Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Call Clinic
Book Appointment

John Vikrant

Cardiologist Clinic

C 103, Shardha building, opp parimal garden, Ahmedabad
1 Doctor · ₹5000
Book Appointment
Call Clinic
John Vikrant Cardiologist Clinic C 103, Shardha building, opp parimal garden, Ahmedabad
1 Doctor · ₹5000
Book Appointment
Call Clinic
Report Issue
Get Help
Services
Feed

About

Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and fin......more
Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and financial concerns.
More about John Vikrant
John Vikrant is known for housing experienced Cardiologists. Dr. John Vikrant, a well-reputed Cardiologist, practices in Ahmedabad. Visit this medical health centre for Cardiologists recommended by 57 patients.

Timings

MON
09:00 AM - 09:30 AM

Location

C 103, Shardha building, opp parimal garden,
Ahmedabad, Gujarat - 380005

Doctor in John Vikrant

5000 at clinic
Unavailable today
View All
View All

Services

View All Services

Submit Feedback

Submit a review for John Vikrant

Your feedback matters!
Write a Review

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

I am 59 years old having ckd with hypertension. My latest test reports says that my s.creatinine - 0.76,bl. Urea-57, haemoglobin - 8.10, serum potassium-4.9 and serum sodium-141 and urine test were as follows. Albumin - 4+ and rbc-10-12 sugar - nil crystal- nil casts - nil pus cell - 0-2 and epithelial cells-nil. My blood pressure remains 135/80 always. I measure it every 4 hours at home but it remains in the same range 130-35/75-80. I am prescribed following medicines 1. Tablet cilnidipine 10 mg once daily 2. Tablet zytanix 2.5 mg twice daily 3. Tab. Dytor 20 mg twice daily. 5. Tablet atorva-e 10+10 mg once daily but I am depressed with the increasing proteinuria even after treatment from calcium channel blocker and diuretics combination. Two months before my albumin in urine was - + only but now its 4+. Earlier I was taking azilsartan 80 mg + amlodipine 5 mg but these drugs caused hyperkalemia so my doctor stopped it as my serum k was 6.4. He switched me to cilnidipine but since then my urine albumin has increased but bp control is better than azilsartan + amlodipine combo. So my question is does cilnidipine controls proteinuria or not? Do I need arb or acei class for controlling proteinuria or this 4th gen ccb (cilnidipine) will work for it. My doctor is not in favour of arb and acei class as it may cause hyperkalemia again. So please suggest should I continue with cilnidipine. If yes please suggest best medicine to bring down the urine albumin to minimum levels. Please help as I am very much depressed after seeing my results .also severe edema is there due to protein loss. Please help. I beg.

MS - General Surgery
General Surgeon,
I am 59 years old having ckd with hypertension. My latest test reports says that my s.creatinine - 0.76,bl. Urea-57, ...
Your doctor did a good thing cilindipine will reduce protenuria but will take time to recover you need to give time for any drug.
1 person found this helpful

My bp is 130/85. Sometimes its low by 110/75. How to lower bp without medication and what food to avoid.

MBBS, Diploma in Diabetology, CCRH (certificate in reproductive health)
General Physician, Nagercoil
My bp is 130/85. Sometimes its low by 110/75. How to lower bp without medication and what food to avoid.
Hi -ur bp is in borderline, You don't need medicines to reduce your bp as of now -try to reduce it by lifestyle modification -reduce your weight if you're obese -reduce salt intake, oily and fried foods -do regular exercise daily -avoid stress and anxiety -do some meditation -consult me through private Lybrate consultation for further treatment and advice.

ह्रदय रोग से बचाव - Hriday Rog Se Bachaw!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
ह्रदय रोग से बचाव - Hriday Rog Se Bachaw!

हृदय हमारे जीवन का आधार है. इसलिए जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो हम उसके हृदय की धड़कन चेक करते हैं. यदि दिल धड़क रहा है तो व्यक्ति जीवित है लेकिन जब धड़कन बंद तो समझिए कि व्यक्ति की मृत्यु हो गई. इसलिए दिल की धड़कनों का खयाल विशेष तौर पर रखना चाहिए क्योंकि उसी से हम जिंदा हैं. जरा सी भी अव्यवस्थित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही आप के नाजुक दिल के लिए खतरा पैदा कर सकती है. बदलती जीवन शैली ने हमारे दिल के लिए खतरा बढ़ा दिया है. जीवनशैली व खानपान में बदलाव ने लोगों को हृदय संबंधी रोगों के करीब पहुंचा दिया है. हृदय रोग किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकते हैं. ये रोग ऐसे होते हैं जिनका इलाज बहुत मुश्किल होता है. इसलिए हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम शुरू से ही अपने हृदय की खास देखभाल करें और उसे स्वस्थ रखें. हृदय को स्वस्थ रखने के लिए हमें अपने रोजमर्रा के जीवन में ही थोड़े बदलाव लाने की जरुरत होती है. अपने खानपान व जीवनशैली की आदतों में कुछ नई बातों को शामिल करने और कुछ खराब आदतों को निकाल देने से हमारे हृदय को फायदा होता है. आइये इस लेख के माध्यम से ये जानें कि हृदय रोगों से बचाव कैसे करें?

