvedic treatment in cases of Psoriasis. Toxins are cleansed from the body and the digestion restored to prevent further accumulation. Nourishing herbs are then administered to strengthen and tone the tissues to promote complete healing of the skin.

Diet & Lifestyle Advice

  • Avoid consuming opposite foods.

  • Do not control natural urges like vomiting, urination, bowels, etc.

  • Do not take cold water bath immediately after a heavy workout, traveling, a long walk, etc.

  • Take care not to consume foods which cause indigestion.

  • Absolutely do not eat too much of salty, sour or acidic foods.

  • Avoid sleeping in afternoons.

  • Say no to radish, sesame, jaggery (gur), curds, fish and other sour foods.

Home Remedies

  • Cover the affected part with a fresh thin banana leaf.

  • Take 15-20 sesame seeds and soak in a glass of water. Keep it overnight and drink on an empty stomach early in the morning.

  • Take 1-2 cup of bitter gourd juice on empty stomach in the morning. Continue this for 5-6 months. Patient may add a tablespoon of lime juice, if they find it difficult to digest the bitter taste.

Women's Health

MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS, FNB Reproductive Medicine, MRCOG
Gynaecologist, Mumbai
Women's Health

The basal body temperature of a woman is subject to increase a couple of degrees above the normal temperature at the time of ovulation.

Male Infertility

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Kolkata
Male Infertility

Male infertility can be cured by proper sodhan karma, uttar vasti. Aswagandha, satavari, atmagupta, kokilaksha seed etc are very helpful.

Ovarian Cancer

MD - Bio-Chemistry, MF Homeo (London), DHMS (Diploma in Homeopathic Medicine and Surgery), BHMS
Homeopath, Kolkata
Ovarian Cancer

Cancer ovarian resemble in shape, size with an almond are situated in the pelvic region one on either side of uterus, behind below the fallopian tubes. There are three types of ovarian cancer epithelial, germ cell  found in thre ovarian structute. Epithelial cancer can spread to the other ovary, pelvis abdomen but cancer affects the younger women is not so common.

Symptoms

  • Abdomen of distension digestive troubles gas. Sometimes fluid collects in the abdomen and there is abnormal vaginal bleeding. Frequent urgent urination. Menstrual disorders pain during intercourse.
  •  Child birth, oral contraceptives, family history, breast cancer, colon cancer are usual causes of ovarian cancer.
  •  X - rays, ultrasound scan blood tests are employed to detect its presence

 Surgery

  • A diet rich in fruits vegetables can decrease the risk of ovarian cancer.
  • Symptoms/sigs/history other base homeopathy treatment.
  • Alumen 30, baryta iod 3x, lachesis 2c, oophorinum 3x other medicine.

5 Reasons Why You Should Visit Your Dentist Every 6 Months

BDS, MDS
Dentist,
5 Reasons Why You Should Visit Your Dentist Every 6 Months

1. Prevent Tooth Decay

2. Prevent Plaque

3. Stop Gum Disease

4. Save Money in the Future

5. Improve Your Smile

Angina Pectoris (Heart Pain)

BHMS
Homeopath, Delhi
Angina Pectoris (Heart Pain)

ANGINA PECTORIS [ANGINA] 

Pain in the region of heart on exertion is known as angina pectoris. 

CAUSES: 

• Inadequate supply of blood and oxygen to the heart is the main reason. 
• Atherosclerosis of the coronary artery. 
• Arteriosclerosis. 
• Increased triglycerides and cholesterol. 
• Sedentary life. 
• Obesity. 
• Lack of exercise. 
• Sudden emotional upsets. 
• Chronic consumption of alcohol. 
• Chronic smoking. 
• Drug abuse like – cocaine etc. 
• Hypertension. 
• Diabetes mellitus. 
• Family history. 

 
SIGN AND SYMPTOMS: 

• Pain in chest – crushing, constricting, sharp, burning pain with feeling of strangling and suffocating, 
• Pain may radiate to both arms or mostly along the left arm to the little finger and the jaw, teeth, neck throat, epigastric region and between the shoulder blades. 
• Pain is precipitated from exertion or on physical activity and subsides on rest. 
• Pains last for few seconds to few minutes. 
• May be associated with – short breath, anxiety, palpitation and nausea. 