टहलना है हृदय के स्वास्थ्य के जरूरी-
रोज आधे घंटे तक जरूर टहलें. टहलने की रफ्तार इतनी होनी चाहिए कि जिससे सीने में दर्द न हो और आप हांफने भी न लगें. यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है. आप सुबह, शाम या फिर रात को खाने के बाद किसी भी वक्त टहल सकते हैं.

व्यायाम करना है दिल के लिए फायदेमंद-
रोज 15 मिनट तक ध्यान और हल्के योग व्यायाम रोज करें. यह आपके तनाव तथा रक्त दबाव को कम करेगा. आपको सक्रिय रखेगा और आपके हृदय रोग को नियंत्रित करने में मददगार होगा. व्यायाम करने से न सिर्फ आपका हृदय बल्कि संपूर्ण शरीर चुस्त-दुरुस्त महसूस करने लगेगा.

तनाव मुक्त रहें-
आजकल की जीवनशैली का एक हिस्सा तनाव बन गया है. दफ्तर हो या परिवार, इंसान किसी न किसी वजह से तनाव में घिरा रहता है. लेकिन, तनाव आपके हृदय के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं. इसलिए तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें. इससे आपको हृदय रोग को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि तनाव हृदय की बीमारियों की मुख्य वजह है.

कोलेस्ट्रॉल को रखें नियंत्रित-
अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को 130 एमजी/ डीएल तक बनाए रखें. कोलेस्ट्रॉल के मुख्य स्रोत जीव उत्पाद हैं, इनसे जितना अधिक हो, बचने की कोशिश करनी चाहिए. यदि आपके यकृत यानी लीवर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल का निर्माण हो रहा हो तब आपको कोलेस्ट्रॉल घटाने वाली दवाओं का सेवन करना पड़ सकता है.

वजन सामान्य रखें-
हृदय को स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है कि शरीर के वजन को सामान्य रखें. आपका बॉडी मास इंडेक्स 25 से नीचे रहना चाहिए. इसकी गणना आप अपने किलोग्राम वजन को मीटर में अपने कद के स्क्वेयर के साथ घटाकर कर सकते हैं. तेल के परहेज और निम्न रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों के सेवन द्वारा आप अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं.

रेशेदार भोजन करें-
स्वस्थ हृदय के लिए रेशेदार भोजन का सेवन करें. भोजन में अधिक सलाद, सब्जियों तथा फलों का प्रयोग करें. ये आपके भोजन में रेशे और एंटी ऑक्सीडेंट्स के स्रोत हैं और एचडीएल या गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक होते हैं. इससे आपकी पाचन क्षमता भी अच्छी बनी रहती है.

शुगर पर रखें नजर-
यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो शुगर को नियंत्रण में रखें. आपका फास्टिंग ब्लड शुगर 100 एमजी/ डीएल से नीचे होना चाहिए और खाने के दो घंटे बाद उसे 140 एमजी/ डीएल से नीचे होना चाहिए. व्यायाम, वजन में कमी, भोजन में अधिक रेशा लेकर तथा मीठे भोज्य पदार्थों से बचते हुए डायबिटीज को खतरनाक न बनने दें. यदि जरूरत परे तो हल्की दवाओं का सेवन करना चाहिए.

रक्त चाप को अनदेखा न करें-
अपने रक्त चाप को 120/80 एमएमएचजी के आसपास रखें. रक्त चाप विशेष रूप से 130/ 90 से ऊपर आपके ब्लॉकेज (अवरोध) को दुगनी रफ्तार से बढ़ाएगा. इसको कम करने के लिए खाने में नमक का कम इस्तेमाल करें और जरुरत पड़े तो हल्की दवाएं लेकर भी रक्त चाप को कम किया जा सकता है.

3 people found this helpful

हृदय गति रुकना - Hriday Gati Rukna!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
हृदय गति रुकना - Hriday Gati Rukna!