 
DIETARY MANAGEMENT: 

Cut down salt (common table salt) intake in your diet to avoid hypertension. Intake should not exceed more then 2 to 2.5 gm a day. 
Avoid foods rich in cholesterol: ground nut oil, ghee, butter, whole milk, eggs, lard (fats derived from pig meat), tallow (fats derived from goat or sheep mutton), oily fish, meats and red meat – all non-vegetarian food contain cholesterol in varied amount. 
Avoid non-vegetarian food especially red meat. 
• Increase intake of foods that contain PUFA's (poly unsaturated fatty acids) flax / linseed oil is the richest source of PUFA's. Other oils that contain PUFA's are sesame oil, mustard oil and olive oil. As all oils are high in fats, its consumption should be limited. The intake of oils should not exceed 20gms a day. 
• Sesame oil and almond oil hinders the absorption of LDL (low-density lipoproteins), so it is advisable to use replace other cooking oils by sesame oil. 
Increase your intake of water
Consume whole grain cereals and whole pulses
Take high fiber diet - whole grains, bran, oat, green leafy vegetables, peas, beans, potatoes, raw vegetables, salads, dried fruits and fresh fruits. 
Eat fruits and vegetables with the skin. 
Cut down the intake of sugar and other sweeteners. 
Replace whole milk with semi-skimmed or skimmed milk
Avoid fat-rich portions of flesh foods. Instead have lean meat. 
• Avoid fat-rich desserts and fried snacks like cakes, pastries, puddings etc 
Instead of frying food boil, steam, grill or roast food. 
Avoid coffee and caffeinated drinks, junk food – pizza, burgers etc. 
• Consume food rich in magnesium 
Nuts and sea food, green leafy vegetables, sea plants like Japanese sea plants, whole grains, Peas, lotus stem, pulses, legumes and oil seeds 
Increase intake of vitamin C, it maintains the elasticity and integrity of the artery walls. 
– Citrus fruits, green leafy vegetables. 
– Eat vegetables- cabbage, broccoli, tubers- potatoes and sweet potatoes.
 
Reduce calcium intake (reduce but do not completely avoid calcium as it is needed for maintenance of our body):- 
– milk and sea food, nuts, green leafy vegetables, whole grains, peas, lotus stem, pulses, legumes and oil seeds 
– Should avoid custard apple and banana as they are high in calcium. 

 
NOTE: 

Reduce weight if obese. 
Stop smoking and alcohol consumption. 
Exercise regularly. 
• Take brisk walks for 40 minutes daily morning. 
Practicing yoga and breathing exercises plays a very important role in lowering the cholesterol levels. 
• Do some relaxation techniques like yoga, meditation etc to relieve the stress Change your lifestyle to reduce stress-physical or mental. 
 
 

ध् यान या ( Meditation ) ला सकता है आपकी सेक् स लाइफ में नयी जान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad
ध् यान या ( Meditation ) ला सकता है आपकी सेक् स लाइफ में नयी जान

नियमित ध्‍यान करने से न केवल शरीर निरोग रहता है बल्कि इससे आपके सेक्‍स लाइफ में नयी जान भी आती है । अगर आप किसी प्रकार की सेक्‍स समस्‍या से जूझ रहे हैं तब मेडीटेशन के जरिये इसमें सुधार ला सकते हैं। यानी यह सेक्‍स लाइफ का मजा लेने के लिए भी आप योग कर सकते हैं । 

जिन लोगों की सेक्स में रूचि न हो, शीघ्रपतन की समस्‍या हो, उनके लिए ध्‍यान एक अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है । मेडीटेशन किसी भी चीज पर फोकस करने के लिए किया जाता है । रोजाना सुबह के समय या शाम के समय खुली हवा में कम से कम 15 मिनट से 30 मिनट तक मेडीटेशन करें । इससे आपकी सेक्स में भी रूचि बढ़गी और आप सेक्स के दौरान नर्वस भी नहीं होंगे । इस लेख में विस्‍तार से जानिये ध्‍यान कैसे आपकी सेक्‍स लाइफ में नयी जान लाता है ।
 

1. खुद का अनुभव कराना
ध्‍यान लगाने से आप खुद को प्‍यार करना सीखते हैं । रिश्‍तों को मजबूत बनाने के साथ-साथ आपसी प्‍यार को बढ़ावा देने के लिए बहुत जरूरी है कि आप सबसे पहले खुद को प्‍यार करना सीखें । जब आप खुद को प्‍यार करेंगे तब अपने ऊपर अधिक ध्‍यान देंगे, इससे आपका शरीर स्‍वस्‍थ रहेगा । इसके अलावा इस तरह से बेड पर आप अपने पार्टनर से भी अच्‍छे से पेश आयेंगे और उसे अधिक प्‍यार करेंगे ।
 

2. स्थिरता सिखाता है
ध्‍यान आपको एक जगह पर स्थि‍र रहना सिखाता है, बेहतर सेक्‍स के लिए यह बहुत ही जरूरी बात है । जीवन की झंझावतों और उलझनों में आपका दिमाग हमेश कहीं न कहीं भटकता रहता है जिससे बेड पर सेक्‍स संबंध बनाते वक्‍त आप साथी पर अधिक जोर नहीं दे पाते । जबकि नियमित रूप से ध्‍यान लगाने से आपका दिमाग एक जगह स्थिर रहता है और बेड पर आप अपने और पार्टनर के बारे में ही सोचते हैं ।
 

3. सांस लेना सिखाता है
सेक्‍स संबंध एक व्‍यायाम की तरह है जिसमें सांसों की गति बढ़ जाती है, अगर आप एक्टिव नहीं हैं तो जल्‍दी थककर चूर हो जाते हैं । जबकि ध्‍यान आपको सांस लेना भी सिखाता है जो सेक्‍स के दौरान बहुत जरूरी है । ध्‍यान लगाते वक्‍त आप गहरी सांसें लेते हैं और यही काम अगर आप बेड पर करते हैं तब आपको यौन संबंध के दौरान समस्‍या नहीं होती । 

4. महसूस करना सिखाता है
ध्‍यान आपको फैसले के बिना पार्टनर की फीलिंग्‍स को महसूस करना सिखाता है । अगर कभी सेक्‍स के दौरान कोई समस्‍या आ जाये या फिर आपका पार्टनर किसी कारण वश आपका साथ न दे पाये तो उसके लिए आपके मन में गलत भावना पैदा हो सकती है । जबकि ध्‍यान यह सिखाता है कि अगर आपको शारीरिक सुख नहीं मिला तो कोई बात नहीं मानसिक सुख ही बहुत है । यह दिमाग से नहीं दिल से जोड़ने में मदद करता है ।


5. तनाव से बचाता है
सेक्‍स लाइफ का सबसे बड़ा दुश्‍मन तनाव भी है, तनाव के कारण सेक्‍स संब‍ंधित समस्‍या भी हो सकती है । अगर आप तनाव में रहेंगे तब आपके दिमाग में सेक्‍स के लिए जिम्‍मेदार हार्मोन का स्राव शायद ही हो पाये जिसके कारण आप सेक्‍स में उतनी रुचि नहीं ले पाते हैं और आपको सुख नहीं मिलता । लेकिन ध्‍यान तनाव और अवसाद से दिमाग को दूर रखता है जो कि सेक्‍स लाइफ में नई जान फूंकने के लिए जरूरी है । 
अगर आप किसी भी प्रकार की यौन समस्‍या से ग्रस्‍त हैं या बेड पर चरम आनंद नहीं पाते तो आपको अपनी दिनचर्या में मेडीटेशन को शामिल करना चाहिए ।

Best Ways To Boost Sexual Stamina

Sexologist Clinic
Sexologist, Faridabad
Best Ways To Boost Sexual Stamina

Every man wants to be a better lover.
For many men, the thought of being unable to provide a lasting and deeply fulfilling sexual experience for his partner is something that causes stress and anxiety.
You want to give the kind of sexual performance that has you hoping she’ll brag about it to her friends (instead of worrying she’ll be complaining to them).

1. Avoid unnecessary pressure

Performing under pressure will only ruin your moment. Let your mind be free from sexual expectations as unnecessary pressure on your performance will affect your sexual stamina.

2. Foreplay is important

Jumping directly into intercourse is not only painful for your partner but can lead to decreased sexual stamina. Begin with foreplay, passionate kissing and indulge in oral sex. Starting slowly will help you end up in lasting longer.