हृदय की गति रुकना एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है. इसे ही कार्डियक अरेस्ट भी कहा जाता है. देखा जाए तो दिल के दौरे से मिलते जुलते ऐसे ही दो-तीन बीमारियाँ और हैं जिन्हें लेकर लोगों में अक्सर कन्फ़्यूजन होता है. लोग हृदय संबंधी समस्या होने पर हार्ट अटैक और कार्डिक अरेस्ट (अचानक हृदय गति रुकना) शब्द का इस्तेमाल एक ही रूप में करते हैं, लेकिन ये समानार्थक शब्द नहीं है. इन दोनों बीमारियों के कारण भिन्न होते हैं. दिल का दौरा (हार्ट अटैक) तब होता है जब हृदय में पहुंचने वाला रक्त का प्रवाह बंद हो जाता है. वहीं दूसरी ओर हृदय गति रुकना तब होता है, जब हृदय विद्युतीय प्रक्रिया में अचानक समस्या आ जाती है और हृदय अचानक धड़कना बंद कर देता है. सरल शब्दों में समझा जाएं तो हार्ट अटैक का सीधा संबंध रक्त प्रवाह से है, जबकि हृदय गति रुकना का संबंध हृदय को गति देने वाली विद्युतीय तरंगों में आई समस्या से होता है. हृदय गति रुकना को हृदय गति रुकना भी कहा जाता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम हृदय की गति रुकने के कारणों और इससे जुड़ी अन्य बातों को जानें.

कार्डियक अरेस्ट को लेकर दूर करें संदेह-
कार्डियक अरेस्ट बिना किसी पूर्व लक्षण के अचानक हो जाता है. यह समस्या हृदय को गति देने वाली विद्युतीय तरंगों में आई खराबी के कारण उत्पन्न होती है. इसके कारण हृदय की दर अनियमित हो जाती है. हृदय की धड़कनों व पम्पिंग क्रिया में बाधा आने के कारण हृदय मस्तिष्क, फेफड़ों और अन्य अंगों को रक्त नहीं पहुंचा पाता है. इसके बाद व्यक्ति को बेहोशी आने लगती है और कुछ समय के बाद नसों में रक्त बहना बंद हो जाता है. इस समस्या में व्यक्ति का तुरंत इलाज न हो पाने की स्थिति में उसकी मृत्यु भी हो सकती है.

यह दोनों समस्याएं कैसे एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं?
यह दोनों ही समस्याएं हृदय से संबंध रखती हैं और यह दोनों हृदय रोग है. अचानक होने लाने वाला हृदय गति रुकना हार्ट अटैक के बाद होता है या हार्ट अटैक के ठीक होने की प्रक्रिया में हो सकता है. इससे कहा जा सकता है कि हार्ट अटैक के बाद हृदय गति रुकना होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसा जरूरी नहीं है कि हार्ट अटैक की समस्या होने पर हृदय गति रुकना होता ही हो, परंतु हृदय गति रुकना के कई मामलों में हार्ट अटैक का होना एक मुख्य वजह के रूप में देखा जाता है. हृदय से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हृदय की धड़कनों को भी बाधित कर सकती है और हृदय गति रुकना की वजह बन सकती है. इन समस्याओं में हृदय की मांसपेशियों का अकड़ना (कार्डियोम्योपैथी), दिल की विफलता, अनियमित दिल की धड़कन, वेंट्रिकुलर फैब्रिलेशन और क्यूटी सिंड्रोम शामिल हैं.

अचानक हृदय गति रुकना होने पर ये करें-
हृदय गति रुकना के कुछ ही मिनटों में इलाज प्रदान करने से इसको ठीक किया जा सकता है. इसके लिए आप सबसे पहले अस्पताल कॉल कर एंबुलेंस व अपातकाल चिकित्सा को बुलाएं. जब तक अपातकालीन इलाज शुरू नहीं होता तब तक आप मरीज को डिफब्रिलेटर (हृदय पर विद्युतिय झटके देने वाली मशीन) से प्राथमिक इलाज करते रहें. इसके अलावा हृदय गति रुकना मरीज को तुरंत कार्डियोपल्मोनरी रिसासिटेशन (हृदय धड़कन रूकने पर मरीज को दी जाने वाली चिकित्सीय प्रक्रिया) देनी चाहिए.

हार्ट अटैक (हृदयघात) क्या होता है?
हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां जब अवरुद्ध होकर हृदय के एक भाग तक ऑक्सीजन युक्त रक्त को जाने से रोक देती है, तो इस स्थिति को हार्ट अटैक कहा जाता है. यदि इस अवरुद्ध धमनी को जल्दी से नहीं खोला जाता है, तो इस धमनी की वजह से हृदय पर प्रभाव पड़ना शुरू हो जाता है. लंबे समय तक इस समस्या का उपचार न करने से हृदय की क्षति में बढ़ोतरी हो जाती है. हार्ट अटैक के लक्षण तत्काल और तीव्र हो सकते हैं. कई बार इस समस्या के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं और लंबे समय तक उपचार न होने पर यह हार्ट अटैक का कारण बन जाते हैं. आपको बता दें कि अचानक होने वाले हृदय गति रुकना के विपरीत हार्ट अटैक में दिल की धड़कने बंद नहीं होती हैं.