3. Know your pleasurable points

Knowing your pleasurable points is important for your sexual performance. This way you will also learn to indulge in sexual intimacy for a longer duration.

4. Strengthen your pelvis muscles

Pelvic muscles play a significant role in your sexual life. Hence, it is important to strengthen them as it will increase your sexual endurance and enhanced performance.

5. Squats are helpful!

Trying body-weight squats can help in strengthening pelvic muscles. If you want to further increase your stamina, you can also try full squats or one-leg squats.

6. All you have to do is:
- Lie down on a flat bench and make sure that you are not arching your back. Grip the barbell with your hands shoulder-width apart and palms facing your feet. Press the barbell straight up and back down.

- Doing the presses on an incline, will place more emphasis on your upper chest, whereas a decline will place more emphasis on your lower body.

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What is The Purpose Behind Brain Surgery?

MBBS, Cerebrovascular and Micro neurosurgery fellowship, MS - General Surgery, MCh Neurosurgery
Neurosurgeon, Jaipur
What is The Purpose Behind Brain Surgery?

The most powerful and amazing organ in our body is the brain. It differs from many other organs of our body not only by its shape, but also by its special type of cell called neurons. When these cells gets affected or dead it can never be reverted or regenerated which is the most exclusive nature found only in brain cells. The cells in other parts of our body has the capacity to regenerate (can be replaced or new one can be grown or produced), but brain cells are exception. Hence any damage to the brain, injury or trauma is really a crucial thing to be considered with utmost care.

Brain surgeries really need skill, proper training, confidence and intelligence to perform this highly complicated and risky surgery.

Purpose:
Brain surgeries are performed to:

  1. Remove the brain tissues that are grown abnormally
  2. Aneurysm is clipped to prevent flow of blood cliff off an aneurysm
  3. Biopsy purpose or to remove the tumour
  4. Make a nerve free
  5. Drain the abnormal blood or clot collection or to drain any excessive fluid collection caused by infection.
  6. To implant artificial electronic device as a treatment for conditions like Parkinson's disease

Types:

  1. Biopsy: A part of brain tissue is removed for the brain or whole tumour is removed.
  2. Craniotomy: The skull bone is opened to remove tumour, an aneurysm and drain fluid or blood from infection.
  3. Minimally invasive endonasal endoscopic surgery: Endoscopic devices are inserted through the nose to remove the lesions or tumour.
  4. Minimally invasive neuroendoscopy: Similar to endonasal surgery but small incision is made.

Risks:

  1. Anaesthesia risks like breathing difficulty, allergic reaction to medications, excessive bleeding or clots and infection.
  2. Risk related to the brain surgeries are seizures, coma, swelling of brain, infection to brain or meanings, surgical wound infection that intrudes to the brain structures, abnormal clot formation and bleeding.
  3. General risks include muscle weakness, disturbances in memory, speech, vision, coordination, balance and other functions that are controlled by the brain.

brain injurybrain infection

5 Things You Must Know When Living With A Heart Patient!

MBBS, MD - Internal Medicine, DM - Cardiology
Cardiologist, Jaipur
5 Things You Must Know When Living With A Heart Patient!

When there is a person with the chronic condition, it is not just that person who is affected, but the near and dear ones as well. When heading out for a dinner or when planning a gathering, there would be certain things that need to be accounted for and considered to accommodate the needs of the affected person. These very soon become a way of life and can be done effortlessly.

The following are some things to bear in mind when living with a heart patient.

  1. Diet: Heart patients would have some dietary preferences based on the heart condition per se. This may include a need for more whole grains and vegetables, need for specific types of oils, specific cooking methods, etc. At home, it is essential to ensure these things are always stocked up. When heading out, whether it is to visit someone or out for a meal, take into account whether these would be available. The next best option should be kept in mind so that dietary intake is not affected. Gradually, with time, substitutes can be identified with which they could manage in most places.
  2. Medications: Make sure the medication kit is always readily available. Make sure the person does not miss any medications, whether at home or outside. Ensure the regular medicines are in stock and some common emergency ones are also readily available.
  3. Routine: Whether it is their morning walk or yoga or meditation, it is better to stick to the routine as much as possible. The person also should learn to adapt based on circumstances; however, to the maximum extent possible, these should be continued without major interruption.
  4. Monitoring: Be it blood pressure, sugar levels or weight, these need to be monitored regularly and any deviations should be brought to the notice of the doctor immediately.
  5. Other equipment: Whether it is a walker, inhaler, or a wheelchair, these should be functional and available. The home or the living place should not be cluttered to allow for the easy use of this equipment.