1 person found this helpful

My son 2 year 4 month is on dosage of antibiotics for 10 days as he is fighting chest infection. Can I give him any probiotic right now except curd. I want to ease the effect of antibiotic on his digestion and gut. What food and probiotic except curd I can give him to provide him good bacteria.

DHMS (Hons.)
Homeopath, Patna
My son 2 year 4 month is on dosage of antibiotics for 10 days as he is fighting chest infection. Can I give him any p...
Hi, Lybrate user, it has to be assessed as what sort of infection your baby is suffering from with or without cough and breathlessness. Her reports be needed, privately to assess the condition. Till, then give your baby, homeopathic medicine, underlying: @ bryonia album 30-2 drops, thrice with 1tsfl of milk. Her, diet be easily digestible avoiding cold intake. Take care.

I am 29 years old, male. I just had my lipid profile done and the report indicates high ldl cholesterol. What should I do?

BHMS
Homeopath, Noida
I am 29 years old, male. I just had my lipid profile done and the report indicates high ldl cholesterol.
What should ...
You can do the following-- stop smoking (if you smoke). Smoking lowers your hdl, (“good”) cholesterol level. Change the way you eat. Low-fat, low-cholesterol eating benefits all your lipid levels. Lose weight if necessary. Maintain healthy lifestyle start exercising. Nuts, such as almonds, pistachios, and walnuts, contain high amounts of unsaturated fat or “good” fats, which increase high-density lipoprotein (hdl) and lower low-density lipoprotein (ldl). Also follow this 1. Don't take tea empty stomach. Eat something like a banana (if you are not diabetic) or any seasonal fruit or soaked almonds and a glass of water first thing in the morning (within 10 mins of waking up). No only biscuits or rusk will not do. 2. Don't overeat 3. Take your breakfast every day. Don't skip it. 4. Have light meals every 2 hours (in addition to your breakfast, lunch n dinner) e.g. Nariyal paani, chaach, a handful of dry fruits, a handful of peanuts, any fresh n seasonal fruit, a cup of curd/milk etc 5. Finish your dinner at least 2 hours before going to sleep. 6. Maintain active life style 7. Avoid fast foods, spicy n fried foods, carbonated beverages 8. Take a lot of green vegetables n fruit. 9. Drink lot of water. 10. Curd is good for u. 11. Everyday preferably sleep on same time exercise in the form of yoga, cycling, swimming, gym, walking etc. For more details you can consult me.
1 person found this helpful

I am a 42 years old male and I have supraventricular tachycardia. In the last two years I have had two attacks of tachycardia. The doctors gave me adenosine. Now I live with fear. I don't know where and when it might happen again. What shall I do? I need a specialist name and contact. If it is possible in europe. Thanks a lot.

MBBS, MD - Internal Medicine, DM - Cardiology, Fellowship in EP
Cardiologist, Delhi
I am a 42 years old male and I have supraventricular tachycardia. In the last two years I have had two attacks of tac...
supraventricular tachycardia is not a dangerous disease. ALL attacks will stop without causing damage to heart or body. What is your present treatment,? Please post ECG taken during tachycardia if available for more information

I am suffering from dry cough for the last four days and I have chest pain when ever I cough hard can you suggest me what should be done.

CCEBDM, PG Diploma In Clinical Cardiology, MBBS
General Physician, Ghaziabad
I am suffering from dry cough for the last four days and I have chest pain when ever I cough hard can you suggest me ...
1. Avoid exposure to cold 2. Take bath with little warm water 3. Do steam inhalation regularly at least once a day 4. Warm salt water gargles daily 5 no cold water / cold drinks / ice creams and so on 6. No smoking/ avoid pollution 7. Wash hands after use of bath room and before and after eating food. 8 more warm liquids medicine can not be advised for open question for medicine contact on private consultation good luck.

Hello I just want a clarification. I am a high blood pressure patient and having amlong 2.5 mg for my blood pressure. Is intake of amlong is safe or danger please guide me.

MBBS, Diploma in Diabetology, CCRH (certificate in reproductive health)
General Physician, Nagercoil
Hello I just want a clarification. I am a high blood pressure patient and having amlong 2.5 mg for my blood pressure....
Hi, you can take these medicines. it will produce swelling over the ankle on long term use -consult me through private Lybrate consultation for further treatment and advice.
View All Feed