While these may initially require some effort, with time, it would just happen naturally.

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Hello drr. Smell coming from my mouth and my teeth is yellow .I have tried each and everything but nothing works. please help me get rid away from bad smell from mouth.

BDS, MDS - Oral & Maxillofacial Surgery, Advanced course in maxillofacial sugery
Dentist, Lucknow
Hello drr. Smell coming from my mouth and my teeth is yellow .I have tried each and everything but nothing works. ple...
Get scaling polishing done by a dentist than brush twice daily especially at night use betadine mouth wash drink plenty of water avoid coloured foodstuffs.
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I have a desk job and in the last two years, my weight has gone up from 75 kgs to 80 kgs. I want to lose some weight .please I need years help.

Bachelor of Science in Nutrition and Dietetics, Diploma in Diet and Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Delhi
I have a desk job and in the last two years, my weight has gone up from 75 kgs to 80 kgs. I want to lose some weight ...
Hi, take 5 small meals rather than having 3 big meals, include 2 fruits and 3 serving of veg in a day in your diet, include milk and milk products like curd, paneer etc, have sufficient water, avoid tea, coffee, alcohol, avoid fried and junk food, restrict to 2-3 spoons of sugar in a day, salt intake must be moderate, avoid heavy meals at night, for further details feel free to contact me.
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I had d&c 3rd dec at 13 week pregnancy. Now I always feeling discomfort left side of stomach and my Dr. said this was because of gas and suggest me ppz40 but I am worried about it because after 2 days of meditation it’s same.

BHMS, MD - Alternate Medicine
Homeopath, Thrissur
I had d&c 3rd dec at 13 week pregnancy. Now I always feeling discomfort left side of stomach and my Dr. said this was...
As on your complaint described, it is due to after effects of D&C, you can take homoeopathic Medicine Arnica 30, 4pills thrice daily beforefood for a Week-for the complete restoration of health.
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I need to reduce my weight and I am not regular to gym and exercise. I need to reduce via food habit and diet. Can you suggest me any good remedy?

B.Sc - Dietitics/Nutrition, Post Graduate Diploma In Dietetics & Public Health Nutrition, M.Sc Food & Nutrition
Dietitian/Nutritionist, Meerut
I need to reduce my weight and I am not regular to gym and exercise. I need to reduce via food habit and diet. Can yo...
Hi. U can easily reduce weight by following a good and healthy diet which includes small but frequent meals i.e. Rather than having 3 large meals in a day have 5-6 small meals. There should be one protein source with each main meal, such as milk and milk products, pulses, nuts, eggs, etc in breakfast, lunch and dinner. Eat fruits and vegetables in ample amount, this will add on the fiber in your diet. Avoid sugar and use oil sparingly. Above all just spare 15 mins to walk. For personalised diet plans you can contact privately.
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Hi mam. Actually mere periods ki date 7 ki h but I miss my periods. I had pregnancy test but the result was negative. I do this after 7 days .but result was negative. Until mujhe periods Ni huve mujhe smjh Ni aarha ki. Mera physical relationship h but sexual Ni help me.

BHMS, MD - Homeopathy
Homeopath, Bhubaneswar
Hi mam. Actually mere periods ki date 7 ki h but I miss my periods. I had pregnancy test but the result was negative....
Hello delayed of menstrual date has many reasons. Any short of psychological stress, taking of contraceptive pills, PCOD, hypothyroidism can causes the hormonal imbalance and delay period. If you have past history delayed period then you can think of PCOD or Hypothyroid. If it is the first time and as you are telling of having physical relationship then over stress or excitement or fear or taking of contraceptive pills to avoid pregnancy could be the reason. First you keep yourself relax, stress free, practice a healthy lifestyle food habits and take this homeopathy medicines - Natrum mur-1M-liquid dilution-3 drops at morning for 4 days and Sepia-1M-liquid dilution-3 drops at Evening for 4 days. Then wait for 6 days. If not appearing again repeat the cycle. Thank you.
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